जिन किसानों ने अपनी कृषि और आजीविका में सुधार किए हैं, उनकी कहानी प्रकाश में आना चाहिए : मंत्री लखन पटेल

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल ने कहा है कि किसान नवीन तकनीकों का लाभ लेकर स्वाबलंबी बनें। नवीन तकनीकी एवं योजनाओं का उद्देश्य किसानों को रोजगार दिलाने एवं आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अपनी कृषि और आजीविका में सुधार किए हैं, उनकी कहानी प्रकाश में आना चाहिए। मंत्री पटेल शुक्रवार को केंद्रीय कृषि अभियान अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल में आयोजित विशाल कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं अभियांत्रिकी मेले को संबोधित कर रहे थे। जिले की भोज आत्मा समिति एवं राइजिंग मध्य प्रदेश के सहयोग से आयोजित इस मेले में देश भर की लगभग 100 से अधिक कंपनियों ने कृषि यंत्रों एवं तकनीक का सजीव प्रदर्शन किया। यह तीन दिवसीय आयोजन दिनांक 21 व 22 दिसंबर को भी जारी रहेगा। इस अवसर पर आयोजित कृषि संगोष्ठी में प्रमुख रूप से डॉ. एस एस सिंधु, वैज्ञानिक आईएआरआई नई दिल्ली, डॉ. वाई सी गुप्ता, डॉ. पी बी भदोरिया आईआईटी खड़गपुर,प्रोफेसर डॉ. सी के गुप्ता सोलन, हिमाचल प्रदेश, डॉ. सी आर मेहता निदेशक कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, डॉ. सुरेश कौशिक आई. ए. आर. आई. नई दिल्ली, डॉ. प्रकाश नेपाल आदि वैज्ञानिको ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर किसानों को उपयोगी जानकारी दी। किसानो की समस्याओं और जिज्ञासाओं का स्थल निराकरण भी किया था। आयोजन के विस्तृत रूप रेखा भरत बालियान ने प्रस्तुत की।   recent visitors 61

प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान पट्टिका से किया जायेगा अलंकृत, तीन श्रेणियों में दिया जायेगा शिखर सम्मान

भोपाल  सम्राट विक्रमादित्य के नाम से मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सम्राट विक्रमादित्य राष्ट्रीय सम्मान और शिखर सम्मान दिया जायेगा। सम्राट विक्रमादित्य राष्ट्रीय सम्मान की सम्मान राशि 11 लाख रूपये होगी। वहीं सम्राट विक्रमादित्य शिखर सम्मान में 2 लाख रूपये की राशि प्रदान की जाएगी। शिखर सम्मान प्रादेशिक होगा। शिखर सम्मान प्रतिवर्ष तीन प्रतिष्ठित संस्था एवं व्यक्तियों को प्रदान किये जायेंगे। पहली श्रेणी न्याय, दानशीलता, वीरता, सुशासन, राजनय, शौर्य होगी। दूसरी श्रेणी में खगोल विज्ञान, ज्योतिष विज्ञान तथा प्राच्य वांग्मय विषय को सम्मिलित किया गया है और तीसरी श्रेणी में रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी कार्य करने वाली संस्था या व्यक्ति को सम्‌मान से अलंकृत किया जायेगा। साथ ही प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान पट्टिका भी प्रदान की जायेगी। महाराजा विक्रादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य राष्ट्रीय सम्मान सम्राट विक्रमादित्य के बहुविध गुणों न्याय, दानशीलता, वीरता, सुशासन, खगोल एवं ज्योतिष विज्ञान, कला, शौर्य, प्राच्य वांग्मय, राजनय, आध्यात्मिक क्षेत्र, रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी कार्य के क्षेत्र में श्रेष्ठतम उपलब्धियों एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए  दिया जायेगा।  यह अलंकरण मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा स्थापित किया गया है। विभिन्न व्यक्तियों, संस्थाओं, समाजशास्त्रियों, बुद्धिजीवियों, लेखकों, समीक्षकों, पत्रकारों से सम्मान के लिए अनुशंसा/नामांकन की प्रविष्टियाँ आमंत्रित की जायेगी। सम्मान का चयन प्रतिवर्ष उच्च स्तरीय निर्णायक समिति के माध्यम से किया जायेगा। चयन समिति में देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित समाजसेवी, बुद्धिजीवियों, समाजशास्त्रियों, लेखकों, पत्रकारों एवं विशेषज्ञों को शामिल किया जायेगा।   recent visitors 77

