Wednesday, July 8, 2026 7:47 am

सुशील कुमार शिंदे के फैसले ने सबको चौंका दिया, वोटिंग के बीच सुशील कुमार शिंदे का निर्दलीय को समर्थन

सोलापुर महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की वोटिंग के बीच बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कांग्रेस के सीनियर नेता सुशील कुमार शिंदे और उनकी बेटी प्रणीति शिंदे ने सोलापुर दक्षिण सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार धर्मराज कडाड़ी को समर्थन कर दिया है। यहां से उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने उम्मीदवार उतारा था, जो कांग्रेस के साथ महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में सुशील कुमार शिंदे के फैसले ने सबको चौंका दिया है। अब देखना होगा कि इस सीट पर उनके समर्थन का क्या असर दिखता है। सुशील कुमार शिंदे वोट डालने पहुंचे थे और जब बूथ से बेटी के साथ बाहर आए तो उन्होंने निर्दलीय कैंडिडेट के समर्थन का ऐलान कर दिया। अपने स्टैंड के बारे में जानकारी देते हुए सुशील कुमार शिंदे ने कहा, 'मेरा भरोसा है कि धर्मराज कडाड़ी एक अच्छे उम्मीदवार हैं और क्षेत्र के भविष्य के लिए ठीक रहेंगे। शुरुआत में दिलीप माने को कांग्रेस से मौका मिलता दिख रहा था, लेकिन उन्हें AB फॉर्म नहीं मिला। ऐसे में अब हमने धर्मराज के ही समर्थन का फैसला लिया है।' इससे पहले भी शिंदे ने इस सीट को उद्धव सेना के खाते में देने पर हैरानी जताई थी। उनका कहना था कि यहां कांग्रेस का मजबूत जनाधार रहा है। ऐसे में उद्धव सेना के खाते में इस सीट का जाना गलत है। देश के पूर्व होम मिनिस्टर सुशील कुमार शिंदे ने कहा था, 'यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है। मैं यहां से चुना जा चुका हूं और महाराष्ट्र के सीएम के तौर पर काम करने का मौका मिला था। शिवसेना ने जल्दबाजी में यहां से अमर पाटिल को उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन यहां से उनका दावा बनता नहीं है। कांग्रेस ने यह सीट लगातार अपने पास रखी है और उसे जीत मिलती रही है। ऐसे में शिवसेना के खाते में यह सीट देना समझ से परे है।' वहीं उनकी बेटी प्रणीति ने भी पिता की बात को ही सही करार दिया था। शिंदे का कहना था कि सोलापुर साउथ सीट ऐतिहासिक तौर पर कांग्रेस के पास ही रही है। प्रणीति ने कहा कि यहां तो कांग्रेस का गढ़ रहा है और सीएम तक यहां से जीतकर बने हैं। हम अब तक यहां से अघाड़ी धर्म निभा रहे थे। लेकिन यहां पंढरपुर की तरह फ्रेंडली मुकाबला संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में हमने निर्दलीय कैंडिडेट का ही समर्थन करने का फैसला लिया। recent visitors 141

भाड़े के शिक्षक मामले में सियासत तेज, उमंग सिंघार बोले- ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की…’

