नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन पर कसा तंज: ‘कर्ज़ में डूबा प्रदेश, बढ़ रही मुख्यमंत्री की संपत्ति

मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश कर्ज़ के बोझ तले दबता जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री की संपत्ति दिन-ब-दिन बढ़ रही है। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश पर प्रति व्यक्ति क़र्ज़ ₹52,000 है, और कुल मिलाकर प्रदेश पर लगभग ₹4 लाख करोड़ का कर्ज़ है। उन्होंने इसे प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति का परिचायक बताया। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के पांचवें सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान, उनकी कुल चल संपत्ति ₹5.66 करोड़ थी, जबकि उनकी पत्नी सीमा यादव के पास ₹3.23 करोड़ की संपत्ति थी। इसके अतिरिक्त, उनकी अचल संपत्ति का मूल्य ₹13.36 करोड़ और उनकी पत्नी की ₹18.75 करोड़ था। रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ₹931 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सबसे कम ₹15 लाख की संपत्ति है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति ₹1630 करोड़ है। उमंग सिंघार ने कहा, “प्रदेश गर्त में जा रहा है और विकास हो रहा है तो केवल मुख्यमंत्री की तिजोरी का।” उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के साथ अन्याय और आर्थिक प्रबंधन में विफलता बताया। भारत की 2023-24 की प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय ₹85,854 थी, जबकि मुख्यमंत्रियों की औसत आय ₹13,64,310 है, जो औसत आय का लगभग 7.3 गुना है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में कर्ज़ बढ़ाने की नीतियां जनता के हित में नहीं हैं और इसका लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों को मिल रहा है। उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री से उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि का स्पष्टीकरण मांगा है। नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री या सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है और क्या जनता इन मुद्दों को आगामी चुनावों में गंभीरता से लेगी। recent visitors 390

जीतू पटवारी बोले- सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या:अगर गिरफ्तारी हुई तो कई चेहरे होगे बेनकाब

भोपाल। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि वह जब भी सामने आएगा, कई लोगों के चेहरे बेनकाब होंगे। इसलिए सरकार को चाहिए कि उसकी गिरफ्तारी कर उसे सुरक्षा दे और भ्रष्टाचार का सच सामने लाए। सौरभ शर्मा के वकील भी उनके एनकाउंटर की आशंका जता चुके हैं। पटवारी ने सोमवार को भोपाल में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि बीजेपी के राज में भ्रष्टाचारी चेहरा कैसा होता है, यह दिखने लगा है। जनता को साफ हो गया है कि यह करप्शन, क्राइम, कर्ज और कमीशन की सरकार है। उन्होंने कहा कि सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है, यह बात मैं पहले भी कह चुका हूं, जब सौरभ के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। अब फिर इस आशंका को दोहरा रहा हूं। जीतू पटवारी ने कहा कि यह लूट के पैसे की लड़ाई है। जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई, वे सभी लूटपाट कर रहे हैं और एक से डेढ़ करोड़ तक की अवैध कमाई कर रहे हैं। पटवारी ने उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन के लिए वसूले जा रहे पैसों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के शासन में भगवान के दर्शन के लिए भी पैसे वसूले जा रहे हैं। ये ऐसे भोलेनाथ के भक्त हैं। यह भाजपा की सरकार है। यह आरएसएस से जुड़े लोगों का नैतिक दायित्व है, जो ऐसा करा रहे हैं। बीजेपी पर घोटाले और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पटवारी ने कहा कि कांग्रेस लगातार इनके खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने सच्चे विपक्ष की भूमिका निभाई है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दलितों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। संविधान की रक्षा के लिए महू में एक बड़ा कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें राहुल गांधी और कमलनाथ समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बता दें कि सौरभ शर्मा की ओर से भोपाल जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई गई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सौरभ शर्मा की ओर से ग्वालियर के वकील राकेश पाराशर पैरवी कर रहे हैं। याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने कहा था कि मुझे नहीं पता सौरभ कहां है। याचिकाकर्ता की मां के कहने पर ग्वालियर से भोपाल आया हूं। हमें डर है कि कहीं सौरभ का एनकाउंटर न हो जाए। recent visitors 234

देवास में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत, कांग्रेस जीतू पटवारी का तीखा हमला, पैसे की मांग का आरोप

देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने युवक से पैसे की मांग की थी, और जब रकम नहीं दी गई तो पुलिस की बर्बरता का शिकार बना युवक मौत की वजह बना। इस घटना के बाद पूरे देवास में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे पुलिस की बर्बरता करार दिया है। हिरासत में मौत का मामला मालागांव के रहने वाले 35 वर्षीय मुकेश लोंगरे को शनिवार दोपहर पुलिस ने एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए मामले के तहत हिरासत में लिया था। लेकिन शाम होते-होते मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर दावा किया कि युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे बिना किसी कारण हिरासत में लिया और उसके साथ बर्बरता की। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में धाराएं कम करने के एवज में 6,000 रुपये की मांग की थी। मुकेश के साथ थाने में मौजूद एक साथी को यह राशि देने के लिए घर भेजा गया था। जब वह पैसे लेकर लौटा, तब तक मुकेश की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनकी जानकारी के मुकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शव के कमरे में बाहर से ताला लगा दिया, जिससे परिवार के लोग अंदर नहीं जा सके। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देवास में पुलिस ने एक और दलित युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अब गुंडों से ज्यादा दलित समाज पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। घटना के बाद स्थानीय लोग और मुकेश के परिजन सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी को जन्म दिया है और लोग न्याय की उम्मीद में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। मुकेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता के कारण उनका परिवार टूट गया है। वे अब पुलिस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और इस तरह के अत्याचार को रोका जाए। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्से को और बढ़ा दिया है, और अब लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाने को तैयार हैं। recent visitors 347

