उमरिया में हाथियों का तांडव, दो की मौत, एक घायल, इलाके में दहशत

भोपाल मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में हाथियों ने खूब आतंक मचाया। हथियों के उत्पात में दो लोगों की मौत भी हो गई है। वहीं पूरे इलाके में घटना से हड़कंप मचा है। पहली घटना शनिवार की सुबह हुई। जिले के देवरा गांव में हाथी ने 62 वर्षीय रामरतन यादव की जान ले ली। बताया जा रहा है कि रामरतन जंगल में शौच करने गया था। इसी दौरान हाथी ने हमला कर दिया। कहा जा रहा है कि इलाके में तीन से चार हाथी मौजूद हैं। रामरतन को हाथी काफी दूर तक घसीटते ले गया है। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हाथियों के हमलों से हड़कंप जानकारी के मुताबिक देवरा और आसपास के गांवों में हाथी के हमलों से हड़कंप है। सभी हाथी सेमड़ारी, पथरहटा और छपरवाह गांव की तरफ गए हैं। चार दिन पहले खितौली गांव में 10 हाथियों की जान गई थी। लोगों का अनुमान है कि ये हाथी भी उसी झुंड के हैं।  उधर, चंदिया तहसील में भी हाथी ने उत्पात मचाया है। यहां के छुहाई टोला निवासी भैरव कोल पर भी हाथियों ने हमला कर दिया। उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। जानकारी के मुताबिक भैरव अपनी खेत की तरफ जा रहा था। तभी हाथियों ने उसे निशाना बनाया। दो लोगों की मौत से पूरे जिले में दहशत है। 32 वर्षीय युवक घायल चंदिया के अलावा हाथियों ने बांका पंचायत के छोटे बरही गांव में आतंक मचाया। यहां हमले में 32 वर्षीय युवक के घायल होने की सूचना है। युवक की पहचान मालू के तौर पर हुई है। युवक को पहले चंदिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। मगर हालत गंभीर होने की वजह से उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया है। सीएम ने बुलाई आपात बैठक उधर, बांधवगढ़ में हथियों की मौत से शासन में हड़कंप मचा है। चार दिन में हाथियों की मौत की रिपोर्ट आएगी। शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक आपात बैठक भी बुलाई। सीएम ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने एक उच्च स्तरीय टीम को उमरिया भेजा है। यह टीम 24 घंटे में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। उच्चस्तरीय टीम में वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और राज्य वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव शामिल हैं। recent visitors 71

गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति से जोड़ती है, गौ माता में सभी देवताओं का वास : गोविंद सिंह राजपूत

