किसानों को बना रही डिफॉल्टर सरकार —कलेक्टर कार्यालय घेराव में गूंजे विरोध के स्वर

Ruckus over wheat procurement in Harda, Congress launches scathing attack on MP government हरदा। गेहूं खरीदी में हो रही देरी, बढ़ते कर्ज और किसानों को डिफॉल्टर घोषित किए जाने के मुद्दे पर जिला कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर मध्यप्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए तीखा हमला बोला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई, हरदा विधायक रामकिशोर दोगने और टिमरनी विधायक अभिजीत शाह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही के चलते किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। “ना समय पर भुगतान, ना उचित समर्थन मूल्य—सरकार किसानों को कर्ज में डुबोकर डिफॉल्टर बना रही है,” नेताओं ने आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मांग की कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया को तुरंत दुरुस्त किया जाए और किसानों को उनका हक दिया जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। recent visitors 81

RTI खुलासा: पिछले 14 महीनों में 149 मौतें, तेंदुओं के लिए क्यों कब्रगाह बनता जा रहा MP; सामने आई यह बड़ी वजह

RTI reveals why MP is turning into a graveyard for leopards, with 149 deaths in the last 14 months भोपाल ! RTI tiger deaths in mp भारत में सबसे ज्यादा तेंदुए मध्यप्रदेश में पाए जाते हैं और इसी वजह से इसे तेंदुओं का प्राकृतिक आवास भी कहा जाता है। लेकिन हाल ही में सामने आए एक चिंताजनक आंकड़े ने देश के वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है। दरअसल सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से पता चला है कि बीते 14 महीनों में राज्य में कुल 149 तेंदुओं की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा जनवरी 2025 से लेकर मार्च 2026 तक का है। खास बात यह है कि इन मौतों के पीछे की सबसे बड़ी वजह तेंदुओं का शिकार होना नहीं है, में बल्कि इन मौतों का बड़ा कारण सड़क हादसे रहे हैं। वहीं वन विभाग ने मौतों के इन आंकड़ों को सामान्य बताया है और उसका कहना है कि तेंदुओं के मामले में चार प्रतिशत की मृत्यु दर स्वीकार्य सीमा के भीतर है। 31 प्रतिशत मौतों के पीछे सड़क हादसे वजह RTI tiger deaths in mp तेंदुओं की मौत की जानकारी पाने के लिए RTI कार्यकर्ता अजय दुबे ने आवेदन लगाया था। जिसके जवाब में उन्हें बताया गया कि जनवरी 2025 से इस साल मार्च तक के 14 महीनों में मध्य प्रदेश में 149 तेंदुओं की मौत हुई। इनमें से 31 प्रतिशत मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं। डेटा के अनुसार इनमें से भी 19 मौतें हाईवे पर हुईं। वहीं बुढ़ापा और बीमारी जैसे प्राकृतिक कारणों के कारण 24 प्रतिशत मौतें हुईं, जबकि 21 प्रतिशत मौतें वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष के कारण हुईं। 8 तेंदुओं की जान करंट लगने की वजह से गई RTI tiger deaths in mp आंकड़ों के अनुसार शिकार और बदले की भावना के कारण लगभग 14 प्रतिशत तेंदुओं की जानें गई। 8 लेपर्ड की मौत बिजली का झटका लगने से हुई, फिर चाहे वह जानबूझकर लगाया गया हो या गलती से लगा हो, जबकि दो जानवर फंदों में फंसकर मारे गए। इसके अलावा लगभग नो प्रतिशत मामलों में, मौत का कारण पता नहीं चल पाया। तेंदुओं की लिए कब्रिस्तान बन रहा MP- RTI कार्यकर्ता RTI tiger deaths in mp इस RTI को लगाने वाले एक्टिविस्ट अजय दुबे मौतों के इन आंकड़ों को भयावह बता रहे हैं, उनका कहना है कि ये आंकड़े एक गंभीर सच्चाई है। उन्होंने कहा, ‘टाइगर स्टेट (MP) तेंदुओं के लिए एक कब्रिस्तान बन गया है। NTCA (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) के प्रोटोकॉल को लागू करने में सिस्टम की नाकामी और सुरक्षित रास्तों की कमी उन्हें खत्म कर रही है।’ वन विभाग ने कहा- 4% का आंकड़ा सामान्य उधर वन विभाग इन मौतों को सामान्य बता रहा है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए वन विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति ने कहा कि राज्य में तेंदुओं की मृत्यु दर को कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘तेंदुए आकार में छोटे होते हैं और आसानी से दिखाई नहीं देते, इसलिए वे पूरे राज्य में फैले हुए हैं। वे अक्सर इंसानी बस्तियों के करीब पाए जाते हैं।’ आगे उन्होंने कहा कि ‘मौतों के आंकड़े को कम करने के लिए हम योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं ओर नई सड़कों पर जानवरों के लिए सुरक्षित निकलने के रास्ते बनाने (एनिमल पैसेज), चेतावनी के संकेतक लगाने और नियमित गश्त करने जैसे उपाय लागू कर रहे हैं।’ साथ ही उन्होंने आगे कहा, ‘हम सड़कों के पास पानी के स्रोत न बनाने की भी सलाह दे रहे हैं, क्योंकि जानवर अक्सर पानी की तलाश में सड़कों की ओर आ जाते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार बन जाते हैं।’ बिग कैट फैमिली में 10 से 20 प्रतिशत मौतें सामान्य एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘करीब 4,000 तेंदुओं में से 149 की मौत होना केवल 4 प्रतिशत का नुकसान है, जबकि बिल्ली परिवार में सालाना 10 से 20 प्रतिशत तक की मृत्यु दर को स्वीकार्य माना जाता है।’ बता दें कि फरवरी 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में तेंदुओं की सबसे ज्यादा संख्या मध्य प्रदेश में है। उस वक्त मध्य प्रदेश में 3,907 तेंदुए थे। इससे पहले साल 2018 में राज्य में 3,421 तेंदुए थे। मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक का नंबर आता है। recent visitors 124

