भाड़े के शिक्षक मामले में सियासत तेज, उमंग सिंघार बोले- ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की…’

Politics intensifies in the case of hired teachers, Umang Singhar said – ‘Double engine is used in schools also…’ सागर ! मझेरा गांव भाड़े के शिक्षक रखने के मामले में सुर्खियों में आ गया है. दरअसल, मझेरा गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल के शिक्षक ने अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए किराए पर शिक्षिका रख ली. मामला उजागर होने के बाद से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, सरकार पर जमकर हमलावर है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स ट्वीट कर लिखा कि- मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सोशल मीडिया के एक्स पर कांग्रेस के अधिकृत अकाउंट से ट्वीट किया गया कि- मास्टर जी ने केंद्रीय मंत्री की सेवा चाकरी और जी हजूरी कर ली, फिर बच्चों का भविष्य बर्बाद हो तो भी परवाह किसे? मध्यप्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है. सत्ता के संरक्षण में शिक्षक पढ़ाने नहीं जाते. मोटी तनख्वाह वसूल रहे शिक्षक एवजी पर 3 हजार के मजदूर शिक्षक भेज देते हैं. मगर भारतीय जनता पार्टी सरकार को बच्चियों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता की कोई चिंता नहीं है. ‘स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार’ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि लगता है प्रदेश के स्कूलों में भी डबल इंजन की सरकार चल रही. सागर जिले के ग्रामीण इलाके मझेरा के स्कूल का असल शिक्षक इंद्र विक्रम, मंत्री वीरेन्द्र खटीक का मुंह लगा है. इस शिक्षक ने अपनी जगह स्कूल में एवजी शिक्षक ममता को तीन हजार रुपए महीने पर नौकरी पर रख लिया, वो इनकी जगह क्लास लेती है और ये मंत्री के हाथों खीर खाते हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघा ने लिखा कि मोहन बाबू क्या ये भी डबल इंजन वाली व्यवस्था है? सिर्फ यही नहीं प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में ऐसे एवजी शिक्षक पढ़ा रहे हैं. राजनीतिक संरक्षण वाले शिक्षकों ने एवजियों को पढ़ाने का काम सौंप दिया और खुद राजनीति करते हैं. अब देखना है कि सागर जिले के शिक्षक इंद्र विक्रम पर सरकार क्या कार्रवाई करती है. शिक्षक का 40 हजार रुपए वेतन मझेरा गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक इंद्र विक्रम सिंह परमार उर्फ वट्टू राजा का 40 हजार रुपए वेतन है, जबकि उन्होंने 3000 रुपए महीने में ममता नामक महिला को पढ़ाने के लिए रख रखा है, वह एक साल से इस स्कूल में पढ़ा रही हैं. इधर इस मामले में प्रधानाध्यापक धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि कई बार मना किया, फिर भी ममता स्कूल आ रही हैं. उपस्थिति रजिस्टर में लाइन खींच दी, फिर भी इंद्र महीने में एक बार आकर हस्ताक्षर कर रहे हैं. वहीं शिक्षक इंद्र का कहना है कि सुबह-शाम केंद्रीय मंत्री के साथ समय व्यतीत करता हूं. दिन में स्कूल जाता हूं. कभी-कभी नहीं जा पाता, वह अलग बात है. बता दें यह केवल एक स्कूल का हाल नहीं है, बल्कि सागर जिले के ही बिलहरा के बंजरिया, भलैयां, रेहटी, कजरई के अलावा नर्मदापुरम के खोकसर के स्कूलों में भी यही हाल है. यहां 40 से 80 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले शिक्षकों ने किराए के शिक्षक रख रखे हैं. recent visitors 135

दृश्य देखिए और फिर सरकारी दावा, हमारी आस्था भी,,,,?

