भव्य शैला महोत्सव में उमड़ा उत्साह, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने लोगों को किया प्रेरित

शैला महोत्सव का भव्य आयोजन, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने बढ़ाया उत्साह ख़मतरा में शैला महोत्सव की धूम, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने दिखाई सहभागिता भव्य शैला महोत्सव में उमड़ा उत्साह, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने लोगों को किया प्रेरित     ख़मतरा  आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से 1 फरवरी को पैतृक ग्राम ख़मतरा (घुघरी) में 'शैला महोत्सव' का गरिमामय आयोजन किया गया। रात्रि 9 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा उपस्थित रहे। संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम महोत्सव के दौरान पूरा वातावरण आदिवासी संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आया। ढोल और मांदर की थाप पर थिरकते नर्तक दलों ने अपनी कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विधायक पट्टा ने समाज के लोगों के साथ मिलकर अपनी जड़ों और रीति-रिवाजों का उत्सव मनाया। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को विरासत सौंपने का पर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यह संदेश दिया गया कि हमारी नृत्य कलाएं, उत्सव और परंपराएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं। बल्कि, ये वे अनमोल क्षण हैं जब हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपते हैं। यह महोत्सव हमारी पहचान को जीवित रखने और युवाओं को अपने मूल से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बना।  * पारंपरिक शैला नृत्य: नर्तक दलों द्वारा अनुशासन और तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन।  * रीति-रिवाज का संरक्षणसमाज की प्राचीन परंपराओं का जीवंत चित्रण।  * एकता का संदेश: 'जय सेवा' और 'जय जोहार' के उद्घोष से गूंजा आयोजन स्थल। recent visitors 26

21 दिन, एक बड़ी बाज़ी! India-US डील के पीछे जिस शख्स ने पलट दिया पूरा खेल

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो गया है. पिछले करीब 10 महीने से टैरिफ को लेकर खींचतान चल रही थी, कई बार दोनों देशों के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला. लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं रुकी. बीच-बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताते रहे, बदले में पीएम मोदी भी ट्रंप को अपना दोस्त कहते रहे.  दरअसल अमेरिका ने पहली बार अप्रैल में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया, फिर रूसी तेल खरीदने का आरोप लगाकर 25 फीसदी अतिरिक्त पेनॉल्टी थोप दिया. जिससे भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. लेकिन अब भारत को लेकर ट्रंप ने अपनी सच्ची दोस्ती दिखाई और टैरिफ को घटाकर केवल 18 फीसदी कर दिया है.  डील के पीछे इस शख्स की बड़ी भूमिका टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार बैठकें चल रही थीं. लेकिन जब से सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभाला, तब से ट्रेड डील को लेकर धीरे-धीरे तस्वीरें साफ होने लगीं. सर्जियो गोर ने अमेरिकी राजदूत (United States Ambassador to India) का पद 12 जनवरी 2026 को संभाला था.  उन्होंने पद संभालते ही कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच सबकुछ All Is Well है, उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है, जल्द अच्छे परिणाम आने वाले हैं, भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं, दोनों देश एक-दूसरे को तरजीह देते हैं.  इससे पहले गोर व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर थे, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं. ट्रंप ने भारत की कमान उन्हें ऐसे समय पर सौंपी, जब भारत–अमेरिका के रिश्तों में टैरिफ और व्यापार मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ रहा था.  राजदूत के पद पर नियुक्ति के तुरंत बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता (trade deal) की बातचीत जारी है और दोनों देशों को इसे अंतिम रूप देने पर मिलकर काम करना चाहिए. अपने नियुक्त के अगले दिन यानी 13 जनवरी 2026 को ही भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत के संकेत दिए थे. उसके बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 7 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, और सबकुछ सकारात्मक दिशा में है. दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर: सर्जियो गोर  इस बीच सर्जियो गोर (Sergio Gor) की नियुक्ति के 21वें दिन ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान हो गया है. कहा जा रहा है कि इस डील को अंतिम रूप देने में अमेरिकी राजदूत की बड़ी भूमिका रही है, क्योंकि ये डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी हैं और उन्हें ये जिम्मेदारी दी गई थी.  गोर ने अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में कहा था कि कोई भी साझेदार भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और भारत-अमेरिका का रिश्ता इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों को व्यापार के साथ-साथ सुरक्षा, तकनीक, ऊर्जा और शिक्षा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी मजबूत सहयोग की आवश्यकता है.  ट्रेड डील को लेकर गोर का बयान डील के ऐलान के बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में अनंत संभावनाएं हैं और यह समझौता दोनों के लिए एक लैंडमार्क क्षण है. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भी वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी को एक सच्चा मित्र मानते हैं, और इसी व्यक्तिगत भरोसे ने व्यापार वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाया है.  गोर ने कहा कि डील के तहत भारतीय वस्तुओं पर लगने वाला टैरिफ पहले के 50% से घटकर 18% हो गया है, जो दोनों देशों के सहयोग को आसान बनाता है और व्यापारिक तनाव को कम करता है.  recent visitors 40

