कांग्रेस एमएलए वाल्मीकि ने विधायक निधि में पक्षपात करने पर सरकार पर बोला हमला

भोपाल। छिंदवाड़ा जिले के परासिया विधानसभा से विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। एमएलए वाल्मीकि ने कहा कि मोहन सरकार जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार नहीं कर रही है। वह विपक्ष के विधायकों की लगातार उपेक्षा कर रही है जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। हम सभी विपक्ष के विधायक राजनीतिक रूप से भले ही अलग-अलग पार्टियों में है, लेकिन हम सब क्षेत्र की जनता के लिए जवाबदेह होते है। मोहन सरकार ने सभी दलों के विधायकों को समान रूप बजट देने का बोला था, लेकिन उसमें जमकर पक्षपात हो रहा है। सरकार विधायकों की व्यक्तिगत रूप से भले ही मदद ना करें लेकिन जनता के कार्यों के लिए उसे सहयोग करना चाहिए। विधायक बाल्मीकि ने मोहन सरकार से आग्रह किया है कि विधानसभा का सत्र पूर्ण रूप से चले ताकि जनहित के मुद्दे विधानसभा पटल पर रखे जा सके। recent visitors 325

एमपी विधानसभा में चाय की केतली लेकर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस विधायक ने शराब की बोतलों की माला पहनी

MP Congress Protest: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के 1 साल पूरा होने के साथ ही विपक्ष ने आंदोलन के सिलसिले को बढ़ा दिया है. विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बेरोजगारी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार चाय की केतली लेकर पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने शराब घोटाले का आरोप लगाते हुए शराब की खाली बोतलों की माला पहनकर ध्यान अपनी और आकर्षित कराया. डॉ मोहन यादव सरकार को 1 साल पूरा होने के साथ ही सरकार जन कल्याण अभियान चलाते हुए प्रदेश भर में कई सौगात दे रही है. दूसरी तरफ कांग्रेस अपने विधायकों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने बुधवार (18 दिसंबर) को कहा कि सरकार को युवाओं को नौकरी देना चाहिए. सदन का ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाथ में चाय की केतली लेकर प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, ”जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तो उनके पास चाय बेचने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.” कांग्रेस विधायक महेश परमार शराब की खाली बोतल की माला पहन कर पहुंचे और उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शराब घोटाले को लेकर कड़ी कार्रवाई का संदेश देने की बात कही थी. मध्य प्रदेश में हजारों करोड़ों का शराब घोटाला हो चुका है. केंद्र सरकार को इस बारे में संज्ञान लेना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक जितेंद्र पंडिया ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए कांग्रेस केवल सुर्खियां बटोरने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है. कांग्रेस के नेता मीडिया में चेहरा चमकाने के लिए नाटक कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ”मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है. सरकार मध्य प्रदेश के विकास की गति को तेजी प्रदान कर रही है. मध्य प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं. कांग्रेस के पास आंदोलन करने के लिए कोई मुद्दा तक नहीं बचा है.” recent visitors 113

आंबेडकर वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा; कहा- देश से मांगे माफी

