मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना ठप, संकट में मजदूरों की आजीविका

दमोह ! जनपद अधिकारियों के गलत आंकलन के कारण मनरेगा योजना बंद पड़ी हुई है। ऐसी स्थिति में मजदूरों के लिए केवल रोजगार का साधन वन विभाग था, लेकिन यहां भी अब मजदूरों से होने बाले काम अधिकारी मशीनों से कराने लगे हैं। ताजा मामला झलोन रेंज की वीट बैरागढ़ में सामने आया। यहां दो प्लांटेशन वन विभाग ने मंजूर किए थे और दिसंबर माह में इन प्लांटेशन में मजदूरों से गड्ढे कराए जाने थे, लेकिन झलोन रेंजर ने इन गड्ढों को ट्रैक्टर और वर्मा की मदद से करवा दिया। आंकलन की बात की जाए तो वहां पर मजदूरों का ही जिक्र है। दो बाई दो के गड्डे भी मशीनों से होने लगे तो क्षेत्र के मजदूर कहां जाएंगे। वह अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे, ये बड़ा सवाल है। झलोन रेंज से लगातार मजदूरों का कार्य मशीनों से कराए जाने की शिकायत ग्रामीणों कर रहे हैं। वहीं झलोन रेंजर कह रहे थे कि जानकारी देने वाले अफवाह फैला रहे हैं। कार्य पूरा स्टीमेट के आधार पर हो रहा है। दोनों प्लांटेशनों में हुए गड्ढे टैक्टर में वर्मा लगाकर कराये गए हैं। एक प्लांटेशन जिसकी फेंसिंग हो गई थी, उसमें कुछ मजदूर लगे थे, जो मशीनों से हुए गड्ढों के अवशेष ख़त्म करने का कार्य कर रहे थे। मामले को लेकर झलोन रेंजर सतीश मसीह का कहना है कि प्लांटेशन के गड्ढे पचास प्रतिशत मशीन से कराने के निर्देश थे। इसलिए मशीन से कराए हैं, बाकी मजदूरों से कराये जा रहे हैं। मामले में दमोह डीएफओ ईश्वर जरांडे ने बताया प्लांटेशन के गड्ढे मजदूरों से कराए जाने थे। यदि मशीन से गड्ढे कराये गए हैं तो मैं एसडीओ से जांच करवाता हूं। बता दें तेंदूखेड़ा ब्लॉक आर्थिक रूप से जिले के अन्य ब्लॉकों में सबसे पिछड़ा हुआ ब्लाॅक माना गया है। यहां रहने बाले पचास प्रतिशत लोग मजदूरी के भरोसे हैं, जो पूरा दिन मजदूरी के लिए इधर उधर भटकते रहते हैं। जब रोजगार नहीं मिलता तो दूसरे जिले में रोजगार की तलाश में चले जाते हैं या फिर जगली क्षेत्रों से लकड़ी एकत्रित करते हैं और उसको बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। शासन ने मनरेगा योजना के तहत वन विभाग को भी काम दिए हैं, जो केवल मजदूरों से होते हैं, लेकिन यहां भी मजदूरों के साथ भेदभाव होता है और अधिकारी मशीनों से काम करवा लेते हैं और अपने परिचित लोगों को कागजों पर मजदूर बनाकर भुगतान निकाल लेते हैं। recent visitors 314

शीतकालीन सत्र में लोकसभा की उत्पादकता 58 प्रतिशत रही, जो कि पहले के सत्रों की तुलना में काफी कम

