विवाद के बीच तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक; SIR को लेकर लिया बड़ा फैसला, अब नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर

Meeting of the three Election Commissioners amidst the controversy; major decision taken regarding SIR—no more making repeated rounds of offices. Election Commission Meeting: विवादों के बीच शनिवार को दिल्ली में भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) कि एक बैठक हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेंद्र कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर निर्वाचन सदन में यह बैठक की। बैठक के बाद आयोग ने एक विस्तृत प्रेस नोट जारी किया जिसमें SIR प्रक्रिया, फॉर्म-6, ECINet डेटाबेस और आंतरिक प्रशासनिक फैसलों की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। आयोग ने साफ किया कि आंतरिक चर्चाओं के दौरान अलग-अलग राय होना संस्थागत प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा है और आयोग द्वारा लिए गए सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। अब बार-बार ऑफिस जाने की जरूरत नहींवोटरों को राहत देते हुए चुनाव आयोग ने तय किया है कि जिन लोगों को चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान नोटिस मिले हैं, उन्हें अब ERO या AERO ऑफिस बार-बार जाने की जरूरत नहीं होगी। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ऐसे वोटरों के पते पर खुद जाकर डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करेंगे और उन्हें ECINet पोर्टल पर अपलोड करेंगे। आमने-सामने की सुनवाई सिर्फ खास हालात में और प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन होगी। जरूरत पड़ने पर, वोटर अपनी जगह सुनवाई में शामिल होने के लिए परिवार के किसी बालिग सदस्य को अधिकृत कर सकता है। दिल्ली और महराष्ट्र में बढ़ाई गई समय-सीमाराज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के अनुरोध को मानते हुए चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। दिल्ली में दावे और आपत्तियां जमा करने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है और उनके निपटारे की समय-सीमा 30 नवंबर 2026 तय की गई है। वहीं, महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 12 अक्टूबर 2026 तक और उनके निपटारे की अवधि 10 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, सभी जिला चुनाव अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिया गया है कि वे नाइट शेल्टर, मजदूरों, बेघर लोगों और समाज के वंचित वर्गों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाएं। ECINet पोर्टल की जांच के लिए IIT विशेषज्ञों की समितिचुनाव आयोग ने फील्ड लेवल के अधिकारियों के लिए डेटाबेस एक्सेस और तकनीकी सुरक्षा की निगरानी के लिए एक हाई-लेवल समिति बनाने का फैसला किया है। इस समिति की अध्यक्षता एक सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर करेंगे और इसमें IIT/IIIT के विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह समिति जांच करेगी कि क्या ECINet पोर्टल सभी कानूनी नियमों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन करता है या नहीं। इसके अलावा, अधिकारियों की एक समिति आयोग की मंजूरी लेने से पहले IT मॉड्यूल से जुड़ी सभी नई पहलों पर विचार करेगी।चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर भी निर्देशचुनाव आयोग के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए यह तय किया गया है कि भविष्य की सभी बैठकों का एजेंडा पहले ही जारी कर दिया जाएगा और बैठकों से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी। अधिकारियों की सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (APAR) हर साल 31 दिसंबर तक पूरी हो जानी चाहिए और अधिकारियों की किसी भी विदेश यात्रा के लिए आयोग से पहले से मंजूरी लेना जरूरी होगा। इसके अलावा, चुनाव आयुक्तों के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। 20 राज्यों में SIR का काम पूराइसके अलावा, आयोग ने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR से जुड़ा काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। फॉर्म-6 के साथ जमा किए गए सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने आदेश में पहले ही सही ठहराया है। कोई भी योग्य वोटर या युवा नागरिक, जिसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया है, वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकता है। recent visitors 20

यूजीसी के नए प्रावधानों पर सवर्ण समाज का प्रदर्शन: माता मंदिर से राजभवन तक मार्च,अब दिल्ली कूच की तैयारी