पवन खेड़ा को राहत: तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली एक हफ्ते की अग्रिम जमानत, संबंधित कोर्ट में जाने की इजाजत

Pawan Khera gets relief: Telangana High Court grants him one week’s anticipatory bail, allows him to approach the concerned court तेलंगाना हाईकोर्ट ने कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा को असम में दर्ज एक मामले में एक हफ्ते की अग्रिम जमानत दे दी है। यह राहत शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दी। कोर्ट की जज न्यायमूर्ति सुजाना कलासिकम ने कहा कि पवन खेड़ा को एक हफ्ते का समय दिया जाता है ताकि वह संबंधित कोर्ट में जाकर नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकें। इस दौरान उन्हें कुछ शर्तों के साथ गिरफ्तारी से राहत मिलेगी। पवन खेड़ा पर असम पुलिस ने दर्ज किया है केसदरअसल, यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज किया गया है। पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति है, जिसकी जानकारी चुनावी हलफनामे में नहीं दी गई। recent visitors 60

मध्य प्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव आज से, महिला आरक्षण कानून की दी जाएगी जानकारी

‘Nari Shakti Vandan’ festival in Madhya Pradesh from today, information will be given about women’s reservation law राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और महिलाओं की नेतृत्व क्षमता का सम्मान करना है। इसे जन-उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की शुरुआत भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में राज्य स्तरीय सम्मेलन से होगी। इसके अलावा सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन व मंदसौर में भी बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों और सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा और उनके अनुभव साझा किए जाएंगे। पदयात्रा आयोजित होगीमहिला एवं बाल विकास विभाग हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति पदयात्रा” आयोजित करेगा। इसमें समाज की महिलाएं शामिल होंगी। युवाओं को जोड़ने के लिए “नारी शक्ति वंदन दीवार” बनाई जाएगी, जहां वे पेंटिंग और संदेशों के जरिए अपने विचार व्यक्त करेंगे। अंबेडकर जयंती पर विशेष ग्राम सभा14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी। इनमें अधिनियम पर चर्चा होगी और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही पंचायतों, नगरीय निकायों और शिक्षण संस्थानों में गोष्ठियां और सेमिनार होंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियानजनसंपर्क विभाग इस अभियान का प्रचार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करेगा। प्रेरक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे। महिला स्व-सहायता समूह, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ योजना की महिलाओं को अभियान में जोड़ा जाएगा। शिक्षा संस्थानों में कार्यक्रमस्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि युवा पीढ़ी महिला सशक्तिकरण को बेहतर तरीके से समझ सके। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और इस पखवाड़े को जन-उत्सव के रूप में मनाया जाए। recent visitors 64

