जबलपुर शहर में यातायात नियंत्रित बना बीमारी, चार चौराहों पर नए सिग्नल लगाने की तैयारी

Traffic management has become a problem in Jabalpur city; preparations are underway to install new signals at four intersections. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। जबलपुर शहर में यातायात नियंत्रित करने के लिए 23 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं, इसके बावजूद लगभग हर प्रमुख चौराहे पर जाम की स्थिति बन रही है। कहीं सड़क किनारे अतिक्रमण और ठेले-टपरे यातायात की राह रोक रहे हैं, तो कहीं बेतरतीब पार्किंग के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सिग्नल होने के बावजूद कई वाहन चालक लाल बत्ती की अनदेखी कर निकल जाते हैं। इससे यातायात व्यवस्था बिगड़ने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। नियम तोड़ने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं, लेकिन सड़क पर व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बरकरार है। यातायात पुलिस के दस्तावेज के अनुसार, नगर निगम ने रानीताल चौक, रामपुर चौक, एकता चौक और बलदेवबाग चौक पर नए ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव दिया है। दूसरी ओर, दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर रोटरी होने के कारण सिग्नल लगाने में बाधा है। इन स्थानों पर यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है। हालांकि, नए सिग्नल लगाने के प्रस्तावों पर अब तक की कार्रवाई और स्थापना की समयसीमा नहीं है। सिर्फ सिग्नल लगाने से नहीं सुधरेगी व्यवस्थाचौराहों पर यातायात सुधारने के लिए नए सिग्नल लगाने के साथ मौजूदा व्यवस्थाओं को भी प्रभावी बनाना जरूरी है। सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, ठेले-टपरों को निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित करने, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने और लाल बत्ती तोड़ने वालों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। चौराहों की बनावट, डिवाइडर, सड़क संकेतक और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्तों की समीक्षा भी जरूरी है। लाल बत्ती तोड़कर निकलते वाहन, बढ़ रहे चालानट्रैफिक सिग्नल लगे होने का उद्देश्य वाहनों की आवाजाही को निर्धारित क्रम में संचालित करना है, लेकिन नियमों की अनदेखी इस व्यवस्था को कमजोर कर रही है। वाहन चालक लाल बत्ती होने के बावजूद चौराहे से निकलने का प्रयास करते हैं। इससे दूसरे मार्ग से आने वाले वाहनों के साथ टकराव का खतरा बढ़ जाता है। दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर बड़ी चुनौतीशहर के दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर रोटरी होने के कारण ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करने में दिक्कत है। ऐसे में इन चौराहों पर सड़क की बनावट, यातायात संकेतक, लेन अनुशासन और पुलिस की निगरानी के जरिए यातायात नियंत्रित करने की जरूरत है। नए चौराहों में सिग्नल लगाने के लिए यातायात विभाग ने प्रस्ताव बनाया है लेकिन यह कब तक लगेंगे यह साफ नहीं है। इन चार चौराहों पर नए सिग्नल प्रस्तावितरानीताल चौक : यातायात को नियंत्रित करने के लिए सिग्नल लगाने का प्रस्ताव।रामपुर चौक : वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने के लिए नई व्यवस्था की जरूरत।एकता चौक : यातायात प्रबंधन के लिए सिग्नल लगाने की योजना प्रस्तावित।बलदेवबाग चौक : चौराहे पर यातायात नियंत्रण के लिए नए सिग्नल का प्रस्ताव।सिग्नल लगे, लेकिन सड़क पर व्यवस्था नदारद जबलपुर शहर के गोहलपुर चौराहा, ब्लूम चौक, नागरथ चौक, रद्दी चौकी, घमापुर चौक, तीनपत्ती चौक, लेबर चौक, मढ़ाताल तिराहा, नौदरा ब्रिज, उखरी तिराहा, पेंटीनाका, आधारताल तिराहा, अहिंसा चौक, दर्शन तिराहा, सगड़ा तिराहा और जबलपुर अस्पताल तिराहा सहित 23 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं। इसके बावजूद कई चौराहों पर यातायात का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति बन जाती है। इसकी एक बड़ी वजह सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं। चौराहों के आसपास ठेले-टपरे लगने और वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो जाती है। ऐसे में सिग्नल हरा होने के बाद भी वाहन आसानी से आगे नहीं बढ़ पाते। कुछ स्थानों पर सड़क की बनावट और वाहनों के अनियंत्रित आवागमन से भी परेशानी बढ़ती है। recent visitors 27

