Wednesday, July 8, 2026 2:33 am

संजय सिंह ने दावा किया है कि बीजेपी ने मेरी ही पत्नी का नाम वोटर्स लिस्ट से कटवाने का आवेदन दिया

नई दिल्ली आम आमदी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगा दिया है। उन्होंने दावा किया है कि बीजेपी ने नई दिल्ली विधानसभा सीट से उन्ही की पत्नी का नाम वोटर्स लिस्ट से कटवाने का आवेदन दिया है। उनका दावा है कि ऐसा एक नहीं बल्कि दो-दो बार किया गया है। संजय सिंह ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, पिछले दिनों मैंने राज्यसभा में पूर्वांचली भाई बहनों के वोट काटे जाने का मुद्दा उठाया था। मैंने उन लोगों के नाम पर पढ़कर भी सुनाए थे। इससे बीजेपी इतनी बौखला गई कि उसने सोचा कि पहले संजय सिंह को ही सबक सिखाते हैं। उन्होंने कहा, नई दिल्ली विधानसभा सीट से मेरी पत्नी का वोट कटवाने के लिए आवेदन दिया गया है और ऐसा एक नहीं बल्कि दो बार हुआ है। यानी दो बार आवेदन दिए गए हैं। recent visitors 104

संभल: मंदिर और शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे, अब अखिलेश ने कहा-सीएम आवास के नीचे भी शिवलिंग, खुदाई कराएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंदिर खोजने और खुदाई का मामला छाया हुआ है। संभल के बाद से शहर-शहर नए मंदिर मिल रहे हैं और जगह-जगह मंदिर और शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे हैं। इन दावों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक दावा कर दिया है। अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया कि लखनऊ में सीएम योगी जिस मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं उसके नीचे भी शिवलिंग है। अखिलेश ने उसकी भी खुदाई की मांग कर दी। अखिलेश यादव सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के नीचे शिवलिंग है। यह हमारी जानकारी है। इसकी भी खुदाई होनी चाहिए। अखिलेश यादव के इस दावे के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अखिलेश इससे पहले भी संभल में हो रही खुदाई को लेकर निशाना साध चुके हैं। अब मुख्यमंत्री आवास की खुदाई कराने की मांग के पीछे की उनकी रणनीति और मंशा को सीधे संभल में चल रही खुदाई से जोड़ा जा रहा है। संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद से प्रशासन मुस्लिम इलाकों में लगातार बिजली चोरी और मंदिर के जीर्णोद्वार कराने में जुटा है। यहां पर कई पुराने कुओं को दोबारा खुदाई कर नया जीवन दिया जा रहा है। जमीन के अंदर चली गईं बावड़ियों पर भी खुदाई चल रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि मैं जब नए घर में जा रहा था तो पीआईएल हुआ थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों के पीआईएल करने वालों को मैं जानता हूं। अखिलेश यादव ने अवैध अतिक्रमण बुलडोजर एक्शन को लेकर राजभवन के बाहर हुए कंस्ट्रक्शन का मामला उठाया। पूछा कि उसका नक्शा क्या पास है? वहां बुलडोज़र कब जाएगा? अखिलेश यादव पिछले कुछ दिनों से प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ की तैयारियों को लेकर चल रही अव्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। एक्स पर इसे लेकर कई वीडियो पोस्ट किए हैं। इसे लेकर अखिलेश ने कहा कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं पर मुकदमे लगे तो कुम्भ मेले में अव्यवस्था की पूरी पोल खोल देंगे। वहीं सीएम योगी का दिल्ली जाकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित साह समेत तमाम लोगों को कुंभ का न्योता देने पर भी अखिलेश ने सवाल खड़ा किया। अखिलेश ने कहा कि कुंभ मे आने का किसी को आमंत्रण नहीं दिया जाता है। लोग स्वयं कुंभ मे आते है। अखिलेश ने कहा कि सरकार ने गंगा एक्सप्रेस वे कुंभ से पहले शुरू होने की बात कही थी, लेकिन कहां यह चालू हुआ। अखिलेश ने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाया और कहा कि यहां ईवीएम के कारण हारने वाले को हार का और जीतने वाले को जीत का विश्वास नहीं होता है। इसलिए हम मांग करते हैं कि बैलेट से ही चुनाव कराया जाए। recent visitors 50

