आत्मनिर्भरता की ओर कदम, यूपी में 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति क्लब’ से जोड़ने की तैयारी

वाराणसी यूपी के वाराणसी में आयोजित 11 दिवसीय रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेले में पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महिलाओं को लेकर बड़ी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा, समूह से और अधिक महिलाओं को जोड़ा जाए। उन्होंने प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को लखपति महिला क्लब में शामिल करने तथा उन्हें करोड़पति महिला बनाने का आह्वान किया। आने वाले दिनों में सरस मेलों के आयोजन कराने की घोषणा की, जिससे अन्य प्रदेशों तथा जनपदों से आने वाली महिलाओं से प्रेरित होकर अन्य महिलाएं भी आगे आकर कार्य करें। उन्होंने महिलाओं के कार्यों तथा उनके उत्पादों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री ने स्टालों का अवलोकन किया, उत्पादों की जानकारी ली तथा आजीविका मिशन की ओर से लगाए गए फूड कोर्ट के कार्य की प्रशंसा की। 11 दिवसीय सरस मेले का समापन यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में ग्यारह दिवसीय रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेला का सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में समापन हो गया। इस आवासीय मेले में विभिन्न प्रदेशों तथा उत्तर प्रदेश के विभन्नि जनपदों से आए महिला समूहों द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये का व्यापार किया गया। मेले में सजावटी सामग्री, खाद्य प्रसाद, पीतल की सामग्री, अचार-मुरब्बा, लेदर के सामान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कुर्ती, चादर, कालीन, जूट के उत्पाद, मूंज के उत्पाद आदि प्रमुख थे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी की दो बीमा सखियों मीना देवी व प्रतिभा देवी तथा दो लखपति महिलाओं शर्मीला देवी व लक्ष्मी वर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। जनपद के 703 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि तथा 20 समूहों को रिवॉल्विंग फंड मद में कुल 10 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये का प्रतीकात्मक रूप से चेक प्रदान किया गया। साथ ही दो समूह की महिलाओं को ई-रक्शिा उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आम बजट में लखपति दीदी के लिए नए अवसर खुलने की हुई थी घोषणा आम बजट में वित्त मंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का विशेष ध्यान रखते हुए सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना को और विस्तार देने की घोषणा की थी। इससे देशभर की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जिसके चलते जनपद बिजनौर की करीब 29 हजार लखपति दीदी के लिए नए अवसर खुलेंगे। वर्तमान में बिजनौर में विदुर ब्रांड के लगभग 100 आउटलेट और स्टोर हैं, जबकि करीब 60 विदुर कैफे हैं, जिन्हें बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। अभी विदुर ब्रांड से आमदनी टर्न ओवर करीब दस करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर है। बजट में वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत अब महिलाओं को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उनके उत्पादों को बेचने के लिए और अधिक रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे।   recent visitors 91