संसदीय इतिहास में पहली बार भाजपा ने रची भेदभाव की परिभाषा

सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने भाजपा सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति पर कटाक्ष करते हुए मोहन सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। विधायक पट्टा ने कहा कि यह सरकार कहने को तो कुछ भी कह देती है, लेकिन उसकी असल सच्चाई कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा विधायकों को 15 – 15 करोड रुपए की राशि विकास कार्यों के लिए दी है, लेकिन कांग्रेसी विधायकों को कुछ भी नहीं। इस बात का जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने विरोध किया तो मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों को भी 5 – 5 करोड रुपए देने के लिए घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा ही रह गई। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा विधायकों को 15 – 15 करोड रुपए मिले, वह राशि भी आज तक विधायकों को पता नहीं चला कि मिली या नहीं मिली। मुख्यमंत्री मोहन यादव सिर्फ घोषणा ही कर रहे हैं। इतना बड़ा भेदभाव संसदीय इतिहास में किसी भी सरकार ने चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ नहीं किया। विधायक पट्टा ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और विपक्ष विरोधी है। मुख्यमंत्री आप हमारे साथ भेदभाव कर दीजिए, पर क्षेत्र की जनता के साथ ऐसा मत कीजिए। उनका कहना है कि यह हमारे साथ नहीं, बल्कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता के साथ भेदभाव कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेेगी। recent visitors 130

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आलेख

कमलनाथमध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का एक साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो गया। अब बीजेपी इस एक साल को स्वर्णिम कार्यकाल बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन मोहन सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों और सभी वर्गों के लोगों के लिए क्‍या किया है यह विचारणीय है। महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्यप्रदेश की पहचान व्यापमं और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है। क्या जनता के विकास के ये सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं? ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने जमीनी सच्चाई से पूरी तरह पीठ फेर ली है और प्रदेश को उसके हाल पर छोड़ कर, खुद सिर्फ झूठी ब्रांडिंग से अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हो गई है। हकीकत से मुंह फेर कर मोहन सरकार झूठे प्रचार-प्रसार में मस्‍त है। जबकि चुनावों के पहले बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह करने का काम किया। आज प्रदेश की जनता खुद सरकार से सवाल करना चाहती है कि वादों का क्‍या हुआ? सरकार कर्ज पर कर्ज लेकर अपनी गाड़ी को चला रही है। और सपने ऐसे दिखाए जा रहे हैं कि प्रदेश ने विकास के कई सोपान गढ़ लिए हैं। पिछले एक साल में प्रदेश में दलितों पर काफी अत्‍याचार हुए हैं। वह चाहे शिवपुरी की घटना हो या सागर की घटना हो। सारे प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्‍याचारों से यही लगता है कि यह साल दलित अत्‍याचार पर केन्द्रित रहा है। शिवपुरी के इंदरगढ़ में एक दलित युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के सागर जिले के ग्राम बरोदिया नोनागिर में दलित युवती द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत से गुस्साए गुंडों ने युवती के भाई की पिछले वर्ष अगस्त माह में हत्या कर दी थी। हत्या में बीजेपी नेताओं पर आरोप लगे। पीड़ित परिवार समझौते के लिये तैयार नहीं हुआ तो दो दिन पूर्व पीड़िता के चाचा की भी हत्या कर दी गई। मंदसौर जिले के एक गांव में एक महिला का पीछा करने के आरोप में दलित व्यक्ति को चेहरा काला करके, गले में जूतों की माला डालकर घुमाया गया। यह दोनों घटनाएं तो सिर्फ ऐसी थी जो सुर्खियों में ज्‍यादा रहीं लेकिन‍ ऐसी न जाने हजारों घटनाएं हैं जो रोज दलितों से साथ घटती रहीं। दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह के विषयों पर कुछ भी कहने से बचते रहे और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे। मध्य प्रदेश में कर्ज दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं बीतता है जब सरकार कर्ज न ले रही हो। सरकार पिछले 11 महीनों में 40 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। राज्य यादव सरकार के एक साल पूरे होने के साथ कर्ज का आंकड़ा 52.5 हजार करोड़ तक पहुंचने वाला है। दिसंबर 2023 से अब तक सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। पिछले 6 माह में हर महीने 05-05 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। 31 मार्च 2025 तक मप्र सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ पहुंचेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार अपनी जरूरतों के लिए लगभग 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। पिछले साढ़े चार साल में मप्र सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया है। सरकार अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने का जश्न मना रही है। लेकिन‍ अपने वादों को भूल गई है। चुनावों के समय जो वादे किये थे उन पर ध्‍यान ही नहीं है। लाडली बहनों को 3,000 रुपये की राशि देने का वादा, किसानों को उपज का दाम मिलना, युवाओं को रोजगार देने का वादा, महिलाओं को सुरक्षा देने का वादा, भ्रष्‍टाचार मुक्‍त प्रदेश बनाने का वादा ऐसे तमाम वादे थे जो एक साल में शुरू ही नहीं हुए हैं। मध्य प्रदेश में खाद की कमी के कारण किसानों की आय पर भी काफी असर पड़ा है। किसानों ने खाद की कमी के कारण अपनी फसल ही नहीं बोई। किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले साल के कार्यकाल में ऐसे मामले हैं जहां मोहन यादव की सरकार बैकफुट पर नजर आई। 13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। मोहन यादव के पहले कार्यकाल में मध्य प्रदेश में क्राइम के कई ऐसे मामले आए जिसके राज्य सरकार की किरकिरी हुई। वैसे तो प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है लेकिन प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ रहे अपराधों ने मध्‍यप्रदेश को बदनाम किया है। अपराधों के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। क्‍या महिलाएं क्‍या बच्चियां, कोई सुरक्षित नहीं है। साइबर क्राइम भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। राज्य के युवाओं को साधने के लिए मोहन यादव की सरकार ने एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। दिसंबर महीने से भर्ती शुरू होनी थी लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जो यह रिपोर्ट तक नहीं दे पाए हैं कि उनके विभाग में कितने पद खाली हैं। बीते एक साल से भर्ती नहीं होने पर युवाओं में ओवरएज होने का डर है। राज्य में नर्सिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हुई है। राज्य में कॉलेजों की संख्या कम की गई है। नर्सिंग घोटाले सामने आने के बाद समय पर परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। पूरे मामले की निगरानी कोर्ट में चल रही है। सरकार ने पूरे मामले में लीपापोती कर हजारों बच्‍चों के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ की है। राज्य के कई छात्र संगठन भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे … Read more

