डबल इंजन की भाजपा सरकार में शव वाहन तक उपलब्ध नहीं, किसान कर रहे आत्महत्या

Even hearse vehicles are not available in the double engine BJP government, farmers are committing suicide भोपाल /नीमच। विकास का ढिंढोरा पीटने वाली डबल इंजन की भाजपा सरकार में गरीब बेहाल है। आलम यह है कि मृत्यु होने पर प्रदेश में शव ले जाने के लिए वाहन तक भी उपलब्ध नहीं है। जबकि डबल इंजन की भाजपा सरकार प्रदेश में एयर एम्बुलेंस का दावा करती है और वास्तविकता में प्रदेश में हालात इतने बदहाल हैं कि प्रसूता को ठेलागाड़ी में और शव को बांस के सहारे चादर में लपेट लटका कर ले जाना पड़ रहा है। वहीं किसानों को मुआवजा और फसल बीमा का लाभ न मिलने से किसान भी आत्महत्या करने को मजबूर है। प्रदेश सरकार के काबीना मंत्री और मुख्यमंत्री सत्ता की चाह में बिहार चुनाव में व्यस्त हैं और मप्र में हालात बदतर बने हुए हैं, जिसे देखने वाला कोई नहीं है। इससे प्रमाणित होता है कि प्रदेश में होने वाली दर्दनाक और शर्मशार करने वाली घटनाओं से उन्हें कोई लेना देना नहीं है। मात्र सत्ता सुख भोगना ही भाजपा का लक्ष्य है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा कि एक और भाजपा की डबल इंजन सरकार प्रदेश की जनता को मुंगेरीलाल के हसींन सपने दिखाती है, दूसरी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं खुद वेंटिलेटर पर हैं। जिसका दुष्परिणाम है कि शहडोल जिले के ब्योहारी में एक महिला की दलदल भरे रास्ते में गिरने से अकाल मृत्यु हो गई। जिसका शव ले जाने के लिए 108 एवं शव वाहन तक घटना स्थल पर नहीं पहुँचा। जिसके बाद ग्रामीणों को शव चादर में लपेटकर लकड़ी के सहारे लटकाकर ले जाना पड़ा। जबकि कुछ समय पूर्व ही ठीक इसी प्रकार से प्रदेश में कई घटनाओं में अस्पताल से घर तक वाहन न मिलने से शव को चादर में लपेटकर बांस के सहारे ले जानएक के समाचार आते रहे हैं। एक प्रसूता को समय पर 108 एम्बुलेंस न मिलने पर ठेलागाड़ी में ले जाने पर रास्ते में ही नवजात की मृत्यु हो गई थी। इन घटनाओं से यही प्रमाणित होता है कि किस प्रकार से प्रदेश की डबल इंजन की भाजपा सरकार जनता के प्रति असंवेदनशील है। अग्रवाल ने कहा कि बीते दिनों श्योपुर जिले के सिरसौंद गांव में एक किसान कैलाश मीणा ने अपनी धान की फसल ख़राब होने के कारण समय पर मुआवजा और फसल बीमा नहीं मिला, जिसके बाद किसान ने अपने खेत पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की किसानो की आय दुगनी करने का वादा मात्र छलावा सिद्ध हो रहा है। आज प्रदेश में किसानो की माली हालत के चलते किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। जो असमय मौत को गले लगा रहा है, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की जगह उनकी लागत पर टैक्स लगाकर बढ़ाती जा रही है। यानि सरकार की गलत नीतियों के कारन किसान आत्महत्या करने को विवश है। अग्रवाल ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रदेश के नागरिकों को अब सोचना होगा उनके द्वारा चुनी हुई सरकार उनके लिए क्या कर रही है? recent visitors 107

राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंदौर पुलिस ने किया ‘एकता वृक्षारोपण’ कर दिया पेड़ों की तरह एकजुट रहने का संदेश

राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंदौर पुलिस ने किया ‘एकता वृक्षारोपण’ कर दिया पेड़ों की तरह एकजुट रहने का संदेश

