महाकाल के दरबार में चंद्र ग्रहण का असर नहीं, बाबा महाकाल करेंगे होली खेल, मंदिर के पट रहेंगे खुले

उज्जैन 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. चंद्र ग्रहण के दौरान सभी मंदिरों और शिवालयों के पट बंद रहते हैं. यहां तक की घरों में भी भगवान के मंदिर के पर्दे लगा दिए जाते हैं और पूजा-पाठ नहीं होती है. फिर ग्रहण खत्म होने पर शुद्धिकरण के बाद ही पट खुलते हैं. ये बातें तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दौरान भगवान महाकालेश्वर मंदिर के पट सामान्य दिनों की तरह खुले रहते हैं. भक्त बाबा के दर्शन कर सकते हैं. जानिए बाबा महाकाल मंदिर में क्यों ग्रहण पर भी पट खुले रहते हैं. महाकाल के आगे ग्रह, नक्षत्र का कोई दुष्प्रभाव नहीं अवंतिका नगरी उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन की तरह 3 मार्च यानि चंद्र ग्रहण पर भी बाबा के दर्शन का क्रम सुबह भस्म आरती से देर रात शयन आरती तक चलता रहेगा. इसके पीछे की वजह को लेकर मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने  चर्चा में बताया कि "बाबा महाकालेश्वर का मंदिर दक्षिण मुखी है. भगवान का मुख दक्षिण की और होने से वे कालों के काल महाकाल कहलाते हैं. दक्षिण दिशा काल का है, काल पर जिसका नियंत्रण हो वह महाकाल है. बाबा महाकाल के कारण कोई भी ग्रह, नक्षत्र या कोई बाधा किसी को प्रभावित नहीं कर पाता. इसलिए ग्रहण के दौरान भी कोई दुष्प्रभाव मंदिर क्षेत्र में नहीं पड़ेगा. लिहाजा चंद्रग्रहण के दौरान भी भगवान का पूजा-अर्चन और सभी आरती समय पर जारी रहेगी. इसके साथ ही भक्त बाबा के दर्शन हर दिन की तरह कर सकेंगे. मंदिर सुबह भस्म आरती से लेकर देर रात शयन आरती तक खुला रहेगा. मंदिर में 2 मार्च यानि सोमवार को होलिका दहन हुआ . इसके बाद 3 मार्च को ही होली पर्व मनाया जाएगा. वेद परंपरा का अपना महत्व है. उसका निर्वहन करने के लिए कुछ नियमों का पालन जरूर किया जाएगा." 14 मिनट का ग्रहण जानिए क्या रहेगा पूजन का क्रम मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा का दिन है. शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा ने बताया कि "सुबह की दद्योदक और भोग आरती में भगवान को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण, भगवान का स्नान पूजन के बाद भगवान को भोग अर्पित कर संध्या आरती संपन्न की जाएगी. ग्रहण 3 मार्च को शाम 6:32 से 6:46 तक यानि 14 मिनट का रहने वाला है. ग्रहण का वेद काल सुबह सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा. भगवान महाकालेश्वर की ऊर्जा के आगे सब कुछ क्षीण महेश पुजारी ने कहा कि " ग्रहण के दिन मंदिर की सारी व्यवस्थाएं हर दिन की तरह तो रहेगी, लेकिन ग्रहण के चलते कोई भी यानि पुजारी हो या श्रद्धालु भगवान को स्पर्श नहीं करेगा. इस दौरान गर्भ गृह में पुजारी मंत्रोच्चार करते हैं. जब ग्रहण खत्म हो जाता है, तो पुजारी स्नान करने के बाद भगवान का जलाभिषेक करेंगे, मंदिर परिसर में विराजमान सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का जलाभिषेक होगा. मंदिर शुद्धिकरण होगा. दूसरे मंदिरों की तरह महाकाल मंदिर का पट बंद नहीं होंगे. दक्षिण मुखी ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से सारे दुष्प्रभाव खत्म हो जाते हैं. भगवान महाकालेश्वर की ऊर्जा के आगे सब कुछ क्षीण है. जैसे सूर्य की ऊर्जा है, उससे कई गुना अधिक बाबा की ऊर्जा है." महाकाल मंदिर समिति ने क्या कहा? मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि "पुजारी-पुरोहितों से चर्चा के बाद तय हुआ है कि होली पर्व 3 मार्च को ही मनाया जाएगा. ग्रहण में भी भगवान के दर्शन पूजन का क्रम हर रोज की तरह रहेगा. दर्शन करने आने वाले सभी दर्शनार्थियों को कोई परेशानी नहीं आए, इसका ध्यान रखा जाएगा. ग्रहण के कारण जो सामान्य जो बदलाव हुए हैं, जैसे मंदिर शुद्धिकरण हो या ग्रहण के दौरान गर्भ गृह के अंदर मंत्रोच्चार तमाम व्यवस्थाएं मंदिर समिति की ओर से की गई है. recent visitors 35

