एमपी में कानून व्यवस्था ठप्प: फिर पेशाब कांड, बदमाश ने दिव्यांग के चेहरे पर की पेशाब

एमपी में कानून व्यवस्था ठप्प: फिर पेशाब कांड, बदमाश ने दिव्यांग के चेहरे पर की पेशाब

Law and order collapses in MP: Another urination incident, miscreant urinates on the face of a disabled person रायसेन । मध्यप्रदेश में एक बार फिर पेशाब कांड हुआ है इस बार शर्मसार करने वाली ये घटना रायसेन जिले की है जहां एक दिव्यांग युवक के चेहरे पर बदमाश ने सरेराह पेशाब किया। इस शर्मसार कर देने वाली घटना का वीडियो भी सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक तरफ जहां लोग इस घटना को लेकर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। दिव्यांग के चेहरे पर किया पेशाब शर्मसार कर देने वाली घटना रायसेन जिले के मंडीदीप की है। जहां शराब के नशे में धुत एक युवक ने जमीन पर सो रहे दिव्यांग के चेहरे पर पेशाब कर दी। जो वीडियो सामने आया है उसमें दिख रहा है कि शराब के नशे में धुत बदमाश को उसका एक साथी रोकने की कोशिश भी करता है लेकिन वो नहीं मानता। दिव्यांग युवक के चेहरे पर पेशाब करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस पर संज्ञान लिया। बताया गया है कि तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है जो कि आपस में रिश्तेदार हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। recent visitors 82

पथरिया में बिजली व्यवस्था को नई ताकत: केबिनेट मंत्री लखन पटेल ने ₹354.50 लाख की लागत से बने 33/11 केवी उपकेंद्र का लोकार्पण किया

पथरिया में बिजली व्यवस्था को नई ताकत: केबिनेट मंत्री लखन पटेल ने ₹354.50 लाख की लागत से बने 33/11 केवी उपकेंद्र का लोकार्पण किया

New strength to power system in Patharia: Cabinet Minister Lakhan Patel दमोह। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केबिनेट मंत्री लखन पटेल ने आज पथरिया विधानसभा के ग्राम बकैनी में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत निर्मित ₹354.50 लाख की लागत वाले 33/11 केवी (5 एमवीए) विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया। नए और अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित इस उपकेंद्र के शुरू होने से कुल 21 गाँवों को बेहतर, स्थिर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति का सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही वोल्टेज समस्या और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लोकार्पण समारोह में मंत्री लखन पटेल ने कहा— ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर विकास और ग्रामीण इलाकों में बिजली ढांचे को मजबूत करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। यह उपकेंद्र न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति की नींव भी मजबूत करेगा। कार्यक्रम में दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटैल, उपाध्यक्ष मंजू कटारे, भाजपा जिला महामंत्री महेश पटैल, मंडल अध्यक्ष केदार पटैल, सरपंच आशीष सिंह, तथा भूमि दानदाता शंकरलाल पटैल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने इस उपकेंद्र को क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण कदम बताया। इससे कृषि पंप, घरेलू कनेक्शन और छोटे उद्योगों को मिलने वाली बिजली में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है। recent visitors 81

‘रिश्वत’ लेते रंगे हाथों पकड़ाए ‘पटवारी और सर्वेयर’, रीवा लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

Patwari and surveyor caught red-handed taking bribe, Rewa Lokayukta takes major action रीवा। मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन लोकायुक्त के द्वारा भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी पर शिकंजा कसा जाता है। ऐसा ही मामला रीवा जिले से सामने आया है। यहां पर नामांतरण की एवज में पटवारी और सर्वेयर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाए हैं। नामांतरण की एवज में मांगी रिश्वतशिकायतकर्ता ने बताया राजेंद्र साहू निवासी ग्राम बड़ोखर, पोस्ट बेलवा बड़गैयान ने बताया कि उसने अपनी पत्नी श्यामवती साहू के नाम पर 091 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। उसी जमीन का नक्शा तरमीम और नामांतरण के लिए पटवारी हंसराज पटेल ने 6 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। 4800 की रिश्वत लेते पटवारी-सर्वेयर पकड़ाएमामले की शिकायत लोकायुक्त संभाग में की गई। जिसमें पटवारी हंसराज पटेल और सर्वेयर आशुतोष त्रिपाठी को 4800 रुपए की सामूहिक रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाए। आरोपी के खिलाफ विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 83

