A confluence of devotion and culture at Paradise School, as little Garba dancers twirl.
- शक्ति आराधना के रंग में रंगा आमला, नर्सरी से 12वीं तक के बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुति।
- शिक्षिकाओं की आकर्षक झांकी बनी विशेष आकर्षण का केन्द्र।
हरिप्रसाद गोहे
आमला। नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पैराडाइज हायर सेकेंडरी स्कूल में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य गरबा महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में किया गया।
विद्यालय परिसर माँ दुर्गा के जयकारों और गरबा की लयबद्ध ताल पर थिरकता नजर आया। कार्यक्रम में कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा बारहवीं तक के सैकड़ों विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रंग-बिरंगे घाघरा-चोली, कुर्ता-पायजामा और पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। ढोल की थाप और पारंपरिक संगीत की धुनों पर जब विद्यार्थी थिरके तो पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया।
भक्ति, ऊर्जा और संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा की आराधना के साथ हुआ। छोटे-छोटे बच्चों की मासूम अदाओं से लेकर सीनियर विद्यार्थियों की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाया। इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच दिया बल्कि उनमें टीम भावना और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान भी जगाया।
शिक्षिकाओं द्वारा सजाई गई झांकी ने मोहा मन

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा तैयार की गई भव्य झांकी रही। कुमारी खुशबू साहू, कुमारी याचिका कोल्हे, कुमारी दिव्या देशमुख, श्रीमती पायल सातनकर, कुमारी शिखा यादव एवं श्रीमती लीना मिश्रा के अथक प्रयासों से सजाई गई इस झांकी ने नवरात्रि के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बेहद सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। झांकी को देखने के लिए अभिभावक और अतिथि भी काफी देर तक रुके रहे।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। गरबा महोत्सव ने आनंद, उत्साह और भक्ति का ऐसा संगम प्रस्तुत किया जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा।