गाबा टेस्ट ड्रॉ , WTC Final में कैसे पहुंच सकता है भारत, मेलबर्न और सिडनी में हारना मना है; ये है पूरा समीकरण

गाबा  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 का तीसरा मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हो गया. ब्रिस्बेन के गाबा में आज (18 द‍िसंबर) मैच का आख‍िरी और पांचवां द‍िन था. मैच पहले खराब रोशनी और फ‍िर बार‍िश के कारण रोका गया. इसके बाद इस मुकाबले को दोनों कप्तानों की रजामंदी से ड्रॉ करने का फैसला क‍िया गया. जब मैच रुका तो यशस्वी जायसवाल (4) और केएल राहुल (4)  क्रीज पर थे. वहीं भारतीय टीम ने दूसरी पारी में  8/0 का स्कोर बना ल‍िया था. ट्रेव‍िस हेड को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के पुरस्कार से नवाजा गया, उन्होंने पहली पारी में शानदार 151 रन जड़े थे.    इससे पहले ऑस्ट्रेल‍िया ने अपनी दूसरी पारी 89/7 पर घोष‍ित की. इस तरह भारत के सामने 275 रनों का टारगेट म‍िला, जो उसे 54 ओवर्स (म‍िन‍िमम) में कंपलीट करना था.भारतीय टीम पहली पारी में 260 रनों पर ऑलआउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 445 रन बनाए थे.BGT सीरीज के पर्थ में हुए पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने 295 रनों से जीत दर्ज की, वहीं एड‍िलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेल‍िया ने 10 व‍िकेट से जीत दर्ज की थी. देखा जाए तो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिस्बेन गाबा के मैदान पर इससे पहले सात टेस्ट खेले गए थे. इस दौरान भारतीय टीम को 5 मुकाबलों में हार मिली और एक मुकाबला ड्रॉ भी रहा. गाबा में भारतीय टीम को इकलौती टेस्ट जीत जनवरी 2021 में मिली थी. तब उसने अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराया था. ऑस्ट्रेल‍िया की दूसरी पारी 89 पर घोष‍ित ऑस्ट्रेल‍िया ने अपनी दूसरी पारी 89 रनों पर घोष‍ित की. तब तक उसके 7 व‍िकेट ग‍िर चुके थे. ऑस्ट्रेल‍िया की शुरुआत दूसरी पारी में भी बेहद खराब रही. पांचवें द‍िन जसप्रीत बुमराह ने बहुत ही जल्दी उस्मान ख्वाजा को 8 रनों पर क्लीन बोल्ड कर द‍िया. इसके कुछ देर बाद ही बुमराह का जादू एक बार फ‍िर चला और उन्होंने मार्नस लाबुशेन (1) को भी विकेटकीपर पंत के हाथों कैच आउट करवा द‍िया. फ‍िर आकाश दीप ने अपने पहले ही ओवर में नाथन मैकस्वीनी (4) को पंत के हाथों लपकवाया. कुछ देर बाद ही आकाश ने  म‍िचेल मार्श (2) को भी पंत के हाथों कैच आउट करवा द‍िया. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया का स्कोर 28/4 हो गया. इसके बाद स्टीव स्म‍िथ ने मोहम्मद सिराज की गेंद पर चौका जड़कर अपने इरादे जताए, लेक‍िन वह ठीक अगली ही गेंद पर फ्ल‍िक करने के चक्कर में पंत के हाथों कैच आउट हुए. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया का स्कोर 33/5 हो गया. ट्रेव‍िस हेड रंग में लग रहे थे, लेक‍िन वह भी अपनी पारी ज्यादा लंबी नहीं खींच सके और 17 रन बनाकर मोहम्मद स‍िराज का श‍िकार बने. हेड के बाद आए कप्तान पैट कम‍िंस ने 10 गेंदों पर 22 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, लेक‍िन वह बुमराह की गेंद पर केएल राहुल को कैच थमा बैठे. दूसरी पारी में भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 3, वहीं मोहम्मद स‍िराज और आकाश दीप ने 2-2 व‍िकेट झटके. व‍िकेट पतन: 1-11 (उस्मान ख्वाजा, 2.4 ओवर), 2-16 (मार्नस लाबुशेन, 6.1 ओवर), 3-16 (नाथन मैकस्वीनी, 7.3 ओवर), 4-28 (मिचेल मार्श, 9.5 ओवर), 5-33 (स्टीव स्मिथ, 10.6 ओवर), 6-60 (ट्रेविस हेड, 14.4 ओवर), 7-85 (पैट कमिंस, 17.1 ओवर) भारत की पहली पारी: आकाश-बुमराह ने बचाया फॉलोआन भारतीय टीम पहली पारी में महज 260 रनों पर ऑल आउट हो गई. