दृश्य देखिए और फिर सरकारी दावा, हमारी आस्था भी,,,,?

See the scene and then the government’s claim, our faith also,,,,? इंदौर । कार्तिक पूर्णिमा को,नदी में स्नान करना और दीपदान करना चाहिए ऐसा कहां भी जाता है माना भी जाता है। नर्मदा नदी,चंबल नदी, कालीसिंध नदी, श्रिपा नदी कुछेक और हमारे प्रदेश में है। यह दृश्य श्रिपा गांव का है और श्रिपा नदी का है तथा इंदौर देवास सड़क के पूल से मैंने ही लिया है। इस क्षैत्र के जनप्रतिनिधि मप्र शासन के जल एवं सिंचाई विभाग के केबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट है,,, तो इंदौर, उज्जैन के लिए श्रिपा नदी महत्वपूर्ण,,। इसके सामने के क्षेत्र में गांव के पास तट, मंदिर है वो थोड़ा साफ है। गंदगी होती,गंदे नाले का पानी आता तो मैं दृष्टिकोण अपना अलग रखता यह तो कज्जी है, मतलब पानी बहता हुआ नहीं है, एकत्रित पानी है,,,। और सरकारी ध्यान भी नहीं  धर्म आस्था और श्रद्धा का संगम आदिकाल से, कालांतर से चल रहा, पंरतु जागरुकता भी चलती रही, ईस्तेहार देकर करोड़ों रुपए खर्च करके इंवेट करने से नदी, जलाशय, तालाब स्वच्छ निर्मल नहीं हो सकते उसके खातिर सजगता और चाक चौबंद निगाहें भी चाहिए,,,कार में भले शीशे हो पर निगाह बान निगाहें चाहिए, सैकड़ों लोग रोज निकलते हैं पर आवाज भी निकलती, हम श्रिपा नदी की यह हालत देख रहे,, नर्मदा नदी की भी हालत भी बताऊंगा खूद जाकर देखकर,, क्या अधिकारियों को जनप्रतिनिधि गणों को नहीं दिखता, धार्मिक संगठन और सामाजिक संगठन चुप क्यों, सजगता की आवश्यकता है नदी पूजते हैं तो पूज्यनीय स्थल ऐसे होंगे, करोड़ों रुपए हर माह तनख्वाह बंटती है अधिकारियों की तनख्वाह में किस लिए,,, मैंने लिखा था मैं तह तक जाकर सही स्थिति हर नदी और तालाब की हर माह जाकर एक खुलासा करूंगा,,,। श्रिपा नर्मदा लिंक परियोजना के नाम पर खेल हुआ, जहां मां श्रिपा नदी का उद्गम हुआ वे वहां से 7किलो मीटर दूर तक विलुप्त है,,, उसके बाद आगे प्रगट होती है और श्रिपा नदी का यह रुप श्रिपा गांव में दिखता है,एक तट साफ है जहां मंदिर है। दुसरा तट ऐसा, जल्दी ही मैं आगे बढती इसी नदी का रुप दिखाऊंगा तथा फिर फैक्ट्री आदि मिलते फिर उज्जैन में रामघाट, मंगलनाथ मंदिर सामने का, फिर ड्रैनेज चैम्बरों के पानी के मिलते दृश्य, इंवेट और मैनेजमेंट को हकीकत का आईना दिखाइये,, मेरा यह अभिमत  “प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट” recent visitors 140

भाजपा ने विजयपुर में वोट नहीं डलने दिए, बुधनी में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा चुनाव को प्रभावित कराया गया, पटवारी ने लगाए भाजपा-सरकार पर गंभीर आरोप