बुधनी वन क्षेत्र में आदिवासियों के मकान तोड़े जाने के मामले में कलेक्टर ने सीएम को सौंपी रिपोर्ट

The Collector has submitted a report to the Chief Minister regarding the demolition of tribal homes in the Budhni forest area. भोपाल। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान आदिवासियों के मकान तोड़े जाने के मामले में जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को भेजी इस रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे जिलों से आए लोगों ने सागौन के पौधे काटकर वन भूमि पर झोपड़ियां बना लीं थीं।बता दें कि इसी मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह प्रभावित परिवारों के धरने में शामिल हुए थे। मंगलवार को तीसरे दिन भी वन विकास निगम के डिपो के बाहर यह धरना-प्रदर्शन जारी रहा।रिपोर्ट के मुताबिक, भैरूंदा तहसील के लाड़कुई परिक्षेत्र की कोसमी बीट स्थित रिजर्व फारेस्ट के कंपार्टमेंट 426 में वन विकास निगम की 31.48 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई।वर्ष 2020 में 186.960 हेक्टेयर वन भूमि सामान्य वनमंडल से वन विकास निगम के सीहोर परियोजना मंडल को हस्तांतरित की गई थी। निगम ने 2021 में इसके 135 हेक्टेयर क्षेत्र में 3,37,500 सागौन के पौधे लगाए थे। इनमें से 78,700 पौधे काटकर 31.48 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा किया गया। गूगल अर्थ की टाइमलाइन तस्वीरों के अनुसार, 2021 तक पूरा कंपार्टमेंट खाली था।वर्ष 2022 में सुनील (पिता शैतान) और अन्य 11 लोगों ने पौधारोपण नष्ट कर अस्थायी झोपड़ियां बनाईं और खेती के लिए 31.48 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा किया।कलेक्टर की रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 अक्टूबर को कार्रवाई के दौरान हटाए गए सभी नौ कब्जाधारियों के सिंहपुर और हबीबनगर में पहले से पक्के मकान, मकान नंबर और वोटर आइडी कार्ड दर्ज हैं।भैरूंदा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि भूमिहीन होने का दावा करने वाले इन लोगों के मूल गांवों में पक्के मकान हैं। कार्रवाई में नौ झोपड़ियां हटाई गईं और अवैध कुएं को मिट्टी-मुरम से भरकर पूरी प्रक्रिया की ड्रोन वीडियोग्राफी कराई गई।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे और मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को फोन पर जानकारी दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए। सरकार की रिपोर्ट पूरी तरह गलत है। हम वर्षों से यहां रह रहे हैं और हमारे पास सभी दस्तावेज व प्रमाण हैं। सरकार आदिवासी गरीब भाई-बहनों को परेशान कर जबरन जमीन से बेदखल कर रही है। हम भी सारे प्रमाण उपलब्ध कराएंगे।— रमेश बारेला, बारेला समाज के अध्यक्ष recent visitors 18

हेड कॉन्स्टेबल निकला 6.26 करोड़ की संपत्ति का मालिक, 15 ठिकानों पर लोकायुक्त छापा

