ईडन गार्डन्स में तेजी से बढ़ रहा भारत का स्कोर, तिलक-सैमसन ने बदले गियर

कोलकाता वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 195 रन बनाए हैं। पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने पर वेस्टइंडीज के लिए रोस्टन चेस (40) और शाई होप (32) ने 68 रन की पहले विकेट की साझेदारी की। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने चार ओवर में 36 रन देकर दो विकेट लिए। 196 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 29 रन की साझेदारी हुई। अभिषेक 10 रन ही बना सके। ईशान किशन 6 गेंद में 10 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 16 गेंद में 18 रन बनाए। पावरप्ले में भारत ने बनाए 53 रन भारतीय टीम ने पावरप्ले में ही दो विकेट गंवा दिए हैं। टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा एक बार फिर कमाल नहीं दिखा सके और 11 गेंद में 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए हैं। ईशान किशन ने 6 गेंद में 10 रन बनाए। भारत ने 6 ओवर में दो विकेट खोकर 53 रन बनाए हैं। वेस्टइंडीज के लिए पावरप्ले में जेसन होल्डर और अकील ने विकेट चटकाए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज को रोस्टन चेज और शाई होप ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 53 गेंद में 68 रन की साझेदारी हुई। होप 33 गेंद में 32 रन बनाकर वरुण चक्रवर्ती का शिकार बने। बुमराह ने शिमरन हेटमायर (27) और रोस्टन चेज (40) को एक ही ओवर में पवेलियन का रास्ता दिखाया। हार्दिक पांड्या ने रदरफोर्ड को आउट किया। इसके बाद पॉवेल और होल्डर के बीच पांचवें विकेट के लिए 35 गेंद में 76 रन की साझेदारी हुई। रोवमैन पॉवेल ने 19 गेंद में 34 और जेसन होल्डर ने 22 गेंद में 37 रन बनाे। भारत के लिए बुमराह ने तीन, हार्दिक और वरुण को एक एक सफलता मिली। अर्शदीप सिंह के ओवर में बने 24 रन 16वें ओवर में अर्शदीप सिंह के खिलाफ वेस्टइंडीज ने 24 रन बटोरे, जोकि पारी का सबसे मंहगा ओवर बन गया है। पॉवेल ने इस ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया। recent visitors 44

मुख्यमंत्री यादव आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके परिणामस्वरुप ही समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लिए प्रदेश में सभी क्षेत्रों में समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं अपितु राष्ट्र की अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर हैं। वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के दृष्टिगत प्रदेश के वन संसाधनों के संरक्षण, उनके समुदाय आधारित प्रबंधन और 21वीं सदी में भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में वनों के योगदान संबंधी दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जैव विविधता, समृद्ध सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा "विजन @2047 री-इमैजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर" महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट है। मध्यप्रदेश, विविध और समृद्ध वनों से परिपूर्ण है। यहां घने वनों से लेकर अर्ध-शुष्क वन और नदी तटीय पारिस्थितिक तंत्र तक विद्यमान हैं। ये वन असंख्य वनस्पतियों और वन्य जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं तथा प्रमुख नदियों के उद्गम क्षेत्र बनकर लाखों लोगों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रदेश के वन, जनजातियों एवं वन-आश्रित समुदायों की आजीविका का आधार हैं, जिनकी संस्कृति और पहचान, वन पारिस्थितिकी से परस्पर जुड़ी है। इन वनों की सुरक्षा केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अनिवार्यता भी है। विजन@2047 इस विश्वास पर आधारित है कि केवल नियमन और संरक्षण पर आधारित पारंपरिक वन प्रबंधन पद्धतियाँ अब पर्याप्त नहीं हैं। बदलते वर्षा पैटर्न, बढ़ता तापमान, वनों में लगने वाली आग और भूमि उपयोग का दबाव व्यापक एवं दूरदर्शी समाधान की मांग करते हैं। इस संदर्भ में यह विज़न पारिस्थितिकी-आधारित, जलवायु- अनुकूल, विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को अपनाता है। विजन@2047 का प्रमुख आधार समुदायों की भागीदारी है। विजन में वन-आश्रित समुदायों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि वन संसाधनों के सह-प्रबंधक एवं संरक्षक के रूप में देखा गया है। जब समुदायों को वनों से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है, तो वे उनके सबसे सशक्त संरक्षक बन जाते हैं। इस विश्वास के साथ यह विज़न समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। यह विज़न वन प्रबंधन के आधुनिकीकरण पर भी विशेष बल देता है। शासकीय प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने पर विजन डॉक्यूमेंट में विशेष महत्व दिया गया है। संस्थागत सुधार और क्षमता निर्माण विज़न@2047 की आधारशिला हैं। नीतियों को प्रभावी परिणामों में परिवर्तित करने के लिए एक दक्ष, प्रशिक्षित और प्रेरित कार्यबल अत्यंत आवश्यक है। विभाग प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार में सतत निवेश करेगा। विजन@2047 को 5 अध्यायों में विभाजित किया गया है। इसमें वन विभाग के इतिहास और संरचना, विभाग की दृष्टि- मिशन और नीति निर्देशक सिद्धांतों, वर्ष 2024 तक के लक्ष्यों पर विशेष अध्याय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही विजन@2024 को क्रियान्वित करने के प्रमुख 11 स्तंभों क्रमश: वन प्रबंधन, वन्य जीव संरक्षण, वन संरक्षण, वन संसाधनों का श्रेष्ठतम उपयोग, वन भूमि के बाहर हरित आच्छादन, सामुदायिक वानिकी और आजिविका, पर्यावरण पर्यटन और प्रकिृत शिक्षा, जलवायु सहनशीलता, कार्बन एवं परिस्थितिकीय तंत्र सेवाएं, नीतिगत एवं विधिक सुधार, मानव संसाधन- क्षमता एवं कल्याण और डिजिटल एवं डेटा रूपांतरण की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। विजन@2047 ऐसा दस्तावेज है, जो समय के साथ उभरती चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप आकार लेता रहेगा। यह दृष्टि पत्र 33% हरित आच्छादन के लक्ष्य तथा वर्ष 2017 तक नेट जीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के वन आने वाले वाली पीढियों के लिए स्वस्थ, उत्पादक और सम सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहे।   recent visitors 38

