बेकसूर होने के बावजूद जेल में काटे 14 साल, हाईकोर्ट ने पुलिस जांच की निंदा करते हुए कहा…

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने साल 2008 में एक शख्स की हत्या के मामले में दो महिलाओं को बरी कर दिया। हालांकि इन दो महिलाओं में से एक सूरज बाई को 14 साल तक जेल काटनी पड़ी। इसके साथी न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने निचली अदालत से अभियोजन पक्ष के गवाहों के खिलाफ झूठी गवाही और साक्ष्य देने के लिए कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। सूरज बाई पर अपनी रिश्तेदार भूरी बाई की मदद से अपने देवर की हत्या करने और शव को पेड़ से लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। अदालत ने उन्हें पिछले हफ्ते राहत दी। अदालत ने 16 अक्टूबर को दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी अपील को स्वीकार करते हुए अपने आदेश में सूरज बाई को जेल से तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया। हालांकि भूरी बाई पहले से ही जमानत पर बाहर थीं। हाईकोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने मामले को बेहद लापरवाही से लिया। निचली अदालत को यह समझना चाहिए कि वह किसी के जीवन और उसकी आजादी के बारे में फैसला कर रही है। किसी को भी कानून के ठोस सिद्धांतों के बिना सजा नहीं दी जानी चाहिए। खंडपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों को आंख मूंदकर स्वीकार करना सबूतों को परखने का उचित तरीका नहीं है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस विशाल मिश्रा की अदालत ने कहा- इस मामले में एक महिला 14 साल से जेल में है। यही नहीं दूसरी को अपने नाबालिग बच्चों के साथ जेल में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। गवाहों ने जानबूझकर गलत बयान दिया। पुलिस ने मामले की ठीक से जांच भी नहीं की। इससे अभियोजन पक्ष के गवाहों को याचिकाकर्ता महिलाओं को फंसाने का मौका मिल गया। recent visitors 79

by-election के नामांकन में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, आज बुधनी 25 को विजयपुर में पहुंचेंगे सभी बड़े नेता

भोपाल मध्य प्रदेश के दो सीटों बुधनी और विजयपुर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी पूरी दमखम के साथ उतर रही है। उपचुनाव 13 नवंबर को होने जा रहे है। जिसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। हालांकि अभी तक कैंडिडेट्स ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। कांग्रेस के उम्मीदवार 24 और 25 अक्टूबर को ही नामांकन जमा करेंगे। इस दौरान कांग्रेस रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन करेगी। जिसमे जीतू पटवारी सहित कई नेता शामिल होंगे।   बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर 25 अक्टूबर को नामांकन का आखिरी दिन है। इससे पहले गुरुवार को विजयपुर में भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत और बुधनी से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल नामांकन दाखिल करेंगे। रावत के नामांकन में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला मौजूद रहेंगे। जबकि बुधनी में पटेल का फॉर्म भरवाने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक आरिफ मसूद, सचिन यादव, रजनीश सिंह और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल सहित कई दिग्गज शामिल होंगे। गेहूं की पोटली रखकर प्रचार करेंगे पटवारी बुधनी में प्रचार के दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की गाड़ी में गेहूं और धान की पोटली रहेगी। उससे वे लोगों को संदेश देंगे कि आपके विधानसभा क्षेत्र के शिवराज सिंह चौहान देश के कृषि मंत्री बने हैं। लेकिन, उन्होंने गेहूं के दाम 2700 रुपए नहीं किए और जनता से छूट बोला है। जीतू पटवारी ने कहा है कि अगर बुधनी की जनता पूरे प्रदेश के किसानों का भला चाहती है तो इस पोटली को देखो और वोट करो। जहां तक विजयपुर का सवाल है वहां भी लोग खोटे सिक्के से सवाल पूछ रहे हैं। दोनों सीटें कांग्रेस जीतेगी। विजयपुर में दोनों पार्टियों के प्रत्याशी एक ही दिन करेंगे नामांकन कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार बुधनी से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल 24 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे। जबकि विजयपुर में कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा 25 अक्टूबर को नामांकन भरेंगे। इधर विजयपुर विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी रामनिवास रावत गुरुवार (24 अक्टूबर) को नामांकन फार्म जमा करेंगे, जबकि बुधनी विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव शुक्रवार 25 अक्टूबर को अपना नामांकन फार्म जमा करेंगे। दोनों सीटों पर नामांकन फार्म जमा करने की प्रक्रिया 18 अक्टूबर से शुरू हो गई है।    बुधनी पहुंचे ये कांग्रेसी नेता सिहोर जिले की बुधनी विधानसभा में उपचुनाव के लिए कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी राजकुमार पटेल द्वारा 24 अक्टूबर को नामांकन दाखिल किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, मप्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, मप्र विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायकगण आरिफ मसूद, सचिन यादव और रजनीश सिंह एवं पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल 24 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भोपाल से प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11.30 बजे बुधनी पहुंचेंगे। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि नेतागण गुरूवार, 24 अक्टूबर को कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल द्वारा द्वारा विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल रैली में शामिल होंगे।  recent visitors 79

