MP NEWS: शिप्रा नदी को लेकर को मोहन यादव सरकार का बड़ा प्लान, बनेंगे 6 डैम

MP NEWS: Mohan Yadav government's big plan regarding Shipra river, 6 dams will be built

MP NEWS: Mohan Yadav government’s big plan regarding Shipra river, 6 dams will be built भोपाल ! प्रदेश में सिंचाई के साधन को समृद्ध बनाने के लिए बड़ी योजना बनाई गई है. उज्जैन और इंदौर के लिए बड़ी सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस पर 36 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च होंगे. सांवरा खेड़ी, सिलर खेड़ी परियोजना का काम भी शुरू होगा. कान्ह नदी को शिप्रा नदी से डायवर्ट करने का काम जारी है. इस पर 651 करोड़ रुपये खर्च होंगे. नए डैम बनने से जल संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी. मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने शिप्रा नदी को प्रवाहमान करने और सिंचाई के साधन को समृद्ध बनाने के लिए यह प्लान बनाया है. जल संसाधन विभाग के माध्यम से उज्जैन और इंदौर के लिए बड़ी सिंचाई परियोजना को हरी झंडी मिल गई है. जल संग्रहण की क्षमता भी बढ़ जाएगी अब जल संसाधन विभाग के माध्यम से सांवरा खेड़ी, सिलर खेड़ी परियोजना का कार्य भी शुरू होने वाला है. इस पर सरकार 614 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है, जिससे सिलार खेड़ी जलाशय की ऊंचाई बढ़ जाएगी. इससे जल संग्रहण की क्षमता भी बढ़ जाएगी. इस परियोजना से उज्जैन जिले के 65 गांव को 18000 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचाई की सुविधा मिलेगी. सरकार ने 5 डैम और भी स्वीकृत किए हैं, जिस पर सरकार 36 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च कर रही है. कान्ह डायवर्सन का काम जारी इंदौर से आने वाली कान्ह नदी को शिप्रा नदी से डायवर्ट करने का कार्य अभी भी जारी है. सरकारी परियोजना पर 651 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है. अब नए पांच डैम बन जाने के बाद जल संग्रहण की क्षमता और भी बढ़ जाएगी. उज्जैन-इंदौर में यहां बनेंगे स्टॉप डैम योजना के अनुसार, उज्जैन जिले के पंथ पिपलाई, जमालपुर, गोठड़ा, रामवासा, पिपलिया राघो में डैम बनाए जाएंगे. इसके अलावा इंदौर के पिपलिया, दर्जी करीधिया, कुदाना, कायस्थ खेड़ी, सहाड़ा में स्टॉप डैम बनेंगे. recent visitors 164

मिड-डे मील में खाना खाने बैठे ऊर्जा मंत्री, सब्जी में ढूंढते रह गए आलू

Energy Minister sat down to eat mid-day meal, kept looking for potatoes among vegetables

Energy Minister sat down to eat mid-day meal, kept looking for potatoes among vegetables ग्वालियर ! ग्वालियर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने शासकीय स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए? इस बार खुद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अचानक एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंच गए. वहां पर केंद्रीय मंत्री स्कूली बच्चों के साथ खाना खाने बैठ गए. जब बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन उन्हें परोसा गया तो वह खुद सब्जी की बाल्टी में आलू ढूंढते रह गए. मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर फिर से सवाल उठने शुरू हो गए. हालांकि इस दौरान प्रद्युम्न सिंह ने बच्चों के साथ खाना खाया और गुणवत्ता को सही करने की हिदायत दी. इसके बाद उन्होंने बच्चों के साथ खाना खाया. बच्चे भी उनके साथ काफी खुश दिखाई दिए. निरीक्षण करने पहुंचे स्कूलस्वच्छता पखवाड़े के तहत प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी विधानसभा में कई जगहों पर जाकर निरीक्षण कर रहे हैं. इस दौरान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने डीआरपी लाइन स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बच्चों के मध्यान भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया. प्रद्युम्न खुद बच्चों के साथ खाना खाने बैठ गए. ढूंढते रह गए आलूजब ऊर्जा मंत्री को मध्यान भोजन का खाना परोसा गया वह पूरी तरह से ठंडा था. बच्चों के साथ बैठे ऊर्जा मंत्री को जो आलू की सब्जी परोसी गई थी वह भी गुणवत्ता युक्त नहीं थी. ऐसे में खुद ऊर्जा मंत्री ने सब्जी की बाल्टी में चमचा घुमा-घुमा कर देखा लेकिन उन्हें एक भी आलू नसीब नहीं हुआ. प्रद्युम्न सिंह ने उनके साथ मौजूद मौजूद अधिकारियों से भोजन की गुणवत्ता सही रखने की सख्ती से हिदायत दी. मंत्री को साथ खाना खाते हुए देखकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ गई. ऊर्जा मंत्री ने भी बड़े ही स्वाद से मध्यान भोजन का आनंद भी लिया. recent visitors 191

राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Our aim is to create a favorable environment for industries in the state: Chief Minister Dr. Yadav

Our aim is to create a favorable environment for industries in the state: Chief Minister Dr. Yadav पुष्पेंद्र ( संपदाक ) भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रमुखों से निरंतर वन-टू-वन चर्चा विभिन्न मंचों पर की जा रही है। इससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। वन-टू-वन चर्चा से उद्योगपतियों को उद्योग स्थापना में आने वाली दिक्कतों एवं उनके निराकरण पर सकारात्मक चर्चा कर निराकरण भी हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी क्रम में शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में 31 प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन-टू-वन चर्चा में उद्योगपतियों के सुझाव पर उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी बातों पर न केवल गंभीरता से विचार किया जायेगा, बल्कि प्रदेश के विकास के लिये “आउट ऑफ द वे” जाकर निराकरण भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन-टू-वन बैठक के माध्यम से विभिन्न उद्योगपतियों से उनकी आवश्यकताओं, चुनौतियों और विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। डॉ. यादव ने राज्य में निवेश की नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की प्रतिबद्धता जताई और सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं और प्रोत्साहनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य राज्य में उद्योगों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे न केवल स्थानीय व्यवसायों को फायदा हो, बल्कि बाहरी निवेशक भी प्रोत्साहित होकर मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलकाता के इंटरैक्टिव सेशन में प्रमुख रूप से श्री राजीव मुंद्रा – चैयरमेन जेएमएस माइनिंग, अश्विन जेलोढ़ा – एमडी और सीईओ ओरिएंट पेपर मिल, इंद्रजीत मुखर्जी – वाईस चैयरमैन टेक्स्मॉको रेल और इंजीनियरिंग लिमिटेड, विनोद कुमार गुप्ता – एमडी डॉलर उद्योग, आपरेश अग्रवाल – एमडी रूपा उद्योग, अनुराग चौधरी सीएमडी एवं अरूण कुमार शुक्ला अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड सहित फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक एवं पैकेजिंग, मैटल, केमिकल एवं बैटरी, सीमेंट एवं जूट खनन, आयरन एवं स्टील, पॉवर सीमेंट, नवकरणीय ऊर्जा, अधोसंरचना विकास, रेलवे वैगन एवं उपकरण, पेपर एवं पल्प, टेक्सटाइल, लॉजिटिक्स एवं वेयर हाउसिंग एवं एविएशन, टेक्सटाइल एवं गारमेंट, पॉलीमर कम्पाउंड, हास्पिटेलिटी, लुब्रीकेंटस, होम केयर एवं ईवी प्रोडक्ट, सौर ऊर्जा, पशु आहार आदि सेक्टर से संबंधित 31 उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। चर्चा में उद्योगपतियों ने भी अपने विचार साझा किए और राज्य में निवेश करने की संभावनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विभिन्न उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाने और नई योजनाओं को लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी उद्योगपतियों को राज्य में अधिक से अधिक निवेश करने और सरकार के विकासात्मक एजेंडे में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद करेगी, बल्कि राज्य को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। recent visitors 161

