बंगाल चुनावी वादा: महिलाओं को आर्थिक मदद, सरकार बनते ही घुसपैठियों पर कार्रवाई – अमित शाह

कोलकाता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, सरकारी कर्मचारियों के हितों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का व्यापक खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास और सुशासन के लिए ठोस और पारदर्शी कदम उठाए जाएंगे। गृह मंत्री ने घोषणा की कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 5,700 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया जाएगा। इस राशि का उपयोग महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने वाली योजनाओं पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल की माताओं और बहनों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही, राज्य में 26,000 शिक्षकों से जुड़े विवादित मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही आवश्यक वित्तीय प्रावधान भी किए जाएंगे, ताकि योग्य शिक्षकों के साथ न्याय हो सके और शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो। सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि उन्हें 7वें वेतन आयोग का लाभ प्रदान किया जाएगा। इससे लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी रिक्त सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया 26 दिसंबर तक शुरू कर दी जाएगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इसके अलावा, बंगाल के युवाओं को सरकारी नौकरियों की भर्ती में 5 वर्ष की विशेष आयु-छूट देने की घोषणा की गई है। अमित शाह ने कहा कि भ्रष्ट तत्वों को दिया गया राजनीतिक संरक्षण पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों और परिवारों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे उन्हें किसी का भी संरक्षण प्राप्त हो। राज्य में बाहरी माफियाओं के प्रभाव को खत्म करने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराते हुए गृह मंत्री ने कहा कि संगठित अपराध पर कठोर प्रहार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें राज्य से बाहर करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। टीएमसी से सवाल करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि राज्य में साइंस और टेक्नोलॉजी के माध्यम से हमारे बंगाली युवाओं को रोजगार देना आपका एजेंडा है या मदरसों को बढ़ाना है? हाल ही में बंगाल का बजट विधानसभा में पास हुआ। साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिर्फ 80 करोड़ रुपए दिए, जबकि मदरसों को 5,700 करोड़ रुपए मिले। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि आपका एजेंडा क्या है? क्या आपकी प्राथमिकता राज्य के युवाओं को रोज़गार के मौके देना है या मदरसों की संख्या बढ़ाना है? उन्होंने कहा कि ये तुष्टिकरण बंगाल का विकास नहीं कर सकता। अगर पिछले 15 साल को देखें, तो आज बंगाल 8 लाख करोड़ रुपए के ऋण में डूबा हुआ है। नए बच्चे के जन्म लेते ही 77 हजार रुपये का ऋण उसके ऊपर आ जाता है। भ्रष्टाचार तो इन्होंने इतना बढ़ा दिया कि बंगाल का नाम आते ही देश में सबसे पहले टीएमसी की भ्रष्टाचारी सरकार का नाम आता है। शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, गाय तस्करी घोटाला, PDS राशन घोटाला, मनरेगा घोटाला और पीएम आवास योजना घोटाला यहां हुआ और इन सभी घोटालों को संरक्षण देने वाले डीजीपी को ममता बनर्जी राज्यसभा में भेज रही हैं। अमित शाह ने आगे कहा कि बंगाल की सरकार के सभी कर्मचारियों ने 15 साल तक ममता बनर्जी की सरकार की बहुत मदद की। मगर जिन्होंने 15 साल मदद की, उन कर्मचारियों के साथ ममता बनर्जी ने क्या किया? देश भर की सरकारों के कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग मिल चुका है, लेकिन सिर्फ बंगाल के कर्मचारियों को ही छठे वेतन आयोग की तनख्वाह मिलती है। अब तो आठवां वेतन आयोग बनने वाला है। मैं आज कहकर जाता हूं कि एकबार भाजपा सरकार बना दो, 45 दिन में ही हम सातवें वेतन आयोग की तनख्वाह देने का काम करेंगे। recent visitors 29

होली 2026 पर लगेगा चंद्र ग्रहण: भारत में समय, सूतक काल की स्थिति और किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