भारत में कनाडा का ट्रेड मिशन, कारोबार और निवेश के नए अवसरों की खोज में

नई दिल्ली   कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत से एक ट्रेड मिशन  6 फरवरी, 2026 तक भारत आएगा। इसका मकसद दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते मार्केट में से एक में कमर्शियल संबंधों को मजबूत करना और साझेदारी के नए मौके तलाशना है। बता दें, कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत के साथ इसके तनाव में कड़वाहट देखने को मिली थी। हालांकि, वर्तमान पीएम मार्क कार्नी के शासन में भारत-कनाडा के संबंधों में सुधार देखने को मिल रहा है। कनाडा भारत के साथ अपने बिगड़े हुए संबंधों को सुधारने की पहल कर रहा है। कनाडाई ट्रेड मिशन का भारत आना उन्हीं पहलों में से एक है। इस मिशन को अपॉर्चुनिटीज न्यू ब्रंसविक (ओएनबी) का समर्थन है और यह उस व्यापार पर फोकस करेगा जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विविधता लाना चाहते हैं, भारत में विस्तार करना चाहते हैं और नई कमर्शियल और सप्लाई-चेन साझेदारी विकसित करना चाहते हैं। लक्षित बिजनेस-टू-बिजनेस मीटिंग, मार्केट ब्रीफिंग और ऑन-द-ग्राउंड समर्थन के जरिए हिस्सा लेने वाली कंपनियों को संभावित खरीदारों, साझेदारों और निर्णय लेने वालों तक सीधी पहुंच मिलेगी। यह मिशन भारतीय बाजार के लिए न्यू ब्रंसविक की लंबे समय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और प्रांत की इन-मार्केट उपस्थिति को बढ़ाता है। इससे कंपनियों को स्थानीय व्यापार के माहौल में आगे बढ़ने और विकास के अवसर पहचानने में मदद मिलती है। यह ओएनबी के मार्च 2025 के भारत के व्यापार मिशन की सफलता पर भी आधारित है। इसमें व्यापार संबंधों को गहरा करने, निर्यात बढ़ोतरी को समर्थन करने और न्यू ब्रंसविक को व्यापार और निवेश के लिए एक कॉम्पिटिटिव और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर स्थापित करने पर लगातार केंद्रित किया गया है। ल्यूक रैंडल, अपॉर्चुनिटीज एनबी और आर्थिक विकास और छोटे बिजनेस के लिए जिम्मेदार मंत्री हैं। वह इस मिशन को लीड करेंगे। रैंडल ने कहा, “वैश्विक व्यापार ऑर्डर तेजी से बदल रहे हैं, और न्यू ब्रंसविक भारत जैसे खास मार्केट के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत कर रहा है। हमारा प्रांत भारत में आर्थिक अवसरों को पहचानने वाला अकेला नहीं है, बल्कि हम इन-मार्केट टीम वाला अकेला अटलांटिक प्रांत हैं और इसके नतीजे में हमने मजबूत साझेदारी बनाई हैं जो नए अवसरों के दरवाजे खोल रही हैं जो लंबे समय की विकास, विविधता और रेसिलिएंस का समर्थन करती हैं।” इस मिशन में चार न्यू ब्रंसविक कंपनियां और एक एकेडमिक इंस्टिट्यूशन शामिल हैं, जो एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एग्री-फूड, एडटेक, एजुकेशनल और प्रोफेशनल सेवाएं और एकेडमिक रिसर्च जैसे खास सेक्टर का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपॉर्चुनिटीज एनबी, कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत के लिए लीड बिजनेस डेवलपमेंट एजेंसी है। यह स्थानीय व्यापार का समर्थन करता है और आर्थिक और जॉब ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर से नया निवेश आकर्षित करता है। recent visitors 34