ग्वालियर में कबाड़ा व्यापारी से 49000 की लूट, कारोबारी, पत्नी, बच्ची को रस्सी से बांधकर की लूटपाट

ग्वालियर ग्वालियर में एक कबाड़ा व्यापारी के घर मंगलवार – बुधवार की दरमियानी रात 3 बजे बदमाशों ने डकैती डाली। छत के रास्ते घर में घुसे बदमाशों ने पूरे परिवार को पहले तो बंधक बनाया, इसके बाद सभी को अलग-अलग कमरों में बंद कर पूरे घर में लूटपाट की। घटना ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के किशनबाग की है। यहां रहने वाले शाकिर खान के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2.30 से 3 बजे वे परिवार के साथ घर में सो रहे थे। घर में पांच नकाबपोश बदमाश घुस आए। बदमाशों ने उनके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। पत्नी रुखसार और बच्ची को भी रस्सी से बांध दिया। घर से 4 लाख रुपए कैश और गहने लूटकर ले गए। बदमाशों के जाने पर व्यापारी ने परिजनों को जानकारी दी। परिवार के लोग व्यापारी के घर पहुंचे और उन्हें, उनकी पत्नी और बच्ची की रस्सियां खोलीं। एक बदमाश ने पकड़ा, दूसरे ने कट्‌टा अड़ाया पुलिस पूछताछ में कारोबारी शाकिर खान ने बताया कि बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे थे, इस बीच वे टॉयलेट करने के लिए उठे, सबसे पहले एक बदमाश ने उन्हें पकड़ लिया। दूसरे बदमाश ने कट्‌टा अड़ा दिया। तीसरे बदमाश ने पूछा- पैसे कहां रखे हैं। डर की वजह से उन्हें बता दिया कि पैसे घर में इस जगह रखे हैं। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें, पत्नी और बच्ची को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया। शाकिर का कहना है कि जो पैसे बदमाश ले गए, वो पत्ती के उठाए थे। दिवाली के चलते कबाड़ की खरीद और बिक्री काफी तेजी से बढ़ रही थी, इसी के कारण उन्हें कबाड़ा खरीदने के लिए और भी पैसों की जरूरत थी। पुलिस बोली- मामला संदिग्ध लग रहा है, जांच की जा रही है बहोड़ापुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि थाने का बल और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पूछताछ में जो घटनाक्रम कबाड़ा कारोबारी बता रहा है, वो संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।   recent visitors 82

रणनीतिकार प्रशांत किशोर बिहार के चुनावी रण में उतर गए , स्टार प्रचारकों की सूची में पीके का नाम सबसे नीचे बना चर्चा का विषय

