एमपी गज़ब : महिला नायब तहसीलदार ने गार्ड को थप्पड़, डंडे से पीटा

एमपी गज़ब : महिला नायब तहसीलदार ने गार्ड को थप्पड़, डंडे से पीटा

Naib Tehsildar Jyoti Lakshakar: मध्यप्रदेश के मुरैना में पदस्थ महिला नायब तहसीलदार ज्योति लाक्षाकार पर एक बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है जो बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी का है और उसमें नायब तहसीलदार ज्योति लाक्षाकार गार्ड के साथ मारपीट करती नजर आ रही हैं। पीड़ित सुरक्षा गार्ड ने नायब तहसीलदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन मामला प्रशासनिक अधिकारी से जुड़ा होने के कारण पुलिस कह रही है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पहले मारे थप्पड़ फिर डंडे से पीटाघटना हाईवे स्थित आशीर्वाद मल्टी की है, जहां नायब तहसीलदार ज्योति लाक्षाकार का निवास है। इसी बिल्डिंग में 50 साल के मोहरमन शर्मा सिक्योरिटी गार्ड हैं। बुधवार शाम को ज्योति लाक्षाकार ने गार्ड के साथ मारपीट की। जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है उसमें पहले वह गार्ड को थप्पड़ मारती और फिर डंडे से पीटती दिख रही हैं। मारपीट में गार्ड को चोटें भी आई हैं। जिस वक्त मारपीट की जा रही थी, वहां नायब तहसीलदार ज्योति लाक्षाकार व गार्ड के अलावा और भी लोग खड़े वीडियो में नजर आ रहे हैं। गार्ड ने बताई आपबीतीपीड़ित गार्ड मोहरमन शर्मा ने अपने आवेदन में लिखा कि ज्योति मैडम ने ड्राइवर के जरिए उसे बुलवाया और जब वह पहुंचा तो पूछा कि “तू मेरे ड्राइवर से क्या बोल रहा था।” जिस पर मैंने जवाब देते हुए कहा कि “मैंने कहा था कि मैडम आज तुम्हारी गाड़ी में नहीं गईं, किसी अन्य की गाड़ी में गई हैं।” यह बात सुनते ही वह नाराज़ हो गईं और मुझे गालियाँ देते हुए पीटना शुरू कर दिया। पीड़ित गार्ड का यह भी कहना है कि अगर उससे कोई गलती हुई थी तो मैडम सजा देतीं, लेकिन मैंने कोई गलती नहीं की, फिर भी मैडम ने मुझे सबके सामने गालियाँ दीं और पीटा। पीड़ित का यह भी कहना है कि अब उसकी सुनवाई भी नहीं हो रही है। recent visitors 82

3 करोड़ की PMGSY सड़क पर घटिया निर्माण, गिट्टी की जगह डाली जा रही मिट्टी

Poor construction on the 3 crore PMGSY road in Panna, soil is being used instead of gravel. पन्ना । जिले की गहरा पंचायत से पनारी इमलोनिया ग्राम तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 3 करोड़ रूपये की लागत से 29 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। लेकिन इस काम की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर मानक गिट्टी की जगह मिट्टी मिलाकर पिचिंग की जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती कम हो रही है। भविष्य में यह जल्दी खराब हो सकती है। मौके से बने वीडियो और शिकायतों के आधार पर यह मामला चर्चा में आ गया है। मामले को लेकर शिकायत भी की जा चुकी है। गुणवत्ता को लेकर बढ़ती शिकायतों के बाद अधिकारियों ने जांच टीम गठित कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इसमें जांच टीम गठित कर दी गई है। महाप्रबंधक प्रधानमंत्री सड़क योजना शिवाकर चौरसिया ने कहा है कि शिकायत पर अमल किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क अपेक्षित मानकों पर खरी नहीं उतर रही। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की जांच और होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। लिहाजा 3 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर पलीता लगता दिख रहा है। recent visitors 68

एमपी पुलिस गज़ब: कार के अंदर कांस्टेबल ने ली रिश्वत, गेट खोला तो बाहर खड़ी थी लोकायुक्त टीम; दौड़ लगाकर भागा

एमपी पुलिस गज़ब: कार के अंदर कांस्टेबल ने ली रिश्वत, गेट खोला तो बाहर खड़ी थी लोकायुक्त टीम; दौड़ लगाकर भागा