जीआरपी थाना के सामने ही बदमाशों ने गोली दागी, युवक हुआ घायल

Miscreants opened fire in front of GRP police station, youth injured

Miscreants opened fire in front of GRP police station, youth injured कटनी ! कटनी में भदोही उप्र निवासी अरुण कुमार दुबे अपनी मां को छोड़ने गया था और कटनी स्टेशन आकर घर जाने के लिए दूसरी गाड़ी का इंतजार कर रहा था। गुरुवार की रात को कटनी स्टेशन के भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में जीआरपी थाना के सामने ही बदमाशों ने गोली दागी, जो अरुण कुमार दुबे को लगी। गोली चलते ही दहशत फैल गई। लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे मेडिकल कालेज जबलपुर रेफर कर दिया गया। पुराने विवाद पर एक युवक पर गोली चलाईघटना में पुराने विवाद पर एक युवक पर गोली चलाई गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रात 11.30 बजे के लगभग वह नाश्ता करने के लिए स्टेशन के बाहर निकला। जैसे ही वह जीआरपी थाना के पास पहुंचा पीछे गोली चलने की आवाज आई और गोली उसके कमर के पास आकर लगी। यात्री मौके पर गिरा। गोली चलते ही दहशत फैल गई। रात को मेडिकल कालेज जबलपुर रेफर कर दिया गयालोगों ने घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। साथ ही कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्थल का निरीक्षण किया और घायल से भी पूछताछ की। यात्री की हालत गंभीर होने के चलते उसे रात को मेडिकल कालेज जबलपुर रेफर कर दिया गया। कोतवाली प्रभारी बोले- गोली चलाने वाले तीन लोग थेकोतवाली प्रभारी आशीष शर्मा ने बताया कि गोली चलाने वाले तीन लोग थे, जिसमें तरुण जाटव, रितेश निषाद, विष्णु निषाद शामिल थे। जिन्होंने बैलट घाट निवासी ओम गोस्वामी पिता रंजन गोस्वामी के ऊपर पुराने विवाद पर कट्टे से फायर किया था और युवक हट गया तो गोली यात्री को जाकर लगी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है और आरोपितों की तलाश कर रही है। recent visitors 328

इंदौर में प्रशासन ने कांग्रेस के किसान न्याय यात्रा को घुसने से रोका

Administration stopped Congress' Kisan Nyay Yatra from entering Indore

Administration stopped Congress’ Kisan Nyay Yatra from entering Indore मध्य प्रदेश में सोयाबीन के भाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जमकर राजनीतिक रस्साकशी चल रही है. इसी के चलते आज (शुक्रवार, 20 सितंबर) पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस आंदोलन कर रही है. सोयाबीन के दाम बढ़ाने को लेकर इंदौर में भी किसान न्याय यात्रा निकाली गई. इसे लेकर आंशिक रूप से अनुमति को रद्द कर दिया गया. शहर के बीच ट्रैक्टर यात्रा निकालने पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि कांग्रेस के आंदोलन को लेकर पुलिस विभाग के माध्यम से अनुमतियां जारी की गई थी. कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देश दे दिए गए थे कि वे सांकेतिक रूप से कलेक्टर कार्यालय आ सकते हैं, लेकिन उन्हें शहर के बीच से ट्रैक्टर रैली के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय आने की अनुमति नहीं है. इसी को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा था. बढ़ जाती है दुर्घटना की आशंका- कलेक्टरकांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे ट्रैक्टर रैली के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय में पहुंचेगे. इसे लेकर पुलिस महकमे ने अनुमति नहीं दी. इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू है, इसलिए इस प्रकार की अनुमति को लेकर पुलिस विभाग के पास अधिकार है. कलेक्टर आशीष सिंह ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि शहर में इतनी संख्या में ट्रैक्टर लेकर प्रवेश करने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाएगी. इसके अलावा यातायात व्यवस्था भी बाधित होगी है. इसी के चलते अनुमति नहीं दी गई है सोयाबीन के भाव को लेकर निकली जा रही है यात्रासोयाबीन के भाव को लेकर इंदौर में किसान न्याय यात्रा निकाली गई. इसका नेतृत्व कांग्रेस नेताओं ने किया. कांग्रेस नेता चाहते थे कि यह यात्रा शहर के बीच ट्रैक्टर के माध्यम से निकले. recent visitors 187

मप्र के 50 जिला अस्पतालों में जन-औषधि केंद्रों का शुभारंभ, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा

Inauguration of Jan Aushadhi Centers in 50 district hospitals of Madhya Pradesh, CM Mohan Yadav announced

