Thursday, July 16, 2026 3:51 pm

रेलवे ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने कैश काउंटर किए बंद, यात्री परेशान, टिकट काउंटरों में लंबी लाईनें

रायपुर   दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के अधिकारियों ने आरक्षण केंद्र और अनारक्षित टिकट केंद्र में कई कैश काउंटर बंद कर डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का अभियान शुरू किया है. इसका नतीजा ये हो रहा है कि टिकट काउंटरों में लंबी लाईने लगी हुई है और वो यात्री परेशान हो रहे है जिनके पास डिजिटल पेमेंट का कोई ऑपशन नहीं है. रायपुर रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट काउंटर के लंबी लाईन में खड़े रहने के बाद जब आप काउंटर पर टिकट लेने पहुंचेंगे तो पता चलेगा कि उक्त काउंटर सिर्फ डिजिटल पेमेंट के लिए ही है, इसके बाद आपको पुनः उस लाईन में लगना होगा जहां कैश में टिकट उपलब्ध होगी. संभव है कि ऐसे में या तो यात्री बिना टिकट ट्रेन में सफर करने को मजबूर होंगे या टिकट के चक्कर में यात्रियों की ट्रेनें ही छूट जाएगी. कई टिकट काउंटर बंद मिले होली (Holi) से घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के वजह से सोमवार को अनारक्षित टिकट काउंटरों ( unreserved ticket counter ) में यात्रियों की लंबी लाईने देखने को मिली. टिकट लेने के लिए यात्रियों को आधे घंटे से अधिक की वेटिंग मिली, ऐसी स्थिति में भी रेलवे ने कई टिकट काउंटरों को बंद ही रहा. यहां टिकट काउंटर नंबर 6, 7, 8 और 3 और 2 नंबर काउंटर बंद मिले. यानी कुल 5 टिकट काउंटर रायपुर रेलवे स्टेशन में बंद पड़े है. इसके अलावा टिकट काउंटर नंबर 5 सिर्फ डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) से टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए खुला मिला, काउंटर नंबर 4 में कैश और ऑन लाइन दोनो पेमेंट मोड की सुविधा मिली. वहीं 1 नंबर काउंटर केवल महिलाओं के लिए रिजवर्ड है, लेकिन उन्हें यहां भी सिर्फ ऑन लाईन पेमेंट में ही टिकटें दी जा रही थी. इसका मतलब ये है कि सिर्फ एक टिकट काउंटर में यात्रियों को कैश में टिकटें उपलब्ध है, हालांकि यहां 2 एटीवीएम (ATVM) मशीनें भी शुरू मिली जहां यात्री टिकट ले सकते है. आरक्षण केंद्र का भी यही हाल, तत्काल टिकटें लेने के लिए यात्री हो रहे परेशान आरक्षण केंद्र में टिकटें लेने जाने वाले यात्रियों का भी यही हाल है. यहां भी कई काउंटरों में कैश लेन-देन बंद कर दिया गया है. इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन यात्रियों को हो रहा है जो तत्काल टिकटें लेने आरक्षण केंद्र पहुंच रहे है. क्योंकि डिजिटल पेमेंट के प्रोसेस में 30 से 50 सैकेंड का वक्त लग ही जाता है. ऐसे में 1-2 नंबर पर खड़े यात्रियों को ही टिकटें मिल पाती है और 3 के पहुंचते तक टिकटें खत्म हो जाती है. इसके अलावा यहां वो भी यात्री परेशान हो रहे है जिनके पास केवल कैश ही मौजूद है. Raipur Parcel Office में कैश बंद अब यदि आपको पार्सल ऑफिस में बुकिंग के लिए जाना है तो जेब में कैश रखकर जाने से आपका सामान यहां बुकिंग नहीं होगा. क्योंकि यहां कैश काउंटर (Cash Counter) में कैश लेन-देन पूरे तरीके से बंद कर दिया गया है. यानी आपे पास कैश होते हुए भी आपका पार्सल यहां बुकिंग नहीं होगा या तो अपना पार्सल बुकिंग करने के लिए आपको दलालों से संपर्क करना पड़ेगा. लंबी लाईन से बचना है तो डाउनलोड करे ये APP रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्री UTS App के माध्यम से आसानी से टिकट बुक कर सकते है और लंबी लाईनों से छुटकारा पा सकते है. भारतीय रेलवे (Indian Railway) का UTS (Unreserved Ticketing System) मोबाइल ऐप आपकी यात्रा को सरल और सुविधाजनक बना सकता है. इस ऐप के जरिए आप बिना किसी परेशानी के अनरिजर्व्ड, प्लेटफॉर्म और सीजन टिकट बुक कर सकते हैं. यह ऐप खासकर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो रोज ट्रेन से यात्रा करते हैं या जिन्हें अचानक यात्रा करनी होती है. ऐप का उपयोग करने के लिए, यात्रियों को पहले अपना मोबाइल नंबर और पासवर्ड से रिजिस्टर करना होता है. इसके के बाद, आप इस ऐप का उपयोग टिकट बुक करने, टिकट की उपलब्धता देखने, और ट्रेन के समय की जानकारी प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं. यदि जरूरत हो तो टिकट को कैंसिल भी किया जा सकता है. यहां हम आपको इस आप से जुड़ी हर जानकारी देने जा रहे हैं. UTS ऐप क्या है और कैसे काम करता है? अनरिज़र्व टिकटिंग सिस्टम (UTS) एक मोबाइल एप्लिकेशन है जिसे 2014 में रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) द्वारा लॉन्च किया गया था, जो भारतीय रेलवे का एक सहायक संगठन है. इस ऐप के माध्यम से यात्री अनरिज़र्व ट्रेन टिकट जनरेट या कैंसिल कर सकते हैं, सीज़नल टिकट बुक कर सकते हैं, पास को  रिन्यू कर सकरते हैं, और प्लेटफॉर्म टिकट खरीद सकते हैं. यह उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो अक्सर यात्रा करते हैं और अचानक कहीं जाने की आवश्यकता होती है. UTS ऐप को Android और iOS प्लेटफार्म दोनों के लिए संबंधित ऐप स्टोर्स से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है. UTS  App से कितने तरह की ट्रेन टिकट बुकिंग कर सकते हैं?     यात्री UTS Android मोबाइल टिकटिंग ऐप का उपयोग करके पांच तरह के ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं:     सामान्य टिकट बुकिंग (Normal Ticket Booking)     क्विक टिकट बुकिंग (Quick Ticket Booking)     प्लेटफॉर्म  टिकट बुकिंग (Platform Ticket Booking)     सीज़नल टिकट बुकिंग/रिन्यूअल (Season Ticket Booking/Renewal)     QR बुकिंग (QR Booking) UTS ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने का प्रोसेस     Google Play या Apple iOS पर UTS मोबाइल एप्लिकेशन सर्च करें और इसे डाउनलोड करें.     ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए अपना फोन नंबर, नाम, लिंग, और जन्म तिथि दर्ज करें.     एक पासवर्ड जनरेटर उपलब्ध होगा. UTS ऐप के लिए एक याद पहने वाला मजबूत  पासवर्ड बनाएं.     अब UTS मोबाइल ऐप की टर्म और कंडीशन से सहमत हों.     रजिस्ट्रर बटन पर क्लिक करें.     टिकट बुक करने के लिए, अपना यूज़र आईडी और पासवर्ड दर्ज करें.     ट्रेन टिकट बुक करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:     सबसे पहले, पेपरलेस या पेपर टिकट का चयन करें.     “Depart from” (जहां से यात्रा शुरू होगी) और “Going to” (जहां जाना है) स्टेशन चुनें.     “Next” पर क्लिक करें और फिर “Get Fare” पर क्लिक करें.     “Book ticket” बटन दबाएं … Read more

