शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन, उपमुख्यमंत्री देवड़ा करेंगे बजट पेश; फिर हंगामे के आसार

मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज यानी 17 दिसंबर को दूसरा दिन है। आज विधानसभा सत्र के दौरान सरकार प्रदेश के लिए सत्र 2024-2025 का अनुपूरक बजट पेश करेगी। बजट उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। ऐसे में विपक्ष की ओर से फिर हंगामे के आसार है।लाइव अपडेट मप्र विधानसभा में आज स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में शुरुआत में सिर्फ महिला विधायकों से प्रश्न पूछने की व्यवस्था दी।जिसके बाद बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितताएं होने, पोषण में गड़बड़ी का मामले से संबंधित सवाल पूछा। जिसपर महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मामले में सफाई दी। पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सदन में परंपराएं टूट रही है। पहले ध्यानाकर्षण के सवाल को लेकर विधायकों की मंत्रियों से बात हो जाती थी, जिससे संवादहीनता की स्थिति नहीं होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने जो कल अपने क्षेत्र में एक स्कूल को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया था, वहां पर प्राइवेट स्कूल के द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। हाल ही में वहां पर यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। मैंने सदन में भी यही बात कही थी, लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि वहाँ जन आक्रोश हो यह सही नहीं है। तो क्या यौन शोषण की घटनाओं पर मैं खुश हूं? हाल ही में प्रदेश मे यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। उन्हें रोकने के लिए सही नीति बनाने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने कहा कि परिवहन चेकपोस्ट शासन आदेश के तहत 1 जुलाई 2024 से बंद कर दिये गये थे। परंतु परिवहन विभाग द्वारा शासन के निर्णय विरूद्ध जाकर मेरे विधानसभा क्षेत्र खुरई अंतर्गत म.प्र. उ.प्र. की सीमा पर स्थित मालथौन (अटा) चेकपोस्ट की पुरानी व्यवस्था को स्थाई रूप से चैकिंग पॉइंट बनाकर अनावश्यक रूप से चालकों एवं मालकों को अवैध बसूली कर परेशान किया जा रहा है। दिनांक 8 दिसम्बर 2024 को अवैध बसूली से डरकर भाग रहा एक ट्रक पलट गया ,जिस कारण बड़ी दुर्घटना होने बची। उक्त ट्रक अपनी गति से जा रहा था कि अचानक चेक पॉइंट पर बिना ड्रेस में उपस्थित स्थफ द्वारा बैरीकेट लगा दिये गये और वह ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें भरा सामान सड़क पर फैल गया। घटना से प्रताड़ित होकर ट्रक ड्राइवर द्वारा विखरे सामान पर तेल डालकर अपना गुस्सा प्रकट करने का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद सभी ट्रक ड्राइवरों, मार्ग से जा रहे दो पहिया और चार पहिया निजी वाहन यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने आऐ दिन इस पॉइंट पर हो रहे घटनाक्रमों के विरोध में चक्काजाम कर दिया जो तीन थानों के पुलिस बल द्वारा कन्ट्रोल किया गया और चक्काजाम दिनभर जारी रहा। इस पॉइंट पर विगत तीन-बार माहों से दिन-प्रतिदिन हो रहे जाम, विवाद से जनमानस परेशान है। पॉइंट पर पदस्थ अमले की बसूली और दुर्व्यवहार के कारण क्षेत्र में हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है। मेरे क्षेत्र के इस स्थान पर आए दिन हो रहे चक्काजाम के कारण शासन विरूद्ध मानसिकता पनप रही है और असंतोष का वातावरण बन रहा है। परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट प्रभारियों को जारी आदेश क्र. 47/टीसी/24 दिनांक 12/07/2024 में दिये गये दिशा-निर्देशों का खुलेआम उलंघन इस चेक पॉइंट पर किया जा रहा है। ट्रैफिक जाम न हो, मोटर यान अधिनियम के तहत ही शमन शुल्क बसूली हो, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हो, बर्दी में ही स्टाफ उपस्थित हो, चेक पॉइंट की मुहर (सील) का ही उपयोग हो, अनुशासित व्यवहार हो, कैशबुक और रोजनामचा संचारित हो, रोजनामचा में घटनाक्रमों का संवारण हो, बॉडी बोर्न कैमरे का उपयोग हो, ई-चालान पीओएस मशीन से हो। यहां की गतिविषियों के अनेक वीडियो फुटेज भी उपलब्ध है परंतु पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।परिवहन अमला और असामाजिक तत्वों की डबल बसूली से अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के अंदर गुटबाजी चल रही है। इनके ही मंत्री एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी को इसपर आत्मचिंतन करना चाहिए। बीजेपी के विधायक ही सवाल उठा रहे हैं। सरकार के कोई काम नहीं हो रहे हैं। अगर सरकार ने कोई काम किया है, तो विकास पर श्वेत पत्र लाए। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए, लोक निर्माण और जल संसाधन विभाग के साथ अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है। किसी भी नई योजना को लाने की फिलहाल तैयारी में सरकार नहीं है। फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए उद्योग सहित अन्य विभागों के लिए राशि का प्रावधान किये जाने की संभावना है। सदन के दूसरे दिन चार विधेयकों को पेश किया जाएगा। recent visitors 105

मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन: रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग, आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोका

Demonstration of Madhya Pradesh Congress: Police barricading at Roshanpura intersection, stopped the coming Congress leaders. MP Congress Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस का विधानसभा का घेराव का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को एमपी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेशभर के हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। अभी भोपाल के जवाहर चौक इलाके में सभा चल रही है। इसके बाद कांग्रेस के नेता हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की ओर कूच करेंगे। उनको रोकने के लिए पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रखी है। यहां वाटर कैनन भी मौजूद है। वहीं दूसरे जिलों से आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने भोपाल से लगी सड़कों पर भी बैरिकेड्स लगा रखे हैं। राजगढ़ जिले से आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो जिला पंचायत अध्यक्ष चन्दर सिंह राजगढ़ की अधिकारियों से बहस हो गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। मनोज परमार के बच्चों की करेंगे मदद: सज्जन कांग्रेस की सभा में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- मणिपुर जल रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं लेकिन वहां हिंदू मारे जा रहे हैं। वर्मा ने कहा कि मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा ने बीजेपी और ईडी के दबाव में आत्महत्या कर ली। आज बीजेपी के लोग उन बच्चों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। मैं कल अपने पार्टी के तमाम साथियों से मदद लेकर एक बड़ी गुल्लक उन बच्चों को देने जाऊंगा। ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए और भविष्य में तकलीफ न हो। रावत को लेकर जयवर्धन का तंज पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लाड़ली बहन योजना की राशि 1250 रुपए में एक रुपया भी नहीं बढ़ाया। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने लाड़ला नेता योजना शुरू की। उस लाड़ला योजना के सबसे पहले लाभार्थी बने रामनिवास रावत। रामनिवास बीजेपी में गए लेकिन विजयपुर की जनता ने, माताओं-बहनों ने गरीब आदिवासी मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा पहुंचा दिया। बीजेपी के लाड़ले नेता रामनिवास जी को घर बैठा दिया। बीजेपी सरकार चीन का लहसुन खिला रही कांग्रेस की सभा में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा- आज बांग्लादेश के जरिये चीन का लहसुन हमारे यहां आ रहा है। बीजेपी सरकार के राज में हमें चीन का लहसुन खिलाया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। मैं जब ऊर्जा मंत्री था, कांग्रेस की सरकार 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देती थी। आज 1500 रुपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। किसानों पर फर्जी केस लगाए जा रहे हैं। आज एकजुट होकर इस भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ना है। अलका लांबा बोलीं- सरकार को घुटने पर लाएंगे महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी प्रदर्शन स्थल पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बने हुए एक साल के ऊपर हो गया है। आधी आबादी यानी महिलाओं से सुरक्षा का वायदा था। एक साल में कितनी बहनें सुरक्षित हुईं? रीवा में इनको जिंदा गाड़ने की हिम्मत दबंगों ने दिखाई है। उज्जैन में नाबालिग बेटी को लहूलुहान हमने देखा है। बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कौन सी बहन को साढ़े 400 रुपए में गैस सिलेंडर मिल रहा है, जिसकी गारंटी मोदी जी ने दी थी। महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा इन मुद्दों पर हम सरकार को घुटनों पर लाएंगे। अपना समय भी आएगा : कमलनाथ कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। नौजवानों, समझ लो। आज आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस राजनीतिक परिवर्तन को आप पहचानिए। जब तक आप घर-घर नहीं जाएंगे, हम बीजेपी से कभी मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हमारा कर्तव्य है कि इस राजनीतिक परिवर्तन को पहचानें और उस हिसाब से काम करें। मुझे विश्वास है कि आप निराश नहीं होंगे। कमर ठाने रखिएगा। अपना समय भी आएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- प्रदेश की तस्वीर आप सभी के सामने है। आज बड़े दुख के साथ मुझे कहना पड़ता है कि मध्य प्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश की है। हर क्षेत्र में घोटाला। नौजवानों के रोजगार में घोटाला। किसानों के बीज-खाद में घोटाला। जहां देखो घोटाला-घोटाला। आज हमारे कृषि क्षेत्र में कितनी समस्या है। एक बात याद रखिएगा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 70 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर आधारित है। अगर कृषि क्षेत्र डूबता है तो पूरा प्रदेश डूबता है। रात में हटाए गए होर्डिंग शहर में कांग्रेस के प्रदर्शन के जगह जगह होर्डिंग भी लगाए गए हैं। 15 दिसंबर, रविवार रात को नगर निगम के अमले ने कुछ जगहों से होर्डिंग भी हटाए हैं। इसे लेकर विवाद की छुटपुट घटनाएं भी हुई। कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस की हैं ये मांगें? recent visitors 161

मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र 2024 रहेगा हंगामेदार , सरकार को घेरने कांग्रेस ने की तगड़ी तैयारी

भोपाल ! मध्यप्रदेश विधानसभा का सोमवार से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं. 5 दिन चलने वाले इस शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सरकार सदन में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. यह अनुपूरक बजट करीबन 20 हजार करोड़ का हो सकता है. उधर सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. सदन के अंदर सरकार को घेरने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस ने सत्ता पक्ष को घेरने के लिए भरपूर तैयारियां की हैं. कांग्रेस विधायकों ने किसान, बिगड़ती कानून व्यवस्था, जल जीवन मिशन में गड़बड़ी, अधिकारियों के तबादलों जैसे कई मुद्दों को लेकर कई सवाल उठाए हैं. कांग्रेस आष्टा आत्महत्या मामले और विधायक निर्मला सप्रे के इस्तीफे को लेकर भी सरकार को घेरेगी. शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने कुल 1766 सवाल लगाए हैं. इसमें 1070 सवाल ऑनलाइन और 696 ऑफलाइन सवाल पूछे गए हैं. इनमें तारांकित प्रश्न 888 और अतारांकित सवाल 878 हैं. विधानसभा सत्र के दौरान सरकार करीबन एक दर्जन विधेयक पेश करेगी. विधानसभा सत्र के लिए जारी कार्ययोजना के अनुसार 16 दिसंबर के पहले दिन सत्र शुरू होने पर प्रश्नोत्तर काल होगा और इसके बाद अलग-अलग विभागों के आधा दर्जन विधेयक पेश किए जाएंगे. 17 दिसंबर को प्रश्नकाल के बाद प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा. इस पर चर्चा 18 दिसंबर को होगी और इसी दिन विनियोग विधेयक 2024 पेश किया जाएगा. उधर, कांग्रेस ने विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति के अलावा विधानसभा घेराव को लेकर भी चर्चा होगी. बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित सभी कांग्रेस विधायक मौजूद होंगे. विधानसभा में बीना विधायक निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय है. कांग्रेस ने विधायक सप्रे को कांग्रेस खेमे में बैठाने से इंकार किया है. कांग्रेस ने मान लिया है कि निर्मला सप्रे अब पार्टी में नहीं हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता निरस्त को लेकर जुलाई में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को आवेदन दिया था, लेकिन उनकी सदस्यता समाप्त करने को लेकर स्पीकर ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. कांग्रेस ने इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है. recent visitors 140

बैतूल उपचुनाव में भाजपा को झटका, भाजपा पार्षद के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर कांग्रेस की जीत

