31 मार्च से पहले बनानी होगी 42 लाख किसान आईडी: एक करोड़ का टारगेट, अब तक 58 लाख किसानों का ही हुआ रजिस्ट्रेशन

42 lakh farmer IDs will have to be created before 31 March: Target is one crore, only 58 lakh farmers have been registered so far भोपाल। प्रदेश में किसानों की कुंडली तैयार करने के लिए फार्मर आईडी जनरेट करने के मामले में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। प्रदेश में एक करोड़ लाख फार्मर आईडी बनाने का टारगेट है। अब तक 58 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। बाकी लक्ष्य पूरा करने के लिए कलेक्टरों को जिलों में कैम्प लगाने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री-स्टेक योजना के अंतर्गत प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा हर किसान और भूमिस्वामी को एक यूनीक आईडी प्रदान की जा रही है। इससे किसानों को ऑनलाइन लोन प्रोसेस पूरी करने में आसानी होगी। सरकार के लिए भी हितग्राही योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण और सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। recent visitors 134

सरकार बाजार से कर्ज भी ले रही,, जनता से टेक्स भी और सरकारी संपत्ति बेच भी रही,,,, क्यों।।

The government is taking loan from the market, collecting tax from the public and also selling government property, why? इन्दौर। आखिरकार क्यों यह परिस्थिति निमित्त होती जा रही,नाक से बड़ी नथनी पहन ली क्या,,, सरकार बनाने, बचाने खातिर यह परिस्थिति निमित्त होने लगी क्या,,, खैरात का घी बहुत से राज्यों को बदहाल कर रहा। सड़कें नीजिकरण के आधार पर बन रही टोल टैक्स जनता को चुकाना पड़ता है। एजूकेशन, चिकित्सा आदि का भी,,, जनता विभिन्न प्रकार के टैक्स दे रही, गरीब भी आयकर को छोड़कर सभी टैक्स पिछले दरवाजे से दे रहा,,, जीएसटी लागू होने बाद और टैक्स आ रहा, सरकारी संपत्ति विक्रय की जा रही,नदीयो की रेत, पहाड़ आदि भी , खदानें आदि भी,बिजली भी बेची जा रही तो फिर आवश्यकता काहे पूरी नहीं हो पा रही,,, अदालत में इंसाफ मांगने खातिर भी धन न्याय शूल्क रुप में दो,,, मरने पर ईंधन अलावा अन्य टैक्स भी,,,जन्म प्रमाण पत्र से ले मृत्यु प्रमाण पत्र के पैसे फिर आखिरकार सवाल ऊधार काहे खातिर,,,,, मप्र में रजिस्ट्री पर सबसे अधिक स्टाम्प ड्यूटी तो अन्य मामलों में भी आगे  समझने की आवश्यकता है कि संसाधनों पर हक सबका पर खैरात कुछ को यह नहीं चलना चाहिए शायद समझने की आवश्यकता है। कारण क्या है। लेखक “प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट recent visitors 130

प्रहलाद पटेल बोले-शुचिता की राजनीति बेईमानों को कैसे रास आएगी: नड्डा को टैग कर पोस्ट डिलीट किया; कांग्रेस ने कहा-समाज की राजनीति के लिए पद छोड़ें