नई दिल्ली  संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को हंगामे के बीच खत्म हो गया। इस सत्र में संविधान पर अच्छी बहस हुई। साथ ही दो अहम बिल भी पेश किए गए। एक बिल एक साथ चुनाव कराने के बारे में था। लेकिन बीआर आंबेडकर के कथित अपमान को लेकर सियासी तकरार बढ़ गई। इस वजह से सत्र का अंत कड़वाहट भरा रहा।सत्र के आखिरी दिन सत्ताधारी NDA और विपक्षी दलों के बीच तनाव बना रहा। गुरुवार को हुई तीखी बहस के बाद दोनों पक्षों में कटुता बढ़ गई थी। इसके चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही तीन मिनट के भीतर स्थगित करनी पड़ी। सत्र के अंत में होने वाली सारांश चर्चा भी नहीं हो पाई। राज्यसभा में भी स्थिति कुछ ख़ास बेहतर नहीं थी। गृह मंत्री अमित शाह के आंबेडकर के कथित अपमान पर विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने सभापति जगदीप धनखड़ को अपनी विदाई भाषण पढ़ने की अनुमति दे दी। इसके बाद राज्यसभा को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा में प्रोडक्टिविटी 58 प्रतिशत लोकसभा सचिवालय के अनुसार,सदन की उत्पादकता(Productivity) लगभग 58 प्रतिशत रही। यह उन दिनों से काफी कम है जब यह 100 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा होती थी। अपनी समापन टिप्पणी में,जगदीप धनखड़ ने सभी दलों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठने और संसदीय मर्यादा बहाल करने का आह्वान किया। विपक्ष के इस आरोप के बीच कि वे अक्सर पक्षपातपूर्ण रहे हैं,उन्होंने संतुलित रुख अपनाया। धनखड़ ने कहा कि 25 नवंबर से शुरू हुए शीतकालीन सत्र में सदन ने प्रभावी ढंग से केवल 43 घंटे और 27 मिनट काम किया। इस सत्र की उत्पादकता मात्र 40.03 प्रतिशत रही। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर दोष मढ़ा। उन्होंने कहा कि पहले से हुए समझौते के बावजूद विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण ही उत्पादकता कम रही। संसद को सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनी थी। रिजिजू ने कहा कि सभी दलों को इस चिंताजनक स्थिति पर विचार करना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते वे विपक्षी नेताओं से बातचीत जारी रखेंगे। लोकसभा में पांच बिल पेश,राज्यसभा में तीन इस सत्र के दौरान लोकसभा में पांच विधेयक पेश किए गए,जिनमें से चार पारित हुए। राज्यसभा ने तीन विधेयक पारित किए। 26 नवंबर को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में 'संविधान सदन' में एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। यह सत्र भारतीय संविधान की महत्ता को दर्शाता है। इस सत्र में संविधान की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा हुई। इस सत्र में एक साथ चुनाव कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस बिल का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी। हालांकि, इस बिल पर सभी दलों की राय एक जैसी नहीं है। कुछ दलों ने इसका समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसका विरोध किया। संसद में बवाल, 84 करोड़ स्वाहा 20 दिन संसद के शीतकालीन सत्र में कामकाज ना होने का अनुमानित नुकसान 84 करोड़ है। यह वो पैसे हैं,जो हमारे आपके टैक्स से जुटाए जाते हैं। संसद की कार्यवाही पर प्रति मिनट करीब 2.50 लाख रुपये खर्च होते हैं। संसद के सत्रों में हंगामा, विरोध प्रदर्शन और कामकाज में बाधाएं आती रहती हैं। संसद के हालिया सत्र में काफी कम कामकाज हुआ है। लोकसभा में सिर्फ 61 घंटे 55 मिनट और राज्यसभा में 43 घंटे 39 मिनट ही काम हुआ। यह बहुत कम समय है और इसका मतलब है कि संसद में जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाई। recent visitors 95

खैबर पख्तूनख्वा में पाक सुरक्षा बलों ने चलाया अभियान, आतंकियों ने किया हमला 16 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत

इस्लामाबाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के अपर जिले में एक बड़ा हमला हुआ है। मकीन क्षेत्र में महीनों में हुआ यह सबसे बड़ा हमला है। इसमें पाकिस्तान के 16 सैनिकों की मौत हो गई और 8 घायल हो गए। द खोरासान डायरी की रिपोर्ट के मुताबिक एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'लिटा सर क्षेत्र में एक सुरक्षा चौकी पर देर रात हमला हुआ।' पाकिस्तान में अफगानिस्तान से लगती सीमा पर लगातार आतंकी हमले देखे जा रहे हैं। यहां तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के आतंकी आए दिन हमला करते रहते हैं। इससे पहले 5 अक्तूबर को कई आतंकी हमलों में 16 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी। खुर्रम जिले में हमले में सात सैनिक मारे गए थे, वहीं दो लोग घायल हुए थे। विश्व स्तर पर नामित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने कथित तौर पर हिंसा की जिम्मेदारी ली थी। माना जा रहा है कि शनिवार को हुए हमले में भी टीटीपी आतंकियों का हाथ है। टीटीपी का हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव का कारण है। टीटीपी पर हमलों का आरोप आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी के नेतृत्व वाले तीव्र हमलों और बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी जातीय बलूच विद्रोहियों के परिणामस्वरूण अकेले इसी साल सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी आतंकियों को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से समर्थन मिलता है। हालांकि तालिबान कहता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होने दे रहा है। recent visitors 61

