औ‌द्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई में 214.42 एकड़ भूमि को शामिल किये जाने की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय उर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र (औ‌द्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम) के क्षेत्रफल विस्तार किये जाने का निर्णय लिया गया। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय उर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 227.54 एकड़ क्षेत्रफल में औ‌द्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 214.42 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। इसके बाद पार्क का कुल क्षेत्रफल 441.96 एकड़ हो जायेगा। मंत्रि-परिषद ने सौर सह अन्य नवीकरणीय/अक्षय ऊर्जा अनुसंधान केन्द्र की स्थापना के लिए भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल को ग्राम भौरी जिला भोपाल स्थित 21.494 हेक्टयर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी। निर्णय अनुसार ग्राम भौरी की खसरा क्रमांक 66/1 रकबा 8.438 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 66/2 रकबा 2.005 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 66/3 रकबा 2.005 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 69/1 रकबा 1.597 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 70/1 रकबा 1.946 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 73/1 रकबा 2.231 हेक्टेयर एवं खसरा क्रमांक 75 रकबा 4.772 हेक्टेयर में से 2.772 हेक्टेयर कुल रकबा 22.994 हेक्टेयर में से 20.994 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। संस्थान विशुद्ध एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान में अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व स्तरीय एवं उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। प्रस्तावित अनुसंधान केन्द्र का प्रमुख उद्देश्य सोलर सेल की दक्षता में वृद्धि करना, ऊर्जा के नुकसान को कम करने के साथ पवन ऊर्जा सहित नवकरणीय ऊर्जा के अन्य स्त्रोतों में विश्वस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देगा होगा। मंत्रि-परिषद द्वारा 30 जून अथवा 31 दिसम्बर को सेवानिवृत शासकीय सेवकों को पेंशन निर्धारण के लिये काल्पनिक रूप से वार्षिक वेतन वृद्धि देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 30 जून को सेवानिवृत हुए या होने वाले शासकीय सेवकों को 1 जुलाई को निर्धारित काल्पनिक वार्षिक वेतन वृद्धि देय होगी। इसी तरह 31 दिसम्बर को सेवानिवृत हुए अथवा होने वाले शासकीय सेवकों को 1 जनवरी की स्थिति में काल्पनिक वार्षिक वेतन वृद्धि दी जायेगी। काल्पनिक वेतन वृद्धि के फलस्वरूप बड़ी हुई पेंशन का लाभ 1 मई 2023 या इसके बाद देय होगा। दिनांक 30 अप्रैल 2023 की अवधि के लिये बड़ी हुई पेंशन का भुगतान नहीं किया जायेगा। जिन शासकीय सेवकों द्वारा न्यायालय में रिट याचिकाएँ दायर की है तथा सफल हुए है। उनके संबंध में शासकीय निर्णय के दृष्टिगत ही कार्यवाही करने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश वित्त निगम द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग को 150 करोड़ के हस्तांतरण मूल्य पर इंदौर स्थित नवनिर्मित भवन हस्तांतरण किये जाने का निर्णय लिया। वाणिज्यिक कर विभाग भवन का आधिपत्य प्राप्त कर विद्युत समयोजन, सामान्य मरम्मत आदि पूर्णकर नगर निगम इंदौर से भवन पूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर भवन का उपयोग प्रारंभ कर सकेगा।   recent visitors 79

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवउठनी ग्यारस पर मालवीय नगर युवा सदन में तुलसी शालिग्राम विवाह में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवउठनी ग्यारस पर मालवीय नगर युवा सदन में तुलसी शालिग्राम विवाह में शामिल हुए। उन्होंने हरि और माँ तुलसी से प्रदेशवासियों के जीवन को सुख, समृद्धि और खुशहाली से परिपूर्ण बनाए रखने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता तुलसी की मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर धूप, सिंदूर, चंदन, पुष्प अर्पित कर नैवैद्य का भोग लगाया। इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि देवउठनी ग्यारस भगवान विष्णु के 4 महीने की निद्रा से जागरण का प्रतीक है। यह त्यौहार कार्तिक शुक्ल ग्यारस तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा की जाती है और उनके विवाह का आयोजन किया जाता है। देवउठनी ग्यारस के दिन विशेष मंत्रों का जाप कर भगवान विष्णु और माता तुलसी की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।   recent visitors 98

राज्य सरकार ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत पीवीटीजी की बसाहटों का भी संरक्षण किया

