राहुल गांधी के छात्र संवाद से पहले नितिन नवीन का MP दौरा, तीन शहरों में कार्यक्रम

Nitin Naveen’s MP tour before Rahul Gandhi’s student dialogue, programs in three cities भोपाल । प्रदेश में इस माह दो बड़ी सियासी गतिविधियां होंगी। कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 17 सितंबर को इंदौर आएंगे। नितिन नवीन के 17 सितंबर को इंदौर, मंदसौर और उज्जैन में तीन प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नवीन का मप्र का यह पहला दौरा होगा। इधर, राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले भाजपा ने कहा है कि जेन-जी किसी व्यक्ति के हाथ का खिलौना न बनें। ‘जेन-जी’ की समस्याओं के हल के लिए वह तत्पर है और नयी पीढ़ी को कथित साजिशों के जाल में फंसकर किसी व्यक्ति के हाथ का खिलौना नहीं बनना चाहिए। उज्जैन में दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे नितिन नवीन प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार नितिन नवीन ग्रामीण आबादी को जमीन का मालिकाना हक देने वाली स्वामित्व योजना के तहत इंदौर में निश्शुल्क रजिस्ट्री वितरण की शुरूआत करेंगे। नवीन उज्जैन में दीपोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन में 17 सितंबर को बड़ा दीपोत्सव कार्यक्रम होगा। क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में करीब 25 लाख दीप जलाए जाने की तैयारी है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का इस आयोजन में भी शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके अलावा नवीन का मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को छोड़ने का भी प्रस्तावित कार्यक्रम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि 17 सितंबर को भाजपा के नितिन नवीन का दौरा प्रस्तावित है, जल्द ही उनका दौरा फाइनल होगा, जिसकी सूचना दी जाएगी। उषा ठाकुर बोंली, विद्यार्थियों की मांगें सुनकर उनके समाधान के लिए पूरी भाजपा तत्पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का इंदौर में 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसको लेकर पूर्व मंत्री व प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उषा ठाकुर ने कहा कि इस विद्यार्थी संवाद अभियान के तहत राहुल गांधी भाजपा को प्रश्नपत्र लीक,महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर रहे हैं। ‘जेन-जी’ (जेनरेशन जेड) से तात्पर्य उस पीढ़ी से है जिसका जन्म मुख्य रूप से वर्ष 1997 से 2012 के बीच हुआ है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए मीडिया से कहा,‘‘हमारे नेतृत्व ने बच्चों की बात सुनी। उनकी समस्याओं का जो समाधान ढूंढना है, हम वह अवश्य ढूंढेंगे। विद्यार्थियों की मांगें सुनकर उनके समाधान के लिए पूरी भाजपा तत्पर है।’’ recent visitors 22

जबलपुर: पर्युषण पर्व पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोपहर 12 बजे तक जैन कर्मचारियों को अदालत आने की अनुमति

Jabalpur: High Court issues major verdict on Paryushan festival, Jain employees allowed to come to court till 12 noon विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पर्युषण पर्व के धार्मिक अनुष्ठानों को ध्यान में रखते हुए जैन धर्मावलंबी कर्मचारियों को दो घंटे की विशेष छूट प्रदान की है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल धर्मेंद्र सिंह ने सोमवार को आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि जैन कर्मचारी 15 से 26 सितंबर तक सुबह 10 बजे के बजाय दोपहर 12 बजे तक कार्यालय पहुंच सकेंगे। जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर पीठों में मिलेगी छूट यह सुविधा हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर पीठों में लागू होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस विशेष सुविधा से न्यायालयीन कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारियों को कार्यालयीन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय से जैन कर्मचारियों को पर्युषण पर्व के दौरान अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करने में सहायता मिलेगी। recent visitors 27

जबलपुर में 150 करोड़ रुपये का कैंसर इंस्टीट्यूट, मशीन और सुविधाएं लापता, लोगों का बेहतर इलाज का सपना अधूरा

