Monday, July 6, 2026 11:09 pm

35 करोड़ का गेहूं सड़ाकर 150 करोड़ का नुकसान, भाजपा सरकार की लापरवाही या संगठित भ्रष्टाचार: जीतू पटवारी

Loss of Rs 150 crore due to rotting of wheat worth Rs 35 crore, negligence of BJP government or organised corruption: Jitu Patwari भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रायसेन जिले के दिवटिया (नूरगंज) एवं नूरगंज वेयरहाउस में हजारों टन गेहूं सड़ने और उसकी लागत 35 करोड़ रुपए से बढ़कर 150 करोड़ रुपए तक पहुंचने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा और आक्रामक हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और गैरजिम्मेदार शासन का भयावह उदाहरण है। जिस अनाज को गरीबों के घर तक पहुंचना था, वह वर्षों तक गोदामों में सड़ता रहा और अंतत: जहरीला बन गया। यह केवल अनाज की बबार्दी नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों की खुली लूट है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच समर्थन मूल्य पर खरीदा गया यह गेहूं लगभग 20 हजार टन मात्रा में वेयरहाउस में पड़ा रहा, लेकिन सरकार और संबंधित अधिकारियों ने समय पर इसका उठाव सुनिश्चित नहीं किया। न तो वितरण की कोई ठोस योजना बनाई गई और न ही भंडारण की समुचित व्यवस्था की गई। परिणामस्वरूप, करोड़ों रुपए का अनाज पूरी तरह सड़कर अनुपयोगी हो गया। पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 35-36 करोड़ रुपए का गेहूं किराया, मेंटेनेंस, परिवहन और कीटनाशक छिड़काव जैसे खर्चों के कारण बढ़ते-बढ़ते 150 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर जानबूझकर लागत बढ़ाने और घोटाले को छिपाने का प्रयास? उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक संगठित आर्थिक अपराध की ओर इशारा करता है, जहां भंडारण की आड़ में वर्षों तक अनाज को सड़ने दिया गया और उसके नाम पर लगातार खर्च दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। यह सीधे-सीधे जनता के टैक्स के पैसे की लूट है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ गेहूं नहीं सड़ा है, यह भाजपा सरकार की नीयत और व्यवस्था सड़ चुकी है। गरीब का हक गोदामों में सड़ रहा है और सत्ता के संरक्षित लोग उससे मुनाफा कमा रहे हैं। यह घोटाला नहीं, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने आगे कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक छिड़काव के कारण यह गेहूं अब जहरीला हो चुका है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। यदि समय रहते इस अनाज का उचित वितरण किया जाता, तो लाखों गरीब परिवारों को राहत मिल सकती थी। पटवारी ने यह भी कहा कि यह घटना मध्यप्रदेश की भंडारण व्यवस्था की पूरी पोल खोलती है। जहां एक ओर किसान अपनी उपज बेचने के लिए संघर्ष करता है, वहीं दूसरी ओर खरीदा गया अनाज वर्षों तक गोदामों में सड़ता रहता है। यह प्रशासनिक असफलता के साथ-साथ नीतिगत विफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करना अत्यंत आवश्यक है। कौन अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है? किसके आदेश पर अनाज को वर्षों तक रोका गया? क्यों समय पर वितरण नहीं हुआ? इन सभी सवालों का जवाब प्रदेश की जनता मांग रही है। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार ने इस गंभीर मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी और जनता के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। जनता के पैसे की बबार्दी और गरीबों के हक की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा सरकार को हर हाल में जवाब देना होगा और दोषियों को सजा दिलानी होगी। प्रदेश कांग्रेस की प्रमुख मांगें: 1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। 2. जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। 3. 150 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई दोषियों से वसूली जाए। 4. प्रदेश की भंडारण एवं वितरण प्रणाली की समग्र समीक्षा कर सुधार लागू किए जाएं। 5. भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र विकसित किया जाए। recent visitors 49

सरकार को भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र 2023 के पृष्ठ 81 को दिलाया याद

