श्रीराम सेवा संकल्प के द्वारा एक अनोखी पहल

A unique initiative by Shri Ram Seva Sankalp भोपाल (सुशील दामले)। श्रीराम सेवा संकल्प के द्वारा एक प्रशंसनीय पहल देखने को मिली जो महिलाएं एवं पुरुषों को नि शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण दे रहे हैं,वहीं इंडियन आर्मी से सेवा-निर्वित हुऐ दीनदयाल सिंह रघुवंशी ने हमें बताया कि,हमारी संस्था महिला एवं पुरुषों को नि शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देती आ रही है जिसमें हमने हाल ही में 180 महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया और लाइसेंस दिया,संस्था में प्रतिदिन ड्राइविंग सीखने आए लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में बताया जाता है,तत्पश्चात प्रैक्टिकल करवाया जाता है,आप सभी देख रहे हैं कि ड्राइवर का प्रशिक्षित सही से न होने की वजह से बहुत सारी समस्या एवं सड़क दुर्घटना होती हैं,वहीं हमारा संकल्प है कि हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण दे सके,वहीं प्रशिक्षण लेने आए लोगों ने हमें बताया कि,संस्था की ये प्रशंसनीय पहल है जिससे हम लोग नि शुल्क प्रशिक्षण ले रहे हैं,नहीं तो हमारे काफी पैसे लग जाते,वहीं दीनदयाल सिंह रघुवंशी ने हमारे चैनल से की ख़ास बात चीत recent visitors 158

प्रहलाद पटेल के बयान पर बवाल: कांग्रेस ने किया पुतला दहन

Ruckus over Prahlad Patel’s statement: Congress burns effigy भोपाल (सुशील दामले) ! आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी साकेत नगर के द्वारा भारतीय जनता पार्टी के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल का पुतला दहन गोविंदपुरा विधानसभा के वार्ड 57 कस्तूरबा हॉस्पिटल के सामने किया गया जिसमें कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी रविंद्र साहू झूमरवालाजी में कहां कि भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रहलाद पटेल के द्वारा जनता जनार्दन को भिखारी जैसे शब्दों से उल्लेखित किया है यह ना सिर्फ लोकतंत्र का अपमान है अपितु भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और मंत्रियों के अहंकार को भी प्रदर्शित करता है भारतीय जनता पार्टी जब अपने किए गए वादों को पूरा नहीं करती है और जनता मंत्री को याद दिलाती है तो मंत्री को जनता भिखारी नजर आती है ब्लॉक कांग्रेस कमेटी साकेत नगर के अध्यक्ष राहुल दहिया ने इस उपलक्ष्य में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रहलाद पटेल के अमर्यादित बयान का विरोध करते हुए सभी ब्लॉकों में पुतला दहन का आयोजन रखा गया है ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भी प्रह्लाद पटेल के बयान की घोर निंदा करती है और आक्रोष स्वरूप आज उनका पुतला दहन किया गया प्रशिक्षण प्रभारी नरेश सिंह जादौन ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद जनता का सम्मान है और जब वादे पूरे नहीं होगे तो जनता उसकी शिकायत जनप्रतिनिधियों से ही करेंगी लेकिन भारतीय जनता पार्टी में तो यह परंपरा हो गई है जो जितना लोकतंत्र विरोधी बयान देगा उसकी तरक्की होती है यदि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अपने मंत्री के बयान का समर्थन नहीं करता है तो उसे तुरंत कार्रवाई करना चाहिए आज के कार्यक्रम में आकाश खरें , अभिषेक जी ,प्रशांत वागले , पीएन उपाध्याय , योगेन्द्र नाथ कौशल, अजय यादव, किशन भाटी, दुलीचंद जांगड़ा ,गिरीश साहू, रितेश सोनी, महेश दुबे , परितोष नंदी ,ओंकार सिंह ,वीरू लाहौरी ,उपेंद्र सिंह , अनिल पवार, अनिल मेहर , सुमित भूरी, देवेंद्र साहू मनोज साहू मनीष पाल कनुपाल राजपाल रितिक साहू रिंकू साहू मथुरा साहू मनोज साहू गोलू विश्वकर्मा गोलू पांडे अजय सूरज साहू पप्पू सेन गुड्डू कुशवाहा अशोक गढ़वाल मथुरा साहू रमेश साहू जी ऋतिक पाल वीरू अहिरवार सहित भारी संख्या में कांग्रेस जन शामिल हुए recent visitors 84

मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा, इसकी प्रक्रिया तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है. विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए स्थानीय कलेक्टरों ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है. इनके प्रस्ताव के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है. मोहन सरकार की कोशिश है कि साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले वे पांचों नगर निगम अस्तित्व में आ जाएं. जिससे आगामी निकाय चुनाव में यहां के मतदाता महापौर को चुन सकें. विधानसभा चुनाव से पहले हो चुकी है घोषणा बता दें कि विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले इन नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है. अब सरकार इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने संबंधित नगर पालिकाओं के सीएमओ, नगर पालिकाओं से संबंधित जिलों के जिला पंचायत सीईओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक की थी. बैठक में नगर पालिका को नगर निगम बनाने के संबंध में एक्शन प्लान पर चर्चा हुई है. भिंड का नोटिफिकेशन भी हो चुका जारी बता दें कि भिंड को नगर निगम घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन 2 अक्टूबर, 2023 को जारी हो चुका है, लेकिन इसे अस्तित्व में आने में 2 साल का इंतजार करना पड़ेगा. नगर पालिका अधिनियम के मुताबिक ग्राम पंचायत को शहरी क्षेत्र में तब तक शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक उनका कार्यकाल पूरा न हो जाए. प्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं. भिंड और 5 नए नगर निगम बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी.     इस तरह नगर पालिका को मिलता है नगर निगम का दर्जा नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए कलेक्टर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजते हैं. इसकी मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम का दर्जा देने की की प्रक्रिया शुरू होती है. सबसे पहले 3 लाख की आबादी के मापदंड को पूरा करने के लिए नगर निगम के क्षेत्र का विस्तार किया जाता है. इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में संकल्प पारित कराया जाता है कि वे नगर निगम में शामिल होने के लिए तैयार हैं. इसके बाद जिला प्रशासन दावे-आपत्तियां बुलाता है. कलेक्टर द्वारा नया प्रस्ताव बनाकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाता है. नगरीय प्रशासन की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए और वहां से इसे राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा जाता है. राज्यपाल की अनुमति के बाद संबंधित नगर पालिका को नगर निगम घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी होता है. recent visitors 50

31 मार्च से पहले बनानी होगी 42 लाख किसान आईडी: एक करोड़ का टारगेट, अब तक 58 लाख किसानों का ही हुआ रजिस्ट्रेशन

42 lakh farmer IDs will have to be created before 31 March: Target is one crore, only 58 lakh farmers have been registered so far भोपाल। प्रदेश में किसानों की कुंडली तैयार करने के लिए फार्मर आईडी जनरेट करने के मामले में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। प्रदेश में एक करोड़ लाख फार्मर आईडी बनाने का टारगेट है। अब तक 58 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। बाकी लक्ष्य पूरा करने के लिए कलेक्टरों को जिलों में कैम्प लगाने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री-स्टेक योजना के अंतर्गत प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा हर किसान और भूमिस्वामी को एक यूनीक आईडी प्रदान की जा रही है। इससे किसानों को ऑनलाइन लोन प्रोसेस पूरी करने में आसानी होगी। सरकार के लिए भी हितग्राही योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण और सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। recent visitors 131

ऊर्जा विकास निगम द्वारा संचालित 1500 करोड़ रूपये की कुसुम किसान सोलर पंप योजना में हुआ करोड़ों का भ्रष्टाचार