MP में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने, नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।  केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुविधाओं में होगा सुधार जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।   बनेंगी पांच नई तहसीलें, सभी 8 तहसीलों के होंगे अपने भवन भोपाल वासियों को जमीन से लेकर राजस्व के मामले को निपटाने के लिए अब दूर नहीं जाना होगा। जिला पुनर्गठन के प्रशासनिक प्रस्ताव पर शासन जल्द ही अंतिम मुहर लगाएगा। जिला प्रशासन द्वारा भेजे प्रस्ताव में शासन की ओर से मांगी गई आपत्तियों पर एसडीएम और तहसीलदार को 15 दिन में जवाब देना है। नीति के तहत भोपाल में पांच नई तहसीलों का गठन होगा। मौजूदा तीन तहसीलों के साथ पांच नई तहसीलों(Five New Tehsil) के साथ फिर कुल संख्या आठ हो जाएगी। इससे लोगों को अपने आवास क्षेत्र में ही तहसील कार्यालय में कार्य करवाना आसान हो जाएगा। 10 बदलाव प्रस्तावित ● मौजूदा उपनगर ही नई तहसील बनेंगे। बैरागढ़, कोलार, भेल गोविंदपुरा, पुराना शहर व नया शहर, नर्मदापुरम रोड की नई तहसील होंगी। ● नई तहसीलें दूरी व क्षेत्रफल के अनुसार अलग से नजूल क्षेत्र तय करेंगे। ● शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का नक्शा अलग किया जाएगा। ● जिला-तहसील क्षेत्रों को नगर निगम के वार्ड से भी जोड़ा जाएगा। ● तहसील व नजूल में तहसील अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। ● शहरी क्षेत्र की तहसीलों में आबादी चार लाख के भीतर तय की जाएगी। इसलिए जरूरी पुनर्गठन अभी जिले में कोलार, हुजूर व बैरसिया तहसील हैं। आठ नजूल क्षेत्र हैं। इनके एसडीएम है। कोलार, बैरसिया को छोडकऱ बाकी में तहसील(Five New Tehsil) कार्यालय अन्य क्षेत्रों में हैं। एमपी नगर नजूल कोलार तहसील में है तो बैरागढ़, हुजूर, ओल्ड सिटी नजूल पुराने शहर में कलेक्ट्रेट में है। गोविंदपुरा भी पुराने शहर के कलेक्टे्रट में है। हुजूर तहसील में शहर व ग्रामीण का 70 फीसदी क्षेत्र है जिससे काम कठिन होता है। जिले के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है। लोगों की सुविधा की दृष्टि से बेहतर योजना तय की जा रही है। इससे सबको लाभ होगा। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर recent visitors 30

