दफ्तर के चक्करों से मुक्ति! अब आपकी ग्राम पंचायत में होगी जनसुनवाई, मौके पर निराकरण

No more running around to government offices! Public hearings will now be held in your Gram Panchayat, with on-the-spot resolution of issues. शहडोल ! अकसर देखा गया है कि लोग जनसुनवाई में दूर-दराज से आते हैं, लेकिन तब भी उनकी सुनवाई नहीं हो पाती. जिससे उन्हें बहुत परेशानी होती है. इसी को लेकर दूर दराज से आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के आमजन की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शहडोल जिले के सोहागपुर ब्लॉक की एसडीएम अमृता गर्ग ने एक अनोखी पहल की है. जिसके तहत सोहागपुर अनुभाग के ग्राम पंचायतों में भी प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा. यहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी और मौके पर समाधान निकाला जाएगा. अब ग्राम पंचायत में जनसुनवाईसोहागपुर ब्लाक की एसडीएम अमृता गर्ग इन दिनों चर्चाओं में हैं. क्योंकि वो नित नए नवाचार कर रही हैं. इसी के तहत उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके आने जाने में होने वाले तकलीफों का ध्यान रखते हुए अब गांव में ही जनसुनवाई कराने का फैसला किया है. जिसके तहत सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जाएगी. जनसुनवाई में कौन-कौन होगा?एसडीएम अमृता गर्ग ने बताया है कि, ”जनसुनवाई में संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव, हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक, आशा कार्यकर्ता, महिला सुपरवाइजर सहित अन्य मैदानी अधिकारी उपस्थित रहेंगे. जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी जाएंगी और प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया जाएगा.” एसडीएम अमृता गर्ग ने बताया कि, ”ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाली जनसुनवाई से आमजनों को अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कमिश्नर या कलेक्टर कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. इससे समय और धन दोनों की बचत होगी और प्रशासन की सेवाएं सीधे गांव स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी. यदि किसी आवेदन का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, तो संबंधित आवेदक को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि समस्या के समाधान में कितना समय लगेगा और उसका निराकरण कब तक किया जाएगा.” recent visitors 43

200 करोड़ की शंकराचार्य प्रतिमा के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, मुख्य पिलर में आया झुकाव, लोकायुक्त ने शुरू की जांच

Safety standards ignored in the construction of the ₹200-crore Shankaracharya statue; main pillar develops a tilt; Lokayukta initiates an investigation. भोपाल। ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य की नव-निर्मित 108 फीट ऊंची प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ वननेस) के एक पिलर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इंटरनेशनल स्ट्रक्चरल एनालिसिस सॉफ्टवेयर (ईटीएबीएस) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस विशाल प्रतिमा के मुख्य आंतरिक स्टील पिलर पर तय सीमा से करीब 24 प्रतिशत अधिक दबाव पड़ रहा है। मानकों के मुताबिक सुरक्षा का स्ट्रेस रेशियो 0.85 होना चाहिए, जो बढ़कर 1.244 तक पहुंच गया है। इस दबाव के कारण मुख्य पिलर में हल्का झुकाव भी देखा गया है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई2,300 करोड़ रुपये के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में सुरक्षा और तकनीकी खामियों की शिकायत अब सीबीआई, लोकायुक्त और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंच चुकी है। यह शिकायत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) के तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर विश्वजीत बनर्जी ने दर्ज कराई है। बनर्जी का आरोप है कि वे पिछले 6 महीनों से मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और निर्माण कंपनी एलएंडटी को लिखित में इस खतरे की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर गड़बड़ी को उजागर करने के बाद फील्ड डायरेक्टर विश्वजीत बनर्जी को उनके पदों से हटा दिया गया है। बता दें कि 200 करोड़ की इस प्रतिमा को 140 से 170 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं को झेलने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन जांच के अनुसार यह 120 किमी/घंटा की हवा भी नहीं झेल सकती। फिलहाल इंदौर लोकायुक्त कार्यालय ने इस मामले की जांच शुरू करते हुए शिकायतकर्ता से सभी जरूरी दस्तावेज मांगे हैं। अधिकारियों का पक्षइस मामले पर आदि शंकराचार्य न्यास के सीईओ डॉक्टर मनीष पांडेय का कहना है कि एकात्म धाम प्रोजेक्ट का संचालन पर्यटन विभाग द्वारा हो रहा है, इसलिए इस विषय पर पर्यटन निगम ही बात कर सकता है। वहीं, मप्र पर्यटन विकास निगम के एमडी दिलीप यादव ने निर्माण में किसी भी तरह की कमी से साफ इनकार किया है। उनका दावा है कि विशेषज्ञों की देखरेख में काम हुआ है और गुणवत्ता में किसी लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। recent visitors 32