Head Constable found to own assets worth ₹6.26 crore; Lokayukta raids 15 locations. इंदौर । इंदौर और देवास जिलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार सुबह एक पुलिसकर्मी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह कार्रवाई इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने सुबह छह 6 बजे से देवास और इंदौर में स्थित कुल 15 ठिकानों पर एक साथ सर्चिंग अभियान चलाया। करोड़ों की संपत्ति और अनुपातहीन आय का खुलासाशुरुआती जांच के दौरान आरोपी हेड कॉन्स्टेबल के पास लगभग 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, यह संपत्ति उसकी वैध आय से करीब 223 फीसदी अधिक है। एसपी राजेश सहाय ने जानकारी दी कि आरोपी को वेतन के रूप में लगभग 75 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है और अन्य सभी स्रोतों को मिलाकर उसकी कुल वैध आय करीब 1.93 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस विभाग की आड़ में प्रभाव का दुरुपयोगजांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी फिरोज खान पुलिस विभाग में अपने पद का धौंस जमाकर देवास क्षेत्र के विवादित जमीनों और प्लॉटों के मामलों में अवैध रूप से हस्तक्षेप करता था। उस पर अन्य लोगों के जरिए जमीनों की खरीद-फरोख्त करने, बेहिसाब संपत्तियों में भारी निवेश करने, परिवार के सदस्यों के अलावा एक परिचित महिला के नाम पर संपत्तियां खरीदने, कई वाहन रखने और लकड़ी का अवैध कारोबार करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। फर्मों के जरिए काले धन का लेन-देन और बेनामी निवेशलोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी नाम से एक फर्म संचालित है, जिसके बैंक खातों में करोड़ों रुपये का भारी-भरकम लेन-देन हुआ है। इसके अलावा, आरोपी की परिचित रोशनी वर्मा द्वारा रोशनी सेल्स एंड सर्विस नाम से दूसरी फर्म चलाए जाने की जानकारी भी मिली है। जमीनों की खरीद में इन सभी की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद लोकायुक्त ने इन्हें भी मामले में आरोपी बनाया है। साथ ही, फिरोज खान ने रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट फर्म के माध्यम से रियल एस्टेट सेक्टर में भी भारी निवेश किया है। सांवेर में जमीन के सौदे और ठिकानों पर दबिशजांच के दौरान सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा एक संदिग्ध मामला भी प्रकाश में आया है। इस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता के पुत्र और पिता के बीच विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवा लिया था। लोकायुक्त की टीम इस सौदे के दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है। वर्तमान में देवास में 11 और इंदौर में 4 ठिकानों पर आवासीय मकान, फ्लैट, कृषि भूमि, प्लॉट और व्यावसायिक संपत्तियों की तलाशी जारी है। इस पूरी कार्रवाई में 8 अधिकारियों की टीम बैंक खातों, निवेश के कागजातों और अन्य वित्तीय साक्ष्यों को खंगालने में जुटी हुई है। recent visitors 43

जबलपुर: कालीमठ गरबा महोत्सव का भव्य समापन, गरबा की धुन पर झूमीं महिलाएं और बच्चे

Jabalpur: Kalimath Garba Festival concludes with grand celebrations; women and children dance to the tunes of Garba. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। कालीमठ आश्रम, मदन महल में आयोजित कालीमठ गरबा महोत्सव का आज, 12 अक्टूबर को भव्य समापन हुआ। चार दिवसीय गरबा वर्कशॉप के बाद आयोजित ग्रैंड फिनाले गरबा नाइट में महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में उत्सव का माहौल बना दिया। महोत्सव का आयोजन विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए किया गया था। फ्लेक के अनुसार, गरबा वर्कशॉप 8 से 11 अक्टूबर तक आयोजित हुई, जिसमें प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग बैच निर्धारित किए गए थे। इसके बाद सोमवार, 12 अक्टूबर को शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक ग्रैंड फिनाले गरबा नाइट आयोजित की गई। कार्यक्रम में गरबा और पारंपरिक नृत्य के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी कला और उत्साह प्रदर्शित करने का अवसर मिला। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना तथा सामूहिक उत्सव के लिए मंच उपलब्ध कराना रहा। स्थान: कालीमठ आश्रम, मदन महल, जबलपुर। कालीमठ गरबा महोत्सव का समापन उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच हुआ। आयोजकों की ओर से प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ इस आयोजन को संपन्न किया गया। recent visitors 40

