भोपाल: BJP नेता की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल, धमकी भरे अंदाज़ में गालियां देते नजर आए

Bhopal: Video of BJP leader’s hooliganism goes viral, seen abusing in a threatening manner भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की गुंडागर्दी का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शिवाजी नगर वार्ड 49 के पूर्व पार्षद आशाराम शर्मा कथित रूप से भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये वीडियो शहर के अर्जुन नगर का है, जहां शर्मा स्थानीय लोगों को धमकाने और नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने की बात करते दिख रहे हैं। वीडियो में क्या है? वीडियो में आशाराम शर्मा गुस्से में स्थानीय व्यक्ति रमेश को धमकाते हुए कह रहे हैं, “लठ निकालो लठ, रमेश तू अब हट जा और गलत काम छोड़ दे, मेरी बात सुन गांजा बेचना बंद कर दें।” इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां कई लोग मौजूद थे, और किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। अब यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। नेता के आरोप और पुलिस की प्रतिक्रिया आशाराम शर्मा का दावा है कि उनके इलाके में अवैध रूप से चरस, गांजा और शराब की बिक्री हो रही है। वहीं, जब इस मामले में टीटी नगर थाना क्षेत्र के टीआई से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके इलाके में ऐसी किसी भी तरह की अवैध गतिविधियां नहीं हो रही हैं। वायरल वीडियो पर सवाल इस घटना ने एक बड़ी बहस को जन्म दिया है कि जनप्रतिनिधियों को इस तरह से खुलेआम धमकी भरे अंदाज में गाली-गलौज करने का अधिकार किसने दिया? क्या इस तरह का व्यवहार जनता के सामने सही संदेश भेज रहा है? वहीं, इस तरह के मामलों में यदि वाकई नशे का कारोबार हो रहा है तो उसकी रोकथाम के लिए पुलिस को कदम उठाना चाहिए, न कि किसी नेता को कानून अपने हाथ में लेकर खुलेआम धमकियां देनी चाहिए। जनता की प्रतिक्रिया इस घटना से लोगों में नाराजगी है, और कई लोगों ने आशाराम शर्मा की इस हरकत पर सवाल उठाए हैं। जनता की ओर से ये सवाल उठाया जा रहा है कि क्या जनप्रतिनिधियों का इस तरह का बर्ताव उचित है और क्या इससे जनता में भय का माहौल बन रहा है? recent visitors 108

घरेलू विवाद के बाद निलंबित जवान ने आरक्षक पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी

बालाघाट  एसएफ (विशेष बल) से निलंबित सनकी जवान ने रविवार रात पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपित पत्नी के शव के पास रहा और सुबह लगभग 7.30 बजे कोतवाली पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। मामला कोतवाली क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-13 महाराणा प्रताप नगर की है। हत्या की वजह घरेलू विवाद बताया गया है। विशाल बघेल पत्नी उपासना बघेल और दो साल के बेटे के साथ रहता है गली नंबर पांच में गेंदलाल सनोडिया के मकान में सिवनी निवासी विशाल बघेल पत्नी उपासना बघेल और दो साल के बेटे के साथ रहता है। अगस्त 2023 को सुसर, साले और बुआ सास पर फायरिंग कर घायल करने के मामले में विशाल जेल में है, जो 4 फरवरी 2024 को जमानत पर छूटा था। रात में विशाल और उपासना के बीच घरेलू विवाद हुआ था मृतका पुलिस लाइन बालाघाट में महिला आरक्षक के पद पर थी। 3 नवंबर, रविवार की रात विशाल और उपासना के बीच घरेलू विवाद हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, विशाल अपने ऊपर दर्ज सास, साले की हत्या के प्रयास के प्रकरण में राजीनामा करने का दबाव बना रहा था। आवेश में आकर उपासना की गला घोंटकर हत्या कर दी विशाल ने आवेश में आकर उपासना की गला घोंटकर हत्या कर दी। सुबह घटना का पता तब चला, जब विशाल अपने दो साल के बेटे के साथ कोतवाली पहुंचा और पत्नी की हत्या करने की जानकारी दी। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी। एफएसएल की टीम पहुंची और बारीकी से जांच की पुलिस ने तस्दीक करते हुए कमरे से शव बरामद किया। मौके पर एएसपी विजय डावर, कोतवाली टीआइ प्रकाश वास्कले सहित एफएसएल की टीम पहुंची और बारीकी से जांच की। पुलिस ने मृतका के स्वजनों को सूचना दे दी है। दीपावली से पहले साथ में की थी घर की साफ-सफाई मकान मालिक गेंदलाल सनोडिया की पत्नी माधुरी ने बताया कि विशाल और उपासना दोनों कुछ महीनों से ही साथ रह रहे थे। दोनों ने दीपावली से पहले साथ में घर की साफ-सफाई की थी। माधुरी का कहना था कि वह दीपावली मनाने सिवनी अपने घर गए थे और रविवार रात को ही बालाघाट लौटे थे। एक साल पहले भी विशाल उपासना की हत्या करना चाहता था सुबह सूचना मिली कि विशाल ने उपासना की हत्या कर दी है। जानकारी में सामने आया है कि एक साल पहले भी विशाल उपासना की हत्या करना चाहता था। इसके लिए वह सिवनी स्थित अपने ससुराल लोनिया गांव गया था, लेकिन तब उपासना घर पर नहीं थी। इस बीच उसने अपने साले और बुआ सास पर गोली चलाई थी। इसके कुछ दिन पहले भी विशाल ने अपने ससुर पर जानलेवा हमला किया था। recent visitors 104