साल 2026 की होली कई मायनों में खास मानी जा रही है। इस बार रंगों के पर्व के साथ एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना भी जुड़ रही है। दरअसल, 2 मार्च को होलिका दहन, 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण और 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने जा रहा है, जिसका असर देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर भी पड़ सकता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के समय सूतक काल लागू हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ जैसे कार्यों से परहेज किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं कि होलिका दहन का सही समय क्या है, चंद्र ग्रहण कब लगेगा और इसका ज्योतिषीय प्रभाव किन राशियों पर अधिक पड़ सकता है। 2 मार्च को होगा होलिका दहन- पंचांग के अनुसार इस वर्ष 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शाम के समय होलिका पूजन के बाद अग्नि प्रज्ज्वलित की जाती है और लोग परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। होलिका दहन के बाद अगले दिन फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व होता है। कई लोग इस दिन स्नान-दान भी करते हैं। 3 मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण- ज्योतिषीय गणना के अनुसार 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लगेगा। बताया जा रहा है कि यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है, जबकि पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह माना जाता है।ज्योतिषियों के मुताबिक इस ग्रहण का प्रभाव प्रशासन, मौसम और आर्थिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। चंद्र ग्रहण और सूतक काल का समय धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल शुरू: 3 मार्च सुबह करीब 6:20 बजे चंद्र ग्रहण शुरू: दोपहर लगभग 3:20 बजे ग्रहण का मध्य काल: शाम करीब 5 बजे ग्रहण समाप्त: शाम लगभग 6:45 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने और दान देने की परंपरा भी कई जगहों पर देखी जाती है। भारत में चंद्र ग्रहण का समय- 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में पूरी तरह दिखाई नहीं देगा। क्योंकि ग्रहण का अधिकतर हिस्सा उस समय पड़ेगा जब भारत में चंद्रमा अभी उगा ही नहीं होगा। इसलिए भारत में लोग इसका सिर्फ आखिरी चरण (अंतिम हिस्सा) ही देख पाएंगे। भारत में ज्यादातर जगहों पर चंद्रमा लगभग 6:10–6:20 बजे के आसपास उगता है। इसलिए ग्रहण का केवल अंतिम हिस्सा सूर्यास्त के बाद कुछ समय के लिए देखा जा सकता है, खासकर पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों में देखने की संभावना ज्यादा रहेगी। 4 मार्च को खेली जाएगी रंगों की होली होलिका दहन और पूर्णिमा के बाद 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर त्योहार की खुशियां मनाते हैं। घरों में पकवान बनाए जाते हैं और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। इन राशियों के लिए शुभ संकेत- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है। वृषभ, मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए यह समय अपेक्षाकृत अच्छा माना जा रहा है। इन राशियों के लोगों को करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। इन राशियों को बरतनी होगी सावधानी- सिंह, कर्क, कन्या और वृश्चिक राशि के लोगों को थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इन राशियों के जातकों को स्वास्थ्य, खर्च और मानसिक तनाव से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। क्या करें और क्या न करें- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान कुछ नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। क्या करें-     ग्रहण के समय मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है।     ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें।     जरूरतमंद लोगों को दान दें। क्या न करें     सूतक काल में मंदिरों में पूजा-अर्चना से बचें।     ग्रहण के दौरान भोजन करने से परहेज करें।     गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ग्रहण के बाद दान का महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद चावल, चीनी, कपूर और सफेद वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। इससे ग्रहण से जुड़े दोष कम होने की मान्यता भी बताई जाती है।   recent visitors 37

अजमेर शरीफ के दीवान का कड़ा बयान: खामेनेई की मौत पर बोले- हमारा खानदान सिर नहीं झुकाता

