भोपाल के होटल ज्वैल पैलेस संचालक ने किया फर्जीवाड़ा

Bhopal’s Hotel Jewel Palace operator committed fraud भोपाल (सुशील दामले) ! होटल ज्वैल पैलेस संचालक ने अपने ग्राहकों के साथ किया फर्जीवाड़ा वहीं हम आपको बता दे की रानी कमलापति स्टेशन के सामने होटल ज्वैल पैलेस संचालित हो रही है होटल संचालक ने कूपन देकर ग्राहक बनाएं और ग्राहक को लुभावना ऑफर देकर ग्राहक बनाएं और जब ग्राहक अपने कूपन लेकर आये तो रूम देना की बात तो दूर रहीं,होटल संचालक ने ग्राहकों से अभद्र व्यवहार किया ओर होटल संचालक ने बहुत सारे ग्राहकों के साथ फोर्ड किया है अब होटल के कूपन को लेकर सावधान हो जाए होटल संचालक ने जितने भी कूपन ग्राहकों को दिए थे परंतु उसने अपना होटल दूसरे को बैच दिया आप जो नए होटल संचालक आए हैं वो कूपन लेने से इनकार कर रहे हैं वर्तमान मालिक का कहना है कि इससे पूर्व में जिसको हमने यह होटल संचालित करने को दी थी उसके द्वारा यह कार्य किया गया है इसके लिए हम जिम्मेदार नहीं है अब मामला यह बनता है कि दोनों में से कौन सही है कौन गलत है लेकिन जो इतना बड़ा फर्जी बड़ा हुआ है उसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन पुलिस के लिए जांच का विषय है recent visitors 99

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश recent visitors 101

श्रीराम सेवा संकल्प के द्वारा एक अनोखी पहल

A unique initiative by Shri Ram Seva Sankalp भोपाल (सुशील दामले)। श्रीराम सेवा संकल्प के द्वारा एक प्रशंसनीय पहल देखने को मिली जो महिलाएं एवं पुरुषों को नि शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण दे रहे हैं,वहीं इंडियन आर्मी से सेवा-निर्वित हुऐ दीनदयाल सिंह रघुवंशी ने हमें बताया कि,हमारी संस्था महिला एवं पुरुषों को नि शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देती आ रही है जिसमें हमने हाल ही में 180 महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया और लाइसेंस दिया,संस्था में प्रतिदिन ड्राइविंग सीखने आए लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में बताया जाता है,तत्पश्चात प्रैक्टिकल करवाया जाता है,आप सभी देख रहे हैं कि ड्राइवर का प्रशिक्षित सही से न होने की वजह से बहुत सारी समस्या एवं सड़क दुर्घटना होती हैं,वहीं हमारा संकल्प है कि हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण दे सके,वहीं प्रशिक्षण लेने आए लोगों ने हमें बताया कि,संस्था की ये प्रशंसनीय पहल है जिससे हम लोग नि शुल्क प्रशिक्षण ले रहे हैं,नहीं तो हमारे काफी पैसे लग जाते,वहीं दीनदयाल सिंह रघुवंशी ने हमारे चैनल से की ख़ास बात चीत recent visitors 162

