किसान को मारी गोली, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग पर लगाए आरोप

Farmer shot; allegations leveled against Shaligram Garg, brother of Bageshwar Dham’s Dhirendra Shastri. छतरपुर। जिले के राजनगर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कोड़ा में मंगलवार को गोली चलने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग ने उन्हें गोली मारी। घटना के बाद घायल किसान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। जमीन बेचने का दबाव बनाने का लगाया आरोपघायल किसान मोतीलाल कुशवाहा का आरोप है कि क्षेत्र के किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जो किसान अपनी जमीन बेचने से इनकार करते हैं, उनके साथ मारपीट और धमकी दी जाती है। किसान के मुताबिक, इसी विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई, जिससे वे घायल हो गए। जिला अस्पताल में चल रहा उपचारघटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से घायल किसान को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस हर पहलू से कर रही जांचछतरपुर के पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि घायल किसान को गोली लगी है या घटना की प्रकृति कुछ और है। उन्होंने कहा कि घायल किसान ने शालिग्राम गर्ग पर गोली मारने के आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। उल्लेखनीय है कि शालिग्राम गर्ग पहले भी मारपीट से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। हालांकि इस मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। recent visitors 10

भोजशाला परिसर में नमाज पर रोक जारी, राज्य सरकार को परिसर के पास नई जगह देने का निर्देश

Ban on Namaz within the Bhojshala complex remains in force; State government directed to provide an alternative site near the complex. सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने याचिकाओं पर फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया और हाईकोर्ट के फैसले से पूर्व की स्थिति बहाल करने से इनकार कर दिया। जिसके चलते अभी भोजशाला परिसर में नमाज पर रोक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस तथा अन्य हिंदू पक्षकारों को नोटिस जारी किया। अदालत ने क्या दिया निर्देश?पीठ ने हालांकि राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मुस्लिम पक्ष को भोजशाला के पास ही अलग जगह दी जाए, जहां मुस्लिम शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा कर सकें। पीठ ने साफ किया कि अंतिम फैसले तक यह निर्देश अस्थायी है। मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी की याचिका को स्वीकार करते हुए पीठ ने निर्देश दिया कि एएसआई, बिना अदालत की मंजूरी के भोजशाला परिसर में ढांचागत बदलाव नहीं करेगा। मुस्लिम पक्ष ने दी ये दलीलेंअदालत ने यह भी कहा कि मामले को अंतिम सुनवाई के लिए शीघ्र सूचीबद्ध किया जाएगा। पीठ ने कहा कि वे इस मामले पर जुलाई के तीसरे हफ्ते में अंतिम सुनवाई कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी ने कहा कि हाईकोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील का मौका भी नहीं दिया। साल 2003 में एएसआई ने आदेश दिया था कि हफ्ते में एक दिन शुक्रवार को नमाज अदा की जाएगी और एक दिन मंगलवार को पूजा होगी। आज हमें पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है? ये बहुत गलत है। मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट करने वाले लोगों से पूछताछ भी नहीं की गई। हुजैफा ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक की मांग की। वरिष्ठ वकील सिंघवी ने कहा कि कुछ जगहों पर मंदिर हो सकते हैं, लेकिन इतिहास में पीछे जाने की जरूरत नहीं है। सिंघवी ने कहा, यहां 700 वर्षों से यहां नमाज हो रही है। 1927 -28 के सर्वे में कहा गया कि ये एक मस्जिद है। एमपी वक्फ एक्ट का नोटिफिकेशन भी यही कहता है। साल 1977 से यहां नमाज के साथ बसंत पंचमी की पूजा भी हो रही है, लेकिन हिंदू पक्ष की रिट याचिका पर आदेश पारित कर दिया गया। सॉलिसिटर जनरल ने क्या कहा?इस पर सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भोजशाला परिसर में नमाज का विरोध किया और कहा कि आदेश को दिए हुए दो महीने बीत चुके हैं। काफी कुछ हो चुका है। अगर फिर से नमाज का निर्देश दिया जाता है तो इससे प्रशासनिक परेशानी हो सकती है। सीजेआई ने कहा- ये बेहद संवेदनशील मुद्दा, सोच-समझकर आगे बढ़ने की जरूरतसीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ये बहुत संवेदनशील मुद्दा है। इसमें बहुत सोच समझ कर आगे बढ़ने और टिप्पणी करने की जरूरत है, वर्ना जनता में गलत संदेश जाएगा और गलत प्रभाव पड़ेगा। बेहतर होगा कि हम इसे अगले 10-20 दिनों के भीतर एक सुविधाजनक तारीख पर सुनवाई के लिए तय करते हैं। सीजेआई ने कहा कि हमें बहुत ज्यादा सावधान रहना चाहिए। ऐसा ऑर्डर पास नहीं करना चाहिए जिसका प्रभाव लॉ एंड ऑर्डर पर पड़े। एएसआई के इंतजाम करने के बावजूद, वहां पर दिक्कतें रही हैं। यह एक ऐसा मामला है जहां दोनों पक्षों को धैर्य रखना चाहिए। इसमें दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं। सभी को तैयार रहना चाहिए। बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 15 मई 2026 को धार के ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को मां वाग्देवी (सरस्वती) का प्राचीन मंदिर घोषित करते हुए हिंदू पक्ष में फैसला सुनाया था। recent visitors 11

