पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार, तीन हजार पन्नों के साथ सबूत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता

पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार, तीन हजार पन्नों के साथ सबूत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता

Corruption worth lakhs in the Panchayat, complainant reached the Collector’s office with three thousand pages of evidence. शिवपुरी ! जिले की बदरवास जनपद पंचायत की ग्राम इमलोदा निवासी जयपाल सिंह यादव ने ग्राम पंचायत मढ़वासा में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यहां पर पंचायत सरपंच और सचिव ने भारी भ्रष्टाचार किया है। यहां पर विभिन्न योजनाओं में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी जानकारी मैंने आरटीआई के तहत निकाली है और आरटीआई के तहत निकाली गई जानकारी तीन हजार पन्नों को लेकर में कलेक्टर कार्यालय आया हूं। शिकायतकर्ता जयपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इसलिए मुझे कलेक्टर कार्यालय में जो तीन हजार पन्ने आरटीआई से निकलवाए हैं, उसको लेकर मुझे कलेक्टर कार्यालय आकर शिकायत करनी पड़ रही है। पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण सहित अन्य कार्य में हुआ भ्रष्टाचारशिवपुरी कलेक्ट्रेट में शिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव एक कट्टे में करीब तीन हजार पेजों में सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। जय सिंह यादव का आरोप है कि ग्राम पंचायत मढ़वासा की सरपंच प्रीती यादव और सचिव गोविंद यादव द्वारा पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण, खरंजा निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, चबूतरा निर्माण, शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण आदि में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। सीईओ ने मांगा सबूत तो आरटीआई लगाईशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने शिवपुरी में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कई काम तो ऐसे हैं जो कागजों में करा दिए गए हैं और उनके एवज में लाखों रुपये के भुगतान निकाल लिए गए हैं। इन मामलों में जांच कर कार्रवाई के लिए उसके द्वारा 3 मार्च 2024 से लगातार शिकायती आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन जिला पंचायत सीईओ कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। बकौल जयपाल जब उसे कुछ दिन पहले इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ विजयराज से बात की तो उनका कहना था कि आपके पास क्या सबूत है कि भ्रष्टाचार हुआ है। सीईओ ने दिया अटपटा जबावशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने बताया कि यही कारण है कि इस बार मैं सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई तीन हजार पेज की जानकारी लेकर आया हूं कि साहब इन तीन हजार पेजों में है पंचायत की सरपंच और सचिव द्वारा किया गया भ्रष्टाचार। अब तो करो कार्रवाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह यह सारे दस्तावेज लेकर आज भी जिला पंचायत सीईओ से मिला तो, उनका कहना था कि हमारे पास सिर्फ यही एक काम थोड़े ही है। हम अपने हिसाब से जांच करवा रहे हैं। recent visitors 69

पुलिस अधीक्षक छतरपुर द्वारा पुलिस लाइन में संचालित एलपीजी गैस एजेंसी का किया गया निरीक्षण

Superintendent of Police Chhatarpur inspected the LPG gas agency operating in the police line. छतरपुर । पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन द्वारा आज पुलिस लाइन छतरपुर परिसर में संचालित एलपीजी गैस एजेंसी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी के संचालन, सुरक्षा मानकों, भंडारण व्यवस्था एवं वितरण प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा गैस सिलेंडरों के सुरक्षित भंडारण, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों तथा कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही सुरक्षा सावधानियों का अवलोकन किया गया। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन करने एवं किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए। एलपीजी गैस जैसे ज्वलनशील पदार्थों के संचालन में सुरक्षा सर्वोपरि है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एजेंसी प्रबंधन को निर्देशित किया कि नियमित रूप से उपकरणों की जांच की जाए एवं कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाए। पुरानी एवं निष्क्रिय वस्तुओं को नष्ट किया जाए एवं उनके स्थान पर नई वस्तुओं का प्रयोग किया जाए। निरीक्षण के दौरान रक्षित निरीक्षक रक्षित केंद्र छतरपुर पूर्णिमा मिश्रा एवं गैस एजेंसी के कर्मचारी उपस्थित रहे। Home Department of Madhya Pradesh Madhya Pradesh Police Jansampark Madhya Pradesh DIG Chhatarpur Range PRO Jansampark Chattarpur #mppolice #chhatarpur recent visitors 79

मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में सरकारी जमीन पर माफिया का अवैध उत्खनन