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत पीवीटीजी की बसाहटों का भी संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा डिण्डोरी जिले की 7 एवं मंडला जिले की 14, कुल 21 बैगा जनजाति बहुल बसाहटों के हेबिटेट राइट को मान्यता दे दी गई है। इसी प्रकार छिंदवाड़ा जिले में 12 भारिया जनजाति बहुल बसाहटों के हेबिटेट राइट को भी मान्यता प्रदान कर दी गई है। पर्यावास अधिकार (हेबिटेट राइट) मिलने से आशय यह है कि इस विशेष अधिकार से पिछड़ी जनजातियों को उनकी पारम्परिक आजीविका स्त्रोत और पारिस्थितिकीय ज्ञान को सुरक्षित रखने में भरपूर मदद मिलेगी। ये अधिकार इन पीवीटीजी समुदायों को खुद के विकास के लिए शासकीय योजनाओं और विकास नीतियों/कार्यक्रमों तक पहुंचने के लिए सशक्त बनाते हैं। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि हैबिटेट राइट्स की मान्यता मिलने के बाद ये पिछड़ी जनजातियां अपने जीवन में एक सकारात्मक बदलाव ला रही है। अब वे अपने परम्परागत जंगलों में अपनी आजीविका को बेहतर तरीके से चला रही हैं और अपनी आने वाली पीढ़ियों को यह धरोहर के रूप में भी सौंप सकते हैं। हेबिटेट राइट मिलने से ये जनजातियां अब न केवल अपने जल, जंगल, जमीन, जानवर का संरक्षण करने के लिए सक्षम हुए हैं, बल्कि अपनी पारम्परिक कृषि, औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के यथा आवश्यकतानुसार उपयोग को लेकर भी स्वायत्त धारणाधिकारी (स्वतंत्र) हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सुदूर वन क्षेत्रों में बसीं बैगा और भारिया जनजातियां लंबे समय से जंगलों और पहाड़ियों में अपनी परम्परागत जीवन शैली जीने की आदी हैं। पहले इन जनजातियों के पास न तो अपनी जमीन का अधिकार था, न ही जंगल पर अपना नियंत्रण। यही उनकी संस्कृति और अस्तित्व के लिए एक बड़ा अवरोध था। बैगा और भारिया जनजातियां मध्यप्रदेश की विशेष रूप से पिछड़े एवं कमजोर जनजातियों (पीवीटीजी) में आती हैं। इनकी जीवन शैली पूरी तरह से प्रकृति पर निर्भर करती है। इनके लिए जंगल केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह उनकी परंपराओं, रीति-रिवाजों, और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। ये समुदाय सरकार से अपने जंगल और जीवन पर अधिकार की सुरक्षा और अपनी देशज पुरा संस्कृति की सुरक्षा की मांग कर रहे थे। सरकार ने इनकी इस मांग को गंभीरता से लिया और 21 बैगा बसाहटों तथा 12 भारिया बसाहटों के पर्यावास अधिकार (हैबिटेट राइट्स) को मान्यता प्रदान कर दी। हैबिटेट राइट केवल एक कानूनी अधिकार ही नहीं है, बल्कि इन पीवीटीजी की मूल पहचान और प्राकृतिक संस्कृति को बचाने की दिशा में सरकार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।   recent visitors 91

राकेश ने अपने खेत में 4 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में लगाया पॉली-हाउस, हुआ मालामाल

भोपाल प्रदेश में किसानों के लिये खेती लाभ का व्यवसाय बन सके, इसके लिये केन्द्र और राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं से किसानों को मदद कर रही हे। ऐसे ही खरगौन के एक किसान को उद्यानिकी विभाग की मदद मिली और वे अब सफलतापूर्वक खेती कर लाभ अर्जित कर रहे। खरगौन जिले के कसरावद के ग्राम सावदा के किसान राकेश पाटीदार के परिवार में अब तक पारम्परिक तरीके से खेती हुआ करती थी, लेकिन उनके परिवार को मेहनत के अनुरूप खेती से फायदा नहीं मिल पा रहा था। जब युवा किसान राकेश ने खेती करना शुरू किया, तो उन्होंने बहेतर लाभ और उन्नत तरीकों से खेती को अपनाने के लिये पॉली हाउस का लाभ लेने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया। पात्रता की आवश्यक शर्ते पूरी करने पर उन्हें उद्यानिकी विभाग से पॉली-हाउस निर्माण के लिये आर्थिक मदद मिली। किसान राकेश ने अपने खेत में 4 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पॉली-हाउस लगवाया। इसके लिये उन्हें 16 लाख 88 हजार रुपये का अनुदान भी मिला। अब राकेश पॉली-हाउस में मिर्च और टमाटर को रोपकर उद्यानिकी फसल ले रहे हैं। उद्यानिकी फसल से उन्हें एक साल में 14 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हो रहा है। उनकी सफलता से अन्य किसान भी प्रभावित हुए हैं और उन्होंने भी उद्यानिकी फसलों के बारे में विभाग से सम्पर्क किया है। किसान राकेश बताते हैं कि खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाये और शासकीय योजना का फायदा लिया जाये, तो खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है।   recent visitors 108

