जिन सरपंचों ने 20 फीसदी कमीशन जमा किया, उन्हें भी नहीं मिल रहा काम : दिग्विजय सिंह

जिन सरपंचों ने 20 फीसदी कमीशन जमा किया, उन्हें भी नहीं मिल रहा काम : दिग्विजय सिंह

Even those sarpanches who deposited 20% commission are not getting work: Digvijay Singh भोपाल। प्रदेश स्तरीय पंचायत कार्यशाला को लेकर राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा को 22 साल बाद पंचायत प्रतिनिधियों की याद आई है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल को खुली बहस की चुनौती दी है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा को 22 साल बाद पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार देने की याद आई है। हमने सोचा था कि वे पंचायत प्रतिनिधियों को ऐसें अधिकार देंगे, जिससे अधिकारी उनके नियंत्रण में आ सकें। लेकिन केवल एक ही घोषणा हुई है कि जिला पंचायतों और जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष जो शिक्षा समिति का अध्यक्ष होता है, उनको विद्यालयों के निरीक्षण का अधिकार दिया है। उन्हें सिर्फ जांच करने का अधिकार देने की बात तो कही गई है, लेकिन निरीक्षण पर कार्रवाई का अधिकार अधिकारी-कर्मचारी के पास ही रहेगा। मंत्री पटेल के कार्यकाल में चल रहा कमीशन का खेल सिंह ने कहा कि मुझे सीएम डॉ मोहन यादव के मुकाबले पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल से ज्यादा उम्मीद थी। क्योंकि वे ग्रामीण परिवेश के हैं। पंचायत का जितना अनुभव प्रह्लाद पटेल को होगा, उतना सीएम डॉ मोहन यादव को नहीं होगा। लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि उनके कार्यकाल में भी खुलेआम प्रदेश स्तर पर कमीशनखोरी हो रही है।जो पैसा सीधा पंचायत के पास जाना चाहिए वो नहीं जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले पंचायत मंत्री थे महेंद्र सिसोदिया। उन्होंने सिस्टम बना रखा था कि “20 फीसदी दो और मंजूरी लो” वो आज भी कायम है। मेरे चुनाव क्षेत्र राजगढ़ के कई सरपंचों ने बताया कि उन्होंने एडवांस बुकिंग भी कर दी 20 फीसदी कमीशन जमा भी कर दिया, लेकिन पैसा उन्हें नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और मंत्री प्रह्लाद पटेल से कहा कि कम से कम जिसने कमीशन दे दिया है, उनका तो काम कर दीजिए। इन अधिकारों की मांग दिग्विजय सिंह ने कहा कि इससे ज्यादा इस सरकार से उम्मीद भी नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री dr यादव और मंत्री पटेल से पूछा है कि कि क्या वे पंचायत प्रतिनिधियों को शिक्षक नियुक्ति का अधिकार देंगे? आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति का अधिकार देंगे? सीएम इतना ही करें कि तृतीय श्रेणी में जो पंचायत विभाग में काम करते हैं या ग्रामीण विकास में काम करते हैं उनकी नियुक्ति का अधिकार देंगे? उन्होंने पूछा कि जिस धारा 40 का धौंस दिखाकर सरपंचों को पृथक करते हैं क्या उसे वापस लेंगे? बेकार की बात करते हैं सीएम यादव पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोहन यादव बेकार की बात करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रह्लाद पटेल को बहस करने की खुली चुनौती दी है। साथ ही कहा कि भले वे भाजपा के ही पंचायत प्रतिनिधियों को साथ लेकर आएं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिला परिषद अध्यक्ष को गाड़ी और राज्यमंत्री का दर्जा है, लेकिन राजगढ़ में जिला परिषद अध्यक्ष को एक कॉन्स्टेबल मंच पर चढ़ने से रोक देता है। ये आपका पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति सम्मान है? recent visitors 89

एमपी में कानून व्यवस्था ठप्प: फिर पेशाब कांड, बदमाश ने दिव्यांग के चेहरे पर की पेशाब

एमपी में कानून व्यवस्था ठप्प: फिर पेशाब कांड, बदमाश ने दिव्यांग के चेहरे पर की पेशाब