झूले से गिरकर बच्चे का पैर फ्रैक्चर, प्राचार्य और प्रबंधन को कोर्ट का नोटिस।

Child’s leg fractured after falling from a swing, court notice to principal and management. हरिप्रसाद गोहे  आमला। स्कूल परिसर में झूले से गिरकर छात्र का पैर फ्रैक्चर होने का मामला करीब डेढ़ साल बाद न्यायालय पहुंचा है। अप्रैल 2025 में हुई इस घटना में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर पीड़ित बच्चे के पिता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, आमला के न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन प्राचार्य और स्कूल प्रबंधन प्रमुख को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 के तहत व्यक्तिगत उपस्थिति के नोटिस जारी किए हैं। न्यायालय ने दोनों को आगामी 30 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इलाज में खर्च हुए 20 हजार, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप। परिवादी पिता के अनुसार हादसे में उनके बच्चे के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ था, जिसके उपचार में लगभग 20 हजार रुपए का खर्च आया। पिता ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों की सुरक्षा में कथित लापरवाही बरतने और हादसे के बाद उपचार खर्च में अपेक्षित सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया है। बताया गया कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के समक्ष शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर पिता ने अधिवक्ता शिवम उपाध्याय के माध्यम से न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। अब न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत संबंधित जिम्मेदारों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के नोटिस जारी किए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा स्कूलों की अहम जिम्मेदारी। निजी स्कूलों की जिम्मेदारी बेहतर शिक्षा देने के साथ बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। खेल उपकरणों का सुरक्षित रखरखाव, समय-समय पर मेंटेनेंस और बच्चों की उचित निगरानी बेहद जरूरी है। हालांकि इस मामले में लापरवाही की वास्तविक जिम्मेदारी न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। यह घटना स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और हादसों की स्थिति में समय पर उचित कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है। recent visitors 19

संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में भी RTI को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

RTI matters are not being taken seriously at the Divisional Joint Director’s office either. हरिप्रसाद गोहेआमला । सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को पारदर्शिता का सबसे बड़ा हथियार माना जाता है, लेकिन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग नर्मदापुरम् संभाग में ही इस कानून को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।प्राप्त जानकारी अनुसार पत्रकार हरिप्रसाद गोहे द्वारा नगर पालिका परिषद आमला के लोक सूचना अधिकारी के विरुद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील दायर की गई थी।उक्त प्रथम अपील के निराकरण हेतु कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास नर्मदापुरम् संभाग द्वारा पत्र क्रमांक /स.सं./सू.अ./प्र.क्र.166/2026/1505 दिनांक 05/10/2026 के माध्यम से प्रकरण में सुनवाई हेतु दिनांक 12/10/2026 को दोपहर 12:30 बजे आयुक्त कार्यालय नवीन भवन रूम नंबर 54 में उपस्थित होने हेतु सूचना पत्र जारी किया गया था।नियत तिथि 12 अक्टूबर को अपीलार्थी पत्रकार हरिप्रसाद गोहे निर्धारित समय पर संबंधित कार्यालय में उपस्थित हुए, परंतु खेद का विषय है कि सुनवाई हेतु न तो संभागीय संयुक्त संचालक स्वयं कार्यालय में उपस्थित थे और न ही प्रतिवादी लोक सूचना अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद आमला सुनवाई में पहुंचे। जब अधिकारी ही गंभीर नहीं तो अधीनस्थों से क्या उम्मीद – हरिप्रसाद गोहे।इस संबंध में पत्रकार हरिप्रसाद गोहे ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब प्रथम अपीलीय अधिकारी संभागीय संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी ही RTI जैसे महत्वपूर्ण अधिनियम की सुनवाई को गंभीरता से नहीं लेते, तो अधीनस्थ कार्यालयों से पारदर्शिता की क्या उम्मीद की जा सकती है।उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित से संबंधित कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद जब नगर पालिका परिषद आमला में RTI के तहत जानकारी चाही जाती है, तो लोक सूचना अधिकारी अनियमितताओं पर पर्दा डालने के उद्देश्य से आवेदकों को जानकारी उपलब्ध ही नहीं कराते हैं।‘सैयां भए कोतवाल तो अब डर काहे का’।नगर में चर्चा है कि नगर पालिका परिषद आमला के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते आमला में ‘सैयां भए कोतवाल तो अब डर काहे का’ कहावत चरितार्थ हो रही है।पीड़ित पत्रकार ने बताया कि इस पूरे मामले की शिकायत अब नगरीय विकास एवं आवास मंत्री से करने की तैयारी की जा रही है। recent visitors 18