कैसा भी दर्द का इलाज़ नेचुरोपैथी ट्रीटमेंट से

भोपाल ! उम्र बढ़ने के कारण जोड़ो में दर्द होना आम समस्या हैं! अक्सर हाथों,पैरों, कूल्हे, घुटनों और बैकबोन में भी जोड़ों का दर्द होता है,इसके कारण हड्डियां स्टिफ हो जाती हैं ! दर्द के कारण कभी-कभी जलन जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं ! उम्र बढ़ने के कारण बोन डेंसिटी कम होने लगती है ! इससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं,वहीं हम आपको बतादे की राजधानी स्थित साकेत नगर 127 नाइन A सागर पब्लिक स्कूल के पीछे नेचुरोपैथी ट्रीटमेंट अपनी सेवाएं दे रहा हैं ! सेन्टर में हाथों,पैरों, कूल्हे, घुटनों और बैकबोन में भी जोड़ों का दर्द का इलाज नेचुरोपैथी के द्वारा किया जा रहा हैं ! वहीं संचालक कोमल सिंह ने हमें बताया कि घुटने,कमर गर्दन एवं जोड़ो का दर्द का इलाज़ मालिश के द्वारा किया जाता हैं ! हम लोग मरीजों का इलाज करने के लिए प्राकृतिक प्रदार्थों,जड़ी-बूटियों,पौधे,फल, पत्तियों,बीज और तेल आदि का उपयोग करते हैं ! अगर दर्द से जूझ रहे हैं,तो सेन्टर में आ कर रोगों से निजात पाए recent visitors 108

अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के चौथे दिन भी लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और बढ़ते दिनों के साथ साथ लोगों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के चौथे दिन भी लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और बढ़ते दिनों के साथ साथ लोगों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। भोपाल और उसके आस पास के हिस्सों से बड़ी तादाद में लगभग 35000 लोगों ने मेले का आंनद लिया। आज मेले में लगभग 30.50 लाख रूपए के वनोपज हर्बल उत्पाद से निर्मित औषधियों की बिक्री हो चुकी है। मेले में स्थापित ओ.पी.डी. में बड़ी संख्या में लगभग 300 से अधिक आगंतुको ने निशुल्क चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया। ओ. पी. डी. में लगभग 90 आयुर्वेदिक चिकित्सकों तथा अनुभवी वैद्यों द्वारा निःशुल्क परामर्श लिया गया। मेले में लगे बांस उत्पादों के स्टॉल्स, जिसमे बांस से बने फर्नीचर, घर सजावट के सामान एवं अन्य प्रकार की वस्तुओं को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं। लोगों के इस रुझान से बांस के उत्पाद में सम्मिलित वन समितियों को अच्छा खासा प्रोत्साहन मिल रहा है। दो दिवसीय कार्यशाला (कांफ्रेंस), का तृतीय सत्र से निरन्तर विभिन्न सत्रों में नेपाल, श्रीलंका, यू.एस.ए. के शासकीय संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों/ अधिकारयों के साथ-साथ केरल, झारखंड, राजस्थान एवं आसाम से पधारे विषय विशेषज्ञों द्वारा लघु वनोपज से महिला सशक्तिकरण आधारित अनुभवों का साझा किया गया। शाम 5:00 बजे समस्त सत्रों का समापन कर भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के प्रोफेसर अद्वैत के द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का सारांश प्रस्तुत किया गया। बैतूल के वनमंडलाधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन किया गया। मेला प्रांगण में आज सुबह 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक रंगारंग कार्यक्रम चलते रहे। मेले में आयोजित एकल और सामूहिक गायन में कक्षा 01 से 12 तक के लगभग 11 विद्यालयों से 90 से भी अधिक छात्र छात्राओं ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया एवं उनकी विलक्षण प्रतिभा को सराहा गया। शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक असलम इब्राहिम शेख ग्रुप द्वारा आर्केस्ट्रा की भव्य प्रस्तुति दी गई। सायं 7:30 बजे 10 बजे तक एल. एन. आयुर्वेद कॉलेज एवं हॉस्पिटल द्वारा प्रायोजित सूफी गायन प्रस्तुति ने शमा बाँध दिया। शनिवार 21 दिसम्बर के कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक नृत्य (सोलो और ग्रुप) की प्रस्तुति है। शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक माला उइके म्युज़िकल ग्रुप द्वारा आर्केस्ट्रा प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 7:30 बजे से 10 बजे तक मानसरोवर आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र-छात्राओं के द्वारा फीडल क्राफ्ट की प्रस्तुति दी जाएगी। इन सभी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अलावा क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इस सम्मेलन में हर्बल, आयुर्वेदिक एवं जड़ी बूटियों के व्यवसाय से जुड़े विभिन्न निर्माता, प्रसंस्करण कर्ताओं के प्रतिनिधि के साथ साथ लघु वनोपज समितियां शामिल होंगे। इस सम्मेलन में लघु वनोपज समितियां, विभिन्न कंपनियों के क्रेता-विक्रेताओं से सीधे वार्तालाप करेंगे और भविष्य में व्यापार के अवसरों को खोजा जायेगा। recent visitors 63

