वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने गए वनकर्मियों पर हमला, पथराव में एक गंभीर घायल

खंडवा। गुड़ी वन परिक्षेत्र में हजारों हेक्टयर वनभूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए वन विभाग की टीम जंगल में दो दिनों से कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार सुबह सरमेश्वर वन परिक्षेत्र में नवाड़ की जमीन से कब्जा हटाने के लिए 46 वनकर्मियों का दल गया था। वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दियावन भूमि में प्रवेश रोकने के लिए खंती खोदने का कार्य पोकलेन मशीन से करवाया जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे अतिक्रमणकारियों ने वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से वहां भगदड़ मच गई। पथराव में वन रक्षक संजय सिंह तोमर के सिर में पीछे की ओर पत्थर लगने से वह बेहोश हो गया। घटना में पांच-सात अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। गंभीर चोट लगने से वन रक्षक सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बिना अनुमति के जुलूस, धरना व प्रदर्शन करने पर लगा प्रतिबंधखंडवा मेंअपर जिला दंडाधिकारी केआर बड़ोले ने जिले में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार सायबर अपराधों की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर कैफे में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इसकी कम से कम एक महीने तक रिकार्डिंग सुरक्षित रखना होगी। इसकी जिम्मेदारी सायबर कैफे संचालक की होगी।सायबर कैफे में कार्यरत कर्मचारियों की पूरी जानकारी परिचय पत्र व फोटो सहित निकटतम पुलिस थाने में जमा कराना होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध धारा 223 के तहत कार्यवाही की जाएगी। recent visitors 174

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही: नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाया

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नसबंदी शिविर में पहुंची महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया। ठंड और ठिठुरन के बावजूद महिलाओं को बेड के बजाय टेंट हाउस से मंगाए गए गद्दों पर जमीन पर लिटाया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था फिर उजागर हुई है। नसबंदी शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं ऑपरेशन के लिए पहुंची थी। जो ऑपरेशन के बाद जमीन पर लेटी नजर आईं। यह व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। शिविरों में महिलाओं के लिए बेड का कोई इंतजाम नहीं किया गया। ठंड के मौसम में इस तरह की लापरवाही महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। बतादें कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाने की तस्वीर पहले भी सामने आ चुकी है। इस बार फिर यहां एक-दो महिलाएं नहीं बल्कि कई महिलाएं जमीन पर लेटी नजर आई। वहीं मामले को लेकर प्रभारी एडीएम ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा। recent visitors 164

एमपी गजब: अभी तक आपने देखा पुरूष नसबंदी एवं महिला नसबंदी , अब प्रदेश में कुत्ता नसबंदी एवं टीकाकरण अभियान शुरू, टेंडर जारी किया

MP Ghazab: Till now you have seen male sterilization and female sterilization, now dog sterilization and vaccination campaign started in the state, tender issued. दमोह ! दरअसल, शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से इनके काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 लोग रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, नगर पालिका के पास भी आवारा कुत्तों को पकड़ने की शिकायतें आ रही हैं। लेकिन, पर्याप्त अमला और संसाधन न होने के कारण अब नसबंदी और टीकाकरण कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नगर पालिका ने टेंडर जारी कर दिया है। शहर में आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका 20 लाख रुपये खर्च करेगी। इससे शहरभर में आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। बधियाकरण के बाद टैगिंग कर कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा। पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए नहीं हैं संसाधननगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, शहर में यदि कोई कुत्ता पागल हो जाता है और लोग उसे पकड़ने की शिकायत दर्ज कराते हैं, तो नगर पालिका के पास प्रशिक्षित अमला नहीं है। न ही पर्याप्त संसाधन हैं, जिससे पागल कुत्ते को पकड़कर उसका इलाज कराया जा सके। हर दिन किसी न किसी वार्ड से आवारा कुत्तों को लेकर शिकायत आती है। इस स्थिति में आवारा कुत्तों से निजात के लिए अब नगर पालिका बधियाकरण कराने जा रही है। टेंडर जारी करने के बाद अब एजेंसियों का इंतजार किया जा रहा है। एजेंसियां आते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। एजेंसी को हायर करने के बाद कुत्तों को पकड़ा जाएगा। इसके बाद बधियाकरण करके टैगिंग कर दी जाएगी, जिससे इन कुत्तों की पहचान हो सके। लाइसेंसी एजेंसी को दिया जाएगा कामनगर पालिका दमोह के स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र पटेल ने बताया कि आवारा कुत्तों से निजात के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। एक माह की समय सीमा तय की गई है, जिसमें एजेंसियां शामिल होंगी। लाइसेंसी एजेंसी को ही काम दिया जाएगा, जो कुत्तों का बधियाकरण करेगी और सुरक्षित तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। recent visitors 172

