मंत्री इंदर सिंह परमार का राहुल गांधी पर विवादित बयान, बोले- ‘विदेशी मां का बेटा कभी…’

minister inder singh parmar controversial statement on rahul gandhi congress Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि विदेशी महिला का बेटा कभी भी देश भक्त नहीं हो सकता. राजधानी भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने राहुल गांधी के बयान पर चाणक्य के समय के घटनाक्रम का जिक्र किया और कहा, “कांग्रेस के नेतृत्व को यह पता ही नहीं है कि हमें देश के साथ बोलना है या दूसरे देश के साथ. ताजा बयान देखिए, इस देश के राष्ट्रीय विचार का विरोध करते-करते भारत राज्य के खिलाफ बोलने का साहस हो गया है.” ‘विदेशी महिला का बेटा नहीं हो सकता देशभक्त’उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि चाणक्य के समय चंद्रगुप्त मौर्य ने एक विदेशी महिला से शादी की थी तब यह शर्त रखी गई थी कि महिला से पैदा हुआ पुत्र मगध का कभी सम्राट नहीं बनेगा, तब चंद्रगुप्त मौर्य को यह वचन देना पड़ा था.” उन्होंने कहा, “मेरी मान्यता है कि विदेशी मां का बेटा कभी देशभक्त नहीं हो सकता. राहुल गांधी के आचरण लगातार देश विरोध की तरफ आगे बढ़ रहे हैं और सारी दुनिया देख रही है.” गुटबाजी पर क्या कहा?वहीं कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, “कांग्रेस में गुटबाजी है, नीचे तक गांव और पंचायत में भी गुटबाजी है, कांग्रेस बंटी हुई है. किसकी कांग्रेस, किस व्यक्ति की कांग्रेस, यह बड़ा रोग लग चुका है. कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने जो कहा है कि कांग्रेस खत्म हो जाएगी, वह सही है.” मंत्री इंदर सिंह परमार ने ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में निजी महाविद्यालयों को मान्यता दिए जाने के मामले पर कहा कि पूरे ही मामले की जांच चल रही है. सरकार सख्त से सख्त कदम उठाने की तरफ आगे बढ़ रही है. इतना ही नहीं, जितने भी निजी महाविद्यालय चल रहे हैं, उनकी भोपाल स्तर से जांच चल रही है. सभी महाविद्यालयों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जा रहा है. अब, मान्यता संबंधी नियम को भी बदला जाएगा, इसके लिए सरकार अपने स्तर पर निर्णय करेगी. recent visitors 222

कांग्रेस ने हमेंशा से डॉ भीमराव अंबेडकर का करती रही अपमान, रैली से पूर्व माफी मांगे : विधायक सप्रे

सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। भाजपा ने हमेशा से डॉ भीमराव अंबेडकर का सम्मान किया है, जबकि कांग्रेस बाबा साहब की हमेशा से विरोधी रही है। जय भीम, जय बापू, जय संविधान” को लेकर विदिशा जिले की कुरवाई विधानसभा से भाजपा के विधायक हरिसिंह सप्रे ने कांग्रेसियों को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर से माफी मांगने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक बार नहीं, बल्कि कई बार बाबा साहब का अपमान किया है। कांग्रेस उनके नाम का इस्तेमाल करके राजनीतिक रोटियां सेंकती रही, लेकिन उनका कभी सम्मान नहीं किया। वहीं भाजपा ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नाम को अमर बनाने के लिए जहां-जहां डॉक्टर अंबेडकर के चरण पड़े, उन स्थानो को ऐतिहासिक स्थल बनाया है। भाजपा सबका विकास-सबका साथ के सिद्धांत पर चलती है, जबकि कांग्रेस सिर्फ अपने परिवार के नाम पर ही सब कुछ करती है। Read more: MP CONGRESS PRESIDENT JITU PATWARI बोले- ‘कैंसर की तरह है गुटबाजी, इसे…’ विधायक सप्रे ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यकाल में महू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया था। अब वहाँ हर साल बड़ी संख्या में डॉ आंबेडकर के अनुयायी के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग पहुंचते हैं। यानि 14 अप्रैल और 6 दिसम्बर को डॉ साहब के सम्मान में मेला लगता है। कांग्रेस बताए कि उसने क्या किया है? यहीं नहीं पूर्व सीएम शिवराज ने महू में डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम से एक विश्वविद्यालय की स्थापना भी की है, जिसमें हजारों बच्चे बाबा साहब के जीवन पर शोध और अध्ययन कर रहे हैं। ऐसे अनेकों काम भाजपा ने अंबेडकर साहब के सम्मान में किए हैं। कांग्रेस सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर दलित हितैषी बनने का ढोंग रचकर सत्ता हासिल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि इतिहास पढ़ कर देख लीजिए कांग्रेस ने कभी बाबा साहब को सम्मान के लायक नहीं समझा है। कांग्रेस को महू में डॉ भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली पर रैली करने का कोई अधिकार ही नहीं है। उसे तो बारम्बार डॉ साहब से माफी मांगना चाहिए। उस पवित्र स्थल को भाजपा ने ही विकसित कर हम सभी के लिए आस्था का केंद्र बनाया है। विधायक सप्रे ने कहा कि मैं भी एक दलित वर्ग से आता हूं। मैं उनके संविधान के कारण ही आज विधायक बना हूं। मेरा दलित भाइयों से आग्रह है कि कांग्रेस के बहकाबे में ना आए। recent visitors 143

