महिलाओं के उत्पाद एवं विक्रय को प्रोत्साहित करने महिला मड़ई का आयोजन 4 से 8 मार्च तक

रायपुर रायपुर स्थित साईंस कॉलेज मैदान में 4 मार्च से 8 मार्च (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस) तक राज्य स्तरीय महिला मड़ई का आयोजन किया जा रहा है। महिला मड़ई ’’सशक्त महिला समृद्ध महिला’’ विषय पर आयोजित की जा रही है। मड़ई में प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी एवं विक्रय किया जाएगा। इस मड़ई में महिला एवं बाल विकास विभाग के समूहों के साथ अन्य विभागों के समूह जैसे-एनआरएलएम, वन विभाग, पंचायत विभाग इत्यादि की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के विक्रय एवं प्रदर्शन के लिए निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्थानीय महिला उद्यमियों एवं महिलाओं को आगे बढ़ने हेतु अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजीकृत महिला उद्यमियों, उत्पादक, स्टार्ट-अप को भी स्टॉल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदर्शनी का अवलोकन दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जा सकता है। मड़ई में प्ले जोन भी बनाया जाएगा, जिसमें बच्चों के मनोरंजन के लिए आकर्षक झूले एवं खेल-खिलौने की व्यवस्था की गई है। recent visitors 26

मुंबई के स्पिनर पद्माकर शिवालकर के निधन पर बीसीसीआई ने जताया शोक

 मुंबई मुंबई के महान स्पिनर पद्माकर शिवलकर का उम्र संबंधी समस्याओं के कारण सोमवार को यहां निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। भारत के लिए कभी नहीं खेले पाने वाले सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में शामिल शिवालकर ने 1961-62 से 1987-88 के बीच कुल 124 प्रथम श्रेणी मैचों में हिस्सा लिया और 19.69 की औसत से 589 विकेट लिए। इसके अलावा लिस्ट ए क्रिकेट में उनको 16 विकेट मिले। इस तरह 600 से ज्यादा विकेट चटकाने के बावजूद उनको भारतीय टीम में मौका नहीं मिल सका। इस पर सुनील गावस्कर ने कहा है कि कुछ अन्य खिलाड़ियों से ज्यादा शिवालकर भारत के लिए खेलने के अधिकारी थे। बाएं हाथ के स्पिनर ने 22 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया और 48 साल की उम्र तक खेलना जारी रखा। उन्होंने भारत की प्रमुख घरेलू प्रतियोगिता में 589 विकेट लिए, जिसमें 13 बार मैच में 10 विकेट लेना शामिल हैं। शिवालकर ने 12 लिस्ट ए मैचों 16 विकेट लिए है। उन्हें भारतीय क्रिकेट बोर्ड द्वारा 2017 में सीके नायडू ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा, ‘‘मुंबई क्रिकेट ने आज एक सच्चे दिग्गज को खो दिया है। पद्माकर शिवालकर सर का खेल में योगदान, खासकर अब तक के सबसे बेहतरीन स्पिनरों में से एक के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।’’ वहीं, महान सुनील गावस्कर ने सोमवार को मुंबई और घरेलू क्रिकेट के दिग्गज पद्माकर शिवालकर को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ‘कुछ अन्य की तुलना में भारतीय टीम में खेलने के अधिक हकदार थे’। शिवालकर देश के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में से एक थे, जिन्हें कभी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। गावस्कर ने शिवालकर के निधन पर एक भावुक संदेश लिखा और कहा, ‘‘यह वाकई बहुत दुखद खबर है। कुछ ही समय में मुंबई क्रिकेट ने अपने दो दिग्गज खिलाड़ियों मिलिंद और पद्माकर को खो दिया है। यह दोनों कई जीत के सूत्रधार थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय कप्तान के तौर पर मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को ‘पैडी’ को टेस्ट टीम में शामिल करने के लिए राजी नहीं कर पाया। वह कुछ अन्य गेंदबाजों की तुलना में भारतीय टीम में शामिल होने के अधिक हकदार थे। आप इसे किस्मत कह सकते हैं। वह ऐसे गेंदबाज थे जो प्रतिद्वंद्वी टीम के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को आउट कर मुंबई के लिए जीत सुनिश्चित करते थे। वह अपने किफायती रन अप और खूबसूरत एक्शन के साथ पूरे दिन गेंदबाजी कर सकते थे। ‘पैडी’ एक अनोखे व्यक्ति थे और उनके निधन से मैं बहुत दुखी हूं। ओम शांति।’’ recent visitors 54

