अखिलेश महाकुंभ मेले में आकर संगम स्नान करें, उनकी नकारात्मक मानसिकता धुल जाएगी व मां गंगा उन्हें सद्बुद्धि देंगी: नकवी

प्रयागराज प्रयागराज में जनवरी 2025 से महाकुंभ का आयोजन होने वाला है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार महाकुंभ की तैयारियों को लेकर वर्तमान बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं. उनका आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन के लिए अभी तक सारी तैयारियां हो जानी चाहिए थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार इसमें काफी पीछे है. अखिलेश यादव की इस आलोचना पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्यतार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जिनकी मानसिकता नकारात्मक हो उन्हें काम नहीं दिखता. नकवी ने कहा, 'दुनिया का बड़ा आयोजन है महाकुंभ. वहां मजबूत व्यवस्था होती है. अफसोस है कि कुछ लोग नकारात्मक हैं और भय फैलाते हैं. सपा के मुखिया  भी भय फैलाते हैं. वह महाकुंभ मेले में आकर संगम स्नान करें, उनकी नकारात्मक मानसिकता धुल जाएगी व मां गंगा उन्हें सद्बुद्धि देंगी.' मुख्तार अब्बास नकवी ने ये बातें प्रयागराज सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में कहीं. उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेले का काम बड़ी तेजी से हो रहा है और समय रहते सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी. नकवी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण भी किया. बीजेपी नेता ने कहा, 'महाकुंभ मेले पर पूरे विश्व की नजर है. योगी सरकार इसे दिव्य और भव्य बनाने में जुटी है. सुरक्षा के सारे प्रबंध किए गए हैं. इस बार पूरा विश्व महाकुंभ की दिव्य और भव्य छवि को देखेगा.' संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पूछे गए सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने सहमति जताते हुए कहा कि हर धार्मिक स्थल के नीचे मंदिर नहीं खोजना चाहिए, इससे आपसी सौहार्द और सद्भावना बिगड़ेगी. मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'कुछ विदेशी आक्रांताओं ने देश में जो किया उस कलंक को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. राम मंदिर का जिस तरह से समाधान निकला, उसी प्रकार ऐसे विवादित मामलों का संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान होगा. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का कहना ठीक है कि ऐसे मामलों का संवाद से समाधान होना चाहिए.' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया. नकवी ने कहा कि मनमोहन सिंह आर्थिक संकट के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था की प्राणवायु बने थे. उनके निधन से भारत ने एक दूरदर्शी राजनेता खो दिया. इसकी भरपाई असंभव है.   recent visitors 53