See the scene and then the government’s claim, our faith also,,,,? इंदौर । कार्तिक पूर्णिमा को,नदी में स्नान करना और दीपदान करना चाहिए ऐसा कहां भी जाता है माना भी जाता है। नर्मदा नदी,चंबल नदी, कालीसिंध नदी, श्रिपा नदी कुछेक और हमारे प्रदेश में है। यह दृश्य श्रिपा गांव का है और श्रिपा नदी का है तथा इंदौर देवास सड़क के पूल से मैंने ही लिया है। इस क्षैत्र के जनप्रतिनिधि मप्र शासन के जल एवं सिंचाई विभाग के केबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट है,,, तो इंदौर, उज्जैन के लिए श्रिपा नदी महत्वपूर्ण,,। इसके सामने के क्षेत्र में गांव के पास तट, मंदिर है वो थोड़ा साफ है। गंदगी होती,गंदे नाले का पानी आता तो मैं दृष्टिकोण अपना अलग रखता यह तो कज्जी है, मतलब पानी बहता हुआ नहीं है, एकत्रित पानी है,,,। और सरकारी ध्यान भी नहीं  धर्म आस्था और श्रद्धा का संगम आदिकाल से, कालांतर से चल रहा, पंरतु जागरुकता भी चलती रही, ईस्तेहार देकर करोड़ों रुपए खर्च करके इंवेट करने से नदी, जलाशय, तालाब स्वच्छ निर्मल नहीं हो सकते उसके खातिर सजगता और चाक चौबंद निगाहें भी चाहिए,,,कार में भले शीशे हो पर निगाह बान निगाहें चाहिए, सैकड़ों लोग रोज निकलते हैं पर आवाज भी निकलती, हम श्रिपा नदी की यह हालत देख रहे,, नर्मदा नदी की भी हालत भी बताऊंगा खूद जाकर देखकर,, क्या अधिकारियों को जनप्रतिनिधि गणों को नहीं दिखता, धार्मिक संगठन और सामाजिक संगठन चुप क्यों, सजगता की आवश्यकता है नदी पूजते हैं तो पूज्यनीय स्थल ऐसे होंगे, करोड़ों रुपए हर माह तनख्वाह बंटती है अधिकारियों की तनख्वाह में किस लिए,,, मैंने लिखा था मैं तह तक जाकर सही स्थिति हर नदी और तालाब की हर माह जाकर एक खुलासा करूंगा,,,। श्रिपा नर्मदा लिंक परियोजना के नाम पर खेल हुआ, जहां मां श्रिपा नदी का उद्गम हुआ वे वहां से 7किलो मीटर दूर तक विलुप्त है,,, उसके बाद आगे प्रगट होती है और श्रिपा नदी का यह रुप श्रिपा गांव में दिखता है,एक तट साफ है जहां मंदिर है। दुसरा तट ऐसा, जल्दी ही मैं आगे बढती इसी नदी का रुप दिखाऊंगा तथा फिर फैक्ट्री आदि मिलते फिर उज्जैन में रामघाट, मंगलनाथ मंदिर सामने का, फिर ड्रैनेज चैम्बरों के पानी के मिलते दृश्य, इंवेट और मैनेजमेंट को हकीकत का आईना दिखाइये,, मेरा यह अभिमत  “प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट” recent visitors 145

बुलडोजर संस्कृति पर उच्चतम न्यायालय प्रहार।

Supreme Court attacks bulldozer culture. जब आज से पांच महीने पहले मेने बुलडोजर संस्कृति पर लिखा,,गलत को गलत लिखा, बुलडोजर घर पर नहीं अपराधी पर चले, निरपराधी परिजनों पर कहर नहीं अपराधी को संरक्षण देने वाले पर कहर बरपे।बहुतेरे ने अपने सवाल जवाब किए, पर अब जब उच्चतम न्यायालय ने भी लगभग सुर वहीं छेड़ा तो मुझे लगा,निश्चल भाव मन व सोच का भाव सत्यता की लकीरें हमेशा जीत दिलाती है।अपराधी को सजा मिले कठोर से कठोर मिले, अपराधी के संरक्षकों को भी मिले पर निरपराधी परिजनों को नहीं।चिड़िया जिस तरह तिनका तिनका जोड़कर घोंसला बनाती है बच्चों को सुरक्षित रखने खातिर तो व्यक्ति भी यही करता है, अपराधी तो मेहनत नहीं करता, मेहनत करने वाले परिस्थिति जन्य अपराधी बनते हैं आदतन नहीं होते, परिस्थिति में दुर्भाग्य भी कारक होता है। पर आदतन तो अंधेरी गुफा में स्वयं जाता है। ।।अपराधी का अपराध पहला है, देशद्रोही अपराधी है, समाज या व्यवसाय, महिला शोषणकारी व्यवस्था का अंग है या शोषणकारी, समझने की आवश्यकता है फिर कठोर सजा मिले।बुलडोजर चला आज क्यों, अतिक्रमण दिखा आज क्यों,था तो पहले कौन-कौन दोषी,,, बुलडोजर आज ही क्यों, सुनवाई अवसर क्यों नहीं सबकुछ अधिकारियों को तय करना है।नहीं कानून हैं देश में हिटलरशाही नहीं चलेगी न्यायालय का चाबुक चलेगा न्याय अनुसार चलेगा,।साधुवाद उच्चतम न्यायालयप्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट recent visitors 151