Chandra Grahan 2026: आज लगेगा पहला चंद्र ग्रहण, सूतक काल के लिए जानें सही समय

इंदौर  Chandra Grahan 2026 Rashifal: 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. खास बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य होगा और धार्मिक नियमों का पालन किया जाएगा. मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ नहीं किया जाता. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव किया जाता है और फिर नियमित पूजा-अर्चना शुरू होती है. भारत में कब लगेगा चंद्र ग्रहण? साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर को 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. बता दें, कि सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ऐसे में 3 मार्च को सूतक काल 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा. इस समय मूर्ति स्पर्श और भोजन बनाने या खाने की मनाही होती है. दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक, कितने बजे दिखेगा ब्लड मून? 1. दिल्ली- शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 20 मिनट) 2. प्रयागराज– शाम 06:08 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 38 मिनट) 3. कानपुर- शाम 06:14 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 32 मिनट) 4. वाराणसी– शाम 06:04 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 43 मिनट) 5. पटना- शाम 05:55 से लेकर शाम 06:46 तक ( कुल 51 मिनट) 6. रांची– शाम 05:55 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 51 मिनट) 7. कोलकाता- शाम 05:43 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 1 घंटा 03 मिनट) 8. भुवनेश्वर- शाम 05:54 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 52 मिनट) 9. गुवाहाटी– शाम 05:27 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 1 घंटा 19 मिनट) 10. चेन्नई-  शाम 06:21 से लेकर शाम 06:46 तक ( कुल 26 मिनट) 11. हैदराबाद– शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 20 मिनट) 12. बेंगलुरु– शाम 06:32 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 14 मिनट) ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. इसका प्रभाव खासतौर पर कुछ राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है.  चंद्र ग्रहण 2026 सूतक काल टाइमिंग (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Timing) इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा.  कहां कहां दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण?  यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आ सकता है. भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा. किन राशियों के लिए शुभ संकेत? ज्योतिषीय गणना के आधार पर यह ग्रहण कुछ राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए करियर के क्षेत्र में अच्छी खबर मिल सकती है। लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति या जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को पहचान मिल सकती है। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों को आर्थिक मोर्चे पर राहत मिल सकती है। अचानक धन लाभ या रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। बैंक बैलेंस मजबूत हो सकता है। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए यह समय पुराने प्रयासों का फल देने वाला हो सकता है। अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं और पारिवारिक वातावरण में खुशी का माहौल रहेगा। मकर राशि- मकर राशि के लिए यह अवधि अपेक्षाकृत स्थिर और संतुलित रहेगी। कामकाज में शांति बनी रहेगी और मानसिक दबाव कम हो सकता है। किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी? जहां कुछ राशियों को लाभ के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कुछ राशि वालों को संयम और सतर्कता रखने की सलाह दी जा रही है। मेष राशि- मेष राशि वालों को मान-सम्मान से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी होगी। किसी विवाद या बहस में पड़ने से बचें। कर्क और कन्या राशि- इन दोनों राशियों के लिए आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है। बिना सोचे-समझे निवेश न करें। धन हानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सिंह राशि- ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। थकान, बदन दर्द या ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को मानसिक तनाव से बचने की सलाह दी जाती है। काम का दबाव या पारिवारिक जिम्मेदारियां मन पर असर डाल सकती हैं। धनु राशि– धनु राशि के जातकों को बच्चों की पढ़ाई या सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। कुंभ और मीन राशि- इन राशियों के लिए वैवाहिक जीवन में थोड़ी अनबन के संकेत हैं। संवाद बनाए रखना और जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचना बेहतर रहेगा। ग्रहण काल में क्या करें?- ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय मंत्र जाप, ध्यान और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है। सूतक काल के नियमों का पालन करना परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण समझा जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर दान-पुण्य करने की भी सलाह दी जाती है। चंद्र ग्रहण का प्रभाव ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण का असर सबसे पहले मन और भावनाओं पर पड़ेगा. इस दौरान व्यक्ति को मानसिक अस्थिरता, चिंता या निर्णय लेने में भ्रम महसूस हो सकता है. इसलिए इस समय शांत रहना और बड़े फैसलों से बचना बेहतर माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि चंद्रग्रहण किन राशियों के लिए अशुभ रहेगा. कर्क राशि  कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा होते हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर ग्रहण का प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है. आर्थिक मामलों, निवेश और प्रॉपर्टी से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचें. परिवार, खासकर माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और वाणी में संयम बनाए रखें. उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और ''ऊं नमः शिवाय'' मंत्र का जाप करें. सिंह राशि यह ग्रहण सिंह राशि में ही लग रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आने वाले 15 दिनों तक बड़े फैसले … Read more