उमंग सिंघार को मंत्री गोविंद राजपूत ने भेजा 20 करोड़ का मानहानि का नोटिस, नेता प्रतिपक्ष बोले-डरेंगे नहीं

minister govind rajput sent defamation notice of rs 20 crore to umang singhar case related to saurab मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने नेता प्रतिपक्ष को मानहानि का नोटिस भेजा है। बता दें नेता प्रतिपक्ष ने गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार करने और करीब 1500 करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने उमंग सिंघार केपर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगा कर जवाब देने 15 दिन का समय दिया है। वहीं, नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रतिक्रिया दी है। न डरें है न डरेंगे, नोटिस का जवाब देंगे वहीं, नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे। न डरे हैं, न डरेंगे। बता दें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फरवरी माह में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन विभाग के घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने कहा कि इस घोटाले से हर माह राजपूत को 150 करोड़ रुपए पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए गोविंद राजपूत पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से भ्रष्टाचार के पैसों से जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिवहन विभाग के घोटाले में एक पूरा रैकेट काम कर रहा था। उन्होंने 1500 करोड़ रुपए का लेखा जोखा होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंत्री ने परिवहन मंत्री रहते मध्य प्रदेश समेत के कई शहरों समेत दिल्ली के पॉश इलाके में बिल्डिंग में थर्ड फ्लोर और टैरिस अपने परिचितों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया था। https://twitter.com/UmangSinghar/status/1896855211391799602 आरटीओ आरक्षक सौरभ से जुड़ा है पूरा मामला मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की नगदी, सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज मिले है। शर्मा के करीबी के नाम पर रजिस्टर्ड एक कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे। इस दौरान आरोप है कि सौरभ परिवहन विभाग की चौकियां से वसूली करता था, जिसको मंत्री गोविंद सिंह के इशारे पर किया जा रहा था। इस मामले में लोकायुक्त, ईडी से लेकर आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही है। फिलहाल उनको कोई खास जानकारी नहीं मिलने की बात कहीं जा रही है। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जयसवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। recent visitors 96

कैबिनेट में विकास योजना के लिए नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 66 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया

भोपाल मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उज्जैन में महाकाल मंदिर में होमगार्ड स्वयंसेवी सैनिकों के 488 पद स्वीकृत करने की मंजूरी दी गई। इस पर सालाना 17 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। एक वर्ष के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। मोहन कैबिनेट के अन्य अहम फैसले     विकास योजना के लिए नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 66 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। अब विशेष क्षेत्र के बाहर यदि किसी विभाग को परियोजना लेकर आनी है तो उसे शासन द्वारा अनुमति दे दी जाएगी।     यह परियोजना किसी भी सूरत में 500 करोड़ रुपये से कम की नहीं होगी। इसके साथ ही गेहूं के समर्थन मूल्य के ऊपर 175 रुपये प्रति क्विंटल और 2024 में उपार्जित धान के लिए कृषकों को चार हजार रुपये प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि देने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गया।     प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलेगा। इसमें समस्त जल संरचनाओं की संरक्षण और संवर्धन का काम होगा। आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं को बच्चों को सामान्य ज्ञान देने के लिए प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। किसानों के लिए फैसले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार, 15 मार्च से शुरू होने जा रही गेहूं की एमएसपी दर पर खरीदी के तहत सरकार 175 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देने का फैसला किया है। ये बोनस एमएसपी की दर 2425 रुपए के अतिरिक्त दिया जाएगा। यानी समर्थन मूल्य पर किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिलेंगे। यही नहीं धान पर 4 हजार प्रति हैक्टेयर प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। सीमांकन-बटांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन डिजीटाइलेशन के लिए बैठक में 138.41 करोड़ का प्रावधान करने का फैसला लिया गया। कैबिनेट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर टीचर का प्रशिक्षण देने का भी फैसला लिया गया। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सिखाया जाएगा कि आंगनवाड़ी आने वाले बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान के साथ सामान्य ज्ञान कैसे पढ़ाया जाए। एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सरकार ने तय किया है कि प्लानिंग एरिया के बाहर भी उद्योग स्थापित हो सकेंगे। प्रस्ताव आने पर बड़े उद्योग प्लानिंग एरिया के बाहर स्थापित करने का फैसला सरकार ले सकेगी। सीएम का अभिनंदन बैठक की शुरुआत से पहले कैबिनेट के सदस्यों ने सफल जीआईएस को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का अभिनंदन किया। बैठक में 30.77 लाख करोड़ के निवेश जमीन पर उतारने की प्लानिंग साझा की गई। मुख्यमंत्री का फॉर्मूला तय किया गया कि सभी विभागों के प्रमुख सचिव हर सप्ताह निवेश प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे। मुख्य सचिव हर महीने समीक्षा करेंगे और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हर दो महीने में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए 30 मार्च से पूरे प्रदेश में जय गंगा जल संवर्धन अभियान चलेगा। 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत वॉटर रिचार्ज को लेकर भी काम होंगे। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि भारतीय नया साल यानी गुड़ी पड़वा का पर्व सरकार धूमधाम से मनाएगी। गुड़ी पड़वा पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम होंगे, तो उज्जैन में चल रहे विक्रमोत्सव के दौरान 30 मार्च को बड़ा आयोजन होगा। जनजातीय देवलोक की स्थापना और बजट सत्र की तैयारियां बैठक में एक और महत्वपूर्ण विषय जनजातीय देवलोक की स्थापना पर चर्चा होगी, जो राज्य के जनजातीय समुदाय के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके अलावा, 10 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में पेश होने वाले बजट पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री इस सत्र में की जाने वाली नई घोषणाओं और योजनाओं को लेकर कैबिनेट के समक्ष अपनी राय रखेंगे। 15000 करोड़ रुपए से अधिक का होगा बजट बैठक में द्वितीय अनुपूरक बजट का भी अनुमोदन किया गया। यह 15000 करोड़ रुपये से अधिक होगा। 16 वें वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश की वित्तीय स्थिति और 2026 से 2031 तक के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त की जाने वाली राशि के संबंध में प्रस्तुतीकरण छह मार्च को होगा। इसमें सभी मंत्री उपस्थित रहेंगे। बजट सत्र के सवालों और सरकार की हाजिर जवाबी पर चर्चा मंत्रालय में हो रही इस बैठक में मंत्रियों को बजट सत्र के दौरान उठाए गए सवालों का समय पर जवाब देने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस सत्र में सरकार की हाजिर जवाबी को लेकर भी चर्चा होगी, जिससे सरकार के संवाद कौशल और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। अनुपूरक बजट पर भी मंजूरी मिली बैठक में दूसरे अनुपूरक बजट के प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी। इस बजट में सड़क, बिजली, इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य विकास योजनाओं पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा, ब्याज की देनदारी से संबंधित बड़ी रकम को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया जा सकता है। यह सरकार की वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। recent visitors 49

औरंगजेब की तारीफ मामले में सपा के विधायक अबू आसिम आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित करने की मांग की