BJP did not allow voting in Vijaypur, elections were influenced by Anganwadi workers in Budhni, Patwari made serious allegations against BJP-government. भोपाल। मध्यप्रदेश में 10 माह पहले विधानसभा चुनाव हुए थे। मोदी गारंटी को लेकर भाजपा सरकार में आई लेकिन भाजपा ने एक भी गारंटी पूरी नहीं की। भाजपा का मूल चरित्र जिसमें नये भारत में मंडी लगती है जनप्रतिनिधियों की। प्राचीन भारत में सुना था गुलाम बिकते हैं, लेकिन अभी आधुनिक भारत में जनप्रतिनिधियों की बोली लगती है। जिसमें मध्यप्रदेश इसमें सबसे ज्यादा ग्रसित रहा। भाजपा को जो मत मिला उससे वह मदहोष को गई है। बाबा साहेब अंबेडकर विरोधी, संविधान विरोधी मताधिकार विरोधी और लोकतंत्र विरोधी है भारतीय जनता पार्टी। कलेक्टर ने किया भाजपा एजेंट की तरह कार्य विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में उपद्रव और आतंक के अनुमान को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को क़रीब 100 शिकायते की, लेकीन चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव संपन्न करवाने के बजाए भाजपा सरकार के आगे घुटने टेक कर ये दयनीय मंजर देखता रहा! श्योपुर कलेक्टर किशोर कन्याल विजयपुर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के एजेंट की तरह कार्य करते रहे। कांग्रेस लगातार शिकायत करती रही, लेकिन चुनाव आयोग ने भी संज्ञान नहीं लिया! जिसका नतीजा यह उपद्रव है। विजयपुर चुनाव में रामनिवास रावत के गुंडों ने संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर जी की प्रतिमा को तोड़ दिया। दबंगई और गुंडई में रावत के गुंडों ने बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा तोड़कर देश के प्रत्येक नागरिक, संविधान और वंचित वर्ग का अपमान किया है। सरकार के आगे घुटने टेक चुका प्रशासन यदि अपनी जिम्मेदारी निभाता, तो गुंडा तत्व भारत रत्न डॉं. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा तोड़ने की हिम्मत नहीं कर पाते। बंटी रावत ने चलाई गोलियां पटवारी ने कहा कि हमने जो संभावनाएं चुनाव में जाहिर की थी वह सब की सब सामने आयी। जैसे हमने कहा कि राजस्थान से डाकूं आयेंगे, आये, दलितों, आदिवासियों पर हमला होगा, दलितों के साथ मारपीट की जायेगी, ये सब हुआ। बंटी रावत नामक डकैत ने आदिवासियों के साथ मारपीट की। 10 बाईकों पर अपने 20 साथियों के आये बंटी रावत ने अंधाधुंध गोलियां चलाई जिससे क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल निर्मित हुआ। सरकार की सह पर चुनाव आयोग पटवारी ने कहा कि चुनाव आयोग को कार्यवाही के लिए लगभग 100 शिकायतें भेजी, लेकिन सरकार की सह पर चुनाव आयोग ने कोई कार्यवाही नहीं की। विजयपुर विधानसभा के अंतर्गत जातिगत व्यक्ति का बीएलओ बनाये की षिकायत, संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा-व्यवथा, पोलिंग बूथ पर कैमरे लगाये जाये, सरकारी कर्मचारियों पर अमला चाहे वन विभाग स्वास्थ्य, रेवेन्यु या अन्य विभाग हो की शिकायत आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के पक्ष में कार्य करने की शिकायत, वहीं रामनिवास रावत के दो भाई जो आरटीओ में पदस्थ हैं जो चुनाव का संचालन कर रहे थे की शिकायत, 37 गांवों में जाटवों को पीटा गया। लोगों के घरों में आग लगायी गई, मतदाताओं को गुंडों से पिटवाने की घटना और हमें सबसे बड़ी शिकायत पर्यावरण विभाग का उपसचिव को अपने विजयपुर क्षेत्र में कलेक्टर बनाकर पदस्थ कराने की शिकायत। इस प्रकार कांग्रेस ने करीब 100 शिकायतें निर्वाचन आयोग को समय-समय पर की। पटवारी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी और अमित शाह संविधान विरोधी है। प्रदेष के मुख्यमंत्री कहते हैं कि जैसे भी हो जो भी करना पड़े करो, लेकिन यह चुनाव जीतों, यानि लोकतंत्र की खुलकर हत्या करो।पटवारी ने कहा कि विजयपुर में आदिवासियों को पर्ची नहीं दी गई। उनके साथ मारपीट की गई। विजयपुर में राजस्थान के गुंडों द्वारा 20-22 गुंडों के साथ आदिवासियों पर गोलियां चलायी गईं, वहीं बुधनी में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं द्वारा बूथों पर महिलाओं को भाजपा के पक्ष में मतदान कराने के लिए प्रेरित किया गया। भाजपा पागल हाथी की तरह हो गयी है। विजयपुर और बुधनी में इतना आंतक भाजपा ने करवाया इससे पहले कभी भी मप्र में ऐसा नहीं हुआ। फिर भी दोनों चुनाव कांग्रेस पार्टी जीतेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अधिकारी सर्विरू रूल के अनुसार काम करें, जिन्होंने बाबा साहेब की मूर्ति को क्षति पहुंचाई हैं उन्हें गिरफ्तार किया जाये।पटवारी ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति पर हमला करने वालों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी होना चाहिए। भाजपा का असली चेहरा, चाल-चरित्र है। लोकतंत्र विरोधी, बाबा साहेब के संविधान विरोधी है भाजपा। आखिर कैसा मप्र बनाना चाहती है। भाजपा का असली चेहरा यही है कि वह महिलाओं को 1200 रूपये देकर गुंडों से पिटवाती है। सरकार की मिलीभगत से बाबा साहेब की मूर्ति को तोड़ा पटवारी ने कहा कि सरकार की मिलीभगत से बाबा साहेब की मूर्ति को तोड़ा गया है, बाबा साहेब की मूर्ति तोड़ने की कांग्रेस पार्टी घोर निंदा करती है, कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि दलित विरोधी भाजपा जिन्होंने विजयपुर में बाबा साहेब की प्रतिमा तोडी, बाबा साहेब की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के विरोध में उसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी 18 नवम्बर को पूरे प्रदेष मेें प्रदेष स्तरीय आंदोलन कर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करायेगी और जिला और ब्लाक मुख्यालयों पर स्थिति बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जायेगा और भाजपा सरकार का पुतला दहन किया जायेगा तथा जिले में कलेक्टर और ब्लाक में एसडीएम को ज्ञापन सौंपेगी और आरोपियों, उपद्रियों की गिरफ्तारी की मांग की जायेगी।पत्रकार वार्ता के दौरान मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजीव सिंह, चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया भी उपस्थित थे। recent visitors 338

मध्यप्रदेश: विजयपुर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Police took the Congress candidate to Vijaypur assembly constituency in Madhya Pradesh  कांग्रेस प्रत्याशी को ले गई पुलिस विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्यशी मुकेश मल्होत्रा को पुलिस ने वोट डालने से पहले कस्टडी में लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा की पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा, चार से पांच पुलिस की गाड़ी आई और साथ लेकर गई। कराहल टीआई भारत सिंह बोले, सुरक्षा की दृष्टि से मुकेश मल्होत्रा को लेकर आए हैं। पुलिस की गाड़ी से क्षेत्र में भ्रमण कराया जाएगा। कांग्रेस प्रत्याशी ने किया मतदान, कहा- बदलाव की संभावना बुधनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल मतदान से पहले माता, पिता और परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए निकले। इस दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं। मतदान करने के बाद राजकुमार पटेल ने कहा कि इस बार बुधनी में बदलाव की संभावना है।   recent visitors 230

आधी रात में पूरी ताकत…IAS अधिकारियों का अचानक तबादला: कांग्रेस ने जताई आपत्ति

MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में एक बार फिर दो दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का आधी रात तबादला कर दिया गया है. ट्रांसफर लिस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव के दोनों प्रमुख सचिव का भी नाम शामिल है. रात में अधिकारियों के तबादला आदेश पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि आधी रात पूरी ताकत से चल रहा ‘तबादला उद्योग’ अब प्रशासनिक मशीन में खड़खड़ाहट की तेज आवाज पैदा कर रहा है. पटवारी ने कहा कि नियमों के विपरीत लगातार हो रहे तबादले डरी हुई सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति और अनिर्णय की स्थिति को दर्शाता है. पटवारी के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी नेता राजपाल सिंह ने कहा कि जीतू पटवारी अभी तक के सबसे असफल प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं. लगता है कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल शायद याद नहीं रहा. उन्होंने कहा कि 15 महीने में कमलनाथ सरकार ने तबादला उद्योग चला दिया था. एक अधिकारी को एक महीने में तीन बार बदला जा रहा था. रात में तबादले का आदेश जारी होने पर कांग्रेस ने उठाये सवाल प्रदेश की बीजेपी सरकार नियम अनुसार पोस्टिंग कर रही है. कांग्रेस को मध्य प्रदेश के विकास से शायद घृणा है, शायद इसलिए जीतू पटवारी झूठे आरोप लगा रहे हैं. प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का दावा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में अभी तक सबसे कम तबादले हुए हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों को नियमानुसार इधर से उधर भेजा गया है. उन्होंने मोहन यादव सरकार के आदेश का बचाव किया. बीजेपी नेता ने कहा कि उपचुनाव होने की वजह से कांग्रेस को हर आदेश में राजनीति दिख रही है. सरकार कोई भी आदेश दिन-रात देखकर नहीं निकालती है. सरकार का आदेश जनहित को देखते हुए जारी होता है. recent visitors 149

मल्लिकर्जुन खड़गे की मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना का दोगला रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें। recent visitors 131

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से अपील: 13 नवंबर को करें मतदान और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं

Leader of Opposition Umang Singhar’s appeal to the voters of Vijaypur and Budhni: Vote on 13th November and strengthen democracy. भोपाल ! मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को श्योपुर जिले की विजयपुर और सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव होने जा रहे हैं। इस उपचुनाव में न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों का भविष्य तय होगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार के पिछले 10 महीने के कार्यकाल का भी महत्वपूर्ण मूल्यांकन का अवसर होगा। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से एक अपील की है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की ताकत को मजबूत करने और प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यों पर आम जनता की राय जानने का भी मौका है। उमंग सिंघार ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “आपका एक-एक वोट प्रदेश की दिशा तय करेगा। यह सिर्फ विधानसभा चुनाव नहीं है, बल्कि यह हमारी सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का मापदंड भी है। आपके मतदान से यह संदेश जाएगा कि आप किस प्रकार के नेतृत्व और नीतियों को अपने क्षेत्र और प्रदेश में देखना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि 10 महीने पहले सत्ता में आई प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, वादों की पूर्ति और जनता की सेवा के हिसाब से इस उपचुनाव में मतदाताओं को अपना फैसला लेना है। यह एक बड़ा मौका है जहां जनता को यह तय करना है कि क्या सरकार अपने वादों को पूरा करने में सफल रही है या नहीं।“आपका मतदान ही यह तय करेगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ेगी। विजयपुर और बुधनी के मतदाता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं, और हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप 13 नवंबर को अपने मतदान का अधिकार अवश्य उपयोग करें,” उमंग सिंघार ने कहा। यह उपचुनाव न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चुनाव परिणामों से यह संकेत मिलेगा कि राज्य के नागरिक आगामी विधानसभा चुनावों में किस दिशा में अपना समर्थन देंगे। recent visitors 132

गडकरी ने फिर बोला अपनी ही पार्टी पर हमला, भाजपा की फसल में लग गए हैं कीड़े

Gadkari again attacked his own party, BJP’s crop is infested with insects बड़ी हो चुकी है BJP की फसल, लग गए हैं कुछ कीड़े; नितिन गडकरी बोले- छिड़कने होंगे कीटनाशक गडकरी ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को भी रेखांकित किया और कहा कि सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी है भोपाल। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में दागी नेताओं के घुसपैठ को लेकर चिंता जताई। गडकरी ने कहा कि जैसे-जैसे पार्टी का विस्तार हो रहा है, कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी स्वच्छता बनाए रखने के लिए कदम उठाने होंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए नितिन गडकरी ने ‘बीमारी वाले फसलों’ का उदाहरण देते हुए कहा है कि पार्टी को ‘कीटनाशक’ छिड़कने की आवश्यकता पर जोर देना चाहिए। गडकरी ने कहा, “जब फसल बढ़ती है तो बीमारियां भी बढ़ती हैं। बीजेपी की फसल बहुत बड़ी हो गई है, जिसमें अच्छे अनाज के साथ-साथ कुछ बीमारियां भी आ रही हैं। इसलिए हमें ऐसे बीमार फसलों पर कीटनाशक छिड़कने होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की बढ़ती सदस्यता के साथ राजनीतिक नेताओं के पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया पर भी नजर रखनी होगी। साथ ही नए सदस्यों को पार्टी की विचारधारा और संस्कृति से अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने कहा, “बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। नए लोग अलग-अलग कारणों से आ रहे हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें प्रशिक्षण दें, विचारधारा सिखाएं और उन्हें हमारे कार्यकर्ता बनाएं। हमारे प्रयास लगातार जारी हैं। हजारों कार्यकर्ता उठते हैं, लेकिन कभी-कभी एक कार्यकर्ता कुछ ऐसा कहता है जिससे हजारों कार्यकर्ताओं के प्रयास विफल हो जाते हैं।” नितिन गडकरी के ये बयान महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के संदर्भ में आए हैं। यहां बीजेपी महायुति गठबंधन के तहत शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिलकर चुनावी मैदान में है। सरकार का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी गडकरी ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को भी रेखांकित किया और कहा कि सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी है। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता, लेकिन राज्य, सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए।” महाराष्ट्र में बीजेपी के प्रदर्शन और 2024 लोकसभा चुनावों में पार्टी की सीटों की संख्या में आई कमी पर नितिन गडकरी ने प्रदेश के स्थानीय नेतृत्व की क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनका राज्य में कोई औपचारिक पद नहीं है, लेकिन उन्हें जब भी जरूरत पड़े वे सहायता के लिए उपलब्ध हैं। गडकरी ने कहा, “मुझे महाराष्ट्र में कोई औपचारिक भूमिका नहीं है। यहां के नेता सक्षम हैं। उन्हें अभी मेरी आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब भी उन्हें मेरी आवश्यकता होगी मैं सहायता के लिए उपलब्ध रहूंगा recent visitors 242