कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को पुलिस ने किया नजरबंद, बोले- CM को बताना चाहता था क्षेत्र की समस्याएं

Congress MLA Babu Jandel placed under house arrest by police, says he wanted to tell the CM about the problems of the area श्योपुर । बड़ौदा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आगमन से पहले कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को पुलिस प्रशासन ने गुरुवार सुबह नजरबंद कर दिया। विधायक जंडेल ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें समय नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि कांग्रेस विधायक होने के कारण पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली प्रभारी सतीश चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विधायक को पाली रोड स्थित उनके प्रतिष्ठान से डिटेन किया। उसके बाद पुलिस उन्हें उनके निवास लेकर पहुंची और करीब एक घंटे तक नजरबंद रखा। उसके उपरांत पुलिस फोर्स उन्हें देहात थाना लेकर पहुंची, जहां उनकी नजरबंदी जारी है। उधर, मुख्यमंत्री के दोपहर 1 बजे बड़ौदा पहुंचने का कार्यक्रम है। वे किसानों के राज्य स्तरीय मुआवजा वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे और लगभग दो घंटे रुकने के बाद उनका हेलीकॉप्टर मुरैना के लिए रवाना होगा। विधायक जंडेल के नजरबंद किए जाने की घटना से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। recent visitors 66

टीचर की गिरफ्तारी की मांग पर बाजार बंद, छात्राओं को भेज रहा था अश्लील मैसेज

टीचर की गिरफ्तारी की मांग पर बाजार बंद, छात्राओं को भेज रहा था अश्लील मैसेज

Markets closed demanding the arrest of a teacher who was sending obscene messages to female students. डिंडौरी। डिंडौरी जिले के ब्लाक मुख्यालय सांदीपनी विद्यालय का मामला सामने आया हैं। गुरुवार को सुबह से दोपहर एक बजे तक दुकान बंद कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा हैं। तत्काल प्रशांत साहू शिक्षक को गिरफ्तार करने का मांग की जा रही हैं। ज्ञापन सौंपकर की इसको लेकर मांग की गई थी। बुधवार को ग्रामीणों व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों के व्दारा जनपद पंचायत अमरपुर कार्यालय में अतुल हरदहा चौकी प्रभारी और एसडीओ को कलेक्टर के नाम से ज्ञापन सौंपकर प्रशांत साहू शिक्षक को तत्काल गिरफ्तार करने का मांग की गई थी। ज्ञापन में लिखा गया कि 24 नवबंर को डिंडौरी में सांदीपनी विद्यालय अमरपुर के शिक्षक द्वारा छात्राओं को आपत्तिजनक मैसेज वॉट्सएप पर भेजने के संबंध में शिकायत के बाद भी शिक्षक को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया हैं। साथ में इसमें सम्मिलित दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हो रही है और न ही पदस्त प्राचार्य को नहीं हटाया गया है। लोग मांग कर रहे है कि दोषी शिक्षक को तत्काल गिरफ्तारी किया जाए और सम्मिलित दोषियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई कर उन्हें भी हटाया जाए। recent visitors 78

लोकायुक्त टीम की बड़ी कार्यवाही,नायब तहसीलदार को 4000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, राजस्व विभाग हिल गया

लोकायुक्त टीम की बड़ी कार्यवाही,नायब तहसीलदार को 4000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, राजस्व विभाग हिल गया

Lokayukta team takes major action, naib tehsildar caught red-handed accepting bribe of Rs 4000, revenue department shaken सिंगरौली। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके सरकारी आवास पर रंगे हाथ दबोच लिया। जांच में राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश की भूमिका भी गंभीर रूप से संदिग्ध पाई गई है, जिस पर विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई है। मामला कैसे शुरू हुआ? करौली (सीधी) के प्रवीण चतुर्वेदी ने 2016 में चितरंगी के बालाखण्ड गांव में जमीन खरीदी थी। कब्जे के विवाद को लेकर उन्होंने 2017 में बेदखली के लिए आवेदन दिया। 2021 में आदेश जारी हुआ, लेकिन चार साल तक भी कार्रवाई नहीं हुई। जब शिकायतकर्ता ने लगातार दबाव बनाया, तो नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक ने मिलकर 15,000 रुपये की रिश्वत मांग डाली। लोकायुक्त की जांच में खुलासा गिरफ्तारी 25 नवंबर को लोकायुक्त दल ने बैरीटोला खुर्द स्थित सरकारी आवास पर छापा मारा और नायब तहसीलदार महेंद्र कोल को रिश्वत की रकम हाथ में लिए ही पकड़ लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं राजस्व निरीक्षक पर भी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है, विभागीय कार्रवाई जारी है। recent visitors 82

