सारी ताकत लगाकर BJP कैबिनेट मंत्री को नहीं जिता सकी! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

With all its might, BJP could not win over the cabinet minister! Leader of Opposition Umang Singhar भोपाल। मध्यप्रदेश श्योरपुर जिले के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में सत्ताधारी बीजेपी की हार के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि अन्य प्रदेशों के नेताओं के निशाने पर बीजेपी है। इसी कड़ी में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी पर सियासी हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने X पर लिखा- MP के विजयपुर में बीजेपी की हार सबसे करारी हार है !!!- सारी ताकत लगाकर भी #BJP अपने एक कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत को नहीं जिता सकी! … क्योंकि, दलबदल और राजनीतिक स्वार्थ का ये अनूठा नमूना है! BJP ने मंत्री पद का लालच देकर #Congress विधायक रामनिवास रावत को खरीदा। उन्होंने भी तब तक विधायकी नहीं छोड़ी, जब तक उन्हें मंत्री पद देने की घोषणा नहीं हो गई! जनता ने भी #रामनिवास_रावत को बता दिया कि मतदाता उनकी जागीर नहीं है! BJP को सबक सिखा दिया कि दलबदल के हथकंडे जनता के फैसले के सामने नहीं चलते! अच्छा होगा BJP अब राजनीतिक खरीद-फरोख्त से बाज आए! recent visitors 140

विजयपुर में मुरझाया कमल, मंत्री रामनिवास रावत को मिली करारी हार, कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा जीते

Lotus withered in Vijaypur, Minister Ramniwas Rawat got a crushing defeat, Congress’s Mukesh Malhotra won. श्योपुर। Vijaypur By-Election Result 2024: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की विजयपुर (Vijaypur) विधानसभा सीट पर कांग्रेस (Congress) ने कब्जा कर लिया है। भाजपा प्रत्याशी (BJP candidate) और सरकार में वनमंत्री (Forest Minister) रामनिवास रावत (Ramniwas Rawat) की बड़ी हार हुई है। मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra) ने रावत को 7 हजार 228 वोटों से हरा दिया। recent visitors 197

रिश्वतखोर ड्रग इंस्पेक्टर लोकायुक्त टीम के हफ्ते चढ़ा , मेडिकल स्टोर लाइसेंस के मांगे 26000

मंदसौर ! मध्‍यप्रदेश के सरकारी विभागों में रिश्वत लेने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बिना पैसे खिलाए कोई काम नहीं होता है। हालांकि ऐसे मामलों की शिकायत मिलते ही लोकायुक्त भी गंभीरता से एक्शन लेती है। ताजा मामला एमपी के मंदसौर जिले में का है, जहां शुक्रवार को उज्‍जैन लोकायुक्‍त ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त ने ड्रग इंस्‍पेक्‍टर को 26 हजार रुपए की रिश्‍वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ड्रग इंस्‍पेक्‍टर ने मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनाने के बदले रिश्वत मांगी थी। उज्जैन लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक ने बताया कि फरियादी लखन पिता कृष्ण कुमार पाटीदार निवासी नारायणगढ़ रोड हरसोल ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया कि उसे मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवाना था। इसके बदले ड्रग इंस्पेक्टर जयप्रकाश कुम्हार 26 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। जांच में शिकायत सही पाई जाने पर उज्जैन लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष को रिश्वत के 26 हजार रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ा है। साथ ही उसने ड्रग इस्पेक्टर के लिए रुपए लिए थे। इसलिए उनको भी अरेस्ट किया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर जय प्रकाश ने फरियादी लखन को रुपए लेकर मंदसौर एसपी कार्यालय के सामने बुलाया। रुपए मनीष चौधरी को देने की बोला। इसके बाद फरियादी 26 हजार रुपए लेकर एसपी कार्यालय के सामने पहुंचा। यहां फरियादी को दलाल के रूप में मेडिकल एसोसिएशन का जिलाध्यक्ष मनीष चौधरी मिला। उसने जैसे ही ड्रग इंस्पेक्टर के नाम के रुपए लिए वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। मामले में डीएसपी पाठक ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर जयप्रकाश कुम्हार और उसके साथी मनीष चौधरी के खिलाफ भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही मामले में विभिन्‍न स्‍तर पर जांच जारी है। recent visitors 123

‘जनता नहीं, अडानी के लिए सरकार चलाती है BJP’, जीतू पटवारी ने BJP पर लगाए बड़े आरोप

