IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’ recent visitors 218

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध: युवक बुरी तरह झुलसे ,कमलनाथ ने चिंता व्यक्त की

भोपाल। यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में आज दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना ने प्रदेश में एक बार फिर इस विवादित मुद्दे को गर्मा दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों युवकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस मामले में सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही कोई निर्णय लिया जाए। कमलनाथ ने कहा, “यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मेरा आग्रह है कि जनभावनाओं और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही कोई कदम उठाया जाए।” इस मुद्दे पर इंदौर और पीथमपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता कचरा जलाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड का यह कचरा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों का मानना है कि इसे जलाने से पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। जनभावनाओं को देखते हुए यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद का समाधान कैसे करती है। recent visitors 189

मध्य प्रदेश में यूनियन कार्बाइड के जहर का कहर, पीथमपुर में लोग कर रहे आत्मदाह

धार ! पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया था. बंद के दौरान विरोध कर रहे दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की, जिसमें दोनों के सिर पर आग लग गई. इस दौरान आग से कई लोग झुलस गए और भगदड़ मच गई. इस घटना में दो प्रदर्शनकारी राजकुमार और राज पटेल की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना से जुड़ा एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. दरअसल विगत कई दिनों से पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को शहर के महाराणा प्रताप चौराहे पर रैली और धरने का आयोजन था. तो वहीं आज नगरवासियों ने बंद का आह्वान किया था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंचे जहां यूनियन कार्बाइड के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई. इस दौरान जब मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को रोकने की कोशिश तो इसी बीच प्रदर्शन स्थल पर बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे राजकुमार और राज पटेल ने खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. इस दौरान अचानक आग भड़क गई. कुछ ही सेकंड में दो प्रदर्शनकारियों के सिर और ऊपरी हिस्सों में आग लग गई. ये देखते ही भगदड़ मच गई. हालांकि वहां मौजूद पुलिस ने दोनों की आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक दोनों करीब 60 फीसदी से ज्यादा जल चुके थे. आनन-फानन में दोनों को चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. इस घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल है और क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. वहीं स्थिति और ना बिगड़े इसे लेकर इंदौर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शी वीर सिंह ने बताया, ” घटना में दो लोग जल गए हैं. राजकुमार रघुवंशी और राज पटेल दोनों को आग लेग देखा मैंने. दोनों के चेहरे जले हैं. राज पटेल की जलती शर्ट मैंने खींचकर उतारी इसमें मेरा हाथ भी जला है.” दरअसल, 3 दिसंबर 1984 को हुए भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव होने से हजारों लोग काल के गाल में समा गए थे. इस गैस कांड के बाद से भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में ये जहरीला कचरा सालों से बंद पड़ा था, जिसे पीथमपुर प्लांट में जलाया जा रहा है. इसी के विरोध में पीथमपुर में बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें हिंसा भड़क गई. recent visitors 254

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए। recent visitors 207

3 जनवरी से कांग्रेस शुरू करेगी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान, इस वजह से टला था कार्यक्रम

कांग्रेस शुक्रवार को पूर्व निर्धारित ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान का शुभारंभ करेगी। यह अभियान राज्यों, जिलों और ब्लॉक से शुरू होगा और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन मध्य प्रदेश के महू (वर्तमान में डॉ. आंबेडकर नगर) शहर में एक बड़ी जनसभा के साथ समाप्त होगा। इस अभियान की शुरुआत पहले 27 दिसंबर को होनी थी। लेकिन 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे टाल दिया गया था। मनमोहन सिंह के निधन पर सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई थी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में फैसला लिया गया था कि मनमोहन सिंह को सम्मान देने के लिए इस अभियान को एक हफ्ते के लिए स्थगित किया गया था। उन्होंने कहा, यह भरोसा करना मुश्किल है कि वह (मनमोहन सिंह) अब हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन अब तीन जनवरी से यह अभियान फिर से शुरू किया जाएगा। इस अभियान का समापन डॉ. आंबेडकर की जन्मभूमि महू में 26 जनवरी को एक जनसभा के साथ होगा। 26 जनवरी को भारतीय संविधान को लागू हुए 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि कांग्रेस संविधान की सुरक्षा और भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सिद्धांतों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अभियान के तहत 27 दिसंबर को बेलगावी में एक रैली का आयोजन किया जाना था, लेकिन शोक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस के मुताबिक, 26 जनवरी 2025 से लेकर 26 जनवरी 2026 तक एक राष्ट्रीय पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसे संविधान बचाओ राष्ट्रीय पदयात्रा नाम दिया जाएगा। इस यात्रा में कांग्रेस के सभी नेता शामिल होंगे और यह यात्रा गांव-गांव और शहर-शहर जाएगी। इसके अलावा, कांग्रेस ने कहा कि अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में गुजरात में एआईसीसी की एक बैठक आयोजित की जाएगी। recent visitors 385

