मऊगंज : सरपंच की शिकायत पर उपयंत्री समेत पंचायत सचिव 20,000 रुपये लेते रीवा लोकायुक्त ने किया अरेस्ट

रीवा  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) के मऊगंज (Mauganj) में सब-इंजीनियर और सचिव रिश्वत लेते पकड़े गए हैं. यह कार्रवाई रीवा लोकायुक्त की टीम (Rewa Lokayukta Big Action) ने की है. दोनों ने सरपंच से ग्राम पंचायत के कराए कामों के बिल पास करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. लोकायुक्त की टीम ने सब-इंजीनियर और सचिव को 20000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा. मामले की शिकायत अकरिया ग्राम पंचायत सरपंच ने की थी. बिल पास करने के बदले 20 हजार की मांग मऊगंज के नईगढ़ी जनपद की अकरिया पंचायत के सरपंच तरुण शुक्ला ने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी.  तरुण ने शिकायत में कहा था कि नईगढ़ी जनपद पंचायत में पदस्थ सब-इंजीनियर भोला प्रसाद पटेल और पंचायत के सचिव टीकम प्रसाद पांडेय ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों के बिल पास करने के बदले 20 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं. लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों किया दोनों को गिरफ्तार फरियादी सरपंच की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने इसकी जांच की. जब शिकायत सही पाई गई तब टीम ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया और रिश्वत लेने वाले सब-इंजीनियर भोला प्रसाद पटेल और सचिव टीकम प्रसाद पांडेय को रंगे हाथों पकड़कर गिरफ्तार किया. दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की की जा रही है.   recent visitors 60

भोपाल कलेक्टर ने कहा कि रैन बसेरों में रह रहे लोगों को ठंड से राहत देने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम होने चाहिए

भोपाल भोपाल। अंचल में ठंड के जोर पकड़ने के साथ ही रैन बसेरों में सोने वालों की तादाद बढ़ रही है। नगर निगम के अधिकारी यहां पर रजाई गद्दे देने का दावा जरूर कर रहा है, लेकिन शुक्रवार को जब कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह हमीदिया स्थित रैन बसेरा पहुंचे, तो वहां रजाई की जगह पतले कंबल रखे मिले। कलेक्टर ने यहां आने वाले लोगों के लिए रजाई का इंतजाम करने की बात कही। गंदगी देख बिफरे इसके बाद वह नजदीक स्थित सुलभ शौचालय गए, जहां टॉयलेट में गंदगी देखकर नाराज हुए। कलेक्टर ने निगम अमले को हिदायत दी कि सड़कों पर सोने वाले लोगों को समझाइश देकर रैन बसेरों में शिफ्ट किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शहर में खुले में सोने वालों को चिह्नित किया जाए और उनके लिए रैन बसेरों में जगह उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने कहा कि रैन बसेरों में ठंड से बचाव के लिए रजाई-गद्दों समेत सभी तरह के इंतजाम होने चाहिए। किसी भी तरह की परेशानी लोगों को न हो। अफसर रोजाना इन रैन बसेरों का निरीक्षण करें, जिससे इंतजाम दुरुस्त रहें। कलेक्टर ने देखे इज्तिमा के इंतजाम उधर, ईंटखेड़ी के घासीपुरा में आयोजित इज्तिमा की तैयारियों का कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यातायात प्रबंधन, साफ- सफाई, पानी की आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष तौर पर अवलोकन किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि लाखों व्यक्तियों की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं कुशलतापूर्वक पूरी की जाएं। सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक भी की, जहां उन्होंने इज्तिमा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी विषयों पर चर्चा की। recent visitors 43

भारतीय रेलवे ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ ही सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास, 37 किमी में सफल रहा कवच ट्रायल

