MP खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंत्री बोले- वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो राशन पानी होगा बंद, कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या आप?

MP खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंत्री बोले- वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो राशन पानी होगा बंद, कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या आप?

MP Food and Supplies Minister said- If your name is not in the voter list, ration and water will be stopped, Congress said- Have you become an officer of the Election Commission? भोपाल ! मध्य प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मंत्री ने कहा कि ‘जिसने मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़वाया, उसे राशन और सरकारी सुविधाएं मिलना बंद हो जाएंगी।’ उनके इस बयान ने जनता में हड़कंप और राजनीतिक हलचल दोनों बढ़ा दी हैं। बताया जाता है कि मंत्री सागर जिले की सुरखी विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपील करते हुए कहा कि गांवों में मतदाता सूची अपडेट होने का काम चल रहा है, इसलिए हर व्यक्ति अपना नाम जोड़वाए। उन्होंने कहा अगर नाम नहीं जोड़वाओगे तो राशन, आधार कार्ड और अन्य सुविधाएं बंद हो जाएंगी। 5–6 दिन का समय है, जाकर अपना फॉर्म जमा कर दो।’ हालांकि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाना है। इस प्रक्रिया का किसी भी तरह से राशन कार्ड या अन्य सरकारी योजनाओं से कोई संबंध नहीं है। न ही इसका प्रभाव राशन मिलने पर पड़ता है। विपक्ष का हमला- ‘नेतागिरी छोड़ चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए क्या?’उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री किस अधिकार से ऐसे बयान दे रहे हैं? क्या वे चुनाव आयोग के अधिकारी हैं? कटारे ने आरोप लगाया कि भाजपा SIR प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है और चुनाव आयोग से मंत्री पर कार्रवाई की मांग की। recent visitors 91

विधानसभा में बंदर बनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, जिसने देखा रह गया हक्का-बक्का, जाने माजरा

विधानसभा में बंदर बनकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, जिसने देखा रह गया हक्का-बक्का, जाने माजरा

MP Vidhan Sabha Winter Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन की कार्यवाही के बीच उस समय विधानसभा में मौजूद हर कोई हक्का-बक्का रह गया, जब सदन में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बंदर बनकर परिसर में दाखिल हुए। कोई उन्हें देखकर हंस रहा था तो कोई उनके संदेश की गंभीरता को भांप रहा था। सदन में इस अनोखे अंदाज में पहुंचने वाले कोई और नहीं, बल्कि छिंदवाड़ा की जुन्नारदेव सीट से विधायक सुनील उईके हैं। चेहरे पर मास्क लगाए, हाथ में पोस्टर लिए सदन परिसर में पहुंच गए, जो सरकारी की जनविरोधी नीतियों का हवाला देकर विरोध कर रहे थे। सदन की कार्यवाही से पहले विपक्ष में बैठे कांग्रेस विधायकों द्वारा ये प्रदर्शन किया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेत्रत्व में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष ने सरकार को घेरा। खाद की कमी, किसानों की बदहाली और जनता की अनदेखी के खिलाफ इस अनोखे प्रदर्शन को देख हर कोई हैरान था। बंदर का मास्क लगाए विधायक सुनील उईके हाथ में नकली उस्तरा भी लिए थे। वहीं, प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायक ‘बंदर के हाथ में उस्तरा’ जैसी कहावत के नारे लगा रहे थे। विधानसभा में आज 13,476.94 करोड़ रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को इसपर बजट पेश किया था। सबसे बड़ी राशि ग्रामीण विकास को मिली है। पीएम आवास के लिए 4,000 करोड़ और लाड़ली बहना योजना के लिए 1,794 करोड़ रुपए। किसानों के लिए समर्थन मूल्य भुगतान हेतु 2,001 करोड़, आपदा राहत के लिए 77.20 करोड़ और भावांतर योजना के लिए 500 करोड़ रखे गए हैं। विपक्ष बोला- जनता की पुकार, सत्ता पक्ष ने बताया सदन का अपमानजुन्नारदेव विधायक सुनील उईके ने बंदर का वेश धारण कर इशारा किया कि सरकार जनता को ‘बंदर’ बना रही है। उन्होंने कहा कि, ‘खाद नहीं मिल रही, बिजली नहीं मिल रही, किसान मर रहा है। सरकार हर वर्ग के हक पर उस्तरा चला रही है।’ कांग्रेस ने इसे जनता की पुकार बताया। तो वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने इसे सदन की गरिमा का अपमान ठहराया है। recent visitors 85