टूटी झोपड़ी से IAS तक का सफर, चाय बेचने वाले पिता के बेटे ने रचा इतिहास

जयपुर कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, रास्ता निकल ही आता है। यह बात सच साबित करते हैं देशल दान चरण, जिन्होंने बेहद साधारण परिवार से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा पास की और आईएएस बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर देशल दान चरण मूल रूप से राजस्थान के सुमलाई गांव से आते हैं। उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। उनके पिता कुशल दान चरण एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे। इसी दुकान की कमाई से दस लोगों का परिवार चलता था। घर की हालत ऐसी थी कि रोजमर्रा के खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता था। कई बार बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए पिता को कर्ज लेना पड़ता था। लेकिन उन्होंने कभी भी बच्चों को पढ़ाई छोड़कर काम करने के लिए मजबूर नहीं किया। उनका मानना था कि शिक्षा ही वह रास्ता है जो गरीबी से बाहर निकाल सकता है। पिता का विश्वास बना सबसे बड़ी ताकत देशल के पिता हमेशा कहते थे कि हालात चाहे जैसे हों, पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। घर में पैसों की कमी थी, लेकिन सपनों की नहीं। यही सोच बच्चों के अंदर भी बैठ गई। कम संसाधनों में पढ़ाई करना आसान नहीं था। न अच्छे कोचिंग संस्थान, न सुविधाएं, न पढ़ाई का माहौल। लेकिन देशल ने ध्यान भटकने नहीं दिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस रखा और हर परिस्थिति को चुनौती की तरह लिया। परिवार पर टूटा बड़ा दुख, फिर भी नहीं डगमगाए जब देशल दसवीं कक्षा में थे, तब उनके परिवार पर एक बड़ा दुख आ पड़ा। उनके बड़े भाई, जो नौसेना में थे, एक पनडुब्बी दुर्घटना में शहीद हो गए। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घर का माहौल बदल गया। दुख, जिम्मेदारियां और आर्थिक दबाव सब एक साथ आ गए। लेकिन इसी समय देशल ने ठान लिया कि अब उन्हें अपने परिवार को संभालने के लिए कुछ बड़ा करना है। उन्होंने इस दर्द को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बना लिया। इंजीनियर बनने का सपना और पहली बड़ी सफलता देशल का सपना इंजीनियर बनने का था। उन्होंने जेईई मेन परीक्षा की तैयारी शुरू की। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और पहले ही प्रयास में परीक्षा अच्छे अंकों से पास कर ली। इसके बाद उन्हें भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान जबलपुर में दाखिला मिला। यह उनके जीवन का पहला बड़ा मोड़ था। गांव से निकलकर एक प्रतिष्ठित संस्थान तक पहुंचना उनके संघर्ष का पहला फल था। यहां से बदला सोचने का नजरिया इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान देशल ने महसूस किया कि वह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं। यहीं से उनके मन में सिविल सेवा में जाने का विचार आया। उन्होंने तय किया कि अब लक्ष्य होगा देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में जाना। यह रास्ता आसान नहीं था, क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है। यूपीएससी की तैयारी, अनुशासन और धैर्य की परीक्षा यूपीएससी की तैयारी केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि धैर्य, मानसिक मजबूती और लगातार मेहनत की मांग करती है। देशल ने बिना किसी शोर-शराबे के, बिना दिखावे के, चुपचाप तैयारी शुरू की। उन्होंने अपनी दिनचर्या सख्त बनाई। समय का पूरा उपयोग किया। कमजोर विषयों पर ज्यादा मेहनत की और लगातार खुद को बेहतर बनाते रहे। उनकी रणनीति साफ थी, कम संसाधन हैं तो मेहनत दोगुनी करनी होगी। संघर्ष से निकली सफलता की कहानी देशल दान चरण ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी बड़े शहर, अमीर परिवार या महंगी कोचिंग की मोहताज नहीं होती। अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत ईमानदार हो, तो एक चाय बेचने वाले का बेटा भी आईएएस बन सकता है। उनकी कहानी सिर्फ परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है जो एक पिता ने अपने बच्चों की पढ़ाई पर रखा, और उस बेटे की जिसने उस विश्वास को सच कर दिखाया। recent visitors 43

दोस्ती पर भारी पड़ी भूल: कुवैत ने गिराए तीन F-15E फाइटर जेट, अमेरिका ने कही ये बात