कांग्रेस का डॉक्टर अंबेडकर के प्रति प्रेम ढकोसला, भाजपा ने ही दिया उन्हें सम्मान

Congress’s love for Dr. Ambedkar is a fraud, only BJP gave him respect सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल। पिछले दिनों संसद में हुए हंगामे को लेकर मध्य प्रदेश के कुरवाई विधायक हरिसिंह सप्रे ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। विधायक सप्रे ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के प्रति कांग्रेस का प्रेम ढकोसला है। जिसकी कोई सच्चाई नहीं है। भाजपा ने ही डॉक्टर अंबेडकर के प्रति सच्चा प्रेम जताने का काम किया है। भाजपा ने जहां-जहां उनके पांव पड़े उस स्थान को पवित्र स्थल बनाया है। चाहे बात महू की हो, दिल्ली, लंदन की हो या मुंबई की, सभी जगह को तीर्थ स्थल का रूप दिया है। जो आज करोड़ों- करोड़ों लोगों के आस्था का केंद्र बना हुआ है। कांग्रेस ने तो बाबा साहब को संसद में भी जाने से एक बार नहीं बल्कि दो दो बार रोका है। उनकी ही नीतियों के कारण बाबा साहब ने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सत्ता में आई तो सबसे पहले डॉ भीमराव अंबेडकर को देश का सर्वोच्च सम्मान “भारत रत्न” सम्मान दिया। इस सम्मान के हकदार में पहले से भी थे लेकिन कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया। दलितों के मसीहा को न देकर कांग्रेस ने अपने खानदान को जरूर भारत रत्न दिया। हम विधानसभा क्षेत्र के सभी गांव में जाकर जनता को कांग्रेस के बाबा साहब के प्रति झूठे प्रेम की सच्चाई बताएँगे। वैसे कांग्रेस ने बाबा साहब के प्रति कुछ नहीं किया। कुरवाई विधानसभा के हर घर टोटी से जल पहुंचेगा विधायक हरि से सप्रे ने कहा कि कुरवाई क्षेत्र में चल रहे जल जीवन मिशन निर्माण कार्य समेत अन्य जन समस्याओं को लेकर विधानसभा पटल पर 12 सवाल रखे थे। जिनके संतोषजनक जवाब आ चुके हैं। सरकार के मुखिया और मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर घर में टोटी से जल पहुंचे, इसके लिए हम पूरी ताकत के साथ लगे हुए हैं। इसमें भ्रष्टाचार और लेट लतीफी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्सा नहीं जाएगा। recent visitors 116

मध्य प्रदेश में कांग्रेस निकालेगी ‘मैं भी हूं आंबेडकर’ पदयात्रा… शेड्यूल जारी कर बताई पूरी प्लानिंग

भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर टिप्पणी किए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ‘मैं भी हूं आंबेडकर’ पदयात्रा निकालेगी। यह 25 से 29 दिसंबर तक चलेगी। पांच चरणों में होने वाली इस यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सहित सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। प्रत्येक जिले में यात्रा के समापन पर जनसभा भी होगी। recent visitors 327