नरोत्तम को ले डूबा अतिउत्साह, मैदान में जाने से पहले हारे मिश्रा, अपनों ने… “धीरे से दिया जोर का झटका”

Over-enthusiasm proved to be Narottam’s undoing; Mishra lost the battle before even entering the fray—his own people “dealt a severe blow, ever so gently.” समर्थकों का हाईवे पर उग्र प्रदर्शन दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी द्वारा उम्मीदवार की घोषणा के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई है। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही शुरू हुआ विरोध भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने खुलकर नाराजगी जताई। विरोध के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा संगठन के कई पदाधिकारियों और दतिया नगर के पार्षदों ने भी इस्तीफे की घोषणा कर दी। समर्थकों ने किया प्रदर्शन, NH-44 पर लगाया जाम पार्टी के फैसले के विरोध में नाराज समर्थक सड़क पर उतर आए। उन्होंने नेशनल हाईवे-44 पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टिकट वितरण में लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की गई है। उपचुनाव की वजह उपचुनाव की वजह कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता है। बैंक फ्रॉड मामले में कोर्ट ने उन्हें सजा दी, जिसके बाद सीट खाली हुई। 30 जुलाई को वोटिंग होनी है। कांग्रेस अभी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है। नरोत्तम मिश्रा नरोत्तम मिश्रा दतिया में मजबूत नेता माने जाते हैं। 2023 के चुनाव में वे कांग्रेस के भारती से हारे थे, लेकिन अब वापसी की तैयारी में थे। उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था। टिकट कटने से उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। आशुतोष तिवारी आशुतोष तिवारी RSS से जुड़े हैं और पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। टिकट मिलने के बाद उन्होंने मिश्रा का आशीर्वाद मांगा, लेकिन जमीनी स्तर पर समर्थक मानने को तैयार नहीं। यह फैसला पार्टी की आंतरिक रणनीति का हिस्सा लगता है। प्रदर्शन के दौरान बाजार बंद रहे। ग्वालियर-झांसी हाईवे पर भी असर पड़ा। महिला कार्यकर्ताओं ने भी विरोध में हिस्सा लिया। पुलिस ने जाम खोलने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मिश्रा के समर्थक पार्टी से वफादार रहे हैं, लेकिन टिकट विवाद ने दरार पैदा कर दी। पार्टी हाईकमान अब स्थिति संभालने में जुटा है. अगर बगावत जारी रही तो BJP को नुकसान हो सकता है। आगे क्या होता है, यह देखना होगा। कुल मिलाकर यह स्थानीय नेतृत्व और हाईकमान के बीच टकराव का उदाहरण है।  बीजेपी नेता का पुलिस पर आरोप भाजपा के जिला मंत्री भानु सिंह ने कहा, ‘ हम लोग शांतिपूर्ण तरीके से भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से ये मांग कर रहे थे कि दतिया का जो टिकट हुआ है उसे वापस लिया जाए और नरोत्तम मिश्रा को टिकट दिया जाए। हम संवैधानिक तरीके से अपनी मांग रख रहे थे। हम लोगों ने पूरी रात रामधुन गाकर भारतीय जनता पार्टी से मांग करते हुए कहा कि टिकट नरोत्तम को दिया जाए लेकिन पुलिस प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और दतिया कलेक्टर की बर्बरता देखिए कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को दफ्तर में कैद कर दिया। जब तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा जी को टिकट नहीं मिलेगा तब तक हम लोग चक्का जाम करेंगे।  क्यों नाराज हैं नरोत्तम मिश्रा के समर्थक?दरअसल, बीजेपी ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए सीनियर नेता नरोत्तम मिश्रा का पत्ता काटते हुए आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों को पूरा भरोसा था कि टिकट उन्हें ही मिलेगा और उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था।  जैसे ही आशुतोष तिवारी के नाम का ऐलान हुआ, नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए। कुछ समर्थक शर्ट उतारकर सड़क पर लेट गए और ‘नरोत्तम दादा’ को टिकट न मिलने पर बीजेपी छोड़ने तक की धमकी देने लगे। हालांकि, टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक हैं और उन्होंने उनके लिए चुनाव प्रचार करने की बात कही है।  क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव? साल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेता राजेन्द्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक वोटों से हरा दिया था। इधर, इसी साल (2026) अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में 3 साल की सजा सुना दी। सजा मिलने के कारण राजेंद्र भारती की विधायकी रद्द हो गई, जिसके चलते दतिया सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव हो रहा है। यहां 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे औऱ 3 अगस्त को नतीजे घोषित होंगे। उपचुनाव से पहले बीजेपी के लिए बढ़ी चुनौती दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा के भीतर बढ़ता असंतोष पार्टी के लिए चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को समय रहते नहीं मनाया गया, तो इसका असर चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। अब पार्टी नेतृत्व के फैसले पर नजर दतिया में बढ़ते विरोध के बाद अब सभी की नजर भाजपा नेतृत्व पर टिकी है। पार्टी किस तरह नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। वहीं, विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। recent visitors 12

गडकरी का बड़ा ऐलान…₹20/लीटर वाले फ्यूल पर चलेंगे बस-ट्रक ! नये इंजन हो रहे तैयार

Gadkari’s major announcement 15% methanol-diesel blend… buses and trucks to run on ₹20/litre fuel! New engines are being developed. नई दिल्ली। भारत में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार लगातार वैकल्पिक ईंधनों (Alternative Fuels) को बढ़ावा दे रही है. अब ऐसा फ्यूल सामने आया है, जो डीजल से कई गुना सस्ता है और प्रदूषण भी कम फैलाता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, मेथेनॉल (Methanol) भविष्य में ट्रक, बस, ट्रैक्टर, जहाज और भारी मशीनों के लिए बड़ा विकल्प बन सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसकी कीमत करीब 20-22 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत कई राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। नितिन गडकरी ने बताया कि असम पेट्रो-केमिकल्स रोजाना करीब 700 टन मेथेनॉल का उत्पादन कर रही है. अगर आने वाले समय में इस फ्यूल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो ट्रांसपोर्ट सेक्टर का फ्यूल खर्च काफी कम हो सकता है। खासकर ट्रक और बस ऑपरेटर्स को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। पहले ही सफल हो चुका ट्रायलमेथेनॉल को लेकर सिर्फ दावे ही नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि इसका सफल परीक्षण भी हो चुका है। कर्नाटक में 15% मेथनॉल-डीजल ब्लेंड के साथ बसों को करीब तीन महीने तक चलाया गया। इस दौरान इंजन में कोई तकनीकी समस्या नहीं आई और वाहन की परफॉर्मेंस भी संतोषजनक रही। इसके बाद देश की पॉपुलर कंपनी Ashok Leyland ने 100% मेथेनॉल पर चलने वाले डेडिकेटेड इंजन भी तैयार कर लिए हैं। सिर्फ ट्रक-बस ही नहीं, इन वाहनों में भी होगा इस्तेमालमेथेनॉल का उपयोग सिर्फ कमर्शियल ट्रकों और बसों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार का मानना है कि भविष्य में इसका इस्तेमाल इन क्षेत्रों में भी किया जा सकता है,जिससे डीजल की खपत कम होगी और ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी बड़ी कमी आएगी। देखिए लिस्ट- इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल भी बनेंगे डीजल का विकल्पगडकरी ने बताया कि मेथेनॉल के अलावा इथेनॉल से बनने वाला आइसो-ब्यूटानॉल भी डीजल का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है। किर्लोस्कर ग्रुप 100% आइसो-ब्यूटानॉल और इथेनॉल पर चलने वाले जनरेटर सेट डेवलप कर चुका है। भविष्य में इनका इस्तेमाल कृषि उपकरणों, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और कंस्ट्रक्शन मशीनरी में किया जा सकेगा। किसानों और देश की अर्थव्यवस्था को कैसे होगा फायदा?मेथेनॉल का उत्पादन देश में ही किया जा सकता है। सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में बांस रिफाइनरी के जरिए इसका उत्पादन बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इससे तीन बड़े फायदे होंगे। पर्यावरण के लिए भी बेहतरमेथेनॉल, इथेनॉल और आइसो-ब्यूटानॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन डीजल की तुलना में कम प्रदूषण पैदा करते हैं. यही वजह है कि सरकार इन्हें सड़क परिवहन के साथ-साथ जल परिवहन में भी बढ़ावा देना चाहती है। अगर इनका बड़े स्तर पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो इससे भारत को क्लीनर एनर्जी, कम ईंधन खर्च और ऊर्जा सुरक्षा जैसे कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। recent visitors 18