औढेरा से मालाचुआ शाहपुर प्रधानमंत्री सड़क चढ रही भ्रष्टाचार की भेंट

उमरिया उमरिया बिरसिंहपुर पाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत औढेरा से शाहपुर मार्ग पर बंन रही सड़क की गुणवत्ता को लेकर गांव वालों ने कई बार जनपद से लेकर जिला तक शिकायत पहुंचा लेकिन अभी तक नहीं हुई कोई कार्रवाई ग्रामीणों ने ठेकेदार व इंजीनियर को सड़क खोद कर दिखाया गुणवत्ता की तस्वीर बिरसिंहपुर पाली ब्लांक के ग्राम औढेरा से शाहपुर के बीच 12 किलोमीटर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत घटिया सड़क निर्माण को लेकर लोगों ने मोर्चा खोल दिया है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क निर्माण में ठेकेदार द्वारा भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है ग्रामीणों का आरोप है कि यह सड़क में कम डामर डाला गया एवं बेलन नहीं चलाया जा रहा है जिससे कम समय में ही सड़क खराब हो जाती है न हीं ठेकेदार द्वारा सड़क की गुणवत्ता में सुधार न करने से परेशान नागरिक ने इसकी शिकायत जिला पंचायत जनपद सदस्य सेभी की जब जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा निर्माण अधीन सड़क को देखा तो वह वहां की गुणवत्ता हीन काम देखकर खुद दंग रह गए और सड़क का काम गुणवत्ता हीन तो बनी ही लेकिन सड़क पर दोनों साईड में मिट्टी भराई कार्य भी बिना लीज के व कृषि कार्य हेतु ट्रेक्टर से वो भी विना नम्बर की गाड़ी से कराया गया जो नियम के विरुद्ध है recent visitors 24

गरियाबंद में एक बड़ा हादसा टला, पैरावट में लगी आग, दमकल की तत्परता से पाया काबू

 गरियाबंद जिले के नगर पंचायत कोपरा पैरी नगर में रविवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया. किराना व्यवसायी महेश साहू के घर के बाड़ी में रखे पैरावट में अचानक आग लग गई. आग की लपटें इतनी तेज थी कि आसपास के घरों तक पहुंचने का खतरा था. हालांकि, समाजसेवी की सूझबूझ और पुलिस-दमकल विभाग की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया. घटना की जानकारी सबसे पहले समाजसेवी गोरेलाल सिन्हा ने गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक राखेचा को दी. सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना, फायर ब्रिगेड और अन्य बचाव दलों को मौके पर भेजा. दमकल की त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दो दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया. फायर ब्रिगेड की टीम ने पूरी मेहनत और तत्परता के साथ स्थिति को नियंत्रित किया. नगरवासियों ने पुलिस अधीक्षक और दमकल कर्मियों की सराहना की, जिनकी तत्परता से बड़ा हादसा टल गया. नगर पंचायत की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल घटना के दौरान नगर पंचायत कोपरा के सीएमओ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद था. बाद में पता चला कि वे नगर से बाहर थे और किसी को जानकारी दिए बिना चले गए थे. नगर में ऐसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए किसी स्थायी या अस्थायी व्यवस्था का न होना बड़ी समस्या बन गया. नाराज नगरवासी नगरवासियों ने सीएमओ की गैरजिम्मेदारी पर नाराजगी व्यक्त की. उनका कहना है कि नगर पंचायत में आपातकालीन स्थितियों के लिए कोई तैयारी नहीं है. यह घटना नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोलती है. यह घटना पुलिस और फायर ब्रिगेड की सक्रियता और जनता की सूझबूझ का उदाहरण है, लेकिन नगर पंचायत की लापरवाही भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे सकती है. नगरवासियों ने इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की मांग की है. recent visitors 32

अंतर्राष्ट्रीय कबड्‌डी स्टार पद्मश्री अजय ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय कबड्‌डी से लिया संन्यास, मेलबोर्न में की घोषणा