Jabalpur’s ₹150-crore cancer institute, missing machinery and facilities, leaves people’s dreams of better treatment unfulfilled. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। कैंसर से जंग में हर दिन और हर घंटा अहम होता है, लेकिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (एससीआई) में इलाज की आस लेकर पहुंच रहे मरीजों के सामने इंतजार और संसाधनों की कमी बड़ी चुनौती बन गई है। साल 2023 में करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुए इस संस्थान से उम्मीद थी कि शहर समेत आसपास के आठ जिलों के मरीजों को कैंसर का समुचित इलाज यहीं मिल सकेगा। तीन साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी संस्थान पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा। लीनियर एक्सीलेटर मशीन का इंतजार रेडिएशन के लिए जरूरी लीनियर एक्सीलरेटर मशीन का इंतजार है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्वीकृत पदों के मुकाबले महज चार आन्कोलाजिस्ट पदस्थ हैं, जबकि आठ डाक्टरों की तत्काल जरूरत बताई जा रही है। नर्सिंग स्टाफ भी करीब 40 प्रतिशत कम है। कीमो वार्ड में एक नर्स पर 15 मरीजों की जिम्मेदारी है। इतना ही नहीं, जरूरी कीमो दवाएं भी 15 से 20 दिन तक स्टाक से बाहर हो जाती हैं। पिछले साल 6400 मरीजों ने यहां पंजीयन कराया, लेकिन सिर्फ 2100 को पूरा इलाज मिल सका। बाकी 4300 मरीजों को दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। आन्को सर्जरी उपकरणों की जरूरत संस्थान के लिए लीनियर एक्सीलरेटर के अलावा फ्लो साइटोमीटर, सीटी सिम्युलेटर, क्यूए टूल्स, मेमोग्राफी, अल्ट्रासाउंड और आन्को सर्जरी उपकरणों की जरूरत है। इनकी खरीदी के लिए कई बार टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन तीन बार टेंडर निरस्त होने और प्रशासनिक स्तर पर लगातार हुए बदलावों के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। 12 विभागों में सिर्फ चार आन्कोलाजिस्ट एससीआई के पास चार आन्कोलाजिस्ट सहित सात से आठ विशेषज्ञ हैं, जबकि जरूरत 16 की है। नर्सिंग स्टाफ की संख्या भी बेहद सीमित है, मेडिकल कॉलेज के स्टाफ से अधिकांश काम एससीआई का चल रहा है। लीनियर एक्सीलरेटर का हो रहा इंतजार मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मानें तो इस साल दिसंबर तक लीनियर एक्सीलरेटर मिल जाएगी। प्रस्तावित करीब 42 करोड़ रुपए से यह मशीन जर्मनी से आएगी, बजट को विभाग की हरी झंडी मिल चुकी है। लेकिन तब तक मरीजों का इंतजार जारी रहेगा। महत्वपूर्ण है कि एससीआई की घोषणा 2014-15 में हुई थी। भवन तीन साल में बनकर तैयार होना था, लेकिन 2020-21 तक कार्य चलता रहा। बाद में शुरूआत 2023 में हुई भी तो आधी-अधूरे संसाधनों के साथ। अब आलम यह है कि अनेक जांच मशीनों के अभाव में एक ही छत के नीचे सारा इलाज नहीं हो पा रहा है। recent visitors 57

छतरपुर: थाना कोतवाली पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान गल्ला मंडी के पास से आरोपी को देशी कट्टा सहित किया गिरफ्तार

Chhatarpur: Kotwali police arrested the accused with a country-made pistol near the grain market during night patrolling. छतरपुर। थाना कोतवाली पुलिस को विगत रात्रि गश्त के दौरान गल्ला मंडी के पास अवैध हथियार संबंधी सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम संबंधित स्थान मुक्ति धाम के पास पहुंची। संदेही ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, घेराबंदी कर रोक कर तलाशी ली गई, 12 बोर का देशी कट्टा व कारतूस बरामद किया गया। अवैध हथियार जप्त कर आरोपी राजू कुशवाहा पिता लल्लूराम कुशवाहा, निवासी सागर रोड, छतरपुर को गिरफ्तार कर थाना कोतवाली में आयुध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विधिवत कार्यवाही कर अभियुक्त को न्यायालय पेश किया जा रहा है। उक्त कार्यवाही में नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सतीश सिंह, प्रधान आरक्षक महेंद्र कुमार गुप्ता, आरक्षक योगेंद्र प्रताप सिंह, दीपचंद एवं पुलिस टीम की भूमिका रही। recent visitors 19

थाना बक्सवाहा पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध बड़ा एक्शन – अवैध देशी एवं महुआ शराब जप्त, 100 लीटर महुआ लहान का किया गया नष्टीकरण