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया को पहली पारी के आधार पर 185 रनों की बढ़त म‍िली है. इस मुकाबले में भी भारत का टॉप ऑर्डर बुरी तरह फ्लॉप  रहा और एक के बाद एक बल्लेबाज आउट होते गए.  भारत की ओर से केएल राहुल (84) और रवींद्र जडेजा (77) ही बल्ले से हिट रहे. ऑस्ट्रेल‍िया की ओर से कप्तान पैट कम‍िंस ने भारत की पहली पारी में सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके. वहीं म‍िचेल स्टार्क को 3, जोश हेजलवुड, नाथन लायन और ट्रेव‍िस हेड को 1-1 सफलता म‍िली.   यशस्वी जायसवाल (4 रन), शुभमन गिल (1 रन), विराट कोहली ( 3) बेहद सस्ते में आउट हुए. वहीं ऋषभ पंत (9 रन) भी कुछ खास नहीं कर सके. बार‍िश से बाध‍ित इस मैच में चौथे द‍िन रोहित शर्मा (10 ) से अच्छे खेल की उम्मीद थी लेकिन वो सस्ते में निपट गए. रोहित के आउट होने के बाद केएल राहुल और रवींद्र जडेजा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 67 रन जोड़कर भारत को संभाला. राहुल ने आउट होने से पहले 8 चौके की मदद से 139 गेंदों पर 84 रन बनाए. इसके बाद नीतीश रेड्डी (16) और रवींद्र जडेजा (77) आउट भारतीय टीम के लिए संघर्ष किया. मोहम्मद सिराज (1) सस्ते में निपट गए. वैसे भारतीय टीम को आकाश दीप (31) और जसप्रीत बुमराह (10) को धन्यवाद कहना चाहिए. दोनों ने मिलकर दसवें विकेट के लिए 47 रन जोड़े ओर 246 रनों का फॉलोआन का आंकड़ा पार करवाया. वैसे आउट होने वाले अंत‍िम बल्लेबाज आकाश दीप रहे, ज‍िन्हें ट्रेव‍िस हेड ने व‍िकेट के पीछे एलेक्स कैरी के हाथों स्टम्प आउट करवाया.   विकेट पतन: 1-4 (यशस्वी जायसवाल, 0.2 ओवर), 2-6 (शुभमन गिल, 2.1 ओवर), 3-22 (विराट कोहली, 7.2 ओवर), 4-44 (ऋषभ पंत, 13.5 ओवर), 5-74 (रोहित शर्मा, 23.5 ओवर), 6-141 (केएल राहुल, 42.3 ओवर) , 7-194 (नीतीश कुमार रेड्डी, 59.5 ओवर), 8-201 (मोहम्मद सिराज, 62.6 ओवर), 9-213 (रवींद्र जडेजा, 65.6 ओवर),10-260 (आकाश दीप, 78.5 ओवर) भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरा टेस्ट मैच के ड्रॉ रहा। इससे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 (WTC 2025) के फाइनल के लिए क्वालिफाई करने की भारत की संभावनाओं को झटका लगा। मैच ड्रॉ होने पर भारत को मेलबर्न और सिडनी में जीत दर्ज करनी होगी। ड्रॉ होने से भारत का पीसीटी 57.29 से गिरकर 55.88 हो गया। वह साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बाद डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में तीसरे स्थान पर है। एडिलेड टेस्ट में भारत को हराकर मौजूदा साइकल में ऑस्ट्रेलिया की नौवीं जीत दर्ज की। इससे उसका पीसीटी 57.69 से बढ़कर 60.71 हो गया। वह केवल साउथ अफ्रीका (63.33) से पीछे है। उसे दो टेस्ट घरेलू सरजमीं पर खेलने हैं। इसलिए ब्रिस्बेन में ड्रॉ या हार ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों के लिए चुनौती कड़ी कर देगी,लेकिन रोहित शर्मा की टीम के लिए यह और भी … Read more