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आलेख

कमलनाथमध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का एक साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो गया। अब बीजेपी इस एक साल को स्वर्णिम कार्यकाल बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन मोहन सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों और सभी वर्गों के लोगों के लिए क्‍या किया है यह विचारणीय है। महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्यप्रदेश की पहचान व्यापमं और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है। क्या जनता के विकास के ये सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं? ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने जमीनी सच्चाई से पूरी तरह पीठ फेर ली है और प्रदेश को उसके हाल पर छोड़ कर, खुद सिर्फ झूठी ब्रांडिंग से अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हो गई है। हकीकत से मुंह फेर कर मोहन सरकार झूठे प्रचार-प्रसार में मस्‍त है। जबकि चुनावों के पहले बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह करने का काम किया। आज प्रदेश की जनता खुद सरकार से सवाल करना चाहती है कि वादों का क्‍या हुआ? सरकार कर्ज पर कर्ज लेकर अपनी गाड़ी को चला रही है। और सपने ऐसे दिखाए जा रहे हैं कि प्रदेश ने विकास के कई सोपान गढ़ लिए हैं। पिछले एक साल में प्रदेश में दलितों पर काफी अत्‍याचार हुए हैं। वह चाहे शिवपुरी की घटना हो या सागर की घटना हो। सारे प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्‍याचारों से यही लगता है कि यह साल दलित अत्‍याचार पर केन्द्रित रहा है। शिवपुरी के इंदरगढ़ में एक दलित युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के सागर जिले के ग्राम बरोदिया नोनागिर में दलित युवती द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत से गुस्साए गुंडों ने युवती के भाई की पिछले वर्ष अगस्त माह में हत्या कर दी थी। हत्या में बीजेपी नेताओं पर आरोप लगे। पीड़ित परिवार समझौते के लिये तैयार नहीं हुआ तो दो दिन पूर्व पीड़िता के चाचा की भी हत्या कर दी गई। मंदसौर जिले के एक गांव में एक महिला का पीछा करने के आरोप में दलित व्यक्ति को चेहरा काला करके, गले में जूतों की माला डालकर घुमाया गया। यह दोनों घटनाएं तो सिर्फ ऐसी थी जो सुर्खियों में ज्‍यादा रहीं लेकिन‍ ऐसी न जाने हजारों घटनाएं हैं जो रोज दलितों से साथ घटती रहीं। दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह के विषयों पर कुछ भी कहने से बचते रहे और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे। मध्य प्रदेश में कर्ज दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं बीतता है जब सरकार कर्ज न ले रही हो। सरकार पिछले 11 महीनों में 40 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। राज्य यादव सरकार के एक साल पूरे होने के साथ कर्ज का आंकड़ा 52.5 हजार करोड़ तक पहुंचने वाला है। दिसंबर 2023 से अब तक सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। पिछले 6 माह में हर महीने 05-05 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। 31 मार्च 2025 तक मप्र सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ पहुंचेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार अपनी जरूरतों के लिए लगभग 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। पिछले साढ़े चार साल में मप्र सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया है। सरकार अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने का जश्न मना रही है। लेकिन‍ अपने वादों को भूल गई है। चुनावों के समय जो वादे किये थे उन पर ध्‍यान ही नहीं है। लाडली बहनों को 3,000 रुपये की राशि देने का वादा, किसानों को उपज का दाम मिलना, युवाओं को रोजगार देने का वादा, महिलाओं को सुरक्षा देने का वादा, भ्रष्‍टाचार मुक्‍त प्रदेश बनाने का वादा ऐसे तमाम वादे थे जो एक साल में शुरू ही नहीं हुए हैं। मध्य प्रदेश में खाद की कमी के कारण किसानों की आय पर भी काफी असर पड़ा है। किसानों ने खाद की कमी के कारण अपनी फसल ही नहीं बोई। किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले साल के कार्यकाल में ऐसे मामले हैं जहां मोहन यादव की सरकार बैकफुट पर नजर आई। 13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। मोहन यादव के पहले कार्यकाल में मध्य प्रदेश में क्राइम के कई ऐसे मामले आए जिसके राज्य सरकार की किरकिरी हुई। वैसे तो प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है लेकिन प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ रहे अपराधों ने मध्‍यप्रदेश को बदनाम किया है। अपराधों के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। क्‍या महिलाएं क्‍या बच्चियां, कोई सुरक्षित नहीं है। साइबर क्राइम भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। राज्य के युवाओं को साधने के लिए मोहन यादव की सरकार ने एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। दिसंबर महीने से भर्ती शुरू होनी थी लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जो यह रिपोर्ट तक नहीं दे पाए हैं कि उनके विभाग में कितने पद खाली हैं। बीते एक साल से भर्ती नहीं होने पर युवाओं में ओवरएज होने का डर है। राज्य में नर्सिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हुई है। राज्य में कॉलेजों की संख्या कम की गई है। नर्सिंग घोटाले सामने आने के बाद समय पर परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। पूरे मामले की निगरानी कोर्ट में चल रही है। सरकार ने पूरे मामले में लीपापोती कर हजारों बच्‍चों के भविष्‍य के साथ खिलवाड़ की है। राज्य के कई छात्र संगठन भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे … Read more

क्या वेजिटेबल जूस में मिला सकते हैं फ्रूट्स, क्या यह सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक?

