बैकफुट पर आईं बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे, सदस्यता पर अगले सप्ताह फैसला

भोपाल   मध्य प्रदेश के बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी खतरे में हैं. लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी का समर्थन करने वाली कांग्रेस विधायक की विधानसभा सदस्यता को लेकर अगले सप्ताह निर्णय आ सकता है. उनकी सदस्यता को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने सप्रे को अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया है. बैकफुट पर आईं बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे बीजेपी का समर्थन करके बैकफुट पर आईं कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे फिलहाल मुश्किल में हैं. निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता पर अगले सप्ताह फैसला आ सकता है. सप्रे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेगी. हालांकि कांग्रेस की मांग है कि 16 दिसबंर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आवेदन पर कार्रवाई हो सदस्यता जाती है तो बीना विधानसभा में होगा उपचुनाव उल्लेखनीय है अगर कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता जाती है तो बीना विधानसभा के उपचुनाव होगा. रामनिवास रावत को उपचुनाव में मिली हार को देखते हुए निर्मला सप्रे मुश्किल में आती दिख रही हैं. रामनिवास रावत विजयपुर उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा से 7228 वोटों से हार गए और उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. recent visitors 151

अडानी मुद्दे पर चर्चा की विपक्षी मांग, शशि थरूर ने सरकार पर लगायें गंभीर आरोप

Opposition demands discussion on Adani issue, Shashi Tharoor makes serious allegations against the government नई दिल्ली ! कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अडानी समूह से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा, “दोनों सदनों के सत्र स्थगित कर दिए गए हैं। देशहित में संसद का सुचारू रूप से चलना बेहद महत्वपूर्ण है और सदन में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।” थरूर ने विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों को दबाने के आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का कर्तव्य है कि वह संवाद और चर्चा को प्राथमिकता दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे, ताकि देशहित से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकें। विपक्षी दल लंबे समय से अडानी समूह के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। अब देखना होगा कि संसद का अगला सत्र इस मुद्दे पर कोई ठोस समाधान लेकर आता है या नहीं। recent visitors 421

महाराष्ट्र विधानसभा में करारी हार के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले का इस्तीफा

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महा विकास अघाड़ी की हार के बाद नाना पटोले ने कथित तौर पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। मौजूदा महायुति ने महाराष्ट्र चुनावों में 235 सीटें और 49.6 फीसदी वोट शेयर हासिल करते हुए बंपर जीत दर्ज की थी। वहीं महाविकास अघाड़ी 49 सीटों और 35.3 फीसदी वोटों के साथ बहुत पीछे रह गई। नाना पटोले सकोली विधानसभा सीट से महज 208 वोटों के अंतर से जीत पाए। इससे पहले नाना पटोले ने रविवार को कहा था कि वो यह सुनिश्चित करेंगे कि नवनिर्वाचित महायुति सरकार अपने चुनावी घोषणा-पत्र और भाषणों में राज्य की जनता से किए गए वादों को पूरा करे. कांग्रेस नेता ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि महायुति को मुख्यमंत्री मांझी लाडकी बहिन योजना के तहत महिलाओं के लिए मासिक भत्ता 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का अपना वादा तुरंत पूरा करना चाहिए. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हम हार पर मंथन करेंगे। इस बीच पटोले ने इस्तीफा ही दे दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी में अंतर्कलह भी जारी है। यहां तक कि चुनाव में हारे पृथ्वीराज चव्हाण ने तो शनिवार को ही कह दिया था कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को लड़की बहिन योजना, आरएसएस के साथ और नेताओं की मेहनत का फायदा मिला है। वहीं अपनी लीडरशिप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि हमारा नेतृत्व ही कमजोर रहा। वहीं नाना पटोले ने कहा कि भले ही हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है, लेकिन हम पूरी मेहनत से काम करेंगे। पटोले ने कहा कि हम सरकार को उसके वादे याद दिलाते रहेंगे कि जनता को फायदा मिले। महायुति ने राज्य विधानसभा चुनाव में 288 में से 230 सीट पर जीत दर्ज की है.  महायुति में शामिल भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को 41 सीट पर जीत मिली. दूसरी ओर, एमवीए को करारी हार मिली, जिसने कुल मिलाकर महज 46 सीट जीती हैं. एमवीए में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) को 10, कांग्रेस को 16 और शिवसेना (यूबीटी) को 20 सीट पर जीत मिली. पटोले खुद भंडारा जिले के साकोली विधानसभा क्षेत्र से 208 मतों के अंतर से जीते. पटोले ने कहा था, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि महायुति सरकार चुनाव के दौरान किसानों से किए गए अपने वादों को पूरा करे.'' recent visitors 70