03 मार्च 2026 राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, जानें किसे मिलेगा सफलता और लाभ

मेष 3 मार्च के दिन घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। प्रोडक्टिविटी आज रोज के मुकाबले नॉर्मल से स्लो रहेगी। आपकी प्लानिंग पूरी होने में देरी हो सकती है। कॉन्फिडेंस में आपके कमी आ सकती है। लाइफ पार्टनर के साथ बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए आप डेट प्लान कर सकते हैं। वृषभ 3 मार्च के दिन दोपहर के बाद नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। मिथुन 3 मार्च के दिन कारोबार फलेगा-फूलेगा। अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। आज का दिन धन के मामले में अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। कर्क 3 मार्च के दिन आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है। हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। सिंह 3 मार्च के दिन आज आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। आज का दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। कन्या 3 मार्च के दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। और आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी लेकिन कुछ अप्रत्याशित खर्चे तनाव का कारण बन सकते हैं। तुला 3 मार्च के दिन आपके काम की तारीफ होगी। यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। वृश्चिक 3 मार्च के दिन पार्टनरशिप में व्यवसाय करने वालों में मतभेद हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं। दोपहर में आपको कुछ राहत मिलने की संभावना है। धनु 3 मार्च के दिन खुद और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें और तनाव से दूर रहें। आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। मकर 3 मार्च के दिन आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। बिजनेस में फाइनेंशियल कमजोरी का अनुभव हो सकता है। कुछ नुकसान होने की भी आशंका है। आज आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। कुंभ 3 मार्च के दिन तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। करियर और फाइनेंशियल लाइफ आज नॉर्मल रहेगी। मीन 3 मार्च के दिन करियर में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। हाइड्रेटेड रहें और सेल्फ-केयर पर फोकस करें। आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। recent visitors 49

आत्मनिर्भरता की ओर कदम, यूपी में 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति क्लब’ से जोड़ने की तैयारी

