पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह ने पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार देर रात्रि बड़ागांव थाना का किया औचक निरीक्षण

Superintendent of Police Alok Kumar Singh conducted a surprise inspection of Badagaon police station late at night as per the instructions of the police headquarters. टीकमगढ़ । दिनांक 03.12.25 की देर रात्रि में पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह द्वारा जिले के थाना बड़ागांव का औचक निरीक्षण किया गया इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना परिसर ,रिकॉर्ड , बलवा ड्रिल सामग्री को भी चेक किया । लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये । चैकिंग के समय थाने में नाईट एच. सी. एम. ड्यूटी में तैनात प्रधान आरक्षक 385 सादिक खान निर्धारित यूनिफार्म पहने नहीं पाये जाने एवं ड्यूटी के समय धूम्रपान किये पाये जाने पर तथा नाईट पहरा ड्यूटी पर आरक्षक 232 रामजी पटेल उपस्थित नहीं मिला दोनों को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन टीकमगढ़ में अटैच किया गया। निरीक्षण उपरांत सामने आई कमियों को सुधारने हेतु संबंधित थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ को निर्देशित किया गया। recent visitors 87

मऊगंज कलेक्ट्रेट पर भ्रष्टाचार का साया: महिला वार्डन से मांगी 1.12 लाख की रिश्वत! पैसे वापस मांगने पर पति को दी धमकी

Corruption looms large over the Mauganj Collectorate: A woman warden was asked for a bribe of 1.12 lakh rupees, and her husband was threatened when he demanded the money back. मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज कलेक्ट्रेट एक बार फिर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के आरोपों में घिर गया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर कलेक्टर के नाम पर 1 लाख 12 हजार रुपए की रिश्वत लेने और विभागीय आदेश दबाने के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। कलेक्टर संजय जैन ने तुरंत सख्त कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं वार्डन की ओर से लगाए गए आरोपों ने विभागीय तामिली और नोटिस प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मऊगंज कलेक्ट्रेट, जहां एक बार फिर भ्रष्टाचार का साया मंडरा रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पंकज श्रीवास्तव पर एक महिला वार्डन से कलेक्टर के नाम पर एक लाख बारह हजार रुपये की कथित रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। वार्डन शकुंतला नीरत का आरोप है कि ‘काम कराने’ के नाम पर पंकज श्रीवास्तव ने दो किस्तों में यह रकम ली और जब काम नहीं हुआ, तो पैसे मांगे जाने पर उनके पति को रात में पुराने बस स्टैंड बुलाकर धमकियां दी गईं। वार्डन ने यह पूरी शिकायत मऊगंज थाने में दर्ज कराई है। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेशमामला सामने आते ही कलेक्टर संजय जैन ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तुरंत जांच के आदेश दे दिए। अपर कलेक्टर को जांच अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर का कहना है कि “दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” लेकिन मामला जितना रिश्वत का है, उतना ही प्रशासनिक लापरवाही का भी। वार्डन का आरोप है कि छात्रावास प्रभार छोड़ने का आदेश 28 अगस्त को जारी हुआ था, लेकिन न तो वह उन्हें समय पर मिला और न ही नियमों के अनुसार डाकपाल के माध्यम से तामीली हुई। आदेश 6 सितंबर को दोपहर 12 बजे आशा द्विवेदी के द्वारा व्हाट्सऐप पर भेजा गया, जो प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है। वार्डन का ये भी आरोपइस देरी और अनियमितता के कारण वार्डन को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जहां से 26 सितंबर को स्थगन आदेश मिला। वार्डन का एक और आरोप सामने आया है। उनके खिलाफ 6 लाख 67 हजार की रिकवरी 14 नवंबर को जारी कर दी गई, लेकिन इसकी सूचना उन्हें 30 नवंबर को सोशल मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद व्हाट्सऐप से मिली। न कोई नोटिस, न कोई जवाब का अवसर और न ही बिल-वाउचर की विधिवत जांच। इधर, कलेक्टर संजय जैन का कहना है कि वार्डन ने न्यायालय में गलत तथ्य प्रस्तुत किए हैं और आदेश जारी होने के बाद नियम विरुद्ध तरीके से राशि का आहरण किया गया। जिसमें विधि एवं प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की गई है। कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवालबड़ा सवाल यह है कि जब कलेक्टर ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए 14 नवंबर को निर्देश जारी कर दिए थे, तो विभागीय अधिकारियों ने 16 दिनों तक इसकी तामीली क्यों नहीं की ? और क्यों इस आदेश को तब जारी किया गया, जब मामला मीडिया में आ चुका था और कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी कर दिया था ? आखिर कलेक्टर के द्वारा जारी आदेश को इतने दिनों तक दबा कर क्यों रखा गया। पूरे प्रकरण ने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिश्वत, धमकी, आदेश तामीली में लापरवाही और कई परतों वाले इस मामले की जांच अब तेज हो गई है। recent visitors 67