फोटो सेशन के दौरान बीच में आया BJP कार्यकर्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मारी लात, वीडियो वायरल

BJP worker came in between during photo session, former Union Minister kicked him, video goes viral मुंबई ! महाराष्ट्र के जालना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और पूर्व सांसद रावसाहेब दानवे का एक कार्यकर्ता को लात मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित कार्यकर्ता ने इस पर सफाई दी है. गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे हमेशा अलग-अलग वजहों से चर्चा में रहते हैं. वीडियो सामने आने के बाद दानवे एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर रावसाहेब दानवे की जमकर आलोचना हो रही है. घटना उस समय हुई जब पूर्व सांसद जालना विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना उम्मीदवार अर्जुन खोतकर से मिलने पहुंचे. इस दौरान जब दोनों नेताओं का फोटो सेशन चल रहा था, तभी कुछ कार्यकर्ता ने उनके साथ फोटो लेने की कोशिश की. इस दौरान दानवे ने कार्यकर्ता को लात मार दी. कार्यकर्ता शेख अहमद ने दी सफाई दानवे ने जिस कार्यकर्ता को लात मारी उसका नाम शेख अहमद है. शेख ने घटना के बारे में बताते हुए कहा, “वह दानवे के तीस साल से दोस्त हैं. आज सुबह जो वीडियो वायरल हुआ है, वह गलत है. ऐसी कोई बात नहीं है. रावसाहेब दानवे की शर्ट फंसी हुई थी. मैं उनके पास खड़ा था और मैंने उनकी शर्ट उतारने की कोशिश की. दानवे साहब को कुछ समझ नहीं आया. हालांकि, लात मारने जैसी कोई बात नहीं हुई.” बता दें कि दानवे पहले भी विवादों में रहे हैं. उनके खिलाफ 2016 में चुनाव के दौरान दिए गए बयान “घर आने वाली लक्ष्मी को मना मत करना” के लिए मामला दर्ज किया गया था. जालना से सांसद रहे हैं दानवे रावसाहेब दानवे भी जालना लोकसभा क्षेत्र से पांच बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. हालांकि, इस लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. कल्याण काले ने उन्हें हराया. वहीं, विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रबंधन समिति बनाई है. फिलहाल रावसाहेब दानवे इस समिति के अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं. recent visitors 240

विधानसभा चुनाव में सबसे रोचक लड़ाई बारामती सीट पर, अजित पवार के लिए इस चुनाव में बहुत कुछ दांव पर