कुवैत कुवैत ने गलती से 3 अमेरिकी F-15E Strike Eagle लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, सभी 6 एयरक्रू सदस्य सुरक्षित रूप से ईजेक्ट हो गए, उन्हें बचा लिया गया है और वे स्थिर हालत में हैं। यह घटना ईरान के खिलाफ चल रही ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुई, जब कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने इन विमानों को दुश्मन के रूप में पहचान लिया। कुवैत ने इस घटना को स्वीकार किया है और अमेरिकी सेना ने कुवैती रक्षा बलों के सहयोग की सराहना की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुर्भाग्यपूर्ण फ्रेंडली फायर घटना 2 मार्च की सुबह हुई, जब अमेरिकी F-15E विमान ईरान पर हमलों में सहायता कर रहे थे। उस समय क्षेत्र में ईरानी विमान, बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन अटैक हो रहे थे, जिससे वायु क्षेत्र में भारी उथल-पुथल मची हुई थी। कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने इन अमेरिकी विमानों को गलत तरीके से खतरे के रूप में पहचाना और उन्हें मार गिराया। यह घटना मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की जटिलता को दर्शाती है, जहां सहयोगी देशों के बीच भी गलतफहमियां हो सकती हैं। खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले ऑपरेशन एपिट फ्यूरी अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई है, जिसमें ईरान के सैन्य ठिकानों, नौसेना और IRGC मुख्यालयों पर 1 हजार से अधिक हमले किए जा चुके हैं। ईरान ने जवाबी हमलों में कुवैत सहित खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। इस फ्रेंडली फायर घटना से अमेरिकी वायुसेना को नुकसान हुआ है, लेकिन कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले वायु क्षेत्र और तेज गति से बदलती स्थिति ने इस गलती को जन्म दिया। दोनों देश अब जांच और बेहतर समन्वय पर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। कुवैत में कैसे हैं हालात ईरान और ईरान समर्थित मिलिशिया ने इजरायल व अरब देशों पर मिसाइलें दागीं, जिनमें कुवैत में अमेरिकी दूतावास परिसर को निशाना बनाया गया। इजरायल और अमेरिका ने ईरान में लक्ष्यों पर बमबारी की जिससे सोमवार को युद्ध का विस्तार हुआ। इसके साथ ही युद्ध में हताहतों की संख्या भी बढ़ रही है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इजरायल ऑपरेशन में ईरान में अब तक कम से कम 555 लोग मारे जा चुके हैं और देश भर के 130 से अधिक शहर हमलों की चपेट में आ चुके हैं। कुवैत सिटी में अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर से आग और धुआं उठते देखा गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश में अमेरिकी युद्धक विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। मंत्रालय ने दुर्घटनाओं के कारणों या उनमें शामिल विमानों की संख्या के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि पायलटों को अस्पताल ले जाया गया है और उनकी हालत स्थिर है।   recent visitors 33

ईरान तनाव के चलते फ्लाइट्स पर ब्रेक: आज भी सैकड़ों उड़ानें रद्द, रिफंड नियमों में ढील

ईरान ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई से उपजे पश्चिम एशिया संकट के बीच सोमवार को भी बड़ी संख्या में वहां जाने वाली और वहां से गुजरने वाली उड़ानें रद्द रहीं। इंडिगो की आज 162 उड़ानें रद्द हैं। उसने मंगलवार को भी 47 उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है। एयरलाइंस ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर एक पोस्ट में बताया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों के होकर गुजरने वाली चुनिंदा अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का अस्थायी निलंबन बढ़ा दिया गया है। साथ ही, अब 07 मार्च तक की यात्रा के लिए बिना शुल्क टिकट रद्द कराने या तारीख में बदलाव का विकल्प दिया जा रहा है। पहले 05 मार्च तक की यात्रा के लिए यह विकल्प दिया गया था। यह 28 फरवरी से पहले बुक कराये गये टिकटों पर लागू होगा। अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने भी 28 फरवरी या उससे पहले बुक कराये गये 05 मार्च तक की यात्रा के टिकट रद्द कराने या यात्रा की तारीख में बदलाव पर कोई शुल्क न लेने की घोषणा की है। उसने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इजरायल और कतर को जाने वाली और वहां से आने वाली उसकी सभी उड़ानें आज रात 11:59 बजे तक के लिए रद्द कर दी हैं। एयरलाइंस ने बताया है कि 02 मार्च को उत्तरी अमेरिका और यूरोप की उसकी सिर्फ छह उड़नें रद्द रहेंगी। दिल्ली हवाई अड्डे पर आज दोपहर बाद एक बजे तक यहां से जाने वाली 37 और यहां आने वाली 50 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें हवाई क्षेत्र से संबंधित प्रतिबंधों के कारण रद्द रही हैं। पश्चिम एशिया संकट के कारण स्पाइसजेट की आज 17 उड़ानें (सात प्रस्थान, 10 आगमन) रद्द रही हैं। उसने 01 मार्च को 24 उड़ानें रद्द की थीं जबकि 03 मार्च को दो उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है। अकासा एयर ने 03 मार्च तक अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद की अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। उसने भी 07 मार्च तक की यात्रा के टिकट पर पूरा रिफंड देने या बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख में बदलाव का विकल्प दिया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की अपनी सभी उड़ाने आज आधी रात तक के लिए रद्द करने की सूचना दी है। उसने भी 05 मार्च तक की यात्रा के टिकट रद्द करने या तारीख में बदलाव पर कोई शुल्क नहीं लगाने की घोषणा की है।   recent visitors 32

