बहुत स्वादिष्ट लगती है गाजर की खीर, ठंड में जरूर Try करें ये स्वादिष्ट स्वीट डिश …

बहुत स्वादिष्ट लगती है गाजर की खीर, ठंड में जरूर Try करें ये स्वादिष्ट स्वीट डिश …

Carrot kheer tastes delicious, definitely try this delicious sweet dish in winter… खीर एक ऐसी स्वादिष्ट स्वीट डिश है जो शायद ही किसी को नापसंद हो। वैसे तो हम सभी के घरों में चावल की खीर बनती है पर क्या आपने कभी गाजर की खीर खाई है? गाजर ठंड के मौसम में मिलने वाली बेहतरीन सब्जी है जिस से हम हलवा बनाते हैं लेकिन इसकी खीर भी बहुत स्वादिष्ट लगती है। तो इस बार ठंड में गाजर की खीर इस रेसिपी से जरूर try करें. सामग्रीगाजर – 4 मध्यम (कद्दूकस की हुई)दूध – 1 लीटरचीनी – 4–5 टेबलस्पूनइलायची पाउडर – ½ टीस्पूनकाजू – 10–12 (कटे हुए)बादाम – 10–12 (कटे हुए)किशमिश – 1 टेबलस्पूनघी – 1 टेबलस्पून विधि recent visitors 97

नेशनल हेराल्ड मामले में सियासी उबाल: भोपाल में भाजपा दफ्तर का घेराव करेगी कांग्रेस, जीतू पटवारी के नेतृत्व में 3 बजे कूच करेंगे कार्यकर्ता

Political uproar in the National Herald case: Congress to surround BJP office in Bhopal, workers led by Jitu Patwari to march at 3 pm भोपाल। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई तथा हालिया न्यायालय से मिली राहत के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर गांधी परिवार को फंसाने का आरोप लगाते हुए भोपाल में भाजपा कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 3 बजे कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय की ओर कूच करेंगे और वहां घेराव करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से गांधी परिवार को नेशनल हेराल्ड मामले में फंसाने की कोशिश की। पार्टी नेताओं ने ED की कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। हालांकि, हालिया अदालती फैसले में दिल्ली कोर्ट ने ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, जिसे कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया है। recent visitors 80

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ठीक 69 साल पहले, 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर विरोध किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राम जी के नाम पर कोई नई योजना लानी चाहिए थी, राम जी के नाम पर कोई नई योजना आती तो हम उसकी तारीफ करते। महात्मा गांधी से बीजेपी को तकलीफ है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले विधायक रामेश्वर शर्माकांग्रेस के विधानसभा में प्रदर्शन पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है इसलिए विरोध कर रही है। राम से एलर्जी रखोगे तो रावण से राम तक सबका अंत होगा।कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। हम महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का अनुसरण कर रहे हैं। कांग्रेस गांधी का नाम लेकर कई बार सत्ता में आई लेकिन गरीब का घर नहीं बनाया। यह दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के रामराज्य को जमीन पर उतारने का काम किसी ने किया है तो वो पीएम मोदी ने किया है। शर्मा ने कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया, ग़रीब के पक्के मकान बनाने का काम किया, गरीब के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, किसानों का सम्मान किया क्योंकि यही गांधी जी चाहते थे। सबका साथ सबका विकास – यही काम भाजपा सरकार कर रही है। मनरेगा में मनमोहन सिंह की सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ, अब मनरेगा के बलबूते पर ग्रामीण लोगों का विकास होगा। recent visitors 84

अंतरजातीय विवाह योजना में रिश्वतखोरी: लोकायुक्त ने बाबू को 10 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