नई दिल्ली ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के हवाई हमले में हुई मौत के बाद भारत के शिया समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। एक दिन पहले ही कश्मीर से लेकर कर्नाटक और लखनऊ तक लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। इस मसले पर मुस्लिम स्कॉलर्स और उलेमाओं के तीखे बयान भी सामने आए हैं। इसी मसले पर अजमेर शरीफ दरगाह के चीफ सैयद जैनुल आबेदीन का कड़ा बयान सामने आया है। यह जंग नहीं डिक्टेटरशिप अजमेर शरीफ दरगाह के चीफ सैयद जैनुल आबेदीन का कहना है कि ईरान और इजराइल के बीच जो हो रहा है उसको जंग नहीं कहा जा सकता है। इसे डिक्टेटरशिप कहा जा सकता है। अमेरिका अपने फायदे के लिए दुनिया के नेताओं को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है। वह अलग-अलग मुल्कों में संपत्तियों को कैप्चर कर रहा है। अमेरिका इन मुल्कों के खनिजों पर कब्जा जमाना चाहता है। मौजूदा वक्त में अमेरिका की तानाशाही चल रही है। हसनी हुसैनी खानदान ने गर्दन नहीं झुकाई सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा कि आयतुल्लाह अली खामेनेई साहब पर हुए हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। मिटिंग के दौरान हुए हमले में आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत मारे गए तमाम टॉप लीडर्स को शहीद का दर्जा मिलता है। आयतुल्लाह अली खामेनेई साहब पैगंबर मोहम्मद साहब के खानदान से हैं। ये लोग हसनी और हुसैनी हैं। इस खानदान के लोगों ने कभी यजीदियों के सामने गर्दन नहीं झुकाई। शिया आवाम के रहनुमा थे खामेनेई सैयद जैनुल आबेदीन ने आगे कहा- अमेरिका और इस्राइल यजीदी कौम हैं। हुजूर ने अपने संदेश में ही साफ कर दिया था कि यजीदियों के साथ कैसा सलूक करना है। आयतुल्लाह अली खामेनेई केवल ईरान के सर्वोच्च नेता नहीं थे। वह पूरी दुनिया की इस्लामिक शिया आवाम के रहनुमा थे। पूरी दुनिया में जो पैनिक देखा जा रहा है इसके कुसूरवार अमेरिका और इस्राइल हैं। मेरा सवाल यह कि क्या यूएन का चार्टर्ड इसकी इजाजत देता है। भारत सरकार से की अपील सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा कि ईरान और भारत के काफी जमाने से ताल्लुकात रहे हैं। मैं भारत सरकार से गुजारिश करूंगा कि इस पैनिक को खत्म कराने के लिए अपने पॉवर का इस्तेमाल करते हुए एक पहल करे। भारत के सूफी संतों ने जो अमन का पैगाम पूरी दुनिया को दिया है उसका अमल कराने की कोशिश की जानी चाहिए। इन मुल्कों के कारण जब से दुनिया ने अमन का पैगाम भुला दिया है तब से अशांति देखी जा रही है। recent visitors 29