कूनो में बनेगा नया चीता जेनेटिक पूल, बोत्सवाना की मादा CCB-3 को ग्वालियर के जंगल से लाकर वापस छोड़ा; बढ़ेगी प्रजनन की संभावना

New cheetah genetic pool to be created in Kuno; female cheetah CCB-3 from Botswana brought back from Gwalior forests and released; breeding prospects to improve. ग्वालियर। श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता परियोजना के अगले चरण को गति देने के लिए नया जेनेटिक पूल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। परियोजना के तहत बोत्सवाना से लाए गए चीतों के माध्यम से आनुवंशिक विविधता बढ़ाने और स्वस्थ नई पीढ़ी तैयार करने की दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत बोत्सवाना मूल की मादा चीता सीसीबी-3 (CCB-3) को दोबारा कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाया गया है। करीब 20 दिनों तक ग्वालियर वन मंडल के जंगलों में विचरण करने के बाद मादा चीता को सुरक्षित वापस लाकर ऐसे क्षेत्र में छोड़ा गया है, जहां उसके अन्य नर चीतों के संपर्क में आने और प्राकृतिक प्रजनन की संभावना अधिक मानी जा रही है। आनुवंशिक विविधता बढ़ाना मुख्य उद्देश्यवन अधिकारियों के अनुसार, चीता परियोजना का प्रमुख लक्ष्य केवल चीतों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि मजबूत और विविध आनुवंशिक आधार वाली नई पीढ़ी विकसित करना भी है। इसी उद्देश्य से बोत्सवाना से लाए गए चीतों को परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नए वातावरण में इन चीतों को पूरी तरह स्थापित करना और उन्हें सफल प्रजनन कार्यक्रम से जोड़ना परियोजना की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी वजह से उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और गतिविधियों पर लगातार विशेषज्ञों की निगरानी रखी जा रही है। रंग और बनावट में दिखा अंतरवन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बोत्सवाना से लाए गए चीतों का रंग पहले दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों की तुलना में अधिक गहरा पीला है। इसके अलावा उनके शरीर की बनावट और व्यवहार में भी कुछ प्राकृतिक अंतर देखने को मिले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह अंतर पूरी तरह सामान्य है और उनके मूल आवास तथा आनुवंशिक पृष्ठभूमि का परिणाम है। recent visitors 20

नौसेना को मिला INS महेंद्रगिरी, राजनाथ बोले- ड्रोन हब के तौर पर जाना जाएगा यह इलाका