लोकायुक्त ने लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

लोकायुक्त ने लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

Lokayukta arrested an accountant red-handed while accepting a bribe of Rs 10,000. धार। मध्य प्रदेश के धार में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कड़ा शिकंजा कसते हुए लेखपाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पेंशन में NPS कटौती के पैसे निकालने के नाम पर पीड़ित से पैसों की मांग की गई थी। दरअसल, धार के रहने वाले रंजीत बामनिया ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय को शिकायत की थी कि। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पिता कुंवर सिंह बामनिया सी एम राइस स्कूल डही में चपरासी के पद से 31 जुलाई 2025 को रिटायर हुए। हैं। उनके पेंशन के एनपीएस के पैसे निकालने के बदले में लेखा शाखा के प्रभारी सहायक ग्रेड 3 आरोपी दिनेश भिड़े ने 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। शिकायत सही पाने पर इंदौर लोकायुक्त की टीम ने पीड़ित से 10 हजार की रिश्वत लेते हुए आरोपी दिनेश भिड़े को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। ट्रैप दल में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक पवन पटेरिया,सतीश यादव, मनीष माथुर और कृष्णा अहिरवार शामिल थे। recent visitors 76

छतरपुर में खाद संकट! तहसीलदार ने महिला किसान को जड़ा थप्पड़, भड़के किसानों ने जाम की सड़क

छतरपुर में खाद संकट! तहसीलदार ने महिला किसान को जड़ा थप्पड़, भड़के किसानों ने जाम की सड़क

Fertilizer crisis in Chhatarpur! Tehsildar slaps woman farmer, enraged farmers block road छतरपुर ! कृषि उपज मंडी में बुधवार सुबह खाद वितरण को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया. कई दिनों से जारी खाद की कमी के बीच बड़ी संख्या में किसान सुबह-सुबह मंडी पहुंचे थे, लेकिन अव्यवस्था और धीमी गति से चल रहे वितरण कार्य की वजह से लोग आक्रोशित हो उठे. इसी बीच, नायब तहसीलदार रितु सिंघई ने एक महिला किसान को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हो रहा है. खाद की कमी के कारण पिछले कुछ दिनों से किसान परेशान थे. बुधवार को सुबह लगभग 1,500 की संख्या में किसान मंडी परिसर में खाद लेने पहुंचे थे, लेकिन काउंटरों की संख्या कम होने और प्रक्रिया धीमी रहने के कारण लंबी कतारें बन गईं. इंतज़ार से नाराज़ किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया और देखते ही देखते भीड़ सटई रोड पर उतर आई. गुस्साए किसानों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. किसानों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजीसूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और किसानों को समझाइश देने के बाद जाम को खुलवाने में सफलता पाई. लेकिन जैसे ही भीड़ शांत होने लगी, उसी दौरान एक और विवाद खड़ा हो गया. इसी दौरान कथित रूप से नायब तहसीलदार द्वारा एक किसान युवती को थप्पड़ मारने की घटना सामने आई, जिसका वीडियो वायरल होते ही किसानों में आक्रोश और बढ़ गया. किसान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. वहीं भारी तनाव को देखते हुए मंडी परिसर में प्रशासन और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. खाद के लिए लग रही लंबी लाइनकिसानों का आरोप है कि वे अपनी जरूरत की खाद के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, और जब शिकायत करते हैं तो उनके साथ अभद्रता और मारपीट की जाती है. एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसानों को खाद की जगह मारपीट मिलेगी, तो वे न्याय के लिए कहां जाएंगे? वीडियो वायरल होने के बाद मंडी परिसर की स्थिति और तनावपूर्ण हो गई. किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी द्वारा अनुशासनहीनता या दुर्व्यवहार पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 66