 रतलाम  दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए ‘मिशन रफ्तार’ में ब्रिजों की मरम्मत, ओएचई रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाने के साथ ही कवच सुरक्षा प्रणाली भी लागू की जा रही है। रतलाम रेल मंडल के रतलाम-दाहोद रेलखंड में बजरंगगढ़-बोरडी के बीच 37 रेल किमी के बीच कवच 4.0 का ट्रायल किया गया। लोको (इंजन) में कवच सिस्टम लगाने के बाद सभी इंतजाम परखे गए। सुबह रेलवे स्टेशन पर डीआरएम रजनीश कुमार ने लोको का निरीक्षण करने के बाद ट्रायल शुरू करवाया। इसके बाद दोपहर तक अप व डाउन दोनों लाइन पर ट्रायल पूरा किया गया। 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर काम जारी     वर्तमान में वडोदरा-अहमदाबाद खंड सहित मुंबई सेंट्रल-नागदा खंड पर 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर कवच का काम चल रहा है। इसमें से 503 किलोमीटर तक लोको परीक्षण हो चुका है।     90 में से 73 लोकोमोटिव पहले ही कवच प्रणाली से लैस किया जा चुका है। इससे पहले वडोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन (गैर ऑटोमेटिक सिगनलिंग सेक्शन) के 303 किलोमीटर में 173 पर लोको ट्रायल पूरा हो चुका था। मार्च 2025 तक काम पूरा होने की संभावना है।     रतलाम-चंदेरिया और नागदा-भोपाल सेक्शन पर भी कवच संस्करण 4.0 का प्रावधान किया जाएगा। इसमें 120.72 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रतलाम रेलमंडल के 427.83 किलोमीटर के पूर्ण ब्लाक सेक्शन में यह प्रणाली लगाई जाएगी। चार दिसंबर तक टेंडर भरे जा सकेंगे। आरडीएसओ ने तैयार किया स्वचालित ट्रेन सुरक्षा तकनीक ''कवच'' ट्रेन सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाती है। इसमें इंजन पर लगे सेंसर, जीपीएस सिस्टम से एक ही ट्रेक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने पर स्वचालित ब्रेक लग जाते हैं। आरडीएसओ द्वारा विकसित कवच को ट्रेन टकरावों को रोकने, खतरे में सिगनल पासिंग से बचने में लोको पायलटों को सहायता मिलती है। ट्रेनें तय गति सीमा के भीतर चले और इसकी रियल टाइम निगरानी भी होगी। किसी भी सिग्नल का उल्लंघन करने पर डेटा रिकार्ड में आ जाएगा। रेलवे की पेंशन अदालत दिसंबर में रतलाम रेल मंडल पर पेंशन मिलने में किसी भी प्रकार की विसंगति को दूर करने के लिए 16 दिसंबर को पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें पेंशन से संबंधित शिकायतें जैसे-पेंशन समय पर नहीं मिलना, पेंशन की राशि घटा/बढ़ा कर दिया जाना, पेंशन किसी कारणवश बंद हो जाना, पेंशन में किसी प्रकार की कटौती किया जाना आदि का निराकरण किया जाएगा। recent visitors 78

अब एमपी पुलिस सीएम-मंत्रियों को नहीं देगी सलामी

Now MP Police will not salute CM-Ministers मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को खत्म करते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पुलिस विभाग के जरिए दी जाने वाली सलामी परेड को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। पुलिस विभाग(MP Police) द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है की, ‘सलामी अंग्रेजों की याद दिलाती है।’ बता दें कि पुलिस विभाग द्वारा जारी इस आदेश का कड़ाई से पालन करवाने के लिए भी फरमान जारी कर दिया गया है। खत्म हुई पुरानी परंपरा मध्य प्रदेश(MP Police) में लंबे समय से पुलिस प्रदेश के सीएम और मंत्रियों के लिए सलामी परेड(MP Police will not Salute CM) करती आ रही थी। अब इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक शैलेश सिंह की ओर से कहा गया है कि सलामी खत्म करने को लेकर जारी हुए इस आदेश का पूरी कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा। क्योंकि इसके तहत पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास प्रभाग पड़ता है। उन्होंने कहा कि, सलामी प्रथा से अंग्रेजों की याद आती है। इस तरह सलामी लेना असंवैधानिक है, जो उपनिवेशवाद को दर्शाता है। पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग है। इस विभाग में आदेश का उल्लंघन करना गलत प्रभाव डालता है।सिर्फ राज्यपाल को दी जाएगी सलामीबता दें कि जारी आदेश में सलामी परेड की व्यवस्था को सिर्फ सीएम और मंत्रियों के लिए खत्म कर किया गया है। वहीँ प्रदेश के राज्यपाल के लिए यह परंपरा पहले की तरह ही चलती रहेगी। recent visitors 168

डीजीपी पिता आज होंगे सेवानिवृत्ति, सलामी परेड का नेतृत्व करेगी डीसीपी बेटी, मप्र पुलिस में ऐसा पहली बार

भोपाल डीजीपी सुधीर सक्सेना आज अपनी सेवा से निवृत्त हो रहे हैं. आज मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे के लिए बहुत खास दिन है. दरअसल आज वह होने जा रहा है जो इससे पहले पुलिस विभाग में कभी नहीं हुआ. डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत्त होने पर भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में भव्य विदाई समारोह को आयोजित किया जाएगा. इस दौरान डीजीपी को सलामी दी जाएगी. खास बात यह है कि इस सलामी की जिम्मेदारी उन्हीं की डीसीपी बेटी को दी गई है.  विदाई परेड की जिम्मेदारी बेटी को दी गई बता दें 32 महीने के कार्यकाल के बाद आज मध्यप्रदेश पुलिस के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त (रिटायर) हो जाएंगे. उनकी विदाई समारोह का आयोजन मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया गया है. विदाई समारोह में परेड का भी आयोजन किया गया है. उनकी इस विदाई परेड की जिम्मेदारी कमांडर उनकी ही बेटी सोनाक्षी सक्सेना को दी गई, जो 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. दो साल पहले बने डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना, जो 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस अधिकारी हैं. सक्सेना 4 मार्च 2020 को पूर्व डीजीपी विवेक जौहरी के सेवानिवृत्त होने के बाद वह प्रदेश के 30वें पुलिस महानिदेशक बने थे. उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने साइबर अपराध के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया और नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस कार्रवाई को मजबूत किया. पांच दिनों से जारी अभ्यास डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत्त होने को लेकर मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में बीते सोमवार से परेड का अभ्यास किया जा रहा है. जबकि भव्य आयोजन में पुलिस की यह टीम डीजीपी सुधीर सक्सेना को सलामी देगी. आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी है. मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में पुलिस विभाग के अनेक अफसर मौजूद रहेंगे.  सम्मानित लोगों द्वारा उनके वक्तव्य में भाषण भी दिए जाएंगे. ग्वालियर मूल के हैं डीजीपी सक्सेना डीजीपी सुधीर सक्सेना मूलत: ग्वालियर के रहने वाले हैं। उनकी बेटी सोनाक्षी सक्सेना भोपाल में ही पुलिस उपायुक्त आसूचना के पद पर तैनात है। इससे पहले वह इंदौर में सहायक पुलिस आयुक्त और जबलपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में काम कर चुकी हैं। recent visitors 74