Upper-caste community protests against new UGC provisions: March from Mata Mandir to Raj Bhavan; preparations now underway to march to Delhi. यूजीसी के वर्ष 2026 के नए प्रावधानों के विरोध में शनिवार को भोपाल में सवर्ण समाज ने आंदोलन की शुरुआत की। माता मंदिर स्थित प्लेटिनम प्लाजा से राजभवन तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। राजभवन पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए प्रावधानों को वापस लेने समेत आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई से पहले जांच की मांग उठाई।प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने कहा कि नए प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज में असंतोष है। उनका कहना है कि इन प्रावधानों का असर विद्यार्थियों और उनके अधिकारों पर पड़ रहा है। इसी को लेकर भोपाल से आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की रणनीति बनाई गई है। आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांगप्रदर्शनकारियों ने आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग रखी। इसके साथ ही एससी-एसटी एक्ट के मामलों में कार्रवाई से पहले जांच किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। समाज का कहना है कि किसी भी कानून का इस्तेमाल कार्रवाई से पहले तथ्यों की जांच के बाद होना चाहिए। भोपाल से दिल्ली तक आंदोलन ले जाने की तैयारीसवर्ण समाज के कृष्णा बुंदेला ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छोटे स्तर पर कार्यक्रम पहले से आयोजित किए जा रहे थे, लेकिन अब राजधानी भोपाल से आंदोलन का औपचारिक आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन दिल्ली तक आंदोलन ले जाने की शुरुआत है। बुंदेला के मुताबिक, 2012 के यूजीसी एक्ट में बदलाव के बाद वर्ष 2026 में लाए गए नए प्रावधानों को लेकर समाज की आपत्ति है। उनका कहना है कि इससे सवर्ण समाज के बच्चों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “सवर्ण समाज का बच्चा जाएगा कहां? अपने बच्चों की रक्षा के लिए हमें ही मैदान में आना पड़ेगा। सरकार से प्रावधान वापस लेने की अपीलबुंदेला ने सरकार से ऐसे प्रावधान नहीं बनाने की अपील की, जिनसे उनके अनुसार सामाजिक सौहार्द और देश की एकता-अखंडता प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि समाज अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर इसे दिल्ली तक ले जाया जाएगा।भोपाल में हुए पैदल मार्च के साथ ही संगठन ने आगे के आंदोलन के लिए लोगों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। recent visitors 19

MP में बिजली संकट की आहट! कोयला स्टॉक पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

MP बिजली संकट को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कोयला स्टॉक और ताप बिजली घरों के घटते उत्पादन का दावा करते हुए रबी सीजन में किसानों की बिजली जरूरत को लेकर चिंता जताई। भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी रबी सीजन और त्योहारी दिनों में बिजली की बढ़ती मांग के बीच बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में संभावित MP बिजली संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कोयले के स्टॉक और ताप बिजली घरों के उत्पादन पर सवाल उठाए हैं। MP बिजली संकट को लेकर उमंग सिंघार का दावा उमंग सिंघार ने कहा कि MP बिजली संकट की स्थिति को देखते हुए सरकार को रबी सीजन से पहले पर्याप्त बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उमंग सिंघार ने दावा किया कि मध्यप्रदेश के ताप बिजली घरों में कोयले का स्टॉक घटकर 4.04 लाख मीट्रिक टन रह गया है। उनके मुताबिक यह स्टॉक करीब 6 दिन की जरूरत के बराबर है।सिंघार ने कहा कि आने वाले समय में रबी सीजन शुरू होने वाला है। इस दौरान किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ेगी। वहीं नवरात्रि के दौरान घरेलू बिजली खपत में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में सीमित कोयला स्टॉक को लेकर उन्होंने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। बिजली उत्पादन में गिरावट का भी आरोप उमंग सिंघार के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख ताप बिजली घरों का बिजली उत्पादन 1088.4 मेगावाट से घटकर 404.2 मेगावाट तक पहुंच गया है।उन्होंने कहा कि यदि बिजली उत्पादन और कोयले की उपलब्धता को लेकर समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। Read More: जनता जमीन पर परेशान, ₹350 करोड़ के जेट के बाद ₹225 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदी पर ! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार को घेरा 24 घंटे बिजली के दावे पर सरकार को घेरा सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के दावों और प्रचार से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।उन्होंने किसानों को रबी सीजन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग करते हुए सरकार से बिजली व्यवस्था को लेकर ठोस तैयारी करने को कहा। ‘उजाले के वादे, संकट का अंधेरा’ उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता को उजाले के वादे किए गए थे, लेकिन मौजूदा स्थिति में बिजली संकट की आशंका दिखाई दे रही है।उन्होंने सरकार से कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और ताप बिजली घरों में उत्पादन क्षमता बनाए रखने की मांग की। आंकड़ों को लेकर जरूरी बात कोयला स्टॉक और बिजली उत्पादन से जुड़े 4.04 लाख मीट्रिक टन, करीब 6 दिन और 1088.4 से 404.2 मेगावाट के आंकड़े उमंग सिंघार द्वारा किए गए दावे पर आधारित हैं। संबंधित सरकारी विभाग या बिजली कंपनियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि की जा सकेगी। recent visitors 34

राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव के बाद नवीन शुक्ला ने अधिवक्ता साथियों से की मुलाकात, बताईं प्राथमिकताएं

After the State Bar Council elections, Naveen Shukla met with fellow advocates and outlined his priorities. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद एडवोकेट नवीन शुक्ला जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ता साथियों से मुलाकात कर चुनाव के दौरान मिले समर्थन, स्नेह और आशीर्वाद के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने नवीन शुक्ला का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता साथियों का प्यार और विश्वास उनके लिए उत्साह और जिम्मेदारी दोनों को बढ़ाने वाला है। नवीन शुक्ला ने अधिवक्ताओं से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक बीमा योजना लागू कराने, मृत्यु दावों का 30 दिन के भीतर निराकरण सुनिश्चित कराने और वकील पेंशन योजना को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समुदाय की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर लगातार प्रयास किए जाएंगे। चुनाव के बाद अधिवक्ताओं से हुई इस मुलाकात को उन्होंने सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त करने का अवसर बताया। recent visitors 22

एमपी में बेखौफ अपराधी …थाने से निकलते ही चाचा-भतीजों को कार से उड़ाया, फिर सरिया व बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर किया अधमरा

Unafraid criminals in MP… Uncle and nephews were run over by a car as they left the police station, then beaten to death with iron rods and baseball bats. मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अपराधी बेलगाम होते जा रहे हैं। आए दिन फायरिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं। बीती रात कोतवाली के ठीक सामने ऐसी घटना हुई, जिससे लगता है कि बदमाशों में पुलिस का कोई भय नहीं बचा। हुआ यूं, कि थाने से एफआईआर करके निकले दो सगे भाई व उनके चाचा पर आरोपियों ने कार चढ़ाई। उसके बाद सरिया, बेसबाल के डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। घायलों में से दो की हालत नाजुक है। पुलिस ने चार लोगों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। इरफान का विवाद पड़ोसी नदीम से हो गया इस्लामपुरा की मस्जिद वाली गली, काजी कुआं के पास रहने वाले इरफान पुत्र जफर कुरैशी का विवाद अपने ही पड़ोसी नदीम कुरैशी से हो गया, जिसमें चार लोगों ने मिलकर इरफान और उसके छोटे भाई गुलफाम की मारपीट कर दी। इसी झगड़े की एफआईआर करवाने के लिए इरफान खान अपने बड़े भाई वकील कुरैशी व चाचा नवाब कुरैशी के साथ गुरुवार रात में कोतवाली थाने आया। किआ कार से बाइक सवारों को मारी टक्कर रात 11 बजे एफआईआर दर्ज हुई, इसके बाद इरफान अपने भाई व चाचा को मोटरसाइकल पर बैठाकर घर की ओर रवाना हुआ। कोतवाली से निकलकर जैसे ही बाइक एमएस रोड पर संग्रहालय के पास आई, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई किआ कार क्रमांक यूपी 80 जीए 1856 आई, जिसने बाइक को टक्कर मारी। टक्कर के कारण इरफान, वकील और नवाब सड़क पर गिरे। इसके बाद कार चला रहे सोहिल कुरैशी ने बाइक सहित तीनों पर कार चढ़ा दी। आरोपियों का आतंक यहीं खत्म नहीं हुआ। कार से नदीम कुरैशी, सोहिल कुरैशी, भूरा कुरैशी, मनुआ कुरैशी उतरकर आए। सरिया, बेसबाल के डंडे व लाठी से लैस से हमलावार सभी के हाथ में सरिया, बेसबाल के डंडे व लाठी थीं। चारों ने सड़क पर पहले से घायल पड़े चाचा-भतीजों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। यह आतंक करीब 15 मिनट तक चलता रहा, लेकिन 100 मीटर दूर कोतवाली और पुलिस लाइन से कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंच सका। एक घायल ने अपने घर फोन कर दिया, तब इरफान का छोटो भाई भाई राजू कुरैशी और उसका दोस्त राजू खटीक आए, उनको देखकर आरोपी भागे। कार से टक्कर मारकर लाठी-डंडों से पीटा है। चार लोगों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। दोनों पक्षों में दिन में विवाद हुआ था, जिनके केस दर्ज हैं। घायल पक्ष ने दिन के समय आरोपितों की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी थी, जिसका भी केस भी दर्ज हुआ है। अभी आरोपित फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। आरोपितों की कार मौके से बरामद की गई है। – अमित भदौरिया, टीआई, कोतवाली मुरैना recent visitors 26