On National Unity Day, Indore Police planted ‘Ekta Vriksharopan’ (tree plantation) and gave the message of staying united like trees. इंदौर ! लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर मनाए गए राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया. डीआरपी लाइन परिसर में ‘एकता वृक्षारोपण कार्यक्रम’ आयोजित हुआ.कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह की विशेष उपस्थिति रही. अति पुलिस आयुक्त अमित कुमार सिंह, सभी पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. सभी ने मिलकर पौधारोपण कर एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया. वृक्षारोपण के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि “पेड़ हमें एकता और अखंडता का सच्चा संदेश देते हैं. जिस तरह जड़, तना, शाखाएं और पत्तियां मिलकर एक सशक्त वृक्ष बनाते हैं, उसी प्रकार संगठित रहकर हम एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं.” उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने और सामूहिक एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान भी किया. कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में एकता, देशभक्ति और सरदार पटेल के प्रेरक व्यक्तित्व से जुड़ाव की भावना को बढ़ाना रहा. recent visitors 118

नगर में झमाझम बारिश से फसलें फिर भीगीं, किसानों की बढ़ी चिंता

नगर में झमाझम बारिश से फसलें फिर भीगीं, किसानों की बढ़ी चिंता

Heavy rains in the city have once again drenched crops, raising concerns for farmers. तेंदूखेड़ा ! नगर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में आंवला नवमी के दिन दोपहर लगभग 2:00 बजे से लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से मौसम सामान्य रहने के कारण अधिकांश किसानों ने अपने खेतों से मक्का और धान की फसल की कटाई कर ली थी। परंतु, कटाई के बाद खेतों एवं खुले स्थानों पर रखी गई फसलें अब लगातार हो रही वर्षा से एक बार फिर पूरी तरह भीग गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। लगातार हो रही बारिश के चलते खेतों में पानी भराव की स्थिति बन गई है। कई जगहों पर धान की कटी हुई फसल पानी में डूब गई है, वहीं खुले में पड़ी मक्का भी नमी के कारण सड़ने की कगार पर पहुंच रही है। इससे न केवल उपज की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।किसानों का कहना है कि मौसम में इस तरह के अचानक बदलाव से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। धूप न निकलने के कारण फसल सुखाने में दिक्कत आ रही है और भीगी हुई उपज में फफूंदी लगने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, मंडियों में भी ऐसी भीगी फसल का दाम घटने की संभावना जताई जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, नगर प्रशासन ने नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहें, खेतों में अनावश्यक रूप से न जाएँ और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएँ। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में अगले कुछ घंटों तक वर्षा जारी रहने की संभावना है। यदि वर्षा का यह क्रम जारी रहा, तो फसलों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में सड़क और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। recent visitors 105

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

Heavy rains have ruined the crops of farmers in the Churhat region: Ajay Singh सीधी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधानसभा के विधायक अजय सिंह ने कहा है कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण चुरहट विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास के अंचलों में किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं।इस भीषण वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने से धान की फसल गलने लगी है, वहीं कई स्थानों पर रबी फसलों की बुवाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि किसानों के लिए अत्यंत त्रासदीपूर्ण बन चुकी है।जिन किसानों ने पूरे वर्ष कठिन परिश्रम करके खेतों में फसल उगाई थी, आज वे अपनी आँखों के सामने अपनी मेहनत को नष्ट होते देख रहे हैं। यह केवल फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उनकी जीविका, उम्मीद और आत्मनिर्भरता पर सीधा प्रहार है। अजयसिंह ने कहा कि चुरहट और आसपास के क्षेत्रों में कई गाँव ऐसे हैं जहाँ खेतों में पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे किसानों के सामने भविष्य की बुवाई का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में सड़कें टूट गई हैं, नालियाँ जाम हैं और कई जगहों पर घरों में भी पानी घुस आया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिंह ने इस स्थिति को “कृषक आपदा” बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा – मैं प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि पूरे क्षेत्र में तुरंत सर्वे कराया जाए, किसानों की फसल हानि का सही आकलन कर उचित राहत और मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था तत्काल की जाए, ताकि और अधिक नुकसान को रोका जा सके।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि किसान ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।कृषक हमारे समाज का आधार हैं। अगर खेत सूने होंगे, तो मंडियाँ भी सूनी होंगी। किसानों का दर्द प्रदेश का दर्द है, इसलिए सरकार को चाहिए कि ऐसे कठिन समय में उनके साथ खड़ी होकर हर संभव सहायता प्रदान करे।अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं कई प्रभावित गाँवों से जानकारी ली है और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क में हैं, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेजेंगे और मंत्रिस्तरीय टीम से चुरहट क्षेत्र का दौरा करवाने की मांग करेंगे।उन्होंने जिला प्रशासन से यह भी कहा कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उनके लिए विशेष राहत शिविर, मुफ्त बीज वितरण, और अगले सीज़न की तैयारी हेतु ब्याजमुक्त ऋण की व्यवस्था की जाए।अजय सिंह ने अंत में कहा कि यह समय राजनीति का नही, सेवा का है। जो किसान धरती का अन्नदाता है, उसे संकट में छोड़ देना सबसे बड़ी असंवेदनशीलता होगी। मैं प्रदेश सरकार से आग्रह करता हूँ कि चुरहट सहित पूरे सीधी जिले को प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए और तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की जाए। recent visitors 100

