सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना के लिए समन्वित प्रयास कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करें- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

Make coordinated efforts and start work on Sitapur-Hanumana Irrigation Project soon – Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना का बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी में प्रस्तावित किया गया है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूरा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा दें। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूरा कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में सात हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हे. में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग श्री बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। recent visitors 114

सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई घर के खाने की लागत, शाकाहारी थाली महंगी

Rising prices of vegetables increase the cost of home food, vegetarian thali becomes expensive अक्टूबर में सब्जियों की कीमतों में वृद्धि के कारण घर में बना शाकाहारी और मांसाहारी खाना महंगा हो गया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल की तुलना में 20% बढ़कर 33.3 रुपये प्रति प्लेट तक पहुंच गई है, जो सितंबर के 31.3 रुपये प्रति प्लेट से अधिक है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण सब्जियों की कीमतों में उछाल है। आइए जानते हैं कि आखिर शाकाहारी और मांसाहारी थाली की कीमतों में यह इजाफा क्यों हुआ। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में प्याज की कीमतें सालाना आधार पर 46 फीसदी बढ़ीं, जबकि आलू की कीमतें 51 फीसदी बढ़ीं, जिसका मुख्य कारण लगातार बारिश होना है, जिसके कारण आवक कम हुई आलू-प्याज-टमाटर ने बढ़ाई महंगाई रिपोर्ट के अनुसार मासिक ‘रोटी चावल दर’ रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में प्याज की कीमतें सालाना आधार पर 46 फीसदी बढ़ीं, जबकि आलू की कीमतें 51 फीसदी बढ़ीं, जिसका मुख्य कारण लगातार बारिश होना है, जिसके कारण आवक कम हुई और महाराष्ट्र और कर्नाटक में फसल भी प्रभावित हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टमाटर की कीमतें एक साल पहले की समान अवधि के 29 रुपए प्रति किलोग्राम से दोगुनी होकर 64 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं, क्योंकि बारिश के कारण आवक प्रभावित हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आपूर्ति शुरू होने के साथ नवंबर से इस जिंस (टमाटर) की कीमतें स्थिर होने की संभावना है. ये भी है महंगाई का कारण रिपोर्ट में कहा गया है कि सब्जियों की कीमतों का कुल थाली लागत में 40 प्रतिशत भारांश होता है और इसलिए उतार-चढ़ाव ने कुल लागत को प्रभावित किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि शाकाहारी थाली में 11 प्रतिशत भार वाली दालों की कीमतों में इस महीने के दौरान 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका कारण शुरुआती स्टॉक में कमी, स्टॉक पाइपलाइन में कमी और त्योहारी मांग का होना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नई आवक के कारण दिसंबर से कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन की लागत में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की गिरावट ने भोजन की लागत में उछाल को रोकने में मदद की. मांसाहारी थाली में मामूली इजाफा वहीं दूसरी ओर मांसाहारी थाली की महंगाई को लेकर भी रिपोर्ट में ज्यादा चिंता व्यक्त नहीं की गई है. मांसाहारी थाली के मामले में, ब्रॉयलर की कीमतों में 9 प्रतिशत की गिरावट, जो कि थाली की लागत का आधा हिस्सा है, ने लागत में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि की. रिपोर्ट के अनुसार घर में बनी मांसाहारी थाली की कीमत अक्टूबर में 61.6 रुपये रही, जबकि एक महीने पहले इसी अवधि में यह 59.3 रुपये और एक साल पहले इसी अवधि में 58.6 रुपए थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारी थाली की लागत में 22 प्रतिशत हिस्सा सब्जियों की कीमतों का भी रहा. recent visitors 200

सचिन पायलट : भोपाल सचिवालय में जमे है माफिया, 400 पार के अहंकार को जनता ने दिया करारा जवाब

