जबलपुर में बड़ा हादसा : रील बनाने के दौरान खुले झूले का गेट, दो लोग घायल

Major accident averted in Jabalpur: Gate of a fairground ride opens while people are filming a reel; two injured. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। गोलबाजार में नवरात्र पर आयोजित मेले में रविवार रात बड़ा हादसा टल गया। झूला झूलते समय रील बनाने के दौरान झूले का गेट अचानक खुल गया, जिससे दो लोग छिटककर बाहर गिर गए और घायल हो गए। रील बनाते समय खुला झूले का गेटहादसा रविवार रात करीब 11 बजे का है। नवरात्र में प्रतिमा दर्शन के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ थी। इसी दौरान गोलबाजार मेले में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। परिवार के साथ आए लोग झूलों का आनंद ले रहे थे। इसी बीच आशीष यादव और पल्लवी नाम की बालिका जमीन के समानांतर तेजी से गोल घूमने वाले झूले में सवार हुए। बताया जा रहा है कि गेट के पास खड़ी पल्लवी मोबाइल से रील बना रही थी। आशीष भी उसके पास ही था। झूले में करीब 20 लोग सवार थे। झूला घूम रहा था, तभी अचानक उसका गेट खुल गया। गेट खुलते ही दोनों छिटककर बाहर गिर पड़े। दोनों घायल, हालत गंभीर नहींहादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और लोग घबरा गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को उठाया और निजी अस्पताल पहुंचाया। पल्लवी को अपेक्षाकृत अधिक चोट आई है, लेकिन दोनों की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है। झूले की गति अधिक नहीं होने और जमीन के करीब संचालित होने से बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालझूले के संचालन के दौरान गेट का लाक रहना अनिवार्य है। ऐसे में घूमते हुए झूले का गेट कैसे खुल गया, यह जांच का विषय बन गया है। आशंका जताई जा रही है कि गेट लाक करने में लापरवाही बरती गई या उसमें कोई तकनीकी खामी थी। घायल बच्चों के परिजनों ने पुलिस से शिकायत की है। लार्डगंज पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद मेले में झूलों की सुरक्षा और संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। recent visitors 28

आमला में महाकाली मंदिर में हवन-पूजन, पार्षद खुशबू अतुलकर ने कराया कन्या भोज।

Havan-worship at Mahakali temple in Amla, councilor Khushboo Atulkar organized Kanya Bhoj. हरिप्रसाद गोहे  आमला। वार्ड क्रमांक 9 की पार्षद एवं यूथ कांग्रेस जिला महासचिव कुमारी खुशबू विजय अतुलकर ने अपने पुश्तैनी महाकाली मंदिर में हवन-पूजन कर कन्या भोजन कराया। पूर्व पार्षद विजय अतुलकर ने बताया कि यह मंदिर उनकी माता एवं खुशबू की दादी श्रीमती रामकली रसिया अतुलकर द्वारा 16 अक्टूबर 1993 को बनवाया गया था। जयपुर से मंगवाई गई संगमरमर की 7 फीट ऊंची महाकाली की प्रतिमा यहां स्थापित है, जिसके चरणों में महाकाल विराजमान हैं। मंदिर परिसर में काल भैरव जी की मूर्ति भी स्थापित है। मान्यता है कि यह जागृत मंदिर है और यहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। पार्षद खुशबू अतुलकर ने बताया कि माता रानी से क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य एवं जिले को सूखे से मुक्ति दिलाने के लिए पुनः अच्छी बारिश की कामना की गई है। पूजन के पश्चात कन्याओं को भोजन कराकर तिलक लगाया और उपहार भेंट कर आशीर्वाद लिया। recent visitors 63

हनुमान मंदिर से रेणुका माता छावल तक निकली 12वीं पदयात्रा, भक्ति में झूमे श्रद्धालु।