‘BJP runs the government for Adani, not the public’, Jitu Patwari made big allegations against BJP भोपाल। भारत के दिग्गज कारोबारी और अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी पर अमेरिका में गंभीर आरोप लगे हैं। वहीं, कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाने का मौका छोड़ना नहीं चाह रही है। इसी सिलसिले में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने अडानी का मुद्दा उठाया। साथ ही भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा। जीतू पटवारी ने कहा, “देश में मनोपोली चल रही है। कुछ ही लोगों को अमीर बनाया जा रहा है। नरेंद्र मोदी की मिलीभगत से आम जनता को लूटा गया। बिजली अधिकारियों को 2236 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई। बीजेपी प्रवक्ताओं ने अडानी के हितों की बात की और उनका पक्ष लिया। बीजेपी जनता के लिए नहीं बल्कि अडानी के लिए सरकार चलाती है। जिन्होंने भारत को लूटा, वह सभी मोदी के साथी क्यों हैं, ये जवाब देना चाहिए।” बता दें कि कल राहुल गांधी ने भी कहा था कि जब तक पीएम नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी एक हैं तो सेफ हैं। हम जानते हैं कि सरकार अडानी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी, क्योंकि अडानी अंदर जाएंगे तो पीएम मोदी भी जाएंगे। बीजेपी की फंडिंग अडानी से जुड़ी है। recent visitors 104

सीएम यादव के विदेश दौरे से पहले नए DGP के नाम का ऐलान होगा, दिल्ली में मंथन जारी !

नईदिल्ली  मध्यप्रदेश के नए DGP को लेकर दिल्ली (Delhi) में बैठक का दौरा जारी है. पिछले कई दिनों से सरकार में अलग-अलग स्तर पर नए डीजीपी (MP New DGP) के नाम को लेकर मंथन हो चुका है. अब बारी दिल्ली की है, नए डीजीपी के नाम किस अधिकारी पर मोहर लगती है, ये देखना अभी बाकी है. सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के विदेश दौरे पर जाने से पहले नए अधिकारी के नाम का ऐलान होना है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले तीन दिनो में ये नाम सामने आ जाएगा. 9 नामों में से होगा एक नाम राज्य सरकार ने केंद्र सरकार (डीओपीटी) को 9 नामों का पैनल भेजा था. जिसमें डीजी ईओडब्ल्यू अजय कुमार शर्मा, डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष कैलाश चंद्र मकवाना, डीजी जेल जीपी सिंह, पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी उपेंद्र कुमार जैन, स्पेशल डीजी वरुण कपूर, स्पेशल डीजी आलोक रंजन, डीजी महिल सेल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी योगेश मुद्ग़ल के नाम शामिल है. मध्य प्रदेश के नए डीजीपी का नाम इन्हीं नामों में से चुना जाएगा. रेस में शर्मा सबसे आगे डीजीपी की दौड़ में सीनियर अफसर अजय शर्मा का नाम सबसे आगे है. 1989 बैच के IPS अफसर अजय शर्मा हाल के दिनों में डीजी ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. अगस्त 2026 में रिटारयर होंगे. दूसरा नाम 1988 बैच के IPS अफसर कैलाश मकवाना का है, मकवाना हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं. मोहन सरकार ने जिन अफसरों के नाम केंद्र को भेजे है, उन सभी अधिकारियों ने अपनी 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है. 30 को रिटायर होंगे सक्सेना प्रदेश के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर के रिटायर हो रहे है. सक्सेना मार्च 2022 से इस पद पर है,  नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के पैनल से हुई थी करीब ढ़ाई साल तक प्रदेश के डीजीपी पद रहकर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. अगले तीन दिनों में सामने होगा नाम डीजीपी का नाम अगले तीन दिनो में सामने आ जाएगा. सीएम मोहन यादव 24 नवंबर से विदेश दौरे पर जा रहे है, ऐसे में नए डीजीपी का नाम उससे पहले तय होने की पूरी संभावना है.ऐसे में 30 नवंबर से पहले से नए डीजीपी वर्तमान डीजीपी के ओएसडी के रूप में काम करेंगे. इन 6 IPS अधिकारियों के नाम की चर्चा जोरों पर डीजीपी पद के प्रबल दावेदार कौन? इस पद के प्रबल दावेदारों में होमगार्ड डीजी अरविंद कुमार और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश मकवाना के नाम सबसे आगे हैं। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और प्रतिनियुक्ति पर गए आलोक रंजन, योगेश मुद्गल और पवन श्रीवास्तव भी रेस में शामिल हैं। ये सभी अधिकारी 1988 और 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वरिष्ठता के आधार पर इनमें से एक को डीजीपी बनाया जाएगा। जबकि अन्य अधिकारियों का नाम रेस में नहीं है, क्योंकि उनका कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। बेटी संभालेगी परेड की कमान बता दें कि डीजीपी सक्सेना के लिए 30 नवंबर को एक भव्य विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। उनकी बेटी और आईपीएस अधिकारी सोनाक्षी परेड की कमान संभालेंगी। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के पुलिस इतिहास में पहली बार होगा कि किसी डीजीपी को उनकी बेटी द्वारा विदाई परेड की कमान सौंपी जाएगी। इस आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी जोरों पर है। नए डीजीपी के सामने होंगी ये चुनौतियां गौरतलब है कि राज्य को अक्टूबर में अनुराग जैन को मुख्य सचिव का पद मिला था। अब नए डीजीपी की नियुक्ति के साथ ही राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में नए चेहरों शामिल हो जाएंगे। यह बदलाव राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। नए डीजीपी के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने जैसी चुनौतियां होंगी। देखना होगा कि नवनियुक्त डीजीपी इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं और राज्य की जनता की उम्मीदों पर कैसे खरे उतरते हैं।  DGP पिता की विदाई परेड में DCP बेटी देगी सलामी  मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि डीजीपी पिता के सेवानिवृत्त होने पर उनके विदाई परेड में सलामी की जिम्मेदारी उनकी डीसीपी बेटी को मिली है. विदाई परेड मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएगी. दरअसल, 32 महीने के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश पुलिस के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त (रिटायर) हो जाएंगे. उनकी विदाई परेड का आयोजन मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया गया है. खास बात यह है कि उनकी विदाई परेड की जिम्मेदारी उनकी बेटी सोनाक्षी सक्सेना को दी गई, जो 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. सोनाक्षी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही परेड कमांडर की जिम्मेदारी दी गई थी. उनकी पहली तैनाती इंदौर में की गई थी. दो साल पहले बने डीजीपी प्रदेश के 30वें पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं. वो 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस अधिकारी हैं. सुधीर कुमार सक्सेना 4 मार्च 2020 को पूर्व डीजीपी विवेक जौहरी के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर काबिज हुए थे. उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने साइबर अपराध के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया और नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस कार्रवाई को मजबूत किया. राजधानी भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 30 नवंबर को आयोजित होने वाले विदाई समारोह में होने वाली परेड को लेकर पुलिस का अभ्यास कार्यक्रम जल्द शुरू होगा. सलामी देने वाली टीम सोमवार से नेहरू नगर स्टेडियम में अभ्यास करेगी. मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत्त के साथ ही प्रदेश में नए डीजीपी के नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. आईपीएस अरविंद कुमार, आईपीएस कैलाश मकवाना और आईपीएस पवन श्रीवास्तव सहित कई नामों पर चर्चा हो रही है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जिसके नाम पर मुहर लगेगी, वह प्रदेश का नया डीजीपी होगा. recent visitors 74