छत्तीसगढ़ सीएम साय को ट्रेन में सफर करते हुए नजर आए, अचानक सीएम को ट्रेन में पाकर यात्री भौचक्के रह गए

रायपुर छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय रविवार को ट्रेन में सफर करते हुए नजर आए. अचानक सीएम को ट्रेन में पाकर यात्री भौचक्के रह गए. इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने ट्रेन के सहयात्रियों से गर्मजोशी से मिले और सभी यात्रियों को कुशलक्षेम भी पूछा. इससे पहले, प्लेटफॉर्म पर सीएम को देखकर ट्रेन के इंतजार में खड़े यात्री भी दंग रह गए. अमरकंटक एक्सप्रेस ट्रेन से बिलासपुर रवान हुआ सीएम विष्णु देव साय रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को बिलासपुर मे आयोजित कवि सम्मलेन में शिरकत करने के लिए सीएम विष्णु देव साय राजधानी रायपुर से बिलासपुर की यात्रा अमरकंटक एक्सप्रेस से तय की. सीएम ट्रेन से बिलासपुर की यात्रा का निर्णय अचानक लिया, लेकिन अब छत्तीसगढ़ सीएम किया है कि वो अब राज्य का दौरा भी ट्रेन के जरिए करेंगे. मुख्यमंत्री को ट्रेन में चढ़ता देखकर प्लेटफार्म पर दंग रह गए पैसेंजर सीएम साय रविवार शाम अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना हुए. वे मुख्यमंत्री निवास से कार द्वारा स्टेशन पहुंचे और बिना विशेष ताम झाम के प्लेटफार्म तक पहुंच गए. मुख्यमंत्री को अचानक प्लेटफार्म पर देखकर प्लेटफार्म पर मौजूद पैसेंजर ठिठक गए. मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी से सभी बातचीत की, जिससे लोग सहज हो पाए. ट्रेन के कोच आम यात्री की तरह मूंगफली खाते हुए पहुंचे सीएम साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, रेल यात्राओं की आम भारतीय के जीवन में खास जगह है. अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर की ओर रवाना हुए सीएम साय ट्रेन के कोच आम यात्री की तरह मूंगफली खाते हुए पहुंचे. ट्रेन में पहुंचकर सीएम मे बिल्कुल देशी अंदाज में बोले, मूंगफली के बिना रेल यात्रा पूरी नहीं हो सकती. हालांकि ट्रेन में स्वच्छता की हिदायत दी पीएम मोदी के कार्यकाल में बेहतर हुई रेलवे सुविधाओं की चर्चा की छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री की रेल यात्रा के दौरान रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहे. सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में बेहतर हुई रेलवे सुविधाओं की चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को भी इसका लाभ मिला है इस मौके पर विधायक अनुज शर्मा, भैयालाल राजवाड़े और गुरु खुशवंत साहेब भी यात्रा के दौरान उनके साथ उपस्थित थे. recent visitors 67

मध्य प्रदेश सरकार ने 1988 बैच के आईपीएस अफसर कैलाश मकवाना को राज्य का नया डीजीपी नियुक्त किया