‘रोज 100 से 300 रुपये की भीख के बदले मिलता है सिर्फ खाना’, बच्चे का वीडियो वायरल

‘Gets only food in exchange for ₹100–₹300 in daily alms’ – video of child from Gwalior goes viral. ग्वालियर। बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के अभियान की पोल खोलता एक वीडियो सोमवार को वायरल हुआ। बैजाताल पर बैठे एक बच्चे से वीडियो में युवक बात कर रहा है जिसमें वह बता रहा है कि रोज 100 से 300 रुपये तक भीख मिलती है जिसे मुखिया को दे देता है और बदले में सिर्फ खाना मिलता है। बच्चे के ऐसे और भी कई साथी है, उसने खुद को फूलबाग पर रहना बताया। इस वीडियो से प्रशासन से लेकर बाल भिक्षावृत्ति रोकने वाले विभागों के अभियान पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पहले इसको लेकर तिराहों व सिग्नलों पर भीख मांगते बच्चों को रेस्क्यू करने का अभियान काफी चला था। ग्वालियर जिले में बाल भिक्षावृत्ति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया था जिसमें इस अभियान में महिला बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, विशेष किशोर पुलिस इकाई, नेहरू युवा केंद्र और सेंटर फॉर डेवलपमेंट के सदस्य सक्रिय रूप से शामिल थे। इसके बाद बीच-बीच में चलकर यह अभियान अब सक्रिय नहीं दिखता है। वर्तमान में हकीकत यह है कि मंदिरों से लेकर चौराहों व तिराहों के साथ सिग्नलों पर बाल भिक्षावृत्ति आसानी से देखी जा सकती है लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। इधर, मालगाड़ी की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की मौतबिरलानगर और रायरू रेलवे स्टेशन के बीच सोमवार सुबह मालगाड़ी की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। रेलवे ट्रैक के पास युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को एंबुलेंस से ले जाया गया। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 6:55 बजे झांसी मंडल के नियंत्रण कक्ष से सूचना मिली कि बिरलानगर-रायरू के बीच किलोमीटर नंबर 1228/21 पर डाउन मालगाड़ी संख्या 156 से दुर्घटना हुई है। सूचना पर बिरलानगर में तैनात रेलवे सुरक्षा बल के आरक्षक धर्मवीर सिंह और नरपाल घटनास्थल पर पहुंचे। वहां रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव पड़ा मिला। मौके पर बिरलानगर स्टेशन के पाइंट्समैन सुनील कुमार भी मौजूद थे। कुछ देर बाद जीआरपी ग्वालियर की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। मृतक की पहचान दीपक चौरसिया, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई। मौके पर पहुंचे उसके चचेरे भाई शिवदत्त ने उसकी पहचान की। हालांकि, घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। मृतक के पास तलाशी के दौरान यात्रा टिकट, पहचान संबंधी दस्तावेज या अन्य सामान नहीं मिला। पंचनामा की कार्रवाई के बाद जीआरपी ने सुबह करीब 10:30 बजे शव को आगे की कार्रवाई के लिए भिजवा दिया। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। recent visitors 23