थाना बमनौरा पुलिस की अवैध शराब माफियाओं पर बड़ी कार्यवाही, 20 पेटी, 180 लीटर अवैध शराब बरामद

थाना बमनौरा पुलिस की अवैध शराब माफियाओं पर बड़ी कार्यवाही, 20 पेटी, 180 लीटर अवैध शराब बरामद

Major action by Bamnoura police station against illegal liquor mafia, 20 boxes, 180 liters of illegal liquor recovered. छतरपुर। माननीय मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार एवं नशा मुक्ति अभियान के तहत छतरपुर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ संग्रह, विक्रय एवं परिवहन करने वालों तथा सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे नशाखोरों के विरुद्ध निरंतर सख्त से सख्त कार्यवाही की जा रही है। छतरपुर पुलिस द्वारा विगत महीनों में एनडीपीएस में 95 प्रकरण एवं आबकारी में 2000 से अधिक प्रकरण दर्ज किये गए हैं। 52 कुंतल से अधिक अफीम के पौधे, 1000 किग्रा से अधिक गांजा, 5 सैकड़ा से अधिक शीशी नशीली सिरप, 1100 से नशीली टैबलेट, 200 से अधिक इंजेक्शन, स्मैक, 18000 लीटर से अधिक अवैध शराब जप्त की गई है। थाना बमनौरा पुलिस को विगत दिवस पेट्रोलिंग के दौरान ग्राम डोंगरपुर में अवैध शराब संग्रह संबंधी सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम संबंधित स्थान पर पहुंची। एक बाड़े में विधिवत तलाशी ली गई, टीन शेड के नीचे भूसे में ढकी अवैध शराब पाई गई। 20 पेटी अवैध शराब मात्रा करीब 180 लीटर कीमत करीब 80000 रुपये बरामद की गई।अवैध शराब में संलिप्त फरार आरोपी लाखन सिंह पायक निवासी ग्राम डोंगरपुर के विरुद्ध थाना बमनौरा में आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। फरार आरोपी लाखन सिंह मारपीट के अपराध में पूर्व से लिप्त है। फरार आरोपी की तलाश एवं विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्रवाई में एसडीओपी बड़ा मलहरा रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बमनौरा उपनिरीक्षक शिशिर तिवारी, उनि दौलत सिंह, प्रधान आरक्षक राम मिलन, आरक्षक विनीत जैन, सुरेंद्र रजक, उमाशंकर, रवि शंकर यादव एवं टीम की भूमिका रही। recent visitors 71

दुष्कर्म पीड़िता के परिवार से मिलने एम्स पहुंचे PCC चीफ ,हिंदू संगठन ने दी भोपाल बंद की चेतावनी

PCC chief visits AIIMS to meet rape victim’s family; Hindu organisation warns of Bhopal shutdown रायसेन के गौहरगंज में वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। एक ओर कांग्रेस ने सरकार और पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा करते हुए तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है, वहीं दूसरी ओर हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने आरोपित की गिरफ्तारी न होने पर 5 दिनों में भोपाल बंद का अल्टीमेटम दे दिया है। घटना के बाद शहर में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। एम्स पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, बच्ची के परिजनों से मुलाकातबुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एम्स अस्पताल पहुंचे और दुष्कर्म पीड़िता बच्ची के परिजनों से मुलाक़ात की। पटवारी ने बच्ची के स्वास्थ्य, इलाज और सुरक्षा को लेकर डॉक्टरों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर संभव सहायता और समर्थन परिवार को उपलब्ध कराएगी।इस दौरान पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, मीडिया हेड मुकेश नायक, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल, वरिष्ठ नेता रविंद्र साहू, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनोखी पटेल, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया, पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक शर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे। यह पीड़ा शब्दों में नहीं, आरोपी राक्षस हैः पटवारीपटवारी ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि यह दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। ऐसा कृत्य करने वाला इंसान नहीं, राक्षस है। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए, ताकि समाज को सख्त संदेश जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चियों के साथ लगातार हो रही घटनाओं ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है और सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कह कि सिर्फ एसपी या टीआई हटाने से अपराध नहीं रुकते। अपराध पर नियंत्रण के लिए आधुनिक संसाधन, पर्याप्त पुलिस बल और टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग की जरूरत है। सरकार सिर्फ इमेज मैनेजमेंट में जुटी है। कांग्रेस ने उठाई तीन बड़ी मांगें आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर, 5 दिन में भोपाल बंद का अल्टीमेटमदूसरी ओर, हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने प्रशासन पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि आरोपी सलमान की गिरफ्तारी में हो रही देरी चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 5 दिन में आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो हम भोपाल बंद कराएंगे। अब ऐसी घटनाओं को समाज और बर्दाश्त नहीं करेगा। तिवारी ने कहा कि मामले को लेकर समाज में गहरा रोष है और न्याय की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई कर आरोपित को गिरफ्तार करने की मांग की। recent visitors 74

