आधी रात में पूरी ताकत…IAS अधिकारियों का अचानक तबादला: कांग्रेस ने जताई आपत्ति

MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में एक बार फिर दो दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का आधी रात तबादला कर दिया गया है. ट्रांसफर लिस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव के दोनों प्रमुख सचिव का भी नाम शामिल है. रात में अधिकारियों के तबादला आदेश पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि आधी रात पूरी ताकत से चल रहा ‘तबादला उद्योग’ अब प्रशासनिक मशीन में खड़खड़ाहट की तेज आवाज पैदा कर रहा है. पटवारी ने कहा कि नियमों के विपरीत लगातार हो रहे तबादले डरी हुई सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति और अनिर्णय की स्थिति को दर्शाता है. पटवारी के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी नेता राजपाल सिंह ने कहा कि जीतू पटवारी अभी तक के सबसे असफल प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं. लगता है कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल शायद याद नहीं रहा. उन्होंने कहा कि 15 महीने में कमलनाथ सरकार ने तबादला उद्योग चला दिया था. एक अधिकारी को एक महीने में तीन बार बदला जा रहा था. रात में तबादले का आदेश जारी होने पर कांग्रेस ने उठाये सवाल प्रदेश की बीजेपी सरकार नियम अनुसार पोस्टिंग कर रही है. कांग्रेस को मध्य प्रदेश के विकास से शायद घृणा है, शायद इसलिए जीतू पटवारी झूठे आरोप लगा रहे हैं. प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का दावा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में अभी तक सबसे कम तबादले हुए हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों को नियमानुसार इधर से उधर भेजा गया है. उन्होंने मोहन यादव सरकार के आदेश का बचाव किया. बीजेपी नेता ने कहा कि उपचुनाव होने की वजह से कांग्रेस को हर आदेश में राजनीति दिख रही है. सरकार कोई भी आदेश दिन-रात देखकर नहीं निकालती है. सरकार का आदेश जनहित को देखते हुए जारी होता है. recent visitors 151

भाजपा में जुबानी जंग! प्रदेश अध्यक्ष नहीं संभाल पा रहे भाजपा, पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र ने लगाए आरोप

Verbal war in BJP! State president is unable to handle BJP, former Home Minister Bhupendra made allegations भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के सीनियर नेता भूपेन्द्र सिंह आमतौर पर सार्वजनिक रूप से सधे रूप में अपनी बात रखते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे लगातार मुखर हैं। वे अपने बयान के बाद अब सागर जिले में अकेले पड़ गए हैं। विगत दिनों एक कार्यक्रम में कांग्रेस से आए एक नेता को लेकर भूपेंद्र सिंह के बयान से सियासी घमासान मच गया है। इस बयान पर अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की इंट्री हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने साफ कहा है कि पार्टी में आने वाला हर व्यक्ति अब पार्टी की ताकत और पार्टी का कार्यकर्ता है। किसी को कोई समस्या होगी तो पार्टी फोरम पर चर्चा की जाएगी। पार्टी में आने वाला अब पार्टी की ताकत बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व और उनके कामों से प्रभावित होकर यदि कोई आया है तो पार्टी उनका स्वागत करती है। भाजपा में आए हुए लोग अब भारतीय जनता पार्टी हैं। अब व्यक्तिगत मेरी या किसी और की किससे क्या है, मैं नहीं कह सकता। मनुष्य होने के नाते एक-दूसरे के अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन भाजपा में आने वाले सभी भाई पार्टी की ताकत और पार्टी के कार्यकर्ता हैं। आने वाले लोगों को लेकर कोई संदेह नहीं है। भाजपा में कहीं कोई मतभेद नहीं होते। यदि कहीं कोई व्यक्तिगत समस्या होगी तो पार्टी फोरम पर उस पर चर्चा होगी। पूर्व मंत्री ने कहा था- कांग्रेसियों को मैं कभी स्वीकार नहीं करूंगा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह के उस बयान पर जवाब दिया है, जो उन्होंने सागर के आदर्श गार्डन में हुए दीपावली मिलन समारोह में दिया था। भूपेन्द्र सिंह ने पूर्व के वर्षों में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा था, ” खुरई विधानसभा क्षेत्र में एक समय कांग्रेस का इतना आतंक था कि कोई भी भाजपा से जुड़ा व्यक्ति पार्षद, सरपंच और यहा तक कि विधायक का भी फॉर्म नहीं भर सकता था। पार्टी ने मुझसे कहा कि खुरई विधानसभा से लड़ना है तो मैं तैयार हो गया। इसके बाद लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस के सामने हमला हुआ, इसमें 72 कार्यकर्ता घायल हुए। ऐसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी स्वीकार करे या न करे, मैं कभी स्वीकार नहीं करूंगा। भूपेन्द्र सिंह ने इसके पहले उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के सामने मोबाइल सीडीआर का भी मामला उठाया था। recent visitors 340

मल्लिकर्जुन खड़गे की मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना का दोगला रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें। recent visitors 135

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से अपील: 13 नवंबर को करें मतदान और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं

Leader of Opposition Umang Singhar’s appeal to the voters of Vijaypur and Budhni: Vote on 13th November and strengthen democracy. भोपाल ! मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को श्योपुर जिले की विजयपुर और सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव होने जा रहे हैं। इस उपचुनाव में न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों का भविष्य तय होगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार के पिछले 10 महीने के कार्यकाल का भी महत्वपूर्ण मूल्यांकन का अवसर होगा। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से एक अपील की है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की ताकत को मजबूत करने और प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यों पर आम जनता की राय जानने का भी मौका है। उमंग सिंघार ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “आपका एक-एक वोट प्रदेश की दिशा तय करेगा। यह सिर्फ विधानसभा चुनाव नहीं है, बल्कि यह हमारी सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का मापदंड भी है। आपके मतदान से यह संदेश जाएगा कि आप किस प्रकार के नेतृत्व और नीतियों को अपने क्षेत्र और प्रदेश में देखना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि 10 महीने पहले सत्ता में आई प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, वादों की पूर्ति और जनता की सेवा के हिसाब से इस उपचुनाव में मतदाताओं को अपना फैसला लेना है। यह एक बड़ा मौका है जहां जनता को यह तय करना है कि क्या सरकार अपने वादों को पूरा करने में सफल रही है या नहीं।“आपका मतदान ही यह तय करेगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ेगी। विजयपुर और बुधनी के मतदाता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं, और हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप 13 नवंबर को अपने मतदान का अधिकार अवश्य उपयोग करें,” उमंग सिंघार ने कहा। यह उपचुनाव न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चुनाव परिणामों से यह संकेत मिलेगा कि राज्य के नागरिक आगामी विधानसभा चुनावों में किस दिशा में अपना समर्थन देंगे। recent visitors 137

गडकरी ने फिर बोला अपनी ही पार्टी पर हमला, भाजपा की फसल में लग गए हैं कीड़े

Gadkari again attacked his own party, BJP’s crop is infested with insects बड़ी हो चुकी है BJP की फसल, लग गए हैं कुछ कीड़े; नितिन गडकरी बोले- छिड़कने होंगे कीटनाशक गडकरी ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को भी रेखांकित किया और कहा कि सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी है भोपाल। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में दागी नेताओं के घुसपैठ को लेकर चिंता जताई। गडकरी ने कहा कि जैसे-जैसे पार्टी का विस्तार हो रहा है, कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी स्वच्छता बनाए रखने के लिए कदम उठाने होंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए नितिन गडकरी ने ‘बीमारी वाले फसलों’ का उदाहरण देते हुए कहा है कि पार्टी को ‘कीटनाशक’ छिड़कने की आवश्यकता पर जोर देना चाहिए। गडकरी ने कहा, “जब फसल बढ़ती है तो बीमारियां भी बढ़ती हैं। बीजेपी की फसल बहुत बड़ी हो गई है, जिसमें अच्छे अनाज के साथ-साथ कुछ बीमारियां भी आ रही हैं। इसलिए हमें ऐसे बीमार फसलों पर कीटनाशक छिड़कने होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की बढ़ती सदस्यता के साथ राजनीतिक नेताओं के पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया पर भी नजर रखनी होगी। साथ ही नए सदस्यों को पार्टी की विचारधारा और संस्कृति से अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने कहा, “बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। नए लोग अलग-अलग कारणों से आ रहे हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें प्रशिक्षण दें, विचारधारा सिखाएं और उन्हें हमारे कार्यकर्ता बनाएं। हमारे प्रयास लगातार जारी हैं। हजारों कार्यकर्ता उठते हैं, लेकिन कभी-कभी एक कार्यकर्ता कुछ ऐसा कहता है जिससे हजारों कार्यकर्ताओं के प्रयास विफल हो जाते हैं।” नितिन गडकरी के ये बयान महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के संदर्भ में आए हैं। यहां बीजेपी महायुति गठबंधन के तहत शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिलकर चुनावी मैदान में है। सरकार का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी गडकरी ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को भी रेखांकित किया और कहा कि सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी है। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता, लेकिन राज्य, सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए।” महाराष्ट्र में बीजेपी के प्रदर्शन और 2024 लोकसभा चुनावों में पार्टी की सीटों की संख्या में आई कमी पर नितिन गडकरी ने प्रदेश के स्थानीय नेतृत्व की क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनका राज्य में कोई औपचारिक पद नहीं है, लेकिन उन्हें जब भी जरूरत पड़े वे सहायता के लिए उपलब्ध हैं। गडकरी ने कहा, “मुझे महाराष्ट्र में कोई औपचारिक भूमिका नहीं है। यहां के नेता सक्षम हैं। उन्हें अभी मेरी आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब भी उन्हें मेरी आवश्यकता होगी मैं सहायता के लिए उपलब्ध रहूंगा recent visitors 247

उपचुनाव: भाजपा-कांग्रेस दोनों जातिगत समीकरण साधने लगा रहे ताकत, आदिवासी वोटर होंगे निर्णायक

By-election: Both BJP and Congress are trying to balance caste equations, tribal voters will be decisive मध्य प्रदेश में दो सीटों बुधनी और विजयपुर सीट पर 13 नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है। इन दोनों ही सीटों पर प्रमुख राजनीतिक दल जातीय समीकरण साधने पर जोर लगा रहे हैं। विजयपुर में आदिवासी वोटर निर्णायक भूमिका में है।  भोपाल। प्रदेश की उपचुनाव वाली बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर सियासी पारा तेज हो गया है। दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस ने जातिगत समीकरण साधने के लिए नेताओं की पूरी फौज उतार दी है। विजयपुर सीट पर अनुसूचित जनजाति वोटर निर्णायक भूमिका में है। यह सीट कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। कांग्रेस इस सीट पर अभी तक ओबीसी प्रत्याशी उतारती आई थी। इस बार कांग्रेस ने आदिवासी कार्ड खेला है। कांग्रेस ने इस सीट पर मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए 44 हजार वोट प्राप्त किए थे।  विजयपुर में आदिवासी वोट 60 हजार से ज्यादा हैं। यहां पर सहरिया जनजाति के अलावा कुशवाह, धाकड़ व गुर्जर वोटर बड़ी संख्या में हैं। भाजपा ने सहरिया वोट साधने के लिए पूर्व भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया है। भील भिलाला वोटर्स को साधने के लिए मंत्री निर्मला भूरिया को जिम्मेदारी दी है। वहीं, कांग्रेस ने अनुसूचित जाति के लोगों को साधने के लिए आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रामू टेकाम और विधायक हीरालाल अलावा समेत अन्य नेताओं को जिम्मेदारी दी है। विजयपुर में अब तक 15 चुनाव हुए हैं। इसमें नौ बार कांग्रेस और छह बार भाजपा चुनाव जीती है। भाजपा काम तो कांग्रेस ने कुपोषण-गरीबी के साथ ही बिकाऊ और टिकाऊ का नाराज दिया है बुधनी सीट दिग्गजों ने झोंकी ताकत बुधनी विधानसभा सीट केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। इस सीट पर लंबे समय से भाजपा का कब्जा है। यहां पर किरार, पवार, ब्राह्मण, यादव ओर राजपूत के साथ ही आदिवासी वोटर्स भी है। इस सीट पर 2003 से लगातार भाजपा चुनाव जीतते आ रही है। इस सीट पर भाजपा ने रमाकांत भार्गव और कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है। पटेल किरार समाज से आते हैं, जो बुधनी में निर्णायक वोट बैंक माना जाता है। इसलिए यहां पर चुनाव कांटे की टक्कर वाला है। वह 1993 में इस सीट पर चुनाव जीत चुके हैं। बुधनी में 1957 से अब तक 17 बार चुनाव हुए हैं। इसमें 11 बार भाजपा और 5 बार कांग्रेस चुनाव जीती है। एक बार 1962 में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। यहां पर भाजपा विकास तो कांग्रेस सरकार को जगाने जनता से वोट मांग रही है। इस सीट पर भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत कई दिग्गज चुनाव मैंदान में जुटे हुए हैं। recent visitors 116

खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मुद्दे पर जीतू पटवारी ने मोहन सरकार को घेरा

Jitu Patwari cornered Mohan government on fertilizer crisis and nursing college issue भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है। खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मामले को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। प्रदेश में किसानों को हो रहे खाद संकट पर पटवारी ने कहा कि बुधनी जो केंद्रीय कृषि मंत्री का क्षेत्र है वहां भी लोगों को खाद की परेशानी हो रही है। बीजेपी के लोग बार-बार खाद की समस्या न होने की बात करते हैं, जबकि स्थितियां सबके सामने है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि बीजेपी के नेता बताएं रवि और खरीफ के लिए कितना खाद चाहिए था, सरकार ने कितनी मांग की है और उसके एवज में कितनी आपूर्ति हुई है। यदि बुधनी में पर्याप्त खाद किसानों को मिला होगा तो पिछली बार एक लाख आठ हजार से बीजेपी जीती थी, इस बार 1 लाख 9000 से चुनाव जीतना चाहिए। नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी साधा निशाना पीसीसी चीफ ने नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि लंबी जांच के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कि प्रदेश में केवल 200 कॉलेज ही ऐसे हैं, जो नियमों की पूर्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार भ्रष्टाचार की बात उठा रहे थे, वह सच साबित हुई। ऐसे में अब जिन लोगों ने इन कॉलेजों को मान्यता दी चाहे वह अधिकारी हो मंत्री हो या कर्मचारी हो सब पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर इन सब पर कार्रवाई की मांग करता हूं और मंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पटवारी ने कहा कि बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है। लेकिन कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस लूट के खिलाफ शासन प्रशासन और बीजेपी नेताओं से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है। उन्होंने कहा मैं खुद 11 तारीख तक विजयपुर में रहूंगा उसके बाद विजयपुर के आसपास सबलगढ़ शिवपुरी और श्योपुर में डेरा डालूंगा। ताकि विजयपुर में जनमत के साथ लूट ना हो सके। उमंग सिंगार के आरोपों पर पटवारी ने कहा उमंग सिंगार के आरोपों पर जीतू पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक जिम्मेदार पद पर है। यदि उन्होंने कोई बात कही है तो बिल्कुल प्रमाणिक होगी। रही बात बीजेपी को प्रमाण देने की तो बीजेपी बताएं कि रामनिवास रावत क्या फ्री फोकट में बीजेपी गए हैं। 2020 में जो बड़ी संख्या में विधायक जॉइन कराए, क्या वह मुफ्त में बीजेपी ज्वाइन किया और समय आने पर प्रमाण भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बीजेपी के नेता तो खुद ही इस बात को स्वीकारते हैं कि भाजपा नेता खरीद फरोख्त करते हैं। लाड़ली बहनों से की वादाखिलाफी लाड़ली बहन की किस्त जारी करने पर जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 3000 रुपए देने का वादा किया था। लेकिन केवल 1250 रुपए दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर महिलाओं के साथ छलावा है। महिलाएं भी अपने आप को छला हुआ महसूस कर रही है। इन दोनों उप चुनाव में महिलाएं इसका जवाब देंगी। पीएम मोदी के “एक रहोगे सेफ रहोगे” के बयान पर किया पलटवार पीएम मोदी के एक रहोगे सेफ रहोगे वाले बयान पर भी पटवारी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की भी यही भावना है कि सब भारत के लोग एक साथ मिलजुल कर रहे। लेकिन बीजेपी के लोग मंच से तो सबके एकजुटता होने की बात करते हैं। लेकिन पीछे के रास्ते समाज में बांटने का काम करते हैं। काम, संविधान को कमजोर करने का मोदी प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी भी यही कहते हैं कि भारत की अखंडता बनी रहनी चाहिए। प्रधानमंत्री को यह नारा भी लगाना चाहिए कि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हम आपस में भाई-भाई। भारत की संस्कृति में सबको एकजुट रहने की बात कही गई है। recent visitors 154