नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी जीत, 21 लाख के इनामी माओवादी सुखराम ने किया आत्मसमर्पण

जगदलपुर नक्सल मोर्चे पर ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय 21 लाख रुपए के इनामी माओवादी सुखराम मरकाम उर्फ योगेश उर्फ सुरेश ने हथियार डाल दिया है। यह आत्मसमर्पण ओडिशा के मलकानगिरी जिले में किया गया, जहां सुरक्षा बलों के सामने माओवादी ने सरेंडर किया। आत्मसमर्पण के दौरान सुखराम मरकाम के पास से एक SLR राइफल के साथ विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। सुखराम मरकाम माओवादी संगठन में ACM रैंक का सक्रिय कैडर बताया जा रहा है। वह वर्ष 2010 से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सुखराम कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। माओवादी सुखराम मरकाम मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का निवासी है। उसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में गंभीर नक्सली मामले दर्ज थे। लगातार दबाव और सघन ऑपरेशन के चलते माओवादी सुखराम ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। मलकानगिरी एसपी विनोद पाटिल का कहना है कि यह नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी उपलब्धि है। आत्मसमर्पण से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि आगे भी अन्य माओवादी मुख्यधारा में लौटेंगे। recent visitors 25

मोहन सरकार की नई गाइडलाइन: अफसर छुट्टी पर नहीं जा सकेंगे, मुख्यालय से दूरी पर लगेगा पाबंद

भोपाल  मध्यप्रदेश में विधानसभा के बजट सत्र को लेकर सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त शिकंजा कस दिया है। सरकार ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय (Headquarters) नहीं छोड़ेगा। आदेशों का उल्लंघन करने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें राज्य का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने और विधानसभा प्रश्नों के समय पर जवाब सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ा तो एक्शन तय विधानसभा सत्र को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के जिला कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।  आदेश के मुताबिक— अधिकारी किसी भी हाल में बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे.. अपरिहार्य स्थिति में अपर कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य,अवकाश के लिए भी पूर्व स्वीकृति जरूरी,नियम तोड़ने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। विधानसभा प्रश्नों पर खास फोकस सरकार ने विधानसभा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए — नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश, विधानसभा प्रश्नों के तत्काल और सही उत्तर भेजने की जिम्मेदारी ,जिला कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं। स्पष्ट किया गया है कि प्रश्नों के जवाब में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का साफ संदेश सरकार का स्पष्ट संदेश है — बजट सत्र के दौरान प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। मुख्यालय से गैरहाजिरी अब नहीं चलेगी। लापरवाही पर सीधा एक्शन होगा। recent visitors 28

साप्ताहिक जनसुनवाई: कलेक्टर ने सुनी जनता की शिकायतें, तुरंत समाधान के दिए निर्देश