नई दिल्ली ! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने शाह पर डॉ. आंबेडकर का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। वहीं, इस मुद्दे के चलते आज संसद में भी हंगामा जारी रहा। दरअसल, संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अमित शाह ने कहा था कि ‘अभी एक फैशन हो गया है। आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। आंबेडकर का नाम सौ बार लें, लेकिन आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी का भाव क्या है, ये मैं बताता हूं।’ शाह ने कहा था, ‘डॉ. आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया था। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों से व्यवहार, अनुच्छेद 370 और देश की विदेश नीति से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया था। इस पर बीसी रॉय ने पंडित नेहरू को चिट्ठी लिखी कि आंबेडकर और राजाजी मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा? इसके जवाब में पंडित नेहरू ने लिखा था कि राजाजी के जाने से कुछ असर पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कुछ नहीं होगा।’ उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के आंबेडकर के बारे में ये विचार रहे हैं। आज आंबेडकर को मानने वाले पर्याप्त संख्या में आ गए हैं इसलिए ये आंबेडकर-आंबेडकर कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए कांग्रेस नेता आजकल आंबेडकर का नाम बार-बार लेते हैं। इसके अलावा, विपक्षी दल यह भी मांग कर रहा है कि शाह को सार्वजनिक रूप और संसद में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। संसद के बाहर पत्रकारों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘हम आंबेडकर का अपमान करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हैं; उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।’ इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कहा, ‘गृहमंत्री अमित शाह ने जो आज भरे सदन में बाबासाहेब का अपमान किया है, उससे ये फिर एक बार सिद्ध हो गया है कि भाजपा और आरएसएस तिरंगे के खिलाफ थे। उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया। संघ परिवार के लोग पहले दिन से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति को लागू करना चाहते थे। मगर बाबासाहेब ने ये नहीं होने दिया, इसलिए उनके प्रति इतनी घृणा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी सरकार के मंत्रीगण ये कान खोलकर समझ लें कि मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर जी भगवान से कम नहीं हैं। वे दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक व गरीबों के मसीहा हैं और हमेशा रहेंगे।’ कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने भी शाह से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेना फैशन बन गया है। यह देश के दलितों और बाबा साहेब का सीधा अपमान है।’ डांगी ने कहा, ‘शाह ने पूरे देश को दिखा दिया है कि भाजपा नेता किस तरह की सोच रखते हैं। वंचित और शोषित वर्ग जिसका अपमान किया गया है, यह वही वर्ग है जो उन्हें 240 से घटाकर 40 कर देगा। कांग्रेस पार्टी की ओर से, मैं मांग करता हूं कि अमित शाह को सार्वजनिक रूप से और सदन में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बाबासाहेब के बारे में जो कहा है, उस पर विचार करते हुए वह संवैधानिक पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। उन्हें गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’ कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान शाह की टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा और आरएसएस नेताओं के मन में आंबेडकर के लिए ‘काफी नफरत’ है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जो लोग मनुस्मृति में विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से आंबेडकर के साथ मतभेद रखेंगे। जवाहरलाल नेहरू पर संविधान के पहले संशोधन के जरिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाने के लिए भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अपने पसंदीदा लक्ष्य पर लगातार हमला करने वाले मास्टर हैं। वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने में महारथी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘अनुच्छेद 19(2), 15(4), और 31(b) को प्रथम संशोधन के माध्यम से 18 जून, 1951 को भारत के संविधान में जोड़ा गया था। एक प्रवर समिति ने विधेयक की जांच की थी और उसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है। अपने डिसेंट नोट के पैरा 2 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने निम्न बातें लिखीं थी।’ उन्होंने कहा, ’19(2) में प्रतिबंध से पहले उचित शब्द का जुड़ना एक बहुत ही अच्छा बदलाव है। यह 19(2) को न्यायसंगत बनाता है और मैं देश में नागरिकों के स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इस बदलाव के महत्व को कम नहीं करना चाहता। उचित शब्द वास्तव में, नेहरू ने खुद जोड़ा था। अनुच्छेद 19 (2) सरदार पटेल द्वारा 3 जून, 1950 को नेहरू को लिखे गए एक पत्र का अनुसरण करता है। अनुच्छेद 15(4) तब के मद्रास में चंपकम दोराईराजन मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण को खारिज किए जाने के बाद आया। अनुच्छेद 31(b) सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार, यूपी और अन्य राज्यों में जमींदारी उन्मूलन कानूनों को रद्द करने के परिणामस्वरूप आया था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले दोनों मास्टर डिस्टोरियन – प्रधानमंत्री और गृह मंत्री – पहले संशोधन की इस पृष्ठभूमि पर चुप रहे क्योंकि उन्हें अपने पसंदीदा लक्ष्य पर हमला करना था। लेकिन इस जोड़ी से सत्य और तथ्य पर पूरी तरह से कायम रहने की उम्मीद करना बेकार है।’ recent visitors 253

राजभवन का आज कांग्रेस करेगी घेराव: प्रतिभा बोलीं- मणिपुर जल रहा, PM नहीं ले रहे सुध, उन्हें अडानी की चिंता

Congress will gherao Raj Bhavan today: Pratibha said- Manipur is burning, PM is not taking any notice, he is worried about Adani शिमला । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के आह्वान पर हिमाचल कांग्रेस आज राजभवन तक मार्च निकालेगी। कांग्रेस पार्टी आज देशभर में केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों, अमेरिका की अदालत में अडानी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों, पूंजीपतियों को सरंक्षण देने और मणिपुर में बढ़ती हिंसा के विरोध में प्रदर्शन करेगी। प्रतिभा सिंह ने कहा, डेढ़ साल से मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। वहां पर महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और अराजकता का माहौल बना हुआ है। इस हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की जानें जा चुकी हैं। मणिपुर के लोग बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित है और प्रधानमंत्री मोदी ने डेढ़ साल से मणिपुर तक नहीं गए। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री को इसकी कोई चिंता नहीं हैं। प्रधानमंत्री को केवल अडानी की चिंता: कांग्रेस प्रतिभा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल अपने मित्र गौतम अडानी और उनके सहयोगियों की चिंता है। अमेरिकी की ओर से लगाए गए आरोपों ने भाजपा-अडानी गठजोड़ के भ्रष्टाचार, छल, धोखाधड़ी की कथित जालसाजी का पर्दाफ़ाश किया है। अडानी को अमीर बनाने की सजा भुगत रहा पूरा देश: कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा सस्ते कोयले को आयातित करके भारत में कोयले की कीमत बढ़ाकर बताई गई, जिसके बाद बिजली के दाम बढ़ने से इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ा। एक व्यक्ति को अमीर बनाने की कीमत पूरा देश भुगत रहा है। महंगाई जैसे मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रहे मोदी: प्रतिभा प्रतिभा सिंह ने कहा, देश में महंगाई, महिलाओं के प्रति अपराध, बेरोजगारी निरंतर बढ़ रही है। इन मुद्दों पर केंद्र सरकार ध्यान नहीं दे रही। इसे देखते हुए कांग्रेस पार्टी रोष स्वरूप आज राजभवन मार्च करेगी और राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपेगी। होटल राहत से राजभवन तक निकाला जाएगा मार्च राजभवन के बाहर कांग्रेस आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन करेगी। इस दौरान पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों के अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व प्रदेश मामलों के सह-प्रभारी चेतन चौहान व विदित चौधरी, शिमला नगर निगम में कांग्रेस पार्षद विशेष तौर पर शिरकत करेंगे। छोटा शिमला स्थित होटल राहत से लेकर राजभवन तक यह मार्च निकाला जाएगा। recent visitors 125