मुंबई सपा विधायक अबू आजमी की ओर से मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ करने पर महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को हंगामा मच गया। उन्होंने कहा था कि औरंगजेब का शासन इतना अच्छा था कि उसके दौर में भारत सोने की चिड़िया था। मुंबई के मानखुर्द शिवाजी नगर से विधायक ने दावा किया था, ‘हमारा जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) दुनिया का 24 प्रतिशत था और भारत को (औरंगजेब के शासनकाल के दौरान) सोने की चिड़िया कहा जाता था।’ महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ के सदस्यों ने मुगल बादशाह औरंगजेब की प्रशंसा करने के लिए मंगलवार को सपा के विधायक अबू आसिम आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित करने की मांग की। इस मुद्दे पर हंगामा इतना बरपा कि कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों ने दावा किया कि आजमी औरंगजेब के वंशज हैं, जिसने मराठा राजा छत्रपति संभाजी महाराज को प्रताड़ित किया था और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। भाजपा के अतुल भटकलकर ने मांग की कि आजमी पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाए और बजट सत्र के लिए उन्हें विधानसभा से निलंबित किया जाए। शिवसेना के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने भी आजमी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजपा लीडर सुधीर मुनगंटीवार ने मांग की कि औरंगजेब की कब्र को ध्वस्त किया जाए। सदस्यों को उग्र होता देख विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद में जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मांग दोहराई कि आजमी को सदन से निलंबित किया जाए और उन पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा, ‘हम ऐसे व्यक्ति की प्रशंसा बर्दाश्त नहीं कर सकते जिसने छत्रपति शिवाजी महाराज का उत्पीड़न किया और उनके बेटे छत्रपति संभाजी महाराज को प्रताड़ित किया।’ हंगामे के बीच शिवसेना उद्धव गुट के सदस्य भास्कर जाधव ने सदन की कार्यवाही के दौरान जारी हंगामे को ‘नाटक’ बताया। शोरगुल के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही फिर से 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मांग की थी कि छत्रपति संभाजी महाराज को क्रूरतापूर्वक प्रताड़ित करने वाले औरंगजेब की प्रशंसा करने के लिए आजमी पर राजद्रोह का केस लगाया जाना चाहिए। लोकसभा सदस्य नरेश म्हास्के की शिकायत पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के प्रयास के आरोप में सोमवार को उपमुख्यमंत्री के राजनीतिक क्षेत्र ठाणे में आजमी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई। सपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल में भारत की सीमा अफगानिस्तान और बर्मा (म्यांमार) तक पहुंच गई थी। विधायक ने दावा किया, ‘हमारा जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) (विश्व जीडीपी) 24 प्रतिशत था और भारत को (औरंगजेब के शासनकाल के दौरान) सोने की चिड़िया कहा जाता था।’ हाल में आई हिंदी फिल्म ‘छावा’ में संभाजी महाराज की बहादुरी और बलिदान को दर्शाया गया है। recent visitors 50

मायावती की कमजोरी से किसका फायदा- आकाश आनंद को बसपा से बाहर किया गया है, तीन में रेस

नई दिल्ली मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को ही पार्टी से बाहर कर दिया है। पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटाया गया और फिर वह पार्टी से ही बेदखल हो गए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आकाश आनंद एक खेमे को ही आगे बढ़ा रहे थे और इसके चलते गुटबाजी बढ़ रही थी। ऐसी स्थिति में हाईकमान मायावती ने उन्हें बाहर करने का फैसला कर लिया। लेकिन पार्टी की चिंता यहां खत्म नहीं होती बल्कि शुरू होती है। दरअसल जिस तरह से आकाश आनंद को बसपा से बाहर किया गया है, उससे काडर में निराशा है। मायावती ने 2012 में सत्ता से विदाई के बाद से अब तक नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा, स्वामी प्रसाद मौर्य, आरके सिंह समेत तमाम ऐसे नेताओं को भी बाहर का रास्ता दिखाया है, जो कभी बसपा के मिशन का हिस्सा थे। इससे लीडरशिप में भ्रम की स्थिति भी समझ में आती है। कभी मायावती सतीश चंद्र मिश्रा को प्रमोट करती हैं तो कभी उन्हें बैकबेंचर बनाकर आकाश आनंद को प्रमोट किया जाता है। आकाश आनंद लोकसभा चुनाव में आक्रामक होते हैं तो उन्हें हटा लिया जाता है। फिर उनकी वापसी होती है और सक्रिय होने के बाद एक बार फिर से उन पर ऐक्शन होता है और वे पार्टी से बाहर हो जाते हैं। हाईकमान के ऐसे औचक फैसलों से कार्यकर्ता चौंकते हैं तो वहीं उनमें निराशा का भाव भी है। पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि यदि नेतृत्व के स्तर पर ही चीजें तय नहीं हैं तो फिर कार्यकर्ता किसके आदेशों पर काम करें। यह स्थिति मायावती की स्थिति कमजोर कर रही है और बसपा भी संगठन के तौर पर बिखराव की स्थिति में है। अब सवाल यह है कि मायावती की ऐसी स्थिति से फायदा किसे है। बसपा को 2022 के चुनाव में एक ही सीट पर जीत मिली थी। इसके अलावा 2024 के आम चुनाव में वह जीरो पर ही रह गई। बसपा के तमाम नेता और कार्यकर्ता सपा के पाले में चले गए हैं। इससे सपा मजबूत हुई है और उसे भाजपा के भी कई इलाकों में जीत हासिल हुई है। यह स्थिति बसपा की हालत बताती है कि अब नेतृत्व पर यकीन घट रहा है और उसका ठोस जनाधार माने जाने वाले दलित समुदाय के लोग भी छिटक रहे हैं। 2019 के आम चुनाव में अखिलेश यादव के साथ गठबंधन करके बसपा ने 10 सीटों पर जीत हासिल कर ली थी। लेकिन फिर सपा का साथ छूटा तो आधे समर्थक साइकिल पर ही सवार हो गए और आधे ही बसपा के साथ वापस लौटे। कुछ ऐसे इलाके भी हैं, जहां बसपा समर्थकों की बड़ी संख्या भाजपा के साथ हो गई। भाजपा को 2014 के आम चुनाव, 2017 के विधानसभा इलेक्शन और फिर 2019 के आम चुनाव में बसपा के वोटर कहे जाने वाले समाज का समर्थन मिला। फिर 2022 में सपा को भी कुछ वोट मिले और 2024 के आम चुनाव में बसपा समर्थकों का बड़ा हिस्सा सपा के साथ ही रहा। इस तरह इन दो दलों के बीच बसपा के जनाधार को हथियाने के लिए टाइट फाइट है। लेकिन तीसरा और सबसे अहम प्लेयर चंद्रशेखर हैं। उनकी भीम आर्मी बसपा के क्षरण के दौर पर अपने चरण मजबूती से जमाने की कोशिश में है। नगीना से सांसद बने चंद्रशेखर पश्चिम यूपी के अलावा सूबे के अन्य हिस्सों में भी खूब घूम रहे हैं। recent visitors 60