अंबिकापुर में फर्जी पहचान से दुष्कर्म: ‘राजा महंत’ बनकर छल करने वाला आरोपी उम्रकैद का दोषी

अंबिकापुर खुद की पहचान छिपाकर शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी राजा अंसारी अंबिकापुर के मोमिनपुरा का रहने वाला है लेकिन उसने राजा महंत बनकर पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाई थी। शादी का झांसा देकर उसके साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि पीड़िता द्वारा दूरी बना लेने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी थी। अतिरिक्त लोक अभियोजक अभिषेक कश्यप ने बताया कि सरगुजा जिले के एक गांव की युवती की मुलाकात आरोपी से मेले में हुई थी। आरोपी ने सुनियोजित तरीके से अपनी पहचान छिपाकर खुद को राजा महंत बताया था। परिचय होने के बाद पहली बार वह आठ मार्च 2023 को पीड़िता के घर गया था। इसके बाद 22 मार्च 2023 को पीड़िता के जन्मदिन के दिन भी उसके घर गया। रात हो जाने के कारण उसी के घर रुक गया। पीड़िता को उसने झांसा दिया कि वह उससे विवाह करेगा। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी। आरोपी पीड़िता को वह अंबिकापुर ले आया। यहां किराए के घर में उसे रखा। उसका विश्वास जितने के लिए माथे पर सिंदूर लगा विवाह का नाटक किया। दो अप्रैल 2023 को पहली बार आरोपी ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया। पीड़िता को घर ले जाकर किया प्रताड़ित इसके बाद जब युवती ने घरवालों से मुलाकात की जिद की तो आरोपी उसे लेकर अपने घर गया। यहां उसे पता चला कि युवक दूसरे मत का है और उसे धोखा दिया है। इस पर उसने आपत्ति की तो आरोपी उसे प्रताड़ित करने लगा। उसका मोबाइल भी ले लिया। किसी तरह पीड़िता उसके चंगुल से छूटकर घर चली गई। तब आरोपी ने उसे धमकाया की वह उसके फ़ोटो और वीडियो प्रसारित कर देगा। आखिरकार पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी की। आरोपी को न्यायलय के आदेश पर जेल भेज दिया। जांच के पश्चात पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने आरोपी राजा अंसारी को धारा 417 तथा धारा 376 (2)(एन) का दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को धारा 417 के तहत एक वर्ष कारावास तथा 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 376 (2)(एन) के तहत आजीवन कारावास व 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। महिला के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर प्रहार अभियोजन की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपी के द्वारा अपनी पहचान एवं विवाहित होने के तथ्य को छिपाकर पीड़िता के साथ छलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाकर उसका यौन शोषण किया है, जो गंभीर प्रकृति का अपराध किया है। यदि ऐसे प्रकरणों में कठोर दण्ड नहीं दिया जाएगा तो समाज में विपरीत प्रभाव पड़ेगा तथा यौन अपराध के प्रकरणों में अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा है कि आरोपी के द्वारा किया गया यौन हिंसा अमानवीयकरण कार्य होने के अतिरिक्त महिला के गोपनीयता एवं पवित्रता के अधिकार का विधि विरूद्ध उल्लंघन है। यह महिला के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर प्रहार है और महिला के आत्मविश्वास एवं प्रतिष्ठा के प्रति अपराध है।   recent visitors 39

त्योहार में आसान सफर: MP के कई स्टेशनों पर रुकेगीं वडोदरा-खातीपुरा व बांद्रा-गोरखपुर स्पेशल ट्रेनें