Govardhan Puja connects us with nature, all gods reside in cow: Govind Singh Rajput भोपाल। गोवर्धन पूजा हमारी संस्कृतक धार्मिक संपन्नता का प्रतीक है । यह पूजन हमारा और प्रकृति का संबंध दिखता है। मध्यप्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा संपूर्ण प्रदेश में गोवर्धन पूजा एवं गौ पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं ताकि नागरिकों को पुरातन परंपरा और संस्कृति से जोड़ा जा सके। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति द्वारा आयोजित जिला स्तरीय गोवर्धन पूजा एवं गौपूजा कार्यक्रम के दौरान आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन केंद्र रतौना में कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि गोवर्धन पूजा एवं गौ पूजा पुरातन समय से होती आ रही है । भाजपा सरकार ने इसे शासकीय तौर पर पूरे प्रदेश में आयोजित कर लोगों के लिए पुरातन परंपराओं और हमारी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य किया है। गौ माता में सभी देवताओं का वास होता है। गाय की सेवा से सभी देवताओं की पूजा हो जाती है । उन्होंने कहा मध्यप्रदेश सरकार लगातार सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता करके हमारी सनातनी परंपराओं और संस्कृति का प्रचार प्रसार कर रही है।इसी प्रकार से दशहरा पर शस्त्र पूजा आरंभ कराई गई । मंत्री राजपूत में कहा कि आचार्य विद्यासागर भगवान थे। उनके चरण जहां पड़े वहां का उद्धार होता रहा है ।आचार्य जी ने सागर के लिए बहुत कुछ दिया है आज हमें उनके पद चिन्हों पर चलकर सागर के विकास की संबंध में आगे बढ़ाना है।इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि गोवर्धन पूजा अब शासकीय कार्यक्रम के रूप में पूरे प्रदेश में आयोजित किया गया है ताकि लोग हमारी परंपराओं से जुड़े आने वाली पीढ़ी को भी हमारी परंपराओं की जानकारी हो सके। नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि हमारी संस्कृति में पेड़, पत्थर पहाड़ सभी पूजे जाते हैं गोवर्धन पूजा हमारी संस्कृति का अनुपम उदाहरण है दिवारी गीत पर जनता के साथ खूब थिरके मंत्री कार्यक्रम के दौरान खाद्य नागरिक का पूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिवारी गीत गाकर जमकर नृत्य किया ।मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के इस अंदाज से कार्यक्रम में शामिल सभी लोग अति उत्साहित हुए और सभी ने मंत्री राजपूत के साथ नृत्य करते हुए गोवर्धन पूजा को परंपरा अनुसार धूमधाम से मनाया मंत्री राजपूत ने सभी को दीपावली व गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दी। गौशाला में की गौ माता की विधि विधान से पूजा : कार्यक्रम की शुरुआत में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सागर विधायक शैलेंद्र जैन, विधायक प्रदीप लारिया ने गौशाला में पहुंचकर गौ माता की विधि विधान अनुसार तिलक रोरी लगाकर पूजन किया एवं रोटी खिलाई साथ ही गौशाला का निरीक्षण करते हुए गौशाला प्रबंधन की तारीफ की ।जहां सुरक्षित एवं स्वस्थ गौ माता को आसरा मिला है। मंत्री राजपूत ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि यहां जो भी आवश्यकता होगी उसके लिए वह पूरा करेंगे पानी की समस्या को लेकर समिति द्वारा बात कही गई थी जिस पर मंत्री राजपूत ने आश्वासन दिया कि जल्द ही यहां पानी की व्यवस्था की जाएगी।इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिला गोपालन पशु संवर्धन समिति के सदस्यसहित संभागायुक्त वीरेंद्र सिंह रावत,कलेक्टर संदीप जी आर एवं जिला पंचायत सीईओ विवेक के.वी निगमायुक्त राजकुमार खत्री,एमआईसी सदस्य, पार्षदों सहित नगर के गणमान्य जन मौजूद थे। recent visitors 127

धमकियों के बीच एयर इंडिया के विमान में कारतूस मिला, दुबई से आया था दिल्ली

नई दिल्ली पिछले दिनों एक के बाद फ्लाइटों को मिली बम से उड़ाने की धमकी के बीच अब एयर इंडिया के विमान में कारतूस मिला है। फ्लाइट दुबई से दिल्ली लैंड हुई थी। इसी दौरान फ्लाइट की सीट के एक पॉकेट से एक कारतूस बरामद किया गया। इसके बाद स्टाफ ने तुरंत सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और एयरपोर्ट पुलिस को मामले की सूचना दी। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घटना 27 अक्टूबर की है। प्रवक्ता ने बताया कि 27 अक्टूबर 2024 को दुबई से दिल्ली उतरने के बाद हमारी फ्लाइट AI916 की एक सीट की जेब में एक गोला-बारूद कारतूस पाया गया था। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित विमान से उतर गए थे। एयर इंडिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एयरपोर्ट पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 25 फ्लाइटों को बम से उड़ाने की मिली थी धमकी इससे पहले भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित 25 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को 25 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। पिछले महीने 12 दिन में भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित 275 से अधिक उड़ानों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां मिली थी। इनमें से अधिकांश धमकियां सोशल मीडिया के माध्यम से दी गईं थीं। सूत्रों ने बताया था कि इंडिगो, विस्तारा और स्पाइसजेट की सात-सात उडा़नों जबकि एयर इंडिया की छह उड़ानों को धमकियां मिलीं थी। उधर इंडिगो के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा था, उदयपुर से दिल्ली जाने वाली उड़ान 6ई 2099 को बम की धमकी मिली। सुरक्षा एजेंसी के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, उड़ान भरने से पहले विमान को एकांत स्थान में भेज दिया गया और मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया गया। सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतार लिया गया। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘मेटा’ और ‘एक्स’ से विमानन कंपनियों को बम की धमकी वाले संदेशों के बारे में डेटा शेयर करने के लिए कहा था और इन गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी गई थी। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि सरकार विमानन कंपनियों को बम धमकी मिलने की घटनाओं से निपटने के लिए विधायी कार्रवाई की योजना बना रही है, जिसमें ऐसी धमकी देने वालों को ‘नो-फ्लाई’ सूची में डालना भी शामिल है। recent visitors 100

भोपाल में पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का अपमान, पीसीसी के पूर्व चीफ अरुण यादव ने जताई नाराजी