गौरिहार में खण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर का सख्त रवैया, लापरवाही पर निलंबन, वेतन कटौती और इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश

Collector takes a tough stand at the block-level review meeting in Gaurihar, orders suspension for negligence, salary cuts and withholding of increments. छतरपुर । कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने गौरिहार जनपद में ब्लॉकवार राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य ,महिला एवं बाल विकास, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा की।  इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित पटवारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए फार्मर आईडी, नक्शा तरमीम एवं सीमांकन की टॉप -बॉटम हल्कों के पटवारियों से प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने फार्मर आईडी बनाने एवं खसरा लिंकिंग, तरमीम के कार्य में असंतोषजनक प्रगति  पर हल्का सरवई, कटरा, प्रकाश बम्हौरी पटवारी का 1-1 इंक्रीमेंट रोकने साथ ही शिशोलर, ठकुर्रा एवं गोयरा पटवारी को निलम्बित करने के निर्देश दिए और जुझारनगर पटवारी का एक दिवस, कितपुरा पटवारी का 3 दिवस, रेवना पटवारी का 7 दिवस एवं पहरा पटवारी का एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। बारिश के मद्देनजर सतर्क रहने आवश्यक निर्देश कलेक्टर ने बारिश के मौसम को देखते हुए सभी पटवारियों को अपने क्षेत्र की पुल, पुलिया एवं रास्तों जहां दुर्घटना की आशंका हो का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक उपाय के लिए संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करने को भी कहा। उन्होंने पटवारियों को अपने हल्के के अनुसार विद्युत सम्बंधित शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम का नम्बर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बारिश के मद्देनजर सतर्क रहने के भी निर्देश दिए। कितपुरा सचिव को सस्पेंड करने एवं चंद्रपुरा सेक्टर अंतर्गत उपयंत्री की वेतन काटने और जनपद में अटैच करने के निर्देश आवास निर्माण कार्य में प्रगति बढ़ाने एवं पंचायतों के कार्य पूरे करने के निर्देश कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जनपद सीईओ द्वारा अव्यवस्थित जानकारी देने पर गहरी नाराजगी जताते हुए भविष्य में ध्यान रखने की हिदायत दी। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास के निर्माण में कम प्रगति होने पर कितपुरा सचिव को निलंबित करने, जीआरएस का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में कम प्रगति पर चंद्रपुरा सेक्टर अंतर्गत उपयंत्री का सात दिन का वेतन काटने और जनपद में अटैच करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम रेवना सचिव की एक वेतन वृद्धि और जीआरएस का वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पंचायतों में लंबित अनुग्रह सहायता और संबल के प्रकरणों का निराकरण शीघ्र करें।  कलेक्टर ने वीबी जी राम जी अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए हर पंचायत को 20-25 जीडब्ल्यू कार्य लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जब तक पूर्व के कार्यों की जानकारी अपलोड न हो तब तक नए काम स्वीकृत नहीं किए जाएं। कलेक्टर ने  आवास के कार्यों में प्रगति बढ़ाने एवं पंचायतों के निर्माण कार्य में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।  उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास, उद्यानिकी, कृषि, मत्स्य पालन एवं स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त कर समीक्षा की। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने निर्देशित किया की शासन की मंशानुरूप सभी लक्ष्यों की पूर्ति उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करें। डिलेवरी प्वाइंट फंक्शनल करने के निर्देश आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य कार्य में भी सहयोग करने के निर्देश प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कम प्रगति होने पर पर्यवेक्षक का 7 दिन का वेतन काटने के निर्देश कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास की खंड स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों में हितग्राही पंजीयन, केंद्रों में एचसीएम वितरण, प्री स्कूल एजुकेशन, लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सेक्टर गोयरा, खड़ेहा और गौरिहार की प्रगति कम होने पर सेक्टर पर्यवेक्षक सविता अहिरवार का 7 दिवस का वेतन काटने का निर्देश दिए। साथ ही सभी इंडिकेटर में सुधार के निर्देश दिए गए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग के कार्य में भी सहयोग करें। उन्होंने अपार और आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए बीएमओ को निर्देश दिए कि सभी डिलेवरी प्वाइंट को फंक्शनल करें और प्रयास करें कि शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव हो।  बैंकों में लंबित प्रकरणों के निराकरण कराने के निर्देश कलेक्टर ने पशुपालन विभाग अंतर्गत क्षीरधारा तथा कामधेनु योजना की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही उद्यानिकी विभाग को योजनाओं के बैंकों में लंबित प्रकरण के निराकरण कराने के निर्देश दिए।  उर्वरक की सैंपलिंग करने के निर्देश कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान प्रदर्शन बीज वितरण एसडीएम एवं तहसीलदार की निगरानी में करने के निर्देश दिए साथ ही उर्वरक की सैम्पलिंग सुनिश्चित करने को कहा। नामांकन बढ़ाने और बच्चों की अपार आईडी बनाने के निर्देश कलेक्टर ने मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री मत्स्य समृद्धि योजना की प्रगति पर और ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को शत् प्रतिशत नामांकन तथा सभी बच्चों की अपार आईडी शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। recent visitors 21