3.72 करोड़ का शिक्षा विभाग घोटाला मैहर में, स्कूल निर्माण के लिए किए गए वित्तीय कुप्रबंधन का पर्दाफाश

मैहर  मध्य प्रदेश के मैहर जिले में स्कूलों में लघु निर्माण कार्य जैसे पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड बनाने के नाम पर हुए 3.72 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच शुरू हो गई है. दरअसल खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया गया. जांच में सामने आया कि जिन स्कूलों में लाखों रुपये का भुगतान दिखाया गया, वहां ज़मीन पर कोई ठोस निर्माण कार्य नजर ही नहीं आया. जांच टीम को क्या मिला? एसडीएम एस.पी. मिश्रा के नेतृत्व में बनी टीम ने कई स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया. टीम में संदीपनी विद्यालय मैहर के प्राचार्य दिनेश गोस्वामी, तहसीलदार ललित धार्वे, बीईओ राजेश द्विवेदी, बीआरसीसी चंद्र प्रताप शुक्ला, सहायक लेखपाल विनय सिंह और पटवारी आनंद पांडेय शामिल थे. टीम ने पाया कि अधिकांश स्कूलों में सिर्फ रंगाई-पुताई दिखाई दी, जबकि पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड जैसे निर्माण कार्य का कोई प्रमाण नहीं मिला. किन फर्मों को हुआ भुगतान जांच में सामने आया कि भोपाल की वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर, मैहर की श्री रुद्र इंटरप्राइजेज और सतना की श्री महाकाल ट्रेडर्स को करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया. विभिन्न स्कूलों से 21 लाख से 24 लाख रुपये तक के बिलों का भुगतान दर्शाया गया है. कुल मिलाकर 17 स्कूलों में लगभग 3 करोड़ 72 लाख रुपये के बिल पास किए गए.  फर्जी हस्ताक्षरों की आशंका कई प्राचार्यों का कहना है कि उन्होंने न तो कोई वर्क ऑर्डर जारी किया और न ही ऐसे किसी बिल को मंजूरी दी. इससे फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजी हेराफेरी की आशंका गहरा गई है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है. रिपोर्ट में संबंधित फर्मों के साथ-साथ लगभग 14 प्राचार्यों की भूमिका की जांच की सिफारिश की गई है. माना जा रहा है कि जल्द ही निलंबन, एफआईआर और वित्तीय वसूली जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल, मामला संभागीय स्तर तक पहुंच चुका है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं. recent visitors 33

भोपाल मंडल का बड़ा कदम: 9 महीनों में ट्रैक कायाकल्प से सुरक्षित सफर की तैयारी

भोपाल  पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ट्रैक नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से ट्रैक अनुरक्षण से जुड़े संरक्षा-आधारित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भोपाल मंडल में कंप्लीट ट्रैक रिन्यूअल (सीटीआर), थ्रू रेल रिन्यूअल (टीआरआर), थ्रू स्लीपर रिन्यूअल (टीएसआर), थ्रू टर्नआउट रिन्यूअल (टीटीआर) तथा डीप स्क्रीनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य आवश्यक ट्रैफिक ब्लॉक लेकर उच्च संरक्षा मानकों के अनुरूप निष्पादित किए जा रहे हैं। नौ माह में हुआ व्यापक ट्रैक नवीनीकरण वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल से दिसंबर तक नौ माह की अवधि में 100.741 ट्रैक किलोमीटर में सीटीआर, 121.23 ट्रैक किलोमीटर में टीआरआर, 80.245 ट्रैक किलोमीटर में टीएसआर तथा 80.250 समतुल्य यूनिट्स में टीटीआर का कार्य पूर्ण किया गया है। इसके अतिरिक्त 55 टर्नआउट्स एवं 168.391 ट्रैक किलोमीटर प्लेन ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग भी की गई।   recent visitors 37

नई ड्यूटी नियमावली: 75,000 रुपये से अधिक कीमत वाले सामान पर यात्रियों को देना होगा शुल्क