Prahlad Patel said- How will the politics of purity suit the dishonest: Tagged Nadda and deleted the post; Congress said- Leave the post for social politics मध्यप्रदेश के पंचायत और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने राजगढ़ के सुठालिया में लोधी-लोधा समाज के सम्मेलन में भीख वाला बयान दिया था। भोपाल । मध्यप्रदेश के पंचायत और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल का राजगढ़ के सुठालिया में लोधी-लोधा समाज के सम्मेलन में भीख वाला बयान उनके ऊपर भारी पड़ता नजर आ रहा है। मंत्री पटेल ने अपने इस बयान पर बवाल मचने के बाद जबलपुर में कहा कि, वे अपने इस बयान पर कायम हैं। ये पार्टी का कार्यक्रम नहीं, सामाजिक मंच पर कही गई बात है। जिसे जीतू पटवारी तूल दे रहे हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस हमलावर है। वहीं अब मंत्री बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। नड्‌डा को टैग कर पोस्ट किया, फिर डिलीट कर दिया मंगलवार रात 8:14 बजे पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने X पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा को टैग करते हुए लिखा- मेरे मन में जनता सदैव जनार्दन रही, उसने नकारा हो या स्वीकारा हो, यह मेरी निष्ठा का अतीत है, वह आज भी है, लेकिन शुचिता की राजनीति, भ्रष्ट और बेईमानों को कैसे रास आएगी। अगले पोस्ट में जेपी नड्‌डा को टैग नहीं किया मंत्री पटेल ने अपना पोस्ट डिलीट कर करीब सवा घंटे बाद 9:36 बजे दूसरा पोस्ट किया। उसमें लिखा- मेरे मन में सदैव जनता जनार्दन रही है, चाहे उसने मुझे नकारा है या स्वीकारा है। यह मेरी निष्ठा का अतीत है, लेकिन शुचिता की राजनीति भ्रष्ट और बेईमानों को कैसे रास आती? इसलिए मेरी बात को तूल दिया गया। इस पोस्ट में उन्होंने जेपी नड्‌डा को टैग नहीं किया। recent visitors 158

दिल्ली में मप्र प्रभारी और कमलनाथ से मिले जीतू पटवारी: कांग्रेस ब्लॉक और जिला अध्यक्ष के नामों को लेकर हो रहा मंथन

Jitu Patwari met MP in-charge and Kamal Nath in Delhi: Deliberation is going on regarding the names of Congress block and district president भोपाल। मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एक बार फिर एक ही दिन दिल्ली पहुंचे। पटवारी ने दिल्ली में बड़े नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से लंबी चर्चा की। वहीं सिंघार भी ग्वालियर से सीधे दिल्ली चले गए। बताया जाता है कि इनमें प्रदेश के सभी 80 संगठनात्मक जिला और 800 संगठनात्मक ब्लॉक के अध्यक्ष का चयन करने को लेकर लंबी बात हुई। कांग्रेस मार्च में ही सभी जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के गठन का काम पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही है। पटवारी ने 45 जिलों का दौरा पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि हम सभी जिलों में लगभग एक साथ जिला अध्यक्ष की घोषणा करेंगे। https://twitter.com/jitupatwari/status/1896823591297323118?t=c5xuVvOauUWVEAz9503RPw&s=19 ब्लॉक अध्यक्ष 45 और जिलाध्यक्ष 60 साल से ज्यादा उम्र के नहीं होंगे  ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के लिए संगठन ने 45 साल और जिलाध्यक्ष 60 वर्ष तक की उम्र का बनाए जाने पर फोकस है। इसको लेकर भोपाल में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के साथ मिलकर दो दिन तक एक लंबी बैठक भी सभी कार्यकर्ताओं के साथ की थी। इसी में यह क्राइटेरिया तय किया गया है। इसके लिए पटवारी और सिंघार दोनों ने मप्र के लगभग सभी जिलों का दौरा कर लिया है और पैनल तैयार की जा रही है। लेकिन बड़े नेताओं के जिलों में सहमति लेकर ही घोषणा होगी। इनमें छिंदवाड़ा, राजगढ़, गुना, इंदौर, भोपाल, मुरैना, जबलपुर प्रमुख जिले हैं। अभी जिला और ब्लॉक अध्यक्ष, वार्ड पंचायत, मोहल्ला कमेटी गठन का समन्वय और निगरानी का जिम्मा पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल के पास है। recent visitors 245

छतरपुर: पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार का मामला: एडीईओ पर रिश्वत का आरोप; कलेक्टर से कार्रवाई की मांग