एमपी : 2 लाख की रिश्वत लेते CMO गिरफ्तार, 15 लाख के बिल के बदले मांगे थे 4 लाख

MP: CMO arrested for accepting bribe of Rs 2 lakh; demanded Rs 4 lakh for a bill of Rs 15 lakh मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में लोकायुक्त की टीम ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) गजानन नाफड़े को कथित तौर पर 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई से नगर पालिका कार्यालय में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया और रिश्वत की रकम लेते ही अधिकारी को पकड़ लिया। मिली जानकारी के अनुसार, जबलपुर निवासी ठेकेदार ज्ञानचंद बेन के नगर पालिका से जुड़े भुगतान का मामला सामने आया था। बताया जा रहा है कि ठेकेदार को पहले करीब 40 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका था। इसके बाद लगभग 15 लाख रुपए का एक और बिल भुगतान के लिए लंबित था। इसी लंबित भुगतान को लेकर कथित रूप से रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत लोकायुक्त के पास पहुंची थी। शिकायत के मुताबिक, बिल का भुगतान कराने के एवज में CMO पर कुल 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत रिश्वत की रकम की पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपए देने की बात तय हुई। शुक्रवार को ठेकेदार तय रकम लेकर मंडला नगर पालिका कार्यालय पहुंचा। वहां जैसे ही उसने 2 लाख रुपए CMO गजानन नाफड़े को दिए, पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की है। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने CMO को नगर पालिका कार्यालय से सर्किट हाउस ले जाकर आगे की प्रक्रिया शुरू की। यहां पंचनामा तैयार करने के साथ मामले से संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई जारी रही। लोकायुक्त टीम अब पूरे मामले में रिश्वत की कथित मांग, लंबित बिल और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं। अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। नगर पालिका के अधिकारी के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासनिक महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल लोकायुक्त की जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। recent visitors 26

जनता जमीन पर परेशान, ₹350 करोड़ के जेट के बाद ₹225 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदी पर ! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार को घेरा

Public struggling on the ground while a ₹225 crore helicopter is purchased following a ₹350 crore jet! Umang Singhar targets the Mohan government. भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए नए वीवीआईपी विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद को लेकर राजनीति तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में आम जनता स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सरकार वीवीआईपी हवाई सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि पहले करीब ₹350 करोड़ के लग्जरी जेट की खरीद को लेकर सवाल उठे और अब करीब ₹225 करोड़ के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर को लेकर सरकार निशाने पर है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार का नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान 2026 में बेड़े में शामिल होने की प्रक्रिया में है, जबकि एयरबस H160 हेलीकॉप्टर को 2027 तक बेड़े में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। सिंघार का आरोप है कि एक तरफ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के हवाई दौरों और वीवीआईपी सुविधाओं पर भारी खर्च किया जा रहा है। उन्होंने जहरीली शराब से हुई मौतों और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया है। सितंबर में जहरीली शराब से मौतों के बाद सिंघार प्रभावित परिवारों से भी मिले थे। हेलीपैड को लेकर भी सरकार पर सवाल हवाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार की योजनाओं पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। हाल में कैबिनेट ने 140 विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है, जिनमें हेलीपैड का प्रावधान बताया गया है। योजना के लिए ₹962.50 करोड़ के बजट को मंजूरी दिए जाने की रिपोर्ट है। सरकार की ओर से हेलीपैड को जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस और हवाई संपर्क के लिए उपयोगी बताया गया है। उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन जैसी जरूरतें मौजूद हैं, तो सरकार की प्राथमिकता वीवीआईपी हवाई सुविधाओं पर इतनी बड़ी राशि खर्च करना क्यों है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या जनता की बुनियादी जरूरतों से ज्यादा जरूरी वीवीआईपी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करना है? हालांकि, विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद सरकार की ओर से विमानन बेड़े के आधुनिकीकरण और सरकारी यात्राओं की जरूरतों से जुड़ी बताई गई है। इसलिए इसे लेकर विपक्ष के खर्च और प्राथमिकताओं संबंधी आरोपों को सरकार के पक्ष के साथ देखा जाना जरूरी है। recent visitors 41