Sachin Pilot: Mafia is established in Bhopal Secretariat, public gave a befitting reply to the arrogance of Rs 400 भोपाल। MP by election 2024: मध्यप्रदेश पहुंचे कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने बड़ा बयान दिया है। कहा कि- हम सब आज उपचुनाव में प्रचार करेंगे। जनता ने जिन उम्मीदों को लेकर वोट डाले थे उस पर सरकार खरा नहीं उतरी। हर क्षेत्र में सिर्फ प्रचार, प्रसार, फोटो छप रही हैं। भोपाल सचिवालय में माफिया जमे है। 400 पार के अहंकार को जनता ने करारा जवाब दिया है। भाजपा ने दो बैसाखियों पर सरकार बनाई है। राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद सरकार की जवाबदारी तय की है।केंद्र की सरकार आज भी कांग्रेस को दोष दे रही है। चिन्हित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बन रही हैं। बीजेपी का ग्राफ देशभर में डाउन हो रहा है। झारखंड और महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने की हवा चल रही है। हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे एमपी में मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार काम कर रही है। उपचुनाव में हम अच्छा करेंगे, एक नए बदलाव की शुरुआत होगी। प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ रही हैं, सुखद परिणाम हर जगह कांग्रेस के लिए है।भारत की सीमाओं का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी है। गौ माता, भगवान राम के नाम पर वोट बटोरते हैं, विपक्षी सरकारों को बजट नहीं देते, बहुत सारे नेता पार्टी छोड़ते हैं, हमारे यहां पूरी पार्टी चुनाव लड़ती है। फ्री बीज को लेकर बोले – कांग्रेस सरकार अगर गरीबों को मदद करना चाहे तो उसे फ्री बीज कहते हैं, हमने जहां जो कहा वह करके दिखाया है। झूठ बोलना, कांग्रेस को कोसना कब तक करेंगे। शिवराज की योजना इतनी अच्छी थी तो उन्हें हटाया क्यों। हमारा संख्या बल अब बहुत बेहतर है, हम हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे। जम्मू कश्मीर को फुल स्टेट का दर्जा मिले यह हम चाहते हैं। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पायलट ने कहा कि- बाटेंगे और काटेंगे के खिलाफ कांग्रेस का नया प्लान। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पर कांग्रेस काम करेगी।लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस अगर आई तो मंगलसूत्र छीन ले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री काटेंगे की बात करते हैं। हम सकारात्मक राजनीति करेंगे। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे। बीजेपी का काम है कि ध्रुवीकरण करना, धार्मिक भावना राजनीतिक आक्रमण करना, विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना। अब एक तरफा हवा चल रही है गठबंधन की सरकार बनाने के लिए लोग उठ चुके हैं। नेताओं की बयानबाजी और नाराजगी बहुत सारे नेता छोड़ते हैं तो आते हैं। कांग्रेस पार्टी अपने-अपने संगठन अपने विचारधारा पर काम कर रही है। हम एकजुटता से काम कर रहे हैं। शिवराज के बयान पर कहा कि वे कितने साल से काम कर रहे थे। मजबूरन उन्होंने जाना क्यों पड़ा, इसका जवाब दें। रेवाड़ी की राजनीति करते हैं। हम लोग काम करते हैं तो दिक्कत और हम अगर अनुदान देना चाहे तो समस्या, और खुद 80 करोड लोगों को फ्री भोजन कर रहे हैं. आप अन्नदाता है हम कोई घोषणा करें तो हम पाप कर रहे हैं.. सीजी में उपराष्ट्रपति के बयान पर छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बोल- कानून के बारे में रहकर कानून का काम करना चाहिए। चुनाव से पहले इस प्रकार की बातें करना और धार्मिक बातें बोलकर वोट बटोरना ठीक बात नहीं है। विकास की बात करनी चाहिए। कभी गौ माता, कभी नागरिक संहिता, कभी मंदिर की बात सिर्फ चुनाव के लिए करते हैं। ऐसी राजनीति को जनता भी स्वीकार नहीं कर रही है recent visitors 313