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में NSUI ने उठाई दलित समाज से कुलगुरु बनाने की मांग

भोपाल। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में दलित समाज से कुलगुरु बनाने की मांग की है। वर्तमान में देश व प्रदेश में भीमराव आंबेडकर जी के ऊपर काफी सियासत गरमाई हुई है। ऐसे में कांग्रेस के छात्र संगठन के द्वारा विश्वविद्यालय में दलित समाज से कुलगुरु बनाने की मांग को दरकिनार नहीं किया जा सकता। NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने वीडियो जारी कर कहा कि वर्तमान में देश व प्रदेश में भाजपा सरकार दलितों व बाबा साहब का अपमान कर रही है। देश के सबसे बड़े पत्रकारिता के विश्वविद्यालय में लगातार दलित छात्रों व दलित शिक्षकों का अपमान किया जा रहा है। इस कठिन समय में दलित समाज के साथ कांग्रेस और एनएसयूआई सदैव खड़ी रहेगी। हमारी मांग है कि इस भेदभाव को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय में दलित समाज से आने वाले योग्य व्यक्तित्व को कुलगुरु बनाया जाना चाहिए जिससे सामाजिक एकता का उदाहरण स्थापित हो सके। शुक्रवार को NSUI के प्रदेश सह सचिव अमन पठान ने देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एवं माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के प्रभारी तनय शर्मा ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम पत्र भी लिखा है। प्रदेश सह सचिव अमन पठान ने कहा, सरकार लगातार पिछड़ों का अपमान करती आई है ऐसे में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के सम्मान में दलित समाज से कुलगुरु बनाना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। हमें उम्मीद है कि उपराष्ट्रपति महोदय एवं मुख्यमंत्री महोदय हमारी जायज मांग पर ध्यान देंगे और बाबा साहब के सम्मान में उचित निर्णय लेंगे। विश्वविद्यालय NSUI प्रभारी तनय शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा कि संविधान के शिल्पकार बाबा साहब आंबेडकर ने सर्व समाज को समानता दिलाने के उद्देश्य से संविधान को गढ़ा था। ऐसे में शैक्षणिक क्षेत्र में दलित समाज का नेतृत्व होना जरूरी है। यह निर्णय हमारे विश्वविद्यालय में सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया जा सकेगा। recent visitors 187

वीडी शर्मा ने फिर दिया विवादास्पद बयान कहा, “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों का जींस”

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा “इस पार्टी ने हमेशा डॉ.भीमराव अंबेडकर का अपमान किया.” पन्ना ! मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा “बाबासाहब डॉ.भीमराव अंबेडकर ने देश की आजादी, सामाजिक न्याय और भारतीय जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए जो काम किया, उसे पूरा देश जानता है. कांग्रेस पार्टी लगातार बाबासाहब को अपमानित करती रही है. जब बाबासाहब ने संसद से इस्तीफा दिया तो पं. नेहरू का कहना था कि देने दो इस्तीफा, क्या फर्क पड़ेगा. बाबासाहब का इससे बड़ा अपमान क्या होगा?” वीडी शर्मा ने कहा “जब बाबासाहब चुनाव लड़ रहे थे तो हराने के लिए पं. नेहरू ने लगातार प्रयास किए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए भाषण को गलत तरीके से कांग्रेस जनता के सामने प्रस्तुत किया. अमित शाह के मन, कर्म व स्वभाव में बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल्य समाहित हैं. अमित शाह डॉ. अंबेडकर के कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी डॉ. अंबेडकर जी समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं.” वीडी शर्मा ने कहा “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों के जींस हैं. कांग्रेस ‘फूट डालो राज करो’ की राह पर चल रही है. डॉ. अंबेडकर को लेकर कांग्रेस पार्टी बखेड़ा खड़ा कर रही है. कांग्रेस के नेता अब गुंडागर्दी पर उतारू हो गए हैं. हम सभी ने देखा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किस तरह हमारे सांसदों को धक्का दिया. हमारे बुजुर्ग सांसद सारंगी को सिर में चोट लगी और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा. वहीं, एक अन्य सांसद राजपूत को भी चोटें आई हैं.” recent visitors 185