रतलाम होली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा मंडल से होकर वडोदरा से खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 09103 वडोदरा -खातीपुरा स्पेशल प्रत्येक रविवार को वडोदरा से रात 9.35 बजे प्रस्थान कर दाहोद (12.26/12.28), रतलाम (2.05/2.10), मंदसौर (3.33/3.35), नीमच (4.43/4.48), चित्तौड़गढ़ (6.05/6.10) होते हुए अगले दिन दोपहर 2.10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। यह ट्रेन वडोदरा से एक से 29 मार्च तक चलेगी। इसी तरह 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल प्रत्येक सोमवार को खातीपुरा से रात 8.55 बजे प्रस्थान कर चित्तौड़गढ़ (3.25/3.30), नीमच (4.18/4.20), मंदसौर (5.00/5.02), रतलाम (7.10/7.20) व दाहोद (8.43/8.45) होते हुए मंगलवार सुबह 11.30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। यह ट्रेन खातीपुरा से दो से 30 मार्च तक चलेगी।   ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी (इकोनामी), स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच होंगे। 09019 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर स्पेशल एक मार्च को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 8.35 बजे रविवार को प्रस्थान कर दाहोद (6.02/6.04), रतलाम (8.10/8.20), नागदा (9.46/9.48), उज्जैन (10.48/10.50), मक्सी (11.26/11.28), शुजालपुर (12.28/12.30), सीहोर (12.57/12.59) होते हुए सोमवार रात 8.40 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। बुधवार सुबह होगी रवाना इसी तरह 09020 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल दो मार्च को गोरखपुर से 11.35 बजे प्रस्थान कर सीहोर (5.43/5.45), शुजालपुर (6.19/6.21), मक्सी (7.32/7.34), उज्जैन (8.15/8.17), नागदा (9.02/9.04), रतलाम (9.52/10.02) व दाहोद (11.22/11.24) होते हुए बुधवार को सुबह 9.45 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, नवसारी, उधना, सयान, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती व खलीलाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेनों के ठहराव, समय व संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन करने के साथ ही रेलवन एप पर भी जानकारी ले सकते हैं। recent visitors 33

वन विभाग में बड़ा बदलाव: सुभरंजन सेन नए प्रमुख नियुक्त, 2028 तक रहेंगे पद पर

भोपाल भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभरंजन सेन मध्य प्रदेश के नए वन बल प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। वरिष्ठता में 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी एचएयू खान और 1990 बैच के बिभाष ठाकुर को पीछे छोड़ 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी सेन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद बन गए, सेन अभी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक हैं। वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह पहले से नए वन बल प्रमुख की तलाश की जा रही थी। इनमें खान, ठाकुर और सेन इन तीन नामों का पैनल बनाकर वन विभाग ने मुख्यमंत्री को स्वीकृति के लिए भेजा था। इससे पहले मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में नए वन बल प्रमुख के चयन के लिए बैठक की गई थी।   नजरअंदाज कर जूनियर को सौंपी कमान वन विभाग में वन बल प्रमुख सबसे वरिष्ठतम अधिकारी को ही बनाया जाता है। इस हिसाब से वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान और उनके बाद पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार बिभाष कुमार ठाकुर वन बल प्रमुख बनने की वरिष्ठता रखते हैं। लेकिन पहली बार वरिष्ठता को नजरअंदाज कर खान और ठाकुर से जूनियर सेन को वन बल प्रमुख की कमान सौंपी है। अब चूंकि सेन की नियुक्त हो गई है तो ठाकुर की वर्तमान पदस्थापना में बदलाव किया जा सकता है, उन्हें पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार से हटाना पड़ेगा। वरिष्ठता के कारण उन्हें लघु वनोपज संघ या वन विकास निगम के प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है। समीता राजौरा बनाई जा सकती हैं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक वरिष्ठता के आधार पर 1992 बैच की आईएफएस अधिकारी समीता राजौरा मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक बनाई जा सकती हैं। वह वन्यप्राणी शाखा में काम करने की इच्छुक भी हैं। वर्तमान में वह मप्र राज्य लघुवनोपज संघ की प्रबंध संचालक हैं। इधर, राज्य वन विकास निगम की प्रबंध संचालक एवं एसपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला को पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है। recent visitors 40

MP के ग्वालियर में खौफनाक एक्सीडेंट: ट्रक ने कार को 1 किलोमीटर तक घसीटा, बाल-बाल बचे लोग

ग्वालियर एनएच-44 पर बझेरा से कल्याणी तिराहे के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक ट्रक कार को लगभग एक किलोमीटर तक घसीटते हुए नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि कार में चार लोग सवार थे। सभी सुरक्षित हैं। घटना के दौरान हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना के बाद नेशनल हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। recent visitors 33

खामेनेई के निधन पर उबाल, कराची में भीड़ का तांडव, अमेरिकी दूतावास जलाया, 9 लोगों की गई जान

ईरान यूएस-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अमेरिका के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी डंडे लेकर जमा हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद लोकल पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इसमें कम से कम 9 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।   आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े प्राप्त जानकारी के अनुसार हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा, पुलिस ने एहतियातन चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की। यातायात प्रभावित, लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने सुल्तानाबाद को माई कोलाची से जोड़ने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर डायवर्ट किया गया, ताकि स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके और जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल उस क्षेत्र से दूर रहें, क्योंकि सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ एंट्रेंस पर तोड़-फोड़ करती और कथित तौर पर बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आग लगाती दिख रही है। ईरान ने बदला लेने की कसम खाई बता दें कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को फिर दी चेतावनी वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। recent visitors 44