कुपोषण फ्री के लिए फुल प्रूफ प्लान बनाएं, लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकें…. रिव्यू मीटिंग में सीएम के सख्त निर्देश

कुपोषण फ्री के लिए फुल प्रूफ प्लान बनाएं, लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकें…. रिव्यू मीटिंग में सीएम के सख्त निर्देश

Develop a foolproof plan to eliminate malnutrition, prevent dropouts of Ladli Laxmi girls… CM issues strict instructions in review meeting भोपाल : एमपी सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं। इससे पहले सीएम मोहन यादव विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने कई निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रकिया लागू करने में देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही सीएम ने लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। ड्रॉप आउट रोकने के निर्देशसीएम ने अधिकारियों को लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि इस पर सख्त निगरानी रखें। दरअसल, यह खबरें आ रही थीं कि लाडली लक्ष्मी बेटियां पढ़ाई छोड़ रही हैं। इसी के बाद सीएम ने चर्चा की है। ये रहीं विभाग की उपलब्धियांइसके साथ ही टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। साथ ही स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ देकर एमपी ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। PM JANMAN भवनों की डिजाइन और मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना की गई। भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया। आंगनवाड़ी में गर्म भोजन की व्यवस्थावहीं, सीएम ने तीन वर्ष की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। 2026 से मध्य प्रदेश के शहरी आंगनवाड़ी केंद्रों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन उपलब्ध करवाने की तैयारी है। साथ ही अगले तीन वर्ष में 9000 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे। महिलाओं को मिली मददसाथ ही PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता मिली है। लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण किया गया है। 1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता मिली है। इसके साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दी गई। वहीं, सामग्री टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी होगी तो वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होगें। सीएम ने तीन साल में कुपोषण को समाप्त करने के लिए फुल प्रूफ कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ब्रेस्ट फीडिंग के लिए जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। recent visitors 68

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

BJP विधायक संजय पाठक से जुड़ीं कंपनियों पर 443 करोड़ का नोटिस, कलेक्टर ने 15 दिन का दिया ultimatum

Companies linked to BJP MLA Sanjay Pathak have been served notices of ₹443 crore, with the collector issuing a 15-day ultimatum. भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से संबद्ध तीन खनन कंपनियों को सरकार ने 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपये की भारी-भरकम वसूली नोटिस थमाया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि विधानसभा में दी गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के तारांकित प्रश्न के जवाब में खनिज साधन विभाग ने बताया कि जांच में स्वीकृत सीमा से अधिक रेत निकालने का बड़ा घोटाला पकड़ा गया है। जिन कंपनियों पर कार्रवाई हुई है, वे इस प्रकार हैं— आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – ग्राम टिकरिया निर्मिला मिनरल्स – ग्राम दुबियारा पैसिफिक एक्सपोर्ट – ग्राम झिठी जबलपुर कलेक्टर ने 10 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर सभी कंपनियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में खनिज रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य देयकों का भुगतान अनिवार्य बताया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन और राज्य को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठा रही है, और अब 443 करोड़ की यह वसूली कार्रवाई राजनीतिक हलचल तेज कर रही है। recent visitors 66

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे दो साल की समीक्षा, मंत्री बताएंगे लेखा-जोखा और कार्य योजना

Chief Minister Dr. Mohan Yadav will review the two years, ministers will present the accounts and action plan. भोपाल ! मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।दो दिन समीक्षा भोपाल और दो दिन खजुराहो में होगीसमीक्षा का कार्यक्रम चार दिनों का होगा, जिसमें दो दिन बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के पश्चात सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगेसरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।यह भी पढ़ें- जिस घर में CM मोहन यादव ने अपनी बेटी ब्याही उसी घर की लड़की को बना रहे अपने घर की बहू, जानें कौन हैं इशिता?क्या है समीक्षा का उद्देश्य? बैठक में विभागीय मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य न केवल पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है, बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक सुदृढ़, लक्ष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित शासन ढांचा तैयार करना भी है।2 दिसंबर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा।3 दिसंबर- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण, कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।8 दिसंबर- खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।9 दिसंबर- लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी। recent visitors 73