इंदौर कलेक्टर का समस्या सुलझाने का अलग स्टाइल

Indore Collector’s unique style of problem solving इस IAS के लोग दीवाने, पत्नी भी कलेक्टर, इन्हें कहते हैं बुजुर्गों और मजबूरों का मसीहा इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के फैन हो रहे इंदौरवासी, किसी भी समस्या का तुरंत कर देते हैं समाधान, मदद वाली कलेक्टरी चर्चा में. भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में इन दिनों जनसुनवाई में कुछ ऐसा ही नजारा देखने मिल रहा है, जहां कलेक्टर की मदद वाली अनोखी कलेक्टरी देखने मिल रही है। हम बात कर रहे हैं कलेक्टर शिवम वर्मा की। IAS शिवम वर्मा इन दिनों अपनी खास जनसुनवाई के लिए काफी लोकप्रिय हैं। किसी भी समस्या के समाधान के लिए अब इंदौर शहर के रहवासी सीधे कलेक्टर का रुख कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि कोई अधिकारी या विभाग नहीं, सीधे कलेक्टर शिवम वर्मा के पास गए तो काम बन ही जाएगा। हर मंगलवार कलेक्टर से मिलने उमड़ती है भीड़ हर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में होने वाली जन सुनवाई में कुछ ऐसा ही नजारा देखने मिलता है, जहां कलेक्टर से मिलने की आस में जमकर भीड़ लगती है.यहां लोग अपनी-अपनी परेशानियां लेकर पहुंचते हैं और बाकायदा इंदौर कलेक्टर उन्हें अपनी पास बुलाकर समस्या का समाधान तत्काल कर देते हैं। एक ओर जहां सरकारी कार्यालयों में धक्के खाए और ऐढ़ी घिसाए बिना काम नहीं होता तो वहीं, इसके ठीक उलट इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने विभिन्न समस्याओं से जूझते बुजुर्गों और मजबूर लोगों की मदद तत्काल कर रहे हैं। यही वजह है कि पूरे जिले से लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर यहां जनसुनवाई में पहुंच रहे हैं। इस IAS के लोग दीवाने, मिलने के लिए लगती है लाइनअपने पास बिठाकर समस्या सुनते हैं कलेक्टरकलेक्ट्रेट के मुख्य दरवाजे से लेकर जनसुनवाई के पंजीयन और लंबी लाइन की भारी मशक्कत और धक्का मुक्की के बाद जब लोग कलेक्ट्रेट में आईएएस शिवम वर्मा के कक्ष से लगे जनसुनवाई कक्ष में पहुंचते हैं तो वहां का नजारा राहत देने वाला होता है। कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर खुद आवेदक को अपने साइड में बिठाकर इत्मिनान से उसकी समस्या सुनते हैं। इसके बाद कलेक्ट्रेट संबंधित अधिकारी को तत्काल परेशानी हल करने के निर्देश देते हैं। बुजुर्गों पर दिया जाता है सबसे ज्यादा ध्यान सबसे खास बात यह है कि यहां बुजुर्गों को विशेष तरजीह दी जाती है। उन्हें सम्मान के साथ बिठाकर उनकी हर समस्या को गंभीरता से सुना जाता है। इस दौरान यहां कलेक्टर के निर्देश पर तमाम विभाग के आला अधिकारी बुजुर्गों की मदद के लिए तैनात नजर आते हैं। इतना ही नहीं, पिछली सुनवाई में आवेदकों के निराकरण की स्थिति के साथ भी अधिकारी तैयार रहते हैं। हर मंगलवार कलेक्टर से मिलने उमड़ती है भीड़ हर वर्ग के लोग समस्याएं लेकर यहां पहुंचते हैं यहां सुबह से ही भीड़ इतनी मचती है कि यहां तैनात कलेक्ट्रेट के सहायक स्टाफ के साथ सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग कम पड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में यहां कई बार भीड़ नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों अथवा स्काउट गाइड आदि की भी मदद लेनी पड़ रही है। इस जनसुनवाई में आने वाले हर व्यक्ति की कोशिश यही रहती है कि वह किसी और से नहीं बल्कि सिर्फ कलेक्टर शिवम वर्मा को मिलकर ही अपनी समस्याएं बताएंगे। मौके पर कई बुजुर्गों से जब अन्य अधिकारी उनकी समस्याएं जानना चाहते हैं, तो वह कई बार समस्याएं तो बताते हैं लेकिन पूरी बात और कागज सिर्फ कलेक्टर को ही बताना चाहते हैं। इस स्थिति में हर मंगलवार को सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर से शाम तक कलेक्टर शिवम वर्मा लोगों की भीड़ से घिरे रहते हैं। काम नहीं करने वालों पर एक्शन लेते हैं कलेक्टर जनसुनवाई में खुद कलेक्टर शिवम वर्मा जितनी समस्याओं को लेकर निराकरण के अलग-अलग निर्देश देते हैं। उनकी मॉनिटरिंग पर उनकी नजर रहती है। लिहाजा टीएल बैठक और अन्य बैठकों में वह जनसुनवाई के प्रकरणों की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते हैं। कई बार जब लोगों की अथवा बुजुर्गों की समस्या का समाधान नहीं होता तो कलेक्टर संबंधित अफसर अथवा जिम्मेदार को दंडित करने से भी नहीं चूकते। IAS शिवम वर्मा की पत्नी भी कलेक्टर वर्तमान में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा 2013 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस ऑफिसर हैं, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी हैं। शिवम वर्मा भोपाल के मैनिट से बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने IAS क्लियर किया। उनकी धर्मपत्नी जयती सिंह भी आईएएस ऑफिसर होकर बड़वानी कलेक्टर हैं। इंदौर कलेक्टर से पूर्व शिवम वर्मा नगर निगम इंदौर में कमिश्नर भी रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने जिला पंचायत ग्वालियर में बतौर सीईओ काम संभाला है। अपनी इस पहले पर क्या कहते हैं कलेक्टर? अपनी इस मदद वाली कलेक्टरी पर आईएएस शिवम वर्मा कहते हैं, ” हमारा प्रयास रहता है कि माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों को पहुंचाया जाए। हम यह भी प्रयास करते हैं कि किसी भी व्यक्ति या खासतौर पर बुजुर्ग किसी भी योजना से वंचित न रह जाए और उसकी समस्या का तत्काल समाधान हो। लोगों की समस्या का समाधान करके आत्म संतुष्टि मिलती है।” recent visitors 26