MP CONGRESS PRESIDENT JITU PATWARI बोले- ‘कैंसर की तरह है गुटबाजी, इसे…’

CONGRESS PRESIDENT JITU PATWARI इन दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को लेकर पूरे राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को महू आने का निमंत्रण दे रही है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद कई विधानसभाओं में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आमंत्रित कर रहे हैं. इस दौरान वे गुटबाजी छोड़ने का भी आह्वान कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ जोशीला बयान पटवारी ने मनावर में भी दिया. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मनावर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, “अब गुटबाजी छोड़कर कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए आगे बढ़ना होगा”. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर तक कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना पड़ेगा. इसमें ग्राम पंचायत स्तर तक कांग्रेस कमेटी का गठन होना चाहिए. जीतू पटवारी ने कहा कि आने वाले 4 साल तक अगर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बिना छुट्टी लिए संगठन का काम करते हैं तो एमपी में आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता है. पटवारी ने मनावर के साथ-साथ कुक्षी और बड़वानी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें महू आने का आमंत्रण दिया. ‘कांग्रेस में ‘कैंसर’ की तरह है गुटबाजी’- जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने गुटबाजी को कांग्रेस का ‘कैंसर’ बताया है. इस पर बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने पलटवार किया है और कहा कि हम लगातार कांग्रेस में गुटबाजी होने का दावा कर रहे हैं, जिसे कांग्रेस झुठलाती आ रही है. अब जीतू पटवारी खुद कांग्रेस में गुटबाजी को कैंसर बता रहे हैं. जीतू पटवारी ने बीजेपी कार्यकर्ता का दिया उदाहरण प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी का छोटा सा छोटा कार्यकर्ता गांव की चौपाल पर चार लोगों को बीजेपी के समर्थन में आगे बढ़ाने के लिए सफलतापूर्वक समझाइश दे देता है. जब विकास की बात होती है तो गांव और विधानसभा से लेकर प्रदेश और देश तक बात नहीं बनती है, तो बीजेपी कार्यकर्ता पाकिस्तान से अफगानिस्तान तक चर्चा करता है. इसी तरह कांग्रेस को भी अपना संगठन मजबूत करते हुए अपनी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाना है. Read more: कुत्ते ने जिला उपाध्यक्ष समेत 35 लोगों को काटा: जिला अस्पताल में नहीं मिली वैक्सीन; लोगों ने जताई नाराजगी हर गांव हर बूथ से एक गाड़ी जरूरी- पटवारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने मनावर में यह भी कहा कि एक गांव से दो गाड़ी की आवश्यकता नहीं है बल्कि हर एक पोलिंग बूथ और एक गांव से एक ही गाड़ी महू पहुंचनी चाहिए. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि गांव-गांव तक रैली का संदेश पहुंचाना चाहिए, इसलिए हर गांव से एक गाड़ी लानी जरूरी है. बीजेपी संगठन की बराबरी करने में कई जन्म लगेंगे- बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को यह बात समझ लेनी चाहिए कि बीजेपी संगठन के बराबरी करने में कांग्रेस नेताओं को कई जन्म लेने पड़ेंगे. सिसोदिया ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी यह बात समझ में आ गई है कि बीजेपी का संगठन काफी मजबूत और बड़ा है. यही वजह है कि वे अपने हर सभा में भाजपा के संगठन की मजबूती को लेकर बयान दे रहे हैं. recent visitors 145