इंदौर कलेक्टर का समस्या सुलझाने का अलग स्टाइल

Indore Collector’s unique style of problem solving इस IAS के लोग दीवाने, पत्नी भी कलेक्टर, इन्हें कहते हैं बुजुर्गों और मजबूरों का मसीहा इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के फैन हो रहे इंदौरवासी, किसी भी समस्या का तुरंत कर देते हैं समाधान, मदद वाली कलेक्टरी चर्चा में. भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में इन दिनों जनसुनवाई में कुछ ऐसा ही नजारा देखने मिल रहा है, जहां कलेक्टर की मदद वाली अनोखी कलेक्टरी देखने मिल रही है। हम बात कर रहे हैं कलेक्टर शिवम वर्मा की। IAS शिवम वर्मा इन दिनों अपनी खास जनसुनवाई के लिए काफी लोकप्रिय हैं। किसी भी समस्या के समाधान के लिए अब इंदौर शहर के रहवासी सीधे कलेक्टर का रुख कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि कोई अधिकारी या विभाग नहीं, सीधे कलेक्टर शिवम वर्मा के पास गए तो काम बन ही जाएगा। हर मंगलवार कलेक्टर से मिलने उमड़ती है भीड़ हर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में होने वाली जन सुनवाई में कुछ ऐसा ही नजारा देखने मिलता है, जहां कलेक्टर से मिलने की आस में जमकर भीड़ लगती है.यहां लोग अपनी-अपनी परेशानियां लेकर पहुंचते हैं और बाकायदा इंदौर कलेक्टर उन्हें अपनी पास बुलाकर समस्या का समाधान तत्काल कर देते हैं। एक ओर जहां सरकारी कार्यालयों में धक्के खाए और ऐढ़ी घिसाए बिना काम नहीं होता तो वहीं, इसके ठीक उलट इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने विभिन्न समस्याओं से जूझते बुजुर्गों और मजबूर लोगों की मदद तत्काल कर रहे हैं। यही वजह है कि पूरे जिले से लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर यहां जनसुनवाई में पहुंच रहे हैं। इस IAS के लोग दीवाने, मिलने के लिए लगती है लाइनअपने पास बिठाकर समस्या सुनते हैं कलेक्टरकलेक्ट्रेट के मुख्य दरवाजे से लेकर जनसुनवाई के पंजीयन और लंबी लाइन की भारी मशक्कत और धक्का मुक्की के बाद जब लोग कलेक्ट्रेट में आईएएस शिवम वर्मा के कक्ष से लगे जनसुनवाई कक्ष में पहुंचते हैं तो वहां का नजारा राहत देने वाला होता है। कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर खुद आवेदक को अपने साइड में बिठाकर इत्मिनान से उसकी समस्या सुनते हैं। इसके बाद कलेक्ट्रेट संबंधित अधिकारी को तत्काल परेशानी हल करने के निर्देश देते हैं। बुजुर्गों पर दिया जाता है सबसे ज्यादा ध्यान सबसे खास बात यह है कि यहां बुजुर्गों को विशेष तरजीह दी जाती है। उन्हें सम्मान के साथ बिठाकर उनकी हर समस्या को गंभीरता से सुना जाता है। इस दौरान यहां कलेक्टर के निर्देश पर तमाम विभाग के आला अधिकारी बुजुर्गों की मदद के लिए तैनात नजर आते हैं। इतना ही नहीं, पिछली