Law and order collapses in MP: Another urination incident, miscreant urinates on the face of a disabled person रायसेन । मध्यप्रदेश में एक बार फिर पेशाब कांड हुआ है इस बार शर्मसार करने वाली ये घटना रायसेन जिले की है जहां एक दिव्यांग युवक के चेहरे पर बदमाश ने सरेराह पेशाब किया। इस शर्मसार कर देने वाली घटना का वीडियो भी सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक तरफ जहां लोग इस घटना को लेकर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। दिव्यांग के चेहरे पर किया पेशाब शर्मसार कर देने वाली घटना रायसेन जिले के मंडीदीप की है। जहां शराब के नशे में धुत एक युवक ने जमीन पर सो रहे दिव्यांग के चेहरे पर पेशाब कर दी। जो वीडियो सामने आया है उसमें दिख रहा है कि शराब के नशे में धुत बदमाश को उसका एक साथी रोकने की कोशिश भी करता है लेकिन वो नहीं मानता। दिव्यांग युवक के चेहरे पर पेशाब करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस पर संज्ञान लिया। बताया गया है कि तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है जो कि आपस में रिश्तेदार हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। recent visitors 99

हर वर्ग को जिनसे मिलता है न्याय, उन सिविल जजों की भर्ती में आरक्षित वर्ग के साथ हुआ बड़ा अन्याय

A grave injustice was done to the reserved category in the recruitment of civil judges from whom every section of society gets justice. भोपाल। भाजपा सरकार भले ही आरक्षित वर्ग को लुभाने के लिए बड़ेबड़े विज्ञापनों को दिखाकर हिमायती होने का डिंडोरा पीट रही है, लेकिन उसकी जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल नजर नहीं आती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण पिछले दिनों आए सिविल जज भर्ती परीक्षा के परिणामों की सूची में देखा जा सकता है। आरक्षित वर्ग के साथ यह भेदभाव अनुचित है।पिछड़ा दलित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददन सिंह यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि वैसे तो हमेशा से आरक्षित वर्ग के साथ शासन स्तर पर भेदभाव होता आया है, जो आज भी हो रहा है। जिससे आरक्षित वर्ग के सभी समुदायों में भारी आक्रोश है।दरअसल, विगत दिनों सिविल जज 2022 की परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें SC, ST और OBC वर्ग की पूरी तरह अनदेखी की गई है। कुल 191 पदों में से 121 पद ST वर्ग के थे, लेकिन एक भी अभ्यर्थी का चयन नहीं किया गया। 18 पद SC वर्ग के थे, जिनमें से केवल 1 अभ्यर्थी का चयन हुआ। OBC वर्ग के 9 पद थे, जिनमें से 5 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जबकि 43 अनारक्षित पदों में से 41 पद भर लिए गए। यानि आरक्षित वर्ग के कुल 148 पदों में से केवल 6 पद ही भरे गए। जिससे स्पष्ट होता है कि सरकारी सिस्टम सरकार की मंशा के अनुरूप किस तरीके से आरक्षण को खत्म करने पर तुला है। हमारा संघठन इस षड़यंत्र का कड़ा विरोध करता है। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि आज आरक्षित वर्ग में शिक्षित और प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है, लेकिन सरकारी सिस्टम उन्हें आगे आने के लिए रोड़ा अटका रहा है, जिसको समय रहते सुधारना ही होगा। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री इस मसले पर जनता के सामने आएं और जवाब दें। उन्हें ऐसे परिणाम देने वाले षड़यंत्रकारी अधिकारियों और उनकी भेदभाव वाली नीतियों पर नकेल कसना होगी। साथ ही तत्काल प्रभाव से सिविल जज 2022 के परिणामों पर रोक लगाते हुए परीक्षा निरस्त की जाए एवं पुनः केवल MPPSC से ही परीक्षा कराई जाए। नहीं तो हमारा संघठन पूरे प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। नेता प्रतिपक्ष सिंघार को दिलाई उनकी ताकत याद, बड़े मंच पर मुद्दा उठाने की मांग कुछ सामाजिक संघठनों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से गुहार लगाई है कि आप भी आरक्षित वर्ग से आते हैं, इसलिए आप इस मामले को प्रमुखता से संज्ञान लें, ताकि आरक्षित वर्ग को न्याय मिल सके। भीम आर्मी ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि है कि आप इस मुद्दे को तत्काल प्रभाव से उचित मंच पर उठाएँ और आरक्षित वर्ग के साथ हो रहे अन्याय को रोकें। अन्यथा, हमारा संगठन एक सप्ताह बाद हजारों कार्यकर्ताओं के साथ पुनः घेराव करने के लिए विवश होगा। recent visitors 85