भोपाल के वन विहार में शेर और चीता का दीदार करना हुआ महंगा, चार गुना बढ़ गई फीस

Visiting lions and buffaloes in Bhopal’s Van Vihar has become expensive, now you will have to pay four times more  भोपाल। (Van Vihar National Park) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित वन विहार नेशनल पार्क में आज गुरुवार से भ्रमण महंगा हो गया है। सफारी वाहन बुकिंग में 300 की जगह अब 1000 रुपए लगेंगे। जबकि 6 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए सफारी फीस 150 रुपए निर्धारित की गई है। वहीं पैदल जाने वालों को 25 रुपए देने होंगे। इंदौर के रालामंडल अभ्यारण और मुकुंदपुर की व्हाइट टाइगर सफारी के भी दाम बढ़ गए है। वन विहार नेशनल पार्क में वन्य प्राणियों की झलक के लिए नई फीस जारी की गई है। पैदल भ्रमण प्रति व्यक्ति 25 रुपये देना होगा। अभी प्रति व्यक्ति 20 रुपए शुल्क था। इसके अलावा नई दरों में स्वयं की साइकल से 30 रुपये, उद्यान की साइकिल से 40 रुपये, दोपहिया मोटर वाहन 2 व्यक्ति 80 रुपये देना होगा। ऑटो रिक्शा चालक सहित अधिकतम 4 व्यक्ति 120 रुपये, हल्के 4 पहिया वाहन अधिकतम 5 व्यक्ति 300 रुपये, हल्के 4 पहिया वाहन 5 व्यक्ति से अधिक क्षमता वाले 500 रुपये, मिनी बस अधिकतम 20 व्यक्ति 1100 रुपये, बस 20 से अधिक व्यक्ति 2200 रुपये, गोल्फ कॉर्ट से भ्रमण (प्रवेश शुल्क के अतिरिक्त) प्रति व्यक्ति 60 रुपये लगेगा। वहीं 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे 40 रुपये, 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे नि:शुल्क, पूरी गोल्फ कॉर्ट अधिकतम 6 व्यक्ति 400 रुपये और प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन से सफारी भ्रमण (प्रति ट्रिप) प्रति व्यक्ति 100 रुपये, 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे 30 रुपये, 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे नि:शुल्क तथा संपूर्ण वाहन (अधिकतम छह व्यक्ति) 1000 रुपये देय होगा। recent visitors 717

मध्‍य प्रदेश में पैर पसार रही सर्दी:, रातों के साथ दिन भी हुए ठंडे, जानें आज के मौसम का हाल

Cold is spreading in Madhya Pradesh: Days have become cold along with nights, know today’s weather condition MP Weather Update Today: मध्य प्रदेश के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में गिरावट के चलते सुबह और शाम के समय ठंड का एहसास होने लगा है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों (Today Weather Update) में तापमान 15 डिग्री से नीचे पहुँच गया है, हालांकि दिन के समय मौसम सामान्य (MP Weather Update Today) रहता है। अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है।आज उत्तर दिशा से चलने वाली ठंडी हवा का असर रहेगा। आइए आपको बताते हैं कि आपके शहर का मौसम कैसा रहेने वाला है। लगातार कम हो रहा तापमान (MP Weather Update Today) आपको बता दें कि तापमान में लगातार गिरावट का दौर जारी है। पिछली रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जिसमें प्रदेश के अधिकांश जिलों का तापमान 15 डिग्री (Today Weather Update) तक दर्ज किया गया।24 घंटे में तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं हिल स्टेशन पचमढ़ी का तापमान और कम होकर 11.2 डिग्री पर पहुंच गया, जिससे वहां ठंड का असर और बढ़ गया है। प्रदेश में सिर्फ नरसिंहपुर ही ऐसा स्थान रहा जहां तापमान 20 डिग्री पर बना रहा।इन शहरों में इतना रहा तापमान प्रदेश में दिन और रात के तापमान में गिरावट जारी है। रीवा, मंडला और उमरिया में दिन का तापमान कम हो गया है, जबकि अमरकंटक और पचमढ़ी के साथ-साथ मंडला, रीवा और उमरिया सहित कई शहरों में रात के तापमान में भी गिरावट आई है।बैतूल और सतना में रात का तापमान 15.7 डिग्री, खजुराहो और टीकमगढ़ में 16 डिग्री, खंडवा में 17 डिग्री, गुना में 18 डिग्री और नर्मदापुरम में 19.4 डिग्री दर्ज किया गया। इस वजह से है ऐसा मौसम (MP Weather Update Today) मध्य प्रदेश में इस समय ठंडक का असर इसलिए महसूस हो रहा है क्योंकि नवंबर की शुरुआत में आमतौर पर मौसम शुष्क रहता है और फिलहाल कोई नया सिस्टम सक्रिय नहीं है।उत्तर से ठंडी हवाएं आ रही हैं, जिसके कारण पचमढ़ी, अमरकंटक, उमरिया और मंडला जैसे शहरों में (Weather Update ) रात का तापमान 15 डिग्री से नीचे आ गया है, जबकि दिन में अधिकतर जगहों पर तापमान 30 डिग्री से ऊपर है।मौसम विभाग का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से नवंबर में इसी तरह का पैटर्न देखा जा रहा है। 15 नवंबर के बाद हवाओं का असर और बढ़ने की संभावना है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में और गिरावट आ सकती है।भोपाल-जबलपुर में गिरा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी हवाओं के असर से ग्वालियर और चंबल संभाग सबसे ठंडा रहता है। अभी ठंड की शुरुआत है।आपको बता दें कि भोपाल-जबलपुर में (Weather Update ) तापमान 16 डिग्री, ग्वालियर में 16.3 डिग्री, उज्जैन में 16.3 डिग्री और इंदौर में 17.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। recent visitors 192