भोपाल आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्य प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है। वे प्रदेश के 32वें डीजीपी होंगे। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना प्रदेश के 32वें डीजीपी होंगे। 1 दिसंबर 2024 को वह यह पद ग्रहण करेंगे, जब वर्तमान डीजीपी सुधीर सक्सेना अपने कार्यकाल के बाद रिटायर हो जाएंगे। रविवार को डीजीपी सुधीर सक्सेना कैलाश मकवाना को बधाई देने उनके निवास पहुंचे। सुधीर सक्सेना ने मार्च 2020 में डीजीपी के रूप में पदभार संभाला था। कैलाश मकवाना के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रही हैं, जिनमें मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन का पद भी शामिल है। कैलाश मकवाना 30 नवंबर 2026 तक डीजीपी रहेंगे। ऐसे में साफ है कि अब 1990 बैच तक के अफसर डीजीपी नहीं बन पाएंगे।  1988 बैच के अरविंद कुमार मई 2025 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वहीं, 1989 बैच के अधिकारी अजय कुमार शर्ता अगस्त 2026 और इसी बैच के जीपी सिंह जुलाई 2025 में रिटायर्ड होंगे।   लोकायुक्त में भ्रष्टाचार की कई फाइलें खोली कैलाश मकवाना को तेज़-तर्रार और मेहनती अफसर माना जाता है। उन्होंने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। शिवराज सरकार के कार्यकाल में वह लोकायुक्त के डीजी के रूप में नियुक्त हुए थे, लेकिन महज छह महीने बाद उनका तबादला कर दिया गया। उनके कार्यकाल में लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई ठंडे बस्ते में पड़ी फाइलें खोलीं और महत्वपूर्ण जांचों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा, महाकाल लोक कॉरिडोर के मामले में भी उन्होंने कार्रवाई की थी।     कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे मकवाना मकवाना का पुलिस विभाग में करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने साढ़े तीन साल के दौरान सात बार अपना स्थान बदला था, जिसमें कमलनाथ सरकार के दौरान तीन बार उनका ट्रांसफर हुआ था। उनके ट्रांसफर की सूची में एडीजी इंटेलिजेंस, एडीजी नारकोटिक्स, एडीजी सीआईडी, और एडीजी प्रशासन जैसी प्रमुख पदों पर कार्य करना शामिल है। 2021 में उन्हें पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का चेयरमैन बनाया गया था, और फिर 2022 में उन्हें लोकायुक्त का महानिदेशक बनाया गया। हालांकि, लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के कारण सरकार ने उन्हें हटाकर पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन में भेज दिया। एसीआर खराब करने पर उठाए सवाल हालांकि, 2022 में उनकी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) को लेकर विवाद उठा था, क्योंकि लोकायुक्त के डीजी रहते हुए उनकी एसीआर को खराब कर दिया गया था। उन्होंने शासन से अपनी एसीआर सुधारने की अपील की थी, और सरकार ने उनके पक्ष में निर्णय लिया। इस बार जब डीजीपी की नियुक्ति के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने तीन नामों का पैनल भेजा, तो कैलाश मकवाना का नाम पहले स्थान पर था। इसके बाद अरविंद कुमार, जो वर्तमान में डीजी होमगार्ड हैं, और अजय शर्मा, जो डीजी ईओडब्ल्यू हैं, के नाम पैनल में शामिल थे। कैलाश मकवाना की त्वरित निर्णय क्षमता, भ्रष्टाचार विरोधी कार्यवाही, और प्रशासन में दक्षता के चलते एक प्रभावशाली अफसर है। साफ सुथरी छवि का मिला फायदा कैलाश मकवाना को अपने करियर में साफ सुथरी छवि और उज्जैन का होने का फायदा मिला है। कैलाश मकवाना का अकादमिक बैकग्राउंड भी मजबूत है। उज्जैन के रहने वाले कैलाश मकवाना ने मैनिट भोपाल से बीई किया है और आईआईटी दिल्ली से एमटेक की डिग्री प्राप्त की है।  उन्होंने कई प्रमुख पोस्टों पर कार्य किया है, जिनमें अति संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने का अनुभव शामिल है। उन्होंने दुर्ग, मुरैना, जबलपुर, रायपुर, दंतेवाड़ा, मन्दसौर और सागर जैसे विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा, वह इंटेलिजेंस विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं।      एमपी के नए डीजीपी कैलाश मकवाना: तेज़-तर्रार अफसर, साढ़े तीन साल में हुए सात ट्रांसफर, 1 दिसंबर को संभालेंगे पद 1988 बैच के आईपीएस हैं मकवाना मकवाना 1988 बैच के आईपीएस अफसर हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष हैं.  2019 से लेकर 2022 तक उनका 7 बार ट्रांसफर हो चुका है. अब अगर आईपीएस अधिकारी मकवाना के सर्विस रिकॉर्ड की बात करें तो भोपाल से बीई और दिल्ली आईआईटी से एमटेक करने वाले मकवाना दुर्ग और मुरैना में एएसपी के पद पर काम कर चुके हैं.  दंतेवाड़ा, बस्तर जैसे जिलों के रहे हैं एसपी वो दंतेवाड़ा, बस्तर, मंदसौर और बैतूल जैसे जिलों के एसपी भी रहे हैं जिसके बाद उन्हें डीआईजी इंटेलिजेंस के पद पर नियुक्त किया गया था.  इसके बाद सीआईडी इंटेलीजेंस में एडीजी के पद पर भी काम कर चुके हैं जिसके बाद उन्हें स्पेशल डीजी सीआईडी बनाया गया था. recent visitors 184