प्रहलाद पटेल के बयान पर बवाल: कांग्रेस ने किया पुतला दहन

Ruckus over Prahlad Patel’s statement: Congress burns effigy भोपाल (सुशील दामले) ! आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी साकेत नगर के द्वारा भारतीय जनता पार्टी के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल का पुतला दहन गोविंदपुरा विधानसभा के वार्ड 57 कस्तूरबा हॉस्पिटल के सामने किया गया जिसमें कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी रविंद्र साहू झूमरवालाजी में कहां कि भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रहलाद पटेल के द्वारा जनता जनार्दन को भिखारी जैसे शब्दों से उल्लेखित किया है यह ना सिर्फ लोकतंत्र का अपमान है अपितु भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और मंत्रियों के अहंकार को भी प्रदर्शित करता है भारतीय जनता पार्टी जब अपने किए गए वादों को पूरा नहीं करती है और जनता मंत्री को याद दिलाती है तो मंत्री को जनता भिखारी नजर आती है ब्लॉक कांग्रेस कमेटी साकेत नगर के अध्यक्ष राहुल दहिया ने इस उपलक्ष्य में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रहलाद पटेल के अमर्यादित बयान का विरोध करते हुए सभी ब्लॉकों में पुतला दहन का आयोजन रखा गया है ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भी प्रह्लाद पटेल के बयान की घोर निंदा करती है और आक्रोष स्वरूप आज उनका पुतला दहन किया गया प्रशिक्षण प्रभारी नरेश सिंह जादौन ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद जनता का सम्मान है और जब वादे पूरे नहीं होगे तो जनता उसकी शिकायत जनप्रतिनिधियों से ही करेंगी लेकिन भारतीय जनता पार्टी में तो यह परंपरा हो गई है जो जितना लोकतंत्र विरोधी बयान देगा उसकी तरक्की होती है यदि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अपने मंत्री के बयान का समर्थन नहीं करता है तो उसे तुरंत कार्रवाई करना चाहिए आज के कार्यक्रम में आकाश खरें , अभिषेक जी ,प्रशांत वागले , पीएन उपाध्याय , योगेन्द्र नाथ कौशल, अजय यादव, किशन भाटी, दुलीचंद जांगड़ा ,गिरीश साहू, रितेश सोनी, महेश दुबे , परितोष नंदी ,ओंकार सिंह ,वीरू लाहौरी ,उपेंद्र सिंह , अनिल पवार, अनिल मेहर , सुमित भूरी, देवेंद्र साहू मनोज साहू मनीष पाल कनुपाल राजपाल रितिक साहू रिंकू साहू मथुरा साहू मनोज साहू गोलू विश्वकर्मा गोलू पांडे अजय सूरज साहू पप्पू सेन गुड्डू कुशवाहा अशोक गढ़वाल मथुरा साहू रमेश साहू जी ऋतिक पाल वीरू अहिरवार सहित भारी संख्या में कांग्रेस जन शामिल हुए recent visitors 87

मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा, इसकी प्रक्रिया तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है. विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए स्थानीय कलेक्टरों ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है. इनके प्रस्ताव के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है. मोहन सरकार की कोशिश है कि साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले वे पांचों नगर निगम अस्तित्व में आ जाएं. जिससे आगामी निकाय चुनाव में यहां के मतदाता महापौर को चुन सकें. विधानसभा चुनाव से पहले हो चुकी है घोषणा बता दें कि विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले इन नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है. अब सरकार इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने संबंधित नगर पालिकाओं के सीएमओ, नगर पालिकाओं से संबंधित जिलों के जिला पंचायत सीईओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक की थी. बैठक में नगर पालिका को नगर निगम बनाने के संबंध में एक्शन प्लान पर चर्चा हुई है. भिंड का नोटिफिकेशन भी हो चुका जारी बता दें कि भिंड को नगर निगम घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन 2 अक्टूबर, 2023 को जारी हो चुका है, लेकिन इसे अस्तित्व में आने में 2 साल का इंतजार करना पड़ेगा. नगर पालिका अधिनियम के मुताबिक ग्राम पंचायत को शहरी क्षेत्र में तब तक शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक उनका कार्यकाल पूरा न हो जाए. प्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं. भिंड और 5 नए नगर निगम बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी.     इस तरह नगर पालिका को मिलता है नगर निगम का दर्जा नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए कलेक्टर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजते हैं. इसकी मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम का दर्जा देने की की प्रक्रिया शुरू होती है. सबसे पहले 3 लाख की आबादी के मापदंड को पूरा करने के लिए नगर निगम के क्षेत्र का विस्तार किया जाता है. इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में संकल्प पारित कराया जाता है कि वे नगर निगम में शामिल होने के लिए तैयार हैं. इसके बाद जिला प्रशासन दावे-आपत्तियां बुलाता है. कलेक्टर द्वारा नया प्रस्ताव बनाकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाता है. नगरीय प्रशासन की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए और वहां से इसे राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा जाता है. राज्यपाल की अनुमति के बाद संबंधित नगर पालिका को नगर निगम घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी होता है. recent visitors 55