नई दिल्ली बीते एक फरवरी को आम बजट में कई ऐसे ऐलान हुए हैं। बजट-डे पर एक अहम ऐलान लगेज यानी सामान को लेकर हुआ है। केंद्र सरकार ने भारत में 'ड्यूटी फ्री' आयातित सामान लाने की लिमिट बदल दी है। ड्यूटी फ्री लगेज की लिमिट पहले के मुकाबले बढ़ाई गई है। पहले यह 50,000 रुपये था जिसे अब बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब 75 हजार रुपये से ज्यादा के सामान पर ड्यूटी चार्ज लगेगा। बता दें कि सरकार ने सामान नियम, 2026 को नोटिफाई किया है। इसके तहत भारत में भूमि मार्ग के अलावा किसी भी अन्य मार्ग से आने वाले भारतीय नागरिकों या भारतीय मूल के पर्यटकों को 75,000 रुपये तक का ड्यूटी फ्री सामान लाने की अनुमति होगी। कितने आभूषण लाने की होगी छूट नये नियम दो फरवरी की मध्यरात्रि से प्रभावी हो जाएंगे और एक दशक पुराने सामान संबंधी नियम की जगह लेंगे। नये नियमों के तहत भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों (शिशु को छोड़कर) को 25,000 रुपये तक के मूल्य का 'ड्यूटी फ्री' सामान लाने की इजाजत होगी। पहले यह सीमा नियम के तहत 15,000 रुपये थी। इसके अलावा, जो भारतीय नागरिक या भारतीय मूल के लोग एक साल से अधिक समय से विदेश में रह रहे हैं, उनके लिए गहनों (ज्वेलरी) को लेकर अलग नियम बनाए गए हैं। 40 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी लाने की इजाजत भारत लौटने पर महिला यात्री 40 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी ला सकती हैं। वहीं, पुरुष यात्री (या महिला के अलावा अन्य) 20 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी ला सकते हैं। यह ज्वैलरी यात्री के वैध सामान का हिस्सा होनी चाहिए। ज्वैलरी में सोना, चांदी, प्लेटिनम या अन्य कीमती धातुओं से बने आभूषण शामिल हैं, चाहे उनमें रत्न जड़े हों या नहीं। सरकार का कहना है कि बैगेज नियम, 2026 आज के समय में बढ़ती यात्रा और लोगों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। recent visitors 132

संघ और दिल्ली से मंथन के बाद MP में नियुक्तियों की बड़ी सूची, निगम-मंडलों में होगी जल्द बदलाव

भोपाल  मध्यप्रदेश में लंबे समय से अटकी पड़ी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अब बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। निगम–मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। सत्ता और संगठन ने दिल्ली के निर्देश पर नामों की विस्तृत सूची तैयार कर ली है, जिस पर संघ से भी मंथन किया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक सूची दिल्ली भेज दी गई है और वहां से हरी झंडी मिलते ही नियुक्ति आदेश जारी किए जाने की तैयारी है। दरअसल, विधानसभा और लोकसभा चुनाव को करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होने से पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। इस असंतोष को देखते हुए जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में 12 प्रमुख निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में नियुक्तियों की योजना बनाई गई थी। नाम भी तय हो गए थे, लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की घोषणा के चलते प्रक्रिया बीच में ही अटक गई। दिल्ली का साफ संदेश—छोटी नहीं, बड़ी सूची लाओ सूत्र बताते हैं कि नियुक्तियों में हो रही देरी की शिकायत भोपाल से लेकर दिल्ली तक पहुंची। इसके बाद दिल्ली से साफ संदेश आया कि अब 10–12 नामों से काम नहीं चलेगा, बल्कि एकमुश्त बड़ी सूची भेजी जाए ताकि अधिकतर निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में एक साथ नियुक्तियां की जा सकें। सीएम हाउस में हुई मैराथन बैठक राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर मैराथन बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित संगठन और सरकार के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। बैठक में निगम–मंडलों और प्राधिकरणों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के लिए प्रस्तावित नामों पर गहन चर्चा के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया।अब सबकी निगाहें दिल्ली से मिलने वाली अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं। जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का लंबा इंतजार खत्म हो जाएगा और सत्ता–संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा।   recent visitors 45