सुनवाई में आवेदकों के निराकरण की स्थिति के साथ भी अधिकारी तैयार रहते हैं। हर मंगलवार कलेक्टर से मिलने उमड़ती है भीड़ हर वर्ग के लोग समस्याएं लेकर यहां पहुंचते हैं यहां सुबह से ही भीड़ इतनी मचती है कि यहां तैनात कलेक्ट्रेट के सहायक स्टाफ के साथ सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग कम पड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में यहां कई बार भीड़ नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों अथवा स्काउट गाइड आदि की भी मदद लेनी पड़ रही है। इस जनसुनवाई में आने वाले हर व्यक्ति की कोशिश यही रहती है कि वह किसी और से नहीं बल्कि सिर्फ कलेक्टर शिवम वर्मा को मिलकर ही अपनी समस्याएं बताएंगे। मौके पर कई बुजुर्गों से जब अन्य अधिकारी उनकी समस्याएं जानना चाहते हैं, तो वह कई बार समस्याएं तो बताते हैं लेकिन पूरी बात और कागज सिर्फ कलेक्टर को ही बताना चाहते हैं। इस स्थिति में हर मंगलवार को सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर से शाम तक कलेक्टर शिवम वर्मा लोगों की भीड़ से घिरे रहते हैं। काम नहीं करने वालों पर एक्शन लेते हैं कलेक्टर जनसुनवाई में खुद कलेक्टर शिवम वर्मा जितनी समस्याओं को लेकर निराकरण के अलग-अलग निर्देश देते हैं। उनकी मॉनिटरिंग पर उनकी नजर रहती है। लिहाजा टीएल बैठक और अन्य बैठकों में वह जनसुनवाई के प्रकरणों की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते हैं। कई बार जब लोगों की अथवा बुजुर्गों की समस्या का समाधान नहीं होता तो कलेक्टर संबंधित अफसर अथवा जिम्मेदार को दंडित करने से भी नहीं चूकते। IAS शिवम वर्मा की पत्नी भी कलेक्टर वर्तमान में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा 2013 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस ऑफिसर हैं, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी हैं। शिवम वर्मा भोपाल के मैनिट से बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने IAS क्लियर किया। उनकी धर्मपत्नी जयती सिंह भी आईएएस ऑफिसर होकर बड़वानी कलेक्टर हैं। इंदौर कलेक्टर से पूर्व शिवम वर्मा नगर निगम इंदौर में कमिश्नर भी रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने जिला पंचायत ग्वालियर में बतौर सीईओ काम संभाला है। अपनी इस पहले पर क्या कहते हैं कलेक्टर? अपनी इस मदद वाली कलेक्टरी पर आईएएस शिवम वर्मा कहते हैं, ” हमारा प्रयास रहता है कि माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों को पहुंचाया जाए। हम यह भी प्रयास करते हैं कि किसी भी व्यक्ति या खासतौर पर बुजुर्ग किसी भी योजना से वंचित न रह जाए और उसकी समस्या का तत्काल समाधान हो। लोगों की समस्या का समाधान करके आत्म संतुष्टि मिलती है।” recent visitors 16