वाराणसी यूपी के वाराणसी में आयोजित 11 दिवसीय रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेले में पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महिलाओं को लेकर बड़ी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा, समूह से और अधिक महिलाओं को जोड़ा जाए। उन्होंने प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को लखपति महिला क्लब में शामिल करने तथा उन्हें करोड़पति महिला बनाने का आह्वान किया। आने वाले दिनों में सरस मेलों के आयोजन कराने की घोषणा की, जिससे अन्य प्रदेशों तथा जनपदों से आने वाली महिलाओं से प्रेरित होकर अन्य महिलाएं भी आगे आकर कार्य करें। उन्होंने महिलाओं के कार्यों तथा उनके उत्पादों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री ने स्टालों का अवलोकन किया, उत्पादों की जानकारी ली तथा आजीविका मिशन की ओर से लगाए गए फूड कोर्ट के कार्य की प्रशंसा की। 11 दिवसीय सरस मेले का समापन यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में ग्यारह दिवसीय रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेला का सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में समापन हो गया। इस आवासीय मेले में विभिन्न प्रदेशों तथा उत्तर प्रदेश के विभन्नि जनपदों से आए महिला समूहों द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये का व्यापार किया गया। मेले में सजावटी सामग्री, खाद्य प्रसाद, पीतल की सामग्री, अचार-मुरब्बा, लेदर के सामान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कुर्ती, चादर, कालीन, जूट के उत्पाद, मूंज के उत्पाद आदि प्रमुख थे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी की दो बीमा सखियों मीना देवी व प्रतिभा देवी तथा दो लखपति महिलाओं शर्मीला देवी व लक्ष्मी वर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। जनपद के 703 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि तथा 20 समूहों को रिवॉल्विंग फंड मद में कुल 10 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये का प्रतीकात्मक रूप से चेक प्रदान किया गया। साथ ही दो समूह की महिलाओं को ई-रक्शिा उपलब्ध कराते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आम बजट में लखपति दीदी के लिए नए अवसर खुलने की हुई थी घोषणा आम बजट में वित्त मंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का विशेष ध्यान रखते हुए सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना को और विस्तार देने की घोषणा की थी। इससे देशभर की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जिसके चलते जनपद बिजनौर की करीब 29 हजार लखपति दीदी के लिए नए अवसर खुलेंगे। वर्तमान में बिजनौर में विदुर ब्रांड के लगभग 100 आउटलेट और स्टोर हैं, जबकि करीब 60 विदुर कैफे हैं, जिन्हें बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। अभी विदुर ब्रांड से आमदनी टर्न ओवर करीब दस करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर है। बजट में वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत अब महिलाओं को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उनके उत्पादों को बेचने के लिए और अधिक रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे।   recent visitors 105