कलेक्ट्रेट पहुंच गया नशे में धुत बीएलओ बोला – वर्कलोड बहुत है… कलेक्टर के सामने ही कर दिया हंगामा

कलेक्ट्रेट पहुंच गया नशे में धुत बीएलओ बोला – वर्कलोड बहुत है… कलेक्टर के सामने ही कर दिया हंगामा

A drunk BLO reached the Collectorate and said, “The workload is too much…” He created a ruckus in front of the Collector. छिंदवाड़ा। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब माल्हनवाड़ा क्षेत्र का एक सहायक बीएलओ शराब के नशे में धुत होकर सीधे कलेक्टर से मिलने पहुंच गया। हाथ में गणना पत्रक और जुबान पर एक ही बात— “वर्कलोड बहुत है साहब… अब काम नहीं होगा।” सूत्रों के अनुसार सहायक बीएलओ का आरोप है कि उसकी वरिष्ठ बीएलओ उसके साथ अभद्र व्यवहार करती हैं और अत्यधिक काम का दबाव डालती हैं। इसी तनाव में वह सभी गणना पत्रक कलेक्टर को लौटाने आ गया। लेकिन नशे में उसके बेतुके व्यवहार को देखकर पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल कलेक्ट्रेट से बाहर कर दिया। बाहर किए जाने के बाद भी वह देर तक मैदान में चक्कर काटता रहा और बड़बड़ाता रहा। इससे पहले वह एसडीएम कार्यालय पहुंचा था, फिर एडीएम ऑफिस गया, जहां भी उसे बाहर का रास्ता दिखाया गया। इस बीच जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का काम जोर-शोर से चल रहा है। अब तक 91% डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है और कलेक्टर हरेंद्र नारायण के नेतृत्व में 12 लाख 26 हजार से अधिक गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। ग्राम पंचायतों से लेकर शहर के मतदाता सहायता केंद्र लोगों को फॉर्म भरने में मदद कर रहे हैं, जिसके चलते जिला वर्तमान में प्रदेश में 16वें स्थान पर चल रहा है। घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि भारी दबाव में काम कर रहे फील्ड स्टाफ की स्थिति आखिर कितनी तनावपूर्ण हो गई है। recent visitors 94

International Cheetah Day 2025: कूनो नेशनल पार्क में सीएम डॉ. मोहन यादव तीन चीतों को खुले जंगल में करेंगे आजाद

International Cheetah Day 2025: कूनो नेशनल पार्क में सीएम डॉ. मोहन यादव तीन चीतों को खुले जंगल में करेंगे आजाद

International Cheetah Day 2025 श्योपुर। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क पहुंचकर तीन चीतों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में रिलीज करेंगे। वर्तमान में कूनो के बड़े बाड़े में 8 चीते बंद हैं, जिनमें से तीन चीतों को जंगल में छोड़े जाने की अनुमति स्टेरिंग कमेटी द्वारा दी जा चुकी है। प्रशासन और वन विभाग आज होने वाली इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को लेकर सतर्क और मुस्तैद है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए आज कलेक्टर अर्पित वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने कूनो और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियों का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने दिनभर कई स्थानों का दौरा कर सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा की। निरीक्षण में शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौड़ भी शामिल रहे। वन विभाग द्वारा तैयारियों को परखा गयाश्योपुर-शिवपुरी के कलेक्टर व एसपी ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था और तैनाती को लेकर समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात निरीक्षण दल कूनो नेशनल पार्क के अहेरा गेट पहुंचा, जहां वन विभाग द्वारा की गई तैयारियों को परखा गया। अधिकारियों ने गेट से रिलीज प्वाइंट तक बनाई गई सड़क, सुरक्षा, संचार व्यवस्था और टीमों की तैनाती का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएफओ आर. थिरुकुराल, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया, वन विभाग के कई रेंजर-डिप्टी रेंजर और जिला प्रशासन की टीमें उपस्थित थीं। सभी अधिकारियों को रिलीज से जुड़ी सभी तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। recent visitors 74