Bribery in inter-caste marriage scheme: Lokayukta catches clerk red-handed taking Rs 10,000 bribe भोपाल। राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं में भ्रष्टाचार पर लगाम लगती नजर नहीं आ रही है। लोकायुक्त पुलिस भोपाल की टीम ने मंगलवार शाम नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट स्थित जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-दो मनोज सोनी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी बाबू ने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली दो लाख रुपये की राशि दिलाने के बदले हितग्राही से 50 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। सौदे के तहत पहले 20 हजार रुपये और काम पूरा होने के बाद 70 हजार रुपये लेने की डील तय हुई थी। बाद में पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये पर सहमति बनी। सिवनीमालवा के सिपुर निवासी 36 वर्षीय हितग्राही प्रवीण सोलंकी ने रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त भोपाल के एसपी कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार मंगलवार शाम जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी के कार्यालय में पहुंचकर उसे रिश्वत की रकम सौंपी, लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही आरोपी को धर दबोचा। इस कार्रवाई में डीएसपी बीएम द्विवेदी, डीएसपी अजय मिश्रा, निरीक्षक रजनी तिवारी सहित लोकायुक्त टीम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।यह घटना एक बार फिर सरकारी योजनाओं में फैले भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर सामने लाती है, जिससे आमजन को मिलने वाले लाभ पर सवाल खड़े हो रहे हैं। recent visitors 83

खौफनाक दृश्य, अस्पताल के टॉयलेट में फंसा था नवजात, निकालने में लगे 7 घंटे, नहीं बच सका मासूम

खौफनाक दृश्य, अस्पताल के टॉयलेट में फंसा था नवजात, निकालने में लगे 7 घंटे, नहीं बच सका मासूम

Horrifying scene: Newborn trapped in hospital toilet; rescue took 7 hours, but infant could not be saved. छिंदवाड़ा ! मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल में सोमवार (15 दिसंबर) को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. अस्पताल के सार्वजनिक महिला शौचालय के कमोड में एक नवजात शिशु फंसा हुआ मिला. शुरुआती आशंका है कि बच्चे को जन्म देने के बाद सबूत छुपाने के इरादे से उसे टॉयलेट में बहाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह नाकाम रही. यह मामला उस समय सामने आया जब ओपीडी चल रही थी. अस्पताल की एक महिला कर्मचारी शौचालय गई, लेकिन पानी फ्लश नहीं हो रहा था. जब उसने ध्यान से देखा तो कमोड के अंदर उसे कुछ असामान्य दिखाई दिया. झांकने पर बच्चे का हाथ और सिर नजर आया. यह देखकर वह घबरा गई और तुरंत अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया. आनन-फानन में एएनसी, पीएनसी कक्ष और लेबर रूम की जांच की गई. यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कहीं कोई महिला ऐसी तो नहीं है, जिसने हाल ही में प्रसव किया हो और बच्चा उसके साथ न हो. हालांकि जांच के दौरान ऐसी किसी महिला का पता नहीं चल सका. पुलिस को दी गई सूचनाघटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत परासिया पुलिस थाने को सूचना दी गई. शाम करीब 4:30 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात के शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई. लेकिन यह काम आसान नहीं था. नवजात का शव कमोड के पाइप में बुरी तरह फंसा हुआ था. शव निकालने के लिए पुलिस, अस्पताल स्टाफ और नगर पालिका के कर्मचारियों को घंटों मेहनत करनी पड़ी. कई प्रयासों के बाद भी जब शव बाहर नहीं आ सका, तो आखिरकार टॉयलेट के कमोड को तोड़ने का फैसला लिया गया. लंबी मशक्कत के बाद रात करीब 8 बजे शव को बाहर निकाला जा सका. शव निकालने में लगे करीब 7 घंटेपरासिया प्रभारी बीएमओ डॉक्टर सुधा बख्शी ने बताया कि स्टाफ नर्स से सूचना मिली थी कि महिला शौचालय में पानी नहीं जा रहा है और कुछ फंसा हुआ है. तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण किया गया, जिसमें नवजात के फंसे होने की पुष्टि हुई. इसके बाद लिखित तहरीर बनाकर पुलिस को सूचना दी गई. शव निकालने में करीब 7 घंटे लगे. पुलिस ने नवजात के शव को बरामद कर लिया है और अब पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह अमानवीय कृत्य किसने और किन हालात में किया. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 84

सांसद खेल महोत्सव के दौरान दिया बासी भोजन, 400 बच्चों ने बदबूदार खाने के फेंक दिए पैकेट

सांसद खेल महोत्सव के दौरान दिया बासी भोजन, 400 बच्चों ने बदबूदार खाने के फेंक दिए पैकेट