हर वर्ग को जिनसे मिलता है न्याय, उन सिविल जजों की भर्ती में आरक्षित वर्ग के साथ हुआ बड़ा अन्याय

A grave injustice was done to the reserved category in the recruitment of civil judges from whom every section of society gets justice. भोपाल। भाजपा सरकार भले ही आरक्षित वर्ग को लुभाने के लिए बड़ेबड़े विज्ञापनों को दिखाकर हिमायती होने का डिंडोरा पीट रही है, लेकिन उसकी जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल नजर नहीं आती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण पिछले दिनों आए सिविल जज भर्ती परीक्षा के परिणामों की सूची में देखा जा सकता है। आरक्षित वर्ग के साथ यह भेदभाव अनुचित है।पिछड़ा दलित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददन सिंह यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि वैसे तो हमेशा से आरक्षित वर्ग के साथ शासन स्तर पर भेदभाव होता आया है, जो आज भी हो रहा है। जिससे आरक्षित वर्ग के सभी समुदायों में भारी आक्रोश है।दरअसल, विगत दिनों सिविल जज 2022 की परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें SC, ST और OBC वर्ग की पूरी तरह अनदेखी की गई है। कुल 191 पदों में से 121 पद ST वर्ग के थे, लेकिन एक भी अभ्यर्थी का चयन नहीं किया गया। 18 पद SC वर्ग के थे, जिनमें से केवल 1 अभ्यर्थी का चयन हुआ। OBC वर्ग के 9 पद थे, जिनमें से 5 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जबकि 43 अनारक्षित पदों में से 41 पद भर लिए गए। यानि आरक्षित वर्ग के कुल 148 पदों में से केवल 6 पद ही भरे गए। जिससे स्पष्ट होता है कि सरकारी सिस्टम सरकार की मंशा के अनुरूप किस तरीके से आरक्षण को खत्म करने पर तुला है। हमारा संघठन इस षड़यंत्र का कड़ा विरोध करता है। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि आज आरक्षित वर्ग में शिक्षित और प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है, लेकिन सरकारी सिस्टम उन्हें आगे आने के लिए रोड़ा अटका रहा है, जिसको समय रहते सुधारना ही होगा। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री इस मसले पर जनता के सामने आएं और जवाब दें। उन्हें ऐसे परिणाम देने वाले षड़यंत्रकारी अधिकारियों और उनकी भेदभाव वाली नीतियों पर नकेल कसना होगी। साथ ही तत्काल प्रभाव से सिविल जज 2022 के परिणामों पर रोक लगाते हुए परीक्षा निरस्त की जाए एवं पुनः केवल MPPSC से ही परीक्षा कराई जाए। नहीं तो हमारा संघठन पूरे प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। नेता प्रतिपक्ष सिंघार को दिलाई उनकी ताकत याद, बड़े मंच पर मुद्दा उठाने की मांग कुछ सामाजिक संघठनों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से गुहार लगाई है कि आप भी आरक्षित वर्ग से आते हैं, इसलिए आप इस मामले को प्रमुखता से संज्ञान लें, ताकि आरक्षित वर्ग को न्याय मिल सके। भीम आर्मी ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि है कि आप इस मुद्दे को तत्काल प्रभाव से उचित मंच पर उठाएँ और आरक्षित वर्ग के साथ हो रहे अन्याय को रोकें। अन्यथा, हमारा संगठन एक सप्ताह बाद हजारों कार्यकर्ताओं के साथ पुनः घेराव करने के लिए विवश होगा। recent visitors 70