CM के फैसले से मंत्रीमंडल में हड़कंप: अब अफसर नहीं, मंत्रियों को खुद देना होगा काम का प्रेजेंटेशन

CM के फैसले से मंत्रीमंडल में हड़कंप: अब अफसर नहीं, मंत्रियों को खुद देना होगा काम का प्रेजेंटेशन

CM’s decision stirs cabinet: Now ministers, not officers, will have to give their own presentations. Madhya Pradesh Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 दिसंबर से मंत्रियों से पिछले दो साल का व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन देने को कहा है. यह कदम सिर्फ काम देखने के लिए नहीं, बल्कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार का आधार भी है. शीतकालीन सत्र के दौरान रिपोर्टिंग होगी, और अमित शाह के दौरे से पहले सरकार को पूरी तरह तैयार दिखाने की कवायद चल रही है. भोपाल ! मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन दिनों ज़ोरदार चर्चाएँ चल रही हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है. 1 दिसंबर से सभी मंत्री खुद सीएम के सामने अपने पिछले दो साल के काम का प्रेजेंटेशन देंगे. यह प्रेजेंटेशन मंत्री खुद देंगे, उनके विभाग के अफसर नहीं. दरअसल, 13 दिसंबर को मोहन यादव सरकार को दो साल पूरे हो जाएँगे. इस मौके पर सीएम जानना चाहते हैं कि किस मंत्री ने कितना और कैसा काम किया. यह प्रेजेंटेशन एक हफ्ते तक चलेगा. विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी 1 से 5 दिसंबर तक है, इसलिए मंत्रियों का शेड्यूल सीएम की उपलब्धता के हिसाब से तय होगा. सूत्रों के मुताबिक यह कवायद सिर्फ काम देखने के लिए नहीं है, बल्कि मंत्रिमंडल में बदलाव का आधार भी बनेगी. सीएम सचिवालय और भाजपा संगठन दोनों स्तरों पर हर मंत्री का परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है. 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर ही सीएम मोहन यादव ने संकेत दे दिया था कि मंत्रिमंडल में बदलाव होंगे. अभी तक मोहन सरकार में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है. सिर्फ एक अपवाद रहा – कांग्रेस के छह बार के विधायक रामनिवास रावत अप्रैल 2024 में भाजपा में आए और जुलाई में मंत्री बने. लेकिन नवंबर में विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. वर्तमान में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 31 मंत्री हैं. मध्य प्रदेश में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं, यानी अभी चार और मंत्रियों की जगह खाली है. न सबके बीच एक और बड़ी बात है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 18 दिसंबर के आसपास मध्य प्रदेश बुलाया गया है. 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का सामूहिक शिलान्यास कार्यक्रम होना है. सीएम चाहते हैं कि उससे पहले सरकार का कामकाज पूरी तरह दुरुस्त दिखे और कमजोर कड़ी को बाहर कर नई टीम तैयार हो.राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन मंत्रियों का काम संतोषजनक नहीं रहा, उन्हें हटाया जा सकता है. साथ ही कुछ नए चेहरों को मौका मिलेगा. कुछ पुराने दिग्गजों की वापसी की भी बात चल रही है. कुल मिलाकर दिसंबर का महीना मोहन सरकार के लिए बहुत अहम होने वाला है. पहले मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड, फिर अमित शाह का दौरा और उसके बाद संभावित मंत्रिमंडल विस्तार – मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज़ हो गई है. recent visitors 71

काम का दबाव या बीमारी? 10 दिनों में छह बीएलओ की मौत, परिजन बोले- एसआईआर ने ली जान