Navy receives INS Mahendragiri; Rajnath says this region will be known as a drone hub. विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) ! रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज शनिवार को यहां विशाखापत्तनम डॉकयार्ड में INS महेंद्रगिरी को कमीशन किया. इससे इंडियन नेवी के बाड़े में एक और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट वॉरशिप शामिल हो गया है. बता दें, यह एक स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट और प्रोजेक्ट 17A नीलगिरी-क्लास का छठा वॉरशिप है. कमीशनिंग सेरेमनी के दौरान राजनाथ सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर भी मिला. जानकारी के मुताबिक पूर्वी घाट में महेंद्रगिरी पहाड़ों के नाम पर रखा गया यह फ्रिगेट लचीलेपन, ताकत और पक्के इरादे का प्रतीक है. इस नाम वाला पहला भारतीय नेवी का वॉरशिप होने के नाते, महेंद्रगिरी सच में अपने आप में अनोखा है. उम्मीद है कि यह वॉरशिप एक खास पहचान बनाएगा और भारत के समुद्री इतिहास में एक और अध्याय जोड़ेगा. इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैंने पहले भी आठ ड्रोन कंपनियों के ग्रुप द्वारा कुरनूल में ‘ड्रोन सिटी’ बनाने के बारे में बात की थी. जैसे सूरत को ‘डायमंड सिटी’ और बेंगलुरु को देश की ‘सिलिकॉन वैली’ के नाम से जाना जाता है, मुझे विश्वास है कि एक दिन इस इलाके को देश के ‘ड्रोन हब’ के तौर पर पहचाना जाएगा. इस अनोखे इत्तेफाक पर गौर करें: आसमान में AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट), समुद्र की गहराई में BDL (भारत डायनेमिक्स लिमिटेड) के नेवल सिस्टम, बिना पायलट वाले इलाके में कुरनूल के ड्रोन, और आज, समुद्र की सतह पर INS महेंद्रगिरी. इसका मतलब है कि आज, आंध्र प्रदेश हर क्षेत्र – हवा, पानी, जमीन और बिना पायलट वाले इलाके में भारत की रक्षा क्षमताओं में योगदान दे रहा है. मैं इस कामयाबी पर आंध्र प्रदेश सरकार और लोगों को दिल से बधाई देता हूं. इंडियन नेवी के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (WDB) ने इसे इन-हाउस डिजाइन किया है और मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने इसे बनाया है. महेंद्रगिरी, प्रोजेक्ट 17A क्लास के स्टेल्थ फ्रिगेट का छठा जहाज है. यह जहाज देसी वॉरशिप डिजाइन और कंस्ट्रक्शन में भारत की बढ़ती एक्सपर्टीज को दिखाता है. जो जानकारी मिली है उसके अनुसार 75 परसेंट से ज्यादा स्वदेशी सामान के साथ, यह जहाज भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल की सफलता को दिखाता है और भारतीय जहाज बनाने के सिस्टम की बढ़ती क्षमता को दिखाता है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जहाज के कंस्ट्रक्शन में माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज (MSMEs) समेत कई भारतीय इंडस्ट्रीज शामिल हुई हैं, जिससे देश का डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस मजबूत हुआ है और काफी रोजगार पैदा हुए हैं. महेंद्रगिरी में स्वदेशी और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट हथियार, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम का एक एडवांस्ड सेट लगा है, जिससे यह एंटी-एयर, एंटी-सरफेस और एंटी-सबमरीन ऑपरेशन अच्छे से करेगा. यह जहाज समुद्री सुरक्षा ऑपरेशन, सर्च और रेस्क्यू मिशन, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR), और इंडियन ओशन रीजन (IOR) और उससे आगे लगातार तैनाती के लिए भी सक्षम है. INS महेंद्रगिरी की कमीशनिंग, प्रोजेक्ट 17A प्रोग्राम के सफल एग्जिक्यूशन में एक और अहम मील का पत्थर है. जैसे-जैसे इस क्लास के फ्रिगेट बेड़े में शामिल होंगे, वे इंडियन नेवी की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाते रहेंगे और साथ ही भारत को एक लीडिंग स्वदेशी वॉरशिप-बिल्डिंग देश के तौर पर अपनी जगह मजबूत करेंगे. इससे पहले रक्षा मंत्री शुक्रवार शाम विशाखापत्तनम पहुंचे, जहां उनका स्वागत नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने किया. इससे पहले, सिंह ने महेंद्रगिरि की कमीशनिंग को देश और भारतीय नौसेना के लिए गर्व का पल बताया. रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि 11 जुलाई 2026 को 6वें प्रोजेक्ट 17A स्टील्थ फ्रिगेट, महेंद्रगिरि की कमीशनिंग सेरेमनी के लिए, हमारे देश और भारतीय नौसेना के लिए गर्व के पल का गवाह बनने के लिए विशाखापत्तनम जा रहा हूं. इस वॉरशिप को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए, सिंह ने कहा कि यह देश में डिजाइन और बनाया गया स्टेट-ऑफ-द-आर्ट वॉरशिप हमारे आत्मनिर्भर भारत विज़न और हमारी घरेलू डिफेंस इंडस्ट्रीज और MSMEs की जबरदस्त क्षमताओं का सबूत है. उन्होंने आगे कहा कि महेंद्रगिरी भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने और एक सुरक्षित इंडो-पैसिफिक के हमारे इरादे को मज़बूत करने के लिए लड़ाई के लिए तैयार है. recent visitors 20