क्या पट्टा धारकों की सम्पत्ति का पट्टा रिन्यूअल करेंगे मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार।

Will the Chief Minister and the BJP government renew the lease of the property of the lease holders? भोपाल। मप्र में अर्जून सिंह सरकार समय तथा दिग्विजय सिंह सरकार समय लाखों लोगों को देकर आशियाने के अधिकार वैधानिक रूप में दिए। दिग्विजय सिंह शासन काल में तो पति-पत्नी को संयुक्त रुप से दिया गया था। पट्टो का नवीनीकरण किया जाना है, पट्टों में नामांतरण किया जाना है क्योंकि मूल पट्टे धारक की मृत्यु होने पर उसके वारिसों के नाम चढ़ना है,,, पंरतु भाजपा सरकार जो मप्र में सन् 2003 से काबिज हैं उसके व्दारा इस बाबद प्रशासनिक अधिकारियों व्दारा तैयारी धरातल पर नहीं कि जा रही है। सन् 1980 और 1994 के समय दिये गये पट्टो की समयावधि 30साल की थी इस प्रकार 1980 के पट्टो की समयावधि 2010 में तो 1994 के 2024 में समाप्त हो चुकी है। डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री बताए क्या इन पट्टे धारकों को सरकार ध्यान देकर कानूनी मान्यता देगी। क्या कांग्रेस सरकार की सौगात समझकर भाजपा कदम नहीं उठा रही। क्या ये सब भारत के नागरिक नहीं है। लेखक  प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट प्रवक्ता मप्र कांग्रेस कमेटी recent visitors 116

भाजपा सरकार का नया कौतुक,,, धारणा प्रमाण पत्र।

BJP government’s new prodigy,,, perception certificate. भोपाल। आज 261 गांवो में 61900 से अधिक भु अधिकार पुस्तिका बांटी गई है। सवाल उठता है क्या मुख्यमंत्री यह बताएंगे कि यह रहवासी क्षेत्रों ने सरकारी जमीनों पर मकान बनाया,,, क्या मप्र में या देश में भुराजस्व संहिता नहीं है, क्या संपत्तियों का पंजीयन रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 के लागू होने से पहले से चल रहा। स्टाम्प एक्ट 1899 से चलन में है। गांव आजादी के पहले से बसे हुए हैं। पिंडियों से लोग रह रहे। परिवार की पिंडियों से रेवेन्यू रिकार्ड, पंचायत अधिनियम अंतर्गत गांव की पंचायत में, जिला प्रशासन के रिकार्ड में नाम दर्ज है। डॉ मोहन यादव को पता ना हो कि मप्र में पंचायत सर्टिफिकेट, सम्पतिकर रसीद या अन्य दस्तावेज से नाम मात्र के शुल्क पर सहस्वामित्व दस्तावेज पंजीयन करवाने का विधान 2003 से कांग्रेस सरकार ने बनाया दिग्विजय सिंह सरकार ने महिलाओं खातिर बडी सौगात दी,, पत्नी, बेटी,बहु के नाम 1फीसदी स्टाम्प शुल्क तथा रसीद पर सम्पत्ति के दस्तावेज सहस्वामित्व दस्तावेज रुप में व्यवस्था की,,,यह जरूर हुआ भाजपा सरकार ने इस योजना को खत्म नहीं किया परंतु स्टाम्प ड्यूटी पिछले दरवाजे से नगरनिगम पंचायत की बसूली। फिर सरकार ने बिजली बिल आधार पर भी दस्तावेज पंजीयन करने का कायदा कानून बनाया। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने महिलाओं, बेटी, पत्नी को संपत्ति में भागीदारी सुनिश्चित करने खातिर सहस्वामित्व दस्तावेज पर स्टाम्प ड्यूटी 1000 तथा पंजीयन शुल्क 100 कर दिया तथा यह भी स्पष्ट किया कि नगरनिगम पंचायत आदि ड्यूटी भी नहीं लगेगी फलस्वरूप हजारों दस्तावेज पंजीयन होने लगे। इंदौर में भी हुवे,,, नामांतरण भी तहसीलदार तथा नगरनिगम कार्यालय में पंचायत, स्थानीय निकायों में होने लगे। कांग्रेस सरकार के तात्कालीन वाणिज्य एवं वित मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौड़ ने 23 जनवरी 2020 को सैकड़ों महिलाओं को सहस्वामित्व दस्तावेज नीजि आयोजन में कलेक्टर कार्यालय पास आयोजित कार्यक्रम में किया। भाजपा सरकार ने पुनः सत्ता में आने के बाद इस योजना पर अंडगे लगाऐं,अधिकांश स्थानीय निकाय पर भाजपा काबिज है तो उसने अघोषित रूप से नामांतरण रोका, इंदौर में भी हजारों महिलाएं परेशान हैं नगरनिगम नामांतरण नहीं करता। व्दिवेदी ने सवाल उठाया अगर संपत्ति स्वामी नहीं थे इन 261 गांवो के 62000 नागरिकों पास तो फिर मतदाता सूची में किस आधार पर नाम शामिल किए गए,, मतदाता बनने खातिर स्वामित्व या रहवासी होने का सर्टिफिकेट चाहिए तो क्या था इनके पास,,, सरकारी सुख सुविधा राशन आदि कैसे मिलता रहा। अवैध रूप से ये रहने वाले नहीं थे,,, फिर इस योजना की पात्रता  के लिए सरकार बताए क्या आधार रखा गया। मप्र कांग्रेस कमेटी  ने सवाल उठाया कि कानूनी सवाल है, सवाल चलन वाली योजनाओं का फायदा इन्होंने कैसे पाया। सवाल मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से है कि सहस्वामित्व दस्तावेज अगर गलत है तो बैंकों ने ऋण कैसे देती है। कांग्रेस ने डॉ मोहन यादव से भी सवाल किया, तो केंद्र सरकार से भी,कि बताएं कि फिर ये मतदाता कैसे बने आधार क्या  लेखक  प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट प्रवक्ता मप्र कांग्रेस कमेटी मप्र recent visitors 146