भाजपा ने विजयपुर में वोट नहीं डलने दिए, बुधनी में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा चुनाव को प्रभावित कराया गया, पटवारी ने लगाए भाजपा-सरकार पर गंभीर आरोप

BJP did not allow voting in Vijaypur, elections were influenced by Anganwadi workers in Budhni, Patwari made serious allegations against BJP-government. भोपाल। मध्यप्रदेश में 10 माह पहले विधानसभा चुनाव हुए थे। मोदी गारंटी को लेकर भाजपा सरकार में आई लेकिन भाजपा ने एक भी गारंटी पूरी नहीं की। भाजपा का मूल चरित्र जिसमें नये भारत में मंडी लगती है जनप्रतिनिधियों की। प्राचीन भारत में सुना था गुलाम बिकते हैं, लेकिन अभी आधुनिक भारत में जनप्रतिनिधियों की बोली लगती है। जिसमें मध्यप्रदेश इसमें सबसे ज्यादा ग्रसित रहा। भाजपा को जो मत मिला उससे वह मदहोष को गई है। बाबा साहेब अंबेडकर विरोधी, संविधान विरोधी मताधिकार विरोधी और लोकतंत्र विरोधी है भारतीय जनता पार्टी। कलेक्टर ने किया भाजपा एजेंट की तरह कार्य विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में उपद्रव और आतंक के अनुमान को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को क़रीब 100 शिकायते की, लेकीन चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव संपन्न करवाने के बजाए भाजपा सरकार के आगे घुटने टेक कर ये दयनीय मंजर देखता रहा! श्योपुर कलेक्टर किशोर कन्याल विजयपुर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के एजेंट की तरह कार्य करते रहे। कांग्रेस लगातार शिकायत करती रही, लेकिन चुनाव आयोग ने भी संज्ञान नहीं लिया! जिसका नतीजा यह उपद्रव है। विजयपुर चुनाव में रामनिवास रावत के गुंडों ने संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर जी की प्रतिमा को तोड़ दिया। दबंगई और गुंडई में रावत के गुंडों ने बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा तोड़कर देश के प्रत्येक नागरिक, संविधान और वंचित वर्ग का अपमान किया है। सरकार के आगे घुटने टेक चुका प्रशासन यदि अपनी जिम्मेदारी निभाता, तो गुंडा तत्व भारत रत्न डॉं. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा तोड़ने की हिम्मत नहीं कर पाते। बंटी रावत ने चलाई गोलियां पटवारी ने कहा कि हमने जो संभावनाएं चुनाव में जाहिर की थी वह सब की सब सामने आयी। जैसे हमने कहा कि राजस्थान से डाकूं आयेंगे, आये, दलितों, आदिवासियों पर हमला होगा, दलितों के साथ मारपीट की जायेगी, ये सब हुआ। बंटी रावत नामक डकैत ने आदिवासियों के साथ मारपीट की। 10 बाईकों पर अपने 20 साथियों के आये बंटी रावत ने अंधाधुंध गोलियां चलाई जिससे क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल निर्मित हुआ। सरकार की सह पर चुनाव आयोग पटवारी ने कहा कि चुनाव आयोग को कार्यवाही के लिए लगभग 100 शिकायतें भेजी, लेकिन सरकार की सह पर चुनाव आयोग ने कोई कार्यवाही नहीं की। विजयपुर विधानसभा के अंतर्गत जातिगत व्यक्ति का बीएलओ बनाये की षिकायत, संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा-व्यवथा, पोलिंग बूथ पर कैमरे लगाये जाये, सरकारी कर्मचारियों पर अमला चाहे वन विभाग स्वास्थ्य, रेवेन्यु या अन्य विभाग