मध्य प्रदेश में छात्रों के आत्महत्या करने के मामले में इंदौर पहले और भोपाल दूसरे नंबर पर

मध्य प्रदेश में छात्रों के आत्महत्या करने के मामले में इंदौर पहले और भोपाल दूसरे नंबर पर

Indore is at first place and Bhopal is at second place in the number of student suicides in Madhya Pradesh. भोपाल ! देशभर में स्वच्छता में पहले स्थान पर आने वाला इंदौर लोगों में बढ़ते तनाव को कम करने में काफी पीछे है। खासकर विद्यार्थियों में तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं। इंदौर के कोचिंग संस्थानों (Coaching institutes) में पढ़ने वाले 20 से अधिक विद्यार्थी हर वर्ष तनाव में आत्महत्या कर रहे हैं। सबसे अधिक तनाव नीट(NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में है। आत्महत्या की दर ने सरकार की चिंता बढ़ाईविद्यार्थियों में बढ़ रही आत्महत्या की दर ने सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2023 की रिपोर्ट बताती है कि 2023 में देशभर में 15 हजार से अधिक बच्चों ने आत्महत्या की है। 1668 मामलों के साथ मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर (महाराष्ट्र के बाद) पर है। वहीं प्रदेश में भी इंदौर पहले और भोपाल जिला दूसरे स्थान पर है। एक्शन में सरकार, एसटीएफ का गठनमानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए एसटीएफ का गठन सरकार ने बच्चों को आत्मघात से बचाने की जिम्मेदारी शिक्षकों-अफसरों को सौंपी है। उच्चशिक्षा विभाग ने अभिनव प्रयोग करते हुए स्टेट टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया है। यह बल सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों की निगरानी और सुधार की रूपरेखा तय करेगा। शैक्षणिक संस्थानों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। कॉलेजों में काउंसलिंग कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय तथा नगरीय प्रशासन विभागों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इंदौर में पांच हजार से अधिक कोचिंगइंदौर प्रदेश का कोचिंग हब है। यहां पांच हजार से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं। इसमें से 200 से अधिक नीट, जेईई और आईआईटी (IIT) की तैयारी की कोचिंग है। भंवरकुआं, गीताभवन, पलासिया, विजय नगर आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान हैं। यहीं सबसे अधिक विद्यार्थी रहते भी हैं। इंदौर में आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं। पढ़ाई का दबाव बना जानलेवाकेस 1ः फरवरी 2025 में भंवरकुआं थाना क्षेत्र में नीट की परीक्षा में चयन न होने से परेशान छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। छात्रा का नाम गारगी सुमन (23) निवासी श्रीराम नगर पालदा था। गारगी कई वर्षों से नीट की तैयारी कर रही थी। दो बार कम अंक आने के कारण वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उसने बैंक की परीक्षा की तैयारी की, लेकिन इसमें भी वह सफल नहीं हो सकी। केस 2ः वर्ष 2024 में भंवरकुआं क्षेत्र में एक छात्र ने नोट लिखा कि मैं जीवन में सफल नहीं हो पाया और आत्महत्या कर ली। छात्र नीट की तैयारी कर रहा था। मूलरूप से शिवनी जिले का रहने वाला था। केस 3ः फरवरी 2024 में 20 वर्षीय आर्यन तिवारी ने फांसी लगा ली थी। वह मूलरूप से हुजूर (रीवा) का रहने वाला था। इंदौर रहकर वह नीट की तैयारी कर रहा था। केस 4ः मई 2025 में नर्सिंग की छात्रा आशा कानूनगो (25) ने आत्महत्या कर ली। वह मूलरूप से सिवनी की रहने वाली थी। उसकी दीवार पर कई नोट चिपके हुए थे। उनमें लिखा था कि वह सरकारी नर्स नहीं बन सकती और डिप्रेशन में है।केस 5ः मई 2025 में संयोगितागंज थाना क्षेत्र में नर्स यास्मित्रा ने आत्महत्या की। वह निजी मेडिकल कॉलेज में आगे की पढ़ाई कर रही थी। आशंका जताई गई थी कि पढ़ाई के दबाव के चलते यह कदम उठाया है। विशेषज्ञ ने बताया क्या करें माता-पितामनोचिकित्सक डॉ. राहुल माथुर ने बताया कि अब बच्चों में तनाव सहने की क्षमता कम हो गई है। पढ़ाई का तनाव इतना अधिक ले लेते हैं कि आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं। माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि वह बच्चों से उम्मीद रखने के बजाय उनके सहायक की भूमिका निभाएं। उनसे खुलकर बात करें। यदि बच्चा कई दिनों से चुपचाप है, अकेला रहने लगा है, रात में जल्दी नहीं सो रहा है, तो हमें इन लक्षणों को पहचानकर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। बच्चों को यह लगता है कि परीक्षा में फेल हो गया तो क्या होगा। उन्हें यह समझना होगा कि जो व्यक्ति परीक्षा में सफल नहीं हो पाते हैं, वह भी आगे बढ़ते हैं। विद्यार्थियों में इन लक्षणों को पहचानें recent visitors 111