Chhatarpur: Case of corruption in PM Awas Yojana: ADEO accused of taking bribe; Demand for action from Collector छतरपुर । ग्राम पंचायत बगौता में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। मंगलवार को जनसुनवाई में ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि एडीईओ रागिनी पटेल प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना के सर्वे में गड़बड़ी कर रही हैं। पात्र लोगों को लाभार्थी सूची में शामिल करने के लिए पैसों की मांग की जा रही है। ग्रामीण अमर रैकवार के अनुसार, एडीईओ का भाई भी इस काम में शामिल है। जो लोग पैसे देते हैं, केवल उन्हीं के नाम लिस्ट में जोड़े जा रहे हैं। शिकायत में बताया गया कि गांव में करीब 500 परिवार आवास योजना के पात्र हैं। लेकिन एडीईओ ने कई ऐसे लोगों के नाम सूची में जोड़ दिए हैं, जो सरकारी नौकरी करते हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर एडीईओ के भाई द्वारा धमकी दी जाती है। एडीईओ लोगों के फोन तक नहीं उठातीं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से एडीईओ को हटाने और मामले की जांच कराने की मांग की है। वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना का सर्वे किया जा रहा है और इसकी जांच प्रक्रिया चल रही है। recent visitors 95

पृथ्वीपुर में दबंगों ने दिन-दहाड़े रास्ता रोक दलितों के साथ की मारपीट, लहूलुहान हालत में घायलों को झाँसी मेडिकल में किया भर्ती

In Prithvipur, the bullies blocked the road in broad daylight and beat up the Dalits, the injured were admitted to Jhansi Medical in a bloody condition पृथ्वीपुर। निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर क्षेत्र में दबंग व अपराधिक प्रवृत्ति के लोग पुलिस से बेखौफ होकर आए दिन गंभीर घटनाओं को अंजाम दे रहे है। खासकर बुंदेलखंड के पिछड़े क्षेत्रों में यादव समाज के दबंगों का कहर दलितों पर बरप रहा है। कुछ क्षेत्रों में लोधी समाज के दबंगों द्वारा दलितों के साथ मारपीट की घटनाएं घट रही हैं। इन घटनाओं में सबसे ज्यादा वृद्धि तब से हुई है, जबसे सूबे के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बने हैं। दलित परिवार के साथ यह घटना पृथ्वीपुर के ओरछा मार्ग पर विशनपुरा दर्रेठा तिगैला के पास की है। हद तो तब हो गई, जब यह परिवार मारपीट की रिपोर्ट लिखाने थाने से अपने गांव पनिहारी जा रहे थे, तभी घात लगाकर यादव परिवार के दबंगों ने अहिरवार समाज के लगभग आधा दर्जन लोगों के साथ दिन दहाड़े रास्ता रोककर जमकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने भोपाल से भारी दबाव के बाद दो आरोपियों को पकड़ लिया, वहीं मुख्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है यह आरोपी अपने ऊपर एससीएसटी का मामला दर्ज होने से बोखलाए हुए थे। घटना में पीडित गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हे पुलिस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पृथ्वीपुर में भर्ती कराया गया। घटना के बाद से पृथ्वीपुर के ग्राम पनिहारी के अहिरवार परिवार में दशहत का माहौल है। सभी पीड़ित परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। बता दें दबंगों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अपराधियों और दबंगो में पुलिस का भय नही होने से अपराधियों के हौसले बड़े हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ते अपराधों को रोकना अब क्षेत्रिय पुलिस के बस में नहीं हैं, क्योंकि इन पुलिस वालों के इन आपराधिक प्रवत्ति के लोगों से मधुर संबंध होते हैं। क्षेत्र की जनता को घटना के भय से यह बात सताने लगी है। जानकारी अनुसार पृथ्वीपुर के ग्राम पनिहारी निवासी पंकज अहिरवार ने अपनी रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि ग्राम के ही अजय यादव व विजय यादव पुत्र राजू यादव एक अज्ञात साथी के साथ अश्विनी शर्मा पृथ्वीपुर की एक्सीडेन्टल रखी सफारी गाड़ी में चोरी करने आए थे। जिनको पीड़ित के पिता पवन अहिरवार ने पहचान लिया था। इसके बाद इन तीनों दबंगों ने मेरे पिता पवन के साथ बुरी तरह से मारपीट कर दी। जिसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया कि हरगोविंद अहिरवार, पवन अहिरवार, राहुल अहिरवार, पंकज अहिरवार, दिनेश अहिरवार थाना पृथ्वीपुर में रिपोर्ट दर्ज कराकर वापस अपने गांव पनिहारी जा रहे थे, तभी दोपहर लगभग 2.30 बजे रास्ते में रामराजा फार्म हाउस और दर्रेठा तिगैला के बीच आरोपी अजय यादव व विजय यादव चार पहिया वाहन से अन्य साथी गुंडे लेकर आये और जान से मारने की नियत से स्विफ्ट डिजायर से जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दो पहिया वाहन से हरगोविंद अहिरवार, पवन अहिरवार राहुल अहिरवार, पंकज अहिरवार और दिनेश अहिरवार गिर गए। किसी तरह जान बचाकर वहां से जाने लगे, तभी कुछ लोग और उन्ही के साथी गुंडे आ गए और पीड़ितों के साथ मारपीट की। किसी तरह दिनेश अहिरवार पुलिस थाना पहुंचा और घटना की जानकारी दी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि दोनों मोटरसाईकिल को अजय, विजय के पिता राजू यादव व चाचा रघुराज यादव चला रहे थे एवं अन्य लोग साथ में बैठे थे। जो हाथों में बांस के डंडे, हॉकी लिए थे। जिन्होने मौके पर हम लोगो को घेर लिया और अजय, विजय, राजू, रघुराज यादव एवं अन्य लोगो ने पीडित व उसके भाई राहुल, चाचा हरगोविंद, पिता पवन अहिरवार के साथ लाठी डंडों से जमकर मारपीट तब तक करते रहे, जब तक पीड़ित लहूलुहान नहीं हो गए। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पृथ्वीपुर पहुंचाया। जिसके बाद गंभीर घायलों को झांसी मेडीकल काॅलेज रेफर किया गया। जहां पीड़ित परिवार आईसीयू में भर्ती है। मामले में पुलिस द्वारा पुनः घटना पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से क्षेत्र के दलित परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित और डरे हुए हैं। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मांग की है कि तत्काल सभी आरोपियों के मकान ध्वस्त किए जाएं और उन पर सख्त से सख्त कार्यवाही कर जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दें, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। recent visitors 178