मध्य प्रदेश आबकारी विभाग में  72 करोड़ का घोटाला ईडी दफ्तर में आरोपियों से पूछताछ जारी 

Rs 72 crore scam in Madhya Pradesh Excise Department, interrogation of accused continues in ED office  इन्दौर । करीब 72 करोड़ के आबकारी घोटाले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लेने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। अधिकारियों ने घोटाले में आरोपी तीन ठेकेदारों से पूछताछ की। साथ ही आबकारी विभाग के विवादास्पद वरिष्ठ अधिकारी को बुलाकर घंटों पूछताछ की गई। कई दस्तावेज के बारे में भी जानकारी ली गई। 72 करोड़ की धोखाधड़ी रावजी बाजार थाने में दर्ज केस के आधार पर ईडी के अधिकारियों ने दो आरोपी राजू दशवंत व अंश त्रिवेदी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। इन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच रावजी बाजार के केस में आरोपी रहे अभिषेक शर्मा, बलराम व जितेंद्र शिवरामे को भी तलब कर पूछताछ की बात सामने आई है। आबकारी विभाग में जमा होने वाली रसीदों में फर्जीवाडा कर 72 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। तत्कालीन सहायक आबकारी अधिकारी संजीव दुबे के कार्यकाल में यह घोटाला सामने आया था। पुलिस केस दर्ज होने के बाद कई ठेकेदार व कर्मचारियों पर केस दर्ज हुआ, लेकिन अधिकारियों की भूमिका तय नहीं हो पाई। अफसर का छूटा पसीना ईडी ने तत्कालीन बड़े अधिकारी को तलब किया। उनसे घोटाले के समय की प्रक्रिया नहीं करने को लेकर पूछताछ की व दस्तावेज भी लिए। पूछताछ के दौरान अधिकारी के पसीने छूट गए। अन्य जानकारियों के साथ उन्हें बुलाने की बात कहीं जा रही है। लंबी पूछताछ के बाद अधिकारी को गिरफ्तारी का डर सता रहा है और वे बचने के प्रयास में लग गए हैं। घोटाले के मास्टरमाइंड जांच के दौरान आरोपी राजू दशवंत व अंश त्रिवेदी के बारे में पता चला कि ये ही घोटाले के मास्टरमाइंड थे। इस समय दोनों उदयपुर में शराब कारोबार में जुड़े थे। वहां भी विला बनाकर किराए पर देने की बात भी सामने आई है। आरोपियों की संपत्ति का भी ईडी ने पता लगाया है जिसके आधार पर जल्द अटैच करने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है। recent visitors 204

जबलपुर: भेड़ाघाट चौसठ योगिनी मंदिर में चोरी की कोशिश:, मंदिर में बेशकीमती दुर्लभ प्रतिमाएं मौजूद