भड़काऊ पोस्ट करने वाले कर्मचारियों पर कसा शकंजा मप्र सरकार ने जारी किया फरमान

Employees who post inflammatory posts are being prosecuted. The Madhya Pradesh government has issued a decree. भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम जारी किए हैं। अब भड़काऊ पोस्ट, राजनीतिक कमेंट या विवादित चीजें शेयर करने पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी। मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर अब सरकार की सीधी नजर रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में विस्तृत आदेश जारी किया है। आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी शासकीय सेवक ऐसी सामग्री साझा नहीं करेगा, जिससे सामाजिक वैमनस्य फैलने का खतरा हो। सरकार ने इसे शासकीय सेवा आचरण का जरुरी हिस्सा बताया है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब सभी प्लेटफॉर्म आदेश के दायरे में आते हैं। किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ घृणा फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करना सख्त मना है। खास बात यह है कि सिर्फ पोस्ट करना ही नहीं, विवादित सामग्री को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी नियम उल्लंघन माना जाएगा। यानी कर्मचारियों को अब सोशल मीडिया पर हर एक्टिविटी में सतर्क रहना होगा। आदेश के मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा। किसी राजनीतिक अभियान पर सार्वजनिक टिप्पणी करना भी नियम विरुद्ध होगा। सरकार ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन बताया है। इसका मकसद प्रशासनिक तटस्थता बनाए रखना है। इसके अलावा विभाग ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर होने वाली बहस और क्रॉस-कमेंट से भी दूर रहने को कहा है। तर्क है कि किसी भी सार्वजनिक टिप्पणी को सीधे सरकार की छवि से जोड़ा जाता है। इसलिए कर्मचारियों से संयम और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की अपेक्षा की गई है। यह सलाह हर स्तर के कर्मचारी पर लागू होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें मप्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 और भारतीय न्याय संहिता दोनों लागू हो सकते हैं। यानी सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का तुरंत पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें मप्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 और भारतीय न्याय संहिता दोनों लागू हो सकते हैं। यानी सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का तुरंत पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुनर्विचार करना होगा। recent visitors 21

थाना बमनौरा पुलिस ने भेल्दा रोड तालाब के पास अवैध शराब संग्रह प्रकरण में फरार शेष आरोपी को किया गिरफ्तार

Bamnoura police station arrested the remaining absconding accused in the illegal liquor collection case near Bhelda Road pond. संवाददाता: राहुल राय बड़ामलहरा । पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा निर्देशानुसार छतरपुर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ संग्रह, विक्रय एवं परिवहन करने वालों तथा सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे नशाखोरों के विरुद्ध निरंतर सख्त से सख्त कार्यवाही की जा रही है। फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है।माह अगस्त वर्ष 2025 में थाना बमनौरा पुलिस द्वारा भेल्दा रोड तालाब के पास पेड़ के पत्तों से ढकी अवैध शराब 8 पेटी 72 लीटर अवैध देशी शराब कीमत करीब 41000 रुपये बरामद की गई थी। अवैध शराब में संलिप्त आरोपी महेश अहिरवार निवासी ग्राम सेवार गुलाई थाना बमनौरा को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण में फरार अन्य शेष आरोपी की तलाश की जा रही थी।पुलिस टीम द्वारा फरार शेष आरोपी भरत सिंह बुंदेला पिता प्रतिपाल सिंह बुंदेला निवासी ग्राम अमरवां थाना भगवा जिला छतरपुर* को गिरफ्तार किया गया। विधिवत कार्यवाही कर अभियुक्त को न्यायालय पेश किया गया।उक्त कार्यवाही में एसडीओपी बड़ा मलहरा रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बमनोरा उप निरीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय प्र.आर. राममिलन अहिरवार, आरक्षक कृष्ण प्रताप सिंह, सुरेन्द्र रजक, राजीव सैनी, विजय यादव, महिला आरक्षक जागृति चढ़ार की भूमिका रही। recent visitors 35

‘ये धर्म को बेचकर कमाई करते हैं, फिर उससे विधायक खरीदते हैं…’, राम मंदिर चंदा चोरी पर बोले दिग्विजय सिंह

“They make money by selling religion, then use it to buy MLAs…” — Digvijaya Singh on the Ram Mandir donation theft. Digvijaya Singh News: महिला कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे में चोरी का आरोप लगाया. BJP-RSS पर निशाना साधते हुए 5-6 जुलाई को अयोध्या में केस दर्ज कराने का ऐलान किया. महिला कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर आंदोलन और चंदे के मुद्दे पर भाजपा व आरएसएस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “हनुमान गढ़ी और गोरखनाथ मठ ने राम मंदिर की लड़ाई लड़ी. न तब वहां RSS थीं और ना तब वहां बीजेपी पार्टी थी. भगवान राम से प्रेम इन्हें तब उमड़ा जब इनके केवल 2 सांसद बचे. उन्होंने आगे कहा कि ये लोग धर्म को बेचकर अपनी कमाई करते हैं और उसे कमाई से वोट खरीदते हैं, विधायक खरीदते हैं, सांसद खरीदते हैं. हमारे ही चंदा की चोरी कर यह खरीद रहे हैं. मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाया जा रहा है. मैंने जो चंदा दिया है, जिसकी इन्होंने चोरी की है, इसके लिए अपने वकील के माध्यम से 5-6 जुलाई को अयोध्या जाकर केस दर्ज कराऊंगा.” recent visitors 14