12th padyatra (foot pilgrimage) taken out from Hanuman Temple to Renuka Mata Chhawal; devotees immersed in devotion. हरिप्रसाद गोहेआमला । प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रेलवे कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर से मां रेणुका माता छावल मंदिर तक शनिवार पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा का 12वां वर्ष है।शनिवार सुबह 10 बजे हनुमान मंदिर से पदयात्रा प्रारंभ हुई जो रेलवे कॉलोनी, बस स्टैंड, ब्लॉक ऑफिस, बोरी होते हुए छावल मंदिर पहुंची। डीजे की धार्मिक धुनों पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में महिला, बच्चे, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु 12 किलोमीटर की यात्रा में शामिल हुए। छावल मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने 101 दीपों से स्वास्तिक बनाकर दीप प्रज्वलित किए और महाआरती की। समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। मिली जानकारी अनुसार पदयात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। व्यापारी संघ अध्यक्ष अनिल सोनी, गायक महेंद्र मानकर ने स्वागत किया। रवि देशमुख, राकेश साहू, अमरलाल साहू, ऋषि देशमुख ने चाय-नाश्ता कराकर स्वागत किया। मदरलैंड सीबीएसई स्कूल के छात्र-छात्राओं और स्टाफ ने पदयात्रा का अभिनंदन किया। शिवपुरी में कलीराम डाडरिया और बोरी में भाजपा के हरि यादव ने चाय-नाश्ता और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। अंत में समिति के उमेश तायवाड़े ने सभी का आभार व्यक्त किया। recent visitors 74

बोरदेहि पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मक्का की आड़ में उगा रहा था गांजा, 29 पौधे जप्त। पुलिस ने ग्राम बोदुड़ में मारा छापा, 44 हजार का गांजा बरामद, आरोपी गिरफ्तार।

Major action by Bordehai police: Cannabis was being cultivated under the guise of a maize crop; 29 plants seized. Police raided the village of Bodud, recovered cannabis worth ₹44,000, and arrested the accused. हरिप्रसाद गोहेआमला/बोरदेही/। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत बोरदेही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ग्राम बोदुड़ में मक्का की बाड़ी की आड़ में की जा रही गांजे की खेती का भंडाफोड़ किया है।थाना बोरदेही पुलिस को दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बोदुड़ रैय्यत निवासी भूरा अखण्डे ने अपनी मक्का की बाड़ी में अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची।टीम ने जब बाड़ी की तलाशी ली तो मक्का के पौधों के बीच गांजे के 29 हरे-भरे पौधे लहलहाते हुए मिले। पुलिस ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए सभी पौधों को जप्त कर लिया। पुलिस के अनुसार जप्त किए गए 29 हरे गांजे के पौधों का कुल वजन 7.450 किलोग्राम है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 44,700 रुपये आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपीभूरा पिता कल्लू अखण्डे, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम बोदुड़ रैय्यत, थाना बोरदेही, जिला बैतूल।इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके, उपनिरीक्षक पंचम सिंह उईके, सहायक उपनिरीक्षक कमल सिंह मेहर, सहायक उपनिरीक्षक मिंतलाल धुर्वे, प्रधान आरक्षक नागेंद्र सिंह, आरक्षक नीरज शेडे, आरक्षक शशिकांत आरसे, आरक्षक रोहित भारती, आरक्षक उमेश विश्वकर्मा, आरक्षक राधेश्याम कुमरे, आरक्षक चालक किशोर साहू एवं महिला सैनिक भारती सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील की है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी और बिक्री से दूर रहें। यह कानूनन गंभीर अपराध है। यदि किसी को भी आसपास ऐसी गतिविधि की जानकारी मिलती है तो तत्काल निकटतम थाने को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। recent visitors 56