Shock to BJP in Betul by-election, Congress wins on the seat vacant after resignation of BJP councilor. बैतूल ! जिले के सारणी नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 33 के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है. पार्षद पद के लिए उपचुनाव की गुरुवार को मतगणना हुई. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने भाजपा प्रत्याशी को 160 वोटों से हराया. भाजपा पार्षद के इस्तीफा के बाद खाली हुई सीट पर 9 दिसंबर को हुए मतदान की धीमी गति और मतदाताओं की चुनाव में कम रुचि से ही स्पष्ट हो गया था कि परिणाम आश्चर्य में डालने वाले होंगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी ने 160 वोटों से जीता उपचुनाव 12 दिसंबर को आए चुनावी परिणाम ने सबको चौंका दिया. हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले से ही अपनी प्रत्याशी की जीत का दम भर थे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने यह उपचुनाव 160 मतों से जीत लिया है. निर्वाचन प्रमाण पत्र लेकर समर्थकों के साथ जैसे ही रेखा भलावी मतगणना स्थल से बाहर निकली वैसे ही कांग्रेसियों ने जमकर जश्न मनाया. 32.5 प्रतिशत हुआ था मतदान नगर पालिका परिषद सारणी के लिए हुए उपचुनाव में शायद यह पहला अवसर है, जब जागरूकता के बावजूद इतना कम मतदान हुआ है. जबकि उपचुनाव को लेकर प्रत्याशियों और प्रशासन में उत्साह था. बावजूद इसके 2166 मतदाताओं में से महज 704 मतदाताओं ने ही मतदान किया था. महज 32.5 प्रतिशत मतदान से प्रशासन भी चिंतित था. प्रशासन को इतनी कम वोटिंग की उम्मीद नहीं थी. भाजपा को दोनों बूथ पर मिली करारी शिकस्त भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी जगदीश नगदे को कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने दोनों बूथों पर करारी शिकस्त दी है. बूथ क्रमांक 64 पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जहां 140 मत पड़े. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 183 मत पड़े. जबकि निर्दलीय प्रत्याशी शोभा जगदेव को 69 वोट मिले. इसी तरह मतदान केंद्र क्रमांक 65 पर भाजपा प्रत्याशी को जहां 83 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 200 मत गिरे, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को महज 29 वोट ही मिले. शिक्षिका बनने पर पार्षद पद से दिया था इस्तीफा नगर पालिका परिषद सारणी के वार्ड नंबर 33 की भाजपा पार्षद संगीता सूर्यवंशी का शिक्षा विभाग में चयन होने पर उन्होंने पार्षद पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद से वार्ड में पार्षद पद के लिए उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी. भाजपा ने जहां उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. वहीं कांग्रेस ने इस मौके को भुनाने में कोई गलती नहीं की. रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. अभिजीत सिंह ने बताया कि, ”उपचुनाव की मतगणना संपन्न हो गई है. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी 160 वोटों से जीती हैं. उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है.” recent visitors 137

सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर नेता प्रतिपक्ष का तंज: उमंग सिंघार बोले- योजनाओं में नया कुछ नहीं, घोटालों पर मौन

भोपाल। मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव सरकार के एक साल पूरा होने पर जारी रिपोर्ट कार्ड पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सियासी निशाना साधा है। मुख्यमंत्री के एक साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने पर बोले- जो योजनाएं चल रही थी उसमें नया कुछ नहीं है। जिन योजनाओं में घोटाले हुए उन पर वह मौन रहे। विपक्ष के मुद्दों पर सीएम ने कोई बात नहीं की है। चुनाव में लाडली बहना को लेकर 3000 के पोस्टर लगे लेकिन अब तक नहीं दिए गए। कब 3 हजार करेंगे उसका जवाब सीएम को देना चाहिए। इसी तरह प्रदेश में हजारों करोड़ का घोटाला हुआ लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई है। सरकार गौ माता की बात कर रही है लेकिन आज भी सड़कों पर गाये एक्सीडेंट में मर रही है, उसकी जवाबदेही सरकार ने आजतक तय नहीं की है। उमंग सिंघार ने कहा कि- बीजेपी की सरकार ने एक साल में योजनाएं तक सही से नहीं चलाई है। एयर एम्बुलेंस का फायदा गरीबों को नहीं केवल अमीरों और उद्योगपतियों को इसका फायदा मिलता है। यह योजना केवल कागजों पर है। प्रदेश में अबतक बैकलॉक की भर्ती नहीं हुई न 2 लाख रोजगार दिए गए। इसी तरह अपराध को रोकने के लिए नई भर्ती की आवश्यकता है लेकिन सरकार ने अब तक भर्ती नहीं की है। ब्लॉक स्तर पर डॉक्टर्स की कमी है लेकिन घोटालों की परीक्षा करवाई जा रही है। हाइकोर्ट की फटकार के बाद भी नर्सिंग घोटाले पर कार्यवाही नहीं हुई। किसान खाद के लिए परेशान है कृषि मंत्री को खाद के मामले की जानकारी ही नहीं है। मुख्यमंत्री लंदन गए लेकिन वहां किसानों की बात नहीं की। 60 हजार करोड़ के कौन से एमओयू (MOU) साइन हुए उसकी जानकारी देना चाहिए। सरकार ने स्कूटी देने की बात की आज भी हजारों बच्चे इंतेज़ार कर रहे है। एक तरफ सरकार लोकायुक्त को काम नहीं करने देना चाहती। सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना चाहती है। अधिकारियों के तबादले 3-4 बार हो रहे है। क्या बीजेपी को अधिकारियों पर विश्वास नहीं है जो बार बार ट्रांसफर किए जा रहे है। साइबर ठगी को लेकर भी अभी तक कोई ठोस कानून तैयार नहीं किया गया है। सिंगरौली देश में दूसरी नंबर पर प्रदूषित जिला है। बीजेपी विस्थापितों को समय से मुआवजा देना चाहिए। उनको उनके मूल भाव नहीं दिए जा रहे है। प्रदेश में पैसा कानून की बड़ी बात करती है लेकिन हर गांव में पुलिस पहुंच रही है। प्रदेश में लगातार कर्ज ले रहे है आर्थिक विकास को लेकर मंथन करना चाहिए। recent visitors 152