बैतूल उपचुनाव में भाजपा को झटका, भाजपा पार्षद के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर कांग्रेस की जीत

Shock to BJP in Betul by-election, Congress wins on the seat vacant after resignation of BJP councilor. बैतूल ! जिले के सारणी नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 33 के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है. पार्षद पद के लिए उपचुनाव की गुरुवार को मतगणना हुई. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने भाजपा प्रत्याशी को 160 वोटों से हराया. भाजपा पार्षद के इस्तीफा के बाद खाली हुई सीट पर 9 दिसंबर को हुए मतदान की धीमी गति और मतदाताओं की चुनाव में कम रुचि से ही स्पष्ट हो गया था कि परिणाम आश्चर्य में डालने वाले होंगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी ने 160 वोटों से जीता उपचुनाव 12 दिसंबर को आए चुनावी परिणाम ने सबको चौंका दिया. हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले से ही अपनी प्रत्याशी की जीत का दम भर थे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने यह उपचुनाव 160 मतों से जीत लिया है. निर्वाचन प्रमाण पत्र लेकर समर्थकों के साथ जैसे ही रेखा भलावी मतगणना स्थल से बाहर निकली वैसे ही कांग्रेसियों ने जमकर जश्न मनाया. 32.5 प्रतिशत हुआ था मतदान नगर पालिका परिषद सारणी के लिए हुए उपचुनाव में शायद यह पहला अवसर है, जब जागरूकता के बावजूद इतना कम मतदान हुआ है. जबकि उपचुनाव को लेकर प्रत्याशियों और प्रशासन में उत्साह था. बावजूद इसके 2166 मतदाताओं में से महज 704 मतदाताओं ने ही मतदान किया था. महज 32.5 प्रतिशत मतदान से प्रशासन भी चिंतित था. प्रशासन को इतनी कम वोटिंग की उम्मीद नहीं थी. भाजपा को दोनों बूथ पर मिली करारी शिकस्त भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी जगदीश नगदे को कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने दोनों बूथों पर करारी शिकस्त दी है. बूथ क्रमांक 64 पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जहां 140 मत पड़े. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 183 मत पड़े. जबकि निर्दलीय प्रत्याशी शोभा जगदेव को 69 वोट मिले. इसी तरह मतदान केंद्र क्रमांक 65 पर भाजपा प्रत्याशी को जहां 83 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 200 मत गिरे, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को महज 29 वोट ही मिले. शिक्षिका बनने पर पार्षद पद से दिया था इस्तीफा नगर पालिका परिषद सारणी के वार्ड नंबर 33 की भाजपा पार्षद संगीता सूर्यवंशी का शिक्षा विभाग में चयन होने पर उन्होंने पार्षद पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद से वार्ड में पार्षद पद के लिए उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी. भाजपा ने जहां उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. वहीं कांग्रेस ने इस मौके को भुनाने में कोई गलती नहीं की. रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. अभिजीत सिंह ने बताया कि, ”उपचुनाव की मतगणना संपन्न हो गई है. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी 160 वोटों से जीती हैं. उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है.” recent visitors 147

कूनो नेशनल पार्क के अंदर घुसे बंदूकधारी शिकारी, चली गोलियां, चीतों को खतरा?