Politics intensifies in the case of hired teachers, Umang Singhar said – ‘Double engine is used in schools also…’ सागर ! मझेरा गांव भाड़े के शिक्षक रखने के मामले में सुर्खियों में आ गया है. दरअसल, मझेरा गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल के शिक्षक ने अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए किराए पर शिक्षिका रख ली. मामला उजागर होने के बाद से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, सरकार पर जमकर हमलावर है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स ट्वीट कर लिखा कि- मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सोशल मीडिया के एक्स पर कांग्रेस के अधिकृत अकाउंट से ट्वीट किया गया कि- मास्टर जी ने केंद्रीय मंत्री की सेवा चाकरी और जी हजूरी कर ली, फिर बच्चों का भविष्य बर्बाद हो तो भी परवाह किसे? मध्यप्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है. सत्ता के संरक्षण में शिक्षक पढ़ाने नहीं जाते. मोटी तनख्वाह वसूल रहे शिक्षक एवजी पर 3 हजार के मजदूर शिक्षक भेज देते हैं. मगर भारतीय जनता पार्टी सरकार को बच्चियों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता की कोई चिंता नहीं है. ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार’ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि लगता है प्रदेश के स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार चल रही. सागर जिले के ग्रामीण इलाके मझेरा के स्कूल का असल शिक्षक इंद्र विक्रम, मंत्री वीरेन्द्र खटीक का मुंह लगा है. इस शिक्षक ने अपनी जगह स्कूल में एवजी शिक्षक ममता को तीन हजार रुपए महीने पर नौकरी पर रख लिया, वो इनकी जगह क्लास लेती है और ये मंत्री के हाथों खीर खाते हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघा ने लिखा कि मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सिर्फ यही नहीं प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में ऐसे एवजी शिक्षक पढ़ा रहे हैं. राजनीतिक संरक्षण वाले शिक्षकों ने एवजियों को पढ़ाने का काम सौंप दिया और खुद राजनीति करते हैं. अब देखना है कि सागर जिले के शिक्षक इंद्र विक्रम पर सरकार क्या कार्रवाई करती है. शिक्षक का 40 हजार रुपए वेतन मझेरा गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक इंद्र विक्रम सिंह परमार उर्फ वट्टू राजा का 40 हजार रुपए वेतन है, जबकि उन्होंने 3000 रुपए महीने में ममता नामक महिला को पढ़ाने के लिए रख रखा है, वह एक साल से इस स्कूल में पढ़ा रही हैं. इधर इस मामले में प्रधानाध्यापक धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि कई बार मना किया, फिर भी ममता स्कूल आ रही हैं. उपस्थिति रजिस्टर में लाइन खींच दी, फिर भी इंद्र महीने में एक बार आकर हस्ताक्षर कर रहे हैं. वहीं शिक्षक इंद्र का कहना है कि सुबह-शाम केंद्रीय मंत्री के साथ समय व्यतीत करता हूं. दिन में स्कूल जाता हूं. कभी-कभी नहीं जा पाता, वह अलग बात है. बता दें यह केवल एक स्कूल का हाल नहीं है, बल्कि सागर जिले के ही बिलहरा के बंजरिया, भलैयां, रेहटी, कजरई के अलावा नर्मदापुरम के खोकसर के स्कूलों में भी यही हाल है. यहां 40 से 80 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले शिक्षकों ने किराए के शिक्षक रख रखे हैं. recent visitors 121

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल बोले- राज्य के युवाओं को मिलेगा लाभ, पीजी कोर्स करने के लिए नहीं जाना होगा राज्य के बाहर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं मे विस्तार और युवाओं के लिए राज्य में ही मेडिकल शिक्षा की सुविधा को लेकर काफी संवेदनशील हैं। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्व. लखीराम मेमोरियल शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में पीजी के तीन नए कोर्स को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंजूरी दे दी है। राज्य शासन के द्वारा नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दिए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि सीटों में वृद्धि से राज्य में एमबीबीएस पास करने वाले मेडिकल के छात्रों को लाभ मिलेगा। राज्य में ही पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश की संभावना बढ?े से छात्रों को राज्य में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। इससे न सिर्फ मेडिकल में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि राज्य को अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिलेंगे। राज्य शासन की तरफ से स्व. लखीराम मेमोरियल शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में पीजी के तीन नए  पाठ्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी दी गयी है।चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इस आशय का इशेंसियेलिटी सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया है। नए कोर्स में एम.एस. जनरल सर्जरी के लिए 7 सीट, एम.डी.पीडियाट्रिक्स के लिए 4 सीट और एम.डी.जनरल मेडिसिन के लिए 5 सीटों की अनुमति प्रदान की गई है। recent visitors 66

सेना में भर्ती होने के लिए एक युवक रोडवेज बस की डिक्की में बैठकर सफर करता हुआ नजर आया

पिथौरागढ़ सेना में भर्ती होने के लिए एक युवक रोडवेज बस की डिक्की में बैठकर सफर करता हुआ नजर आया। ये वीडियो अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है वीडियो पिथौरागढ़ जा रही उत्तराखंड रोडवेज बस का है, जहां प्रादेशिक सेना की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के अन्य राज्यों के युवा हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। बस की कमी के चलते युवा किसी भी तरह सफर करते हुए पिथौरागढ़ पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पूर्व में हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन पर भी युवा हंगामा कर चुके हैं। ​​तब जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने युवाओं को प्राइवेट और सरकारी बसों से भेजने की व्यवस्था की। ​तब भी सैकड़ों की संख्या में युवा बसों का इंतजार करते नजर आए। पिथौरागढ़ में 12 नवंबर से 27 नवंबर तक प्रादेशिक सेना की भर्ती आयोजित हो रही है। इस बीच एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें हल्द्वानी से पिथौरागढ़ अभ्यार्थियों को लेकर जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की पिथौरागढ़ डिपो की बस में एक युवक बस में सीट न मिलने पर अपनी जान जोखिम में डालकर बस की डिक्की में बैठ फौज की भर्ती में शामिल होने जा रहा है। बता दें कि बस की पिछली तरफ इस डिक्की का प्रयोग सामान रखने के लिए किया जाता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि डिग्गी का दरवाजा खुला है और युवक डिग्गी में बैठा हुआ है जबकि गाड़ी पहाड़ी रास्ते में दौड़ती हुई दिख रही है। बीते दिनों अल्मोड़ा में हुए बस हादसे में 36 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद से बसों की सघन चेकिंग और ओवरलोड़िंग को लेकर अभियान चलाया जा रहा है।  इस बीच बस में युवक पीछे डिग्गी में कैसे बैठ गया इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की और से अपील जारी की गई है कि उत्तर प्रदेश के जो भी अभ्यर्थी प्रादेशिक सेना की भर्ती में पिथौरागढ़ नहीं पहुंच पाए हैं, तो उनके लिए बिहार के दानापुर में 26 नवंबर से 01 दिसंबर तक भर्ती का आयोजन किया जा रहा है।   recent visitors 49