हो की शिकायत आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के पक्ष में कार्य करने की शिकायत, वहीं रामनिवास रावत के दो भाई जो आरटीओ में पदस्थ हैं जो चुनाव का संचालन कर रहे थे की शिकायत, 37 गांवों में जाटवों को पीटा गया। लोगों के घरों में आग लगायी गई, मतदाताओं को गुंडों से पिटवाने की घटना और हमें सबसे बड़ी शिकायत पर्यावरण विभाग का उपसचिव को अपने विजयपुर क्षेत्र में कलेक्टर बनाकर पदस्थ कराने की शिकायत। इस प्रकार कांग्रेस ने करीब 100 शिकायतें निर्वाचन आयोग को समय-समय पर की। पटवारी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी और अमित शाह संविधान विरोधी है। प्रदेष के मुख्यमंत्री कहते हैं कि जैसे भी हो जो भी करना पड़े करो, लेकिन यह चुनाव जीतों, यानि लोकतंत्र की खुलकर हत्या करो।पटवारी ने कहा कि विजयपुर में आदिवासियों को पर्ची नहीं दी गई। उनके साथ मारपीट की गई। विजयपुर में राजस्थान के गुंडों द्वारा 20-22 गुंडों के साथ आदिवासियों पर गोलियां चलायी गईं, वहीं बुधनी में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा बूथों पर महिलाओं को भाजपा के पक्ष में मतदान कराने के लिए प्रेरित किया गया। भाजपा पागल हाथी की तरह हो गयी है। विजयपुर और बुधनी में इतना आंतक भाजपा ने करवाया इससे पहले कभी भी मप्र में ऐसा नहीं हुआ। फिर भी दोनों चुनाव कांग्रेस पार्टी जीतेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अधिकारी सर्विरू रूल के अनुसार काम करें, जिन्होंने बाबा साहेब की मूर्ति को क्षति पहुंचाई हैं उन्हें गिरफ्तार किया जाये।पटवारी ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति पर हमला करने वालों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी होना चाहिए। भाजपा का असली चेहरा, चाल-चरित्र है। लोकतंत्र विरोधी, बाबा साहेब के संविधान विरोधी है भाजपा। आखिर कैसा मप्र बनाना चाहती है। भाजपा का असली चेहरा यही है कि वह महिलाओं को 1200 रूपये देकर गुंडों से पिटवाती है। सरकार की मिलीभगत से बाबा साहेब की मूर्ति को तोड़ा पटवारी ने कहा कि सरकार की मिलीभगत से बाबा साहेब की मूर्ति को तोड़ा गया है, बाबा साहेब की मूर्ति तोड़ने की कांग्रेस पार्टी घोर निंदा करती है, कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि दलित विरोधी भाजपा जिन्होंने विजयपुर में बाबा साहेब की प्रतिमा तोडी, बाबा साहेब की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के विरोध में उसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी 18 नवम्बर को पूरे प्रदेष मेें प्रदेष स्तरीय आंदोलन कर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करायेगी और जिला और ब्लाक मुख्यालयों पर स्थिति बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जायेगा और भाजपा सरकार का पुतला दहन किया जायेगा तथा जिले में कलेक्टर और ब्लाक में एसडीएम को ज्ञापन सौंपेगी और आरोपियों, उपद्रियों की गिरफ्तारी की मांग की जायेगी।पत्रकार वार्ता के दौरान मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजीव सिंह, चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया भी उपस्थित थे। recent visitors 343