लाडली बहना योजना में कटौती पर कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल का भाजपा पर हमला

सुशील दामले विशेष संवाददाता श्योपुर ! कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने लाडली बहना योजना से एक लाख 63,000 बहनों को हटाए जाने के मुद्दे पर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव से पहले लाडली बहनों से 3,000 रुपये मासिक देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद यह वादा पूरा नहीं हुआ। बाबू जंडेल ने कहा, “3000 रुपये तो दूर, इन बहनों को केवल 1250 रुपये महीना ही दिया गया। अब, एक लाख 63,000 बहनों को इस योजना से बाहर कर दिया गया है, जो कि उनके सम्मान निधि के अधिकार का हनन है।” उन्होंने इसे भाजपा सरकार का झूठ और वादा खिलाफी करार दिया। कांग्रेस विधायक ने विश्वास जताया कि यह कदम लाडली बहनों के सम्मान और अधिकारों पर चोट है और ये बहनें 2028 के चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने का काम करेंगी। बाबू जंडेल के इस बयान ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। लाडली बहना योजना के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना है। recent visitors 260

जनता के मुद्दों से दूर भाग रही भाजपा, विधानसभा में नहीं होने दे रही चर्चा

BJP is running away from public issues, not allowing discussion in the Assembly सुशील दामले विशेष संवाददाता रायसेन जिले के सिलवानी विधानसभा से कांग्रेस के विधायक देवेंद्र पटेल ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है,उन्होंने कहा कि,भाजपा सरकार जनता के असल मुद्दों से दूर भाग रही है,वह नहीं चाहती की जनता के मुद्दों पर चर्चा हो,वहीं विधायक देवेंद्र पटेल ने कहा कि,भाजपा पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से बहुत सारे वादे किए थे, जो आज तक पूरे नहीं किए हैं,इससे पूरे प्रदेश की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है,भाजपा सरकार में किसानों को खाद लिए जेल जाना पड़ रहा है,किसानों को 12 घंटे बिजली देने का वादा किया था,जिसमें से वह मुश्किल 8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है,लाडली बहनाओं को ₹3000 देने की बात कही थी,जिसको एक साल बीत गया है,पंरतु अभी तक इसमें से आधी राशि भी हर महीने तक नहीं मिल रही है,बमुश्किल 1250 ही दे रही है,अब सुना है कि,सरकार इसके भार नहीं झेल पा रही है,इसलिए इसको बंद करने की दिशा में बयानबाजी शुरू हो गई है recent visitors 128