MP News दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा ने आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार, नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिला टिकट

MP News: BJP names Ashutosh Tiwari as candidate for Datia by-election; Narottam Mishra denied ticket. भारतीय जनता पार्टी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है। प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही दतिया में चुनावी मुकाबला तेज हो गया है। भाजपा की सूची में आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी खत्म हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों से उनके नाम को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं। भाजपा ने नए चेहरे पर लगाया दांवदतिया उपचुनाव में भाजपा ने अनुभवी नेता और संगठन से जुड़े आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। तिवारी शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान ग्वालियर क्षेत्र के संगठन मंत्री रह चुके हैं और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीबी नेताओं में माना जाता है। मूल रूप से वे दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र के रहने वाले हैं और लंबे समय से संघ व संगठन में सक्रिय रहे हैं। इस सीट पर भाजपा ने एक ब्राह्मण चेहरे की जगह दूसरे ब्राह्मण चेहरे पर भरोसा जताया है। इससे पार्टी ने जातीय समीकरण में बड़ा बदलाव नहीं किया, लेकिन नेतृत्व के स्तर पर नया विकल्प जरूर सामने रखा है। नए उम्मीदवार के सामने नेटवर्क बनाना होगी चुनौतीवरिष्ठ पत्रकार देवश्री माली का कहना है कि भाजपा ने नया चेहरा उतारकर स्थानीय स्तर पर एक नया संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती चुनावी रणनीति और संगठनात्मक नेटवर्क को कम समय में सक्रिय करना होगी। उनके अनुसार, दतिया में भाजपा लंबे समय तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा के मजबूत जनाधार और उनके समानांतर संगठनात्मक नेटवर्क के सहारे चुनाव लड़ती रही है। नरोत्तम की व्यक्तिगत पकड़ बूथ स्तर तक मानी जाती थी। ऐसे में नए उम्मीदवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस नेटवर्क को कम समय में प्रभावी ढंग से सक्रिय करना और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना होगी। यदि भाजपा संगठन और संघ का मजबूत सहयोग नए उम्मीदवार को मिला, तो चुनावी मुकाबले में पार्टी को बढ़त मिल सकती है। दतिया सीट पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। अब कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी घोषित होना बाकी है। पार्टी में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। इसके अलावा घनश्याम सिंह और अवधेश नायक के नामों की भी चर्चा है। बता दें दतिया में उपचुनाव की तैयारी तेज हो गई है। 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 13 जुलाई तक पर्चे भरे जाएंगे। इसके बाद 14 जुलाई को नामांकन की जांच और 16 जुलाई को नामवापसी होगी। 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना प्रस्तावित हैं। recent visitors 12