मोदी-कार्नी की अहम मुलाकात: व्यापार, निवेश और सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारत और कनाडा के रिश्तों में एक अंतराल के बाद फिर से आई प्रगाढ़ता को दोहराते हुए कहा कि दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर सहमत हुए हैं। यह फिलहाल लगभग 13 अरब डॉलर है। प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में भारत-कनाडा सीईओ मंच को संबोधित करते हुए कहा, ''हम अपने द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाना चाहते हैं और उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''इसीलिए, हमने दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है।''दोनों देशों के बीच 2025 के जनवरी-अक्टूबर के दौरान द्विपक्षीय व्यापार लगभग आठ अरब डॉलर रहा है। पीएम ने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था पर दबाव है। ऐसे कठिन समय में भारत और कनाडा के उद्योगपतियों के बीच विचार-विमर्श द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के लिए खाका तैयार करने में सहायक होगा। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि मजबूत घरेलू खपत, बड़े पैमाने पर निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था ने वृद्धि में योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके अलावा, सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने और कारोबार सुगमता ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद की है। बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 2026-27 के बजट में 130 अरब अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड आवंटन किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी सहमति बनी। दोनों नेताओं के बीच यहां हुई बातचीत के दौरान रक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, छोटे एवं मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर (एसएमआर), शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एवं कनाडा के द्विपक्षीय संबंध अब 'नई ऊर्जा, आपसी विश्वास और सकारात्मकता' से भरे हुए हैं। कनाडा 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम आपूर्ति समझौते के तहत भारत के असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का समर्थन करेगा। मोदी ने कहा, "असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति पर ऐतिहासिक समझौता हुआ है। हम छोटे मॉड्यूलर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे।" महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता ज्ञापन से स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत विनिर्माण के लिए सुरक्षित आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलेगी। कनाडा के पास दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार मौजूद है। दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को साझा एवं गंभीर चुनौती बताते हुए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''इन चुनौतियों के खिलाफ हमारा करीबी सहयोग वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।'' मोदी और कार्नी ने बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा, "पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय है। भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।" कार्नी ने रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की घोषणा करते हुए कहा कि यह समझौते दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, "आज हम एक रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की शुरुआत कर रहे हैं, जिसमें द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। हमने महत्वपूर्ण खनिजों पर एक नई साझेदारी पर हस्ताक्षर किए हैं, जो विकास, प्रसंस्करण और स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन एवं उन्नत विनिर्माण के लिए सुरक्षित आपूर्ति शृंखला को समाहित करती है।" कार्नी ने कहा कि दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा कर रहे हैं, जिसमें पवन, सौर और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार शामिल है। उन्होंने यूरेनियम आपूर्ति समझौते को स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा, "एक ही पृथ्वी के तहत हुए ये सभी समझौते एक नए और समृद्ध संबंध की शुरुआत हैं, जो दोनों देशों के श्रमिकों और व्यवसायों के लिए पीढ़ीगत अवसर पैदा करेंगे और भविष्य की पीढ़ियों के लिए पृथ्वी की रक्षा करेंगे।" कनाडा के प्रधानमंत्री रविवार को नयी दिल्ली पहुंचे थे। इसके पहले वह मुंबई में थे जहां पर उन्होंने उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाकात की। भारत एवं कनाडा के संबंध 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर उपजे विवाद के बाद तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में संबंध सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं और दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्त तैनात कर दिए हैं। recent visitors 36