एक लाख सोलर पम्प देकर किसानों को ऊर्जा उत्पादन में बनाया जाएगा आत्म-निर्भर- मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश अपनी आवश्यकता की आधी बिजली वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा से करेगा प्राप्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक लाख सोलर पम्प देकर किसानों को ऊर्जा उत्पादन में बनाया जाएगा आत्म-निर्भर मुख्यमंत्री ने 3520 करोड़ की 880 मेगावॉट की आगर-नीमच सौर परियोजनाओं का किया लोकार्पण सुसनेर में 49.81 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री जनकल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूर्य ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्त्रोत है। सौर ऊर्जा सबसे अच्छी ऊर्जा है। आने वाले वर्ष-2030 तक मध्यप्रदेश अपनी आवश्यकता की बिजली का आधा हिस्सा सौर ऊर्जा से प्राप्त करेगा। सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास उद्योग, धन्धे, कृषि के लिए सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करवाना है। आगर में बनने वाली सौर ऊर्जा रेल विभाग को दी जाएगी, जिससे 7 राज्यों में रेलगाड़ियाँ संचालित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को आगर-मालवा जिले के सुसनेर में 3520 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें आगर-मालवा जिले की लगभग 2200 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 550 मेगावॉट सौर परियोजना एवं नीमच जिले की 1320 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 330 मेगावॉट सौर परियोजना शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले में 49.81 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये संकल्पित है। किसानों को समृद्ध बनाने सम्मान निधि और कृषि सिंचाई विद्युत बिल पर 53 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। किसानों को सिंचाई के लिये सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाया जाएगा इसके लिये 1 लाख सोलर पम्प दिये जाएंगे, जिससे किसान अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं उत्पादित कर सकेंगे। प्रदेश के प्रत्येक किसान के खेत तक पानी पहुंचाने का काम सरकार कर रही है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 1 करोड़ हेक्टेयर तक ले जाया जाएगा, मध्यप्रदेश फसल उत्पादन के क्षेत्र में हरियाणा-पंजाब को पीछे छोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए खेती के साथ पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिये दूध खरीदी पर बोनस देंगे, इसके लिए सरकार काम कर रही है। देश में दूध उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत आपूर्ति मध्यप्रदेश द्वारा की जाती है। अगले 5 साल में नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड के माध्यम से 20 प्रतिशत आपूर्ति कर प्रदेश को देश में अग्रणी बनाना है। सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले में उत्पादित दूध की गुणवत्ता की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवा, महिला, गरीब, एवं किसान के विकास और कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। सभी वर्गों के कल्याण के लिये अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई गई। महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से आत्म-निर्भर बनाया जा रहा है। प्रदेश में सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। जनकल्याण पर्व में प्रतिदिन विकास कार्यों की सौगात दी जा रही है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान 26 जनवरी तक चलेगा, जिसमें अधिकारी घर-घर आकर शासन की योजनाओं का लाभ देंगे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित पात्र हितग्राही अपना आवेदन देकर लाभ लें। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे, जन कल्याण अभियान में सभी को सहयोग करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 दिसम्बर को जयपुर में 20 वर्षों से लम्बित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का भूमि-पूजन किया। इस परियोजना से चंबल एवं मालवांचल में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में नया इतिहास लिखा जाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना के रूप में प्रदेश को एक बड़ी सौगात देंगे। उन्होंने छतरपुर जिले में आयोजित इस भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिये सभी को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिये विभिन्न अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर में बढ़ोत्तरी का प्रयास भी किया जा रहा है। आने वाले समय में आगर-मालवा जिले में बड़े-बड़े उद्योग धन्धे स्थापित होंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी झालावाड़-आगर-उज्जैन रेल लाईन की सौगात दी गई है, माँ बगलामुखी धाम को रेल लाइन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आगर-मालवा जिले को लॉ कॉलेज की सौगात देकर उसका भूमि-पूजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि आगर जिले के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उन्होंने आगर एवं नीमच जिलों के कलेक्टर्स को सौर ऊर्जा विकास के लिए ढाई-ढाई करोड़ रुपए की राशि के चैक प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण पर्व पर कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास आदि विभागों द्वारा शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम को विधायक मधु गेहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिले में पिछले एक वर्ष में दी गई सौगातों के लिए आभार माना। कार्यक्रम में विधायक सुसनेर भैरूसिंह बापू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्ना बाई चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष निलेश जैन पटेल, पूर्व विधायक गोपाल परमार, राणा विक्रम सिंह श्रीमती रेखा रत्नाकर, लालजीराम मालवीय, बद्रीलाल सोनी फूलचंद वेदियां, चिंतामन राठौर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 62