Corruption worth crores took place in the Rs. 1500 crore Kusum Kisan Solar Pump Scheme run by Energy Development Corporation मोहन यादव सरकार किसानों को सोलर पंप लगाने दिखा रही झूठे सपने : कांग्रेस का आरोप भोपाल। एक तरफ़ भाजपा की मोहन यादव सरकार किसानों को तीन वर्षों में 30 लाख सोलर पंप लगाने का कपोल कल्पित दिवा स्वप्न दिखा रही हैं, वहीं दूसरी और मध्यप्रदेश के पंजीकृत 46 हज़ार किसान 2017 से अपने खेतोँ में सोलर पंप लगाने का इंतजार कर रहे है। [Read More] सिलसिलेवार समझे किसानों को खामियाजा:- किसानों द्वारा 2017-19 में सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई का विकल्प चुना गया। दुर्भाग्य से पूर्ण भुगतान करने के बावजूद विगत छह सात सालों से वे सोलर पंप की सुविधा के साथ सिंचाई से वंचित रहे। जिसका खामियाजा उन्हें खेती के लिये उपयोग की गयीं बिजली के भारी भरकम बिल चुकाने पड़े। निगम द्वारा यदि टेंडर नोटिफिकेशन के पूर्व ही टेंडर की टर्म्स कंडीशन्स में बदलाव कर दिया जाता तो लगभग सौ से अधिक ठेकेदार टेंडर में भागीदारी करते जिस से ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कम दरों पर सोलर पम्प प्रदाय होते फलस्वरूप किसानों व सरकार को मेहँगे पंपस खरीदने पर आर्थिक हानि नहीं होती है। वर्तमान परिदृश्य में केंद्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सीधे उनके खातों में सब्सिडी का भुगतान किया जाता रहा है किंतु वर्तमान टेंडर में ठेकेदारों को निगम के माध्यम से भुगतान किया जाना क्या निगम की नीयत पर प्रश्न खड़े करता है?(प्रत्येक पंप ओर सोलर की लागत 2.7 लाख रूपये, जीएसटी है, और स्थापना शुल्क सहित) इस टेंडर द्वारा 52,000 रूपये किसानों को उपलब्ध कराने का टारगेट है। इस टेंडर का कुल बजट लगभग 15,000 करोड़ रूपये है। जिसमें भारी भ्रष्ट्रचार करने की निगम की इस टेंडर के माध्यम से तैयारी हैं। ऊर्जा विभाग द्वारा 5 अगस्त 2024 को पुनः टेंडर किये गए। जिसमें लगभग 1500 करोड़ के टेंडर में कई नई शर्तें का समावेश किया गया है जो भारी भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है। [/more] recent visitors 92

सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता की कैबिनेट बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा

Cabinet meeting chaired by CM Dr. Mohan Yadav today, many important proposals will be discussed मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी। बैठक में नई लोक परिवहन नीति के प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। किसानों को दूध खरीदी पर प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, जनजातीय देवलोक के जीर्णोद्धार को लेकर प्रस्ताव और नगर एवं ग्राम निवेश की धारा 66 में बदलाव का प्रस्ताव भी आ सकता है। विशेष क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को लेकर कुछ मैदानी अड़चनों को दूर करने के लिए प्रमुख नियमों में बदलाव की चर्चा की जाएगी, ताकि इन क्षेत्रों का तेजी से विकास हो सके। इसके अलावा बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) से प्राप्त निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और मौजूदा उद्योगों को सहयोग प्रदान करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही बैठक में आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों और राज्य के बजट पर विस्तृत चर्चा की संभावना है। प्रदेश का द्वितीय अनुपूरक बजट लगभग चार से पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों द्वारा विधानसभा में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर भी मंथन किया जाएगा। recent visitors 103

भोपाल कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन: हाईकोर्ट ने कहा- याचिका पर 10 दिन में जवाब दें, नहीं तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों

Bhopal Collector did not follow the order of the High Court: High Court said- respond to the petition in 10 days, otherwise appear in person जबलपुर ! भोपाल कलेक्टर ने रेरा से जुड़े मामले में समय पर आरआरसी का निष्पादन नहीं किया, जिसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर 10 दिनों में यह कार्य पूरा नहीं होता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। दो अलग-अलग मामलों में अवमानना याचिकाएं दरअसल, एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निष्पादन करें, लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपये फंसा हुआ है। रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निष्पादन करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। recent visitors 101