विनाश नहीं, सृजन के लिए हुआ हम सब का जन्म – राजीव खंडेलवाल।

We were all born for creation, not for destruction — Rajeev Khandelwal. हरिप्रसाद गोहेआमला । हमारा जन्म विध्वंस के लिए नहीं, सृजन के लिए हुआ है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के कानून का सख्ती से पालन कर ही बेहतर भविष्य की कल्पना साकार हो सकती है। दिखावे की जिंदगी में इंसान अपनी सीमाओं का उल्लंघन कर रहा है, जिसका दुष्परिणाम बदलते ऋतु चक्र के रूप में सामने है।उक्त विचार सुधार न्यास के पूर्व अध्यक्ष, लेखक एवं प्रसिद्ध कर सलाहकार राजीव खंडेलवाल ने व्यक्त किए। वे महेश साहू द्वारा आयोजित नवरात्रि मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। औषधीय पौधे का रोपणकार्यक्रम में सार्थक सृजन संस्था द्वारा राजीव खंडेलवाल एवं राजा ठाकुर के हाथों अर्जुन के औषधीय पौधे का रोपण कराया गया। संस्था ने बताया कि अर्जुन का पौधा पर्यावरण के साथ-साथ हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।खंडेलवाल ने कहा कि “पौधरोपण केवल हरियाली बढ़ाने का कार्य नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।” गणमान्य नागरिक रहे उपस्थितइस अवसर पर पूर्व विधायक निलय डागा, डॉ. के.के. श्रीवास्तव, अधिवक्ता महेंद्रनाथ भार्गव, राम भार्गव, डॉ. तरुण साहू, महेश साहू, सीमा चौरिया, डॉ. बी.पी. चौरिया, प्रवीण गुगनानी, लेखक बलवंत धोटे, विमल मदान सहित सार्थक सृजन के चंद्रशेखर सोनी, अनिल सोनी पटेल, यशवंत चढ़ोकार, जयंत सोनी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 46

पैराडाइज स्कूल में भक्ति और संस्कृति का संगम, थिरके नन्हें गरबा वीर।

A confluence of devotion and culture at Paradise School, as little Garba dancers twirl. हरिप्रसाद गोहेआमला। नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पैराडाइज हायर सेकेंडरी स्कूल में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य गरबा महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में किया गया।विद्यालय परिसर माँ दुर्गा के जयकारों और गरबा की लयबद्ध ताल पर थिरकता नजर आया। कार्यक्रम में कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा बारहवीं तक के सैकड़ों विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रंग-बिरंगे घाघरा-चोली, कुर्ता-पायजामा और पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। ढोल की थाप और पारंपरिक संगीत की धुनों पर जब विद्यार्थी थिरके तो पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया।भक्ति, ऊर्जा और संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा की आराधना के साथ हुआ। छोटे-छोटे बच्चों की मासूम अदाओं से लेकर सीनियर विद्यार्थियों की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाया। इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच दिया बल्कि उनमें टीम भावना और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान भी जगाया।शिक्षिकाओं द्वारा सजाई गई झांकी ने मोहा मन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा तैयार की गई भव्य झांकी रही। कुमारी खुशबू साहू, कुमारी याचिका कोल्हे, कुमारी दिव्या देशमुख, श्रीमती पायल सातनकर, कुमारी शिखा यादव एवं श्रीमती लीना मिश्रा के अथक प्रयासों से सजाई गई इस झांकी ने नवरात्रि के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बेहद सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। झांकी को देखने के लिए अभिभावक और अतिथि भी काफी देर तक रुके रहे। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। गरबा महोत्सव ने आनंद, उत्साह और भक्ति का ऐसा संगम प्रस्तुत किया जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। recent visitors 52

जबलपुर में दिशा गरबा महोत्सव 2026 का समापन, भक्ति और गरबा की रंगीन छटा ने बांधा समां

Disha Garba Festival 2026 concludes in Jabalpur; devotional and colourful Garba performances captivate the audience विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। नवरात्रि की भक्ति, मां दुर्गा की आराधना और गुजराती लोक संस्कृति की रंगीन छटा के बीच आयोजित दिशा गरबा महोत्सव 2026 का आयोजन जबलपुर में किया गया। महोत्सव को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह रहा। गरबा और पारंपरिक नृत्य के माध्यम से श्रद्धा, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा की पारंपरिक शैली और उत्सवी माहौल प्रमुख आकर्षण रहे। रंग-बिरंगे परिधानों में गरबा करने वाले प्रतिभागियों ने भारतीय लोक संस्कृति की खूबसूरती को दर्शाया।महोत्सव के अंतर्गत 5 से 10 अक्टूबर तक गरबा प्रशिक्षण का आयोजन भी निर्धारित किया गया था। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को गरबा की बारीकियां सीखने का अवसर मिला।दिशा गरबा महोत्सव का आयोजन 16 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक प्रज्ञा मंडपम, लेबर चौक, मेहता पेट्रोल पंप के पास, जबलपुर में निर्धारित था। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ पारंपरिक संस्कृति और गरबा कला को प्रोत्साहित करना रहा। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का संगम गरबा जैसे पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सामूहिकता और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। दिशा गरबा महोत्सव भी इसी सांस्कृतिक भावना को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया। recent visitors 22