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में इस बार विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गए हैं। कई सीटों पर रिश्तेदार आमने-सामने हैं। इसमें भी सबसे रोचक लड़ाई बारामती सीट पर है, जहां डिप्टी सीएम अजित पवार का मुकाबला अपने भतीजे युगेंद्र से है। छह बार के विधायक और पिछले चुनाव में 1 लाख 69 हजार वोटों से जीते अजित के लिए यह चुनाव काफी आसाना होना चाहिए था। लेकिन युगेंद्र पवार के सामने आ जाने से बारामती में फाइट बिल्कुल टाइट है और अजित पवार के लिए करो या मरो के हालात बन गए हैं। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में अजित यहां मुंह की खा चुके हैं। तब उन्होंने सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी पत्नी को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। दांव पर बहुत कुछ अजित पवार के लिए इस चुनाव में बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है। पहले ही झटके खा चुके अजित अगर यहां हार जाते हैं उनकी सियासत ढलान की तरफ जाने लगेगी। इसकी झलक लोकसभा चुनाव में भी दिख चुकी है, जहां सुप्रिया सुले ने अजीत पवार की विधानसभा में भी अच्छी-खासी बढ़त बनाई थी। लोकसभा चुनाव में पत्नी की हार से अजित काफी दुखी थे। उन्होंने फैसला कर लिया था कि अब वह बारामती से कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि लोगों ने उनका काम पसंद नहीं किया। इसके बाद अजित के छोटे बेटे जय पवार को युगेंद्र के सामने उतारने की योजना बनी थी। लेकिन पार्टी द्वारा हुए दो सर्वे में इस बात के संकेत मिले थे कि जय पवार के सामने युगेंद्र बड़ी आसानी से जीत जाएंगे। बदली है रणनीति इस चुनाव में अजित पवार ने अपनी रणनीति भी बदली है। अब वह लोगों के बीच अधिक मुस्कुराते हैं। इतना ही नहीं, अजित ने अपना पहनावा भी बदला है। अब अजित पवार गुलाबी कपड़े पहनने पर अधिक जोर दे रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद उनके लिए यह चुनाव आसान नहीं होने जा रहा है। वैसे तो अजित पवार की फैन फॉलोविंग बारामती में काफी है, लेकिन यह शहरी क्षेत्र में ज्यादा है। बारामती शहर के तमाम युवा और व्यवसायी अजित को ही वोट देने की बात कहते हैं। वहीं, तमाम लोगों का यह भी मानना है कि अजित पवार ने बारामती के लिए बहुत कुछ किया है। युगेंद्र पर शरद पवार का वरदहस्त दूसरी तरफ युगेंद्र के पक्ष में सबसे बड़ी बात उनके ऊपर शरद पवार का वरदहस्त होना है। इसके चलते लोग युगेंद्र को अधिक गंभीरता से ले रहे हैं। शरद पवार ने भी यह स्पष्ट संकेत दिया है कि यह चुनाव युगेंद्र बनाम अजित पवार नहीं, बल्कि शरद पवार बनाम अजित पवार है। युगेंद्र के नामांकन के दिन भी यह स्पष्ट नजर आया था। शरद पवार नामांकन के वक्त युगेंद्र के साथ मौजूद थे। जबकि लोकसभा चुनाव में जब उनकी बेटी सुप्रिया नामांकन करने गई थीं तब शरद पवार नहीं थे। शहरी वोटर बनाम ग्रामीण वोटर यह बात स्पष्ट है कि इस चुनाव में परिणाम शहरी वोटर बनाम ग्रामीण वोटर से तय होगा। वोटरों को लुभाने के लिए अजित का परिवार भी मैदान में हैं। जहां पत्नी सुनेत्रा गांव के लोगों से बात कर रही हैं, वहीं बेटा जय भी मैदान में पूरी तरह से सक्रिय है। इसके अलावा अजित खुद बारामती के 59 गांवों की यात्रा पर निकले हुए हैं। अजित पवार लोगों से यह भी कह रहे हैं कि लोकसभा में ताई यानी सुले को जिताया तो अब विधानसभा में दादा यानी मुझे जिताएं। उन्हें यह भी उम्मीद है कि महायुति सरकार की लड़की बहिन योजना उनके पक्ष में काम करेगी। ऐसा होने पर इस विधानसभा क्षेत्र की 1.87 लाख महिला वोटर उनके लिए वोट कर सकती हैं। recent visitors 112

उज्जैन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का रेड कार्पेट स्वागत, राज्यपाल और सीएम ने किया अभिनंदन

Red carpet welcome of Vice President Jagdeep Dhankhar in Ujjain, Governor and CM congratulated उज्जैन। भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज मध्य प्रदेश की धर्म नगरी उज्जैन पहुंचे। यहां उनके स्वागत के लिए हैलीपेड पर रेड कार्पेट बिछाया गया। उज्जैन आगमन पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, सीएम डॉ. मोहन यादव ने उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान कौशल विकास व रोजगार एवं प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहे। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इसके बाद कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित ’66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह की अध्यक्षता करने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी मौजूद थे। बता दें कि समारोह का शुभारंभ शाम 4 बजे से हो गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 7 बजे से प्रस्तुत किए जायेंगे। बुधवार 13 नवम्बर को सुबह 10 बजे महाकवि कालिदास के साहित्य में पंच महाभूत विमर्श पर आधारित राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का प्रथम सत्र, दोपहर 2 बजे विक्रम विश्वविद्यालय के अंतर्गत राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी और शाम 5 बजे पंडित सूर्यनारायण व्यास व्याख्यान माला का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 7 बजे शास्त्रधर्मी शैली पर आधारित तथा पारम्परिक शैली सेअनुप्रेरित नृत्य नाटिका का प्रस्तुतिकरण होगा। इसके पहले सोमवार को मंगल कलश यात्रा निकाली गई और कालिदास अकादमी में नान्दी-भक्ति संगीत का कार्यक्रम हुआ। recent visitors 185