बिलासपुर कोनी में संपन्न हुआ सहकार भारती प्रांतीय अधिवेशन

बिलासपुर/रायपुर छत्तीसगढ़ सहकार भारती का प्रांतीय अधिवेशन 15-16 नवंम्बर को बिलासपुर के कोनी स्थित स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल स्मृति सभा गृह में सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदयजोशी के मुख्य अतिथि में संपन्न हुआ। राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी ने सहकार भारती के कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में काम करनें कि छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं है। सहकारिता के बढ़ते काम काज को देखते हुए केंद्र सरकार ने अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया है। इस मंत्रालय की जिम्मेदारी देश के गृह मंत्री अमित शाह को दिया गया है। इस दौरान सहकार भारती के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री व राष्ट्रीय कार्य कार्यकारणी सदस्य विष्णु बोबड़े व प्रदेश अध्यक्ष वेद राम वर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम के पहले दिन सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदयजोशी की अध्यक्षता में प्रांतीय पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसमें पिछले तीन साल काम काज की समीक्षा हुई। इसके बीच सहकार भारती को प्रदेश में कैसे बढ़ाया जाये इस पर विचार मंथन किया गया। प्रथम सत्र की शुरूआत सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष वेद राम वर्मा ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री व राष्ट्रीय कार्य कार्यकारणी सदस्य विष्णु बोबड़े ने प्रदेश भर से आये सहकार भारती के कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल बड़े-बड़े काम सहकारिता के माध्यम से हो रहा है। इसलिए सहकारिता का महत्त्व और बढ़ गया है। आप लोग भी लोगों के लिये आगे बढ़ कर काम करें। दूसरे सत्र में प्रदेश सहकार भारती के नये पदाधिकारियों का निर्वाचन हुआ। इसकी घोषणा राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी ने की। जिसमें प्रदेश सहकार भारती नये अध्यक्ष के रूप में राधेश्याम चंद्रवंशी व महांमत्री के रूप में कनीराम नंदेश्वर का चयन किया गया। इसके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में अशोक कुमार दीवान (रायपुर) संत्येन्द्र शर्मा बिलासपुर, प्रदेश मंत्री मनोज तिवारी, डॉ. जया द्धिवेदी, कोषाध्यक्ष, रामप्रकाश केशरवानी, मछुआ प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक नरेश मल्लाह, गन्ना प्रकोष्ठ, के संयोजक चिन्मयं गोस्वामी को नियुक्त किया गया। वहीं सहकार भारती के प्रदेश संरक्षक के रूप में वेदराम वर्मा के नाम की घोषणा की गई। श्री जोशी ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने भी सहकारिता मंत्रालय बनाया है। जिसकी जिम्मेदारी केदार कश्यप को दी गयी है। आजकल बड़ा से बड़ा काम सहकारिता के माध्यम से हो रहा है। इसका सबसे बडा उदारहण धान खरीदी है। आज सहकारिता के क्षेत्र में युवाओं को आगें आने की जरूरत है। श्री जोशी ने कहा कि सहकारिता का मुख्य उद्देश्य समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसे सुविधाएँ उपलब्ध करना होता है। सहकार भारती की यह धारणा है कि समाज के दलित, शोषित और असंगठित समाज को स्थायी रूप से आर्थिक विकास के विभिन्न संशसाधनों में सहकारिता की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। सबके साथ मिलकर काम करने की भावना ही सहकारिता है। आज देश भर में 28 प्रदेशों व 650 से अधिक जिला केन्द्रों में आज सहकार भारती काम कर रही है। विशेष अतिथि के रूप में इंन्दिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल ने कहा कि सहकार भारती के अधिवेशन में आकर मैं गौरन्वावित महसूस कर रहा हूँ। सहकारिता आज सभी क्षेत्रों में काम कर रही है। विशेष अतिथि त्रिलोक श्रीवास नें सहकार भारती के कार्यकतार्ओं को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि सहकारिता का क्षेत्र बहुत व्यापक है। इस अधिवेशन में प्रदेश भर से आए सहकार भारती के कार्यकर्ता व पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। इसमें प्रमुख रूप से सहकार भारती के राष्ट्रीय महिला प्रमुख शताब्दी पांडेय, बंसत ठाकुर, रामकुमार श्रीवाश, गणेश राम साहू प्रशांत तिवारी, शामिल थे। recent visitors 107