टूटी झोपड़ी से IAS तक का सफर, चाय बेचने वाले पिता के बेटे ने रचा इतिहास

जयपुर कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, रास्ता निकल ही आता है। यह बात सच साबित करते हैं देशल दान चरण, जिन्होंने बेहद साधारण परिवार से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा पास की और आईएएस बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर देशल दान चरण मूल रूप से राजस्थान के सुमलाई गांव से आते हैं। उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। उनके पिता कुशल दान चरण एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे। इसी दुकान की कमाई से दस लोगों का परिवार चलता था। घर की हालत ऐसी थी कि रोजमर्रा के खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता था। कई बार बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए पिता को कर्ज लेना पड़ता था। लेकिन उन्होंने कभी भी बच्चों को पढ़ाई छोड़कर काम करने के लिए मजबूर नहीं किया। उनका मानना था कि शिक्षा ही वह रास्ता है जो गरीबी से बाहर निकाल सकता है। पिता का विश्वास बना सबसे बड़ी ताकत देशल के पिता हमेशा कहते थे कि हालात चाहे जैसे हों, पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। घर में पैसों की कमी थी, लेकिन सपनों की नहीं। यही सोच बच्चों के अंदर भी बैठ गई। कम संसाधनों में पढ़ाई करना आसान नहीं था। न अच्छे कोचिंग संस्थान, न सुविधाएं, न पढ़ाई का माहौल। लेकिन देशल ने ध्यान भटकने नहीं दिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस रखा और हर परिस्थिति को चुनौती की तरह लिया। परिवार पर टूटा बड़ा दुख, फिर भी नहीं डगमगाए जब देशल दसवीं कक्षा में थे, तब उनके परिवार पर एक बड़ा दुख आ पड़ा। उनके बड़े भाई, जो नौसेना में थे, एक पनडुब्बी दुर्घटना में शहीद हो गए। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घर का माहौल बदल गया। दुख, जिम्मेदारियां और आर्थिक दबाव सब एक साथ आ गए। लेकिन इसी समय देशल ने ठान लिया कि अब उन्हें अपने परिवार को संभालने के लिए कुछ बड़ा करना है। उन्होंने इस दर्द को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बना लिया। इंजीनियर बनने का सपना और पहली बड़ी सफलता देशल का सपना इंजीनियर बनने का था। उन्होंने जेईई मेन परीक्षा की तैयारी शुरू की। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और पहले ही प्रयास में परीक्षा अच्छे अंकों से पास कर ली। इसके बाद उन्हें भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान जबलपुर में दाखिला मिला। यह उनके जीवन का पहला बड़ा मोड़ था। गांव से निकलकर एक प्रतिष्ठित संस्थान तक पहुंचना उनके संघर्ष का पहला फल था। यहां से बदला सोचने का नजरिया इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान देशल ने महसूस किया कि वह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं। यहीं से उनके मन में सिविल सेवा में जाने का विचार आया। उन्होंने तय किया कि अब लक्ष्य होगा देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में जाना। यह रास्ता आसान नहीं था, क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है। यूपीएससी की तैयारी, अनुशासन और धैर्य की परीक्षा यूपीएससी की तैयारी केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि धैर्य, मानसिक मजबूती और लगातार मेहनत की मांग करती है। देशल ने बिना किसी शोर-शराबे के, बिना दिखावे के, चुपचाप तैयारी शुरू की। उन्होंने अपनी दिनचर्या सख्त बनाई। समय का पूरा उपयोग किया। कमजोर विषयों पर ज्यादा मेहनत की और लगातार खुद को बेहतर बनाते रहे। उनकी रणनीति साफ थी, कम संसाधन हैं तो मेहनत दोगुनी करनी होगी। संघर्ष से निकली सफलता की कहानी देशल दान चरण ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी बड़े शहर, अमीर परिवार या महंगी कोचिंग की मोहताज नहीं होती। अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत ईमानदार हो, तो एक चाय बेचने वाले का बेटा भी आईएएस बन सकता है। उनकी कहानी सिर्फ परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है जो एक पिता ने अपने बच्चों की पढ़ाई पर रखा, और उस बेटे की जिसने उस विश्वास को सच कर दिखाया। recent visitors 53

दोस्ती पर भारी पड़ी भूल: कुवैत ने गिराए तीन F-15E फाइटर जेट, अमेरिका ने कही ये बात

कुवैत कुवैत ने गलती से 3 अमेरिकी F-15E Strike Eagle लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, सभी 6 एयरक्रू सदस्य सुरक्षित रूप से ईजेक्ट हो गए, उन्हें बचा लिया गया है और वे स्थिर हालत में हैं। यह घटना ईरान के खिलाफ चल रही ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुई, जब कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने इन विमानों को दुश्मन के रूप में पहचान लिया। कुवैत ने इस घटना को स्वीकार किया है और अमेरिकी सेना ने कुवैती रक्षा बलों के सहयोग की सराहना की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुर्भाग्यपूर्ण फ्रेंडली फायर घटना 2 मार्च की सुबह हुई, जब अमेरिकी F-15E विमान ईरान पर हमलों में सहायता कर रहे थे। उस समय क्षेत्र में ईरानी विमान, बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन अटैक हो रहे थे, जिससे वायु क्षेत्र में भारी उथल-पुथल मची हुई थी। कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने इन अमेरिकी विमानों को गलत तरीके से खतरे के रूप में पहचाना और उन्हें मार गिराया। यह घटना मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की जटिलता को दर्शाती है, जहां सहयोगी देशों के बीच भी गलतफहमियां हो सकती हैं। खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले ऑपरेशन एपिट फ्यूरी अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई है, जिसमें ईरान के सैन्य ठिकानों, नौसेना और IRGC मुख्यालयों पर 1 हजार से अधिक हमले किए जा चुके हैं। ईरान ने जवाबी हमलों में कुवैत सहित खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। इस फ्रेंडली फायर घटना से अमेरिकी वायुसेना को नुकसान हुआ है, लेकिन कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले वायु क्षेत्र और तेज गति से बदलती स्थिति ने इस गलती को जन्म दिया। दोनों देश अब जांच और बेहतर समन्वय पर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। कुवैत में कैसे हैं हालात ईरान और ईरान समर्थित मिलिशिया ने इजरायल व अरब देशों पर मिसाइलें दागीं, जिनमें कुवैत में अमेरिकी दूतावास परिसर को निशाना बनाया गया। इजरायल और अमेरिका ने ईरान में लक्ष्यों पर बमबारी की जिससे सोमवार को युद्ध का विस्तार हुआ। इसके साथ ही युद्ध में हताहतों की संख्या भी बढ़ रही है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इजरायल ऑपरेशन में ईरान में अब तक कम से कम 555 लोग मारे जा चुके हैं और देश भर के 130 से अधिक शहर हमलों की चपेट में आ चुके हैं। कुवैत सिटी में अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर से आग और धुआं उठते देखा गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश में अमेरिकी युद्धक विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। मंत्रालय ने दुर्घटनाओं के कारणों या उनमें शामिल विमानों की संख्या के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि पायलटों को अस्पताल ले जाया गया है और उनकी हालत स्थिर है।   recent visitors 44