उमंग सिंघार को मंत्री गोविंद राजपूत ने भेजा 20 करोड़ का मानहानि का नोटिस, नेता प्रतिपक्ष बोले-डरेंगे नहीं

minister govind rajput sent defamation notice of rs 20 crore to umang singhar case related to saurab मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने नेता प्रतिपक्ष को मानहानि का नोटिस भेजा है। बता दें नेता प्रतिपक्ष ने गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार करने और करीब 1500 करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने उमंग सिंघार केपर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगा कर जवाब देने 15 दिन का समय दिया है। वहीं, नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रतिक्रिया दी है। न डरें है न डरेंगे, नोटिस का जवाब देंगे वहीं, नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे। न डरे हैं, न डरेंगे। बता दें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फरवरी माह में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन विभाग के घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने कहा कि इस घोटाले से हर माह राजपूत को 150 करोड़ रुपए पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए गोविंद राजपूत पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से भ्रष्टाचार के पैसों से जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिवहन विभाग के घोटाले में एक पूरा रैकेट काम कर रहा था। उन्होंने 1500 करोड़ रुपए का लेखा जोखा होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंत्री ने परिवहन मंत्री रहते मध्य प्रदेश समेत के कई शहरों समेत दिल्ली के पॉश इलाके में बिल्डिंग में थर्ड फ्लोर और टैरिस अपने परिचितों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया था। https://twitter.com/UmangSinghar/status/1896855211391799602 आरटीओ आरक्षक सौरभ से जुड़ा है पूरा मामला मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की नगदी, सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज मिले है। शर्मा के करीबी के नाम पर रजिस्टर्ड एक कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे। इस दौरान आरोप है कि सौरभ परिवहन विभाग की चौकियां से वसूली करता था, जिसको मंत्री गोविंद सिंह के इशारे पर किया जा रहा था। इस मामले में लोकायुक्त, ईडी से लेकर आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही है। फिलहाल उनको कोई खास जानकारी नहीं मिलने की बात कहीं जा रही है। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जयसवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। recent visitors 110