भड़काऊ पोस्ट करने वाले कर्मचारियों पर कसा शकंजा मप्र सरकार ने जारी किया फरमान

Employees who post inflammatory posts are being prosecuted. The Madhya Pradesh government has issued a decree. भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम जारी किए हैं। अब भड़काऊ पोस्ट, राजनीतिक कमेंट या विवादित चीजें शेयर करने पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी। मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर अब सरकार की सीधी नजर रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में विस्तृत आदेश जारी किया है। आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी शासकीय सेवक ऐसी सामग्री साझा नहीं करेगा, जिससे सामाजिक वैमनस्य फैलने का खतरा हो। सरकार ने इसे शासकीय सेवा आचरण का जरुरी हिस्सा बताया है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब सभी प्लेटफॉर्म आदेश के दायरे में आते हैं। किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ घृणा फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करना सख्त मना है। खास बात यह है कि सिर्फ पोस्ट करना ही नहीं, विवादित सामग्री को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी नियम उल्लंघन माना जाएगा। यानी कर्मचारियों को अब सोशल मीडिया पर हर एक्टिविटी में सतर्क रहना होगा। आदेश के मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा। किसी राजनीतिक अभियान पर सार्वजनिक टिप्पणी करना भी नियम विरुद्ध होगा। सरकार ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन बताया है। इसका मकसद प्रशासनिक तटस्थता बनाए रखना है। इसके अलावा विभाग ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर होने वाली बहस और क्रॉस-कमेंट से भी दूर रहने को कहा है। तर्क है कि किसी भी सार्वजनिक टिप्पणी को सीधे सरकार की छवि से जोड़ा जाता है। इसलिए कर्मचारियों से संयम और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की अपेक्षा की गई है। यह सलाह हर स्तर के कर्मचारी पर लागू होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें मप्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 और भारतीय न्याय संहिता दोनों लागू हो सकते हैं। यानी सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का तुरंत पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें मप्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 और भारतीय न्याय संहिता दोनों लागू हो सकते हैं। यानी सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का तुरंत पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुनर्विचार करना होगा। recent visitors 31

थाना बमनौरा पुलिस ने भेल्दा रोड तालाब के पास अवैध शराब संग्रह प्रकरण में फरार शेष आरोपी को किया गिरफ्तार

Bamnoura police station arrested the remaining absconding accused in the illegal liquor collection case near Bhelda Road pond. संवाददाता: राहुल राय बड़ामलहरा । पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा निर्देशानुसार छतरपुर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ संग्रह, विक्रय एवं परिवहन करने वालों तथा सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे नशाखोरों के विरुद्ध निरंतर सख्त से सख्त कार्यवाही की जा रही है। फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है।माह अगस्त वर्ष 2025 में थाना बमनौरा पुलिस द्वारा भेल्दा रोड तालाब के पास पेड़ के पत्तों से ढकी अवैध शराब 8 पेटी 72 लीटर अवैध देशी शराब कीमत करीब 41000 रुपये बरामद की गई थी। अवैध शराब में संलिप्त आरोपी महेश अहिरवार निवासी ग्राम सेवार गुलाई थाना बमनौरा को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण में फरार अन्य शेष आरोपी की तलाश की जा रही थी।पुलिस टीम द्वारा फरार शेष आरोपी भरत सिंह बुंदेला पिता प्रतिपाल सिंह बुंदेला निवासी ग्राम अमरवां थाना भगवा जिला छतरपुर* को गिरफ्तार किया गया। विधिवत कार्यवाही कर अभियुक्त को न्यायालय पेश किया गया।उक्त कार्यवाही में एसडीओपी बड़ा मलहरा रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बमनोरा उप निरीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय प्र.आर. राममिलन अहिरवार, आरक्षक कृष्ण प्रताप सिंह, सुरेन्द्र रजक, राजीव सैनी, विजय यादव, महिला आरक्षक जागृति चढ़ार की भूमिका रही। recent visitors 43