पति ने अपनी पत्नी को उतारा मौत के घाट, आरोपी पति गिरफ्तार

कोरबा  जिले में पति ने अपनी पत्नी को खाना बनाने से मना करने पर मौत के घाट उतार दिया. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस ने मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है. पूरा मामला लेमरू थानांतर्गत ग्राम डीड़ासराई का है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी पति सुनाराम मांझी और पत्नी सनमती बाई दोनों ने शराब पी रखी थी. जब सुनाराम ने अपनी पत्नी को खाना बनाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया. इससे आरोपी पति आक्रोशित हो गया और उसने पास में रखे टंगिया से सनमती बाई को पीट-पीटकर लहुलुहान कर दिया. बेरहम पति ने मारपीट के बाद पत्नी को बस चूल्हे के पास चादर ओढ़ाकर छोड़ दिया. आरोपी सुनाराम के तीन बच्चे हैं, जो अपने दादा के घर में सोने के लिए जाते हैं. घटना की जानकारी पर सुबह बच्चे अपनी मौसी और दादा के साथ घर पहुंचे. तो वहां पाया की सनमती बाई की मौत हो चुकी थी. मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया गया. recent visitors 29

लोकायुक्त से मिलने पहुंचे कांग्रेसी, सौरभ शर्मा और गोविंद सिंह राजपूत से जुड़े सौंपे दस्तावेज

Congressmen reached to meet Lokayukta, submitted documents related to Saurabh Sharma and Govind Singh Rajput भोपाल ! राजधानी भोपाल में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रतिनिधिमंडल के साथ मध्य प्रदेश के लोकायुक्त से मिलने पहुंचे. उमंग सिंघार अपने साथ सौरभ शर्मा और उसके साथियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ मंत्री गोविंद सिंह राजपूत जो की पूर्व में परिवहन विभाग के मंत्री थे, उनकी कई संपत्तियों की जानकारी व उनकी रजिस्ट्री लेकर लोकायुक्त के पास पहुंचे. जहां उन्होंने लोकायुक्त से निवेदन किया है कि इस पूरे मामले की जांच करवाकर इस पर कार्रवाई की जाए. लोकायुक्त को सौंपे दस्तावेजभोपाल में लोकायुक्त से मिलने के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “हमने परिवहन विभाग के पूरे घोटाले के संपूर्ण दस्तावेज और उन घोटाले के पैसों से खरीदी गई संपत्तियों की जानकारी लोकायुक्त को दे दी है. सौरभ शर्मा जो अभी जेल में बंद है. तीनों जांच एजेंसियां उससे उसकी कार में मिले 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश के बारे में कुछ भी नहीं उगलवा सकी. सौरभ शर्मा के मामले में अभी मध्य प्रदेश विधानसभा में भी चर्चा होना बाकी है. उमंग सिंघार को गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आरोपलोकायुक्त से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “किस तरह जनता के पैसों से यह लोग सोना-चांदी खरीद रहे थे. इस पूरे प्रकरण में तीन-तीन जांच एजेंसियों ने जांच करी, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं. इसको लेकर भी हमने लोकायुक्त से बात की है कि इस पूरे मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही पूर्व में परिवहन मंत्री रहे गोविंद सिंह राजपूत और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी हमने लोकायुक्त को विस्तृत दस्तावेज दिए हैं. जिसमें हमने सभी प्रकार के दस्तावेज जैसे कि किस समय कौन सी जमीन गोविंद सिंह राजपूत या उनके परिजनों के नाम पर कहां-कहां खरीदी गई है. इसका विस्तृत उल्लेख किया है लोकायुक्त ने मामले में जांच करवाने के साथ-साथ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है. recent visitors 192