एमपी गज़ब: विकास या बर्बादी? जिम्मेदार कौन इंजीनियरिंग या सरकार- नगर निगम हो, भोपाल मेट्रो या फिर पीडब्ल्यूडी… सभी में हुई घपलेबाजी

MP Ghazab: Development or ruin? Who is responsible: engineering or government? Whether it’s the municipal corporation Bhopal Metro, or the Public Works Department… they’re all tainted by corruption. भोपाल। municipal corporation Bhopal Metro प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सरकारी इंजीनियरिंग की गंभीर खामियों को लेकर सुर्खियों में है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में मानो इंजीनियरों के बीच यह होड़ चल रही है कि कौन जनता के पैसों की सबसे ज्यादा बर्बादी कर सकता है। इसी सवाल के साथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को कठघरे में खड़ा किया है। भोपाल विकास की 3 तस्वीरें राज्य के सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहीं हैं पहली तस्वीर: सेकंड स्टॉप के पास बन रहा नगर निगम का प्रदेश का अनोखा 40 करोड़ का “नया ऑफिस”। इसकी बेसिक प्लानिंग में भारी चूक सामने आ रहीं है। भोपाल नगर निगम का नया आठ मंजिला कार्यालय 40 करोड़ रुपये में तैयार किया गया। विपक्ष का आरोप है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में मीटिंग हॉल की बुनियादी प्लानिंग तक सही नहीं की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला नहीं हो पा रहा कि यह इमारत ऑफिस है या इंजीनियरों का “प्रैक्टिकल लैब”, जहां जनता के पैसों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। दूसरी तस्वीर: भोपाल मेट्रो… मानक से कम ऊंचाई पर बना स्टेशन प्रगति पेट्रोल पंम्प और केंद्रीय रिजर्व बैंक के पास भोपाल मेट्रो स्टेशन की ऊंचाई मानकों से कम पाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन दोनों जगह सड़क और स्टेशन के बीच इतनी कम जगह छोड़ी गई कि बड़ी गाड़ियाँ स्टेशन से टकराने लगीं। तीसरी मुसीबत की तस्वीर: एशबाग के 90 डिग्री रेलवे ओवर ब्रिज की राजधानी के बरखेड़ी स्थित यह सवाल रेलवे ओवरब्रिज बनाने में पीडब्ल्यूडी की इंजीनियरिंग बड़ी फेलुअर साबित हुई है। यहां 90 डिग्री मोड़ वाला ओवर ब्रिज बना दिया, जो बनने से पहले ही जानलेवा बन गया है। करोड़ों रुपये से तैयार ओवर ब्रिज जनता के उपयोग लायक नहीं है। अब इसको उपयोगी बनाने के लिए फिर से करोड़ों रुपये खर्च करने की प्लानिंग बन रहीं है, जिसमें 3 महीने का समय लगना है। विपक्ष का कहना है कि…“यह सिर्फ इंजीनियरिंग गलत नहीं, बल्कि जनता के हजारों करोड़ की योजनाओं के साथ खिलवाड़ है।” विपक्ष का तीखा तंज… मध्यप्रदेश के इंजीनियर बिल्डिंग ब्लॉक गेम खेल रहे हैं”। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश के इंजीनियर्स पहले बिल्डिंग बनाते हैं, फिर तोड़ते हैं, फिर बनाते हैं और फिर से तोड़ देते हैं। मानो यह सरकारी निर्माण नहीं, बच्चों का बिल्डिंग-ब्लॉक गेम हो।” भारी गलतियों के लिए अधिकारी जिम्मेदार कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा और कांग्रेस एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार समेत अन्य नेताओं ने सवाल उठाया कि जब एक आम आदमी अपने घर की छोटी से छोटी प्लानिंग में सावधानी रखता है तो फिर सरकारी परियोजनाओं में बार-बार ऐसी भारी गलतियाँ क्यों हो रही हैं? और अगर गलती इंजीनियर की है तो “भरपाई जनता क्यों करे? कार्रवाई इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों नहीं होती?” पीएम मोदी और राज्य सरकार पर विपक्ष का सीधा हमला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निर्माण कार्यों की बार-बार की खामियाँ साबित करती हैं कि “मध्यप्रदेश में सिस्टम नहीं, बर्बादी का मौन राज चल रहा है।” विपक्ष की मांग है कि दोषी इंजीनियरों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो। निर्माण के हर चरण की थर्ड-पार्टी जांच अनिवार्य की जाए और जनता के पैसों की भरपाई उन अधिकारियों से कराई जाए, जिन्होंने योजनाओं को गलत तरीके से पास किया। प्रदेश में लगातार सामने आ रही इंजीनियरिंग की ये गलतियाँ अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं और जनता पूछ रही है। “विकास के नाम पर आखिर किसके हाथों खेल रही है जनता की गाढ़ी कमाई?” recent visitors 64