Anti-social elements garlanded the statue of former Prime Minister Lal Bahadur Shastri with shoes in Bhopal भोपाल। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री के भोपाल में अपमान का मामला सामने आया है। इस मामले की वीडियो एक्स पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने वायरल कर तीखी नाराजगी जताई है। देश के महान नेताओं का सम्मान उनकी पुण्य तिथि और जयंती पर किया जाता है, लेकिन उनके अपमान के लिए शरारती तत्व कोई भी मौका नहीं चूकते। महान नेताओं की सार्वजनिक स्थानों व चौराहा-तिराहों पर उनकी स्थापित प्रतिमाएं की देखरेख को लेकर कोई जिम्मेदारी नहीं लेता और इसका परिणाम आए दिन महान नेताओं के अपमान की घटनाएं सामने आती हैं। एक ताजा मामला भोपाल का सामने आया है जिसे कांग्रेस के नेता ने एक्स पर वीडियो के साथ शेयर किया है।भोपाल में पुरानी विधानसभा के सामने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा तिराहा पर स्थापित है। जिस पर उनकी पुण्यतिथि और जयंती पर फूल माला डालने के लिए राजनीतिक दलों के नेता पहुंचते हैं। मगर इसके बाद शायद ही कभी कोई नेता इनकी तरफ देखता होगा। प्रतिमा पर धूल चढ़ी रहती है लेकिन अभी एक्स पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस प्रतिमा का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो से भोपाल शहर शर्मसार हो रहा है क्योंकि पूर्व पीएम शास्त्री की प्रतिमा पर किसी शरारती तत्व ने जूतों की माला पहना दी है। पूर्व पीसीसी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस मामले में दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है। साथ ही घटना को घोर निंदनीय एवं अपमानजनक बताया है। उन्होंने सरकार से मांग है कि दोषियों पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाए। वहीं, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष और मोहन सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने भी इसकी निंदा करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। recent visitors 197

अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक है। सपा प्रमुख की यह प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बटेंगे तो कटेंगे’ बयान के जवाब में देखी जा रही है। सीएम योगी कई मंचों पर अपने भाषणों में इस बात का जिक्र करते हुए नजर आए हैं, कि ‘बटेंगे तो कटेंगे’। पहली बार उनका ये बयान पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद हुई हिंसा के बाद आया था। अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि “उनका ‘नकारात्मक-नारा’ उनकी निराशा-नाकामी का प्रतीक है। इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10% मतदाता बचे हैं अब वो भी खिसकने के कगार पर हैं, इसलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन ऐसा कुछ होने वाला नहीं।” उन्होंने आगे लिखा, “नकारात्मक-नारे का असर भी होता है, दरअसल इस ‘निराश-नारे’ के आने के बाद, उनके बचे-खुचे समर्थक ये सोचकर और भी निराश हैं कि जिन्हें हम ताकतवर समझ रहे थे, वो तो सत्ता में रहकर भी कमजोरी की ही बातें कर रहे हैं। जिस ‘आदर्श राज्य’ की कल्पना हमारे देश में की जाती है, उसके आधार में ‘अभय’ होता है; ‘भय’ नहीं। ये सच है कि ‘भयभीत’ ही ‘भय’ बेचता है क्योंकि जिसके पास जो होगा, वो वही तो बेचेगा।” उन्होंने आगे लिखा, “देश के इतिहास में ये नारा ‘निकृष्टतम-नारे’ के रूप में दर्ज होगा और उनके राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आखिरी ‘शाब्दिक कील-सा’ साबित होगा। देश और समाज के हित में उन्हें अपनी नकारात्मक नज़र और नज़रिये के साथ अपने सलाहकार भी बदल लेने चाहिए, ये उनके लिए भी हितकर साबित होगा। एक अच्छी सलाह ये है कि ‘पालें तो अच्छे विचार पालें’ और आस्तीनों को खुला रखें, साथ ही बांहों को भी, इसी में उनकी भलाई है।”   recent visitors 80