‘ये धर्म को बेचकर कमाई करते हैं, फिर उससे विधायक खरीदते हैं…’, राम मंदिर चंदा चोरी पर बोले दिग्विजय सिंह

“They make money by selling religion, then use it to buy MLAs…” — Digvijaya Singh on the Ram Mandir donation theft. Digvijaya Singh News: महिला कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे में चोरी का आरोप लगाया. BJP-RSS पर निशाना साधते हुए 5-6 जुलाई को अयोध्या में केस दर्ज कराने का ऐलान किया. महिला कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर आंदोलन और चंदे के मुद्दे पर भाजपा व आरएसएस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “हनुमान गढ़ी और गोरखनाथ मठ ने राम मंदिर की लड़ाई लड़ी. न तब वहां RSS थीं और ना तब वहां बीजेपी पार्टी थी. भगवान राम से प्रेम इन्हें तब उमड़ा जब इनके केवल 2 सांसद बचे. उन्होंने आगे कहा कि ये लोग धर्म को बेचकर अपनी कमाई करते हैं और उसे कमाई से वोट खरीदते हैं, विधायक खरीदते हैं, सांसद खरीदते हैं. हमारे ही चंदा की चोरी कर यह खरीद रहे हैं. मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाया जा रहा है. मैंने जो चंदा दिया है, जिसकी इन्होंने चोरी की है, इसके लिए अपने वकील के माध्यम से 5-6 जुलाई को अयोध्या जाकर केस दर्ज कराऊंगा.” recent visitors 24

Boiled Potato Recipes: उबले आलू से बनाएं 5 टेस्टी स्नैक्स, सिर्फ 10 मिनट में हो जाएंगे तैयार

Boiled Potato Recipes: Make 5 tasty snacks using boiled potatoes—ready in just 10 minutes. Potato Snacks Recipes In Hindi: उबले आलू से 10 मिनट में कौन-कौन से स्नैक्स बनाए जा सकते हैं?उत्तर: उबले आलू से आप सिर्फ 10 मिनट में आलू टिक्की, चीज़ी पोटैटो बॉल्स, मसाला सैंडविच, पोटैटो टोस्ट और कुरकुरे आलू रोल जैसे स्वादिष्ट स्नैक्स आसानी से तैयार कर सकते हैं। ये रेसिपी कम सामग्री में बन जाती हैं और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती हैं। Uble Aloo Se Kya Banaye: उबले आलू भारतीय रसोई की सबसे उपयोगी सामग्रियों में से एक हैं। अक्सर खाना बनाने के बाद कुछ उबले आलू बच जाते हैं और समझ नहीं आता कि उनसे क्या बनाया जाए। अगर आप भी ऐसी स्थिति का सामना करते हैं, तो अच्छी खबर यह है कि इन्हीं उबले आलुओं से कुछ ही मिनटों में कई स्वादिष्ट और कुरकुरे स्नैक्स तैयार किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि इन रेसिपीज़ के लिए आपको ज्यादा सामग्री या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। चाहे शाम की चाय के साथ कुछ हल्का खाना हो, बच्चों के टिफिन के लिए झटपट विकल्प चाहिए या अचानक आए मेहमानों के लिए कुछ स्वादिष्ट बनाना हो, उबले आलू से बनने वाले स्नैक्स हर मौके पर काम आते हैं। मसालों और घर में मौजूद सामान्य सामग्री के साथ आप ऐसे व्यंजन बना सकते हैं जो स्वाद के साथ-साथ दिखने में भी आकर्षक लगते हैं। इस लेख में हम आपको उबले आलू से बनने वाले 5 ऐसे स्नैक्स बताएंगे, जिन्हें लगभग 10 मिनट में तैयार किया जा सकता है। साथ ही हर रेसिपी के लिए आवश्यक सामग्री, बनाने की आसान विधि और कुछ उपयोगी टिप्स भी साझा करेंगे, ताकि हर बार आपका स्नैक स्वादिष्ट और परफेक्ट बने। कुरकुरी आलू टिक्की सामग्री आलू टिक्की बनाने की विधि टिप्स कॉर्नफ्लोर टिक्की को कुरकुरा बनाता है।हरी चटनी के साथ परोसें। चीजी पोटैटो बॉल्स सामग्री पोटैटो बॉल बनाने की विधि टिप्सगर्मागर्म परोसें ताकि चीज़ पिघली हुई रहे। मसाला आलू सैंडविच सामग्री आलू सैंडविच बनाने की विधि टिप्सचीज़ डालकर स्वाद और बढ़ाया जा सकता है। पोटैटो ब्रेड टोस्ट सामग्री ब्रेड टोस्ट बनाने की विधि टिप्सबच्चों के टिफिन के लिए बेहतरीन विकल्प है। कुरकुरे आलू रोल सामग्री कुरकुरे आलू रोल बनाने की विधि टिप्सटोमैटो सॉस या मिंट डिप के साथ परोसें। इन स्नैक्स को और स्वादिष्ट बनाने के लिए टिप्स इन स्नैक्स के साथ क्या परोसें? किन बातों का रखें ध्यान? recent visitors 34