एमपी विधानसभा में चाय की केतली लेकर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस विधायक ने शराब की बोतलों की माला पहनी

MP Congress Protest: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के 1 साल पूरा होने के साथ ही विपक्ष ने आंदोलन के सिलसिले को बढ़ा दिया है. विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बेरोजगारी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार चाय की केतली लेकर पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने शराब घोटाले का आरोप लगाते हुए शराब की खाली बोतलों की माला पहनकर ध्यान अपनी और आकर्षित कराया. डॉ मोहन यादव सरकार को 1 साल पूरा होने के साथ ही सरकार जन कल्याण अभियान चलाते हुए प्रदेश भर में कई सौगात दे रही है. दूसरी तरफ कांग्रेस अपने विधायकों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने बुधवार (18 दिसंबर) को कहा कि सरकार को युवाओं को नौकरी देना चाहिए. सदन का ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाथ में चाय की केतली लेकर प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, ”जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तो उनके पास चाय बेचने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.” कांग्रेस विधायक महेश परमार शराब की खाली बोतल की माला पहन कर पहुंचे और उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शराब घोटाले को लेकर कड़ी कार्रवाई का संदेश देने की बात कही थी. मध्य प्रदेश में हजारों करोड़ों का शराब घोटाला हो चुका है. केंद्र सरकार को इस बारे में संज्ञान लेना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक जितेंद्र पंडिया ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए कांग्रेस केवल सुर्खियां बटोरने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है. कांग्रेस के नेता मीडिया में चेहरा चमकाने के लिए नाटक कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ”मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है. सरकार मध्य प्रदेश के विकास की गति को तेजी प्रदान कर रही है. मध्य प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं. कांग्रेस के पास आंदोलन करने के लिए कोई मुद्दा तक नहीं बचा है.” recent visitors 124

आंबेडकर वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा; कहा- देश से मांगे माफी