MP Police Incident: Constable accepts bribe inside car, opens gate to find Lokayukta team waiting outside; flees इसमें कार में पैसे लेने के बाद जैसे ही लोकायुक्त की टीम ने उसकी कार के दरवाजे खुलवाते हुए स्वयं को लोकायुक्त के अधिकारी होने की बात कही, तो वह एक मिनट रुककर साथ चलने की बात कहते हुए कार से उतरा और लोकायुक्त की टीम को धक्का देते हुए भाग खड़ा हुआ। लोकायुक्त टीम को उसकी जैकेट और कार हाथ लगी है। जो जब्त करते हुए पुलिस थाना देहात में जाकर गुरुवार की रात एक बजे कार्रवाई की। लोकायुक्त टीआई कमल सिंह उइके ने बताया कि कोतवाली टीआइ बृजेंद्र चाचौदिया और आरक्षक पंकज यादव के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करते हुए जांच में ले लिया है और आरक्षक की तलाश की जा रही है। जमानत नोटिस के लिए रिश्वत मांगी गईलोकायुक्त टीआई के अनुसार टीकमगढ़ के रहने वाले अंकित तिवारी के विरुद्ध कोतवाली थाना में एक एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसमें अब अंकित तिवारी को कोतवाली से जमानत नोटिस भरवाने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी। इसमें जमानत देने के साथ ही केस में बचाने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग हुई। जिसमें 8 हजार रुपये पूर्व में अंकित तिवारी ने दे दिए थे, लेकिन 12 हजार रुपये देना शेष थे। लेनदेन की बात रिकॉर्ड कर लीइसको लेकर अंकित तिवारी ने लोकायुक्त पुलिस सागर कार्यालय जाकर एक शिकायत दर्ज कराई और टेप रिकॉर्डर प्राप्त करते हुए लेनदेन की बात रिकॉर्ड की। इसके चलते 12 हजार रुपये रिश्वत रुपी गुरुवार को देना तय हुआ। अंकित तिवारी ने कलेक्ट्रेट के सामने अपनी कार में बैठे आरक्षक पंकज यादव को दिए। तभी पीछे से लोकायुक्त की टीम पहुंच गई। लोकायुक्त पुलिस ने आरक्षक पंकज यादव को अपना परिचय देते हुए गेट खोलने के लिए कहा। तब एक मिनट रुकते हुए वह बाहर निकला और जैकेट की चैन खोलकर दौड़ लगा दी। इसलिए टीआई का नाम शामिल किया गयाऐसे में लोकायुक्त की टीम ने पीछा करते हुए उसे दबोचने की कोशिश की। लेकिन उनके हाथ उसकी जैकेट लग सकी और अंधेरे का फायदा उठाकर आरक्षक पंकज यादव मौके से फरार हो गया। रात 1 बजे लोकायुक्त टीम ने आरक्षक की कार क्रमांक एमपी 04 सीजेड 7719 को कब्जे में लेते हुए देहात थाना पहुंचाया और वहीं पूरी कार्रवाई की। अब कोतवाली टीआई बृजेंद्र चाचौदिया और आरक्षक पंकज यादव के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया है। बताया गया कि टीआई की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी लोकायुक्त के पास हैं। इसलिए उनका नाम शामिल किया गया है। यहां बता दें कि पुलिस महकमें टीकमगढ़ में इन दिनों कुछ भी ठीक ठाक नहीं चल रहा है। इसमें लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने सात माह में पुलिस विभाग टीकमगढ़ में तीसरी कार्रवाई की है। सिटी कोतवाली में ही दो लगातार घटनाएं सामने आईं हैं। ऐसे में पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। recent visitors 71

गौहरगंज दुष्कर्म: मासूम से दरिंदगी का आरोपी सलमान गिरफ्तार, जंगल के रास्ते पहुंचा भोपाल; पुलिस ने दबोचा

गौहरगंज दुष्कर्म: मासूम से दरिंदगी का आरोपी सलमान गिरफ्तार, जंगल के रास्ते पहुंचा भोपाल; पुलिस ने दबोचा