Illegal excavation by mafia on government land in Mohasa Industrial Area नर्मदापुरम ! जिले के मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। रिन्यूएबल एनर्जी पार्क के लिए आरक्षित 4 एकड़ जमीन पर माफिया ने करीब 15-18 फीट गहराई तक मिट्टी (भसुआ) खोद डाली। पोकलेन-जेसीबी से हजारों डंपर भरकर मिट्टी चोरी हो गई, लेकिन खनिज-राजस्व विभाग के अफसर अनजान बने हुए हैं। सूत्रों की माने तो इंडस्ट्रियल एरिया में 30 से अधिक उद्योगों का निर्माण चल रहा है। बाहर मिट्टी लाना महंगा होने से माफिया आवंटित प्लॉटों से ही मिट्टी खोदकर सप्लाई कर रहे हैं। उत्खनन मोहासा पंचायत के ग्राम धमासा के पास परमेसु बायोटेक की निर्माणाधीन मक्का फैक्ट्री की बाउंड्रीवॉल के बाहर हुआ। दर्जनभर फैक्ट्रियों की नींव के लिए यहीं की मिट्टी खपाई जा रही है।बता दे कि 33 केवी लाइन का पोल टीले पर माफिया ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। 33 केवी हाईटेंशन लाइन के पोल के चारों ओर 15 फीट गहरी खुदाई हो गई, अब पोल टीले पर खड़ा है। बारिश में मिट्टी खिसकने से पोल गिरने और बड़ा हादसा हो सकता है। खुदाई ग्राम धमासा के स्कूल के बाजू तक पहुंच चुकी है।जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने कहा, “मोहासा में एक स्थान की अनुमति थी, चेक करवाते हैं।” तहसीलदार महेंद्र चौहान बोले, “उद्योग विभाग से जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे।” recent visitors 72

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्यवाही—टीकमगढ़ पुलिस की जिलेभर में सघन वाहन चेकिंग

Strict action against illegal activities on the instructions of Superintendent of Police- Tikamgarh Police conducts intensive vehicle checking across the district टीकमगढ़ ! सड़क सुरक्षा को व्यापक जनभागीदारी का रूप देने और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से टीकमगढ़ पुलिस द्वारा पूरे जिले में विशेष वाहन चेकिंग अभियान संचालित किया गया। पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार के निर्देशन में यह अभियान शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सक्रिय रूप से चलाया गया। पुलिस टीमों ने मुख्य मार्गों, चौकों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहनों की गहन जांच करते हुए नागरिकों को हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों के अनिवार्य पालन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक श्री आलोक कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को जिले की सीमाओं पर सतत निगरानी रखने तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए वाहनों की कठोर चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह तथा एसडीओपी (टीकमगढ़/जतारा) के पर्यवेक्षण में 16 दिसंबर 2025 को कुल 247 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 33 वाहनों पर ₹9300 के चालान जारी किए गए।अभियान के दौरान वाहन चालकों एवं नागरिकों से अपील की गई कि यातायात नियमों का पालन केवल दंड से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं एवं अन्य लोगों की सुरक्षा का अनिवार्य सिद्धांत है। recent visitors 76

कोल माफिया पर खनिज का करारा प्रहार, 8 हाइवा जप्त

Mining department strikes hard on coal mafia, 8 Hiva trucks seized सिंगरौली । अवैध खनन और कोयले के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ सिंगरौली प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर गौरव बैनल के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयले के अवैध परिवहन में संलिप्त 8 हाइवा वाहनों को जप्त किया है। इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। खनिज विभाग को ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि झिंगुरदह क्षेत्र के बरहवा टोला में रात के अंधेरे में कोयले का अवैध परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा ने किया। गोपनीय सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान खनिज विभाग की टीम ने मौके से 8 हाइवा वाहनों को कोयले के साथ रंगे हाथों पकड़ा। वाहनों के पास वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। तत्पश्चात सभी जप्त वाहनों को सुरक्षार्थ मोरवा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कोयला माफियाओं में अफरा-तफरी का माहौल है। लगातार हो रही प्रशासनिक सख्ती से अवैध खनन व परिवहन करने वाले कारोबारी सकते में हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को ग्रामीणों ने भी सराहा है और कहा है कि इससे क्षेत्र में हो रहे पर्यावरणीय नुकसान पर भी रोक लगेगी। खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में अवैध खनन और परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध गौण खनिज अधिनियम एवं संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि सिंगरौली में अवैध खनन व परिवहन करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। खनिज विभाग की कार्रवाई से कोल माफियाओं में हड़कंपजिले में अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा की गई सख्त कार्रवाई से कोल माफियाओं में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसा। कार्रवाई के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के कोयला परिवहन करते कई वाहनों की जांच की गई, वहीं कुछ वाहनों को जप्त कर चालान की प्रक्रिया भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से जिले में अवैध कोयला कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह अभियान तेज किया गया। अचानक हुई कार्रवाई से माफियाओं में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। recent visitors 75

छतरपुर थाना कोतवाली पुलिस ने चोरी की 6 मोटरसाइकिल एवं 8 मोबाइल फोन सहित आरोपी को किया गिरफ्तार