नपा के आउटसोर्स कर्मचारियों ने कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन 2 माह से नहीं मिला वेतन

नपा के आउटसोर्स कर्मचारियों ने कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन 2 माह से नहीं मिला वेतन

Outsourced employees of the Municipal Corporation protested in front of the office, not getting salary for 2 months. इटारसी। नगरपालिका में कार्यरत आधा सैकड़ा से अधिक आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को सुबह नगरपालिका कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया है, कर्मचारियों को दो माह का वेतन नहीं मिलने से नाराज हैं। उन्हें की पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आउटसोर्स कर्मचारियों पर शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा है, ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था डगमगा सकती है।कर्मचारियों ने बताया की उन्हें कलेक्टर रेट के हिसाब से भी वेतन नहीं दिया जाता है। पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है,जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। सुबह के प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने दोपहर में सम्बंधित अधिकारी से मिलकर इस समस्या का समाधान करवाने की बात कही है। recent visitors 81

भारतीय मजदूर संघ ने 46 सूत्रीय मांगें सीएम तक पहुंचाईं, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

Bharatiya Mazdoor Sangh conveyed its 46-point demands to the CM and submitted a memorandum to the Collector. शिवपुरी। भारतीय मजदूर संघ, मध्यप्रदेश ने जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक 46 सूत्रीय मांगपत्र कलेक्टर को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के लाखों श्रमिक और कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान की अपील की गई है। संगठन ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न वर्गों जैसे दैनिक वेतनभोगी, संविदा कर्मी, आउटसोर्स स्टाफ, अतिथि शिक्षक-विद्वान, बिजली कंपनी कर्मचारी, आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ता, हम्माल-तुलावटी, पटवारी और पंचायत सचिवों की समस्याएं लंबे समय से अनसुलझी हैं। इन सभी के निराकरण के लिए यह विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए हरियाणा मॉडल की तर्ज पर सुरक्षा नीति लागू करना, 10 वर्ष पूरे कर चुके दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करना और संविदा नीति 2023 की विवादित धाराओं को हटाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अतिथि विद्वानों को 65 वर्ष तक सेवा सुरक्षा प्रदान करने और बिजली कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग भी की गई है। अन्य महत्वपूर्ण मांगों में नवनियुक्त कर्मचारियों की स्टाइपेंड व्यवस्था समाप्त कर नियुक्ति से पूर्ण वेतन बहाल करना, स्वास्थ्य बीमा का प्रावधान, पदोन्नति प्रक्रिया फिर से शुरू करना, आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया और हम्मालों का मानदेय बढ़ाना शामिल है। ज्ञापन सौंपते समय भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष फतेह सिंह गुर्जर, जिला मंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 80