बालाघाट में एसआईआर के दबाव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मौत

Anganwadi worker dies under pressure from SIR in Balaghat बालाघाट। बालाघाट विधानसभा क्षेत्र-111 के अंतर्गत मतदान केन्द्र क्रमांक -10 बोट्टा की बीएलओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 50 वर्षीय अनिता पति नरेश नागेश्वर का उपचार के दौरान निधन हो गया। जिससे हड़कंप की स्थिति है। वहीं मृतिका के पति ने एसआईआर कार्य का लोड होने से तनाव में आने के कारण बीमार होने का आरोप लगाया है। अनीता नागेश्वर का रात्रि में उपचार के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। विगत 13 नवम्बर से उनका गोंदिया में उपचार चल रहा था और गंभीर होने पर रात्रि में नागपुर ले जाने के दौरान रस्ते में मौत गई। बीएलओ अनीता नागेश्वर के निधन पर विधायक अनुभा मुंजारे ने शोक व्यक्त किया है। विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि यह दुखद खबर है कि हमारे क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बीएलओ का कार्य कर रही अनीता नागेश्वर का निधन हो गया। जैसी उन्हें जानकारी परिजनों से मिली है कि उनपर एसआईआर कार्य का लोड था और इसी के चलते वह बीमार हो गई। जिससे उपचार के लिए उन्होंने बालाघाट और गोंदिया में उपचार कराया। नागपुर ले जाने के दौरान निधन हो गया। उन्होंने बताया कि एसआईआर कार्य कराने के नाम पर काम का बोझ या दबाव नहीं बनाना चाहिए। कर्मचारियों के साथ तनाव के कारण ऐसी घटना सामने आना चिंतनीय है। प्रशासन को एसआईआर कार्य करना है तो कर्मचारियों को विश्वास में ले और सद्भावना के तहत कार्य कराए। दबाव बनाकर कार्य नहीं कराया जाना चाहिए। recent visitors 96