Jabalpur: Attempted theft at Bhedaghat Chausath Yogini Temple: Priceless rare statues are present in the temple. जितेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट के पास मां नर्मदा नदी के तट पर हजारों साल पुराने चौसठ योगिनी मंदिर में चोरी को कोशिश हुई है। अज्ञात चोरों ने कलचुरी काल के प्राचीन दरवाजे को काटने की कोशिश की, हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो सके। मंगलवार देर रात पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने घटना की जानकारी भेड़ाघाट थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन लोगों की तलाश शुरू कर दी है, जिन्होंने मंदिर के दरवाजे को काटने का प्रयास किया। प्रतिमाओं की कीमत लाखों रुपए में इस मंदिर को भारत की धरोहर कहा जाता है। मंदिर परिसर में हजारों साल पुरानी कलचुरी कालीन प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिनका अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य लाखों रुपए में आंका जाता है। यही वजह है कि शातिर चोरों की नजर अब इस प्राचीन धरोहर पर पड़ी है। सोमवार की रात जब धुआंधार में नर्मदा महोत्सव चल रहा था और सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा थे, उसी दौरान अज्ञात लोगों ने मंदिर के मुख्य लकड़ी के दरवाजे को किसी धारदार औजार से काटने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही पुरातत्व विभाग के अधिकारी मंगलवार को मंदिर पहुंचे और जांच कर रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद विभाग की ओर से भेड़ाघाट थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। गार्ड चला गया था महोत्सव में, पहले भी चोरी हुई प्रतिमा स्थानीय लोगों के अनुसार, चोरी का यह प्रयास संभवतः नर्मदा महोत्सव के दौरान ही हुआ। मंदिर की देखरेख के लिए नियुक्त चौकीदार रात में महोत्सव देखने चला गया था, तभी चोरों ने मौका पाकर दरवाजे को काटने का प्रयास किया। दरवाजे पर आरी जैसी किसी वस्तु से बने निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि चोर दरवाजा पूरी तरह नहीं काट पाए और बिना कुछ चुराए ही भाग गए। भेड़ाघाट के निवासियों का कहना है कि चौसठ योगिनी मंदिर में भगवान शिव-पार्वती की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है, जिसमें वे नंदी पर विराजमान हैं। ऐसी प्रतिमा पूरे विश्व में और कहीं नहीं मिलती। कुछ साल पहले भी यहां से शंकर-पार्वती की एक दुर्लभ प्रतिमा चोरी हो चुकी है, जो अब तक बरामद नहीं हुई। उस घटना के बाद भी मंदिर की सुरक्षा में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि यह प्राचीन मंदिर देश की अनमोल धरोहर है, इसलिए इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर होनी चाहिए। वे मांग कर रहे हैं कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और एक निगरानी समिति का गठन किया जाए, जो समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा करे। पुरातत्व विभाग के पूर्व अधिकारियों के अनुसार, मंदिर की प्रतिमाएं और दरवाजे अत्यंत प्राचीन हैं, इसलिए उनकी वास्तविक कीमत का आकलन करना कठिन है, लेकिन उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता अपार है। अधीक्षण पुरातत्वविद् जबलपुर मंडल, शिवाकांत बाजपेयी ने बताया कि दरवाजे पर काटने के स्पष्ट निशान मिले हैं। जांच के लिए टीम को मौके पर भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट प्राप्त होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में पाई गई खामियों को दूर किया जाएगा। recent visitors 136

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

Indore tops the country in crimes against children and women. इंदौर ! बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में इंदौर देश के शीर्ष शहरों में शामिल हो गया है. हाल ही में जारी एनसीआरबी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में इंदौर को बच्चों के खिलाफ अपराध में चौथा और महिलाओं के खिलाफ अपराध में पाँचवाँ स्थान दिया है. ये आंकड़े प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चेतावनी हैं.रिपोर्ट के अनुसार 2023 में पूरे देश में बच्चों के खिलाफ 1.77 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध 4.48 लाख के पार गए. इन आंकड़ों में इंदौर की स्थिति चिंता बढ़ाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में अपराध में वृद्धि, खासकर कमजोर वर्ग बच्चों और महिलाओं के खिलाफ सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है. पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण अभियान चला रही है, लेकिन रिपोर्ट दर्शाती है कि अभी भी शहर में सुरक्षा के मामले गंभीर बने हुए हैं. इंदौर पुलिस सूत्रों ने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान, हेल्पलाइन और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है. एनसीआरबी की इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया कि प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे. कुल मिलाकर, आर्थिक और व्यावसायिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में कानून-व्यवस्था की यह स्थिति, शहर के लिए गंभीर चेतावनी है. recent visitors 105