नई दिल्ली ! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने शाह पर डॉ. आंबेडकर का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। वहीं, इस मुद्दे के चलते आज संसद में भी हंगामा जारी रहा। दरअसल, संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अमित शाह ने कहा था कि ‘अभी एक फैशन हो गया है। आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। आंबेडकर का नाम सौ बार लें, लेकिन आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी का भाव क्या है, ये मैं बताता हूं।’ शाह ने कहा था, ‘डॉ. आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया था। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों से व्यवहार, अनुच्छेद 370 और देश की विदेश नीति से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया था। इस पर बीसी रॉय ने पंडित नेहरू को चिट्ठी लिखी कि आंबेडकर और राजाजी मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा? इसके जवाब में पंडित नेहरू ने लिखा था कि राजाजी के जाने से कुछ असर पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कुछ नहीं होगा।’ उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के आंबेडकर के बारे में ये विचार रहे हैं। आज आंबेडकर को मानने वाले पर्याप्त संख्या में आ गए हैं इसलिए ये आंबेडकर-आंबेडकर कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए कांग्रेस नेता आजकल आंबेडकर का नाम बार-बार लेते हैं। इसके अलावा, विपक्षी दल यह भी मांग कर रहा है कि शाह को सार्वजनिक रूप और संसद में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। संसद के बाहर पत्रकारों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘हम आंबेडकर का अपमान करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हैं; उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।’ इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कहा, ‘गृहमंत्री अमित शाह ने जो आज भरे सदन में बाबासाहेब का अपमान किया है, उससे ये फिर एक बार सिद्ध हो गया है कि भाजपा और आरएसएस तिरंगे के खिलाफ थे। उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया। संघ परिवार के लोग पहले दिन से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति को लागू करना चाहते थे। मगर बाबासाहेब ने ये नहीं होने दिया, इसलिए उनके प्रति इतनी घृणा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी सरकार के मंत्रीगण ये कान खोलकर समझ लें कि मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर जी भगवान से कम नहीं हैं। वे दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक व गरीबों के मसीहा हैं और हमेशा रहेंगे।’ कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने भी शाह से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेना फैशन बन गया है। यह देश के दलितों और बाबा साहेब का सीधा अपमान है।’ डांगी ने कहा, ‘शाह ने पूरे देश को दिखा दिया है कि भाजपा नेता किस तरह की सोच रखते हैं। वंचित और शोषित वर्ग जिसका अपमान किया गया है, यह वही वर्ग है जो उन्हें 240 से घटाकर 40 कर देगा। कांग्रेस पार्टी की ओर से, मैं मांग करता हूं कि अमित शाह को सार्वजनिक रूप से और सदन में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बाबासाहेब के बारे में जो कहा है, उस पर विचार करते हुए वह संवैधानिक पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। उन्हें गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’ कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान शाह की टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा और आरएसएस नेताओं के मन में आंबेडकर के लिए ‘काफी नफरत’ है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जो लोग मनुस्मृति में विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से आंबेडकर के साथ मतभेद रखेंगे। जवाहरलाल नेहरू पर संविधान के पहले संशोधन के जरिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाने के लिए भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अपने पसंदीदा लक्ष्य पर लगातार हमला करने वाले मास्टर हैं। वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने में महारथी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘अनुच्छेद 19(2), 15(4), और 31(b) को प्रथम संशोधन के माध्यम से 18 जून, 1951 को भारत के संविधान में जोड़ा गया था। एक प्रवर समिति ने विधेयक की जांच की थी और उसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है। अपने डिसेंट नोट के पैरा 2 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने निम्न बातें लिखीं थी।’ उन्होंने कहा, ’19(2) में प्रतिबंध से पहले उचित शब्द का जुड़ना एक बहुत ही अच्छा बदलाव है। यह 19(2) को न्यायसंगत बनाता है और मैं देश में नागरिकों के स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इस बदलाव के महत्व को कम नहीं करना चाहता। उचित शब्द वास्तव में, नेहरू ने खुद जोड़ा था। अनुच्छेद 19 (2) सरदार पटेल द्वारा 3 जून, 1950 को नेहरू को लिखे गए एक पत्र का अनुसरण करता है। अनुच्छेद 15(4) तब के मद्रास में चंपकम दोराईराजन मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण को खारिज किए जाने के बाद आया। अनुच्छेद 31(b) सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार, यूपी और अन्य राज्यों में जमींदारी उन्मूलन कानूनों को रद्द करने के परिणामस्वरूप आया था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले दोनों मास्टर डिस्टोरियन – प्रधानमंत्री और गृह मंत्री – पहले संशोधन की इस पृष्ठभूमि पर चुप रहे क्योंकि उन्हें अपने पसंदीदा लक्ष्य पर हमला करना था। लेकिन इस जोड़ी से सत्य और तथ्य पर पूरी तरह से कायम रहने की उम्मीद करना बेकार है।’ recent visitors 265

आगर मालवा में बस हादसा, दिल्ली से इंदौर जा रही बस पलटी, 20 से ज्यादा घायल, 1 बच्ची की मौत

राजगढ़ आगर मालवा ज़िले में बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई। इसमें 20 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। दिल्ली से इंदौर जा रही एक बस सुबह लगभग 7 बजे सुसनेर के पास पलट गई। हादसा उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 552G पर किटखेड़ी मोड़ के पास हुआ। हादसे के बाद बस में फंसी बच्ची को जेसीबी की मदद से निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घायलों को तुरंत पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ को गंभीर चोटों के कारण ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया। कलेक्टर, एसपी समेत कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायज़ा लिया। कैसे हुआ हादसा हादसा सुबह करीब 7 बजे सुसनेर के पास किटखेड़ी मोड़ पर हुआ। बताया जा रहा है कि बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के वक़्त बस में लगभग 30 यात्री सवार थे। दुर्घटना के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने मदद के लिए आगे आकर घायलों को बस से बाहर निकाला। एक 6 साल की बच्ची बस के नीचे दब गई थी। जेसीबी मशीन की मदद से बस को हटाकर बच्ची को निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर पहुंचे आला अधिकारी हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। सभी घायलों को फौरन सुसनेर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने घायलों का इलाज शुरू किया। करीब 8-9 लोगों को गंभीर चोटें आई थीं, जिन्हें ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया। SDOP देवनारायण यादव समेत कई पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। हादसे की ख़बर मिलते ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी विनोद कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और बाद में अस्पताल जाकर घायलों से मिले और उनका हाल-चाल पूछा। मीडिया से बोले एसपी एसपी विनोद कुमार सिंह ने मीडिया को बताया, 'दिल्ली से इंदौर जा रही बस में लगभग 30 यात्री सवार थे। इस हादसे में 20 लोग घायल हुए हैं। कुछ घायलों को फ्रैक्चर और गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है। हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई है।' हादसे की जांच कर रही पुलिस पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि बस तेज़ रफ़्तार और चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। हालांकि, पुलिस अभी भी मामले की गहनता से जांच कर रही है। प्रशासन ने घायलों और मृतक बच्ची के परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। recent visitors 191