श्योपुर ! कूनो नेशनल पार्क के मोरावन क्षेत्र में फायरिंग और कुछ शिकारियों के घुसने की खबर सामने आई है. पार्क प्रबंधन के मुताबिक मोरावन क्षेत्र में मंगलवार को गश्ती दल ने फायरिंग की आवाज सुनी थी. इसके बाद तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया तो तीन बंदूकधारी नजर आए. हालांकि, पार्क प्रबंधन ने शुक्रवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन बंदूकधारी शिकारी छिपकर भाग निकलने में कामयाब रहे. वहीं डीएफओ ने चीतों के सुरक्षित होने की बात कही है. इस पूरी घटना को लेकर जब श्योपुर DFO आर थिरुकुरल से बात की गई तो उन्होंने MYSECRETNEWS.COM को बताया, ” दो-तीन दिन पहले एक पॉइंट मिला था कि कुछ शिकारी पार्क के कुछ इलाकों से घुसने का प्रयास कर सकते हैं. इसके आधार पर लगातार कॉम्बिंग टीमों द्वारा गश्त की जा रही थी. इसी दौरान मंगलवार को अचानक वन क्षेत्र में गोली चलने की आवाज सुनाई दी, तो गश्ती दल तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन शिकारियों को इस बात का आभास हो गया और वे मौके से फरार हो गए.” DFO के मुताबिक कूनो नेशनल पार्क के कुछ संवेदनशील पॉइंट हैं, जहां से 2-3 शिकारियों के घुसने की आशंका है. हालांकि, गश्ती दल के सक्रिय होने से संभवत: शिकारी किसी घटना को अंजाम नहीं दे सके. एहतियातन कूनो नेशनल पार्क के प्रबंधन ने पार्क के अंदर गश्त बढ़ा दी है और अन्य संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है. पार्क में लगे कैमरों की मदद से भी शिकारियों का पता लगाया जा रहा है. गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क अपने विदेशी चीतों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहता है. यहां चीतों को फिर से बसाने के लिए सरकार का एक बड़ा प्रोजेक्ट जारी है. इस प्रोजेक्ट के चलते श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कई चीते लाए गए थे. इन्हीं में से दो चीते खुले जंगल में घूम रहे हैं. ऐसे में बंदूकधारी शिकारियों का यहां घुसना कई तरह के सवाल पैदा कर रहा है. हालांकि, यह पहली घटना नहीं है जब कूनो नेशनल पार्क में शिकारियों की घुसपैठ की कोशिश हुई हो. पिछले साल 12 जून को भी ऐसे ही तीन शिकारियों को पार्क में गश्ती दल ने पकड़ा था. ऐसी घटनाएं कूनो नेशनल पार्क और खासतौर पर यहां लाए गए विदेशी चीतों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं. recent visitors 178

भोपाल, छतरपुर समेत 28 जिलों में शीतलहर: एमपी में अगले 4 दिन कड़ाके की सर्दी

भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक कड़ाके की सर्दी पड़ने का अलर्ट है। शुक्रवार को भोपाल, जबलपुर समेत 28 जिलों में कोल्ड वेव (शीतलहर) चलेगी। रात के साथ दिन भी ठंडे रहेंगे। पहाड़ों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से सर्द हवा चलना इसकी वजह है। इंदौर और उज्जैन में थोड़ी राहत रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, ‘शुक्रवार को जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, सिवनी, नर्मदापुरम में सर्द हवा चलेगी। भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, नीमच, विदिशा, सीहोर, रायसेन, कटनी, सीधी में कोल्ड-डे और सर्द हवाएं दोनों का असर रहेगा। मंडला, मंदसौर, रतलाम, बैतूल, नरसिंहपुर में कोल्ड डे यानी ठंडा दिन रहेगा।’ उधर, कड़ाके की ठंड पड़ने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल गई है। स्कूल 1 घंटे बाद 9 बजे से लग रहे हैं। भोपाल के वन विहार, इंदौर, ग्वालियर के जू में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के जतन हो रहे हैं। इस साल दिसंबर की सर्दी ने ट्रेंड बदल दिया है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड और ट्रेंड देखें, तो दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ती रही है, लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का असर है। भोपाल और इंदौर की रात तो पिछले 2 साल में सबसे ठंडी रही है, यानी दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है। नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। अब दिसंबर में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। recent visitors 177

सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर नेता प्रतिपक्ष का तंज: उमंग सिंघार बोले- योजनाओं में नया कुछ नहीं, घोटालों पर मौन

भोपाल। मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव सरकार के एक साल पूरा होने पर जारी रिपोर्ट कार्ड पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सियासी निशाना साधा है। मुख्यमंत्री के एक साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने पर बोले- जो योजनाएं चल रही थी उसमें नया कुछ नहीं है। जिन योजनाओं में घोटाले हुए उन पर वह मौन रहे। विपक्ष के मुद्दों पर सीएम ने कोई बात नहीं की है। चुनाव में लाडली बहना को लेकर 3000 के पोस्टर लगे लेकिन अब तक नहीं दिए गए। कब 3 हजार करेंगे उसका जवाब सीएम को देना चाहिए। इसी तरह प्रदेश में हजारों करोड़ का घोटाला हुआ लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई है। सरकार गौ माता की बात कर रही है लेकिन आज भी सड़कों पर गाये एक्सीडेंट में मर रही है, उसकी जवाबदेही सरकार ने आजतक तय नहीं की है। उमंग सिंघार ने कहा कि- बीजेपी की सरकार ने एक साल में योजनाएं तक सही से नहीं चलाई है। एयर एम्बुलेंस का फायदा गरीबों को नहीं केवल अमीरों और उद्योगपतियों को इसका फायदा मिलता है। यह योजना केवल कागजों पर है। प्रदेश में अबतक बैकलॉक की भर्ती नहीं हुई न 2 लाख रोजगार दिए गए। इसी तरह अपराध को रोकने के लिए नई भर्ती की आवश्यकता है लेकिन सरकार ने अब तक भर्ती नहीं की है। ब्लॉक स्तर पर डॉक्टर्स की कमी है लेकिन घोटालों की परीक्षा करवाई जा रही है। हाइकोर्ट की फटकार के बाद भी नर्सिंग घोटाले पर कार्यवाही नहीं हुई। किसान खाद के लिए परेशान है कृषि मंत्री को खाद के मामले की जानकारी ही नहीं है। मुख्यमंत्री लंदन गए लेकिन वहां किसानों की बात नहीं की। 60 हजार करोड़ के कौन से एमओयू (MOU) साइन हुए उसकी जानकारी देना चाहिए। सरकार ने स्कूटी देने की बात की आज भी हजारों बच्चे इंतेज़ार कर रहे है। एक तरफ सरकार लोकायुक्त को काम नहीं करने देना चाहती। सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना चाहती है। अधिकारियों के तबादले 3-4 बार हो रहे है। क्या बीजेपी को अधिकारियों पर विश्वास नहीं है जो बार बार ट्रांसफर किए जा रहे है। साइबर ठगी को लेकर भी अभी तक कोई ठोस कानून तैयार नहीं किया गया है। सिंगरौली देश में दूसरी नंबर पर प्रदूषित जिला है। बीजेपी विस्थापितों को समय से मुआवजा देना चाहिए। उनको उनके मूल भाव नहीं दिए जा रहे है। प्रदेश में पैसा कानून की बड़ी बात करती है लेकिन हर गांव में पुलिस पहुंच रही है। प्रदेश में लगातार कर्ज ले रहे है आर्थिक विकास को लेकर मंथन करना चाहिए। recent visitors 163