कटोरा लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक: भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप

भोपाल ! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा के दूसरे दिन कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनप्रतिनिधि “कर्ज लेकर घी पी रहे हैं” और जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। सिंगार ने कहा, “जब नेतृत्व कमजोर हो, तो कर्ज बोझ बन जाता है और उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।” भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने इसे “वित्तीय अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न सिर्फ मध्यप्रदेश को कर्ज के तले दबाया है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता के खून-पसीने की मेहनत से भरे खजाने को नुकसान पहुंचाया है। “भाजपा सरकार ने राज्य को आर्थिक संकट में डाल दिया है और अब ‘कटोरा’ लेकर भीख मांगने की नौबत आ गई है,” विपक्ष ने सदन में सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा।कांग्रेस विधायकों ने कर्ज की बढ़ती दरों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बिगड़ते हालातों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि कर्ज का भार प्रदेश के विकास में बाधक बन रहा है और इसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार इसी तरह जनविरोधी आर्थिक नीतियों पर चलती रही, तो प्रदेश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। recent visitors 117

सीहोर के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों से मिलेंगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, भेंट करेंगे ‘गुल्लक’

MP News: सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि मनोज परमार के दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सीहोर जिले के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों को आज मंगलवार (17 दिसंबर) को बड़ी गुल्लक भेंट करने वाले हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री बच्चों को कई और सुविधा देंगे, जिसके जरिए वह अच्छी तालीम ग्रहण कर सकेंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मनोज परमार के बच्चों ने उन्हें गुल्लक भेंट की थी. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जब बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उस समय वे वहीं मौजूद थे. बच्चों ने कहा था, “राहुल गांधी जी, आप अच्छा काम कर रहे हैं और भारत जोड़ने के लिए निकले हैं, हमने अपनी गुल्लक में जो राशि एकत्रित की है वह आपको भेंट कर रहे हैं, आपको जहां भी कोई अच्छा कार्य लगे उस पर यह राशि खर्च कर दीजिएगा.” उन्होंने बताया कि अब वह उन बच्चों को उनकी गुल्लक लौटने जा रहे हैं. मंगलवार को पूर्व मंत्री परमार दंपती के घर जाकर बड़ी गुल्लक बच्चों को सौंपेगे. उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. परमार दंपती का परिवार कांग्रेस का परिवार है. पूर्व मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के जीवन की मुश्किलें आसान करने के लिए उनकी ओर से छोटा सा प्रयास किया जा रहा है. वे बड़ी गुल्लक के रूप में पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार के बच्चों को भेंट करने जा रहे हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय के छापे के बाद परमार दंपती ने आत्महत्या कर ली थी. कांग्रेस से जुड़े मनोज परमार उनकी पत्नी नेहा परमार खुदकुशी करते हुए सुसाइड नोट भी लिखा था. वहीं बच्चों का आरोप है कि उन्हें बीजेपी ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि मनोज परमार पर आपराधिक मामले दर्ज थे. बीजेपी में उनके लिए कोई जगह नहीं थी. इन सबके बीच अब कांग्रेस पूरे मामले को प्रदेश स्तर पर ले जाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. recent visitors 167

MP Assembly : कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितताएं , पोषण में गड़बड़ी संबंधित सवाल पूछे