मध्यप्रदेश: विजयपुर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Police took the Congress candidate to Vijaypur assembly constituency in Madhya Pradesh  कांग्रेस प्रत्याशी को ले गई पुलिस विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्यशी मुकेश मल्होत्रा को पुलिस ने वोट डालने से पहले कस्टडी में लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा की पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा, चार से पांच पुलिस की गाड़ी आई और साथ लेकर गई। कराहल टीआई भारत सिंह बोले, सुरक्षा की दृष्टि से मुकेश मल्होत्रा को लेकर आए हैं। पुलिस की गाड़ी से क्षेत्र में भ्रमण कराया जाएगा। कांग्रेस प्रत्याशी ने किया मतदान, कहा- बदलाव की संभावना बुधनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल मतदान से पहले माता, पिता और परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए निकले। इस दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं। मतदान करने के बाद राजकुमार पटेल ने कहा कि इस बार बुधनी में बदलाव की संभावना है।   recent visitors 232

फोटो सेशन के दौरान बीच में आया BJP कार्यकर्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मारी लात, वीडियो वायरल

BJP worker came in between during photo session, former Union Minister kicked him, video goes viral मुंबई ! महाराष्ट्र के जालना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और पूर्व सांसद रावसाहेब दानवे का एक कार्यकर्ता को लात मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित कार्यकर्ता ने इस पर सफाई दी है. गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे हमेशा अलग-अलग वजहों से चर्चा में रहते हैं. वीडियो सामने आने के बाद दानवे एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर रावसाहेब दानवे की जमकर आलोचना हो रही है. घटना उस समय हुई जब पूर्व सांसद जालना विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना उम्मीदवार अर्जुन खोतकर से मिलने पहुंचे. इस दौरान जब दोनों नेताओं का फोटो सेशन चल रहा था, तभी कुछ कार्यकर्ता ने उनके साथ फोटो लेने की कोशिश की. इस दौरान दानवे ने कार्यकर्ता को लात मार दी. कार्यकर्ता शेख अहमद ने दी सफाई दानवे ने जिस कार्यकर्ता को लात मारी उसका नाम शेख अहमद है. शेख ने घटना के बारे में बताते हुए कहा, “वह दानवे के तीस साल से दोस्त हैं. आज सुबह जो वीडियो वायरल हुआ है, वह गलत है. ऐसी कोई बात नहीं है. रावसाहेब दानवे की शर्ट फंसी हुई थी. मैं उनके पास खड़ा था और मैंने उनकी शर्ट उतारने की कोशिश की. दानवे साहब को कुछ समझ नहीं आया. हालांकि, लात मारने जैसी कोई बात नहीं हुई.” बता दें कि दानवे पहले भी विवादों में रहे हैं. उनके खिलाफ 2016 में चुनाव के दौरान दिए गए बयान “घर आने वाली लक्ष्मी को मना मत करना” के लिए मामला दर्ज किया गया था. जालना से सांसद रहे हैं दानवे रावसाहेब दानवे भी जालना लोकसभा क्षेत्र से पांच बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. हालांकि, इस लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. कल्याण काले ने उन्हें हराया. वहीं, विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रबंधन समिति बनाई है. फिलहाल रावसाहेब दानवे इस समिति के अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं. recent visitors 237

‘उम्मीदवार की जाति, धर्म और नस्ल देखकर वोट…’, मतदाताओं से क्या बोले नितिन गडकरी?

‘Vote considering the caste, religion and race of the candidate…’, what did Nitin Gadkari say to the voters? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस ही थी जिसने अपने स्वार्थ के लिए संविधान को तोड़ा-मरोड़ा और अब वह इसका दोष भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मढ़ रही है. नितिन गडकरी ने काटोल में बीजेपी प्रत्याशी चरणसिंह ठाकुर के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए सोमवार (10 नवंबर, 2024) को कहा कि भाजपा न तो डॉ. बी आर आंबेडकर का संविधान बदलेगी और न ही किसी को ऐसा करने देगी. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी. नितिन गडकरी ने कहा, ‘हम न तो बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान बदलेंगे और न ही हमें किसी को ऐसा करने देंगे. संविधान की मूल संरचना को बदला नहीं जा सकता है.’ उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया. नितिन गडकरी ने कहा, ‘संविधान की मुख्य विशेषताएं जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता के साथ-साथ मौलिक अधिकारों को कोई भी नहीं बदल सकता है. आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने संविधान को तोड़-मरोड़ा. देश के इतिहास में कांग्रेस ही थी जिसने संविधान को तोड़ने-मरोड़ने का पाप किया और अब वे हम पर दोष मढ़ रहे हैं.’ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि महाराज ने लोगों को भगवान राम के राम राज्य के समान शिवशाही दी, जिसके बारे में महात्मा गांधी हमेशा कहते थे कि देश में इसे स्थापित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर आप राम राज्य स्थापित करना चाहते हैं तो यह नेताओं के हाथ में नहीं बल्कि जनता के हाथ में है. जाति, नस्ल, धर्म और भाषा के आधार पर मतदान न करें. कोई व्यक्ति अपनी जाति से नहीं बल्कि अपने गुणों से बड़ा होता है. छूआछूत और जातिवाद खत्म होना चाहिए.’ नितिन गडकरी ने कहा कि जो नेता अपनी योग्यता के आधार पर नहीं जीत सकते, वे चुनावी लाभ के लिए जाति का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘आप भोजन और स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति के पास उसकी जाति देखे बगैर जाते हैं. जब तक आप ईमानदार, गैर-भ्रष्ट नेताओं और दल को नहीं चुनते, तब तक आपका भविष्य नहीं बदलेगा.’ उन्होंने कहा कि महायुति सरकार लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लेकर आई है. नितिन गडकरी ने पूछा कि क्या इनमें से कोई भी ऐसी योजना है जिसमें मुस्लिम और दलित आवेदन नहीं कर सकते? recent visitors 253