रीवा मेडिकल कालेज के जर्जर आवासीय भवन को बगैर टेंडर गिराने का खेल

रीवा मेडिकल कालेज के जर्जर आवासीय भवन को बगैर टेंडर गिराने का खेल

The game of demolishing the dilapidated residential building of Rewa Medical College without tender रीवा। श्यामशाह मेडिकल कालेज के आवासीय जर्जर भवन को गिराने का खेल चल रहा है। बगैर टेंडर एवं मूल्यांकन कराए चहेते ठेकेदार को भवन गिराने का काम दे दिया गया। इसके पूर्व गांधी मेमोरियल अस्पताल के पीछे जर्जर वार्ड और नर्सिंग कालेज के जर्जर भवन को गिराया गया था जिसका टेंडर नही कराया गया था। डिप्टी सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट की आड़ में चहेते ठेकेदार को अधिकारी अनुचित लाभ पहुंचाने के लिये नियमो को ताक में रखकर काम कर रहे है। जल्द ही इस मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू में की जाएगी। दरअसल टेंडर और मूल्यांकन न कराकर शासन के राजस्व का नुकसान किया गया है। विभागीय सूत्रो की माने तो इस्तयाक नामक ठेकेदार को मौखिक आदेश देकर भवन गिराया जा रहा है। इसमें डीजीएम की अहम भूमिका है। सवाल यह उठता है कि अगर इतनी जल्दी थी तो टेंडर की प्रक्रिया क्यो नही की गई? केवल प्रोजेक्ट के आड़ में चेहेते ठेकेदार को अधिकारी उपकृत कर रहे है। लगातार जर्जर भवन गिराए जाने का खेल जारी है। शासन को भले ही राजस्व के रूप में कुछ न मिले लेकिन बेश कीमती पत्थर-पटिया आदि से ठेकेदार को पैसा जरूर मिल रहा है। चहेते दो ठेकेदारो पर अधिकारी मेहरबान शहर के अंदर कही भी सरकारी जर्जर भवन अगर गिराया जाना है तो उसका काम केवल दो ही चर्चित ठेकेदारो को मिलता है। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त इन ठेकेदारो पर अधिकारी भी मेहरबान है। मेडिकल कालेज के जर्जर आवासीय भवन गिराने का काम चल रहा है। बगैर टेंडर प्रक्रिया के चहेते ठेकेदार को काम दे दिया गया जो लगातार भवन को गिरा रहे है। विभागीय सूत्रो ने बताया कि इस्तयाक और इकबाल नामक दो ठेकेदारो को काम दिया गया है। सवाल यह उठता है कि ऐसी आखिर क्या जल्दी थी कि बगैर टेंडर और मूल्यांकन कराए भवन गिराने का काम दे दिया गया। इन ठेकेदारो के अलावा भी कई लोग है जो भवन गिराने का काम करते है।शासन के राजस्व का नुकसानमेडिकल कालेज परिसर में स्थित जर्जर आवासीय भवन एवं नर्सिंग कालेज का भवन गिराने का काम किया गया। जिसका कोई टेंडर नही कराया गया है। म.प्र भवन विकास निगम के डीजीएम अजय ठाकुर द्वारा चहेते ठेकेदार को भवन गिराने की अनुमति दे दी गई। टेंडर तो दूर कोई मूल्यांकन भी नही कराया गया और न ही राशि जमा कराई गई। ऐसी क्या जल्दी थी कि बगैर मूल्यांकन के आनन-फानन भवन को गिराया गया. कही न कही यह आर्थिक अनियमितता है और शासन के राजस्व का नुकसान हुआ है। प्रोजेक्ट के कारण गिराए गए भवन: डीजीएमम.प्र भवन विकास निगम के डिप्टी जीएम अजय ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कालेज परिसर में वही भवन बगैर टेंडर के गिराए गए है जो प्रोजेक्ट में बाधा बन रहे थे और टेंडर प्रक्रिया में समय लगता। ऐसे में प्रोजेक्ट को गति देने के लिये मूल्यांकन कराकर जर्जर भवन गिराया गया है और जो शेष आवासीय भवन है उनका टेंडर कराने की प्रक्रिया चल रही है, टेंडर होने के बाद ही गिराया जायेगा। recent visitors 83

जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान 

JN Kansotia resigns after 21 years, IAS Santosh Verma takes charge of Ajax  भोपाल। मप्र अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) की प्रांतीय साधारण सभा में आईएएस संतोष वर्मा आम सहमति से नए प्रान्तध्यक्ष चुने लिए गए हैं। रविवार को राजधानी के तुलसी नगर सेकण्ड स्टॉप डॉ. आम्बेडकर जयंती मैदान में आम सभा सम्पन्न हुई। इसी सभा में 21 साल से अजाक्स की अपने हाथ में कमान रखने वाले जेएन कंसोटिया ने निजी कारणों का हवाला देते हुए प्रान्ताध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्हें संरक्षक और सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाकर जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। उनके अलावा अन्य नियुक्तियां भी की गई। बता दें उनका कार्यकाल सितम्बर 2026 तक है, लेकिन इस्तीफा दें दिया। इस्तीफे की जानकारी जैसे ही महासचिव इंजी एसएल सूर्यवंशी ने सभा में रखी तो सभी ने एक स्वर में अस्वीकार कर दिया। प्रान्ताध्यक्ष कंसोटिया ने स्वयं मंच से इसे स्वीकार करने का आग्रह किया। जिसके बाद नए अध्यक्ष पर विचार मंथन हुआ। संघ के महासचिव राजवीर अग्निहोत्री ने नए प्रान्ताध्यक्ष के नाम पर  कार्यवाहक अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसको सभी ने ध्वनि मत से अपना समर्थन दिया।  कार्यक्रम का प्रारंभ संविधान निर्माता बाबा साहब और धरती आबा बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुआ और नए प्रान्ताध्यक्ष के स्वागत व नारेबाजी के साथ ही आयोजन का समापन हुआ। आयोजन में राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ महाराज का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। साधारण सभा का संचालन घनश्याम भकोरिया एवं प्रवक्ता विजय शंकर श्रवण ने किया। जबकि आभार भोपाल जिलाध्यक्ष विनोद बट्टी ने व्यक्त किया। कंसोटिया ने समाज के साथ हो रहे भेदभाव पर जताई चिंता  जेएन कांसोटिया ने अजाक्स संगठन की ताकत का उल्लेख किया गया। समाज के शासन और सामाजिक स्तर पर हो रहे भेदभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला और नए नेतृत्व को इन मुद्दों को प्रमुखता से उचित मंच पर रखने का आव्हान किया। उन्होंने सिविल जजों की भर्ती में अजा-जजा का चयन ना होना, बैकलॉग की पूर्ती न होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अजाक्स को और अधिक प्रभावी रुप से कदम उठाने पर बल दिया।   कंसोटिया ने कहा कि समाज ही अजाक्स है और अजाक्स ही समाज है। यही संघठन की ताकत है, तभी प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी डिमोशन से बच गए। यह बहुत बड़ा चेलेंज है कि हमको सरकारी सिस्टम से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने सिविल जज भर्ती पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आज उद्योग धंधे में जीरो, सेवाक्षेत्र में जीरो, निर्णय प्रक्रिया, मीडिया में हमारी भागीदारी जीरो है। ग्वालियर में बाबा साहब के बारे में लोग गलत टिप्पणी कर रहे हैं, यह गलत है इसका विरोध करना है। ग्वालियर ओर दिल्ली में सीजेआई की घटना पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, यह बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि घर -घर अम्बेडकर, हर दिन अम्बेडकर अभियान पर अजाक्स तेजी से काम कर रहा है। सामाजिक भेदभाव बढ़ता जा रहा है। यह भी हमारे लिए बड़ा चैलेज है। सफाई कर्मियों के साथ भी बड़ा भेदभाव हो रहा है। जाति छुपाना बड़ी मानसिकता है, इसे दूर करना होगा। उन्होंने क्रिमिलेयर पर भी सवाल उठाया। साथ ही 20 आईएएस अफसरों के बेटे क्या बने, यह रिपोर्ट बताई। अंत में उन्होंने 21 साल से मिले सम्मान का भी जिक्र किया और आगे भी अजाक्स के लिए काम करने का वचन दिया। हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता: संतोष वर्मा नए प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि संघ के लिए  हमको समय देना होगा। अगर साल में एक दिन भी नहीं दिया तो हमारा अस्तित्व नहीं बचेगा। आईएएस कंसोटिया मेरे गुरु रहे हैं और आज हमें फिर उनके मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिला है। अभी संघठन की स्तिथि ठीक नहीं है। 2016 में हमने ताकत दिखाई ओर हम माँ के लाल बन गए। क्या हमने हजारों सालो से पीड़ा नहीं झेली है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ी नहीं बचेगी। उन्होंने सिविल जज परीक्षा पर भी सवाल उठाया। ज़ब हमारे बच्चे आईएएस, आईपीएस डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी बन सकते हैं तो जज क्यों नहीं बन सकते है। हमारे भविष्य का बीज नष्ट किया जा रहा है। मैंने मंत्रालय में 8 महीने की सर्विस में देखा है कि किस तरह से हमारे वर्ग के सेवकों की सीआर बिगाड़ी जाती है। एक अफसर को एक छोटी सी गलती के लिए 12 साल तक परेशान किया गया। हमारी लड़ाई किसी धर्म से नहीं, बल्कि दोषी व्यवस्था से है। व्यक्ति को अपने के साथ समाज के लिए जीना चाहिए। प्रशासन में हमारे समाज की ज्यादा संख्या बढ़ाना होगी, तभी हमारे अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता है। प्रांतीय महासचिव इंजी सूर्यवंशी ने संघ के एजेंडे पर की चर्चा  साधारण सभा का प्रारंभ प्रांतीय महासचिव इंजी. एसएल सूर्यवंशी ने संघ के एजेण्डा बिन्दुओं को बताते हुए अजाक्स की 30 वर्षीय संघर्षमयी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने आरक्षण अधिनियम 199, पदोन्नति नियम 2002 छात्रवृत्ति मंहगाई सूचकांक जोडने, निजी  इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेज फीस का शासन से वहन कर सुप्रीम कोर्ट से बैक वर्ड नेस के डाटा की अनिवार्यता समाप्त करने, शासकीय खरीदी में 30% खरीदी आरक्षित वर्ग से करने, सिविल जज परीक्षा में आरक्षित वर्ग के मेरिट होल्डर को अनारक्षित कोटे में शामिल करने का निर्णय उच्च न्यायालय से हटाने सहित अजाक्स भवन, विभिन्न जिलों जैसे सिंगरौली, रीवा, सतना, ग्वालियर अनुपपुर इत्यादि में निःशुल्क कोचिंग क्लासेस की शुरुआत तथा उच्च शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले आरक्षित वर्ग की सीट में बढ़ोतरी करने जैसी उल्लेखनीय सफलताओं का जिक्र किया। इसके अलावा सूर्यवंशी ने आउट सोर्स, मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति, पदोन्नति और निजी क्षेत्र आदि में आरक्षण देने जैसे विषयों पर न्यायालय मे अजाक्स द्वारा दायर याचिकाओं के बारे मे बताया। उन्होंने एकजुटता बनाये रखने की भी बात कही। सूर्यवंशी ने बैकलॉग पूर्ति करने वरीष्ठता के आधार पर उच्च पदों का प्रभार देने छात्रवृत्ति समय पर देने छात्रावासों में छात्रा-छात्राओं के लिए जिला स्तर पर 5000 सीट तथा संभाग स्तर पर 10000 वृद्धि करने की मांग रखी। प्रदेश भर की नगर पालिकाओं नगर निगमों तथा पंचायतों सहित अन्य क्षेत्रो मे कार्यरत सफाई कामगारों को … Read more

