कुपोषण फ्री के लिए फुल प्रूफ प्लान बनाएं, लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकें…. रिव्यू मीटिंग में सीएम के सख्त निर्देश

कुपोषण फ्री के लिए फुल प्रूफ प्लान बनाएं, लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकें…. रिव्यू मीटिंग में सीएम के सख्त निर्देश

Develop a foolproof plan to eliminate malnutrition, prevent dropouts of Ladli Laxmi girls… CM issues strict instructions in review meeting भोपाल : एमपी सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं। इससे पहले सीएम मोहन यादव विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने कई निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रकिया लागू करने में देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही सीएम ने लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। ड्रॉप आउट रोकने के निर्देशसीएम ने अधिकारियों को लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि इस पर सख्त निगरानी रखें। दरअसल, यह खबरें आ रही थीं कि लाडली लक्ष्मी बेटियां पढ़ाई छोड़ रही हैं। इसी के बाद सीएम ने चर्चा की है। ये रहीं विभाग की उपलब्धियांइसके साथ ही टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। साथ ही स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ देकर एमपी ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। PM JANMAN भवनों की डिजाइन और मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना की गई। भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया। आंगनवाड़ी में गर्म भोजन की व्यवस्थावहीं, सीएम ने तीन वर्ष की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। 2026 से मध्य प्रदेश के शहरी आंगनवाड़ी केंद्रों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन उपलब्ध करवाने की तैयारी है। साथ ही अगले तीन वर्ष में 9000 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे। महिलाओं को मिली मददसाथ ही PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता मिली है। लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण किया गया है। 1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता मिली है। इसके साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दी गई। वहीं, सामग्री टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी होगी तो वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होगें। सीएम ने तीन साल में कुपोषण को समाप्त करने के लिए फुल प्रूफ कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ब्रेस्ट फीडिंग के लिए जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। recent visitors 61

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

Companies linked to BJP MLA Sanjay Pathak have been served notices of ₹443 crore, with the collector issuing a 15-day ultimatum. भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से संबद्ध तीन खनन कंपनियों को सरकार ने 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की भारी-भरकम वसूली नोटिस थमाया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि विधानसभा में दी गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के जवाब में खनिज साधन विभाग ने बताया कि जांच में स्वीकृत सीमा से अधिक रेत निकालने का बड़ा घोटाला पकड़ा गया है। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, वे इस प्रकार हैं— आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – ग्राम टिकरिया निर्मिला मिनरल्स – ग्राम दुबियारा पैसिफिक एक्सपोर्ट – ग्राम झिठी जबलपुर कलेक्टर ने 10 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर सभी कंपनियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य देयकों का भुगतान अनिवार्य बताया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठा रही है, और अब 443 करोड़ की यह वसूली कार्रवाई राजनीतिक हलचल तेज कर रही है। recent visitors 56

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे दो साल की समीक्षा, मंत्री बताएंगे लेखा-जोखा और कार्य योजना

Chief Minister Dr. Mohan Yadav will review the two years, ministers will present the accounts and action plan. भोपाल ! मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।दो दिन समीक्षा भोपाल और दो दिन खजुराहो में होगीसमीक्षा का कार्यक्रम चार दिनों का होगा, जिसमें दो दिन बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के पश्चात सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगेसरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।यह भी पढ़ें- जिस घर में CM मोहन यादव ने अपनी बेटी ब्याही उसी घर की लड़की को बना रहे अपने घर की बहू, जानें कौन हैं इशिता?क्या है समीक्षा का उद्देश्य? बैठक में विभागीय मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य न केवल पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है, बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक सुदृढ़, लक्ष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित शासन ढांचा तैयार करना भी है।2 दिसंबर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा।3 दिसंबर- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण, कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।8 दिसंबर- खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।9 दिसंबर- लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी। recent visitors 64

मध्यप्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन: किसानों की लड़ाई में कांग्रेस आक्रामक, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने उठाई बुलंद आवाज