बीजेपी नेता की बहू पर गिर गई गाज , नौकरी का खेला मार्कशीट में झमेला

BJP leader’s daughter-in-law in trouble, job scam created problem in marksheet Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह धोखाधड़ी बीजेपी नेता और जनपद पंचायत अध्यक्ष की बहू ने किया है। नेता की बहू ने नौकरी की लालच में अपने मार्कसीट में बड़ा खेल कर दिया। अब बेरोजगार हो गए हैं। खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में मार्कशीट से छेड़छाड़ कर 100 नंबर का हेर फेर करने के मामले में बीजेपी लीडर की बहू फंस गई हैं। फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने के मामले में गोगावां जनपद अध्यक्ष की बहू के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।गोगावा के थाना प्रभारी दिनेश सोलंकी ने बताया कि महिला व बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी साधना शर्मा ने शिकायत आवेदन दिया था। इस पर मनीषा मौर्य के विरुद्ध धोखाधड़ी व कूट रचित दस्तावेज तैयार करने संबंधी धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया की जांच के बाद मार्कशीट में हेरा फेरी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया जाएगा। मार्कशीट से छेड़छाड़ की पुष्टि सोलंकी ने बताया कि 2022 में मेरिट के आधार पर मनीषा मौर्य को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में नियुक्ति दी गयी थी। दो व्यक्तियों द्वारा आपत्ति दर्ज कराए जाने के चलते मनीषा की मार्कशीट की जांच करवाई गई। मार्कशीट को प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय पुनासा (खंडवा) भेजा गया। प्राचार्य ने अपने प्रतिवेदन में मार्कशीट से छेड़छाड़ किए जाने की पुष्टि की। दूसरे को दी गई नौकरी जांच में पाया गया कि नौकरी के आवेदन के दौरान मनीषा ने जो मार्कशीट दी थी, उसमें मूल मार्कशीट से 100 नंबर ज्यादा पाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी साधना शर्मा ने बताया कि हेरा फेरी की गड़बड़ी के बाद द्वितीय स्थान पर आए अभ्यर्थी को नौकरी दे दी गई थी। मनीषा गोगावा जनपद पंचायत अध्यक्ष व भाजपा नेता गंगाबाई मंडलोई की बहू हैं। इस मामले में 13 महीने पूर्व भी प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन किसी वजह से आपत्तिकर्ता द्वारा ढील दिए जाने के चलते मनीषा फिर से नौकरी करने लग गई थी। recent visitors 169

नेताओं के पेट में दर्द क्यों? रेत खदान के समर्थन में उतरे पंचायत सरपंच व ग्रामीण

Why do leaders have stomach pain? Panchayat sarpanch and villagers came out in support of sand mine शहडोल। आमतौर पर आपने रेत के उत्खनन और परिवहन का विरोध करते देखा या सुना होगा, लेकिन मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में ठीक इसके उलट हो रहा है। यहां रेत के कारोबार के समर्थन में तीन पंचायतों के सरपंच सहित ग्रामीण सड़क पर उतर कर रेत के कारोबार का समर्थन कर नेताओं का विरोध कर रहे हैं। जिले के जनपद पंचायत बुढ़ार के ग्राम पंचायत चंदपुर पंचायत के लुकामपुर कुनूक नदी में ग्लोबल सहकार कंपनी की रेत खदान ठेका है। इस खदान ने क्षेत्र के ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया है, जो कि क्षेत्र के कुछ नेताओं को यह नागवार गुजर रहा है। यहां कुछ कथित नेता विरोध करते हुए रेत की खदान को बंद कराने में आमादा है। इसी बात से नाराज ग्राम पंचायत कोलुहा सरपंच धन्नू कोल, भोगडा पंचायत सरपंच नागेश्वरी सिंह, चंदपुर पंचायत सरपंच शिव प्रसाद सहित ग्रामीणों ने रेत खदान के समीप नेताओं की इस हरकत का विरोध किया। आदिवासी सरपंचों ने बताया कि पेशा एक्ट के तहत प्रस्ताव पास कराकर खदान स्वीकृत के लिए भेजा था। अब जब खदान चालू हो गई पीएम आवास व अन्य विकास कार्यों के लिए रेत लगभग फ्री में मिल रही है, तो कथित नेताओं के पेट दर्द क्यों हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जो खदान संचालक क्षेत्र के बेरोजगारो को रोजगार दे रही, उस रेत खदान को किसी कीमत पर बंद नहीं होने देंगे, उसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े। recent visitors 155