Chhatarpur police station arrested the accused with 6 stolen motorcycles and 8 mobile phones. छतरपुर ! पुलिस टीम द्वारा थाना कोतवाली सहित अन्य थानों से चोरी संबंधी जानकारी एकत्र कर भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन द्वारा चोरी की गई मोटरसाइकिल एवं आरोपी की तलाश हेतु पुलिस टीम गठित कर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही थी।पुलिस टीम को जिला अस्पताल के पास से चोरी की गई मोटरसाइकिल संबंधी सूचना थाना सटई क्षेत्र अंतर्गत होने की प्राप्त हुई। पुलिस टीम द्वारा छापामार कार्यवाही की गई जिला अस्पताल के पास से चोरी की गई मोटरसाइकिल एचएफ डीलक्स सहित पृथक पृथक स्थान से चोरी की गई 6 मोटरसाइकिल- एचएफ डीलक्स, पैशन प्रो, टीवीएस स्पोर्ट, सीडी डीलक्स बरामद की गई। 1 मोटरसाइकिल छतरपुर जिला अस्पताल के पास से तथा अन्य 5 मोटरसाइकिल खजुराहो से 2, जटाशंकर मेला से 2 तथा 1 सागर जिले से चोरी की गई थी। आरोपी मोटरसाइकिल चोरी करने के साथ-साथ मोबाइल चोरी करने का भी काम करता था। छापामार कार्यवाही के दौरान अभियुक्त के पास से 8 मोबाइल फोन, टेक्नो, लावा, वीवो, रेडमी, रियलमी कंपनी के भी बरामद किए गए।6 मोटरसाइकिल एवं 8 मोबाइल फोन कुल कीमत करीब 4 लाख रुपए बरामद कर आरोपी गजेंद्र उर्फ गर्जन सिंह बुंदेला पिता शंकर सिंह बुंदेला निवासी ग्राम मझगंवा थाना सटई को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त चोरी जैसे तीन से अधिक अपराधों में लिप्त है, अन्य थानों से मोटरसाइकिल एवं मोबाइल चोरी संबंधी जानकारी हेतु संपर्क किया जा रहा है। अभियुक्त को न्यायालय पेश किया जा रहा है, विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविंद सिंह दांगी, प्रधान आरक्षक वीपेंद्र चौबे, उमाशंकर शुक्ल, अवधेश चतुर्वेदी, आरक्षक सौरभ तिवारी, अभय यादव, आशीष खरे, सत्येंद्र यादव, नरेश सिंह, संदीप एवं पुलिस टीम की भूमिका रही। recent visitors 82

‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड मौतें: एक हफ्ते में 6 बाघों की मौत, 2025 में आंकड़ा 54 पार

Record deaths in ‘Tiger State’ Madhya Pradesh: 6 tigers died in a week, toll crosses 54 in 2025 भारत के ‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में पिछले एक हफ्ते के भीतर 6 बाघों की मौत दर्ज की गई है. इसके साथ ही वर्ष 2025 में अब तक बाघों की कुल मौतों का आंकड़ा 54 हो गया है. यह संख्या 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत के बाद किसी एक साल में अब तक की सबसे अधिक बताई जा रही है. आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में- ज्यादातर मौतों का कारण प्राकृतिकवन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मौतें प्राकृतिक कारणों से हुई हैं, जो बाघों की बढ़ती संख्या को भी दर्शाती हैं. उन्होंने कहा, “संख्या जितनी ज्यादा होगी, प्राकृतिक मौतें भी उतनी बढ़ेंगी. यह स्वाभाविक है.” अधिकारियों के अनुसार, यह रुझान बताता है कि अगली बाघ गणना में भी मध्य प्रदेश देश का शीर्ष ‘टाइगर स्टेट’ बना रह सकता है. हाल ही में बांधवगढ़ में मिला बाघ का शवबाघ की मौत का ताजा मामला बांधवगढ़ का है, जहां उमरिया जिले के चंदिया वन परिक्षेत्र के आरएफ-10 में कथली नदी के पास एक बाघ का शव मिला. शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिसके बाद इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी गई है. फील्ड स्टाफ नियमित गश्त और जनगणना कार्य में जुटा था, तभी यह मामला सामने आया. करंट लगने से बाघ की मौत की आशंकावन विभाग की टीमें साक्ष्य सुरक्षित करने में जुटी हैं. डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की तलाश की जा रही है और आसपास के वन क्षेत्रों व नदी किनारे की पट्टी की सघन तलाशी ली जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि शव बिजली लाइन कॉरिडोर के पास मिला है, इसलिए करंट लगने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है. नजदीकी बिजली ढांचे की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं खुले या अवैध तारों की वजह से घटना तो नहीं हुई. 54 में से 36 रहस्यमयी मौतें, ज्यादातर शिकार सेटाइगर की 54 मौतों में से 36 मौतें रहस्यमयी हैं. ज्यादातर मामलों में टाइगर का शिकार किया गया है. कई बार टाइगर के पंजे काटकट शिकारी ले गए. तस्करी में एक टाइगर की कीमत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करीब एक से 3 करोड़ रुपये होती है. कई बार शिकारी जंगल मे टाइगर्स की निगरानी में लगे कैमरों में कैद हो चुके हैं. बाघों की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरे भी चोरी होने के कई मामले आए हैं. टाईगर्स की बढ़ती मौतों और सुरक्षा में लापरवाही पर NTCA ने चिंता जताई है. कांग्रेस ने एमपी सरकार पर लगाए आरोपटाइगर्स की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने सरकार को में असफल बताया है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बबारोलिया ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वन राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहरवार का कहना है कि विभाग मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है. recent visitors 79