भोपाल के फूड विभाग ने खबर के तत्काल बाद न्यू हकीम होटल को भेजा नोटिस

Bhopal’s food department sent notice to New Hakeem Hotel immediately after the news. भोपाल। राजधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस के सामने न्यू हकीम होटल के किचन में पसरी गंदगी, बहते सीवेज और किचन को 15 दिनों में व्यवस्थित करना पड़ेगा, नहीं तो लाइसेंस निरस्त होगा। अब होटल संचालक की मनमानी नहीं चलेगी। बता दें, हाल ही 19 नवंबर 2024 को “माय सीक्रेट न्यूज़. कॉम” वेबसाइट” ने न्यू हकीम होटल की किचन में गंदगी और खुले में बहते सीवेज के बीच बन रहे नॉनवेज खाना की खबर को फोटो वीडियोज के साथ प्रसारित किया था। जिस पर फूड विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है। खबर प्रसारित होने के अगले दिन 20 नवंबर 2024 को फूड विभाग ने होटल संचालक को 15 दिन में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। “My secret news. Com” वेबसाइट जनहितैषी और खोजपरक खबरों को खोज कर उसे प्राथमिकता से प्रसारित करता है। red https://mysecretnews.com/bhopals-new-hakeem-hotel लोगों का कहना है कि होटल संचालकों द्वारा लोगों की सेहत के साथ खेलने का काम उस शहर में चल रहा है, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लेकर उनके तमाम जिम्मेदार अधिकारी बैठे हों। न्यू हकीम होटल संचालक की लापरवाही के चलते हजारों लोगों की सेहत बहुत पर बुरा असर पड़ा होगा। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का सिलसिला वर्षों से चल रहा था। यह दशा किसी एक होटल की नहीं, बल्कि राजधानी के अमूमन सभी छोटे-बड़े होटलों की है। एक अनुमान के मुताबिक राजधानी में करीब 8 लाख की आबादी होटलों और रेस्टोरेंट के चाय, नाश्ता और खाना पर निर्भर है। इसमें वेज और नॉनवेज दोनों स्तर के लोग शामिल हैं। इतनी बड़ी आबादी के स्वास्थ्य को अँधेरे में रख उन्हें भोजन परोसा जा रहा है। यही कारण है कि राजधानी की सभी अस्पतालों में मरीजों की कतार दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इतनी गंभीर लापरवाही की ओर फूड विभाग के अधिकारियों को और अधिक सख़्ती दिखाना होगी, तभी विभाग की छवि स्वच्छ नजर आएगी। recent visitors 298