Second day of Madhya Pradesh Assembly winter session: Congress aggressive in farmers’ fight, Leader of Opposition Umang Singar raised his voice भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन किसानों की बदहाली और अधिकारों को लेकर सदन का माहौल गर्म रहा। कांग्रेस विधायक दल ने भाजपा सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के अन्नदाता को आज भी खाद, फसल खरीदी के उचित मूल्य और मुआवज़े के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सड़कों पर उतरने को मजबूर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने खोला मोर्चा प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने किसानों की पीड़ा को जोरदार तरीके से उठाया और सरकार पर सीधा हमला बोला।सिंगार ने कहा— प्रदेश का अन्नदाता बेबस है, और भाजपा सरकार केवल घोषणाओं का ढोल पीट रही है। भावांतर की झुनझुनी बजती रही लेकिन किसानों के खेत भाजपा सरकार रूपी चिड़िया चुग गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी। कांग्रेस का आरोप: विकास के नाम पर सिर्फ खोखले दावे विपक्ष ने दावा किया कि भाजपा शासन में न तो खाद वितरण सुचारू है, न समर्थन मूल्य व्यवस्था। फसल खराब होने पर मुआवज़ा और बीमा भुगतान में हो रही देरी ने किसान को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार लगातार आंकड़ों का खेल खेलकर किसानों की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटका रही है। सदन के बाहर माहौल गर्म, अंदर विपक्ष का जोरदार दबाव विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने पोस्टर और तख्तियाँ लेकर विरोध जताया।संदेश साफ था — अन्नदाता की अनदेखी नहीं चलेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। recent visitors 65

पुलिस ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान इटौरा रोड से अवैध हथियार 315 बोर देशी कट्टा एवं कारतूस सहित आदतन अपराधी को किया गिरफ्तार

During the area visit, the police arrested a habitual criminal from Itaura Road with illegal weapons, 315 bore country-made pistol and cartridges. छतरपुर । पुलिस द्वारा अवैध हथियार के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अवैध हथियार जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। हथियारों के स्रोत संबंधी जानकारी एकत्र कर संलिप्त अपराधियों की धर पकड़ की जा रही है। विगत दिनों में छतरपुर जिले में 476 से अधिक आरोपी अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किए गए हैं। जिसमें अवैध हथियार निर्माण फैक्टरियों में छापामार कार्यवाही भी है। थाना गौरिहार पुलिस को क्षेत्र भ्रमण के दौरान गौरिहार इटौरा रोड में अवैध हथियार सहित संदिग्ध की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम संबंधित स्थान इटौरा  रोड  पहुंची। पुलिस को देखकर संदेही ने भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने संदेही को पकड़ा। तलाशी लेने पर अवैध 315 बोर का देशी कट्टा एवं जिंदा कारतूस मिला, बरामद कर आरोपी को अभिरक्षा में लिया गया। आरोपी उदयभान द्विवेदी पिता रामशरण द्विवेदी निवासी गौरिहार, जिला छतरपुर के विरुद्ध आयुध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर विधिवत कार्यवाही की गई। आरोपी हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, अवैध हथियार जैसे 17 अपराधों में लिप्त है। अभियुक्त को न्यायालय पेश किया गया। अवैध हथियार के विरुद्ध कार्यवाही निरंतर जारी है। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी लवकुशनगर  नवीन दुबे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गौरिहार निरीक्षक संदीप दीक्षित , उप निरीक्षक सुरेंद्र कुमार मरकाम, आरक्षक अनिल शर्मा, अनिल यादव एवं पुलिस टीम की भूमिका रही। recent visitors 212

सरपंच पुत्र की दबंगई, दस से ज्यादा बंदूकें और 100 राउंड फायर, ताबड़तोड़ गोलीबारी से सहमे बराती

सरपंच पुत्र की दबंगई, दस से ज्यादा बंदूकें और 100 राउंड फायर, ताबड़तोड़ गोलीबारी से सहमे बराती