नालागढ़ नालागढ़ के दभोटा गांव के अंतर्राष्ट्रीय कबड्‌डी स्टार पद्मश्री अजय ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय कबड्‌डी से संन्यास ले लिया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न में कबड्‌डी प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने संन्यास की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह अब काफी कबड्‌डी खेल चुके हैं। देश में अब काफी युवा प्लेयर आ गए हैं जो उनसे काफी अच्छी कबड्‌डी खेलते हैं। उन्हें आगे आने का मौका मिलेगा। वैसे भी उनकी शरीर में कई इंजरी हैं जिसके चलते वह अपना खेल आगे जारी नहीं रख पाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रेडर के रूप में कमाया काफी नाम अजय ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रेडर के रूप में काफी नाम कमाया है। वह इंडिया के कप्तान भी रहे। हिमाचल सरकार ने अर्जुन अवार्ड तथा भारत सरकार ने पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया है। हिमाचल सरकार ने उन्हें पुलिस में डीएसपी पद भी दिया है। वर्तमान में वह ऊना में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं। सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट अजय ठाकुर मेलबार्न में ऑस्ट्रेलिया सरकार की ओर से आयोजित कबड्‌डी प्रतियोगिता में भाग लेने गए थे। यहां वह कप्तान के रूप में खेल रहे थे। शनिवार को मैच खेलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट डाली है। अजय ठाकुर ने दभोटा में कोहिनूर स्पोर्ट्स कबड्‌डी अकादमी खोली है जिसमें युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं। recent visitors 198

स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया, खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया। उन्होंने कई सरकारी योजनाओं और खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया। अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, “इस सर्दी के मौसम में पूरे देश में खेल और फिटनेस से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। मुझे खुशी है कि लोग अपनी दिनचर्या में फिटनेस को शामिल कर रहे हैं।” उन्होंने देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह की चर्चा करते हुए कश्मीर में स्कीइंग और गुजरात में पतंगबाजी जैसे उदाहरण दिए। साथ ही, ‘संडे ऑन साइकिल’ और ‘साइकिलिंग ट्यूजडे’ जैसे अभियानों की तारीफ की, जो साइकिलिंग को फिटनेस का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक नई क्रांति बताया। यह इलाका पहले माओवाद से प्रभावित था, लेकिन अब खेलों के माध्यम से एक नई ऊर्जा पा रहा है। उन्होंने कहा, “बस्तर ओलंपिक के जरिए बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि यह सपना साकार हुआ। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर ‘जंगली भैंसा’ और ‘पहाड़ी मैना’ बस्तर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। इस महाकुंभ का मंत्र है ‘करसे ता बस्तर, बरसे ता बस्तर,’ यानी बस्तर खेलेगा, बस्तर जीतेगा।” पीएम मोदी ने बताया कि इस आयोजन में सात जिलों से 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने इसे युवाओं के संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानी बताया। बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल थे, जिनमें युवाओं ने अपना हुनर दिखाया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के प्रेरणादायक प्रतिभागियों की कहानियां भी साझा की। जैसे – तीरंदाजी में सिल्वर मेडल विजेता करी कश्यप, जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल विजेता पायल कवासी, और सुकमा के व्हीलचेयर रेसर पूनम सन्ना, जिन्होंने नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर मेडल जीते। इसके अलावा कोडागांव की तीरंदाज रंजू सोरी को ‘बस्तर यूथ आइकन’ के रूप में चुना गया। पीएम मोदी ने कहा, “बस्तर ओलंपिक सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह विकास और खेलों का संगम है, जहां हमारे युवा अपना टैलेंट निखार रहे हैं और नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ का संदेश दें और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो प्रमुख उपलब्धियों पर जोर दिया, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं। उन्होंने कहा, “ये दोनों उपलब्धियां स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली हैं। पहली है मलेरिया के खिलाफ हमारी लड़ाई, जो इंसानियत के लिए 4000 साल से एक बड़ी चुनौती रही है। आजादी के समय मलेरिया हमारे लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक था। यह उन बीमारियों में तीसरे स्थान पर था जो एक महीने से पांच साल तक के बच्चों की जान लेती थी। लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत ने इस चुनौती को सामूहिक रूप से और मजबूती से हराया है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2015 से 2023 के बीच भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि सबके योगदान का नतीजा है। देश के हर कोने से लोगों ने इसमें भाग लिया।” उन्होंने बताया कि कैसे असम के जोरहाट में चाय बागान के मजदूरों ने तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मलेरिया से लड़ाई लड़ी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क नाटक और रेडियो संदेशों के माध्यम से मच्छरों के पनपने से बचने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कैंसर के इलाज में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने मेडिकल जर्नल द लांसेट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “भारत में कैंसर का समय पर इलाज शुरू होने की संभावना काफी बढ़ गई है। आयुष्मान भारत योजना की मदद से 90% कैंसर मरीज समय पर इलाज शुरू कर पा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पहले गरीब मरीज आर्थिक कठिनाइयों के कारण कैंसर की जांच और इलाज कराने से बचते थे। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना उनके लिए सहारा बन गई है, जिसने कैंसर के इलाज में वित्तीय बाधाओं को कम किया है और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कैंसर से लड़ने का केवल एक मंत्र है – जागरूकता, कार्रवाई, और विश्वास। जागरूकता का मतलब है कैंसर और उसके लक्षणों को समझना। कार्रवाई का मतलब है समय पर जांच और इलाज, और विश्वास का मतलब है यह भरोसा कि मरीजों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध है।”   recent visitors 137