एचपीटीडीसी की 18 आतिथ्य इकाइयों को बंद करने का दिया आदेश: हिमाचल हाईकोर्ट

शिमला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की 18 आतिथ्य इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इन इकाइयों को सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाला ‘सफेद हाथी’ करार दिया है। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने एचपीटीडीसी कर्मचारियों द्वारा दायर एक सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि बार-बार अदालती हस्तक्षेप और विस्तृत निर्देशों के बावजूद निगम इन परिसंपत्तियों को पुनर्जीवित करने या उन्हें लाभकारी बनाने में विफल रहा है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक संसाधनों को ऐसे उपक्रमों पर बर्बाद नहीं किया जा सकता जो लगातार वित्तीय रूप से घाटे में चल रहे हैं। चैल में प्रतिष्ठित पैलेस होटल, धर्मशाला में होटल धौलाधार और मनाली में होटल लॉग हट्स सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों की 18 संपत्तियों में पिछले कुछ वर्षों में आश्चर्यजनक रूप से होटलों के अधिकतर कमरे खाली पड़े रहे। अदालत ने एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक को 25 नवंबर तक इन इकाइयों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया, और अनुपालन के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा, रखरखाव के लिए केवल आवश्यक कर्मचारियों को ही रखा जाएगा, जबकि बाकी को अन्य कार्यशील इकाइयों में जनशक्ति की कमी को दूर करने के लिए फिर से तैनात किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने एक अलग मामले में दिल्ली में स्थित हिमाचल भवन को भी जब्त करने का आदेश दिया है। जिससे एक बिजली कंपनी को नीलामी के माध्यम से अपना बकाया वसूलने की अनुमति दी गयी है।   recent visitors 68

विजय शर्मा बोले- मार्च 2026 का यह दिन बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए आजादी का दिन होगा

बीजापुर छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा आज राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के साथ एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचे। उन्होंने बस्तर ओलंपिक खेलकूद के आयोजन में युवा खिलाडियों से मुलाकात की। गृह मंत्री विजय शर्मा बीजापुर के मिनी स्टेडियम में चल रहे बस्तर ओलंपिक में पहुंचे। इस दौरान वे बीजापुर की प्रसिद्ध मद्देड़ बाजा की धुन पर थिरकते हुए भी नजर आए। पुलिस विभाग की टीम की ओर से रस्सा कस्सी में भी हिस्सा लिया और अपनी टीम को जीत भी दिलाई। वहीं उन्होंने जिले में संचालित स्पोर्ट्स अकादमी और खिलाडियों की तारीफ करते हुए कहा कि यही वह युवा हैं जो आने वाले समय में बीजापुर को देश दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे। गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन के दौरान नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मार्च 2026  का दिन भले ही दूसरों के लिए आम दिन हो सकता है, लेकिन यह दिन बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए आजादी का दिन होगा क्योंकि इस दिन बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने तेलंगाना सरकार की मंत्री सीतक्का का उदाहरण देते हुए युवाओं से कहा कि सीतक्का भी पहले बस्तर के जंगलों में नक्सलियों के साथ बंदूक लेकर घूमती थी। बाद में उन्हें समझ में आया कि यह सही रास्ता नहीं है, इसीलिए उन्होंने चुनाव लड़ा और विधायक बनी। इस समय वे तेलंगाना सरकार में मंत्री हैं और लोगों के लिए विकास के काम ही नहीं बल्कि हर तरह के काम कर रही है। उन्होने कहा कि चीन की विचारधारा चीन में ही विफल हो गई है तो बस्तर में कैसे सफल हो पाएगा? बस्तर में सड़कों का विरोध, पुल-पुलियों का विरोध, स्कूल भवनों का विरोध और स्कूल भवनों को बम में उड़ाना, ये सारी चीजें बंद होनी चाहिए और बस्तर में शांति स्थापित होना चाहिए। इसीलिए आने वाला समय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मनसा अनुसार मार्च 2026 बस्तर की आजादी का दिन होगा। recent visitors 118