भाड़े के शिक्षक मामले में सियासत तेज, उमंग सिंघार बोले- ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की…’

Politics intensifies in the case of hired teachers, Umang Singhar said – ‘Double engine is used in schools also…’ सागर ! मझेरा गांव भाड़े के शिक्षक रखने के मामले में सुर्खियों में आ गया है. दरअसल, मझेरा गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल के शिक्षक ने अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए किराए पर शिक्षिका रख ली. मामला उजागर होने के बाद से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, सरकार पर जमकर हमलावर है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स ट्वीट कर लिखा कि- मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सोशल मीडिया के एक्स पर कांग्रेस के अधिकृत अकाउंट से ट्वीट किया गया कि- मास्टर जी ने केंद्रीय मंत्री की सेवा चाकरी और जी हजूरी कर ली, फिर बच्चों का भविष्य बर्बाद हो तो भी परवाह किसे? मध्यप्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है. सत्ता के संरक्षण में शिक्षक पढ़ाने नहीं जाते. मोटी तनख्वाह वसूल रहे शिक्षक एवजी पर 3 हजार के मजदूर शिक्षक भेज देते हैं. मगर भारतीय जनता पार्टी सरकार को बच्चियों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता की कोई चिंता नहीं है. ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार’ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि लगता है प्रदेश के स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार चल रही. सागर जिले के ग्रामीण इलाके मझेरा के स्कूल का असल शिक्षक इंद्र विक्रम, मंत्री वीरेन्द्र खटीक का मुंह लगा है. इस शिक्षक ने अपनी जगह स्कूल में एवजी शिक्षक ममता को तीन हजार रुपए महीने पर नौकरी पर रख लिया, वो इनकी जगह क्लास लेती है और ये मंत्री के हाथों खीर खाते हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघा ने लिखा कि मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सिर्फ यही नहीं प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में ऐसे एवजी शिक्षक पढ़ा रहे हैं. राजनीतिक संरक्षण वाले शिक्षकों ने एवजियों को पढ़ाने का काम सौंप दिया और खुद राजनीति करते हैं. अब देखना है कि सागर जिले के शिक्षक इंद्र विक्रम पर सरकार क्या कार्रवाई करती है. शिक्षक का 40 हजार रुपए वेतन मझेरा गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक इंद्र विक्रम सिंह परमार उर्फ वट्टू राजा का 40 हजार रुपए वेतन है, जबकि उन्होंने 3000 रुपए महीने में ममता नामक महिला को पढ़ाने के लिए रख रखा है, वह एक साल से इस स्कूल में पढ़ा रही हैं. इधर इस मामले में प्रधानाध्यापक धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि कई बार मना किया, फिर भी ममता स्कूल आ रही हैं. उपस्थिति रजिस्टर में लाइन खींच दी, फिर भी इंद्र महीने में एक बार आकर हस्ताक्षर कर रहे हैं. वहीं शिक्षक इंद्र का कहना है कि सुबह-शाम केंद्रीय मंत्री के साथ समय व्यतीत करता हूं. दिन में स्कूल जाता हूं. कभी-कभी नहीं जा पाता, वह अलग बात है. बता दें यह केवल एक स्कूल का हाल नहीं है, बल्कि सागर जिले के ही बिलहरा के बंजरिया, भलैयां, रेहटी, कजरई के अलावा नर्मदापुरम के खोकसर के स्कूलों में भी यही हाल है. यहां 40 से 80 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले शिक्षकों ने किराए के शिक्षक रख रखे हैं. recent visitors 125