Gauharganj rape: Salman, accused of brutalizing an innocent child, arrested; reached Bhopal via the forest; police arrested him. रायसेन ! गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले फरार आरोपी सलमान को गुरुवार देररात पुलिस ने गांधी नगर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हिंदू संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। गांधी नगर पुलिस ने आरोपी को रात में ही गौहरगंज पुलिस को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह जंगल के रास्ते भोपाल पहुंचा और गांधी नगर आया। आरोपी गांधी नगर के वार्ड-11 में किराए का कमरा ढूंढ रहा था, उसी इलाके से पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना के बाद हिंदू संगठन के कुछ लोग गांधी नगर थाने भी पहुंचे, लेकिन उससे पहले रायसेन जिले की पुलिस उसे गौहरगंज के लिए लेकर निकल गई। इस बीच औबेदुल्लागंज के पास आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसका शार्ट एनकाउंटर किया गया। उसका जेपी अस्पताल में इलाज किया गया। बता दें 21 नवंबर को छह साल की मासूम को 23 साल का सलमान चाकलेट दिलाने के बहाने जंगल में लेकर गया और दुष्कर्म करके फरार हो गया। बच्ची रोते हुए परिजनों को मिली थी। बच्ची को स्थानीय लोगों की मदद से भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया। यहां बच्ची की स्थिति में अभी सुधार है। घटना के बाद से आरोपी फरार था। पुलिस ने आरोपी सलमान पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर रायसेन में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी और मामले में लापरवाही पर नाराजगी जताई थी। सीएम ने रायसेन एसपी पंकज कुमार पांडे को हटा कर मुख्यालय में अटैच कर दिया था। रायसेन जिले का नया पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता को बनाया गया। recent visitors 68

सिंगरौली में 8 करोड़ में बनी 9 किमी की सड़क, कमीशन खोरी की सड़क ने शुरुआत में ही तोड़ दिया दम गई

A 9-km road built in Singrauli for 8 crore rupees, the Commission Khori road collapsed at the very beginning. सिंगरौली। जिले में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्य का एक और गंभीर मामला सामने आया है। बरगवां से नैकहवा मार्ग तक बनाई गई पीसीसी सड़क जिसकी लंबाई लगभग 9 किलोमीटर है। जनता के पैसों की खुली लूट का उदाहरण बन चुकी है। इस सड़क निर्माण पर शासन द्वारा 8 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई, लेकिन गुणवत्ता इतनी खराब है कि सड़क सेशवकाल में ही दम तोड़ चुकी है। सड़क कार्य की प्रारंभ तिथि 15 मार्च 2024 दर्शाई गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि सड़क का कार्य अभी हाल ही में पूरा हुआ है, लेकिन स्थिति यह है कि सड़क जगह-जगह से टूटने लगी है। पीसीसी सड़क मार्ग में एक-दो नहीं, बल्कि कम से कम 50 से अधिक स्थानों पर दरारें पड़ चुकी हैं। इन दरारों को छिपाने के लिए मरम्मत के नाम पर सिर्फ सीमेंट का लेप लगाया जा रहा है, जो आने वाले समय में और बड़े हादसों को आमंत्रण देगा। सड़क का कार्य पूरी तरह गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य में गंभीर में अनियमितताएं साफ नजर आ रही हैं। सड़क का कार्य पूरी तरह गुणवत्ताविहीन है। मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ठेकेदार द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया। इस कार्य को अंजाम देने वाली ठेका कंपनी मेसर्स सिन्हा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि बताई जा रही है, जिसने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण किया है। उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग इतना ही नहीं, बरगवां क्षेत्र में नाले पर बनाया गया पुल भी भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण है। यह पुल बेहद संकीर्ण बनाया गया है और गुणवत्ता भी अत्यंत खराब है। पुल की चौड़ाई इतनी कम है कि दो वाहन ठीक से एक साथ पार नहीं कर सकते। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भविष्य में कभी भारी बारिश या बाढ़ की स्थिति बनी तो, इस पुल के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है, जिससे जान-माल का गंभीर खतरा उत्पन्न होगा। स्थानीय नागरिकों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है।लोगों का कहना है कि जब करोड़ों रुपए जनता के टैक्स से खर्च किए जाते हैं, तो सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं टिकाऊ और सुरक्षित होनी चाहिए थी, लेकिन यहां तो निर्माण पूरा होते ही सड़क टूटने लगी, जो सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर इशारा करता है। संदेह के घेरे में लोनिवि की भूमिका इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोक निर्माण विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। बिना गुणवत्ता जांच के कार्य को स्वीकृति देना और भुगतान करना स्पष्ट करता है कि अधिकारियों ने आंख मूंदकर ठेकेदार को संरक्षण दिया है। यदि समय रहते इस मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई, तो ऐसी लापरवाहियां भविष्य में और बढ़ती रहेंगी। अब यह आवश्यक हो गया है कि इस सड़क और पुल निर्माण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा जनता के पैसों की बर्बादी रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। आम जनता यही कह रही है कि बरगवां से नैकहवा पीसीसी सड़क निर्माण में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मिलीभगत से ठेकेदार ने सड़क निर्माण कार्य में जमकर अनियमितता की है। तभी तो सेशवकाल में ही सड़क ने दम तोड़ दिया है। समयावधि के पहले ही सड़क फटी, होगी जांच सिंगरौली लोनिवि के कार्यपालन यंत्री एसबी सिंह कर्चुली का कहना है कि अगर बरगवां से नैकहवा पीसीसी सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है, समया अवधि के पहले ही सड़क फट रही है और दरार आ रही है तो इसकी जांच मैं स्वयं करने जाउंगा। recent visitors 73