रीवा से सामने आया शर्मनाक मामला, गुफा में मिला प्रेमी जोड़ा परेशान और ब्लैकमेल करने लगे बदमाश

रीवा  रीवा में 'गुफा' के अंदर संबंध बनाते पकड़े गए प्रेमी जोड़े को परेशान और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपियों का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें वह प्रेमी जोड़े को आपत्तिजनक हालत में पाए जाने के बाद दो युवक उन्हें परेशान कर उनसे पैसों की मांग करते हैं और एक युवक वीडियो बनाता रहता है। इस दौरान वो युवक-युवती से छेड़खानी करने की कोशिश करते हैं और उसे कपड़े भी नहीं पहनने देते। पुलिस अब आरोपियों के साथ ही पीड़ितों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। सोशल मीडिया में एक वीडियो सामने आया है जिसमें गुफानुमा चट्टान के नीचे प्रेमी जोड़े आपत्तिजनक हालत में दिखते हैं। इसी दौरान बदमाश किस्म के दो युवक उनके पास आते हैं और गाली-गलौज कर उनकी तलाशी लेते हुए पैसों की मांग करने लगते हैं। इस दौरान एक युवक उनका वीडियो बनाता रहता है। बदमाशों ने खुद बनाया वीडियो इस दौरान वो युवती के साथ अभद्रता भी करते हैं और छेड़खानी करने की कोशिश करते हैं। प्रेमी जोड़ा उन्हें पैसा देने को तैयार भी हो जाता है और वीडियो बनाने के लिए मना करते हैं, लेकिन बदमाश युवक वीडियो बनाते रहते हैं। वो युवती को कपड़े भी नहीं पहनने देते। इस दौरान युवक युवती उनके हाथ जोड़ते रहते हैं और कपड़े पहन लेने के लिए कहते हैं। इसके आगे क्या हुआ और उन बदमाशों ने युवक-युवती के साथ क्या किया इस बारे में फिलहाल किसी को भी नहीं पता। ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वा फॉल का है, जो करीब एक सप्ताह पुराना है। हालांकि इस घटना से संबंधित किसी भी तरह की कोई शिकायत जिले के किसी भी थाने में अब तक दर्ज नहीं कराई गई है। वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस सभी पर्यटक स्थलों के आसपास इस घटना के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है। विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक रीवा ने कहा कि पुलिस ने पीड़ितों की मदद के लिए उनसे सामने आने की अपील की है। पुलिस ने उनकी पहचान को गुप्त रखने का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस का ऐसा मानना है कि वीडियो से लग रहा है कि दुष्कर्म जैसी घटना नहीं हुई है। पीड़ित जब सामने आएंगे उसके बाद ही पूरा घटनाक्रम मालूम चलेगा। recent visitors 79

मेट्रो स्टेशन के पास कार में अश्लील हरकत कर रहे एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया

नोएडा उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने  रात थाना सेक्टर-49 इलाके में स्थित सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन के पास कार में अश्लील हरकत कर रहे एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी कार को भी सीज कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस को बुधवार रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन के पास सड़क किनारे झाड़ियों में एक कार खड़ी है, जिसमें एक महिला और पुरुष अश्लील हरकतें कर रहे हैं. इस घटना से वहां से गुजरने वाली महिलाओं को असहजता का सामना करना पड़ रहा था. सूचना मिलते ही थाना सेक्टर 49 पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आदमी बरौला गांव का निवासी है, जबकि 31 साल की महिला मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली है. वर्तमान में वह ग्रेटर नोएडा के एक गांव में रह रही है. फिलहाल नोएडा पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही, मोटर वाहन अधिनियम के तहत उनकी कार को सीज कर दिया गया है. बता दें कि ये कोई अपने तरह का पहला मामला नहीं है बल्कि पहले भी कई जगह ऐसे मामले आते रहे है. खासकर मेट्रो ट्रेन के अंदर कई बार कपल को इसी तरह से अश्लीलता करने से रोका गया और बवाल भी हुए. इसके अलावा कई वीडियो भी वायरल हुए.   recent visitors 72