पटना बिहार की चार सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रशांत किशोर ने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. हालांकि इस दौरान उन्हें काफी माथापच्ची करनी पड़ी. कहीं प्रत्याशी का नाम बिहार की वोटर लिस्ट में नहीं था तो किसी प्रत्याशी ने फंड की कमी का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से मना कर दिया. फाइनली उन्होंने चारों उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया और अब जनसुराज पार्टी की ओर से स्टार प्रचारकों की लिस्ट भी जारी कर दी गई है. इस लिस्ट में भी चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने नई स्ट्रैटजी बनाई है.   जनसुराज ने चार सीटों पर होने वाले उपचुनाव में प्रचार करने के लिए 20 स्टार प्रचारक बनाए हैं. इस लिस्ट में हर वर्ग के नेता को जगह दी गई है ताकि हर वर्ग और समाज के बीच जाकर वोटरों को आकर्षित किया जा सके. इसके अलावा जो सबसे खास बात है, वो इसमें जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर का नाम सबसे आखिरी में है. पहले नंबर पर जनसुराज के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार भारती का नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर श्रीकृष्ण सिंह (SK Singh) का नाम है, जिनका वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से तरारी में पार्टी को उम्मीदवार बदलना पड़ा. स्टार प्रचारकों की लिस्ट में पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव, सीतामढ़ी के पूर्व सांसद सीताराम यादव का नाम भी शामिल है. इसके अलावा एजाज अली, दुर्गा प्रसाद सिंह, मुनाजिर हसन, यदुवंश गिरी, बसंत चौधरी, केसी सिन्हा, संतोष महतो, विनीता विजय, रामबली चंद्रवंशी, आनंद मिश्रा, सकल देव साहनी, वसीम नय्यर अंसारी, अनुराधा यादव, आजम हुसैन अनवर, सुनील कुमार सिंह उर्फ छैला बिहारी का नाम भी शामिल है. बिहार की इन चार सीटों पर होना है उपचुनाव    बिहार की जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं, भोजपुर की तरारी सीट के अलावा कैमूर जिले की रामगढ़ सीट, गया की बेलागंज और इमामगंज सीटें शामिल हैं. इन चारों सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होगी और इनके नतीजे महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव के नतीजों के साथ ही घोषित किए जाएंगे.    क्यों खाली हुई थीं ये सीटें?    बिहार की जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनके सभी विधायक लोकसभा चुनाव में सांसद चुन लिए गए हैं. तरारी से विधायक सुदामा प्रसाद आरा से, रामगढ़ से विधायक सुधाकर सिंह बक्सर से, इमामगंज से विधायक जीतनराम मांझी गया से और बेलागंज से विधायक सुरेंद्र यादव जहानाबाद से सांसद चुने गए हैं. अगर देखा जाए तो इस बार के उपचुनाव में सबसे ज्यादा महागठबंधन की साख दांव पर है क्योंकि चार में से तीन सीटों पर उसी के विधायक थे, जबकि गया की इमामगंज सीट पर एनडीए का विधायक था. उपचुनाव में महागठबंधन की ओर से 3 सीट पर आरजेडी तो एक पर भाकपा (माले) चुनाव लड़ेगी. वहीं, एनडीए से बीजेपी 2, जेडीयू और हम 1-1 सीट पर चुनाव लड़ सकती हैं.     recent visitors 98

सोशल मीडिया पर लोग ट्रूडो की विदाई पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे

ओटावा भारत के साथ जारी तनाव के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को अपने ही लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग ट्रूडो की विदाई पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रूडो ने भारत के साथ जारी राजनायिक विवाद को कूटनीतिक तौर पर हल करने के बजाय और बढ़ा दिया है जिससे एक महत्वपूर्ण साझेदार देश कनाडा से अलग हो गया है। सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा उस समय और भड़क गया जब ये खुलासा हुआ कि जस्टिन ट्रूडो के करीबी सहयोगियों ने भारत के संबंध में खुफिया जानकारी सबसे पहले एक अमेरिकी अखबार को दी थी, जबकि पुलिस ने उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के दो वरिष्ठ सहयोगी ने अमेरिका के एक समाचार पत्र को भारत से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा की थी। इनमें ट्रूडो की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नथाली ड्रूइन भी शामिल हैं। इस जानकारी में कनाडा के मामलों में भारत के 'हस्तक्षेप' का दावा किया गया। ये खुलासा एक कनाडाई अखबार ने किया है। यह जानकारी उस समय दी गई थी जब कनाडा की संघीय पुलिस ने आरोप लगाया था कि भारतीय सरकार के 'एजेंट' अपराधी गिरोहों के साथ काम करते हैं ताकि दक्षिण एशियाई लोगों, विशेष रूप से खालिस्तानी समर्थकों को निशाना बनाया जा सके। रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के आयुक्त माइक दुहेम और उनकी डिप्टी ब्रिगिट गौविन ने मीडिया से कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय सरकारी 'एजेंट' का लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के साथ संबंध है और वे कनाडा के नागरिक, खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल हैं। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पिछले साल जून में हुई थी। इसके अलावा, उन्होंने 'वसूली, धमकी और दबाव' के मामलों में भी भारत का हाथ होने का आरोप लगाया। भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज किया और इन्हें 'बेतुका आरोप' बताया। भारत ने यह भी कहा कि जब से यह आरोप लगाए गए हैं तब से कनाडाई सरकार ने भारत सरकार के साथ कोई ठोस सबूत साझा नहीं किया है, जबकि कई बार अनुरोध किया गया। कनाडाई अखबार के सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी समाचार पत्र को निर्देश दिया गया था कि वह तब तक कुछ भी रिपोर्ट न करे जब तक दुहेम और गौविन अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर लेते। बाद में समाचार पत्र ने 'कनाडाई अधिकारियों' का हवाला देते हुए रिपोर्ट प्रकाशित की, जिन्होंने निज्जर की हत्या को भारत से जोड़ा, हालांकि संघीय पुलिस ने ऐसा नहीं किया था। इससे पता चलता है कि ट्रूडो सरकार के तहत काम करने वाले बड़े कनाडाई अधिकारी गोपनीय जानकारी पुलिस के पास जाने से पहले अखबरों को दे रहे हैं। एक्स पर Kirk Lubimov नाम के एक यूजर ने अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा, "यह स्थिति स्पष्ट हो चुकी है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को थैंक्सगिविंग मंडे के दिन भारत के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी क्योंकि उनकी अपनी ही टीम के कुछ सदस्यों ने खुफिया जानकारी वॉशिंगटन पोस्ट को लीक कर दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ दिन बाद ट्रूडो ने यह स्वीकार किया कि कनाडा के पास भारत के खिलाफ आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को ट्रूडो बीच में ही छोड़कर चले गए और बाकी का काम मेलानी जोली और डॉमिनिक लेब्लांक ने संभाला।" यूजर ने आगे लिखा, "इस बीच, गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हमारे सहयोगी भारत के खिलाफ हिंसक धमकियां दी हैं। भारत उसे आतंकवादी मानता है लेकिन पन्नू ने खुद यह स्वीकार किया है कि वह ट्रूडो के ऑफिस के साथ काम कर रहा है। इसके बाद, लिबरल पार्टी ने इस मुद्दे की जांच के लिए निर्वाचित अधिकारियों की समिति बनाने का प्रस्ताव रोक दिया और भारत के हस्तक्षेप की जांच करने का प्रयास भी बाधित किया। इसी दौरान, चीन इस पूरी स्थिति को देखकर किनारे पर खड़ा हंस रहा है।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "जब पॉलिवेयर अगले चुनाव में लिबरल्स को हरा देंगे… तो यह राष्ट्रीय अवकाश होगा।" एक यूजर ने लिखा, "मैं कंजर्वेटिव पार्टी से अनुरोध करना चाहता हूं कि जब ये आदमी पार्टी से इस्तीफा दे, हार जाए या उसे पार्टी से निकाल दिया जाए और वह हमेशा के लिए राजनीति छोड़ दे तो राष्ट्रीय अवकाश घोषित करें।" एक यूजर ने लिखा, "ट्रूडो का इस स्थिति से गलत तरीके से निपटना शर्मनाक है। कोई ठोस सबूत नहीं होने के बावजूद, भारत पर आरोप लगाने में जल्दबाजी की जा रही है – फिर जांच को रोका जा रहा है? इस बीच, पन्नt जैसे वास्तविक खतरों पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। और हां, चीन को मजा आ रहा है।" recent visitors 90

मोहन सरकार सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में, राजनीतिक माहौल गर्म