ऊर्जा विकास निगम द्वारा संचालित 1500 करोड़ रूपये की कुसुम किसान सोलर पंप योजना में हुआ करोड़ों का भ्रष्टाचार

Corruption worth crores took place in the Rs. 1500 crore Kusum Kisan Solar Pump Scheme run by Energy Development Corporation मोहन यादव सरकार किसानों को सोलर पंप लगाने दिखा रही झूठे सपने : कांग्रेस का आरोप भोपाल। एक तरफ़ भाजपा की मोहन यादव सरकार किसानों को तीन वर्षों में 30 लाख सोलर पंप लगाने का कपोल कल्पित दिवा स्वप्न दिखा रही हैं, वहीं दूसरी और मध्यप्रदेश के पंजीकृत 46 हज़ार किसान 2017 से अपने खेतोँ में सोलर पंप लगाने का इंतजार कर रहे है। [Read More] सिलसिलेवार समझे किसानों को खामियाजा:- किसानों द्वारा 2017-19 में सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई का विकल्प चुना गया। दुर्भाग्य से पूर्ण भुगतान करने के बावजूद विगत छह सात सालों से वे सोलर पंप की सुविधा के साथ सिंचाई से वंचित रहे। जिसका खामियाजा उन्हें खेती के लिये उपयोग की गयीं बिजली के भारी भरकम बिल चुकाने पड़े। निगम द्वारा यदि टेंडर नोटिफिकेशन के पूर्व ही टेंडर की टर्म्स कंडीशन्स में बदलाव कर दिया जाता तो लगभग सौ से अधिक ठेकेदार टेंडर में भागीदारी करते जिस से ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कम दरों पर सोलर पम्प प्रदाय होते फलस्वरूप किसानों व सरकार को मेहँगे पंपस खरीदने पर आर्थिक हानि नहीं होती है। वर्तमान परिदृश्य में केंद्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सीधे उनके खातों में सब्सिडी का भुगतान किया जाता रहा है किंतु वर्तमान टेंडर में ठेकेदारों को निगम के माध्यम से भुगतान किया जाना क्या निगम की नीयत पर प्रश्न खड़े करता है?(प्रत्येक पंप ओर सोलर की लागत 2.7 लाख रूपये, जीएसटी है, और स्थापना शुल्क सहित) इस टेंडर द्वारा 52,000 रूपये किसानों को उपलब्ध कराने का टारगेट है। इस टेंडर का कुल बजट लगभग 15,000 करोड़ रूपये है। जिसमें भारी भ्रष्ट्रचार करने की निगम की इस टेंडर के माध्यम से तैयारी हैं। ऊर्जा विभाग द्वारा 5 अगस्त 2024 को पुनः टेंडर किये गए। जिसमें लगभग 1500 करोड़ के टेंडर में कई नई शर्तें का समावेश किया गया है जो भारी भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है। [/more] recent visitors 86