Buxwaha police station takes major action against illegal liquor – illegal country liquor and mahua liquor seized, 100 litres of mahua liquor destroyed छतरपुर । पुलिस द्वारा अवैध शराब के विक्रय, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना बक्सवाहा पुलिस द्वारा विशेष अभियान के तहत अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आबकारी अधिनियम के अंतर्गत 8 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई के दौरान काफी मात्रा में अवैध देशी एवं महुआ शराब जप्त की गई। साथ ही अवैध रूप से तैयार किए जा रहे लगभग 100 लीटर महुआ लहान का विधिवत नष्टीकरण किया गया। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने वालों पर भी कार्यवाही की गई है। अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही में थाना प्रभारी बक्सवाहा निरीक्षक प्रशांत सेन के नेतृत्व में चौकी प्रभारी बम्होरी उप निरीक्षक कादिर खान, उप निरीक्षक अवधेश दुबे, उप निरीक्षक मनीराम, सहायक उप निरीक्षक शिवदयाल, प्रधान आरक्षक उमाशंकर शुक्ला, आरक्षक पुष्पेंद्र, गोलेंद्र, संजय, रविंद्र, सतीश, महिला आरक्षक विमला एवं मुस्कान सहित पुलिस टीम की भूमिका रही। recent visitors 19

10 करोड़ खर्च, 50 हजार किताबें छपीं, फिर भी हिंदी में मेडिकल परीक्षा देने नहीं आया एक भी छात्र

₹10 crore spent, 50,000 books printed—yet not a single student turned up to take the medical exam in Hindi. मध्य प्रदेश में बड़े जोर-शोर से शुरू हुए ‘हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई’ के प्रोजेक्ट की जमीनी हकीकत बेहद निराशाजनक है। रिपोर्ट से यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि पिछले तीन सालों में सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना पर 10 करोड़ रुपये खर्च कर दिए और 50 हजार किताबें भी छाप दीं, लेकिन एक भी छात्र ने हिंदी माध्यम में परीक्षा देने की हिम्मत नहीं जुटाई।तीन साल पहले जो योजना अंग्रेजी के वर्चस्व को तोड़ने के लिए लाई गई थी। वह अब सिस्टम की उदासीनता और छात्रों के मन में बैठे डर के कारण बुरी तरह उपेक्षा का शिकार हो रही है। अनुवाद और छपाई पर बहाया करोड़ों का बजटकरीब 300 डॉक्टरों की टीम ने दिन-रात मेहनत करके 16 मेडिकल विषयों की किताबों का हिंदी में अनुवाद किया था। इस पूरी कवायद में अनुवाद पर 2 करोड़, किताबों की छपाई पर 5.5 करोड़ और कॉलेजों में स्थापित ‘मंदार केंद्रों’ पर 3 करोड़ रुपये खर्च किए गए।इसके बावजूद, मेडिकल छात्रों के बीच यह धारणा घर कर गई है कि अगर उन्होंने परीक्षा में हिंदी में जवाब लिखे, तो उन्हें कम अंक मिलेंगे या शून्य दे दिया जाएगा। इसी खौफ का नतीजा है कि परीक्षाओं में द्विभाषी प्रश्नपत्र मिलने के बावजूद किसी भी छात्र ने हिंदी में उत्तर लिखने का जोखिम नहीं उठाया। कहीं डिब्बों में कैद किताबेंहिंदी को बढ़ावा देने के लिए कॉलेजों में जो ‘मंदार केंद्र’ स्थापित किए गए थे, उनका हाल बेहाल है। भोपाल के जीएमसी सहित कई जगहों पर इन केंद्रों में ताले लटक रहे हैं और पिछले एक साल से कार्यसमिति की कोई बैठक तक नहीं हुई है।अधिकारियों की रुचि के हिसाब से अलग-अलग जिलों में योजना का असर भी अलग है। इंदौर मेडिकल कॉलेज में हिंदी की लाखों की किताबें डिब्बों में पैक पड़ी हैं, जबकि रतलाम में डीन डॉ. अनीता मुथा की सक्रियता के चलते हर साल पुस्तक मेला लगाकर करीब 80% किताबें छात्रों तक सफलतापूर्वक पहुंचाई गई हैं।शुरुआती उत्साह हुआ गायबप्रोजेक्ट की शुरुआत में मुख्यमंत्री और मंत्री स्तर पर 50 से ज्यादा समीक्षा बैठकें हुई थीं और अनुवाद करने वाली ‘मंदार की टोली’ का जमकर सम्मान भी हुआ था। लेकिन अब यह उत्साह पूरी तरह ठंडा पड़ चुका है। क्लिनिकल रिकॉर्ड बुक का निर्माण और शिक्षकों का प्रशिक्षण ठप है।इस लचर स्थिति को देखते हुए अब नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने राज्य सरकार से पूरे प्रयोग की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। आयोग ने हिंदी के सैंपल पेपर, चेक की गई उत्तर पुस्तिकाएं और हिंदी चुनने वाले छात्रों का पूरा डेटा मांगा है।इंजीनियरिंग का भी वही हश्रसिर्फ मेडिकल ही नहीं, हिंदी में इंजीनियरिंग (बीटेक) की पढ़ाई की स्थिति भी दयनीय है। राज्य के एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) ने तो हिंदी में बीटेक के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) से विधिवत मान्यता लेने की ही पहल नहीं की।वर्तमान में पूरे प्रदेश में सिर्फ चार कॉलेजों (एक्रोपोलिस, श्री दादाजी इंस्टिट्यूट, एसजीएसआईटीएस और आईपीएस अकैडमी) के पास ही इसकी मंजूरी है, जहां कुल मिलाकर केवल 53% सीटें ही भर पाई हैं। इस मामले में आरजीपीवी के कुलपति प्रो. आलोक शर्मा का कहना है कि अब यूनिवर्सिटी की तरफ से एआईसीटीई से मान्यता और अतिरिक्त सीटों के लिए प्रयास किए जाएंगे। recent visitors 13