कमलनाथ ने मोदी सरकार को लिया आड़े-हाथ, आयुष्मान योजना को बताया सफेद हाथी

भोपाल। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना गरीबों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। केंद्र के दावों के मुताबिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित करोड़ों गरीब अपना मुफ्त इलाज करवा रहे हैं। लेकिन इस दावे पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आयुष्मान योजना को ‘सफेद हाथी’ बताया और कहा कि 150 से ज्यादा बीमारियों को निजी अस्पताल में इलाज से बाहर कर दिया गया है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आयुष्मान योजना धीरे-धीरे सफेद हाथी बनती जा रही है। मध्य प्रदेश में 196 बीमारियों को निजी अस्पतालों में इलाज से बाहर कर दिया गया है। दूसरी तरफ सरकारी अस्पतालों में उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। मलेरिया, मोतियाबिंद का ऑपरेशन, छोटे बच्चों की बीमारी, बुजुर्गों की कई बीमारियां निजी अस्पतालों में इलाज से बाहर कर दी गई हैं।” कमलनाथ ने आरोप लगाया कि “बड़ी संख्या में बीमारियों को निजी अस्पतालों में उपचार से बाहर करने से आयुष्मान कार्ड धारक उपचार कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। मध्य प्रदेश पहले से ही स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में निचले पायदान पर है और उस पर आयुष्मान कार्ड का अप्रभावी हो जाना लोक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत चिंता का विषय है।” उन्होंने आगे कहा, “स्वास्थ्य की रक्षा करना और अच्छा उपचार कराना हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि इस विषय में गंभीरता से विचार करें और एक कमेटी बनाकर बहुत सारी बीमारियों को दोबारा निजी अस्पतालों में उपचार के लिए खोला जाए।” कमलनाथ ने आगे लिखा कि जो अस्पताल आयुष्मान कार्ड का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन पर निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं कि मध्य प्रदेश के जरूरतमंद नागरिक उपचार से वंचित कर दिए जाएं। recent visitors 131

कमलनाथ ने मोहन सरकार को घेरा, कहा प्रदेश में निवेश तो दूर की बात, केन्द्रीय योजनाओं की राशि……..?

Kamal Nath targeted the government: Leave alone investment in MP, only half the amount of central schemes was received. भोपाल। कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आए दिन प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के वादों की चर्चा करते रहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि निजी क्षेत्र से आने वाला यह निवेश तो दूर की बात है, केंद्र सरकार से प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं के लिए आने वाले पैसे को ही अब तक राज्य सरकार प्राप्त नहीं कर सकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्य प्रदेश को चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय योजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से 37,652 करोड़ रुपया मिलने थे लेकिन अब तक सिर्फ़ 16,194 करोड़ रुपये ही मिले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जिन महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिली है उनमें -आयुष्मान योजना, आदिवासी समुदाय के छात्रों की छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि, PM श्री स्कूल और अदालत के भवन निर्माण की राशि भी अटकी हुई है।मुख्यमंत्री यह सारी रकम मध्य प्रदेश की जनता का अधिकार और केंद्र पैसा देकर कोई एहसान नहीं कर रहा है। प्रदेश की जनता अपनी गाढ़ी कमाई से केंद्र सरकार को जो टैक्स देती है, उसी का एक छोटा सा हिस्सा केंद्रीय मदद के रूप में प्रदेश को वापस मिलता है। इसलिए आप दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार पर प्रदेश को उसका अधिकार देने के लिए दबाव बनाएं। recent visitors 167