आईटीबीपी कैंप में सिपाही ने सर्विस रिवॉल्वर से एएसआई को मरी गोली

रायपुर रायपुर के करीब मुड़ीपार स्थित आईटीबीपी कैंप में सोमवार को बिहार निवासी कांस्टेबल सरोज कुमार ने हरियाणा निवासी एएसआई देवेंद्र सिंह दहिया को करीब 18 राउंड गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। सरोज को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। जांच कर रही पुलिस की ओर से अभी तक अधिकृत तौर पर झगड़े का कारण नहीं बताया गया है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। आशंका है कि सिपाही और एएसआई के बीच छुट्टी को लेकर विवाद हुआ था। गुस्साए सिपाही सरोज कामर ने सर्विस रिवाल्वर से एएसआई पर गोली चला दी। अस्पताल ले जाए गए एएसआई देवेंद्र सिंह दहिया को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। recent visitors 23

हैदराबाद में एक्टर विश्वक सेन के घर में चोरी

हैदराबाद तेलुगू एक्टर विश्वक सेन एक बार फिर से चर्चा में हैं। हैदराबाद में एक्टर के घर में चोरी हो गई है। एक अज्ञात हमलावर ने बड़े पैमाने पर उनके घर में डकैती की कोशिश की। अब रिपोर्ट्स बताती हैं कि लाखों के गहने और नकदी चोरी हो गई है। एम9 न्यूज के अनुसार, हैदराबाद के फिल्म नगर में 'लैला' एक्टर के घर को 16 मार्च को चोरी का निशाना बनाया गया। विश्वक के पिता ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। चोर कथित तौर पर विश्वक सेन के घर में उनकी बहन के तीसरी मंजिल के बेडरूम से घुसा, जब वह सो रही थीं। जागने पर उन्होंने देखा कि उनका कमरा पूरी तरह से अस्त-व्यस्त था और कीमती सामान गायब था। शिकायत में बताया गया है कि हीरे के गहने और 2.2 लाख रुपये की नकदी चोरी हो गई। घटना के सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि चोर ने भागने से पहले करीब 20 मिनट तक घर के अंदर समय बिताया। पुलिस को घरवाले पर शक इसके अलावा, पुलिस को संदेह है कि चोर घर से परिचित कोई इंसान हो सकता है, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि चोर ने जिस सटीकता और आसानी से घर में एंट्री की, वह घर के अंदर आराम से घुस गया। दूसरी खबरों में, विश्वक सेन ने अपनी फिल्म 'लैला' की असफलता के बाद ध्यान खींचा। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर बहुत खराब प्रतिक्रिया मिली, दर्शकों ने इसकी कमजोर कहानी और फीके परफॉर्मेंस की आलोचना की। 'लैला' हुई फ्लॉप बता दें कि एक्टर ने पहले 'लैला' को अपने करियर की सबसे बड़ा रिलीज़ में से एक कहा था। हालांकि, इसकी निराशाजनक परफॉर्मेंस के बाद विश्वक सेन ने सोशल मीडिया पर माफ़ी मांगी और एक मजबूत प्रोजेक्ट के साथ वापसी करने का वादा किया। सिनेमाघरों में असफलता के बाद 'लैला' का प्रीमियर अमेज़न प्राइम वीडियो पर हुआ लेकिन दर्शकों से इसे निगेटिव रिएक्शन ही मिला। recent visitors 66

अयोध्या में ओलो की बारिश, जमीन पर बिछ गई ओलो की परत

अयोध्या यूपी के अयोध्या में सोमवार की सुबह बारिश के साथ ओलो की बरसात हुई। कुछ ही देर में जमीन पर ओलो की परत बिछ गई। ओले गिरने से किसानों के माथे पर चिंता रेखा उभर आई। हालांकि बारिश थोड़ी देर में थम गई। इससे फसलों को किसी बड़े नुकसान का अंदेशा नहीं है। यदि आगे अभी और बारिश होती है तो फसलों को नुकसान जरूर होगा। फिलहाल मौसम साफ हो गया है। धूप खिल गई है। मौसम के साफ होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि खेतों पर फसल पककर खड़ी है। अब काटने की तैयारी है। ऐसे में अधिक बारिश साल भर की मेहनत पर पानी फेर सकती है। बाराबंकी में बारिश के साथ गिरे ओले, किसान चिंतित बाराबंकी में सोमवार को सुबह से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। बारिश के साथ ओलो की बरसात हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ओले गिरने से सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने बताया कि अभी इतनी बारिश नहीं हुई है, कि फसलों को नुकसान हो। यदि आगे और बारिश होती है तो फसलों को नुकसान होगा, इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता है। recent visitors 31