अबारधाम में संत रविदास एवं गंगा मैया की मूर्ति स्थापना, जीतू पटवारी हुए शामिल

Installation of statues of Saint Ravidas and Ganga Maiya in Abar Dham, Jitu Patwari participated छतरपुर । जिले की बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र के अबारधाम में गुरुवार को श्री श्री 1008 श्री संत रविदास जी महाराज एवं गंगा मैया की मूर्ति स्थापना कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मुख्य रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना रहा। मूर्ति स्थापना के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ आयोजन को विधिवत संपन्न किया गया। इस अवसर पर जीतू पटवारी ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास जी ने समाज को समता, भाईचारा और मानवता का अमूल्य संदेश दिया है। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। वहीं गंगा मैया को आस्था और पवित्रता का प्रतीक बताते हुए उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में बड़ामलहरा विधायक रामसिया भारती, सामाजिक कार्यकर्ता कलन अहिरवार, जिला पंचायत सदस्य लखन अहिरवार सहित अनेक गणमान्य नागरिक और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। संत रविदास जी का महत्व: संत रविदास जी भक्ति काल के महान संतों में से एक थे, जिन्होंने जात-पात और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने समाज में समानता और प्रेम का संदेश फैलाया। गंगा मैया का धार्मिक महत्व: गंगा मैया हिंदू धर्म में पवित्रता और मोक्ष की प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि गंगा स्नान और पूजा से पापों का नाश होता है और जीवन में शांति व सुख की प्राप्ति होती है। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया। recent visitors 157

आम्बेड़कर कथा : सामाजिक परिवर्तन के लिए संघर्ष “पुस्तक”

Ambedkar’s Story: Struggle for Social Change बाबा साहेब आम्बेड़कर की जयंती हर साल धूम धाम से मनाई जाती है। प्रश्न यह है कि जिन मूल्यों के लिए डॉ. आम्बेड़कर ने जीवन भर संघर्ष किया, वे मूल्य अब कहाँ हैं? प्रश्न यह है कि उन दलितों की जिनकी बेहतरी के लिए डॉ. आम्बेड़कर ने अपना जीवन होम कर दिया आज क्या स्थिति है? दलितों और समाज के अन्य दबे-कुचले वर्गों के अतिरिक्त, इस देश के क्रांतिकारी बुद्धिजीवियों के लिए डॉ. आम्बेड़कर आज भी एक महानायक हैं। जो राजनैतिक दल, सामाजिक न्याय के विरोधी हैं, वे तक डॉ. आम्बेड़कर के विरुद्ध एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं कर सकते। बाबा साहेब, सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक हैं। वे जमींदारों की आर्थिक गुलामी और ऊँची जातियों की सामाजिक गुलामी से दलितों की मुक्ति के भी अक्षय प्रतीक हैं। पी.एच.डी. और डी. एस.सी. होते हुए भी उन्हें अपने कार्यस्थल पर अपमान सहना पड़ा। उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि राजनैतिक स्वतंत्रता तब तक अर्थहीन रहेगी जब तक उसके साथ-साथ सामाजिक बदलाव नहीं होता; जब तक शूद्रों और महिलाओं को गुलामी से मुक्ति नहीं मिलती। राष्ट्रीय आंदोलन में उन्होंने इन्हीं लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए काम किया। recent visitors 217