अरब में चुनाव लड़ने चले जाते, भाई का नाम ही पप्पू है; राहुल गांधी पर सीएम मोहन यादव ने,,

You could have gone to Arab to contest elections, your brother’s name is Pappu; CM Mohan Yadav on Rahul Gandhi अगर मालवा । राज्य के सीएम मोहन यादव ने जनता को संबोधित करते हुए डबल इंजन सरकार के कामों को गिनाया। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना भी साधा। मोहन यादव ने कहा- एक नेता आ रहे हैं, झूठ की गूंज लेकर। उन्होंने, उनकी मां ने, दादा जी ने सारे खानदान ने कभी देश का भला नहीं किया। इसके साथ ही राहुल गांधी को पप्पू कहकर तंज कसते हुए कहा- ये तो समुद्र में चुनाव लड़ने चले गए थे। राहुल गांधी के खानदान ने कभी देश का भला नहीं किया दरअसल, राहुल गांधी द्वारा झूठ की गूंज नामक कार्यक्रम किये जा रहे हैं। इसी सिलसिले में उनको एमपी आना है। इस पर राज्य के सीएम मोहन यादव ने आरोप लगाते हुए कहा- राहुल गांधी के खानदान ने कभी भी देश का भला नहीं किया है। लेकिन अब वो यहां आ रहे हैं जनता की बात करने के लिए। युवा की बात करने के लिए। राहुल गांधी अरब में चुनाव लड़ने चले जाते जनता अच्छे से जानती है। जवाहरलाल नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी, राजीव गांधी… बाद के समय में भी दिल्ली से चुनाव क्यों नहीं लड़ते थे। क्योंकि जनता इन्हें अच्छे से जानती थी। इसलिए ये लोग रायबरेली, अमेठी से लड़ते थे। राहुल पर तंज कसते हुए कहा- अब तो ये सब भी छोड़कर वायनाड गए हैं, केरल। वो कहते हैं कि समुद्र आ गया, नहीं तो अरब में चुनाव लड़ने जाते। भाई का नाम ही पप्पू है… मोहन यादव का तंज ये लोग न्यायालय के ऊपर भी उंगली उठाते हैं। सेना के पराक्रम पर भी उंगली उठाते हैं। राहुल गांधी पर फिर से तंज कसते हुए कहा- कई टेक्नोलॉजी के मामले में भारत कैसे आगे बढ़ रहा है, लेकिन भाई है कि मानता ही नहीं है। ताली बजाते हुए कहा- भाई भी क्या करे, भाई का नाम ही पप्पू है। दबी मुस्कान में कहा- अब पप्पू है, तो पप्पू जैसा काम करेगा। झूठ की गूंज कार्यक्रम के लिए एमपी आने वाली बात पर सीएम ने कहा- हमारे राज्य में आ रहे हैं, हम स्वागत करते हैं। recent visitors 25