मध्यप्रदेश शासन मोदी और अमित शाह के हवाले, सीएम मोहन बने कठपूतली, सभी नेताओं को किया दरकिनार

मध्य प्रदेश में जिला अध्यक्षों के नामों पर रायशुमारी लगभग पूरी होने को है। वहीं दिल्ली में भी संगठन पर्व को लेकर आज रविवार से दो दिवसीय बैठकों का दौर शुरू हो गया है। राष्ट्रीय स्तर पर हो रही इन बैठकों में राज्यवार संगठन चुनावों की प्रगति और स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक ही नीतिगत निर्णय लिए जाने हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक में जिला अध्यक्षों को लेकर नई गाइडलाइन तय की जा सकती है। वहीं इस बार जिला अध्यक्षों के रूप में कई महिला चेहरे भी कमान संभाल सकते हैं। बता दें कि दिल्ली बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद, प्रदेश चुनाव प्रभारी समेत प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी शामिल हुए हैं। दरअसल, संगठन में एक बड़ा तबका ऐसा है जो मांग कर रहा है कि जो 5 साल तक जिला अध्यक्ष पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं, उन जिला अध्यक्षों को रिपीट नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि नए चेहरों को जिला अध्यक्ष होने का अवसर मिलना चाहिए। इधर कुछ जिलाध्यक्ष चाहते हैं कि कुछ व्यक्तियों को जिला अध्यक्ष के रूप में दोबारा मौका दिया जाना चाहिए। इस तबके का तर्क है कि ये वे चेहरे हैं, जिनके नेतृत्व में पार्टी को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बड़ी सफलता मिली है, उनका कार्यकाल निर्विवाद और उपलब्धियों भरा रहा है तो उन्हें दोबारा मौका मिलना चाहिए। जिला अध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा दो तबकों में बंट गई है। वहीं मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं का कहना है कि इस मसले पर फिलहाल कोई स्पष्ट नीति नहीं हैं। उनका कहना है कि ये मसला अब राष्ट्रीय स्तर की बैठक में ही स्पष्ट होगा। नई नीति बनी तो नए चेहरे सामने आ सकते हैं या चुनावों में भाजपा की भारी सफलता का श्रेय लेने वालों को ही दोबारा मौका मिल सकता है। बता दें कि शनिवार तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में जिलाध्यक्ष के लिए रायशुमारी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। वहीं कई जिलों में रायशुमारी की गई, इसलिए दिनभर प्रदेश कार्यालय से लेकर भाजपा के जिला कार्यालयों में गहमागहमी का दौर बना रहा। जानकारी के मुताबिक 1 जनवरी से 3 जनवरी के बीच जिला अध्यक्षों के 3 नामों का अंतिम पैनल तैयार किया जाएगा। इसके बाद अंतिम नामों की फाइनल सूची लिफाफे में बंद कर केंद्रीय संगठन को भेज दी जाएगी। वहीं केंद्रीय संगठन 5 जनवरी के बाद इसे कभी भी जारी कर देगा। भाजपा की नई रणनीति के मुताबिक अब तक जो तय हुआ है उसके हिसाब से कोई भी जिलाध्यक्ष 60 साल से ज्यादा उम्र का नहीं होगा। वहीं लगभग 25 फीसदी जिलाध्यक्ष के पदों पर महिलाएं नजर आ सकती हैं। यानी कुल 60 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्ष के रूप में महिलाओं को मौका मिल सकता है। recent visitors 374