पति ने चरित्र पर उठाया सवाल तो पत्‍नी ने काट दिया प्राइवेट पार्ट

नई दिल्ली दिल्ली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पत्नी ने किसी झगड़े को लेकर अपने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया और फरार हो गई. पति ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है. हालांकि अभी तक वारदात को अंजाम देने का कारण पता नहीं लग सका है. दरअसल, मामला नॉर्थ दिल्ली के रूप नगर इलाके का है. पुलिस के मुताबिक उन्हें 1 नवंबर को एक शख्स ने फोन कर सूचना दी कि उसकी पत्नी ने उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया है. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में शख्स को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज जारी है. जानकारी के मुताबिक उसकी हालत ठीक बताई जा रही है. पुलिस फिलहाल उसके ठीक होने और लिखित शिकायत मिलने का इंतजार कर रही है. पुलिस का कहना है फिलहाल उसकी पत्नी फरार है और युवक के बयान व लिखित शिकायत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फरार महिला की तलाश की जा रही है. डाबड़ी में महिला ने अपने पति की कर दी थी हत्या बता दें कि कुछ महीने पहले दिल्ली के डाबड़ी इलाके में एक महिला ने अपने पति (husband) की हत्या करने के बाद शव को कमरे में ही छिपा दिया था और फरार हो गई थी. यह वारदात द्वारका जिले के डाबड़ी इलाके की है. यहां पत्नी ने अपने पति की हत्या कर दी और घर में बाहर से कुंडी लगाकर मौके से फरार हो गई. दिल्ली पुलिस को इस पूरी वारदात की जानकारी 20 अगस्त को तब लगी, जब पुलिस के कंट्रोल रूम में कॉल करके किसी ने बताया कि बंद घर से तेज बदबू आ रही है. इसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा खोला. घर के अंदर बुरी तरह सड़ चुकी हालत में एक शव पड़ा हुआ था. पुलिस ने जब उसकी शिनाख्त की तो पता लगा कि शव सचिन नाम के युवक का है. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू की.   recent visitors 92

भारत की बिजली खपत इस साल अक्टूबर में बढ़कर 140.47 बिलियन यूनिट हुई, 22 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी

नई दिल्ली भारत की बिजली खपत इस साल अक्टूबर में बढ़कर 140.47 बिलियन यूनिट (बीयू) हो गई, जिसमें पिछले साल के मुकाबले एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत की बिजली खपत इस साल अक्टूबर में बढ़कर 140.47 बिलियन यूनिट हुई पिछले साल इसी महीने बिजली खपत में उससे पिछले साल के मुकाबले 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। अक्टूबर 2022 में बिजली खपत 113.94 बिलियन यूनिट थी, जो अक्टूबर 2023 में बढ़कर 139.44 बिलियन यूनिट हो गई थी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों की मांग में वृद्धि के कारण बिजली की खपत में यह तेजी दर्ज हुई थी। गर्मी के कारण इस वर्ष मई में लगभग 250 गीगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर को छूने के बाद अक्टूबर में अधिकतम बिजली की मांग घटकर 219.22 गीगावाट रह गई। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने पिछले महीने जारी अपने विश्व ऊर्जा परिदृश्य में कहा, “भारत में अगले दशक में किसी भी अन्य देश की तुलना में ऊर्जा की मांग में अधिक वृद्धि होने की संभावना है, जिसका मुख्य कारण इसका आकार और सभी क्षेत्रों से बढ़ती मांग है।” रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2023 में 7.8 प्रतिशत उत्पादन वृद्धि के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था था, 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। मौजूदा नीति योजनाओं पर आधारित स्टेटेड पॉलिसीस सिनेरियो (एसटीईपीएस) में, 2035 तक लोहा और इस्पात उत्पादन में 70 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। सीमेंट उत्पादन में लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर कंडीशनर के स्टॉक में 4.5 गुना से अधिक की वृद्धि होने का अनुमान है, जिसके परिणामस्वरूप 2035 में एयर कंडीशनर से बिजली की मांग मेक्सिको की उस वर्ष की कुल अपेक्षित खपत से अधिक होगी। परिणामस्वरूप, स्टेटेड पॉलिसीस सिनेरियो (एसटीईपीएस) में 2035 तक भारत में कुल ऊर्जा मांग में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि होगी और विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग तीन गुणा होकर 1400 गीगावाट हो जाएगी। आईईए ने कहा कि अगले दशकों में भारत में ऊर्जा मिश्रण में कोयले की मजबूत स्थिति बनी रहेगी। आईईए ने आगे कहा, “कोयले से बिजली उत्पादन में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। कोयले से उत्पादन सौर पीवी से 30 प्रतिशत से अधिक बना हुआ है, जबकि एक दशक में सौर पीवी की क्षमता दोगुनी हुई है।” हालांकि, इसके साथ ही देश हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दे रहा है। पिछले महीने शुरू की गई (ट्रांसमिशन) का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट और 2032 तक 600 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा स्थापित क्षमता पैदा करना है।   recent visitors 144