कलेक्टर ने सुनीं आमजन की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश साप्ताहिक जनसुनवाई में 90 आवेदनों पर सुनवाई   डिंडौरी    जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने एक-एक कर आवेदकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों के निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।            कलेक्ट्रेट सभागार में  आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं तथा कई आवेदनों का मौके पर ही समाधान कराया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए नागरिकों द्वारा समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित कुल 90 आवेदन प्रस्तुत किए गए। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं हो सका, उनमें आवेदकों को समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक आश्वासन प्रदान किया गया।         जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत पोंड़ी माल विकासखंड डिंडौरी की आवेदिका श्रीमती अंधियारो बाई धुर्वे (आयु 70 वर्ष) एवं श्री गनपत सिंह (आयु 75 वर्ष) द्वारा विगत 10 माह से पेंशन राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।      कलेक्टर के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा दोनों हितग्राहियों की ई-केवायसी की गई, जिससे आगामी माह से उनके खाते में पेंशन राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।       इसी क्रम में ग्राम बहेरा टोला, ग्राम पंचायत माधोपुर विकासखंड डिंडौरी के आवेदक श्री इन्द्रपाल सिंह (आयु 82 वर्ष) एवं श्रीमती उर्मिला बाई (आयु 78 वर्ष) ने भी वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की समस्या जनसुनवाई में रखी। जांच में पाया गया कि ई-केवायसी पूर्ण न होने के कारण उनकी पेंशन बंद थी। अपर कलेक्टर के निर्देशानुसार पुनः ई-केवायसी की गई, जिससे आगामी माह से पेंशन भुगतान पुनः प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार ग्राम ईश्वरपुर बंगवार ग्राम पंचायत दामी तितराही जनपद पंचायत समनापुर के श्री प्रेमलाल झिगराम ने जनसुनवाई में आवेदन दिया कि मेरे पुत्र पवन कुमार झिगराम की मृत्यु  28 सितंबर 2025 को हुआ है जिसका ग्राम पंचायत के द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। उक्त मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने हेतु जनसुनवाई में पहुंचे जहां पर अपर कलेक्टर ने योजना एवं सांख्यिकी विभाग के श्री अभिषेक बंसल को निराकरण करने के लिए निर्देशित किया जिस पर उन्होंने समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक घंटे के अंदर मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित हितग्राही को जनसुनवाई के दौरान सौंपा गया।         अपर कलेक्टर ने जिले के समस्त हितग्राहियों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति की पेंशन राशि बंद हो गई है अथवा इस प्रकार की कोई समस्या है, तो वे अपने ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक, मोबिलाइज़र अथवा संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय में संपर्क कर समस्या का समाधान करा सकते हैं, जिससे जिला मुख्यालय आने में समय व परेशानी से बचा जा सके।          जनसुनवाई में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय भुगतान न होने पर उन्होंने जनसुनवाई में गुहार लगाई है कि ’ओम पारस मेन पावर सर्विस’ लिमिटेड, भोपाल के माध्यम से जिले के विभिन्न सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने आवेदन सौंपा। डाटा एंट्री ऑपरेटर, वार्डवॉय और सिक्योरिटी गार्ड सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह का मानदेय अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने अपर कलेक्टर से मांग की है कि उनके मानदेय भुगतान के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की जाए। जिस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए तथा अपर कलेक्टर के द्वारा लिखित आवेदन भी कंपनी को मानदेय भुगतान  हेतु प्रेषित किया जाए। इसी तरह ग्राम मुंगेला विकासखंड समनापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बंजरा के सरपंच और ग्रामीणों ने सामुहिक रूप से लिखित आवेदन के साथ प्राथमिक शाला के जर्जर भवन की स्थिति की शिकायत की। बच्चों को स्कूल में अध्ययन में समस्या आ रहीं है। ग्रामीणों ने नए भवन निर्माण की मांग की। जिस पर अपर कलेक्टर ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीपीसी, सर्व शिक्षा अभियान अधिकारी को निराकरण करने के निर्देश दिए।      ग्राम मोहगांव माल निवासी आवेदक ने अपने पिता की मृत्यु के उपरांत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत लंबित क्लेम राशि के भुगतान हेतु आवेदन दिया। जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारी को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।       कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्राप्त आवेदनों की गंभीरता से जांच करें और समय सीमा के भीतर हितग्राहियों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।     जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत  पंकज जैन, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर  वैद्यनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्री राजेन्द्र जाटव, एलडीएम  रविशंकर सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। recent visitors 44