कर्मचारियों के विरोध पर एमवीएम की प्राचार्या को हटाया

MVM principal removed after staff protest उच्च शिक्षा विभाग ने कर्मचारियों के हित में लिया बड़ा फैसला  भोपाल। राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के तीव्र विरोध के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने राजधानी के मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य गीता मोदी को हटा दिया है। इस फैसले को कर्मचारी अपने लगातार चले सघर्ष की जीत बता रहे हैं। कर्मचारी लंबे समय से प्राचार्या के खिलाफ लामबंद थे और इसको लेकर मुहिम चला रहे थे। आखिकार वही हुआ, जो कर्मचारी चाह रहे थे।  दरअसल, मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य गीता मोदी का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति कठोर था। वे किसी के कहने पर हमेंशा कर्मचारी विरोधी गतिविधियां चला रहीं थी। जिसका कर्मचारी लगातार विरोध जता रहे थे और मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, आयुक्त तथा मंत्री तक ज्ञापन सौंप चुके थे। शिकायत और चेतावनी के बाद भी उनका कर्मचारियों के प्रति रवैया रुखा ही रहा। जिसके बाद शासन ने कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या गीता मोदी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया और उनके स्थान पर डॉ अलका प्रधान को प्रभारी प्राचार्या का दायित्व सौपा है। इसके बाद कर्मचारियों ने कुछ राहत की सांस ली है।  राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ प्रमुख शील प्रताप सिंह पुंढीर,  महासचिव व्यासमुनि चौबे, प्रदेश प्रवक्ता शोएब सिद्दीकी, सचिव कृष्णकांत मिश्रा, भोपाल जिलाशाखा प्रणव खरे, प्रांतीय उच्च शिक्षा विभागीय समिति अध्यक्ष लालाराम रैकवार,  रविशंकर त्रिपाठी, राहुल शर्मा, सूर्यकांत मिश्रा ने इस निर्णय को कर्मचारी हितैषी बताया। कर्मचारियों ने डॉ अलका प्रधान को नए प्रभार के लिए बधाई और मंत्री इंदरसिंह परमार का आभार माना।  कर्मचारियों ने नवागत प्राचार्या श्रीमती प्रधान से शासन हित में अल्पवेतन भोगी जनभागीदारी श्रमिकों, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किए जाने की मांग की है। recent visitors 113

छतरपुर पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य मार्गों, होटल एवं ढाबों पर की जा रही सघन चेकिंग

Keeping in view the security and traffic system, Chhatarpur Police is conducting intensive checking on main roads, hotels and dhabas. छतरपुर । पुलिस द्वारा जिले में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु मुख्य मार्गों, बस स्टैंड, होटल तथा ढाबों पर सघन चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन के निर्देशन में जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु यह अभियान लगातार जारी है। चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों, सामान एवं दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही होटल एवं ढाबा संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में आने-जाने वालों का रजिस्टर अनिवार्य रूप से मेंटेन करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। रात्रि गश्त एवं रोड पेट्रोलिंग टीमों द्वारा भी मुख्य मार्गों पर वाहन चेकिंग एवं निगरानी बढ़ाई गई है जिससे सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे। recent visitors 98

अनुसूचित जाति–जनजाति अधिकारों पर जागरूकता हेतु टीकमगढ़ पुलिस की कानूनी चौपाल

Tikamgarh Police’s Legal Chaupal to create awareness on Scheduled Caste-Tribe rights टीकमगढ़ ! अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के प्रति विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से टीकमगढ़ पुलिस द्वारा 02 दिसंबर 2025 को ग्राम मुजरा में एक प्रेरणादायक कानूनी चौपाल का आयोजन किया गया। यह जागरूकता कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह, एसडीओपी टीकमगढ़ के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक इंसाफ़ अली के संयोजन से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान जब पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद शुरू किया, तो लोगों में उत्साह के साथ-साथ उत्सुकता भी देखने को मिली। अधिकारियों ने सरल उदाहरणों के माध्यम से बताया कि—“अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम केवल कानून नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय की मजबूत सुरक्षा है।” पुलिस टीम ने ग्रामीणों को उनके संवैधानिक अधिकारों, संरक्षण संबंधी प्रावधानों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों ने खुलकर अपने सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक एवं स्पष्ट रूप से जवाब देकर भरोसे को और दृढ़ किया। टीकमगढ़ पुलिस ने यह विश्वास भी दिलाया कि—“हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस सदैव निष्पक्ष, संवेदनशील और पारदर्शी तरीके से जनता के साथ खड़ी है।” चौपाल में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संवाद, सहयोग और विश्वास का सकारात्मक वातावरण महसूस किया गया। recent visitors 78