Stale food served during MP Sports Festival, 400 children threw away the smelly food packets मंदसौर ! सीतामऊ के श्रीराम विद्यालय में चल रहे सांसद खेल महोत्सव के दौरान भोजन व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। आयोजन में पहुंचे लगभग 400 बच्चों ने आयोजकों की ओर से दिया गया भोजन खाने योग्य न होने की शिकायत की। कई बच्चों ने भोजन से दुर्गंध आने की बात कहते हुए खाने के पैकेट फेंक दिए, जिन्हें बाद में गाय और अन्य पशु खाते हुए देखे गए। बच्चों का आरोप है कि परोसी गई सब्जी बासी थी और खाने से तेज बदबू आ रही थी, जिस कारण उन्होंने भोजन नहीं किया। सांसद की अनुपस्थिति में कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और प्रभारियों पर थी। इसके बावजूद भोजन की गुणवत्ता और अन्य अव्यवस्थाओं ने सांसद खेल महोत्सव की छवि को नुकसान पहुंचाया। इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी नागूलाल मालवीय ने बताया कि उनके व्रत होने के कारण उन्होंने स्वयं भोजन नहीं किया था, लेकिन बच्चों द्वारा भोजन न खाए जाने की जानकारी उन्हें है। recent visitors 73

Cabinet Meeting: कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,,,

Cabinet Meeting: कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,,,

Cabinet Meeting: Major changes in employee management, 7 categories abolished, now only three, irrigation package worth Rs 1782 crore मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा सुधार करते हुए सात प्रकार की नियुक्ति श्रेणियों को समाप्त कर दिया है। अब प्रदेश में केवल तीन ही कैटेगरी रहेंगी। नियमित, संविदा और आउटसोर्स। मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों का अलग वर्ग अब नहीं रहेगा, क्योंकि दोनों की सेवा शर्तें, वेतन और पेंशन समान हैं। कैबिनेट निर्णय के अनुसार, वर्तमान में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन, स्थायीकर्मी सहित अन्य श्रेणियों के कर्मचारी अपने सेवाकाल तक कार्य करते रहेंगे। इनके सेवानिवृत्त होते ही पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे। यदि किसी विभाग को आवश्यकता होगी, तो नियमित पद सृजित कर नई भर्ती की जाएगी। कार्यभारित कर्मचारियों के लिए अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधानसरकार ने यह भी निर्णय लिया कि सेवाकाल में कार्यभारित कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमित पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। अब तक इस संवर्ग में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। न्यायालयीन मामलों में मिलेगी राहतनई व्यवस्था लागू होने के बाद अदालतों में कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न्यायालयीन भ्रम कम होगा और सरकार को बार-बार सुनवाई से राहत मिलेगी। साथ ही अस्थायी पदों के लिए हर साल कैबिनेट से अनुमति लेने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। नियमित और संविदा पर रहेगा जोरसरकार ने दो टूक कहा है कि भविष्य में नियुक्तियों का फोकस नियमित और संविदा कर्मचारियों पर रहेगा। आउटसोर्स कर्मी सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे, क्योंकि उनकी सेवाएं एजेंसियों के माध्यम से ली जाती हैं। मुख्यमंत्री ने ब्लाइंड विमेन T20 वर्ल्ड कप 2025 विजेता टीम की तीन मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं बैतूल जिले के भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग मिलने पर शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भोपाल-इंदौर मेट्रो के लिए 90.67 करोड़ स्वीकृतभोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन एवं रखरखाव के लिए राज्य सरकार ने 90.67 करोड़ रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी है। यह राशि मेट्रो संचालन से जुड़े व्यय को पूरा करने के लिए होगी। तीन आदिवासी जिलों को 1782 करोड़ का सिंचाई पैकेजनर्मदा घाटी विकास विभाग के तहत अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए 1782 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज को स्वीकृति दी गई है। इससे अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की 5512 करोड़ रुपए की योजनाएं पूरी होंगी। इन परियोजनाओं से 71,967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और 125 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव होगा। कैबिनेट में अन्य महत्वपूर्ण फैसले recent visitors 74