सीहोर : हाइवे पर मॉर्निंग वॉक कर रहे तीन लोगों को कार ने कुचला, दो की मौत

सीहोर  सीहोर जिले में सोमवार की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिनमें से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस हादसे के बाद कार बीच सड़क पर ही पलट गई थी. उसे क्रेन मशीन से हटाया गया. जानकारी के अनुसार, भोपाल-इंदौर हाइवे पर सैकड़ा खेड़ी के पास एक अनियंत्रित कार ने मॉर्निंग वॉक कर रहे तीन लोगों को रौंद दिया, जिसमें दो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतक रिटायर्ड फौजी और मेडिकल संचालक बताया जा रहे हैं. हादसे में 2 की मौत, एक गंभीर घायल बताया गया है कि कार चालक को नींद की झपकी आ गई, जिसके बाद ये हादसा हुआ. इस हादसे में गोविंद (50) और मुकेश (45) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनिल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. ड्राइवर को नींद आने की वजह से हुआ हादसा पुलिस अधिकारी ने बताया कि सागर से तीन युवक कार से इंदौर जा रहे थे तभी लापरवाही से कार ड्राइव करने के कारण ये हादसा हुआ. उन्होंने बताया कि कार सवारों को भी मामूली चोटें आईं. अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान कार सवार लोगों ने कहा कि ड्राइवर को नींद आ गई थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई.   recent visitors 146

जिला न्यायालय के सामने दो पक्ष आपस में भिड़ेः जमकर चले लाठी डंडे, आठ लोग घायल, वीडियो वायरल

Fighting with sticks between two parties in front of the District Court, eight people injured मुरैना ! जिला न्यायालय के बाहर हुई एक गंभीर घटना ने सभी को चौंका दिया। जिला न्यायालय के सामने दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडों से मारपीट हुई, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। यह बवाल पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को लेकर पेशी के दौरान शुरू हुआ। घटना उस समय हुई जब दोनों पक्ष न्यायालय में उपस्थित हुए थे। पेशी खत्म होने के बाद, अचानक दोनों पक्षों का आमना-सामना हो गया। एक पल में स्थिति बिगड़ गई, और समर्थकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस दौरान अदालत परिसर में अफरातफरी मच गई, और कई लोग केवल तमाशाई बनकर देखते रहे। घायलों की स्थिति मारपीट में घायल हुए लोगों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, और चिकित्सक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन वे स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रहे। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सभी घायलों के बयान दर्ज किए जाएंगे। न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कई लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। न्यायालय परिसर में उपस्थित लोगों ने कहा कि अगर पुलिस सक्रिय होती, तो यह मारपीट इतनी गंभीर नहीं होती। इस घटना ने मुरैना में एक बार फिर से कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उजागर किया है। सभी की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई और न्यायालय परिसर में सुरक्षा उपायों पर हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वह मामले की गहराई से जांच करेगी और सभी संबंधित लोगों को सजा दिलाने का प्रयास करेगी। recent visitors 195

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव के लिए दी बधाई और शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकास के नए सोपानों की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ द्वारा अपने स्थापना दिवस पर राज्य उत्सव का आयोजन हर्ष और प्रसन्नता का विषय है। मध्यप्रदेश से अलग होकर ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का बहुत पुराना संबंध है, दोनों राज्य, विकास और जन कल्याण की दिशा में समन्वित रूप से प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए संकल्पबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ से बड़े समूह में आने वाले हाथियों की सूचना के आदान-प्रदान और उनके प्रबंधन के संबंध में कार्य योजना बनाने पर भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।   recent visitors 63

रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक ले जाने वाले रोप-वे को उड़ीसा की एक कंपनी बनायेगी

 उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक ले जाने वाला रोप वे उड़ीसा की कंपनी बनायेगी। कंपनी का टेंडर फाइनल हो गया है। माना जा रहा है कि साल 2026 तक यह पूरा हो जायेगा। महाकाल दर्शन के लिए दर्शनार्थी उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोप-वे से आ-जा सकेंगे। इसके लिए उड़ीसा की एमएस इंफ्रा इंजीनियर कंस्ट्रक्शन कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इनिशियल वर्क भी शुरू कर दिया है। उज्जैन रेलवे स्टेशन से नूतन स्कूल-महाकाल मंदिर प्रशासक कार्यालय तक बनने वाला यह रोप-वे 1.76 किलोमीटर लंबा होगा। मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (एमडीजी) सिस्टम से ऑपरेट होने वाले रोपवे में रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक 3 स्टेशन बनाए जाएंगे। रोप-वे में होंगे 48 केबिन सूत्रों के मुताबिक रोप-वे में 48 केबिन होंगे। हर 1 केबिन में एक समय में 10 लोग आ-जा सकेंगे। रोप-वे 16 घंटे चालू रहेगा। इस हिसाब से मोटे तौर पर माना जा रहा है कि 16 घंटे में 60 हजार से अधिक श्रद्धालु इसमें आना-जाना कर सकेंगे। रेलवे स्टेशन से आखिरी स्टेशन तक पहुंचने में करीब 6 मिनट का समय लगेगा। रोपवे 2026 तक शुरू हो जाएगा। रोजाना दो से ढाई लाख दर्शनार्थी आते हैं उज्जैन सिहस्थ 2028 को देखते हुए रोप-वे को बेहद अहम माना जा रहा है। श्री महाकाल लोक बनने के बाद से सामान्य दिनों में ही महाकाल के दर्शन करने के लिए रोजाना औसतन दो से ढाई लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।जबकि पर्व-त्योहार और विशेष अवसरों पर ये संख्या बढ़कर 5 लाख से 10.50 लाख तक पहुंच रही है। ऐसे में शहर में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोप-वे की प्लानिंग की गई है। इसके लिए केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने 189 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे रखी है। रोप-वे का विकास, संचालन और रखरखाव नेशनल हाईवे-रोपवे प्रोजेक्ट करेगा। 2022 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की थी घोषणा 2022 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी सडकों के लोकार्पण के लिए उज्जैन पहुंचे थे। तब उन्होंने महाकाल मंदिर आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए हवा में टैक्सी चलाने की बात कही थी। बाद में उन्होंने मंच से रोप-वे की सौगात देकर कहा था कि शहर में जल्द ही महाकाल के भक्तों के लिए इसकी शुरूआत करेंगे। इसके बाद सर्वे प्लानिंग, डीपीआर समेत दूसरे जरूरी काम पूरे किए गए। अब टेंडर होने के बाद रोप-वे का काम शुरू हो चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में इस बात की भी जानकारी दी थी कि रोप-वे स्टेशन में लोगों के लिए फूड जोन, प्रतीक्षालय, शौचालय के साथ बस और कार पार्किंग की फैसिलिटी भी मिलेगी। recent visitors 171

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगमा, पीडीपी ने अनुच्छेद 370 को लेकर रखा प्रस्ताव

श्रीनगर  नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष चुने गये। कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सहकारिता एवं निर्वाचन मंत्री ने विधानसभा में राथर के नाम का प्रस्ताव पेश किया और सदन के सदस्य अर्जुन सिंह ने राथर को अध्यक्ष के चुने जाने का समर्थन किया। इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का पहला विधानसभा सत्र मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीनगर में शुरू हुआ। सात बार के विधायक राथर का जन्म 1944 में चाडूरा के बांदीपोरा गांव में हुआ था और वह बडगाम जिले के चरार-ए-शरीफ विधानसभा क्षेत्र से जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पिछली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकारों में वित्त सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था। उन्होंने 1968 में कश्मीर विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की और 1971 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एल.एल.बी. किया। गौरतलब है कि राथर ने पहली बार नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवार के रूप में चरार-ए-शरीफ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1977 में जम्मू-कश्मीर विधान सभा चुनाव जीता। बाद में वह 1983, 1987, 1996, 2002 और 2008 में लगातार पांच बार जीते। वर्ष 2014 में राथर जम्मू- कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के गुलाम नबी लोन से हार गए। राथर ने हाल ही में हुए विधान सभा चुनाव में चरार-ए-शरीफ से सातवीं बार जीत हासिल की।   जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगमा, पीडीपी ने अनुच्छेद 370 को लेकर रखा प्रस्ताव  जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद-उर-रहमान पारा की ओर से संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने की मांग किये जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद सदन में बोलते हुए पारा ने जम्मू-कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 को बहाल करने की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध किया। उन्होंने पीडीपी का प्रस्ताव अध्यक्ष को सौंपते हुए कहा, “मैं विधानसभा से अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध करता हूं।” इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सदन में खड़े हो गए और अध्यक्ष से वहीद के शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का आग्रह किया। अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने हालांकि भाजपा नेताओं को सलाह दी कि वे इसे उन पर छोड़ दें। उन्होंने कहा, “आप अध्यक्ष को शर्तें नहीं बता सकते।” इसके बाद भाजपा विधायक हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने हालांकि सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विधायक हंगामा करते रहे। इस मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “उन्हें पता था कि कुछ सदस्य प्रस्ताव पेश करेंगे, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सत्र के पहले दिन ऐसा होगा।” हंगमा देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।     recent visitors 84