10 हजार रुपये रिश्वत लेते बाबू को पकड़ा, 5 लाख पीएफ राशि जारी करने के एवज में मांगी थी घूस; ACB ने की बड़ी कार्रवाई

Clerk caught accepting ₹10,000 bribe; bribe demanded in exchange for releasing ₹5 lakh in PF funds; ACB takes major action. दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विद्युत यांत्रिकी विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए आज रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी सूत्रों के अनुसार, विद्युत यांत्रिकी विभाग में कार्यरत एक बाबू ने अपनी पुत्री के विवाह के लिए भविष्य निधि (पीएफ) से 5 लाख रुपये आहरित करने का आवेदन विभाग में प्रस्तुत किया था। आरोप है कि उक्त राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी शिव कुमार ठाकुर को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कारर्वाई प्रारंभ कर दी है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। recent visitors 68

Amarnath Yatra 2026: पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को लिखा पत्र, सुरक्षित यात्रा के साथ पांच संकल्प लेने की अपील

Amarnath Yatra 2026: PM Modi writes to pilgrims, urges them to take five pledges alongside a safe journey. पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन हर शिवभक्त के लिए सौभाग्य का विषय हैं और यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित यात्रा करने, पर्यावरण की रक्षा करने और स्थानीय लोगों का सहयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का भी आग्रह किया, ताकि यह यात्रा आस्था के साथ-साथ सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश भी दे सके। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा के साथ ही बाबा अमरनाथ के दर्शन का पावन क्रम शुरू हो जाता है और देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि अमरनाथ धाम की यात्रा आध्यात्मिक ऊर्जा देने के साथ-साथ भारत की विविधता में एकता की भावना को भी मजबूत करती है। अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े लोग एक ही आस्था के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रधानमंत्री ने यात्रा के सफल संचालन के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के योगदान की भी सराहना की। ये भी पढ़ें- Amarnath Yatra : कैसे जा सकते हैं अमरनाथ यात्रा पर, किन तैयारियों की जरूरत? यहां जानें मन में आ रहे हर सवाल का जवाब प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कौन-कौन से संकल्प लेने की अपील की? प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी तरह की गंदगी न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें तथा बारिश, ठंड और कठिन मौसम को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देते हुए आग्रह किया कि यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाने और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का भी आह्वान किया। अमरनाथ यात्रा को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक क्यों बताया? प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल भगवान शिव के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सेवा भाव और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आने वाले लोग लंगर और भंडारों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा करते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आदर्श को मजबूत करती है और देशवासियों के बीच भाईचारे तथा एकता का संदेश देती है। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए क्या सलाह दी गई? प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना है। इसलिए सभी लोग सहयोग की भावना से यात्रा करें और नियमों का पालन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष की यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल होगी। Amarnath Yatra 2026: PM Modi ने पत्र के अंत में क्या संदेश दिया? अपने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करें। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का भव्य उत्सव बनेगी तथा हर श्रद्धालु सुरक्षित और मंगलमय यात्रा पूरी करके अपने घर लौटेगा।प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी तरह की गंदगी न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें तथा बारिश, ठंड और कठिन मौसम को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देते हुए आग्रह किया कि यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाने और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का भी आह्वान किया। अमरनाथ यात्रा को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक क्यों बताया? प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल भगवान शिव के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सेवा भाव और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आने वाले लोग लंगर और भंडारों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा करते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आदर्श को मजबूत करती है और देशवासियों के बीच भाईचारे तथा एकता का संदेश देती है। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए क्या सलाह दी गई? प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना है। इसलिए सभी लोग सहयोग की भावना से यात्रा करें और नियमों का पालन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष की यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल होगी। प्रधानमंत्री ने … Read more