वेस्टइंडीज पर जीत के बाद बुमराह बोले—यह रहा टर्निंग पॉइंट, संजू सैमसन पर चुप्पी

नई दिल्ली संजू सैमसन की यागदार पारी के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। वेस्टइंडीज ने ईडन गार्डन्स में 196 रनों का टारगेट दिया था, जिसे भारत ने 19.2 ओवर में चेज किया। ओपनर सैमसन ने आखिरी सुपर-8 मैच में 50 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाए। उन्होंने 12 चौके और चार छक्के लगाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। हालांकि, भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का मानना है कि मैच का टर्निंग पॉइंट सैमसन की पारी नहीं बल्कि शिवम दुबे के दो चौके थे। दुबे ने चार गेंदों में नाबाद 8 रन बनाए। बता दें कि भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत होगी। यह मैच पांच मार्च को मुंबई के मैदान पर आयोजित होगा। 'दो चौकों की कोई अहमियत नहीं लेकिन…' बुमराह ने वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रभावी गेंदबाजी की। उन्होंने चार ओवर के स्पेल में 36 रन देकर दो अहम विकेट चटकाए। मैच के बाद बुमराह से जब आईसीसी से बातचीत के दौरान टर्निंग पॉइंट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''दुबे ने जो दो चौके लगाए। उनकी भले ही क्रिकेट बुक्स और आंकड़ों में कोई अहमियत नहीं लेकिन जो लोग वाकई क्रिकेट जानते हैं, उनकी नजर में अहमियत है। उन दो चौकों से आखिरी ओवर में हमारे ऊपर से प्रेशर कम हुआ कभी-कभी आखिरी ओवर में 8-9 रन भी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।'' हार्दिक पांड्या (17) के आउट होने के बाद बैटिंग करने आए दुबे ने शमार जोसेफ द्वारा डाले गए 19वें ओवर की तीसरी और पांचवी गेंद को बाउंड्री के पार भेजा था। ऐसे में भारत को 20वें ओवर में महज 7 रनों की जरूरत थी। वेस्टइंडीज ने आखिरी ओवर में रोमारियो शेफर्ड को गेंद थमाई। सैमसन ने पहली गेंद पर छक्का और दूसरी पर चौका लगाकर भारत को जीत की दहलीज पार कराई। कोच गौतम गंभीर ने भी दुबे की तारीफ की बुमराह के अलावा हेड कोच गौतम गंभीर ने भी दुबे के दो चौकों की अहमियत का जिक्र किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''मुझे खुशी है कि आप सभी के योगदान के बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि कई वर्षों से हम केवल कुछ विशेष योगदानों के बारे में ही बात करते रहे हैं। यह एक टीम गेम है और यह हमेशा टीम गेम ही रहेगा। मेरे लिए शिवम के दो चौके भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने संजू के 97 रन, क्योंकि अगर उसने वे दो चौके नहीं लगाए होते तो आप उस (97 रन की पारी) के बारे में बात भी नहीं करते।'' उन्होंने कहा, '''बड़ा योगदान सुर्खियां बटोरता है, लेकिन छोटा योगदान भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वह टीम को जीत दिलाने में मदद कर सकता है, उसे लक्ष्य तक पहुंचा सकता है। इसीलिए मैं कहता हूं कि जब तक मैं इस पद पर हूं, हमारी आगे भी यही नीति रहेगी।'' recent visitors 39

देसंविवि में आयोजित उत्सव-26 के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम की धूम, विद्यार्थियों ने दिया संदेश

हरिद्वार देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में तीन दिवसीय उत्सव-26 के अंतिम दिन आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने नृत्य, नाटक, संगीत और समूह प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से मंचित किया। विद्यार्थियों ने बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संकट पर आधारित नाट्य प्रस्तुति देकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की। इसके साथ ही भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और नैतिक मूल्यों के ह्रास जैसे विषयों पर भी सारगर्भित प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों, लोकनृत्य और आधुनिक नृत्य शैलियों का भी समावेश रहा, जिससे वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतिभागियों के उत्साह और रचनात्मक अभिव्यक्ति की सराहना की तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। वहीं खेल प्रतियोगिता में प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने टेबल टेनिस में भाग लिया, उनकी टीम ने टेबल टेनिस में जीत दर्ज की। वहीं एक अन्य वर्ग में सिद्धार्थ ने उज्ज्वल को हराकर जीत दर्ज की। फुटबॉल में त्रिलोचन की टीम ने कड़ी टक्कर के मध्य अमित सिंह की टीम को हराया। बालक वर्ग के 400 मीटर दौड़ में यज्ञदेव को प्रथम तथा कुशाग्र को द्वितीय स्थान मिला। बालिका वर्ग की 400 मीटर दौड़ में प्रज्ञा ने बाजी मारी, तो वहीं अपूर्वा को द्वितीय स्थान मिला। रिले रेस में खुशी, ज्योतिका, प्रज्ञा, अनामिका की टीम विजयी रहीं। बालक वर्ग में यज्ञदेव, अमित, मोहन, लवेन्द्र को विजेता घोषित किया गया। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के विभागाध्यक्ष डॉ शिवनारायण प्रसाद ने बताया कि उत्सव-26 में रंगोली, मेंहदी, ढपली, सोलो प्रज्ञागीत, ग्रुप क्लासिकल संगीत, कविता पाठ, भाषण, क्विज, तबला वादन, एकल व सामूहिक क्लासिक डांस, निबंध सहित कुल 22 प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। जिनमें निकिता, दीक्षा कश्यप, हर्षिता शर्मा, प्रवेश बजाज, अदिति टीम, अनामिका, बरखा स्वर्णकार, भोला रघुवंशी, परशुराम ग्रुप, सत्यम कटारे, प्रशस्ती शर्मा, ममता, संजना बिष्ट, गुजरात ग्रुप आदि अव्वल रहे। तो वहीं यशिका, यचिता, निशिका आर्य, प्रज्ञा पाल, दीपशिखा, सुमन, योशिता, विश्वामित्र टीम, जयेन्द्र श्रीवास्तव, अक्षिता पाल, अनमोल सिंह, शांभवी ग्रुप, बलराम लोधी, राजस्थान ग्रुप आदि को द्वितीय स्थान मिला। उन्होंने बताया कि कई प्रतियोगिताओं में निर्णायक को निर्णय देने में माथापच्ची करनी पड़ी। recent visitors 31