एमपी में कानून व्यवस्था ठप्प: फिर पेशाब कांड, बदमाश ने दिव्यांग के चेहरे पर की पेशाब

एमपी में कानून व्यवस्था ठप्प: फिर पेशाब कांड, बदमाश ने दिव्यांग के चेहरे पर की पेशाब

Law and order collapses in MP: Another urination incident, miscreant urinates on the face of a disabled person रायसेन । मध्यप्रदेश में एक बार फिर पेशाब कांड हुआ है इस बार शर्मसार करने वाली ये घटना रायसेन जिले की है जहां एक दिव्यांग युवक के चेहरे पर बदमाश ने सरेराह पेशाब किया। इस शर्मसार कर देने वाली घटना का वीडियो भी सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक तरफ जहां लोग इस घटना को लेकर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। दिव्यांग के चेहरे पर किया पेशाब शर्मसार कर देने वाली घटना रायसेन जिले के मंडीदीप की है। जहां शराब के नशे में धुत एक युवक ने जमीन पर सो रहे दिव्यांग के चेहरे पर पेशाब कर दी। जो वीडियो सामने आया है उसमें दिख रहा है कि शराब के नशे में धुत बदमाश को उसका एक साथी रोकने की कोशिश भी करता है लेकिन वो नहीं मानता। दिव्यांग युवक के चेहरे पर पेशाब करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस पर संज्ञान लिया। बताया गया है कि तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है जो कि आपस में रिश्तेदार हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। recent visitors 95

एमपी गज़ब: विकास या बर्बादी? जिम्मेदार कौन इंजीनियरिंग या सरकार- नगर निगम हो, भोपाल मेट्रो या फिर पीडब्ल्यूडी… सभी में हुई घपलेबाजी