Reminded the government of page 81 of the BJP’s election manifesto 2023 भोपाल। राजधानी के गांधी भवन में मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भोपाल दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के विधायक भगवानदास सबनानी भी शामिल हुए।  विधायक सबनानी ने कर्मचारियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।  उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे उनकी जायज मांगों को सरकार के समक्ष उचित पटल पर रखेंगे। विधायक ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक विचार कर ठोस समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से मिलाने की भी बात कही। इस दौरान आउटसोर्स कर्मचारी प्रतिनिधि मंडल ने विधायक सबनानी को मांग पत्र भी सौंपा और उस पर विचार करने का आग्रह किया।   बैठक में कर्मचारी नेताओं ने कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई और कर्मचारियों में एकता बनाए रखने की बात पर जोर दिया गया। बैठक में वरिष्ठ कर्मचारी नेता अनिल वाजपेयी ने कहा कि यह वर्ग वर्षों से सरकार की दोहरी नीति से आर्थिक नुकसान उठा रहा है।  नौकरी की सुरक्षा की मांग  बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों और कार्यस्थल पर आ रही समस्याओं को विस्तार से साझा किया। कर्मचारियों ने संकल्प पत्र 2023 के पृष्ठ क्र 81 अनुसार मुख्य रूप से वेतन वृद्धि, नौकरी की सुरक्षा और शोषण मुक्त कार्य वातावरण की मांग की। बैठक में आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी, सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। recent visitors 81

कविता के केंद्र में लोक कल्याण का होना आवश्यक: कुमार सुरेश 

Public welfare must be at the centre of poetry: Kumar Suresh  भोपाल। कविता स्वानताय सुखाय भले लिखी जाए, लेकिन जब उसे लोक को अर्पित कर दिया तो फिर वह कवि की नहीं लोक की हो जाती है। कविता के केंद्र में लोक कल्याण का भाव होना आवश्यक है। यह उदगार वरिष्ठ साहित्यकार कुमार सुरेश ने साहित्यकार संदीप नेमा ‘दीप ‘ के प्रकाशित कविता संग्रह ‘मनसुख ‘ के लोकार्पण के दौरान कही।  दुष्यंत कुमार पाण्डुलिपि संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल शाहिदा परवीन ने कहा कि कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि भावों की अभिव्यक्ति है। प्रस्तुत संग्रह में जीवन के विविध अनुभवों की झलक कविता के रूप में दिखाई देती है।  इस आयोजन में रचनाकार संदीप नेमा ने अपनी सृजन यात्रा के अनुभव साझा करते हुए संग्रह से कुछ चुनिंदा कविताओं का वाचन किया, जिन्हें उपस्थित श्रोताओं द्वारा खूब सराहा गया। इस पुस्तक पर केंद्रित विमर्श में भाग लेते हुए वरिष्ठ साहित्यकार दीपक पगारे ने कहा कि इन कविताओं में आशावाद है। सहज सरल शिल्प में बुनी गई भाव प्रधान कविताएं हैं।  समीक्षक वरिष्ठ नवगीतकार मनोज जैन मधुर ने कहा कि यह कविताएं कवि के अनुभव और अंतर्मन से उपजी कविताओं का संग्रह है। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार घनश्याम मैथिल अमृत और स्वागत उद्बोधन रजनीश सक्सेना एवं आभार शिवांश नेमा ने व्यक्त किया। recent visitors 40

अग्रवाल परिचय सम्मेलन: जीवनसाथी को लेकर युवक-युवतियों ने बताई अपनी पसंद

Agarwal Parichay Sammelan: Young men and women expressed their choice regarding life partner भोपाल। अग्रवाल युवक-युवती परिचय सम्मेलन पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन में आयोजित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा विभिन्न राज्यों से करीब 600 युवक-युवतियां और उनके परिजन शामिल हुए। युवक-युवतियों ने बेझिझक जीवन साथी को लेकर अपनी पसंद बताई।  अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश ऐरन ने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों को परिचय के लिए मंच और माध्यम उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि 1997 से परिचय सम्मेलन की शुरूआत की गई थी। तब से 14 राज्यों में इसका आयोजन कर चुके हैं। हर महीने ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से परिचय पत्रिका और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। राजेश ने कहा कि यह 136वां परिचय सम्मेलन है और करीब 10 हजार युवक-युवतियां इसके माध्यम से जीवनसाथी की तलाश कर चुके हैं।  आयोजन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल गर्ग, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष नीलम शाह, महामंत्री बबीता अग्रवाल, संभागीय अध्यक्ष भोपाल तृप्ति अग्रवाल, जिला अध्यक्ष भोपाल रिचा गोयल, उपाध्यक्ष भोपाल श्वेता अग्रवाल और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंजू गुप्ता समेत बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल हुए। recent visitors 40