भोपाल ! मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज यानी 17 दिसंबर को दूसरा दिन है। आज विधानसभा सत्र के दौरान सरकार प्रदेश के लिए सत्र 2024-2025 का अनुपूरक बजट पेश करेगी। बजट उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। ऐसे में विपक्ष की ओर से फिर हंगामे के आसार है।लाइव अपडेट मप्र विधानसभा में आज स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में शुरुआत में सिर्फ महिला विधायकों से प्रश्न पूछने की व्यवस्था दी।जिसके बाद बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितताएं होने, पोषण में गड़बड़ी का मामले से संबंधित सवाल पूछा। जिसपर महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मामले में सफाई दी। पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सदन में परंपराएं टूट रही है। पहले ध्यानाकर्षण के सवाल को लेकर विधायकों की मंत्रियों से बात हो जाती थी, जिससे संवादहीनता की स्थिति नहीं होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने जो कल अपने क्षेत्र में एक स्कूल को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया था, वहां पर प्राइवेट स्कूल के द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। हाल ही में वहां पर यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। मैंने सदन में भी यही बात कही थी, लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि वहाँ जन आक्रोश हो यह सही नहीं है। तो क्या यौन शोषण की घटनाओं पर मैं खुश हूं? हाल ही में प्रदेश मे यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। उन्हें रोकने के लिए सही नीति बनाने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने कहा कि परिवहन चेकपोस्ट शासन आदेश के तहत 1 जुलाई 2024 से बंद कर दिये गये थे। परंतु परिवहन विभाग द्वारा शासन के निर्णय विरूद्ध जाकर मेरे विधानसभा क्षेत्र खुरई अंतर्गत म.प्र. उ.प्र. की सीमा पर स्थित मालथौन (अटा) चेकपोस्ट की पुरानी व्यवस्था को स्थाई रूप से चैकिंग पॉइंट बनाकर अनावश्यक रूप से चालकों एवं मालकों को अवैध बसूली कर परेशान किया जा रहा है। दिनांक 8 दिसम्बर 2024 को अवैध बसूली से डरकर भाग रहा एक ट्रक पलट गया ,जिस कारण बड़ी दुर्घटना होने बची। उक्त ट्रक अपनी गति से जा रहा था कि अचानक चेक पॉइंट पर बिना ड्रेस में उपस्थित स्थफ द्वारा बैरीकेट लगा दिये गये और वह ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें भरा सामान सड़क पर फैल गया। घटना से प्रताड़ित होकर ट्रक ड्राइवर द्वारा विखरे सामान पर तेल डालकर अपना गुस्सा प्रकट करने का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद सभी ट्रक ड्राइवरों, मार्ग से जा रहे दो पहिया और चार पहिया निजी वाहन यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने आऐ दिन इस पॉइंट पर हो रहे घटनाक्रमों के विरोध में चक्काजाम कर दिया जो तीन थानों के पुलिस बल द्वारा कन्ट्रोल किया गया और चक्काजाम दिनभर जारी रहा। इस पॉइंट पर विगत तीन-बार माहों से दिन-प्रतिदिन हो रहे जाम, विवाद से जनमानस परेशान है। पॉइंट पर पदस्थ अमले की बसूली और दुर्व्यवहार के कारण क्षेत्र में हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है। मेरे क्षेत्र के इस स्थान पर आए दिन हो रहे चक्काजाम के कारण शासन विरूद्ध मानसिकता पनप रही है और असंतोष का वातावरण बन रहा है। परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट प्रभारियों को जारी आदेश क्र. 47/टीसी/24 दिनांक 12/07/2024 में दिये गये दिशा-निर्देशों का खुलेआम उलंघन इस चेक पॉइंट पर किया जा रहा है। ट्रैफिक जाम न हो, मोटर यान अधिनियम के तहत ही शमन शुल्क बसूली हो, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हो, बर्दी में ही स्टाफ उपस्थित हो, चेक पॉइंट की मुहर (सील) का ही उपयोग हो, अनुशासित व्यवहार हो, कैशबुक और रोजनामचा संचारित हो, रोजनामचा में घटनाक्रमों का संवारण हो, बॉडी बोर्न कैमरे का उपयोग हो, ई-चालान पीओएस मशीन से हो। यहां की गतिविषियों के अनेक वीडियो फुटेज भी उपलब्ध है परंतु पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।परिवहन अमला और असामाजिक तत्वों की डबल बसूली से अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के अंदर गुटबाजी चल रही है। इनके ही मंत्री एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी को इसपर आत्मचिंतन करना चाहिए। बीजेपी के विधायक ही सवाल उठा रहे हैं। सरकार के कोई काम नहीं हो रहे हैं। अगर सरकार ने कोई काम किया है, तो विकास पर श्वेत पत्र लाए। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए, लोक निर्माण और जल संसाधन विभाग के साथ अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है। किसी भी नई योजना को लाने की फिलहाल तैयारी में सरकार नहीं है। फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए उद्योग सहित अन्य विभागों के लिए राशि का प्रावधान किये जाने की संभावना है। सदन के दूसरे दिन चार विधेयकों को पेश किया जाएगा। recent visitors 305