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

Heavy rains have ruined the crops of farmers in the Churhat region: Ajay Singh सीधी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधानसभा के विधायक अजय सिंह ने कहा है कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण चुरहट विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास के अंचलों में किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं।इस भीषण वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने से धान की फसल गलने लगी है, वहीं कई स्थानों पर रबी फसलों की बुवाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि किसानों के लिए अत्यंत त्रासदीपूर्ण बन चुकी है।जिन किसानों ने पूरे वर्ष कठिन परिश्रम करके खेतों में फसल उगाई थी, आज वे अपनी आँखों के सामने अपनी मेहनत को नष्ट होते देख रहे हैं। यह केवल फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उनकी जीविका, उम्मीद और आत्मनिर्भरता पर सीधा प्रहार है। अजयसिंह ने कहा कि चुरहट और आसपास के क्षेत्रों में कई गाँव ऐसे हैं जहाँ खेतों में पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे किसानों के सामने भविष्य की बुवाई का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में सड़कें टूट गई हैं, नालियाँ जाम हैं और कई जगहों पर घरों में भी पानी घुस आया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिंह ने इस स्थिति को “कृषक आपदा” बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा – मैं प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि पूरे क्षेत्र में तुरंत सर्वे कराया जाए, किसानों की फसल हानि का सही आकलन कर उचित राहत और मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था तत्काल की जाए, ताकि और अधिक नुकसान को रोका जा सके।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि किसान ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।कृषक हमारे समाज का आधार हैं। अगर खेत सूने होंगे, तो मंडियाँ भी सूनी होंगी। किसानों का दर्द प्रदेश का दर्द है, इसलिए सरकार को चाहिए कि ऐसे कठिन समय में उनके साथ खड़ी होकर हर संभव सहायता प्रदान करे।अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं कई प्रभावित गाँवों से जानकारी ली है और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क में हैं, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेजेंगे और मंत्रिस्तरीय टीम से चुरहट क्षेत्र का दौरा करवाने की मांग करेंगे।उन्होंने जिला प्रशासन से यह भी कहा कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उनके लिए विशेष राहत शिविर, मुफ्त बीज वितरण, और अगले सीज़न की तैयारी हेतु ब्याजमुक्त ऋण की व्यवस्था की जाए।अजय सिंह ने अंत में कहा कि यह समय राजनीति का नही, सेवा का है। जो किसान धरती का अन्नदाता है, उसे संकट में छोड़ देना सबसे बड़ी असंवेदनशीलता होगी। मैं प्रदेश सरकार से आग्रह करता हूँ कि चुरहट सहित पूरे सीधी जिले को प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए और तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की जाए। recent visitors 106

छिंदवाड़ा त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोरा: भोपाल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

Chhindwara tragedy shakes the entire state: Congress holds candlelight march in Bhopal, demands strict action against the culprits भोपाल। छिंदवाड़ा में ज़हरीली सिरप से 22 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे मध्यप्रदेश को शोक और आक्रोश से भर दिया है। इस अमानवीय लापरवाही के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने आज भोपाल में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। मृत मासूमों की याद में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर सरकार की निष्क्रियता पर गहरा रोष जताया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त, रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, जिला कांग्रेस प्रभारी रवि जोशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कैंडल मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि — 22 मासूमों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की भयावह लापरवाही का परिणाम है। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और सरकार को अब इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मासूमों की मौत पर उमड़ा यह शोक और गुस्सा प्रदेश की जनता की आवाज़ बन चुका है — जो अब जवाब मांग रही है कि आखिर बच्चों की जान लेने वाली यह ज़हरीली दवा बाजार में कैसे पहुंची? recent visitors 309

कफ सिरप मौत कांड : मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवारों को नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दी 50 हजार की सहायता

