प्रियंका गांधी को लेकर रमेश बिधूड़ी के विवादित बयान पर भड़के सचिन पायलट, कहा- ‘BJP के नेताओं की…’

Ramesh Bidhuri Controversy: कांग्रेस नेता सचिन पायलट के मुताबिक बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व जो महिला सशक्तिकरण का झूठा दम भरता है, वो सबसे पहले अपने नेताओं को महिलाओं का सम्मान करना सिखाए. Ramesh Bidhuri On Priyanka Gandhi: दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी के विवादित टिप्पणी ने सियासी तल्खी बढ़ा दी है. अब कांग्रेस महासचिव संचिन पायलट ने इसको लेकर बीजेपी और रमेश बिधूड़ी की तीखी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पूर्व सांसद का बयान उनके महिला विरोधी सोच का प्रतीक है.  राजस्थान के टोंक से विधायक सचिन पायलट ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की सोच निम्न स्तर पर पहुंच गई है. बीजेपी नेता महिलाओं का आदर करना तो दूर, उनके लिए अशोभनीय शब्दों का प्रयोग कर अपनी असली मानसिकता दिखा रहे हैं.” उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में आगे लिखा, “केरल के वयनाड से कांग्रेस सांसद और AICC महासचिव प्रियंका गांधी पर बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. बीजेपी की महिला विरोधी सोच उसके नेताओं की तुच्छ शब्दावली से साफ झलकती है. बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व जो महिला सशक्तिकरण का झूठा दम भरता है, उसे पहले अपने नेताओं को महिलाओं का सम्मान करना सिखाना चाहिए.” बिधूड़ी ने मांगी माफी  दरअसल, रविवार (5 जनवरी)  दिल्ली के कालकाजी में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के पूर्व सांसद और प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी ने प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, ‘लालू यादव ने वादा किया था बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों जैसा बना दूंगा, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, जैसे ओखला और संगम विहार की सड़कें बना दी हैं. वैसे ही कालकाजी में सारी की सारी सड़कें प्रियंका गांधी के गाल जैसी बना दूंगा.’  हालांकि, इस मसले पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने माफी मांग ली. उन्होंने कहा, “अगर मेरी टिप्पणी से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं इस पर खेद व्यक्त करता हूं. अपने शब्द वापस लेता हूं. उन्हों ये भी कहा कि उनका मकसद किसी को अपमानित करना नहीं था.”  recent visitors 287

मीना समाज के प्रदेश अध्यक्ष बने रामनिवास रावत

Ramniwas Rawat became the state president of Meena Samaj भोपाल। मध्य प्रदेश मीना समाज सेवा संगठन के नये प्रदेश अध्यक्ष रामनिवास रावत बन गए हैं। उन्हें समाज के होशंगाबाद रोड के ग्यारह मील स्थित निर्माणाधीन छात्रावास में हुई आमसभा में सर्वसम्मति से चुन लिया गया है।  रामनिवास रावत के नाम का प्रस्ताव पूर्व अध्यक्ष एवं फाउंडर मेंबर हरिसिंह वर्मा एडवोकेट द्वारा रखा गया। जिसका पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मीना समाज गणपत पटेल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री एडवोकेट संतोष मीना तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष लीलेन्द्र सिंह मारण ने समर्थन किया।  इस अवसर मुख्य रूप से पूर्व आईएएस केएस मारण, डॉक्टर रवि वर्मा, गोपाल सिंह मीणा, पूर्व विधायक ममता मीणा, पूर्व  आईपीएस रघुवीर सिंह, पूर्व कमिश्नर कैलाश मीणा, रमेश मीणा, अनुरुद्र मीणा, एडिशनल एसपी अमृत मीणा आदि ने आमसभा में संगठन की शक्ति को बढ़ाने और समाज सुधार पर अपने-अपने विचार रखे। सभा का संचालन आरएस मीणा एवं ब्रजेश मीणा द्वारा किया गया। कांग्रेस से पाला बदलना पड़ा था महंगा  बता दें, रावत मीणा समाज के गौरव माने जाते हैं। वे लबे समय तक कांग्रेस पार्टी में रहकर राजनीति करते रहे और उन्होंने इस कई पदों को सुशोभित किया है। कांग्रेस के दो दर्जन विधायकों की तरह रावत का भी मन डोला और पार्टी को अलविदा कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद विधायकी से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि उन्हें मोहन सरकार ने वन मंत्री बनाकर चुनावी मैदान में खड़ा कर दिया, इस उपचुनाव में कांग्रेसी विचारधारा को त्यागना उन्हें महंगा पड़ गया। क्योंकि उन्हें विजयपुर की जनता ने नापसंद कर दिया। इसके बाद उन्हें उनके समाज बंधुओं ने सम्मान दिया है। यह उनके लिए बड़ी बात है और उनका हौसला बढ़ गया है। इसके पहले जब वन मंत्री बने तो मीणा समाज ने भारत माता चौराहा स्थित मंदिर में फलों से तोलकर सम्मान किया था। इसके बाद यहां से रैली निकली, जिसका 11 मील के पास निर्माणाधीन छात्रावास में समापन हुआ था। वहाँ भी सम्मान किया गया था। recent visitors 121

IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’ recent visitors 225

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध: युवक बुरी तरह झुलसे ,कमलनाथ ने चिंता व्यक्त की

भोपाल। यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में आज दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना ने प्रदेश में एक बार फिर इस विवादित मुद्दे को गर्मा दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों युवकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस मामले में सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही कोई निर्णय लिया जाए। कमलनाथ ने कहा, “यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मेरा आग्रह है कि जनभावनाओं और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही कोई कदम उठाया जाए।” इस मुद्दे पर इंदौर और पीथमपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता कचरा जलाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड का यह कचरा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों का मानना है कि इसे जलाने से पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। जनभावनाओं को देखते हुए यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद का समाधान कैसे करती है। recent visitors 197

मध्य प्रदेश में यूनियन कार्बाइड के जहर का कहर, पीथमपुर में लोग कर रहे आत्मदाह

धार ! पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया था. बंद के दौरान विरोध कर रहे दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की, जिसमें दोनों के सिर पर आग लग गई. इस दौरान आग से कई लोग झुलस गए और भगदड़ मच गई. इस घटना में दो प्रदर्शनकारी राजकुमार और राज पटेल की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना से जुड़ा एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. दरअसल विगत कई दिनों से पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को शहर के महाराणा प्रताप चौराहे पर रैली और धरने का आयोजन था. तो वहीं आज नगरवासियों ने बंद का आह्वान किया था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंचे जहां यूनियन कार्बाइड के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई. इस दौरान जब मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को रोकने की कोशिश तो इसी बीच प्रदर्शन स्थल पर बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे राजकुमार और राज पटेल ने खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. इस दौरान अचानक आग भड़क गई. कुछ ही सेकंड में दो प्रदर्शनकारियों के सिर और ऊपरी हिस्सों में आग लग गई. ये देखते ही भगदड़ मच गई. हालांकि वहां मौजूद पुलिस ने दोनों की आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक दोनों करीब 60 फीसदी से ज्यादा जल चुके थे. आनन-फानन में दोनों को चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. इस घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल है और क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. वहीं स्थिति और ना बिगड़े इसे लेकर इंदौर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शी वीर सिंह ने बताया, ” घटना में दो लोग जल गए हैं. राजकुमार रघुवंशी और राज पटेल दोनों को आग लेग देखा मैंने. दोनों के चेहरे जले हैं. राज पटेल की जलती शर्ट मैंने खींचकर उतारी इसमें मेरा हाथ भी जला है.” दरअसल, 3 दिसंबर 1984 को हुए भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव होने से हजारों लोग काल के गाल में समा गए थे. इस गैस कांड के बाद से भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में ये जहरीला कचरा सालों से बंद पड़ा था, जिसे पीथमपुर प्लांट में जलाया जा रहा है. इसी के विरोध में पीथमपुर में बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें हिंसा भड़क गई. recent visitors 261

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए। recent visitors 214

3 जनवरी से कांग्रेस शुरू करेगी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान, इस वजह से टला था कार्यक्रम

कांग्रेस शुक्रवार को पूर्व निर्धारित ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान का शुभारंभ करेगी। यह अभियान राज्यों, जिलों और ब्लॉक से शुरू होगा और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन मध्य प्रदेश के महू (वर्तमान में डॉ. आंबेडकर नगर) शहर में एक बड़ी जनसभा के साथ समाप्त होगा। इस अभियान की शुरुआत पहले 27 दिसंबर को होनी थी। लेकिन 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे टाल दिया गया था। मनमोहन सिंह के निधन पर सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई थी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में फैसला लिया गया था कि मनमोहन सिंह को सम्मान देने के लिए इस अभियान को एक हफ्ते के लिए स्थगित किया गया था। उन्होंने कहा, यह भरोसा करना मुश्किल है कि वह (मनमोहन सिंह) अब हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन अब तीन जनवरी से यह अभियान फिर से शुरू किया जाएगा। इस अभियान का समापन डॉ. आंबेडकर की जन्मभूमि महू में 26 जनवरी को एक जनसभा के साथ होगा। 26 जनवरी को भारतीय संविधान को लागू हुए 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि कांग्रेस संविधान की सुरक्षा और भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सिद्धांतों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अभियान के तहत 27 दिसंबर को बेलगावी में एक रैली का आयोजन किया जाना था, लेकिन शोक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस के मुताबिक, 26 जनवरी 2025 से लेकर 26 जनवरी 2026 तक एक राष्ट्रीय पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसे संविधान बचाओ राष्ट्रीय पदयात्रा नाम दिया जाएगा। इस यात्रा में कांग्रेस के सभी नेता शामिल होंगे और यह यात्रा गांव-गांव और शहर-शहर जाएगी। इसके अलावा, कांग्रेस ने कहा कि अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में गुजरात में एआईसीसी की एक बैठक आयोजित की जाएगी। recent visitors 390