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कच्ची सब्जियों का जूस पीना पसंद करते हैं. फिटनेस फ्रिक वाले लोग हरी सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करते हैं. ऐसे डाइट लेने वाले समर्थकों का दावा है कि कच्ची सब्ज़ियों में कई जरूरी विटामिन और खनिज होते हैं जो खाना पकाने के दौरान खत्म हो जाते हैं और ये इम्युनिटी को बढ़ाने और बीमारियों को रोकने के लिए बहुत बढ़िया हैं. यह बात सही हो सकती है लेकिन किसी भी चीज़ को हद से ज्यादा खाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. सर्दियां आ रही हैं और यह वह मौसम है जब हरी पत्तेदार सब्जियां काफी ज्यादा मार्केट में होती हैं और लोग हर संभव दिलचस्प तरीके से उन्हें अपने आहार में शामिल करके उनका अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश करते हैं. कुछ लोग इस मौसम में कच्ची सब्जियों का जूस पीना भी पसंद करते हैं. लेकिन क्या ये सभी वाकई सेहतमंद और सुरक्षित हैं? आपको हरी सब्जियां किस तरह खानी चाहिए – उन्हें पकाकर या कच्चे रूप में खाकर. आयुर्वेद और आंत स्वास्थ्य कोच डॉ. डिंपल जांगडा ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा है कि अधिक मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट में कुछ संक्रमण या अपच का खतरा हो सकता है. पके हुए भोजन की तुलना में कच्चे खाद्य पदार्थों को पचाना शरीर के लिए अधिक कठिन होता है, क्योंकि पके हुए भोजन पहले से ही गर्मी, मसालों और पकाने की विधि से टूट जाते हैं. वे अवशोषण के लिए अधिक जैविक रूप से उपलब्ध होते हैं और पाचन अग्नि पर तनाव को कम करते हैं. कुछ कच्चे खाद्य पदार्थों में एंटी-पोषक तत्व भी होते हैं जो वास्तव में खाद्य पदार्थों के पोषण अवशोषण को पूरी तरह से अवरुद्ध कर देते हैं.हल्का खाना पकाने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप मतली, थकान, चक्कर आना, पेट फूलना, दस्त या आईबीएस जैसे लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपका शरीर आपसे बात कर रहा है. आयुर्वेद बड़ी मात्रा में कच्चे खाद्य पदार्थों या ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह नहीं देता है, क्योंकि वे परजीवियों का घर होते हैं, जिन्हें केवल धोने से नष्ट नहीं किया जा सकता है. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. recent visitors 276

पहली टेस्ट फिफ्टी ठोकने के बाद नीतीश रेड्डी, पुष्पा के स्टाइल में किया सेलिब्रेट

मेलबर्न  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 26 दिसंबर से बीजीटी का चौथा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। 21 साल के युवा भारतीय ऑलराउंंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने इस सीरीज में अपना टेस्ट डेब्यू किया। उन्होंने पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट में ही अपना डेब्यू कर लिया था। उसके बाद से नीतीश ने अपनी बल्लेबाजी से पूरी सीरीज में सबको काफी प्रभावित किया। नीतीश ने मेलबर्न टेस्ट से पहले तीन 40 प्लस स्कोर बनाए थे। लेकिन वह अपना पहला अर्धशतक नहीं जड़ पा रहे थे। हालांकि उन्होंने अब मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक ठोका। नीतीश रेड्डी ने पहली पारी में 81 गेंद खेलकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इतना ही नहीं बल्कि वह अभी भी नाबाद हैं और खबर लिखने तक 56 रन पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। रेड्डी ने अब तक अपनी पारी में 4 चौके और 1 छक्का भी लगाया है। वहीं फिफ्टी पूरी करने के बाद नीतीश ने भारत के स्टार एक्टर अल्लू अर्जुन के स्टाइल में सेलिब्रेट किया। फिफ्टी जड़ने के बाद पुष्पा बने नीतीश रेड्डी दरअसल, अल्लू अर्जुन की लोकप्रिय फिल्म 'पुष्पा' का सीक्वल थीयटर पर लगा हुआ है। इस वक्त हर जगह अल्लू अर्जुन की इस मूवी के चर्चे हैं। इस फिल्म में अल्लू बतौर 'पुष्पा' एक डायलोग बोलते हैं 'झुकेगा नहीं साला'। इसके साथ ही वह अपने हाथ से भी एक जेस्चर करते हैं। ठीक उसी अंदाज से नीतीश रेड्डी ने भी सेलिब्रेट किया। भारत फॉलोऑन से बचा भारतीय टीम के लिए नीतीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर पिच पर टिके हुए हैं। दोनों ने मिलकर फॉलोऑन से भारत को बचाया। खबर लिखने तक दोनों के बीच 73 रन की साझेदारी हो गई है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 474 रन बनाए थे। वहीं इस वक्त सीरीज 1-1 की बराबरी पर चल रही है। वॉशिंगटन सुंदर का अर्धशतक  146 गेंदों पर वॉशिंगटन सुंदर ने एक चौके की मदद से शानदार अर्धशतक पूरा कर लिया है। एमसीजी में ये इस युवा बल्लेबाज द्वारा शानदार लड़ाई है। भारत को इसी तरह की पारी की जरूरत थी।  पिछले 10 ओवर में आए 13 रन  पिछले 10 ओवर में भारत सिर्फ 13 रन ही जोड़ पाया है। बारिश ने पिच और बल्लेबाज दोनों पर असर डाला है।  तीसरे सेशन में भारत की धीमी शुरुआत  नीतीश रेड्डी और वॉशिंगटन सुंदर तीसरे सेशन में धीमी बल्लेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं। अब लगता है इन दोनों की नजरें इस सेशन को काटने पर है। अच्छी खबर यह है कि मेलबर्न में धूप खिल चुकी है।   recent visitors 91