US-इजरायल हमले के आरोपों से गरमाया मामला, ईरान के दावे पर IAEA ने क्या कहा?

ईरान ईरान के राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में बड़ा दावा किया है। ईरानी दूत ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने रविवार को उसके परमाणु ठिकानों पर हमले किए हैं। हालांकि, UN न्यूक्लियर वॉचडॉग के हेड ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बताए गए हमलों में किसी न्यूक्लियर साइट को नुकसान हुआ है। IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने सोमवार को एजेंसी के 35 सदस्यों वाले बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को बताया कि एजेंसी के पास “इस बात का कोई संकेत नहीं है कि किसी भी न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन को नुकसान पहुँचा है या उस पर हमला हुआ है।” दरअसल, ईरानी राजदूत से पूछा गया था कि ईरान में किस परमाणु ठिकाने पर हमला हुआ है तो उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका ने नतान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले किए हैं। 'रेडियोधर्मिता रिसाव ' की संभावना हालांकि, आईएईए के महानिदेशक ने यह भी कहा है कि 'रेडियोधर्मिता रिसाव ' की संभावना को टाला नहीं जा सकता। राफेल ग्रोसी ने ईरान और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और परमाणु प्रतिष्ठानों पर किसी भी तरह के सशस्त्र हमले से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आईएईए स्थिति की निगरानी जारी रखेगा और यदि परमाणु सुरक्षा में कोई उल्लंघन होता है तो सदस्य देशों को तत्काल तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगाह किया कि यदि रेडियोधर्मिता रिसाव होता है तो बड़े शहरों को खाली कराने की नौबत आ सकती है। टीम स्थिति का आकलन कर रही ग्रोसी ने कहा कि एजेंसी ने अपने अधिकार क्षेत्र के अनुरूप संभावित रेडियोधर्मिता रिसाव आपात स्थिति की आशंका को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। आईएईए का 'इंसिडेंट एंड इमरजेंसी सेंटर' (आईईसी) सक्रिय है और एक समर्पित टीम स्थिति का आकलन कर रही है, हालांकि संघर्ष के कारण संचार में बाधाएं आ रही हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय सुरक्षा निगरानी नेटवर्क को सतर्क कर दिया गया है और अब तक ईरान से सटे देशों में पृष्ठभूमि स्तर से अधिक विकिरण दर्ज नहीं हुआ है। परमाणु सुरक्षा के लिए जोखिम बढ़ा ईरान में परमाणु प्रतिष्ठानों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि अब तक बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र, तेहरान अनुसंधान रिएक्टर या अन्य परमाणु ईंधन चक्र सुविधाओं के क्षतिग्रस्त होने का कोई संकेत नहीं मिला है। आईएईए ने ईरान के परमाणु नियामक प्राधिकरण से संपर्क साधने के प्रयास जारी रखे हैं, लेकिन अभी तक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। महानिदेशक ने चेतावनी दी कि क्षेत्र के कई देशों में संचालित परमाणु ऊर्जा संयंत्र और अनुसंधान रिएक्टर हैं, जिससे किसी भी सैन्य हमले की स्थिति में परमाणु सुरक्षा के लिए जोखिम बढ़ जाता है। संयुक्त अरब अमीरात में चार परिचालित परमाणु रिएक्टर हैं, जबकि जॉर्डन और सीरिया में अनुसंधान रिएक्टर संचालित हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासम्मेलन के पूर्व प्रस्तावों का उल्लेख करते हुए कहा कि परमाणु सुविधाओं पर सशस्त्र हमले कभी नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे गंभीर रेडियोधर्मी उत्सर्जन हो सकता है, जिसके प्रभाव सीमाओं से परे तक पड़ सकते हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दीर्घकालिक समाधान के लिए उन्होंने कूटनीति और वार्ता पर लौटने की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने कहा कि बल प्रयोग अंतरराष्ट्रीय संबंधों का हिस्सा रहा है, लेकिन यह हमेशा अंतिम विकल्प होना चाहिए।उन्होंने कहा, "कूटनीति कठिन है, लेकिन असंभव नहीं। परमाणु कूटनीति और भी कठिन है, लेकिन असंभव नहीं। हमें जल्द से जल्द वार्ता की मेज पर लौटना ही होगा।"   recent visitors 26