35 करोड़ का गेहूं सड़ाकर 150 करोड़ का नुकसान, भाजपा सरकार की लापरवाही या संगठित भ्रष्टाचार: जीतू पटवारी

Loss of Rs 150 crore due to rotting of wheat worth Rs 35 crore, negligence of BJP government or organised corruption: Jitu Patwari भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रायसेन जिले के दिवटिया (नूरगंज) एवं नूरगंज वेयरहाउस में हजारों टन गेहूं सड़ने और उसकी लागत 35 करोड़ रुपए से बढ़कर 150 करोड़ रुपए तक पहुंचने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा और आक्रामक हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और गैरजिम्मेदार शासन का भयावह उदाहरण है। जिस अनाज को गरीबों के घर तक पहुंचना था, वह वर्षों तक गोदामों में सड़ता रहा और अंतत: जहरीला बन गया। यह केवल अनाज की बबार्दी नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों की खुली लूट है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच समर्थन मूल्य पर खरीदा गया यह गेहूं लगभग 20 हजार टन मात्रा में वेयरहाउस में पड़ा रहा, लेकिन सरकार और संबंधित अधिकारियों ने समय पर इसका उठाव सुनिश्चित नहीं किया। न तो वितरण की कोई ठोस योजना बनाई गई और न ही भंडारण की समुचित व्यवस्था की गई। परिणामस्वरूप, करोड़ों रुपए का अनाज पूरी तरह सड़कर अनुपयोगी हो गया। पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 35-36 करोड़ रुपए का गेहूं किराया, मेंटेनेंस, परिवहन और कीटनाशक छिड़काव जैसे खर्चों के कारण बढ़ते-बढ़ते 150 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर जानबूझकर लागत बढ़ाने और घोटाले को छिपाने का प्रयास? उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक संगठित आर्थिक अपराध की ओर इशारा करता है, जहां भंडारण की आड़ में वर्षों तक अनाज को सड़ने दिया गया और उसके नाम पर लगातार खर्च दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया। यह सीधे-सीधे जनता के टैक्स के पैसे की लूट है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ गेहूं नहीं सड़ा है, यह भाजपा सरकार की नीयत और व्यवस्था सड़ चुकी है। गरीब का हक गोदामों में सड़ रहा है और सत्ता के संरक्षित लोग उससे मुनाफा कमा रहे हैं। यह घोटाला नहीं, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने आगे कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक छिड़काव के कारण यह गेहूं अब जहरीला हो चुका है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। यदि समय रहते इस अनाज का उचित वितरण किया जाता, तो लाखों गरीब परिवारों को राहत मिल सकती थी। पटवारी ने यह भी कहा कि यह घटना मध्यप्रदेश की भंडारण व्यवस्था की पूरी पोल खोलती है। जहां एक ओर किसान अपनी उपज बेचने के लिए संघर्ष करता है, वहीं दूसरी ओर खरीदा गया अनाज वर्षों तक गोदामों में सड़ता रहता है। यह प्रशासनिक असफलता के साथ-साथ नीतिगत विफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करना अत्यंत आवश्यक है। कौन अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है? किसके आदेश पर अनाज को वर्षों तक रोका गया? क्यों समय पर वितरण नहीं हुआ? इन सभी सवालों का जवाब प्रदेश की जनता मांग रही है। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार ने इस गंभीर मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी और जनता के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। जनता के पैसे की बबार्दी और गरीबों के हक की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा सरकार को हर हाल में जवाब देना होगा और दोषियों को सजा दिलानी होगी। प्रदेश कांग्रेस की प्रमुख मांगें: 1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। 2. जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। 3. 150 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई दोषियों से वसूली जाए। 4. प्रदेश की भंडारण एवं वितरण प्रणाली की समग्र समीक्षा कर सुधार लागू किए जाएं। 5. भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र विकसित किया जाए। recent visitors 60