बड़ामलहरा में एकमात्र CNG पम्प पर घटिया गैस हो रही सप्लाई

Poor quality gas is being supplied at the only CNG pump in Badamalhara. लोकेन्द्र सिंह बड़ामलहरा। नगर में एकमात्र CNG पम्प है, जो भारत पेट्रोल पंप के साथ संचालित हो रहा है। इस पंप पर घटिया क्वालिटी की CNG गैस सप्लाई किए जाने के आरोप लगे हैं। इस मुद्दे को लेकर दो दर्जन से अधिक टैक्सी चालकों ने पम्प परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।टैक्सी चालकों का कहना है कि बड़ामलहरा में सतना से सप्लाई की जा रही CNG गैस की गुणवत्ता बेहद खराब है। इस गैस से वाहनों का माइलेज (एवरेज) काफी कम हो रहा है। वहीं इसके उपयोग से इंजन और अन्य पार्ट्स भी जल्दी खराब हो रहे हैं। इससे घटिया क्वालिटी की गैस से उनकी रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है। अडानी गैस सप्लाई की मांग प्रदर्शन कर रहे चालकों ने बताया कि पास के अन्य शहरों में अदानी गैस की सप्लाई हो रही है, जिसकी क्वालिटी बेहतर है। हैरानी की बात यह है कि अदानी गैस और यहां सप्लाई की जा रही CNG गैस का रेट लगभग एक समान है, बावजूद इसके उन्हें खराब गुणवत्ता की गैस खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।टैक्सी चालकों ने पम्प प्रबंधन से मांग की है कि जल्द से जल्द अदानी गैस की सप्लाई शुरू की जाए, ताकि उन्हें बेहतर गुणवत्ता की CNG मिल सके और वाहनों की कार्यक्षमता बनी रहे। चालकों ने दी चेतावनी चालकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल पम्प प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में इस मुद्दे को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। recent visitors 56

पठिया में आकाशीय बिजली का कहर, युवक की मौके पर मौत

Lightning wreaks havoc in Pathiya, youth dies on the spot लोकेन्द्र सिंह बड़ामलहरा। बड़ामलहरा अनुभाग के भगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पठिया में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। जहां आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पठिया निवासी लखन राजपूत उम्र 25 वर्ष पिता सुखदीन राजपूत मंगलवार सुबह करीब 8 बजे कठान नदी के किनारे शौच के लिए गया हुआ था। इसी दौरान मौसम में अचानक बदलाव हुआ और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर पड़ी। इसकी चपेट में आने से युवक पूरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और भगवां थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। recent visitors 73

सरकारी सूत्रों ने बताया सच, किसानों के हितों पर टैरिफ डील का असली मंथन

वाशिंगटन अमेरिका के साथ सोमवार को घोषित व्यापार समझौते को लेकर कयासों का बाजार गरम है। संसद से लेकर सड़कों तक विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। इस बीच केंद्र सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत उन देशों से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा जिन पर प्रतिबंध नहीं हैं। गौरतलब है कि भारत रूस से तेल खरीदने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जिस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं। किसानों के हितों से समझौता नहीं दरअसल, भारत द्वारा अपने राजनीतिक रूप से संवेदनशील कृषि क्षेत्र को अमेरिका की अधिक पहुंच के लिए खोलने से इनकार करना मुक्त व्यापार समझौते के दौरान वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच एक प्रमुख विवाद का मुद्दा रहा है। नई दिल्ली सोयाबीन और डेयरी जैसे कृषि क्षेत्रों को खोलने के लिए अनिच्छुक रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को, जिन्हें अब तक संरक्षित रखा गया है, आगे भी संरक्षित रखा जाएगा। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि भारत ने समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं के हिस्से के रूप में कुछ कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच की पेशकश की है। भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ एक व्यापार समझौते के तहत कृषि उत्पादों के लिए चुनिंदा बाजारों तक पहुंच की पेशकश की है। प्रतिबंध-मुक्त तेल खरीदेगी सरकार वैश्विक व्यापार डेटा प्रदाता केप्लर के अनुसार, ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगाने के बावजूद भारत प्रतिदिन लगभग 1.5 मिलियन बैरल रूसी कच्चे तेल का आयात कर रहा है, जो कुल भारतीय आयात का एक तिहाई से अधिक है। सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत प्रतिबंध-मुक्त दुनिया भर के देशों से कच्चे तेल की खरीद को दर के आधार पर जारी रखेगा। सूत्रों ने बताया कि प्रतिबंध लागू होने के दौरान हमने वेनेजुएला से तेल नहीं खरीदी थी। अब प्रतिबंध हट गए हैं, इसलिए हम खरीदेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली ऊर्जा खरीद में अपने नागरिकों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी। बता दें कि सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर अपना टैरिफ मौजूदा स्तर से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इसके बदले में नई दिल्ली रूस से तेल की खरीद बंद करने और इसके बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत हो जाएगी। 500 अरब डॉलर के व्यापार ट्रंप ने यह भी कहा कि व्यापार समझौते के तहत भारत ने कई उपायों पर सहमति जताई है, जिनमें टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को 'शून्य' तक कम करना तथा ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि उत्पाद और कोयले सहित 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी सामान खरीदना शामिल है। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका के साथ 500 अरब डॉलर की व्यापार प्रतिबद्धता की शर्तों में विमान सौदों और अन्य संबंधित निवेशों को शामिल किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि नया व्यापार समझौता भारत के लिए अपार आर्थिक लाभ के द्वार खोलेगा। भारतीय सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-नवंबर में अमेरिका को भारत का निर्यात सालाना आधार पर 15.88 प्रतिशत बढ़कर 85.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 46.08 अरब डॉलर रहा। इससे पहले एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी उत्पादों को खरीदने की प्रतिबद्धता में फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार, रक्षा, पेट्रोलियम और विमान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह प्रक्रिया कई वर्षों में पूरी की जाएगी। recent visitors 34