The Sarpanch’s son’s arrogance, with more than ten guns and 100 rounds of fire, terrified the wedding guests. मुरैना ! जिले के मालनपुर थाना क्षेत्र के घिंरोगी गांव में एक शादी समारोह के दौरान जमकर हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है। यहां ग्वालियर से आए डांसरों के कार्यक्रम के बीच युवकों ने लाइसेंसी हथियारों से करीब 100 राउंड फायर किए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जानकारी के अनुसार घिंरोगी के सूरज भान गुर्जर के भतीजे राहुल की शादी में रंगारंग कार्यक्रम रखा गया था। शादी में ग्वालियर से डांसर बुलाए गए थे। जैसे ही डांसरों का कार्यक्रम शुरू हुआ। कुछ युवक हथियार लेकर मंच के पास आ गए और लगातार फायरिंग करने लगे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में दस से ज्यादा बंदूकें मौजूद थीं और लगभग सौ राउंड से अधिक गोलियां चलाई गईं। भीड़ भरे कार्यक्रम में इस तरह की फायरिंग से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रही, लेकिन किसी ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। आरोपी युवक अरविंद गुर्जर है, जो मुरैना विकास खंड की बड़बारी पंचायत के वर्तमान सरपंच राजवीर गुर्जर का बेटा है।शाम एक शादी समारोह में अरविंद ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से एक के बाद एक हर्ष फायर किए। वीडियो में वह एक कुर्सी पर बैठकर बंदूक को सामने की ओर तानकर लगातार फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। जैसे ही वीडियो पुलिस तक पहुंचा, मालनपुर थाना पुलिस हरकत में आ गई। वीडियो के आधार पर तीन अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस शादी के आयोजकों से भी पूछताछ कर रही है। एसडीओपी रविन्द्र वास्कले ने बताया हर्ष फायरिंग कानूनन अपराध है। वीडियो की जांच की जा रही है, आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि हर्ष फायरिंग में शामिल किसी भी युवक को बख्शा नहीं जाएगा। recent visitors 78

एमपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र 2025, छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड पर बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे विपक्षी विधायक

MP Assembly begins winter session 2025, opposition MLAs arrive with effigies of children and ‘Putana’ to address the Chhindwara cough syrup scandal. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक अपने हाथों में बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ को लेकर पहुंचे। विपक्ष ने सरकार को ही पूतना बताया और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा किया। सत्र की कम अवधि को लेकर उठाए सवाल। कहा जब विधायक जनहित के मुद्दे उठा ही नहीं सकते हैं तो फिर सत्र बुलाने का क्या मतलब। आसंदी के सामने आकर की नारेबाजी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज बैठक है, उसमें इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। अध्यक्ष की व्यवस्था देने के बाद कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर लौटे। शीतकालीन सत्र में कुल चार बैठकें होंगी। इसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। वहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाताओं से कराने संबंधी विधेयक, दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के वेतन-भत्ते संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। पांच दिसंबर तक चलने वाले सत्र में तीन दिसंबर को अवकाश रहेगा। दो दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक बजट (MP Winter Session) प्रस्तुत होगा, जो 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें ऐसी किसी नई योजना के लिए प्रविधान नहीं रहेंगे, जिसका भार राज्य के कोष पर आए। केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्यांश के साथ, जल जीवन मिशन, भावांतर योजना और अधोसंरचना विकास की योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाववहीं, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव तीन साल के बाद फिर सीधे मतदाताओं से कराने के लिए संशोधन विधेयक(MP News) रखा जाएगा। 2022 में पार्षदों के माध्यम से अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। नई व्यवस्था में रिकाल व्यवस्था लागू हो जाएंगी यानी अध्यक्ष के प्रति अविश्वास होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाव कराएगा। दुकानदार और कामगारों के लिए सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश, दुकान खोलने के लिए गुमास्ता लाइसेंस की फीस पांच हजार रुपये करने जैसे प्रविधान दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किए जाएंगे। चार दिन के सत्र में 1497 सवालसत्र के लिए सदस्यों ने 1,497 प्रश्न भेजे हैं। छह स्थगन, 194 ध्यानाकर्षण, 52 शून्यकाल और 14 अशासकीय संकल्प की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। उधर, कांग्रेस सत्र में कानून-व्यवस्था, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर), जल जीवन मिशन की गड़बड़ी, कृषि उपजों का मूल्य के साथ खाद समय पर नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी। recent visitors 85