Cough syrup death case: Leader of Opposition Singhar gives Rs 50,000 each to the families of the deceased children. भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार छिंदवाड़ा जिले के परासिया पहुंचे और कफ सिरप से मृत हुए बच्चों के परिजनों से मुलाक़ात की और दुख की घड़ी में उनका ढाँडस बंधाया। सिंघार ने मृत बच्चे के प्रत्येक परिवार को ₹50,000 की सहायता देने की बात कही।  उन्होंने इस लापरवाही के लिए सरकार की नीतियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहते तो इन शोक में डूबे परिवारों की आर्थिक मदद कर सकते थे, लेकिन यह गरीब परिवार हैं इसलिए वे इनकी मदद नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार अमीरों की है और उन्हीं की मदद करती है। विदेशों में दौरे करने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहाती है, लेकिन इनकी मदद करना उचित नहीं समझती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने दौरे की जानकारी अपने सोशल अकाउंट x पर दी।  उमंग ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ज़हरीली कफ़ सिरप पीने से मासूम बच्चों की हुई दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।  उन्होंने कहा कि, कई परिवार इलाज के दौरान लाखों के कर्ज़ में डूब गए हैं। मैंने अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए हर मृत बच्चे के परिवार को ₹50,000 की सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अस्पताल में भर्ती बच्चों के इलाज का खर्च उठाना पर्याप्त नहीं है।  मुख्यमंत्री डॉ यादव आप अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए मृत बच्चों के शोकग्रस्त परिजनों को भी सम्मानजनक आर्थिक सहायता दें, तभी सच्ची सहानुभूति मानी जाएगी, अन्यथा यह सिर्फ दिखावा है। सिंघार ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मानवता का है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और घटिया दवाओं की सप्लाई ने इन मासूमों की जान ली। परासिया में फैली यह त्रासदी न केवल सरकारी सिस्टम की नाकामी उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि आखिर प्रदेश की दवा आपूर्ति व्यवस्था में इतने बड़े पैमाने पर चूक कैसे हुई। प्रदेश में अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है, जबकि पीड़ित परिवार अब भी न्याय और राहत की आस में हैं। recent visitors 124

बीजेपी नेता का विवादित बयान: कांग्रेस एक  चड्डी-बनियान गिरोह है- क्राइम को लेकर कसा तंज

BJP leader’s controversial statement: Congress is a shorts-and-vest gang – takes a dig at crime जांजगीर-चांपा के श्याम सुपर मार्केट डकैती कांड में एनएसयूआई नगर अध्यक्ष जितेंद्र दिनकर की गिरफ्तारी होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने प्रदेश में बढ़ते अपराध का कारण कांग्रेस को बताया है। बीजेपी महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस का हाथ अब जनता के साथ नहीं, बल्कि अपने ही पार्टी के अपराधियों के साथ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता चड्डी-बनियान गिरोह जैसे है और आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस नेता अपराधों को संरक्षण देकर अपराधियों का राजनीतिकरण और राजनीति का अपराधीकरण कर रहे है। कांग्रेस सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक गई डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि डकैती कांड में एनएसयूआई कार्यकर्ता की गिरफ्तारी इस बात का ताजा उदाहरण है कि कांग्रेस अब अपराधियों की पनाहगार बन चुकी है। जिस घर से हथियार बरामद हुए हैं, वह कांग्रेस विधायक से जुड़ा हुआ है। इससे साफ है कि कांग्रेस जनता की सेवा और सुरक्षा के रास्ते से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार हिंसा से लेकर इस डकैती प्रकरण तक कांग्रेस का यही चेहरा रहा है। एक ओर विधायक के घर से हथियार मिल रहे हैं, तो दूसरी ओर महिला विधायक के अवैध रेत खनन के लिए रंगदारी वसूली का ऑडियो वायरल हो रहा हैं। कांग्रेस शासनकाल में अपराध में इजाफा डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि किसानों के लाखों रुपए फर्जी तरीके से ट्रांसफर करने से लेकर बस्तर और सरगुजा तक, कांग्रेस नेताओं की संलिप्तता अपराधों में सामने आ रही है। एनसीआरबी की रिपोर्ट खुद बताती है कि कांग्रेस शासनकाल में अपराधों में कितना इजाफा हुआ। कांग्रेस जहां भी अपराध है, वहीं दिखाई देती है। या तो अपराधियों को संरक्षण देती है या खुद अपराध में शामिल रहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपराधियों को संरक्षण देकर जनता को डराने की राजनीति कर रही है और फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाकर सरकार पर हमले करती है। यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है, जो प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। डॉ. मार्कण्डेय ने ये सभी बयान पत्रकार वार्ता में दिया। इस दौरान भाजपा प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल भी मौजूद रहीं। recent visitors 260