आतंक के खिलाफ कार्रवाई तेज: पाकिस्तान बोला- 350 तालिबानी मारे गए

काबुल, ब्लूमबर्ग तुर्की और कतर जैसे मुल्कों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश की थी, लेकिन फेल रहे। दोनों इस्लामिक देशों के बीच जारी इस जंग ने साउथ एशिया में ऐसे वक्त में तनाव बढ़ाया है, जब पड़ोस में ही ईरान और इजरायल भी लड़ रहे हैं। उस युद्ध में अमेरिका भी इजरायल संग हमले कर रहा है। इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच भारत के पड़ोस में भी युद्ध तेज हो रहा है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध का आज चौथा दिन है। पाकिस्तान का दावा है कि उसके हमलों में अब तक 350 से ज्यादा तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया है कि उनके मुल्क ने अफगानिस्तान के 41 ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में तालिबान की 130 चौकियों को तबाह कर दिया गया है। इसके अलावा 530 लोग जख्मी हुए हैं और साढ़े 3 सौ लोग मारे गए हैं। पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने इससे पहले ऐलान किया था कि अफगानिस्तान के साथ अब हम खुली जंग में हैं। उनका कहना था कि तालिबान ने हमारी सीमा में घुसकर हमले किए हैं और अब हम उनका जवाब देंगे। इसके बाद पाकिस्तान ने काबुल, कंधार समेत अफगानिस्तान के बड़े शहरों को टारगेट करते हुए हमले किए थे। तुर्की और कतर जैसे मुल्कों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश की थी, लेकिन फेल रहे। दोनों इस्लामिक देशों के बीच जारी इस जंग ने साउथ एशिया में ऐसे वक्त में तनाव बढ़ाया है, जब पड़ोस में ही ईरान और इजरायल भी जंग लड़ रहे हैं। उस युद्ध में अमेरिका भी इजरायल के साथ मिलकर हमले कर रहा है। वहीं अफगानिस्तान का दावा है कि उसके हमलों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान के दो मिलिट्री बेस और 19 मिलिट्री पोस्ट भी कब्जाने का दावा किया है। पाकिस्तान ने ऐसे दावों को खारिज किया है। बता दें कि बीते कई सालों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। 2021 में अफगानिस्तान से नाटो सेनाओं ने वापसी की थी। इसके बाद पाकिस्तान को उम्मीद थी कि अब तालिबान के हाथ सत्ता लगेगी और उनके जरिए वह मनमानी कर सकेगा। हालांकि ऐसा नहीं हुआ है और तालिबान ने अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं करने दिया है। यही नहीं पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत को लेकर दोनों में मतभेद भी पैदा हो गए हैं। इसकी वजह यह है कि तालिबान का कहना है कि वह अंग्रेजों की खींची हुई डूरंड लाइन को नहीं मानता है। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा में जो पश्तून आबादी है, उनके साथ उनका रिश्ता है। ऐसे में मुक्त आवाजाही की परमिशन भी होनी चाहिए। अकसर ही दोनों सीमा पर तनाव की स्थिति में रहते हैं।   recent visitors 33