श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड नीलबड़ ब्रांच का शुभारंभ

सुशील दामले ( विशेष संवाददाता ) नीलबड़ ! राजधानी स्थित नीलबड़ मेन रोड में श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड के नए कार्यालय का शुभारंभ हुआ,वही मुख्य अतिथि के रूप में स्टेट हेड शैलेश वर्मा एवं ब्रांच मैनेजर संदीप मिश्रा उपस्थित रहे,मुख्य अतिथि के द्वारा रीबन काटकर कार्यालय का उद्घाटन किया ! वही स्टेट हेड शैलेश वर्मा ने हमें बताया कि,श्रीराम फाइनेंस आम जनता का भरोसा एवं विश्वास प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है,श्रीराम फाइनेंस ने अब गोल्ड की दुनिया में भी अपना कदम रखा है,वही 4 पहिया एवं कमर्शियल गाड़ीयो के फाइनेंस के साथ-साथ अब गोल्ड में भी श्रीराम फाइनेंस सेवा उपलब्ध करा रहा है,कम ब्याज में आपको यहां पर संपूर्ण सुविधा उपलब्ध करा रहे है ! इस अवसर पर ब्रांच मैनेजर संदीप मिश्रा,ब्रांच टीम लीडर दीपक कुमार गौर,कलेक्शन मैनेजर पंकज चौहान,ब्रांच कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव मिस्टर अंकू बिसेन आदि बड़ी संख्या में कर्मचारी,अधिकारी एवं और कस्टमर मौजूद रहे recent visitors 149

AIRPORT FLIGHTS ISSUE, जबलपुर एयरपोर्ट से कम उड़ानों के मामले में हाईकोर्ट सख्त, विमानन कंपनियों पर कड़ी टिप्पणी

जबलपुर ! मप्र हाईकोर्ट ने जबलपुर से अन्य बड़े शहरों के लिए एयर कनेक्टिविटी संबंधी मामले को गंभीरता से लिया है. चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने मंगलवार को दो विमानन कंपनियां स्पाईस जेट व आकासा एयरलाइंस का जवाब न आने पर सख्त टिप्पणी की है. युगलपीठ ने दोनों विमानन कंपनियों को जवाब के लिए आखिरी मोहलत देते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर जवाब न आने पर उनपर भारी जुर्माना लगाना शुरू किया जाएगा. कोर्ट ने एयरलाइंस कंपनियों को दो टूक कहा है कि अगर अगली सुनवाई तक जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी को लेकर उनका जवाब नहीं आया तो सभी पर बीस-बीस हजार रु का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही न्यायालय ने इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस को पक्षकार बनाने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए हैं. युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को निर्धारित की है. दरअसल, ये जनहित का मामला नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे व रजत भार्गव की ओर से दायर किया गया था. इसमें कहा गया है कि जबलपुर में अन्य शहरों की तुलना में कम फ्लाइट हैं. पूर्व में जबलपुर से मुम्बई, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरू आदि शहरों के लिए फ्लाइटें संचालित होती थीं और जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर व भोपाल के सामान थी. लेकिन लगातार फ्लाइटें बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. याचिका में कहा गया कि पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वहीं अब इनकी संख्या घटकर 5 हो गयी है, जिससे जबलपुर का विकास अवरुद्ध हो रहा है. इस मामले में इंडिगों विमान कंपनी ने अपना जवाब पेश कर दिया था. जबकि अनावेदक स्पाईस जेट व आकासा एयरलाइंस का जवाब प्रतीक्षित था. मामले में मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने का आखिरी मौका दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा. recent visitors 142

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ऐसीआई की पूरी टीम की प्रशंसा की