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन पर कसा तंज: ‘कर्ज़ में डूबा प्रदेश, बढ़ रही मुख्यमंत्री की संपत्ति

मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश कर्ज़ के बोझ तले दबता जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री की संपत्ति दिन-ब-दिन बढ़ रही है। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश पर प्रति व्यक्ति क़र्ज़ ₹52,000 है, और कुल मिलाकर प्रदेश पर लगभग ₹4 लाख करोड़ का कर्ज़ है। उन्होंने इसे प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति का परिचायक बताया। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के पांचवें सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान, उनकी कुल चल संपत्ति ₹5.66 करोड़ थी, जबकि उनकी पत्नी सीमा यादव के पास ₹3.23 करोड़ की संपत्ति थी। इसके अतिरिक्त, उनकी अचल संपत्ति का मूल्य ₹13.36 करोड़ और उनकी पत्नी की ₹18.75 करोड़ था। रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ₹931 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सबसे कम ₹15 लाख की संपत्ति है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति ₹1630 करोड़ है। उमंग सिंघार ने कहा, “प्रदेश गर्त में जा रहा है और विकास हो रहा है तो केवल मुख्यमंत्री की तिजोरी का।” उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के साथ अन्याय और आर्थिक प्रबंधन में विफलता बताया। भारत की 2023-24 की प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय ₹85,854 थी, जबकि मुख्यमंत्रियों की औसत आय ₹13,64,310 है, जो औसत आय का लगभग 7.3 गुना है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में कर्ज़ बढ़ाने की नीतियां जनता के हित में नहीं हैं और इसका लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों को मिल रहा है। उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री से उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि का स्पष्टीकरण मांगा है। नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री या सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है और क्या जनता इन मुद्दों को आगामी चुनावों में गंभीरता से लेगी। recent visitors 378

जीतू पटवारी बोले- सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या:अगर गिरफ्तारी हुई तो कई चेहरे होगे बेनकाब

भोपाल। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि वह जब भी सामने आएगा, कई लोगों के चेहरे बेनकाब होंगे। इसलिए सरकार को चाहिए कि उसकी गिरफ्तारी कर उसे सुरक्षा दे और भ्रष्टाचार का सच सामने लाए। सौरभ शर्मा के वकील भी उनके एनकाउंटर की आशंका जता चुके हैं। पटवारी ने सोमवार को भोपाल में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि बीजेपी के राज में भ्रष्टाचारी चेहरा कैसा होता है, यह दिखने लगा है। जनता को साफ हो गया है कि यह करप्शन, क्राइम, कर्ज और कमीशन की सरकार है। उन्होंने कहा कि सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है, यह बात मैं पहले भी कह चुका हूं, जब सौरभ के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। अब फिर इस आशंका को दोहरा रहा हूं। जीतू पटवारी ने कहा कि यह लूट के पैसे की लड़ाई है। जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई, वे सभी लूटपाट कर रहे हैं और एक से डेढ़ करोड़ तक की अवैध कमाई कर रहे हैं। पटवारी ने उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन के लिए वसूले जा रहे पैसों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के शासन में भगवान के दर्शन के लिए भी पैसे वसूले जा रहे हैं। ये ऐसे भोलेनाथ के भक्त हैं। यह भाजपा की सरकार है। यह आरएसएस से जुड़े लोगों का नैतिक दायित्व है, जो ऐसा करा रहे हैं। बीजेपी पर घोटाले और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पटवारी ने कहा कि कांग्रेस लगातार इनके खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने सच्चे विपक्ष की भूमिका निभाई है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दलितों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। संविधान की रक्षा के लिए महू में एक बड़ा कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें राहुल गांधी और कमलनाथ समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बता दें कि सौरभ शर्मा की ओर से भोपाल जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई गई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सौरभ शर्मा की ओर से ग्वालियर के वकील राकेश पाराशर पैरवी कर रहे हैं। याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने कहा था कि मुझे नहीं पता सौरभ कहां है। याचिकाकर्ता की मां के कहने पर ग्वालियर से भोपाल आया हूं। हमें डर है कि कहीं सौरभ का एनकाउंटर न हो जाए। recent visitors 229