काम का दबाव या बीमारी? 10 दिनों में छह बीएलओ की मौत, परिजन बोले- एसआईआर ने ली जान

madhya pradesh blo deaths special intensive revision work pressure health issues election digitization crisis प्रदेश में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) की लगातार मौतों और बीमार होने की घटनाओं ने प्रशासन से लेकर कर्मचारी संगठनों तक सभी को चिंता में डाल दिया है। पिछले 10 दिनों में प्रदेश में 6 बीएलओ की मौत दर्ज की गई है, जबकि कई कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हैं। परिजनों का आरोप है कि भारी काम के दबाव और तनाव के कारण मौतें हुई हैं, वहीं निर्वाचन विभाग का कहना है कि मौतों का कारण बीमारियों की अनदेखी और हादसे हैं। दूसरी ओर कर्मचारी संगठन इसे “काम के बोझ का नतीजा” बता रहे हैं। 5.74 करोड़ मतदाताओं का डेटा, 65 हजार बीएलओ पर जिम्मेदारी प्रदेश में 4 नवंबर से मतदाता सूची के डिजिटलाइजेशन का बड़ा अभियान चल रहा है। इसमें लगभग 5.74 करोड़ मतदाताओं की जानकारी अपडेट करने का काम 65 हजार बीएलओ द्वारा किया जा रहा है। निर्धारित डेडलाइन नजदीक आने से कर्मचारियों पर लगातार प्रेशर बढ़ रहा है। घटनाओं की चिंताजनक श्रृंखला सूत्रों के अनुसार, शहडोल के सोहागपुर में बीएलओ मनीराम नापित लोगों से फॉर्म ले रहे थे तभी एक अधिकारी का फोन आया। कॉल के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पिपरिया (नर्मदापुरम) में शिक्षक और बीएलओ सुजान सिंह रघुवंशी एसआईआर सर्वे से लौटते समय ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में अस्पताल में उनका निधन हो गया। मंडीदीप में ऑनलाइन मीटिंग खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद बीएलओ रमाकांत पांडे अचानक बेहोश हुए और अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। झाबुआ में बीएलओ भुवन सिंह को कुछ दिन पहले लापरवाही बताकर निलंबित किया गया था। परिजनों का कहना है कि निलंबन से वह गहरे मानसिक तनाव में थे और इसी सदमे में उन्हें हार्ट अटैक आया। इसी तरह दमोह और बालाघाट में भी दो बीएलओ की तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। एक परिजन ने आरोप लगाया कि “लगातार काम का दबाव और भागदौड़ ने उनकी स्थिति खराब कर दी।” बीएलओ अस्पताल में भर्ती भोपाल, रीवा और भिंड में कई बीएलओ को हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामले सामने आए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि बीमारी के बावजूद अधिकारियों ने उनसे काम पूरा करने का दबाव बनाया। कर्मचारी संघ ने उठाई मुआवजे की मांग मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर मांग की है कि मृत बीएलओ के परिवारों को 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और बीमार कर्मचारियों का इलाज चुनाव ड्यूटी की तरह शासन खर्च पर कराया जाए। एसआईआर प्रगति रिपोर्ट: एमपी चौथे स्थान पर मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन को लेकर नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है कि 25 नवंबर दोपहर 12 बजे तक मध्य प्रदेश ने 72.29% काम पूरा कर लिया है। इससे राज्य देशभर में चौथे स्थान पर पहुंचा है। हालांकि बीएलओ को सर्वर की समस्या, लगातार फील्ड विजिट और हजारों रिकॉर्ड के पुनः सत्यापन जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजस्थान देश में पहले स्थान पर है, जहां 3,000 से अधिक बूथों पर 100% डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। 4 दिसंबर तक चलेगा सर्वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 4 दिसंबर तक बीएलओ मतदाताओं के घरों तक फॉर्म पहुंचाने और भरे हुए फॉर्म वापस लेने का काम पूरा करेंगे। इसके बाद 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट में नहीं होंगे, वे जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकेंगे। यदि वहां अपील खारिज होती है, तो राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष भी अपील दायर की जा सकेगी। मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा में चार नवंबर से एसआईआर का काम चल रहा हैं। प्रदेश के कुल 5 करोड़ 74 लाख 5 हजार वोटर्स के फार्म डिजिटलाइज होने हैं। इस काम में 65 हजार 14 बूथ लेवल ऑफियर ड्यूटी पर लगे है। recent visitors 83