 एसीआई के डॉक्टरों ने कोरोनरी धमनी में जमे कैल्शियम को डायमंड कोटेड ड्रिल डिवाइस की मदद से नसों के अंदर महीन चूर्ण के रूप में पीसकर निकाला एसीआई में कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए उपचार सुविधा की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ऐसीआई की पूरी टीम की प्रशंसा की रायपुर पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में  दो हृदय रोगियों के धमनियों में जमे कैल्शियम को ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिये हटाते हुए हृदय में रक्त प्रवाह को सुगम बनाया गया। एथेरेक्टोमी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग एंजियोप्लास्टी से पहले कैल्सीफाइड ब्लॉक (प्लाक) को खोलने के लिए किया जाता है। इसमें 1.25 मिमी का डायमंड-कोटेड ड्रिल डिवाइस होता है जो कैल्शियम को लगभग दो माइक्रोन आकार के महीन कणों में बदल देता है। सरल शब्दों में कहें तो यह कैल्शियम को चूर-चूर करके महीन आकार के कण बना देता है। इस पद्धति के जरिये धमनियों को अच्छी तरह से साफ करके रक्त प्रवाह को सुगम बनाया जाता है। आर्बिटल एथेरेक्टोमी का उपयोग भारी (हैवी) कैल्सीफाइड कोरोनरी धमनियों वाले रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतले कैथेटर के जरिये धमनी के अंदर अपने अक्ष पर घूमने वाला हीरे का लेप किये हुए बर को प्रविष्ट कराया जाता है जो कैल्सिफाइड सतह को धीरे-धीरे पीस कर बाहर निकालता है और धमनी की सतह को चिकना कर देता है। इस चिकनी सतह में रक्त का प्रवाह सुगमता से होता है जिससे दिल के दौरे पड़ने की संभावना कम हो जाती है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों के सफल उपचार के लिए टीम को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। एसीआई में हृदय रोग विशेषज्ञों की अनुभवी एवं समर्पित टीम ने कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए नयी उपचार सुविधा की शुरुआत की है। शासकीय चिकित्सालय में इस तकनीक का उपयोग कर एसीआई ने उपलब्धि हासिल की है। हृदय रोग के उपचार की दिशा में एसीआई की टीम द्वारा किये जा रहे नवाचार मरीजों में अच्छे जीवन की नई उम्मीद जगा रहे हैं। केस के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी 77 वर्षीय को-मॉर्बिड बुजुर्ग मरीज को बी. पी., शुगर की समस्या के साथ-साथ उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता काफी कम थी। एंजियोग्राफी रिपोर्ट में हृदय की बायीं मुख्य एवं तीनों नसों में कैल्शियम का जमाव था। इस वजह से सामान्य एंजियोप्लास्टी पद्धति से एंजियोप्लास्टी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में ऑर्बिटल एथरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिए कैल्शियम को हटाते हुए एंजियोप्लास्टी की गई। वहीं भिलाई निवासी 68 वर्षीय मरीज की नसों में कैल्शियम का जमाव था। बाहर के अस्पताल में एंजियोग्राफी करवाया था। वहां पर बाईपास सर्जरी का सुझाव दिया गया। मरीज वहां से सुझाव लेकर एसीआई आया और एसीआई में उसके लेफ्ट साइड की मुख्य नस में बहुत ज्यादा कैल्शियम जमा होने की वजह से ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक एंजियोप्लास्टी कर दी गई। एक दिन में ही मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चला गया। क्या है ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया कार्डियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुणाल ओस्तवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया में धमनी में एक पतली कैथेटर डाली जाती है। इस कैथेटर में एक घूमता हुआ हीरा-लेपित बर (डायमंड कोटेड बर (किसी उपकरण या धातु की खुरदरी सतह)) होता है जो विशेष वृत्ताकार धुरी पर 360 डिग्री घूमते हुए नसों के अंदर जमे हुए कैल्शियम को खुरचकर निकालता है। कैल्शियम के जमाव को तोड़कर या पीसकर, यह प्रक्रिया रक्त प्रवाह के लिए एक चिकनी सतह बनाती है, जिससे एंजियोप्लास्टी करने एवं स्टंट लगाने में सहूलियत प्राप्त होती है और रुकावटों की संभावना कम हो जाती है। ऐसी नसें जिनमें सामान्य तरीके से एंजियोप्लास्टी एवं स्टंटिंग नहीं की जा सकती। उनमें यह तरीका अपनाया जाता है। यह कैल्शियम को इतने छोटे टुकड़ों में तोड़ता है कि वह आर्टरिज के कैपिलरी के द्वारा ही निकल जाता है। recent visitors 66