कोलकाता के अस्पताल ने हिंदू के अत्याचार और तिंरगे के अपमान के बाद बांग्लादेशी मरीजों का इलाज न करने की बात कही

 कोलकाता कोलकाता के उत्तरी हिस्से माणिकतला स्थित जेएन रे अस्पताल ने एक फैसला लेते हुए बांग्लादेशी मरीजों को इलाज देने से इंकार कर दिया है. यह कदम बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ विरोध जताने के लिए उठाया गया है. शुक्रवार को अस्पताल के अधिकारी, सुभ्रांशु भक्त ने बताया कि यह निर्णय तब लिया गया जब भारतीय ध्वज का बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा अपमान किया गया. अस्पताल ने अपनी अधिसूचना में कहा कि “आज से अगले आदेश तक हम किसी भी बांग्लादेशी मरीज को इलाज के लिए स्वीकार नहीं करेंगे. यह खास तौर पर उनके द्वारा भारत के प्रति दिखाए गए अपमान के कारण है.” सुभ्रांशु भक्त ने इस व्यवस्थापन का पालन करने के लिए शहर के अन्य अस्पतालों से भी उनका समर्थन करने का आग्रह किया. अन्य अस्पतालों से भी की अपील भक्त का कहना है, "हम तिरंगे के अपमान को देखते हुए बांग्लादेशियों का इलाज रोकने का निर्णय लिया है. भारत ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन इसके बावजूद आज हम भारत-विरोधी भावनाओं को देख रहे हैं. हम आशा करते हैं कि अन्य अस्पताल भी हमारा समर्थन करेंगे और इसी प्रकार के कदम उठाएंगे." यह निर्णय एक गंभीर मुद्दे को प्रदर्शित करता है, जहां अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ जोड़ रहा है. इससे दोनों देशों के बीच की जटिलताएं और बढ़ सकती हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य अस्पताल इस फैसले का अनुसरण करते हैं या नहीं और भविष्य में इसका क्या प्रभाव पड़ता है. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार मसलन, बांग्लादेश में नई अंतरिम सरकार आने के बाद से हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं. इस दौरान मंदिरों में तोड़फोड़ किया गया है और समुदाय के कई लोग मारे भी गए हैं. इस बीच हिंसा लगातार जारी है और भारत ने इसका कड़ा विरोध किया है.   recent visitors 107

‘CM मोहन आप विदेश क्या गए यहां…’, उज्जैन में पूर्व विधायक की पिटाई मामले पर उमंग सिंघार का तंज

‘CM Mohan, why did you go abroad here…’, Umang Singhar’s taunt on the case of beating of former MLA in Ujjain मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन के महिदपुर विधानसभा में प्रभारी मंत्री और सांसद के सामने दो गुटों की भिड़ंत हो गई. इस दौरान पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान के साथ जमकर मारपीट हुई. प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने मैदान में उतर कर बीच बचाव किया. बीजेपी के दो गुटों की भिड़ंत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब इस मामले को लेकर अब कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने बीजेपी पर तंज कसा है. उंमग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट कर कहा, “ये है संस्कारित और अनुशासित पार्टी बीजेपी की असलियत. उज्जैन जिले की महिदपुर विधानसभा में पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान की प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और सांसद अनिल फिरोजिया की मौजूदगी में पिटाई हुई.” बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ यही होगा- सिंघार उन्होंने कहा, “खास बात ये कि पिटाई करने वाले बीजेपी के ही कार्यकर्ता थे. अब बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ तो यही होगा. सीएम साहेब, आप विदेश क्या गए, यहां आपके गृह जिले में ही पार्टी वाले मारपीट करने लगे. ये न तो राजनीतिक संस्कार और सामाजिक व्यवहार हैं.” क्या है पूरा मामला? खेड़ा खजुरिया गांव में बिजली विभाग के ग्रिड और स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था. इस बीच कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हो गई. विवाद बढ़ने के बाद पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान पर हमला हो गया. बीजेपी नेता प्रताप सिंह आर्य ने बताया कि बहादुर सिंह चौहान के मंच से उतरते ही विवाद की स्थिति बनने लगी. देखते-देखते अचानक मारपीट शुरू हो गई. recent visitors 191