Inauguration of Jan Aushadhi Centers in 50 district hospitals of Madhya Pradesh, CM Mohan Yadav announced भोपाल। प्रदेश के 50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्रो । इन केंद्रों पर लोगों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां बेहद सस्ती कीमतों में उपलब्ध होंगी। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन जन-औषधि केंद्रों का शुभारंभ किया। जन-औषधि केंद्रों का संचालन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. यादव ने स्वच्छता से सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कचरा मुक्त शहर के आधार पर सफाई कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और सीएम ने सिंगल क्लिक से राशि खातों में ट्रांसफर की। कार्यक्रम में भोपाल को स्वच्छता सर्वेक्षण में 5 स्टार रेटिंग मिलने पर नगर निगम के 8,117 सफाई मित्रों को 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई।स्टार रेटिंग के हिसाब से मिलेगी प्रोत्साहन राशिमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कचरा मुक्त शहर स्टार प्रमाणीकरण के आधार पर सफाई मित्रों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिस निकाय को जितने स्टार मिलेंगे, उसमें कार्यरत उतने हजार रुपए की राशि दी जाएगी यानी एक स्टार हासिल करने वाले निकाय को एक-एक हजार, दो, तीन स्टार से लेकर 5 स्तर और 7 स्टार तक प्राप्त कर सकते हैं। 7 स्टार वालों को 7 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य को भी तरजीहकार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारे 33 करोड देवी-देवताओं में एक देवी स्वच्छता की हैं शीतला माता। चेचक की बीमारी से बचाने टीकाकरण की शुरुआत हुई। चेचक का जिसे फोड़ा हुआ था, उसके मवाद से चेचक का टीका बनाया। ये हमारे प्राचीन चिकित्सा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुजुर्गों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज दिया। अब सस्ती दरों पर जेनेरिक दवा भी उपलब्ध होगी। सफाई मित्रों की स्वच्छता और स्वास्थ्य में बड़ी भूमिका है मैं आपको प्रणाम करता हूं।हेत्थ पैरामीटर्स में छुएंगे शिखरइससे पहले उप मुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसा वातावरण तैयार किया कि आमजन स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए है। सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से 50 जिला अस्पतालों में जन-औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग हेल्थ के पैरामीटर के मामले में उच्च शिखर को प्रात करेगा।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन-औषधि केंद्र परियोजना का शुभारंभ वर्ष 2008 में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। वर्ष 2015 के बाद से इस योजना में और गति आयी। इसका उद्देश्य पूरे देश में सस्ती दवाइयों की पहुंच को व्यापक बनाना था। वर्तमान में इस परियोजना में देश में प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग सस्ती जेनेरिक दवाओं का लाभ उठा सकें।500 से अधिक जन-औषधि केंद्र खुलेवर्तमान में मध्य प्रदेश में 500 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित हैं। ये केंद्र शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लोग सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां खरीद रहे हैं। उनके मासिक चिकित्सा खर्चों में बड़ी बचत हो रही है। अब सभी जिला चिकित्सालयों में भी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं।जन-औषधि केंद्र खुलने से ये फायदेसभी को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध होंगी। मरीजों को ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक कम दाम पर दवाइयां मिलेंगी।इससे लोगों के मासिक चिकित्सा खर्चों में बड़ी बचत होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी।सस्ती और सुलभ दवाओं के माध्यम से लोग अपने उपचार को निरंतर जारी रख सकेंगे, जिससे स्वास्थ्य परिणामों में सुधार आएगा। खासकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में जन-औषधि केंद्र अहम भूमिका निभाएगा।जन-औषधि केंद्र के माध्यम से जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को लेकर जागरूकता बढ़ेगी, जिससे लोग ब्रांडेड दवाओं पर निर्भरता कम करेंगे और सस्ती जेनेरिक दवाओं को अपनाएंगे।स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। प्रत्येक केंद्र के चालन के लिए फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी आवश्यक होंगे, जिससे राज्य में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। recent visitors 165

जीतू पटवारी ने कांग्रेस नेताओं से पूरे प्रदेश में एफआईआर दर्ज करने को क्यों कहा? जानिए वजह

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP? Know the reason भोपाल ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जीतू पटवारी ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं तथा सभी अनुसांगिक संगठन के नेताओं से आज अपने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करने को कहा है. इस संबंध में जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज करने का एक फॉर्मेट भी कांग्रेस नेताओं को उपलब्ध कराया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं तथा मंत्रियों द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है. इस संबंध में महाराष्ट्र में भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है जबकि महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार है. शाम 4 बजे बीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज कराएंगे केसइसी के चलते उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं, एनएसयूआई के नेताओं, महिला कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे आज अपने संबंधित थाने पर पहुंचकर शाम 4:00 बजे भाजपा नेताओं द्वारा आपत्तिजनक बयान देने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराएं. जीतू पटवारी खुद भोपाल के टीटी नगर थाने में जाकर बीजेपी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे. इस संबंध में जीतू पटवारी ने एक फॉर्मेट भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को भेजा है. महाराष्ट्र में दर्ज केस के बाद गरमाई राजनीतिमहाराष्ट्र में शिवसेना विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इसी आधार पर मध्य प्रदेश में भी अभियान चलाए जाने की बात कही जा रही है. महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कांग्रेस नेताओं से जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज कराने की अपील की है. उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी की जीभ काटने वाले को 11 लाख रुपये का ऐलान देने की घोषणा शिवसेना विधायक संजय गायकवाड ने की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है. संजय गायकवाड ने राहुल गांधी द्वारा आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर नाराजगी जताई थी. अभी इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीतिक गर्मा गई है. recent visitors 173