MP Ghazab: Development or ruin? Who is responsible: engineering or government? Whether it’s the municipal corporation Bhopal Metro, or the Public Works Department… they’re all tainted by corruption. भोपाल। municipal corporation Bhopal Metro प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सरकारी इंजीनियरिंग की गंभीर खामियों को लेकर सुर्खियों में है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में मानो इंजीनियरों के बीच यह होड़ चल रही है कि कौन जनता के पैसों की सबसे ज्यादा बर्बादी कर सकता है। इसी सवाल के साथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को कठघरे में खड़ा किया है। भोपाल विकास की 3 तस्वीरें राज्य के सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहीं हैं पहली तस्वीर: सेकंड स्टॉप के पास बन रहा नगर निगम का प्रदेश का अनोखा 40 करोड़ का “नया ऑफिस”। इसकी बेसिक प्लानिंग में भारी चूक सामने आ रहीं है। भोपाल नगर निगम का नया आठ मंजिला कार्यालय 40 करोड़ रुपये में तैयार किया गया। विपक्ष का आरोप है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में मीटिंग हॉल की बुनियादी प्लानिंग तक सही नहीं की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला नहीं हो पा रहा कि यह इमारत ऑफिस है या इंजीनियरों का “प्रैक्टिकल लैब”, जहां जनता के पैसों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। दूसरी तस्वीर: भोपाल मेट्रो… मानक से कम ऊंचाई पर बना स्टेशन प्रगति पेट्रोल पंम्प और केंद्रीय रिजर्व बैंक के पास भोपाल मेट्रो स्टेशन की ऊंचाई मानकों से कम पाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन दोनों जगह सड़क और स्टेशन के बीच इतनी कम जगह छोड़ी गई कि बड़ी गाड़ियाँ स्टेशन से टकराने लगीं। तीसरी मुसीबत की तस्वीर: एशबाग के 90 डिग्री रेलवे ओवर ब्रिज की राजधानी के बरखेड़ी स्थित यह सवाल रेलवे ओवरब्रिज बनाने में पीडब्ल्यूडी की इंजीनियरिंग बड़ी फेलुअर साबित हुई है। यहां 90 डिग्री मोड़ वाला ओवर ब्रिज बना दिया, जो बनने से पहले ही जानलेवा बन गया है। करोड़ों रुपये से तैयार ओवर ब्रिज जनता के उपयोग लायक नहीं है। अब इसको उपयोगी बनाने के लिए फिर से करोड़ों रुपये खर्च करने की प्लानिंग बन रहीं है, जिसमें 3 महीने का समय लगना है। विपक्ष का कहना है कि…“यह सिर्फ इंजीनियरिंग गलत नहीं, बल्कि जनता के हजारों करोड़ की योजनाओं के साथ खिलवाड़ है।” विपक्ष का तीखा तंज… मध्यप्रदेश के इंजीनियर बिल्डिंग ब्लॉक गेम खेल रहे हैं”। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश के इंजीनियर्स पहले बिल्डिंग बनाते हैं, फिर तोड़ते हैं, फिर बनाते हैं और फिर से तोड़ देते हैं। मानो यह सरकारी निर्माण नहीं, बच्चों का बिल्डिंग-ब्लॉक गेम हो।” भारी गलतियों के लिए अधिकारी जिम्मेदार कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा और कांग्रेस एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार समेत अन्य नेताओं ने सवाल उठाया कि जब एक आम आदमी अपने घर की छोटी से छोटी प्लानिंग में सावधानी रखता है तो फिर सरकारी परियोजनाओं में बार-बार ऐसी भारी गलतियाँ क्यों हो रही हैं? और अगर गलती इंजीनियर की है तो “भरपाई जनता क्यों करे? कार्रवाई इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्यों नहीं होती?” पीएम मोदी और राज्य सरकार पर विपक्ष का सीधा हमला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निर्माण कार्यों की बार-बार की खामियाँ साबित करती हैं कि “मध्यप्रदेश में सिस्टम नहीं, बर्बादी का मौन राज चल रहा है।” विपक्ष की मांग है कि दोषी इंजीनियरों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो। निर्माण के हर चरण की थर्ड-पार्टी जांच अनिवार्य की जाए और जनता के पैसों की भरपाई उन अधिकारियों से कराई जाए, जिन्होंने योजनाओं को गलत तरीके से पास किया। प्रदेश में लगातार सामने आ रही इंजीनियरिंग की ये गलतियाँ अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं और जनता पूछ रही है। “विकास के नाम पर आखिर किसके हाथों खेल रही है जनता की गाढ़ी कमाई?” recent visitors 78