ईरान तनाव के चलते फ्लाइट्स पर ब्रेक: आज भी सैकड़ों उड़ानें रद्द, रिफंड नियमों में ढील

ईरान ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई से उपजे पश्चिम एशिया संकट के बीच सोमवार को भी बड़ी संख्या में वहां जाने वाली और वहां से गुजरने वाली उड़ानें रद्द रहीं। इंडिगो की आज 162 उड़ानें रद्द हैं। उसने मंगलवार को भी 47 उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है। एयरलाइंस ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर एक पोस्ट में बताया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों के होकर गुजरने वाली चुनिंदा अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का अस्थायी निलंबन बढ़ा दिया गया है। साथ ही, अब 07 मार्च तक की यात्रा के लिए बिना शुल्क टिकट रद्द कराने या तारीख में बदलाव का विकल्प दिया जा रहा है। पहले 05 मार्च तक की यात्रा के लिए यह विकल्प दिया गया था। यह 28 फरवरी से पहले बुक कराये गये टिकटों पर लागू होगा। अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने भी 28 फरवरी या उससे पहले बुक कराये गये 05 मार्च तक की यात्रा के टिकट रद्द कराने या यात्रा की तारीख में बदलाव पर कोई शुल्क न लेने की घोषणा की है। उसने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इजरायल और कतर को जाने वाली और वहां से आने वाली उसकी सभी उड़ानें आज रात 11:59 बजे तक के लिए रद्द कर दी हैं। एयरलाइंस ने बताया है कि 02 मार्च को उत्तरी अमेरिका और यूरोप की उसकी सिर्फ छह उड़नें रद्द रहेंगी। दिल्ली हवाई अड्डे पर आज दोपहर बाद एक बजे तक यहां से जाने वाली 37 और यहां आने वाली 50 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें हवाई क्षेत्र से संबंधित प्रतिबंधों के कारण रद्द रही हैं। पश्चिम एशिया संकट के कारण स्पाइसजेट की आज 17 उड़ानें (सात प्रस्थान, 10 आगमन) रद्द रही हैं। उसने 01 मार्च को 24 उड़ानें रद्द की थीं जबकि 03 मार्च को दो उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है। अकासा एयर ने 03 मार्च तक अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद की अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। उसने भी 07 मार्च तक की यात्रा के टिकट पर पूरा रिफंड देने या बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख में बदलाव का विकल्प दिया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की अपनी सभी उड़ाने आज आधी रात तक के लिए रद्द करने की सूचना दी है। उसने भी 05 मार्च तक की यात्रा के टिकट रद्द करने या तारीख में बदलाव पर कोई शुल्क नहीं लगाने की घोषणा की है।   recent visitors 38