भारत के कदम से पाकिस्तान में हड़कंप, कहा– अब भूख-प्यास का खतरा बढ़ा

इस्लामाबाद पलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसे रणनीतिक कदम उठाए हैं जो कि उसकी टेंशन बढ़ाते ही चले जा रहे हैं। झेलम और चिनाब के बहाव कम करने को लेकर शहबाज सरकार एकदम से बिलबिला गई है। हाल ही में पाकिस्तान में प्रांतीय स्तर की एक बड़ी बैठक हुई और इसमें वॉटर ऐंड पावर डिवेलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन मोहम्मद सईद ने कहा कि भारत झेलम और चिनाब प्रोजेक्ट पर 60 अरब डॉलर खर्च कर रहा है और इससे पाकिस्तान में हाहाकार मचने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद इन निदियों के जल रोकने की कैपिसीटी 15 दिन से बढ़कर सीधे 60 दिन हो जाएगी। घबरा गया पाकिस्तान पाकिस्तान भारत के इस प्रोजेक्ट से बुरी तरह घबराया हुआ है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान को सूखे का डर सताने लगा है। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि जब फसलों की पानी की जरूरत होगी तो नदियों का बहाव बेहद कम हो जाएगा। वहीं मॉनसून में भारत ज्यादा पानी छोड़ सकता है इससे पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा डूब जाएगा। भारत के इस कदम से परेशान पाकिस्तान के अधिकारियों ने सरकार को सलाह दी है कि वहां भी बड़े बांध बनाने की जरूरत है जिससे पानी को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि समस्या यही है कि ये नदियां भारत से ही होकर पाकिस्तान में जाती हैं। ऐसे में बांध बनाने के बाद भी उसकी मुसीबत कम होने वाली नहीं है। पाकिस्तान का जल मंत्रालय नदियों के पानी को लेकर बेहद परेशान है। महीने भर पहले पाकिस्तान ने इसको लेकर भारत से जवाब मांगने शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने बगलिहार डैम पर पानी रोक लिया है दिसंबर महीने में देखा गया था कि बगलिहार में पानी की कमी हो गई है। झेलम और चिनाब में कम हआ पानी पाकिस्तान का कहना है कि भारत झेलम और चिनाब का पानी कभी रोकता है और कभी छोड़ता है। इससे पाकिस्तान में पानी की कमी देखी जा रही है। सिंधु जल पर पाकिस्तान के एक अधइकारी ने कहा कि पाकिस्तान में मंगला बांध तक पानी का बहाव काफी कम हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक शहबाज सरकार झेलम के बहाव पर नजर रख रही है। परेशान पाकिस्तान बार-बार पत्र भेजकर भारत के आगे गिड़गिड़ा रहा है। बता दें कि पहलगाम महले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित करदिया था। यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा घाव साबित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक भारत अब रावी का पानी भी रोकने का प्लान बना रहा है। जानकारी के मुताबिक शहपुर कंडी डैम का काम भी जल्द पूरा होने वाला है। इससे रावी का पानी रोककर इसे कठुआ और सांबा भेजा जाएगाय़ पाकिस्तान को जाने वाला ज्यादातर पानी रोक लिया जाएगा। पाकिस्तान की लगभग 90 फीसदी खेदी सिंदु नदी सिस्म पर ही निर्भर है। पाकिस्तान के पास पानी रोकने की क्षमता ना के बराबर है। recent visitors 38