पर्थ टेस्ट-भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रन से हराया: दूसरी पारी में 238 रन पर सिमटी कंगारू टीम

Perth Test-India beats Australia by 295 runs: Kangaroo team all out for 238 runs in second innings जसप्रीत बुमराह ने मैकस्वीनी, लाबुशेन और हेड के विकेट लिए। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में 295 रन से हरा दिया है। टीम ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। दूसरा मुकाबला 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में सोमवार को मैच के चौथे दिन 534 रन चेज कर रही कंगारू टीम को दूसरी पारी में 238 रन पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले भारत ने 6 विकेट पर 487 रन पर दूसरी पारी घोषित कर दी थी। टीम इंडिया ने पहली पारी में 150 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 104 रन पर सिमट गई थी। भारत-ऑस्ट्रेलिया पहले टेस्ट का स्कोरबोर्ड दोनों टीमों की प्लेइंग-11भारत: जसप्रीत बुमराह (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्‌डी, हर्षित राणा और मोहम्मद सिराज। recent visitors 279

सारी ताकत लगाकर BJP कैबिनेट मंत्री को नहीं जिता सकी! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

With all its might, BJP could not win over the cabinet minister! Leader of Opposition Umang Singhar भोपाल। मध्यप्रदेश श्योरपुर जिले के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में सत्ताधारी बीजेपी की हार के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि अन्य प्रदेशों के नेताओं के निशाने पर बीजेपी है। इसी कड़ी में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी पर सियासी हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने X पर लिखा- MP के विजयपुर में बीजेपी की हार सबसे करारी हार है !!!- सारी ताकत लगाकर भी #BJP अपने एक कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत को नहीं जिता सकी! … क्योंकि, दलबदल और राजनीतिक स्वार्थ का ये अनूठा नमूना है! BJP ने मंत्री पद का लालच देकर #Congress विधायक रामनिवास रावत को खरीदा। उन्होंने भी तब तक विधायकी नहीं छोड़ी, जब तक उन्हें मंत्री पद देने की घोषणा नहीं हो गई! जनता ने भी #रामनिवास_रावत को बता दिया कि मतदाता उनकी जागीर नहीं है! BJP को सबक सिखा दिया कि दलबदल के हथकंडे जनता के फैसले के सामने नहीं चलते! अच्छा होगा BJP अब राजनीतिक खरीद-फरोख्त से बाज आए! recent visitors 153