31 मार्च से पहले बनानी होगी 42 लाख किसान आईडी: एक करोड़ का टारगेट, अब तक 58 लाख किसानों का ही हुआ रजिस्ट्रेशन

42 lakh farmer IDs will have to be created before 31 March: Target is one crore, only 58 lakh farmers have been registered so far भोपाल। प्रदेश में किसानों की कुंडली तैयार करने के लिए फार्मर आईडी जनरेट करने के मामले में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। प्रदेश में एक करोड़ लाख फार्मर आईडी बनाने का टारगेट है। अब तक 58 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। बाकी लक्ष्य पूरा करने के लिए कलेक्टरों को जिलों में कैम्प लगाने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री-स्टेक योजना के अंतर्गत प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा हर किसान और भूमिस्वामी को एक यूनीक आईडी प्रदान की जा रही है। इससे किसानों को ऑनलाइन लोन प्रोसेस पूरी करने में आसानी होगी। सरकार के लिए भी हितग्राही योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण और सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। recent visitors 134

ऊर्जा विकास निगम द्वारा संचालित 1500 करोड़ रूपये की कुसुम किसान सोलर पंप योजना में हुआ करोड़ों का भ्रष्टाचार

Corruption worth crores took place in the Rs. 1500 crore Kusum Kisan Solar Pump Scheme run by Energy Development Corporation मोहन यादव सरकार किसानों को सोलर पंप लगाने दिखा रही झूठे सपने : कांग्रेस का आरोप भोपाल। एक तरफ़ भाजपा की मोहन यादव सरकार किसानों को तीन वर्षों में 30 लाख सोलर पंप लगाने का कपोल कल्पित दिवा स्वप्न दिखा रही हैं, वहीं दूसरी और मध्यप्रदेश के पंजीकृत 46 हज़ार किसान 2017 से अपने खेतोँ में सोलर पंप लगाने का इंतजार कर रहे है। [Read More] सिलसिलेवार समझे किसानों को खामियाजा:- किसानों द्वारा 2017-19 में सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई का विकल्प चुना गया। दुर्भाग्य से पूर्ण भुगतान करने के बावजूद विगत छह सात सालों से वे सोलर पंप की सुविधा के साथ सिंचाई से वंचित रहे। जिसका खामियाजा उन्हें खेती के लिये उपयोग की गयीं बिजली के भारी भरकम बिल चुकाने पड़े। निगम द्वारा यदि टेंडर नोटिफिकेशन के पूर्व ही टेंडर की टर्म्स कंडीशन्स में बदलाव कर दिया जाता तो लगभग सौ से अधिक ठेकेदार टेंडर में भागीदारी करते जिस से ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कम दरों पर सोलर पम्प प्रदाय होते फलस्वरूप किसानों व सरकार को मेहँगे पंपस खरीदने पर आर्थिक हानि नहीं होती है। वर्तमान परिदृश्य में केंद्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सीधे उनके खातों में सब्सिडी का भुगतान किया जाता रहा है किंतु वर्तमान टेंडर में ठेकेदारों को निगम के माध्यम से भुगतान किया जाना क्या निगम की नीयत पर प्रश्न खड़े करता है?(प्रत्येक पंप ओर सोलर की लागत 2.7 लाख रूपये, जीएसटी है, और स्थापना शुल्क सहित) इस टेंडर द्वारा 52,000 रूपये किसानों को उपलब्ध कराने का टारगेट है। इस टेंडर का कुल बजट लगभग 15,000 करोड़ रूपये है। जिसमें भारी भ्रष्ट्रचार करने की निगम की इस टेंडर के माध्यम से तैयारी हैं। ऊर्जा विभाग द्वारा 5 अगस्त 2024 को पुनः टेंडर किये गए। जिसमें लगभग 1500 करोड़ के टेंडर में कई नई शर्तें का समावेश किया गया है जो भारी भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है। [/more] recent visitors 98