कश्मीर में बर्फीले तूफान के कारण पर्यटक फंसे, सेना ने 68 लोगों को बचाया

 जम्मू भारतीय सेना ने गुलमर्ग जाते वक्त रास्ते में फंसे कई पर्यटकों को बचाया है। भारतीय सेना की चिनार कोर ने इस मिशन को अंजाम दिया है। चिनार वॉरियर्स को सिविल प्रशासन से पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके मुताबिक पर्यटक गुलमर्ग और तानमार्ग जा रहे थे। इसी दौरान भारी बर्फबारी के चलते पर्यटक यहां पर फंस गए थे। चिनार कोर के मुताबिक इस दौरान कुल 68 लोगों को बचाया गया। इनमें 30 महिलाएं, 30 पुरुष और 8 बच्चे शामिल हैं। इसके बाद सभी 137 पर्यटकों को गर्म खाना, शेल्टर और दवाएं भी मुहैया कराई गईं। चिनार वॉरियर ने इसको लेकर ट्वीट में जानकारी दी है। इसमें बताया है कि चिनार कोर को सिविल एडमिनिस्ट्रेशन से कॉल मिली थी। इसके बाद इस बचाव कार्य को अंजाम दिया गया। इसके मुताबिक चिनार वॉरियर्स ने कुलगाम के मुनाद गांव से एक गर्भवती महिला को निकालने के लिए एक आपातकालीन संकट कॉल का जवाब दिया। भारी बर्फबारी के बीच बचाव दल समय पर घटनास्थल पर पहुंच गया। तत्काल जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और रोगी को यारीपोरा के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। गौरतलब है कि चिनार कोर का नाम यहां के चिनार वृक्ष के नाम पर रखा गया है। सेना का यह दल जम्मू कश्मीर के पूर्वी और उत्तरी इलाकों में सुरक्षा इंतजाम देखती है। बता दें कि जम्मू कश्मीर में मौसम खराब है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित काजीगुंड कस्बे में बर्फबारी में करीब 2000 वाहन फंस गए हैं। सीएम ने बताया कि उन्होंने अनंतनाग के डिप्टी कमिश्नर से बात की है। उन्होंने लिखा कि डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि भारी वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है और बाकी फंसे हुए वाहनों को निकालने के प्रयास जारी हैं। सीएम ने आगे लिखा कि बर्फीले मौसम के कारण यातायात का बैक अप लेना पड़ा है। फंसे हुए वाहन, दोनों दिशाओं में, धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं और जहां आवश्यक हो, सहायता की जा रही है। recent visitors 68

UPI नहीं, कैश… इंदौर के व्यापारियों का ऐलान, दुकानों के बाहर क्यों लगाए ऐसे पोस्टर?

