एमपी राज्यपाल देने वाले हैं इस्तीफा? हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी सब की नजरें
MP Governor about to resign? All eyes on the High Court’s decision विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर । राज्यपाल मंगूभाई पटेल के कार्यकाल को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जबलपुर कृषि विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. एमए खान की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि मंगूभाई पटेल का 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है. इसलिए उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए. हाई कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है. याचिका में पद छोड़ने की मांग याचिका की सुनवाई हाई कोर्ट की जस्टिस आरएन पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ में हुई. याचिकाकर्ता की ओर से संविधान के अनुच्छेद 153 और 156 का हवाला देते हुए कहा गया “राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और उनका सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष का होता है.” याचिका में मांग की गई है “5 वर्ष पूरे हो जाने पर राज्यपाल अपना पद छोड़ देते हैं पहले ऐसे उदाहरण सामने आए हैं. नया राज्यपाल नियुक्त होने तक राज्यपाल के कामकाज की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सौंपी जाए.” केंद्र सरकार ने रखा अलग पक्ष इस मामले में भारत सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी “संविधान के अनुच्छेद 156 के अनुसार राज्यपाल 5 वर्ष की अवधि के लिए पद पर रहते हैं, लेकिन उनका कार्यकाल नए राज्यपाल के पदभार ग्रहण करने तक जारी रह सकता है. ऐसे में केवल 5 वर्ष पूरे होने के आधार पर राज्यपाल का पद स्वतः रिक्त नहीं माना जा सकता.” दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. गुजरात में मंत्री रह चुके हैं मंगूभाई राज्यपाल मंगू भाई पटेल का जन्म 1 जून 1944 को गुजरात के नवसारी में हुआ. उन्होंने गुजरात की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई. वह नवसारी से 5 बार और गांदेवी से एक बार विधायक रहे. गुजरात सरकार में वे आदिवासी कल्याण तथा बाद में वन एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री रहे. वर्ष 2013 में वे गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष भी बने. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जुलाई 2021 में मंगूभाई पटेल को मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया था. उन्होंने 8 जुलाई 2021 को मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा ने पक्ष रखा. recent visitors 4