बुंदेलखंड बन रहा स्टार्टअप हब, झांसी में बीवीएस एक्सपो-2026 ने दिखाई झलक

बुंदेलखंड क्षेत्र में नवाचार आधारित उद्यमिता के नए अध्याय की शुरुआत, 18 स्टार्टअप्स ने विभिन्न शहरों से आए निवेशकों के समक्ष रखे अपने बिजनेस मॉडल स्टार्टअप स्टॉल्स पर विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति, आईआईटी कानपुर रहा नॉलेज पार्टनर शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपनी स्केलेबिलिटी और बाजार संभावनाओं को प्रस्तुत किया पहली बार बुंदेलखंड के उभरते उद्यमियों को बाहरी निवेशकों से प्रत्यक्ष संवाद का मिला अवसर लखनऊ/झांसी कभी परंपरागत रूप से कृषि प्रधानता और सीमित औद्योगिक गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड में अब नवाचार आधारित उद्यमिता की मजबूत आहट सुनाई दे रही है। झांसी के अर्बन हाट में आयोजित दो दिवसीय बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो–2026 ने इस बदलाव को सार्वजनिक मंच पर स्पष्ट रूप से स्थापित किया। इस आयोजन ने संकेत दिया कि क्षेत्र अब स्टार्टअप और निवेश गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। स्टार्टअप स्टॉल्स पर दिखा उत्साह आयोजन के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने स्टॉल लगाए। शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर ऊर्जा, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी, सुरक्षा समाधान, कृषि नवाचार और ट्रैवल सेक्टर से जुड़े उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित किया गया। स्टॉल्स पर विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस आयोजन में आईआईटी कानपुर नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ा रहा। विशेषज्ञों ने तकनीकी मजबूती, स्केलेबिलिटी, निवेश आकर्षण और प्रोडक्ट-मार्केट फिट जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इसे क्षेत्रीय स्टार्टअप्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी समर्थन माना जा रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट में 18 स्टार्टअप्स की प्रस्तुति दूसरे दिन आयोजित “पिच सर्कल/इन्वेस्टर कनेक्ट” सत्र कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। राइज इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े 18 स्टार्टअप्स ने देश के विभिन्न शहरों से आए 28 निवेशकों के समक्ष अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। सत्र में शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर ऊर्जा, डिजिटल समाधान और एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपनी विस्तार योजनाएं और निवेश आवश्यकताएं रखीं। इनमें एजुट्रैक स्टार्टअप विशेष रूप से चर्चा में रहा, जिसने स्कूलों के लिए एआई आधारित डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। इसमें एआई टीचर सिस्टम, छात्र लोकेशन ट्रैकिंग और स्कूल ऑपरेशंस मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं। निवेशकों ने इसकी स्केलेबिलिटी और संभावित बाजार विस्तार पर रुचि दिखाई। एजुट्रैक के अलावा कई अन्य स्टार्टअप्स को आगे की निवेश प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं। बदलती सोच, नई आर्थिक दिशा विशेषज्ञों का मानना है कि बुंदेलखंड में स्टार्टअप गतिविधियों का यह विस्तार केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलती मानसिकता का संकेत है। प्रशासनिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और निवेश संवाद के समन्वय से झांसी क्षेत्रीय स्टार्टअप हब के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो-2026 ने यह स्पष्ट किया है कि बुंदेलखंड अब संभावनाओं का क्षेत्र भर नहीं, बल्कि संगठित उद्यमिता की दिशा में बढ़ता हुआ आर्थिक केंद्र बन सकता है। युवा उद्यमियों को मिलेगा निरंतर मंच और मार्गदर्शन झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीईओ एवं नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने कहा, बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो-2026 का उद्देश्य केवल एक प्रदर्शनी आयोजित करना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड के युवाओं को निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और मेंटर्स से सीधे जोड़ने का मंच उपलब्ध कराना था। स्थानीय स्टार्टअप्स ने जिस आत्मविश्वास और तैयारी के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए, वह इस क्षेत्र की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी और नगर प्रशासन की प्राथमिकता है कि नवाचार आधारित उद्यमिता को संस्थागत समर्थन दिया जाए। राइज इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से हम स्टार्टअप्स को केवल स्पेस नहीं, बल्कि मेंटरशिप, नेटवर्किंग और निवेश संवाद का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। देश के विभिन्न शहरों से निवेशकों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि बुंदेलखंड अब राष्ट्रीय स्टार्टअप मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। भविष्य में ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि झांसी को एक सशक्त स्टार्टअप हब के रूप में विकसित किया जा सके और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसर तैयार हों। recent visitors 88