देश भर में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसी के तहत साइबर क्राइम टीम भी लगातार काम कर रही है. कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है और कई लोगों के खिलाफ अभी भी लगातार जांच जारी है. इसमें सबसे बड़ी समस्या व्यापारियों के लिए सामने आती है. इंदौर ! मध्य प्रदेश के इंदौर में व्यापारियों ने UPI पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. कोई भी दुकानदार ग्राहक से यूपीआई के जरिए पेमेंट नहीं लेंगे. इसकी जानकारी वह अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर पोस्टर लगाकर दे रहे हैं. दुकानदारों के इस निर्णय से ग्राहक परेशान हो रहे हैं. इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर व्यापारियों से बात करेंगे. वहीं, यूपीआई पेमेंट ने लेने पर व्यापारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड के कारण वह परेशान हो रहे हैं, पुलिस भी उनके अकाउंट होल्ड कर देती है. पूरी दुनिया डिजिटलाइजेशन पर निर्भर हो चुकी है. अब हर चीज मोबाइल से ऑपरेट की जाती है. इसके कई फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी. व्यापारियों का कहना है कि सबसे बड़ा नुकसान साइबर फ्रॉड है. उनका कहना है कि जब कोई बदमाश एक अकाउंट से पैसा लेकर दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करता है और उसी अकाउंटस से वह किसी व्यापारी के यहां से खरीदारी करता है. जांच में वह अकाउंट पाया जाता है तो व्यापारी का भी अकाउंट सीज कर लिया जाता है. इस समस्या से परेशान इंदौर के व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट को अब ना कह दिया है. इंदौर के व्यापारी ग्राहक से कैश और क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट लेंगे. उन्होंने यूपीआई के जरिए पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. इसका फैसला राजवाड़ा के व्यापारी एसोसिएशन ने लिया है. व्यापारियों का कहना है कि अगर कोई ग्राहक उनकी दुकान पर आता है और वह यूपीआई पेमेंट करता है, जब पुलिस जांच में वह ग्राहक गुनाहगार निकलता है तो पुलिस व्यापारियों का अकाउंट भी सीज कर देती है. उसको खुलवाने में कई महीनों लग जाते हैं. तब तक व्यापारी का पैसा उसी अकाउंट में रखा रह जाता है. इस बीच न वो उसका इस्तेमाल कर सकता है और न पेमेंट निकाल सकता है, जिससे की कई व्यापारी परेशान हो जाते हैं. इस मामले में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जैसे ही साइबर फ्रॉड की शिकायत आती है, पुलिस प्रशासन उस पर तुरंत कार्रवाई करता है. अगर एक दो ट्रांजेक्शन के कारण ऐसा हुआ है और यूपीआई पेमेंट को गलत कहना गलत हे. वहीं व्यापारियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर कहा कि हम एक टीम भेजकर उनसे बातचीत करेंगे, क्योंकि डिजिटल इकोनॉमी भी बहुत आवश्यक है. उसमें अगर किसी चीज की कमी है तो उसको दूर किया जाना चाहिए recent visitors 164

नीतीश रेड्डी ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जड़ा ऐतिहासिक शतक, भारत के सभी बल्लेबाज छूटे पीछे

nitish kumar reddy first indian batter to score hundred in australia at number 8 or below नीतीश कुमार रेड्डी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में शतक जड़ने में कामयाब रहे. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. नीतीश ने ये पारी 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए खेली. वह जब बल्लेबाजी के लिए उतरे थे को भारतीय टीम पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा था. नीतीश कुमार रेड्डी… क्रिकेट की दुनिया में नाम नया है, लेकिन कारनामा बड़ा करके दिखाया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में वह शतक जड़ने में कामयाब रहे. नीतीश रेड्डी की ये पारी एक अहम मौके पर आई. वह जब बल्लेबाजी करने उतरे तो टीम इंडिया ने 191 रन पर ही 6 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद नीतीश रेड्डी ने टीम इंडिया की पारी को संभालने का काम किया और मैदान के चारों ओर रन भी बनाए. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. उन्होंने इस पारी से ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. नीतीश रेड्डी का ऐतिहासिक शतक नीतीश रेड्डी ने इस सीरीज के पहले मुकाबले से ही दमदार खेल दिखाया है और हर अहम मौके पर टीम इंडिया के लिए रन बनाए हैं. मेलबर्न में भी उन्होंने ऐसे समय पर रन बनाए जब टीम इंडिया पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा है. वह इस मैच में 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, ऐसे में उनके साथ कोई भी फुल टाइम बल्लेबाज नहीं था. इन सब के बावजूद उन्होंने इस ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग अटैक का जमकर सामना किया और एक यादगार शतक जड़ा. उन्होंने 100 रन तक पहुंचने के लिए 171 गेंदें लीं. बता दें, नीतीश कुमार रेड्डी ने इस शतकीय पारी के साथ ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर इतिहास भी रच दिया है. वह नंबर-8 या उससे नीचे खेलकर ऑस्ट्रेलिया में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नंबर-8 पर खेलकर शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय हैं. इससे पहले रिद्धिमान साहा भी ये कारनामा कर चुके हैं. हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये शतक भारत में लगाया था. बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीयनीतीश कुमार रेड्डी इसी के साथ बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीय भी बन गए हैं. नीतीश ने ये कारनामा 21 साल 216 दिन की उम्र में किया है. वहीं, इससे पहले कार्ल हूपर ने 21 दिन 011 दिन की उम्र में बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाया था. [/more] recent visitors 186