ट्रेड डील पर सरकार घिरी? शशि थरूर बोले—खुश होने से पहले शर्तें देश के सामने रखिए

नई दिल्ली मंगलवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार से स्पष्टता की मांग की। थरूर ने कहा कि भले ही भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ (शुल्क) को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसद करना सकारात्मक हो सकता है, लेकिन सरकार को इसके सभी पहलुओं और विवरणों को सार्वजनिक करना चाहिए। थरूर ने कहा कि वे इस डील को लेकर जश्न मनाना चाहेंगे लेकिन पहले सरकार बताए तो कि मसला क्या है? शशि थरूर की मुख्य आपत्तियां एएनआई से बात करते हुए थरूर ने सरकार की कार्यशैली और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा- हमारे पास राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट हैं; क्या संसदीय लोकतंत्र में इतना ही काफी है? क्या भारत सरकार को देश की जनता को यह नहीं समझाना चाहिए कि इस सौदे में वास्तव में क्या है? उन्होंने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र पर समझौते के प्रभाव को लेकर चिंता जताई। थरूर ने कहा कि यदि अमेरिका भारत को अपने कृषि उत्पादों का बड़ा बाजार बनाना चाहता है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि भारतीय किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर अमेरिका 500 अरब डॉलर के व्यापार की बात कर रहा है, जबकि भारत का कुल आयात बिल लगभग 700 अरब डॉलर है, तो क्या भारत को अन्य देशों से आयात कम करना पड़ेगा। थरूर ने कहा- विपक्ष सिर्फ इतना जानना चाहता है कि इस समझौते में है क्या। अगर यह अच्छी खबर है तो हम खुशी-खुशी इसका स्वागत करेंगे, लेकिन सरकार को देश को बताना चाहिए कि इसमें कौन-सी शर्तें शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी के तीखे सवाल कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर कर सरकार से कई कड़े सवाल पूछे हैं- घोषणा का तरीका: कांग्रेस ने आपत्ति जताई कि युद्धविराम की तरह इस व्यापार समझौते की घोषणा भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा की गई। यह भी कहा गया कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर हुआ है। 'जीरो' टैरिफ का डर: ट्रंप के दावे के अनुसार, भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को 'शून्य' करने पर सहमत हो गया है। कांग्रेस का मानना है कि इससे भारतीय बाजार पूरी तरह अमेरिका के लिए खुल जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। रूसी तेल पर पाबंदी: सबसे बड़ा सवाल रूसी तेल को लेकर है। कांग्रेस ने पूछा है कि क्या मोदी सरकार ने ट्रंप के दावे के अनुसार रूस से मिलने वाले रियायती तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जता दी है? विपक्ष का मुख्य तर्क यह है कि किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते को केवल सोशल मीडिया घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार संसद और जनता के सामने इस सौदे का पूरा कच्चा चिट्ठा रखे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा कैसे की जा रही है। recent visitors 45