छतरपुर- सभी गर्भवती महिलाओं की अनमोल पोर्टल में एंट्री हो : कलेक्टर पार्थ जैसवाल

Chhatarpur- All pregnant women should be entered in the Anmol portal: Collector Parth Jaiswal छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, सीएमएचओ डॉक्टर आर.पी. गुप्ता सहित डॉक्टर, बीएमओ बीपीएम, बीसीएम अन्य समिति सदस्य उपस्थित रहे। कलेक्टर  जैसवाल ने मैटरनल हेल्थ की समीक्षा करते हुए अनमोल पोर्टल में कुछ गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन समग्र आईडी नहीं होने की वजह से नहीं होने पर बक्सवाहा बीएमओ को कड़ी फटकार लगाई और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही बीसीएम की एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा सीईओ जनपद के निरंतर संपर्क में रहें और आशाओं को कार्य में लगाएं। उन्होंने कहा लापरवाही बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन की पोर्टल में कम एंट्री होने पर बड़ामलहरा बीएमओ की वेतन वृद्धि रोकने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं छतरपुर ग्रामीण एवं शहरी बीएमओ को हाई रिस्क महिलाओं का मैनेजमेंट नहीं होने पर 1 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी बीएमओ को हाई रिस्क महिलाओं के चिन्हांकन के विशेष निर्देश दिए।  कलेक्टर ने ब्लॉकवार समीक्षा करते हुए बड़ामलहरा सहित अन्य ब्लॉकों को चतुर्थ एएनसी चैकअप बढ़ाने के निर्देश दिए।  कलेक्टर ने सरबई, बारीगढ़, गौरिहार, बाजना और बक्सवाहा में भी ज्यादा से ज्यादा एएनसी चैकअप कैम्प आयोजित करने एवं घुवारा पीएचसी पर भी कैम्प लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा डिलीवरी के संबंध में शासकीय एवं प्राइवेट अस्पतालों का डेटा एचआईएमएस एवं अनमोल पोर्टल में प्रमुख रूप से अपडेट हो। कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं एवं धात्री महिलाओं की ईकेवायसी और डीबीटी शतप्रतिशत कराने के निर्देश दिए।  एएनएम की वेतन वृद्धि रोकने, आशा को हटाने एवं 108 एम्बुलेंस पर पेनाल्टी के निर्देश कलेक्टर ने दो गर्भवती महिलाओं की लापरवाही के कारण मृत्यु होने के संबंध में संबंधित पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है। पहला प्रकरण भूरी आदिवासी ग्राम ब्रजपुरा किशनगढ़ दो घंटे विलंब से 108 पहुंचने के संबंध में एमडी को पेनाल्टी लगाने के संबंध में पत्र लिखने के निर्देश दिए। साथ ही एएनसी चैकअप नहीं करने पर एएनएम की वेतन वृद्धि रोकने एवं आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ग्राम चौपरा बक्सवाहा पूनम आदिवासी का प्लेसेंटा न निकलने से मृत्यु हो जाने के संबंध में सीएमएचओ को बीएमओ और बीसीएम की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एसएनसीयू और पीआईसीयू और लो बर्थ एवं लिंगानुपात की समीक्षा करते हुए यूविन पोर्टल में एंट्री बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राजनगर अंतर्गत टीकाकरण कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए।  कलेक्टर ने एनसीडी स्क्रीनिंग में लवकुशनगर एवं राजनगर में खराब स्थिति होने पर प्रोग्रेस बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही लवकुशनगर बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने और सीएचओ पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज की स्क्रीनिंग बढ़ाएं।  कलेक्टर ने टीबी स्क्रीनिंग के संबंध में लापरवाही पर राजनगर बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही गौरिहार, लवकुशनगर एवं राजनगर के टीबी प्रभारी एवं डीटीओ की तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए।  कलेक्टर ने निक्षय पोषण योजना में गौरिहार, बिजावर और बक्सवाहा में डीबीटी की कम प्रोग्रेस होने पर बढ़ाने के निर्देश दिए।  कलेक्टर ने नो फंग्शनल डिलीवरी प्वाइंट की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्टाफ की पदस्थापना के संबंध में अन्य जगह के स्टाफ की ड्यूटी लगाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करें। साथ ही पदस्थापना होने के बाद भी कार्य में लापरवाही करने पर कर्री के डॉक्टर पर कार्यवाही का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।  कलेक्टर जैसवाल ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतकर्ता से स्वयं बात कर शिकायतों को संतुष्टि से बंद करने की निर्देश दिए।  कलेक्टर ने बड़ामलहरा, बिजावर,  लवकुशनगर बीएमओ को सीएम हेल्पलाइन की ग्रेडिंग के संबंध में जानकारी नहीं होने पर एक-एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जो बीएमओ पिछले 6 महीने से लगातार सी एवं डी ग्रेड में आ रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भेजें। recent visitors 116