छिंदवाड़ा : महंत के 90 लाख रुपये हड़पने वाली शिष्या साध्वी लक्ष्मी को जमानत, CJM Court में जमा करने होंगे सारे पैसे

छिंदवाड़ा नोनिकला के श्री राम जानकी मंदिर के महंत स्व. कनक बिहारी दास जी महाराज के खाते से फर्जी नॉमिनी बनकर 90 लाख रुपए निकालने वाली कथित साध्वी को सीजेएम कोर्ट में 90 लाख रुपये जमा कराने होंगे, तब उसको जमानत मिलेगी। दरअसल हाईकोर्ट ने श्रीराम जानकी मंदिर आश्रम छिंदवाड़ा के महंत की राशि के गबन के मामले में आरोपी साध्वी लक्ष्मी दास को 90 लाख रुपये सीजेएम कोर्ट में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा आवेदिका राशि जमा करने के बाद उसकी रसीद जांच अधिकारी को दें। रसीद सौंपने के बाद आवेदिका को अग्रिम जमानत देने के निर्देश दिए। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने इस मामले में बनाए एक अन्य आरोपी हर्ष रघुवंशी को भी उक्त राशि जमा कराने की शर्त पर जमानत का लाभ दे दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि जमानत के दौरान आरोपी देश छोड़कर नहीं जाएंगे। भोपाल निवासी साध्वी लक्ष्मी दास और हर्ष रघुवंशी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने पैरवी की। वहीं, आपत्तिकर्ता श्याम सिंह रघुवंशी की ओर से अधिवक्ता सुमित रघुवंशी ने पक्ष रखा। मामले के अनुसार उक्त आश्रम के महंत कनकदास महाराज ने अयोध्या में रामलला के मंदिर निर्माण के बाद 2121 यज्ञ करने का संकल्प लिया था। इसके लिए उन्होंने समाज से दान के माध्यम से 90 लाख रुपये की राशि एकत्रित की थी। एक सड़क दुर्घटना में 17 अप्रैल 2023 को महंत की मृत्यु हो गई। आरोप है कि उनकी मृत्यु के बाद स्वयं को शिष्या बताते हुए साध्वी ने महंत का मोबाइल नंबर अपने नाम करा लिया और उक्त राशि का गबन कर लिया। साध्वी ने उसमें से कुछ राशि अपने भाई हर्ष और एक मित्र मनीष सोनी को ट्रांसफर कर दी। इसके बाद छिंदवाड़ा के चौरई पुलिस थाने में आवेदकों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। भाई हुआ था गिरफ्तार, जब्त हुई थी कार दरअसल साध्वी का भाई हर्ष रघुवंशी पिछले दिनों भोपाल से गिरफ्तार हो गया था। उसके पास से लग्जरी कार बरामद की गई थी। इसे सारे मामले में हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण फैसला दिया है।   recent visitors 118

केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत को बढ़ाया जाये – उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में लाने के लिए म.प्र. प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री देवड़ा सिंहस्थ महापर्व आयोजन के लिए प्रावधान का अनुरोध – उप मुख्यमंत्री देवड़ा केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत को बढ़ाया जाये – उप मुख्यमंत्री देवड़ा केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमन की अध्यक्षता में राज्यों के साथ हुई प्री-बजट मीटिंग भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को समग्र रूप से विकसित करने तथा विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में लाने के लिए समर्पित और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कुशल वित्तीय प्रबंधन के परिणामस्वरूप प्रदेश राजस्व आधिक्य की स्थिति में है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व की चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा सिंहस्थ क्षेत्र में सुनियोजित रूप से विकास व जन-सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था के लिए आगामी बजट में 'सिंहस्थ' आयोजन के लिए विशेष प्रावधान का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ हुई प्री-बजट मीटिंग में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि विशेष पूंजीगत सहायता योजना के संबंध में आम जनता के जीवन-यापन में सकारात्मक परिवर्तन भी हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रदेश का कुल पूंजीगत व्यय रूपये 46 हजार 798 करोड़ था जो लगभग 23 प्रतिशत वृद्धि के साथ वर्ष 2023-24 में रूपये 57 हजार 348 करोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में लगभग रूपये 64 हजार 738 करोड़ का पूंजीगत व्यय अनुमानित है। वर्ष 2024-25 के लिए रूपये 6 हजार 187 करोड़ 73 लाख की राशि प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने राज्य की ओर से बजट की तैयारी से संबंधित सुझाव देते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत वित्त पोषित राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, राष्ट्रीय विधवा पेंशन एंव राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजनाओं में वित्त पोषण की वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2024 के मध्य प्रतिवर्ष 0.29 प्रतिशत से लेकर 0.44 प्रतिशत तक की जीवन-प्रत्याशा में वृद्धि हुई है। योजनान्तर्गत हितग्राहियों की वर्तमान पंजीबद्ध संख्या 24 लाख 14 हजार से बढ़कर 29 लाख 43 हजार होना अनुमानित है। केन्द्र सरकार द्वारा मात्र 15 लाख 75 हजार हितग्राहियों के मान से ही वित्त पोषण किए जाने से राज्य सरकार को अतिरिक्त व्यय वहन करना पड़ रहा है। वर्ष 2013-14 में योजना के हितग्राहियों की संख्या की अधिकतम सीमा के पुनरीक्षण पर विचार किया जाना चाहिए। जल जीवन मिशन की शेष राशि जारी करने का आग्रह जल जीवन मिशन योजना के लिये उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि केन्द्र से मिशन की दूसरी किश्त की द्वितीय व तृतीय ट्रेंच की राशि रूपये 1 हजा़र 422 करोड़ की राशि प्राप्त नहीं होने से राज्य सरकार ने स्वयं के स्त्रोतों से योजनाओं के कार्यों को जारी रखा है। वर्ष 2024-25 में इन कार्यों के लिए रूपये 17 हजा़र करोड़ की आवश्यकता अनुमानित है, जिसमें केन्द्र की सहभागिता के अनुसार प्रदेश को रूपये 8 हजा़र 500 करोड़ की राशि भारत सरकार से अपेक्षित है। उन्होंने केन्द्रांश के लिए रूपये 4 हजा़र 456 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान करने और द्वितीय किश्त की शेष राशि रूपये 1 हजा़र 422 करोड़ उपलब्ध कराने का आग्रह किया। खाद्यान्न उपार्जन की लागत के व्ययों की प्रतिपूर्ति दरों का पुनर्निर्धारण उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि उपार्जन में विभिन्न मदों जैसे निराश्रित शुल्क, मण्डी लेबर व्यय, परिवहन व्यय, सोसायटी को कमीशन, ब्याज, भण्डारण व्यय, मिलर्स को प्रोत्साहन, बारदाना लागत आदि में किए जा रहे व्ययों तथा केन्द्र द्वारा निर्धारित दरों में अन्तर है। केन्द्र के स्तर पर दरों का पुनरीक्षण नहीं होने से सभी मदों में राज्य सरकार पर अतिरिक्त व्यय भार आ गया है। इस परिप्रेक्ष्य में केन्द्र से दरों के शीघ्र पुनरीक्षण अनुरोध है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसे जन-सुविधाओं के कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश के निरन्तर सराहनीय प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने ग्रामीण सड़कों की लम्बाई के मान से सड़कों के संधारण व रख-रखाव के लिए 60 व 40 प्रतिशत के अनुपात में केन्द्र से वित्तीय सहभागिता का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना में केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित मजदूरी दर, कृषि श्रमिकों के लिए अधिसूचित मजदूरी दर से कम है। इसके परिणामस्वरूप मजदूरी नियोजन में कमी आई है। केन्द्र सरकार से प्रशासनिक मद में व्यय की 6 प्रतिशत राशि की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के उत्थान एवं जीवन सुधार के मद्देनजर एक वर्ष में 100 दिवस के रोजगार की बजाय 150 दिवस के रोजगार की गारण्टी का प्रावधान करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों और भू-जल स्तर की गिरावट वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए वाटर शेड विकास परियोजनाओं के विकास के लिए बजट में विशेष रूप से प्रावधान करने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मध्यप्रदेश द्वारा आर्थिक दायित्वों के सराहनीय निर्वहन का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय करों में राज्य सरकार की वर्तमान हिस्सेदारी 41 प्रतिशत को बढ़ाये जाने की बात कही।   recent visitors 68