विकास कार्य करवाए बिना सरपंच-सचिव डकार गए 23 लाख , EOW ने गबन का किया खुलासा, FIR दर्ज

Sarpanch and Secretary embezzled Rs 23 lakh without carrying out development work; EOW exposed the embezzlement and registered an FIR. जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में लाखों की सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया है। विकास कार्य कराए बिना ही सरपंच और सचिव ने 23 लाख रूपये का गबन किया। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार मामला मंडला जिले के ग्राम बरखेड़ा का है। यहां के तत्कालीन सरपंच बीरन सिंह काकोडिया और सचिव मिथलेश उददे के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसमें विकास कार्य के नाम पर राशि के दुरुपयोग की बात कही गई थी। ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि ग्राम पंचायत बरखेड़ा में साल 2014 से 2022 तक विभिन्न निर्माण कार्यो के लिए राशि का आवंटन सरकार के द्वारा किया गया है। कागजों में बनी सड़कें और नाली-पुलियाइस दौरान तत्कालीन सरपंच और सचिव ने विकास कार्यों को कागजों में दिखाते हुए बिना निर्माण कराए 22 लाख 87 हजार रूपये की शासकीय राशि का गबन किया है। सरपंच और सचिव ने अपने 6 वर्षों के कार्यकाल में गांव में सीसी रोड,चौपाल सभा निर्माण,पुलिया एव नाली निर्माण,पंचायत भवन मरम्मत सहित 9 प्रकार के कार्यों में उक्त राशि का गबन किया गया है। यह कार्य वास्तव में नहीं हुए थे और कागजों में दिखाये गये थे। ईओडब्ल्यू ने जांच के पाया कि दोनों आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय राशि का दुरुपयोग किया है। साथ ही विकास कार्यों के फर्जी दस्तावेज पेश किए गए हैं। ईओडब्ल्यू ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। recent visitors 76

एमपी गज़ब: भ्रष्टाचार का नया अवतार , मंदिर को सरकारी भवन बताकर 16 लाख का घोटाला

एमपी गज़ब: भ्रष्टाचार का नया अवतार , मंदिर को सरकारी भवन बताकर 16 लाख का घोटाला

MP Ghazab: A new form of corruption, Rs 16 lakh scam by declaring temple as government building छिंदवाड़ा ! मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की जुन्नारदेव जनपद पंचायत में विधायक निधि के दुरुपयोग और बड़े घोटाले का मामला सामने आया है. यहां 24 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सामुदायिक भवन (मंगल भवन) के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई. अधिकारियों ने मिलकर शिव भक्तों के चंदे से बन रहे एक मंदिर के ढांचे को ही सरकारी कागजों में सामुदायिक भवन दिखा दिया. आरोप है कि बिना कोई ले-आउट या मजदूरी दिए, सिर्फ कागजों पर निर्माण सामग्री दिखाकर लगभग 16 लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि मौके पर सिर्फ 15 खंभों का एक ढांचा मौजूद है. शुरुआती जांच रिपोर्ट में भी इस धांधली को छिपाने की कोशिश की गई, जब जिला योजना अधिकारी ने इसी धार्मिक स्ट्रक्चर को ‘मंगल भवन प्रगति पर’ बता दिया था. मामले का खुलासा होने के बाद छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने सख्त रुख अपनाया है. सरपंच और इंजीनियर समेत 6 जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देशउन्होंने दोनों जांच रिपोर्टों में स्पष्ट गड़बड़ी की पुष्टि की और तत्काल जनपद CEO, सरपंच और इंजीनियर समेत 6 जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए. कलेक्टर ने इन सभी से अवैध रूप से खर्च की गई राशि वसूलने (Recovery) और उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के नोटिस जारी कराए हैं. यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में हुई अक्षम्य लापरवाही और भ्रष्टाचार पर प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है. हालांकि, सीईओ ने यह स्वीकार किया कि भवन निर्माण में लापरवाही हुई है और यह स्वीकृत डिजाइन से अलग है, जिसके लिए दोषी अधिकारियों पर पहले ही वसूली और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. recent visitors 82