mohan government preparing to bring no-confidence motion against sarpanches, political atmosphere heated मध्य प्रदेश सरकार पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान करने जा रही तीन चौथाई पंचों के हस्ताक्षर के साथ यह प्रस्ताव सरपंच की तीन साल की कार्यावधि पूरी होने पर लाया जा सकेगा।Ordinance against Sarpanch : मध्य प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। यह कदम पंचायत राज अधिनियम में संशोधन से संभव होगा। अब सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों (पंचायत सदस्यों) के हस्ताक्षर की आवश्यकता होगी और यह प्रस्ताव सरपंच का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही लाया जा सकेगा। सरकार इस नए प्रावधान को लागू करने के लिए एक अध्यादेश का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है। जिसे अगले महीने कैबिनेट में पेश किया जाएगा। ऐसी होगी अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था वर्तमान में, नगरीय निकायों के अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान है। इसी तरह का प्रावधान अब पंचायतों में भी लागू किया जाएगा। इस संशोधन में नगरीय निकायों की तरह सरपंचों के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन चौथाई पंचों का समर्थन आवश्यक होगा। साथ ही, यह प्रस्ताव केवल तब लाया जा सकेगा जब सरपंच की कार्यावधि को तीन साल पूरे हो चुके हों। चूंकि अभी विधानसभा का सत्र प्रस्तावित नहीं है, इसलिए सरकार अध्यादेश के माध्यम से यह संशोधन करेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संशोधन का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे वरिष्ठ सचिव समिति को भेजा जाएगा। इसके बाद, विधि एवं विधायी विभाग से परिमार्जन कटाने के बाद अंतिम रूप से इसे कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। लंबे समय से हो रही मांग पंचायत और ग्रामीण संगठनों की लंबे समय से यह मांग थी कि सरपंचों के खिलाफ भी नगरीय निकायों की तरह अविश्वास प्रस्ताव लाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इस मुद्दे पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल (Prahlad Singh Patel) ने संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और सहमति व्यक्त क। जिसके बाद इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की नई व्यवस्था क्या है? मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायत राज अधिनियम में संशोधन किया है। जिसके तहत सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। यह प्रस्ताव केवल तब लाया जा सकेगा जब सरपंच का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका हो। कब तक यह नया प्रावधान लागू होगा? सरकार इस नए प्रावधान को लागू करने के लिए एक अध्यादेश का मसौदा तैयार कर रही है, जिसे अगले महीने केबिनेट में पेश किया जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कितने पंचों का समर्थन आवश्यक है? अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों (पंचायत सदस्यों) का समर्थन आवश्यक होगा। यह व्यवस्था कब से मांग की जा रही थी? यह व्यवस्था पंचायत और ग्रामीण संगठनों द्वारा लवे समय से मांगी जा रही थी, ताकि सरपंचों के खिलाफ भी नगटीय निकायों के समान अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार हो। क्या यह संशोधन विधानसभा में पेश होगा? 2 वर्तमान में विधानसभा का सत्र प्रस्तावित नहीं है, इसलिए यह संशोधन अध्यादेश के माध्यम से किया जाएगा। विधि एवं विधायी विभाग के परिमार्जन के बाद इसे कैविनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। recent visitors 196

बुधनी में नाराजगी नहीं: VD शर्मा का बयान, मंत्री राकेश शुक्ला बोले- पीड़ा कहना नाराजगी नहीं

No resentment in Budhni: VD Sharma’s statement on opposition to BJP candidate भोपाल। बुधनी विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव का विरोध होने पर बवाल मच गया। कांग्रेस इसे लेकर अब सत्ता पक्ष पर तंज कस रही है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस नाराजगी को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि बुधनी में कोई नाराजगी नहीं हैं। बीजेपी में कभी ऐसा नहीं हुआ। शिवराज सिंह जी के नेतृत्व में बुधनी लगातार जीतते आए हैं। बुधनी के साथ विजयपुर भारी बहुमत से जीत रहे हैं। 24 को विजयपुर और 25 अक्टूबर को बुधनी का नामांकन है। बुधनी और विजयपुर के लिए हम तैयार हैं। विजय का इतिहास भारतीय जनता पार्टी बनाएगी। गरीब कल्याण की योजना और हमारे विकास का काम ये हमारी ताकत है। विधानसभा उपचुनाव को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि BJP हर जगह षड्यंत्र करने की कोशिश कर रही है। चाहे वो कुछ भी कर लें, दोनों ही सीटों पर कांग्रेस जीत रही है। कांग्रेस ईमानदारी के साथ इन सीटों पर जीत कर आएगी। जनता सब कुछ जानती है और वो उन्हें जवाब भी देगी। बुधनी में BJP की खुद की पार्टी के लोग उनका विरोध कर रहे हैं। वहां खुद अंदरूनी तौर पर षड्यंत्र चल रहा है। अपनी पीड़ा को कहना नाराज़गी नहीं होती: मंत्री राकेश शुक्ला पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के बयान पर मंत्री राकेश शुक्ला ने पलटवार किया है। उपचुनाव पर कांग्रेस के दावों पर उन्होंने कहा कि रामनिवास नामांकन भरेंगे और मुख्यमंत्री भी जा रहे हैं। हम भी जाएंगे। यहां पर लगातार प्रवास होते रहे हैं और वरिष्ठ नेता भी रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी विजयपुर विधानसभा से रामनिवास रावत प्रचंड बहुमत से जीतकर आ रहे हैं। वहीं बुधनी में विरोध के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अपनी पीड़ा को कहना नाराज़गी नहीं होती। पीड़ा उन्होंने अपनी कही है। नेताओं के सामने पीड़ा कहने का अधिकार सबको है। हम सभी लोग मिलकर काम करेंगे और एक साथ मिलकर काम करेंगे तो जीतेंगे।जीतू पटवारी और कांग्रेस क्या कहती है, हमें इस पर नहीं जाना। संगठन और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हम जीत रहे हैं। recent visitors 141